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विकासपुरी में आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन, दिल्ली में डिजिटल सेवाओं को मिली नई मजबूती

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने किया उद्घाटन नई दिल्ली, 15 जून 2026। राजधानी दिल्ली में नागरिकों को बेहतर और आसान सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पश्चिमी दिल्ली के विकासपुरी क्षेत्र में नए आधार सेवा केंद्र का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र का उद्घाटन दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने किया। इस अवसर पर दिल्ली सरकार के परिवहन, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। इस नए केंद्र के शुरू होने से पश्चिमी दिल्ली और आसपास के लाखों लोगों को आधार से जुड़ी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक आसानी से मिल सकेगा। अब लोगों को आधार कार्ड बनवाने, उसमें सुधार करवाने या बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए दूर-दराज स्थित केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में हुए शामिलउद्घाटन समारोह में पश्चिमी दिल्ली की सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत, पश्चिमी दिल्ली के जिलाधिकारी, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने आधार की उपयोगिता और डिजिटल भारत के निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। आधार ने बदल दी देश की सेवा व्यवस्था तरनजीत सिंह संधूउपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि पिछले दस वर्षों में आधार ने भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह बदलने का काम किया है। तकनीक आधारित व्यवस्थाओं ने सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और लोगों के लिए सुलभ बनाया है। उन्होंने कहा कि आधार अब केवल पहचान पत्र नहीं रह गया है बल्कि यह भारत के डिजिटल सार्वजनिक ढांचे का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। आधार की मदद से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है और लाभार्थियों तक सहायता तेजी से पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि आधार, ई-केवाईसी और अन्य डिजिटल प्रणालियों ने सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाया है। पहले जहां लोगों को कई तरह के दस्तावेज और लंबी कागजी कार्रवाई करनी पड़ती थी, वहीं अब डिजिटल माध्यमों से काम तेजी और पारदर्शिता के साथ हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है आधारउपराज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल भारत के विजन को साकार करने में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आधार ने देश के करोड़ों लोगों को एक साझा डिजिटल पहचान उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में योजनाओं और सेवाओं को हर नागरिक तक पहुंचाने के लिए मजबूत डिजिटल व्यवस्था की आवश्यकता थी, जिसे आधार ने काफी हद तक पूरा किया है। बच्चों के आधार अपडेट पर दिया विशेष जोरश्री तरनजीत सिंह संधू ने बच्चों के आधार कार्ड में समय-समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों के बायोमेट्रिक विवरण समय पर अपडेट नहीं किए जाते हैं तो भविष्य में उन्हें विभिन्न सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों के आधार विवरण को नियमित रूप से अपडेट कराते रहें। विकासपुरी केंद्र से लोगों को मिलेगा बड़ा लाभ – डॉ. पंकज कुमार सिंहदिल्ली सरकार के परिवहन, स्वास्थ्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि विकासपुरी में आधार सेवा केंद्र शुरू होने से पश्चिमी दिल्ली के लोगों को बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी।उन्होंने बताया कि अब लोगों को आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए इंद्रलोक, प्रगति मैदान या अन्य दूर स्थित केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। विकासपुरी केंद्र में ही आधार नामांकन, आधार अपडेट और अन्य सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नागरिकों को उनके घर के नजदीक बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है ताकि उनका समय और पैसा दोनों बच सके। स्वास्थ्य योजनाओं में आधार निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिकाडॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आधार आज विभिन्न सरकारी योजनाओं का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में इसकी भूमिका काफी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद हजारों परिवारों को आधार से जुड़े आयुष्मान भारत कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज का लाभ मिला है। इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि आधार के कारण पात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हो गई है और योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंच रहा है। जन्म के साथ ही आधार सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारीडॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अब दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) के कई संस्थानों में जन्म पंजीकरण के साथ आधार नामांकन की सुविधा भी जोड़ी जा रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से नवजात बच्चों का जन्म पंजीकरण होने के साथ ही आधार नामांकन भी किया जा सकेगा। इससे बच्चों को जीवन की शुरुआत से ही सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है बायोमेट्रिक अपडेटमंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों के आधार कार्ड में समय पर बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर अपडेट किया गया आधार बच्चों को भविष्य में शिक्षा, छात्रवृत्ति, बैंकिंग सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के दिलाने में मदद करेगा। डिजिटल दिल्ली बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धडॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि आज के समय में स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सरकारी सेवाओं में तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार एक ऐसी राजधानी बनाना चाहती है जो डिजिटल रूप से मजबूत हो और जहां प्रत्येक नागरिक को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है। दिल्ली में अब छह आधार सेवा केंद्र संचालितयूआईडीएआई अधिकारियों ने बताया कि विकासपुरी आधार सेवा केंद्र को आधार सेवा केंद्र विस्तार कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत स्थापित किया गया है। इस केंद्र के शुरू होने के बाद दिल्ली में अब कुल छह आधार सेवा केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आधार नामांकन, बायोमेट्रिक अपडेट और अन्य

