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मृत कर्मचारी के ट्रांसफर आदेश पर एमसीडी को घेरा, अंकुश नारंग ने उठाए गंभीर सवाल

मृत और निलंबित जेई का ट्रांसफर होने पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा शासित एमसीडी पर साधा निशानादिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में जारी एक ट्रांसफर आदेश को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित एमसीडी ने एक ऐसे कर्मचारी का भी तबादला कर दिया जिसकी कई महीने पहले मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा एक निलंबित कर्मचारी का नाम भी ट्रांसफर सूची में शामिल किया गया है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने एमसीडी की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि यह घटना भाजपा शासित एमसीडी की लापरवाही और अव्यवस्था को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि यदि निगम को अपने कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति तक की जानकारी नहीं है तो इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अंकुश नारंग ने कहा- सात महीने पहले मृत कर्मचारी का कर दिया ट्रांसफरअंकुश नारंग ने बताया कि एमसीडी की ओर से जारी ट्रांसफर सूची में जूनियर इंजीनियर (जेई) अपूर्व भटनागर का नाम शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि अपूर्व भटनागर का लगभग सात महीने पहले निधन हो चुका है, इसके बावजूद उनका तबादला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। किसी कर्मचारी की मृत्यु के कई महीने बाद उसका ट्रांसफर आदेश जारी होना यह दिखाता है कि संबंधित विभाग में रिकॉर्ड और सत्यापन की प्रक्रिया कितनी कमजोर है। निलंबित अधिकारी का नाम भी ट्रांसफर सूची में शामिलअंकुश नारंग ने कहा कि ट्रांसफर सूची में केवल मृत कर्मचारी का ही नहीं बल्कि एक निलंबित अधिकारी का नाम भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि जेई सिविल अतुल कुमार सुमन पिछले लगभग नौ महीने से निलंबित हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम भी ट्रांसफर आदेश में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब कोई कर्मचारी निलंबित है तो उसका तबादला कैसे किया जा सकता है। इससे साफ पता चलता है कि ट्रांसफर सूची तैयार करते समय जरूरी जांच और सत्यापन नहीं किया गया। ट्रांसफर आदेश की जांच की मांगअंकुश नारंग ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि मृत और निलंबित कर्मचारियों के नाम सूची में किस अधिकारी ने शामिल किए। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की गलतियां दोबारा न हों। एमसीडी की कार्यशैली पर उठे सवालअंकुश नारंग ने कहा कि इस घटना से यह सवाल खड़ा होता है कि क्या एमसीडी में बिना किसी जांच और सत्यापन के फाइलों पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित अधिकारियों को अपने विभाग के कर्मचारियों की स्थिति की जानकारी भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मृत और निलंबित कर्मचारियों के तबादले किए जा रहे हों तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह केवल एक तकनीकी गलती नहीं बल्कि व्यवस्था की गंभीर कमजोरी को दर्शाता है। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर के हस्ताक्षर पर भी उठाए सवालअंकुश नारंग ने बताया कि यह ट्रांसफर आदेश 5 जून 2026 को जारी किया गया था। इस आदेश पर इंजीनियरिंग विभाग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर के हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि आदेश जारी करने से पहले सूची की जांच की गई होती तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस मामले में जवाब देना चाहिए कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। डिजिटल सत्यापन प्रणाली लागू करने की मांगआम आदमी पार्टी ने केवल जांच की मांग ही नहीं की बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की भी मांग की है। अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी को डिजिटल सत्यापन प्रणाली शुरू करनी चाहिए। इसके तहत किसी भी ट्रांसफर, पदोन्नति या प्रशासनिक आदेश को जारी करने से पहले कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति की ऑनलाइन जांच की जाए। इससे इस प्रकार की गलतियों को रोका जा सकेगा। भाजपा पर लगाए गंभीर आरोपअंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व में एमसीडी की प्रशासनिक व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में भी गलत वरिष्ठता सूची और पदोन्नति सूची तैयार होने के मामले सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर प्रक्रिया में भी लगातार अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि आखिर प्रशासनिक व्यवस्था में बार-बार ऐसी गलतियां क्यों हो रही हैं। आम आदमी पार्टी के खुलासे के बाद वापस लिया गया आदेशअंकुश नारंग ने दावा किया कि जैसे ही आम आदमी पार्टी ने इस मामले को सार्वजनिक किया, एमसीडी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रांसफर आदेश वापस ले लिया। उन्होंने कहा कि यदि यह मामला सामने नहीं आता तो यह गंभीर गलती शायद अधिकारियों की नजर में भी नहीं आती। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासनिक स्तर पर निगरानी और जवाबदेही की कमी है। महापौर प्रवेश वाही से भी मांगा जवाबअंकुश नारंग ने इस मामले में एमसीडी के महापौर प्रवेश वाही से भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि जब इतनी बड़ी प्रशासनिक गलती हुई है तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि मृत और निलंबित कर्मचारियों के नाम ट्रांसफर सूची में कैसे शामिल हुए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे। जवाबदेही तय करने की मांगआम आदमी पार्टी ने कहा है कि इस मामले में केवल आदेश वापस लेना पर्याप्त नहीं है। पार्टी का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। अंकुश नारंग ने कहा कि यदि इस तरह की गलतियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी तो भविष्य में भी प्रशासनिक लापरवाही जारी रहेगी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जाए और जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता एक जिम्मेदार और पारदर्शी प्रशासन की अपेक्षा करती है। इसलिए एमसीडी को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना

दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का टैलेंट हंट पूरा, युवा खिलाड़ियों को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मौका

दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ने खोजे नए खेल सितारे नई दिल्ली। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (डीएसयू) ने खेलों में प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए स्टेज-1 टैलेंट हंट कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बच्चों ने हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। त्यागराज स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। पूरे आयोजन का उद्देश्य ऐसे बच्चों को पहचानना था जो भविष्य में अच्छे खिलाड़ी बन सकते हैं और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। बच्चों ने दिखाया जोश और उत्साहटैलेंट हंट में शामिल होने वाले बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। कक्षा 6 में प्रवेश लेने के इच्छुक बच्चों ने विभिन्न खेल परीक्षणों में हिस्सा लिया। बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। मैदान में बच्चों का जोश देखने लायक था। कई बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। आधुनिक तकनीक से हुई खिलाड़ियों की जांचदिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ने खिलाड़ियों की प्रतिभा को परखने के लिए आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल किया। लेवल-1 और लेवल-2 ट्रायल्स के दौरान बच्चों की दौड़ने की क्षमता, संतुलन, ताकत, गति और अन्य शारीरिक योग्यताओं की जांच की गई। इसके साथ ही अलग-अलग खेलों से जुड़े विशेष परीक्षण भी कराए गए। इससे खिलाड़ियों की वास्तविक क्षमता का सही आकलन करने में मदद मिली। निष्पक्ष तरीके से हुआ चयनविश्वविद्यालय ने पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर विशेष ध्यान दिया। विश्वविद्यालय के अधिकारी, अनुभवी कोच और तकनीकी विशेषज्ञ पूरे समय मौजूद रहे। हर बच्चे का मूल्यांकन तय मानकों के अनुसार किया गया। इससे सभी प्रतिभागियों को समान अवसर मिला और चयन प्रक्रिया पर विश्वास भी बढ़ा। अभिभावकों ने की आयोजन की सराहनाकार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों ने दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के प्रयासों की जमकर प्रशंसा की। उनका कहना था कि आयोजन की व्यवस्था बहुत अच्छी थी और बच्चों को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों को आगे बढ़ने का मौका देते हैं और उनमें आत्मविश्वास पैदा करते हैं। कई अभिभावकों ने विश्वविद्यालय द्वारा अपनाई गई वैज्ञानिक चयन प्रक्रिया को भी सराहा। खेल और पढ़ाई दोनों पर दिया जाता है ध्यानदिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश पाने वाले बच्चों को केवल खेल प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि अच्छी शिक्षा भी दी जाती है। यहां छात्रों को आधुनिक खेल सुविधाएं, अनुभवी प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और खेल विज्ञान की सहायता मिलती है। साथ ही बच्चों के रहने और पढ़ाई की भी बेहतर व्यवस्था की जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों का हर क्षेत्र में विकास करना है ताकि वे अच्छे खिलाड़ी बनने के साथ-साथ अच्छे विद्यार्थी भी बन सकें। अगले चरण की तैयारी शुरूस्टेज-1 टैलेंट हंट के सफल आयोजन के बाद अब चयनित खिलाड़ियों के लिए लेवल-3 परीक्षण आयोजित किए जाएंगे। यह परीक्षण जून के दूसरे सप्ताह में होंगे। इन परीक्षणों में खिलाड़ियों की क्षमता को और गहराई से परखा जाएगा। सफल खिलाड़ियों को दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश का अवसर मिलेगा। भविष्य के चैंपियन तैयार करने की दिशा में बड़ा कदमदिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का यह प्रयास देश के भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देना है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों को सही उम्र में सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी लगातार ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके। यह टैलेंट हंट भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है, जिससे आने वाले समय में देश को कई नए खेल सितारे मिलने की उम्मीद है।

कैंसर मरीजों की दवाओं की कमी पर भड़के देवेंद्र यादव, उपराज्यपाल से उच्च स्तरीय जांच की मांग