प्रवेश वाही ने लाला देशबंधु गुप्ता को श्रद्धांजलि देकर उनके योगदान को किया याद

नई दिल्ली, 14 जून 2026। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, पत्रकार और संविधान सभा के सदस्य लाला देशबंधु गुप्ता की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर अजमेरी गेट स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। महापौर प्रवेश वाही ने दिल्ली के नागरिकों की ओर से लाला देशबंधु गुप्ता को नमन करते हुए कहा कि देश और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता उन महान नेताओं में से थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रवेश वाही ने कहा- देशबंधु गुप्ता का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणाश्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता का जीवन त्याग, संघर्ष और देशसेवा का उदाहरण है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश और समाज के हित में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिस समय देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, उस समय देशबंधु गुप्ता जैसे नेताओं ने लोगों में आजादी की भावना जगाने का काम किया। उनके प्रयासों से हजारों लोग स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित हुए। स्वतंत्रता संग्राम में निभाई महत्वपूर्ण भूमिकामहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई और देश को स्वतंत्र कराने के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों को एकजुट करने का काम किया और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश की आजादी के लिए उनका संघर्ष हमेशा इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी दिया महत्वपूर्ण योगदानप्रवेश वाही ने बताया कि लाला देशबंधु गुप्ता भारतीय संविधान सभा के सदस्य भी थे। देश के संविधान के निर्माण के समय उन्होंने महत्वपूर्ण विचार और सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि देशबंधु गुप्ता का मानना था कि संविधान भारत के लोगों के लिए एक मजबूत और सुविचारित दस्तावेज है। वे लोकतंत्र, समानता और न्याय के पक्षधर थे। उन्होंने हमेशा ऐसे भारत की कल्पना की जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान मिले। हरियाणा राज्य के निर्माण में निभाई अग्रणी भूमिकामहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता ने हरियाणा को अलग राज्य बनाने की मांग का भी मजबूती से समर्थन किया था। उन्होंने पंजाब से अलग हरियाणा राज्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी मेहनत और संघर्ष का ही परिणाम था कि हरियाणा राज्य के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। दिल्ली को विधानसभा का दर्जा दिलाने के समर्थक थे देशबंधु गुप्ताअपने संबोधन में प्रवेश वाही ने बताया कि लाला देशबंधु गुप्ता दिल्ली को विधानसभा का दर्जा दिलाने के प्रबल समर्थक थे। वे चाहते थे कि दिल्ली के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार मिलें और उन्हें अपनी सरकार चुनने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने दिल्ली के अधिकारों और विकास के लिए लगातार संघर्ष किया। उनका सपना था कि दिल्ली को मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था मिले और यहां के लोगों की आवाज को उचित प्रतिनिधित्व मिले। दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बन सकते थे लाला देशबंधु गुप्तामहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता के नेतृत्व और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी हो चुकी थी। उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन दुर्भाग्यवश एक हवाई दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना ने देश और दिल्ली दोनों को गहरा आघात पहुंचाया। दिल्ली ने एक ऐसा नेता खो दिया जो हमेशा जनता के अधिकारों के लिए लड़ता रहा। पत्रकारिता के माध्यम से जगाई आजादी की अलखमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता एक प्रभावशाली पत्रकार भी थे। उन्होंने अपने उर्दू समाचार पत्र “द तेज” के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया। उस समय पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं थी बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाने का भी एक महत्वपूर्ण हथियार थी। देशबंधु गुप्ता ने अपने लेखों और विचारों के माध्यम से लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा की और उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अपने भाषणों से लोगों में भरते थे जोशप्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता एक बेहतरीन वक्ता भी थे। उनके भाषण लोगों को प्रेरित करने वाले होते थे। जब वे जनता के बीच बोलते थे तो लोगों में देश के लिए कुछ करने का उत्साह पैदा हो जाता था। उनकी वाणी में सादगी, स्पष्टता और देशप्रेम झलकता था। यही कारण था कि लोग उन्हें बहुत सम्मान और प्रेम देते थे। कई गणमान्य लोगों ने अर्पित की श्रद्धांजलिइस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद किरण राकेश बाला, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी लाला देशबंधु गुप्ता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी वक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश और समाज के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। देशबंधु गुप्ता के आदर्श आज भी प्रासंगिककार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देशबंधु गुप्ता के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। देशभक्ति, सामाजिक सुधार, लोकतंत्र और जनसेवा के उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही द्वारा लाला देशबंधु गुप्ता को दी गई श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि उनके महान योगदान को याद करने का अवसर भी थी। स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, समाज सुधारक, संविधान सभा के सदस्य और जनता के सच्चे हितैषी के रूप में लाला देशबंधु गुप्ता ने देश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनके संघर्ष, विचार और देशसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।