नई दिल्ली, 4 जून 2026। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में कैंसर के गंभीर और गरीब मरीजों के इलाज के लिए जरूरी कीमोथेरेपी दवाओं की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय पर दवाएं न मिलना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी विफलता है। कैंसर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होना चाहिएदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में कई महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि कैंसर का इलाज पहले से ही बेहद महंगा होता है और ऐसे में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी मरीजों और उनके परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को मुफ्त या रियायती इलाज की उम्मीद होती है, उन्हें अब बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और सरकार को तुरंत इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं कैंसर के मामलेदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में पिछले कई वर्षों से वायु प्रदूषण, धूल, दूषित यमुना जल और मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारण लोगों का स्वास्थ्य लगातार प्रभावित हो रहा है। राजधानी के लोग सांस, फेफड़े, लीवर और पेट से जुड़ी बीमारियों के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हर साल हजारों नए कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2004 में दिल्ली में लगभग 28 हजार कैंसर मरीज थे, जबकि वर्तमान समय में यह संख्या लाखों तक पहुंच चुकी है। हर वर्ष लगभग 28 से 29 हजार नए कैंसर के मामले दर्ज किए जा रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रति एक लाख आबादी पर पुरुषों में कैंसर की दर 146.70 और महिलाओं में 132.50 है। यह आंकड़े देश के अन्य बड़े शहरों जैसे मुंबई, कोलकाता और अहमदाबाद से भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राजधानी के लिए खतरे की घंटी है और सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने चाहिए। 22 प्रतिशत कीमोथेरेपी दवाएं अस्पताल में नहीं हैं उपलब्धदेवेंद्र यादव ने अपने पत्र में बताया कि दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में कीमोथेरेपी से जुड़ी लगभग 22 प्रतिशत जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इन दवाओं की कमी के कारण मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि कई महत्वपूर्ण दवाओं की कीमत इतनी अधिक है कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार उन्हें खरीदने की स्थिति में नहीं होते। कुछ दवाओं की कीमत हजारों से लेकर लाखों रुपये तक पहुंच जाती है। उनके अनुसार बेवाकिजुमैब जैसी दवा की कीमत 3 हजार से 35 हजार रुपये तक है। सेटवसीमब की एक डोज की कीमत 20 हजार से 79 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। एफटिनिब की एक स्ट्रिप 4 हजार से 12 हजार रुपये तक की है जबकि गोसेरेलिन इंजेक्शन की कीमत 21 हजार से 29 हजार रुपये तक है। ऐसी स्थिति में आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए इलाज जारी रखना बेहद मुश्किल हो जाता है। जीवन रक्षक दवाओं की कमी से बढ़ रहा नकली दवाओं का खतरादेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक कैंसर दवाओं की कमी का फायदा उठाकर नकली दवाओं का कारोबार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब मरीजों को अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलतीं तो वे मजबूरी में निजी बाजार का रुख करते हैं, जहां नकली दवाओं का खतरा बढ़ जाता है।उन्होंने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य का मामला नहीं बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा विषय है। सरकार को इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि मरीजों को सुरक्षित और असली दवाएं मिल सकें। सामान्य चिकित्सा सामग्री की भी कमीदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली राज्य कैंसर संस्थान में केवल कैंसर की दवाओं की ही कमी नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की चिकित्सा सामग्री भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि बीटाडीन, डिस्पोजेबल सिरिंज, सर्जिकल मास्क, नोजल प्रोंग कैनुला और राइल्स ट्यूब जैसी सामान्य और जरूरी वस्तुओं की भी कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अस्पताल के प्रशासनिक प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उपराज्यपाल से हस्तक्षेप की मांगदेवेंद्र यादव ने उपराज्यपाल से अपील की कि वह स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करें और दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाएं। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए ताकि दवाओं की कमी के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय खरीद एजेंसी के माध्यम से जल्द से जल्द आवश्यक कीमोथेरेपी दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि गरीब कैंसर मरीजों का इलाज प्रभावित न हो और उनकी जान बचाई जा सके। मरीजों की जिंदगी बचाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारीदेवेंद्र यादव ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ रहे मरीजों को समय पर इलाज और दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उपराज्यपाल इस गंभीर विषय पर तत्काल ध्यान देंगे और मरीजों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि किसी भी मरीज को दवाओं की कमी के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े।

दिल्ली में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार पर फूटा देवेंद्र यादव का गुस्सा, कहा- मिलीभगत खत्म नहीं हुई तो ऐसे हादसों में लोग मरते रहेंगे

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मालवीय नगर के हौजरानी स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर भाजपा सरकार, नगर निगम, फायर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाली सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत खत्म नहीं होगी, तब तक दिल्ली में इस तरह के दर्दनाक हादसे होते रहेंगे और लोगों की जान जाती रहेगी। मालवीय नगर अग्निकांड पर देवेंद्र यादव ने जताया गहरा दुखमालवीय नगर के हौजरानी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देवेंद्र यादव ने घटनास्थल का दौरा किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम है। देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे हादसे यह साबित करते हैं कि नियमों का पालन कराने वाली एजेंसियां अपना काम ईमानदारी से नहीं कर रही हैं। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो इतने लोगों की जान बचाई जा सकती थी। सरकारी एजेंसियों की मिलीभगत से बढ़ रहे हैं अवैध निर्माणदेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण का कारोबार बिना सरकारी संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नगर निगम, डीडीए, फायर विभाग और अन्य लाइसेंसिंग एजेंसियों की मिलीभगत के कारण नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भवन को सीमित संख्या में कमरे चलाने की अनुमति दी गई थी तो फिर वहां कई गुना अधिक कमरे कैसे बन गए। यह सवाल सीधे तौर पर उन अधिकारियों की भूमिका पर खड़ा होता है जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की। भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलता का परिणाम हैं ऐसे हादसेदिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा शासन में प्रशासन पूरी तरह से विफल साबित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में शासन और प्रशासन दोनों ही भ्रष्टाचार की गिरफ्त में हैं। अधिकारियों पर किसी प्रकार का नियंत्रण दिखाई नहीं देता और आम जनता को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान यह चौथा बड़ा हादसा है जिसमें लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक किसी भी मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे साफ है कि सरकार जवाबदेही तय करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री का घटनास्थल पर नहीं पहुंचना असंवेदनशीलतादेवेंद्र यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े हादसे के बाद मुख्यमंत्री का घटनास्थल पर न पहुंचना बेहद दुखद और असंवेदनशील रवैया है। उनका कहना था कि ऐसी त्रासदियों के समय सरकार के शीर्ष नेतृत्व को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए और उन्हें भरोसा दिलाना चाहिए कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं दे रहा है। फायर विभाग और निगम अधिकारियों की भूमिका की हो जांचदेवेंद्र यादव ने मांग की कि इस पूरे मामले में फायर विभाग, नगर निगम और लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि भवन में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था तो संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।उन्होंने कहा कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होनी चाहिए बल्कि दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। दिल्ली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरायादेवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा शासन में दिल्ली का बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। चाहे सड़कें हों, सीवर व्यवस्था हो, भवन निर्माण नियम हों या फिर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, हर क्षेत्र में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम और दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में उच्च स्तर का भ्रष्टाचार फैला हुआ है, जिसके कारण नियमों का पालन कराने की बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जाता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। मृतकों और घायलों को अधिक मुआवजा देने की मांगदेवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री राहत कोष से घोषित मुआवजे को अपर्याप्त बताते हुए कहा कि मृतकों के परिवारों और घायलों को अधिक आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली सरकार से मांग की कि वह अपने स्तर पर अतिरिक्त मुआवजे की घोषणा करे ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके दर्द की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन सरकार का दायित्व है कि वह आर्थिक और सामाजिक रूप से उनके साथ खड़ी दिखाई दे। दोषियों की जवाबदेही तय करने की उठी मांगदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में लगातार हो रही आग की घटनाओं और भवन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार स्पष्ट रूप से बताए कि ऐसे मामलों में कौन जिम्मेदार है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि यदि भ्रष्टाचार और अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में भी दिल्ली के लोगों को इसी तरह की त्रासदियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सरकार को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाना चाहिए और राजधानी में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

गोवा और तेलंगाना की सांस्कृतिक विरासत का दिल्ली में भव्य उत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी शुभकामनाएं

2/6 ,नई दिल्ली। दिल्ली सचिवालय में दिखी भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता की शानदार झलकदिल्ली सचिवालय में गोवा दिवस और तेलंगाना दिवस के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दोनों राज्यों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, कला और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया और पूरे वातावरण को उत्साह तथा उल्लास से भर दिया। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गोवा और तेलंगाना के लोगों को शुभकामनाएं देते हुए दोनों राज्यों की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता है और देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, परंपराएं और विकास यात्रा भारत को और अधिक मजबूत बनाती हैं। गोवा और तेलंगाना ने बढ़ाया देश का गौरव – रेखा गुप्तामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गोवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष लाखों पर्यटक गोवा की संस्कृति और सुंदरता का अनुभव करने के लिए वहां पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर तेलंगाना ने सूचना प्रौद्योगिकी, औषधि निर्माण, नवाचार और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज तेलंगाना देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों की सफलता भारत की प्रतिभा, मेहनत और विकास क्षमता का शानदार उदाहरण है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां, दर्शकों ने की जमकर सराहनाकार्यक्रम के दौरान गोवा की प्रसिद्ध समुद्री संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को दर्शाने वाला फिशर डांस प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने मछुआरों के जीवन और उनकी परंपराओं को आकर्षक अंदाज में मंच पर उतारा। वहीं तेलंगाना के लोक कलाकारों ने देवी भक्ति और आधुनिक फ्यूजन शैली पर आधारित रंगारंग नृत्य प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की शानदार प्रस्तुति की जमकर सराहना की और तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत कर रहे हैं ऐसे आयोजन कपिल मिश्रादिल्ली सरकार में कला, संस्कृति एवं भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली में विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस और राज्य दिवस नियमित रूप से मनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य देश के अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, कला, भाषा, परंपराओं और उपलब्धियों को एक मंच पर लाना है। इससे लोगों को एक-दूसरे की सांस्कृतिक विशेषताओं को समझने का अवसर मिलता है और राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलती है। गोवा की संस्कृति और पर्यटन को मिली नई पहचानकपिल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गोवा की लोक कलाओं, पारंपरिक संगीत, नृत्य और समुद्री संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने और विरासत स्थलों को संरक्षित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं।उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण गोवा की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत हुई है तथा यह राज्य देश के पर्यटन मानचित्र पर और अधिक महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर रहा है। तेलंगाना की लोक परंपराओं और विरासत को संरक्षण देने पर जोरमंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान उसकी समृद्ध लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, ऐतिहासिक धरोहरों और बथुकम्मा जैसे प्रसिद्ध उत्सवों से जुड़ी हुई है। राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तेलंगाना ने आधुनिक विकास और पारंपरिक संस्कृति के बीच संतुलन स्थापित कर देश के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। भारत की विविधता और विकास का प्रतीक बने गोवा और तेलंगानाकार्यक्रम को संबोधित करते हुए कपिल मिश्रा ने कहा कि गोवा और तेलंगाना दोनों ही राज्य आज भारत की विविधता, सांस्कृतिक समृद्धि और आधुनिक विकास के प्रतीक बन चुके हैं। एक ओर जहां ये राज्य अपनी परंपराओं को संजोए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विकास और नवाचार के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन देशवासियों को एक-दूसरे की संस्कृति को जानने और समझने का अवसर प्रदान करते हैं तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत बनाते हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने लिया कार्यक्रम का आनंदगोवा दिवस और तेलंगाना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की ओर से साहित्य कला परिषद द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और दोनों राज्यों की संस्कृति तथा कला से परिचित हुए। यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत की विविधता, एकता और साझा सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी था, जिसने उपस्थित लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं पर गर्व करने का अवसर प्रदान किया।

नई तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में इंजीनियरों को और सक्षम बनाने की पहल, आयुक्त संजीव खिरवार ने दिल्ली नगर निगम के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का किया शुभारंभ

वरिष्ठ अभियंताओं के लिए शुरू हुआ दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमदिल्ली नगर निगम ने अपने इंजीनियरिंग अधिकारियों को नई तकनीकों और आधुनिक कार्य प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम मुख्यालय में वरिष्ठ अभियंताओं के लिए दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने किया। कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली नगर निगम के योजना विभाग द्वारा राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी अकादमी, गाजियाबाद के सहयोग से किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में निगम के विभिन्न विभागों और जोनों से आए 100 से अधिक इंजीनियरों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकारियों के तकनीकी ज्ञान को बढ़ाना, नई चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करना और सार्वजनिक परियोजनाओं के बेहतर संचालन में उनकी क्षमता को मजबूत बनाना है। संजीव खिरवार ने कहा- सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिएउद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि वर्तमान समय तेजी से बदलती तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का युग है। ऐसे समय में अधिकारियों और अभियंताओं के लिए लगातार सीखते रहना और अपने ज्ञान को अद्यतन रखना बेहद आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि आज केवल पुराने अनुभवों के आधार पर काम करना पर्याप्त नहीं है। नई तकनीकों को समझना, आधुनिक उपकरणों का उपयोग करना और बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार करना समय की मांग है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। अनुभवी विशेषज्ञों से मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान का लाभसंजीव खिरवार ने कहा कि राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी अकादमी के विशेषज्ञ संकाय के पास वर्षों का अनुभव और व्यापक तकनीकी ज्ञान है। उनके अनुभवों और सुझावों से निगम के अधिकारियों को नई जानकारियां प्राप्त होंगी, जो भविष्य में उनके कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षण के दौरान साझा किए जाने वाले व्यावहारिक अनुभव और तकनीकी जानकारी अधिकारियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे तथा उनकी कार्यक्षमता को नई दिशा देंगे। बेहतर नागरिक सुविधाओं और मजबूत अवसंरचना के निर्माण में मिलेगी मदद निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि किसी भी शहर के विकास में इंजीनियरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सड़कों, भवनों, पुलों, जल निकासी व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता सीधे तौर पर इंजीनियरों की दक्षता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को बेहतर निर्णय लेने, परियोजनाओं की निगरानी करने और विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। इससे नागरिकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और दिल्ली की आधारभूत संरचना और अधिक मजबूत होगी। अनुबंध प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण और एआई जैसे विषयों पर हुआ मंथन दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इनमें सामान्य अनुबंध शर्तें, संविदात्मक मुद्दे, गुणवत्ता आश्वासन, सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल, पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजनाएं और सिविल इंजीनियरिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके विकास परियोजनाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है। साथ ही अनुबंध प्रबंधन और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। 100 से अधिक इंजीनियरों और अधिकारियों ने दिखाई सक्रिय भागीदारीइस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के वरिष्ठ अभियंता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न तकनीकी विषयों पर अपने सवाल रखे और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए। इससे प्रशिक्षण सत्र और अधिक उपयोगी और संवादात्मक बन गया। तकनीकी क्षमता बढ़ाने की दिशा में दिल्ली नगर निगम की महत्वपूर्ण पहलदिल्ली नगर निगम का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल ज्ञान बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अधिकारियों की क्षमता निर्माण और आधुनिक तकनीकी समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। निगम प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित और दक्ष इंजीनियर ही विकास कार्यों को नई गति दे सकते हैं और नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। संजीव खिरवार बोले- आधुनिक ज्ञान से ही तैयार होगा भविष्य का मजबूत दिल्लीअपने संबोधन के अंत में संजीव खिरवार ने कहा कि नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आधुनिक इंजीनियरिंग पद्धतियों को अपनाकर ही भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम लगातार अपने अधिकारियों के कौशल विकास पर ध्यान दे रहा है ताकि राजधानी में विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार लाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से प्राप्त ज्ञान का लाभ न केवल अधिकारियों को मिलेगा, बल्कि इसके सकारात्मक परिणाम दिल्ली के विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं में भी दिखाई देंगे।

सिंधु हमारी सभ्यता की आत्मा है, अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़कर ही भारत बनेगा विश्वगुरु – विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली। 31/5 दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा है कि भारत की वास्तविक शक्ति केवल उसकी आर्थिक उपलब्धियों, आधुनिक तकनीक और विकास परियोजनाओं में नहीं है, बल्कि उसकी हजारों वर्षों पुरानी सभ्यतागत चेतना, सांस्कृतिक विरासत और नैतिक मूल्यों में भी निहित है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ना है तो देश को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और ऐतिहासिक परंपराओं से जुड़े रहना होगा। विजेन्द्र गुप्ता दिल्ली विश्वविद्यालय के शंकर लाल कॉन्सर्ट हॉल में आयोजित ‘प्रथम सिंधु कुंभ – आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर अनेक संत, विद्वान, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. इन्द्रेश कुमार और पूज्य डॉ. दयालु जी महाराज सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। पुस्तक विमोचन नहीं, भारत की सांस्कृतिक चेतना को समझने का अवसरविधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक के लोकार्पण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक पहचान को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ में कई बार लोग अपनी जड़ों और इतिहास से दूर हो जाते हैं। ऐसे समय में इस प्रकार की पुस्तकें और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने सिंधु दर्शन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिंधु केवल नदी नहीं, भारत की पहचान का आधार हैविजेन्द्र गुप्ता ने अपने संबोधन में सिंधु नदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिंधु केवल पानी की धारा नहीं है, बल्कि भारत की सभ्यता और संस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि “हिंद”, “हिंदू” और “हिंदुस्तान” जैसे शब्दों की ऐतिहासिक जड़ें भी सिंधु से जुड़ी हुई हैं। यह नदी हजारों वर्षों से भारतीय सभ्यता की साक्षी रही है और उसने देश की सांस्कृतिक पहचान को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सिंधु भारत की उस निरंतर यात्रा का प्रतीक है, जिसने देश को एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति के रूप में स्थापित किया। विविधता में एकता ही भारत की सबसे बड़ी ताकतविजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि भारत अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और जीवन शैलियों वाला देश है। यहां हर क्षेत्र की अपनी विशेष पहचान है, लेकिन इसके बावजूद पूरे देश को जोड़ने वाली एक साझा सांस्कृतिक चेतना मौजूद है। उन्होंने कहा कि यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यह सांस्कृतिक एकता ही देश को मजबूत बनाती है और विभिन्नताओं के बावजूद लोगों को एक सूत्र में बांधकर रखती है। सिंधु इसी एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक है। युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना समय की जरूरतविजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि आज का समय तकनीकी क्रांति और तेज बदलाव का दौर है। नई पीढ़ी आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ आगे बढ़ रही है, जो आवश्यक भी है, लेकिन इसके साथ अपनी संस्कृति और इतिहास की समझ भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार युवा अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से दूर होते दिखाई देते हैं। ऐसे में पुस्तकें, शोध कार्य और सांस्कृतिक आयोजन उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी सभ्यता और संस्कृति को समझेंगे, तभी उनमें राष्ट्र के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी। प्रथम सिंधु कुंभ ने संस्कृति और समाज को जोड़ने का काम कियाविधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने प्रथम सिंधु कुंभ को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने, विचारों के आदान-प्रदान और आध्यात्मिक संवाद का भी बड़ा मंच रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों से कुंभ भारतीय समाज को एकजुट करने का कार्य करता आया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रथम सिंधु कुंभ ने लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने का अवसर दिया। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में समरसता, संवाद और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। पुस्तक नई पीढ़ी के लिए बनेगी प्रेरणा का स्रोतविजेन्द्र गुप्ता ने विश्वास जताया कि ‘प्रथम सिंधु कुंभ – आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व’ पुस्तक केवल एक साहित्यिक कृति नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक लोगों को भारत की सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक परंपराओं और सभ्यतागत इतिहास के बारे में गहराई से जानने का अवसर प्रदान करेगी। इससे समाज में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूती मिलेगी। विकसित भारत के लिए सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण जरूरीअपने संबोधन के अंत में विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास केवल आर्थिक आंकड़ों से नहीं मापा जाता। सच्चा विकास तब होता है जब देश अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी पूंजी उसकी सभ्यतागत विरासत है। यदि हम इस विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सफल होते हैं तो भारत केवल आर्थिक महाशक्ति ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक नेतृत्व करने वाला राष्ट्र भी बनेगा। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अपनी सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान करे और आने वाली पीढ़ियों को भी उससे जोड़ने का प्रयास करे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पुस्तक भारत की गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मानसून से पहले दिल्ली के नालों की बदहाली पर अंकुश नारंग का हमला, बोले- भाजपा सरकार फिर राजधानी को डुबाने की तैयारी में

बारिश आने वाली है, लेकिन दिल्ली की तैयारी अधूरीदिल्ली में मानसून के आगमन से पहले आम आदमी पार्टी ने नालों की सफाई को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया है कि मानसून आने में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन राजधानी के अधिकांश इलाकों में नालों की सफाई का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो दिल्लीवासियों को एक बार फिर जलभराव, ट्रैफिक जाम और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। अंकुश नारंग ने कहा कि हर साल बारिश से पहले सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। इस बार भी हालात ऐसे हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में नाले कचरे और गाद से भरे हुए हैं। ऐसे में अगर तेज बारिश हुई तो पानी की निकासी रुक जाएगी और सड़कें तालाब में बदल जाएंगी। ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली में सफाई कार्य बेहद धीमाअंकुश नारंग ने कहा कि पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की सफाई या तो शुरू ही नहीं हुई है या फिर बहुत धीमी गति से चल रही है। कई स्थानों पर केवल पहले चरण का काम पूरा हुआ है, जबकि दूसरा चरण अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि जब जून का महीना शुरू हो चुका है और मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है, तब भी सफाई कार्य अधूरा रहना सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा। शाहदरा और नजफगढ़ जैसे बड़े नाले भी नहीं हुए साफअंकुश नारंग ने कहा कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े नालों में शामिल शाहदरा और नजफगढ़ नालों की सफाई भी पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि ये दोनों नाले दिल्ली में बारिश के पानी की निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।यदि इन बड़े नालों में जमा गाद और कचरा समय पर नहीं हटाया गया तो बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाएगा। इसका असर आसपास के इलाकों पर पड़ेगा और हजारों लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जनता ने भाजपा को जिम्मेदारी दी, लेकिन काम नजर नहीं आ रहाअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए उसे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भाजपा के पास सातों लोकसभा सीटें हैं, दिल्ली नगर निगम में सत्ता है और विधानसभा में भी मजबूत उपस्थिति है। ऐसे में जनता को उम्मीद थी कि राजधानी की मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास और बेहतर व्यवस्था के लिए वोट दिया था, लेकिन आज भी बारिश से पहले नालों की सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई है। यह स्थिति भाजपा सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती है। बारिश में फिर सड़कों पर बह सकता है सीवर का गंदा पानीअंकुश नारंग ने कहा कि यदि समय पर सफाई नहीं हुई तो दिल्ली की कई सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो सकती हैं। बारिश के दौरान अक्सर नालों का पानी और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि जलभराव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनता है। गंदे पानी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होता है। “चार इंजन की सरकार” पर साधा निशानाअंकुश नारंग ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अक्सर अपनी सरकार को “चार इंजन की सरकार” बताती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ये चारों इंजन फेल दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, महापौर और अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग दिल्ली को जलभराव से बचाने में असफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण जरूरी काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर दिल्ली की जनता पर पड़ रहा है। “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज” से बाहर निकलने की सलाहअंकुश नारंग ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज” से बाहर निकलकर पूरी दिल्ली का दौरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कुछ चुनिंदा इलाकों का निरीक्षण करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारी खुद विभिन्न इलाकों में जाकर नालों की वास्तविक स्थिति देखें और सफाई कार्य को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दें। दिल्लीवासियों को फिर सता रहा जलभराव का डरमानसून से पहले नालों की अधूरी सफाई को लेकर दिल्ली के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हर साल बारिश के दौरान राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूब जाती हैं, वाहन फंस जाते हैं और लोगों को घंटों जाम में परेशान होना पड़ता है। अंकुश नारंग ने कहा कि यदि भाजपा सरकार ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए तो इस बार भी दिल्लीवासियों को वही समस्याएं झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर पूरी की जाए ताकि राजधानी को जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाया जा सके। जनता जवाब चाहती हैअंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता अब केवल दावे नहीं बल्कि परिणाम देखना चाहती है। मानसून शुरू होने से पहले सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि नालों की सफाई पूरी हो, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त हो और लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और दिल्लीवासियों की आवाज बनकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।

“भाजपा राज में खत्म होने की कगार पर पहुँचा हिन्दी-उर्दू विभाग” — अंकुश नारंग

एमसीडी में भाषा विभागों की बदहाली पर आम आदमी पार्टी का भाजपा पर बड़ा हमला नई दिल्ली, 29 मई 2026 दिल्ली नगर निगम में हिन्दी और उर्दू अनुवाद विभागों की लगातार हो रही अनदेखी को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा शासन में निगम का हिन्दी-उर्दू विभाग पूरी तरह उपेक्षा का शिकार हो गया है और अब यह विभाग बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है। अंकुश नारंग ने कहा कि एक समय ऐसा था जब दिल्ली नगर निगम में हिन्दी और उर्दू विभाग काफी मजबूत हुआ करते थे। उस समय विभाग में 31 अनुवादक कार्यरत थे और सदन की कार्यवाही से लेकर निगम के एजेंडे तक तीनों भाषाओं — हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी — में तैयार किए जाते थे। लेकिन आज हालात बेहद खराब हो चुके हैं और पूरा विभाग सिमटकर लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। 17 साल से नहीं हुई उर्दू अनुवादक की भर्तीअंकुश नारंग ने बताया कि वर्ष 2009 के बाद से निगम में उर्दू अनुवादक पद के लिए कोई विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पिछले 17 वर्षों से नई भर्ती न होना यह दिखाता है कि भाजपा प्रशासन इस विभाग को मजबूत करने के बजाय धीरे-धीरे खत्म करने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निगम सचिव कार्यालय में केवल एक स्थायी उर्दू अनुवादक अफहाक हुसैन कार्यरत हैं और वे भी दिसंबर 2026 में सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। ऐसे में उनके रिटायर होने के बाद उर्दू अनुवाद विभाग पूरी तरह बंद होने की स्थिति में पहुंच सकता है। हिंदी अनुवादक का पद भी दो साल से खालीअंकुश नारंग ने कहा कि हिंदी अनुवादक का स्थायी पद भी पिछले दो वर्षों से खाली पड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो हिंदी अनुवादक काम कर रहे हैं, वे अधिकतर कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त हैं। इतना ही नहीं, उन्हें नियमों के अनुसार पूरा वेतन और सुविधाएं भी नहीं दी जा रही हैं। इससे कर्मचारियों में भी असंतोष बढ़ रहा है। तीनों भाषाओं में एजेंडा पेश करना निगम की जिम्मेदारीअंकुश नारंग ने कहा कि निगम सचिव कार्यालय की जिम्मेदारी होती है कि सदन की कार्यवाही और एजेंडा हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जाए, ताकि सभी पार्षद और अधिकारी आसानी से काम कर सकें। लेकिन आज स्थिति ऐसी हो गई है कि विभाग में जरूरी स्टाफ तक मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि भाषा विभाग को कमजोर करना केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने जैसा है। दिल्ली जैसे बहुभाषी शहर में हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं का विशेष महत्व है और इन विभागों को मजबूत किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोपअंकुश नारंग ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा केवल बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर भाषा और कर्मचारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो आने वाले समय में निगम का हिन्दी-उर्दू विभाग पूरी तरह समाप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रशासन की लापरवाही के कारण आज राजभाषा विभाग बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। आम आदमी पार्टी ने की यह मांगअंकुश नारंग ने निगम प्रशासन से मांग की कि हिन्दी और उर्दू विभाग में सभी रिक्त पदों पर जल्द स्थायी भर्ती की जाए। साथ ही निगम के सभी एजेंडे हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा में पेश किए जाएं। उन्होंने कहा कि राजभाषा विभाग को मजबूत करने के लिए सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल कर्मचारियों का मुद्दा नहीं, बल्कि भाषा, प्रशासन और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा बड़ा सवाल है। इसलिए निगम प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली भाजपा को मिला नया नेतृत्व – हर्ष मल्होत्रा बने प्रदेश अध्यक्ष

सादे लेकिन भव्य समारोह में वीरेन्द्र सचदेवा ने सौंपा पदभार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद नई दिल्ली, 28 मई। दिल्ली भाजपा में बुधवार को संगठनात्मक बदलाव का एक बड़ा और महत्वपूर्ण दिन देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय राज्य मंत्री और पूर्वी दिल्ली से सांसद हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। इस घोषणा के बाद शाम को प्रदेश कार्यालय में एक सादा लेकिन प्रभावशाली समारोह आयोजित किया गया, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में निवर्तमान अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने हर्ष मल्होत्रा को औपचारिक रूप से पदभार सौंपा। कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संगठन महामंत्री पवन राणा, कई पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, सांसद, मंत्री और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का माहौल देखने को मिला। भाजपा की संगठनात्मक परंपरा का दिखा उदाहरणभाजपा हमेशा से अपने मजबूत संगठन और अनुशासित कार्यशैली के लिए जानी जाती है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अध्यक्षीय परिवर्तन का कार्यक्रम बेहद शांत, सादगीपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से संपन्न हुआ। निवर्तमान अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने नवनियुक्त अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का स्वागत किया, उन्हें अध्यक्षीय कुर्सी पर बैठाया और पार्टी की जिम्मेदारियां सौंपते हुए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने तालियों और नारों के साथ नए अध्यक्ष का स्वागत किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया भरोसादिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वीरेन्द्र सचदेवा के नेतृत्व में दिल्ली भाजपा ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार के बाद 27 वर्षों में दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी और इसमें संगठन के हर कार्यकर्ता की मेहनत का बड़ा योगदान रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह जिम्मेदारी हर्ष मल्होत्रा संभाल रहे हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह भी संगठन को उसी मजबूती और परिवार की भावना के साथ आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि हर्ष मल्होत्रा भी दिल्ली भाजपा के सभी साथियों और कार्यकर्ताओं का उसी प्रकार मार्गदर्शन और संरक्षण करेंगे, जैसे वीरेन्द्र सचदेवा ने किया, और हम सभी को एक परिवार के सदस्य के रूप में साथ लेकर चलेंगे।” रेखा गुप्ता ने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक संगठन नहीं बल्कि एक परिवार है, जहां हर कार्यकर्ता को सम्मान और अवसर मिलता है। “भाजपा में जिम्मेदारी रिले दौड़ की तरह”नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अपने संबोधन में पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा में जिम्मेदारियां व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक होती हैं और हर कार्यकर्ता संगठन को आगे बढ़ाने के लिए काम करता है। उन्होंने भाजपा में जिम्मेदारियों की तुलना 400 मीटर रिले दौड़ से करते हुए कहा कि जैसे एक खिलाड़ी दूसरे खिलाड़ी को बैटन सौंपता है, उसी तरह संगठन में भी जिम्मेदारियां एक-दूसरे को सौंपी जाती हैं। उन्होंने कहा,आज वीरेन्द्र सचदेवा ने मुझे जिम्मेदारी रूपी बैटन सौंपी है और मैं संकल्प लेता हूँ कि दिल्ली के हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ और नेतृत्व के मार्गदर्शन में, मैं दिल्ली में भाजपा को आगे बढ़ाने तथा दिल्ली सरकार के कार्यों को और गति देने के लिए हर संभव प्रयास करूँगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार दिल्ली में 27 वर्षों बाद बनी है और यह हजारों कार्यकर्ताओं की मेहनत और संगठन की एकजुटता का परिणाम है। प्रधानमंत्री मोदी और शीर्ष नेतृत्व का जताया आभारहर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना और दिल्ली सरकार के विकास कार्यों को गति देना उनकी प्राथमिकता होगी। वीरेन्द्र सचदेवा ने नए अध्यक्ष की तारीफ कीदिल्ली भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने अपने संबोधन में कहा कि हर्ष मल्होत्रा के पास प्रशासनिक और संगठनात्मक दोनों तरह का लंबा अनुभव है। उन्होंने कहा कि मेयर, सांसद और मंत्री के रूप में काम करने का उनका अनुभव पार्टी और सरकार दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 25 वर्षों से वह हर्ष मल्होत्रा के साथ काम कर रहे हैं और उनके नेतृत्व क्षमता को अच्छी तरह जानते हैं। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा, “मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में हमारा संगठन लगातार उन ऊंचाइयों को छुएगा जिनकी हम सब कल्पना करते हैं।” उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा अब नए नेतृत्व में और मजबूती के साथ आगे बढ़ेगी। कार्यक्रम में कई बड़े नेता रहे मौजूदप्रदेश कार्यालय में आयोजित इस समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन, विजय गोयल, सतीश उपाध्याय, सांसद मनोज तिवारी, आदेश गुप्ता, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा,आशीष सूद, कपिल मिश्रा, महापौर प्रवेश वाही, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, बाँसुरी स्वराज, स्वाति मालीवाल और एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित कई नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। पूरे प्रदेश कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली और नए अध्यक्ष के स्वागत में नारे लगाए गए। दिल्ली भाजपा के लिए नई शुरुआतदिल्ली भाजपा में यह बदलाव केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं बल्कि संगठन के लिए नई शुरुआत माना जा रहा है। पार्टी अब नए अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और दिल्ली सरकार के विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा दिल्ली में अपनी सरकार बनने के बाद संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाकर आगे बढ़ना चाहती है और इसी रणनीति के तहत अनुभवी नेता हर्ष मल्होत्रा को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दिल्ली भाजपा के इस बदलाव ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह पैदा किया है और आने वाले समय में पार्टी संगठन को और अधिक सक्रिय और मजबूत बनाने की तैयारी में जुट गई है।