दीप विहार के विकास की ओर बड़ा कदम: रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने ₹20 करोड़ की विकास परियोजनाओं का किया शुभारंभ

बवाना विधानसभा के दीप विहार में विकास कार्यों की शुरुआत, लोगों में खुशी का माहौल नई दिल्ली, 13 जून 2026। बवाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण, सहकारिता एवं चुनाव मंत्री और बवाना के विधायक रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने दीप विहार में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से होने वाली विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सड़कों और नालियों के निर्माण कार्यों की शुरुआत की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दीप विहार और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। लोगों ने विकास कार्यों की शुरुआत का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र की कई पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। दीप विहार के लोगों की लंबे समय से थी यह मांगकार्यक्रम को संबोधित करते हुए रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दीप विहार बवाना विधानसभा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां रहने वाले लोग लंबे समय से टूटी सड़कों, खराब नालियों और जल निकासी की समस्याओं का सामना कर रहे थे। बरसात के दिनों में कई जगह पानी भर जाता था, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी। उन्होंने कहा कि जब वे विधायक बने थे, तब क्षेत्र के लोगों ने उनसे इन समस्याओं को दूर करने की मांग की थी। उन्होंने जनता से वादा किया था कि क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। आज विकास कार्यों की शुरुआत उसी वादे को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा- जनता से किया हर वादा पूरा करेंगेरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जनता ने उन पर विश्वास जताकर उन्हें अपना प्रतिनिधि चुना है। इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करें। उन्होंने कहा कि विकास केवल भाषणों और घोषणाओं से नहीं होता, बल्कि जमीन पर काम करने से होता है। उनकी कोशिश है कि बवाना विधानसभा का हर इलाका विकास की मुख्यधारा से जुड़े और किसी भी क्षेत्र को उपेक्षित महसूस न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जनता से जो वादे किए गए हैं, उन्हें पूरा करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। शहरी विकास निधि से बदलेगी दीप विहार की तस्वीररविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बताया कि यह सभी विकास कार्य शहरी विकास निधि के अंतर्गत किए जा रहे हैं। इस निधि का उद्देश्य उन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है जहां विकास की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नई सड़कों के निर्माण से लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। वहीं नई नालियों के बनने से जल निकासी की व्यवस्था मजबूत होगी और बरसात के समय होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। मंत्री ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में अच्छी सड़कें, साफ नालियां और बेहतर सुविधाएं होती हैं तो वहां रहने वाले लोगों का जीवन स्तर अपने आप बेहतर हो जाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में तेजी से हो रहा विकासरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में पूरी दिल्ली में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल शहर के बड़े इलाकों का विकास करना नहीं है, बल्कि गांवों, अनधिकृत कॉलोनियों और बाहरी दिल्ली के क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन में हर विधानसभा क्षेत्र को आवश्यक विकास निधि उपलब्ध कराई जा रही है ताकि जनता की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य किए जा सकें। बवाना विधानसभा के हर क्षेत्र में पहुंच रहा विकासरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि बवाना विधानसभा के विभिन्न इलाकों में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं। कहीं सड़कें बनाई जा रही हैं, कहीं नालियों का निर्माण हो रहा है और कहीं अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बवाना विधानसभा का कोई भी इलाका विकास से वंचित न रहे। हर कॉलोनी और हर मोहल्ले में लोगों की जरूरतों के अनुसार काम किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही समस्याओं का होगा समाधानमंत्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि कई क्षेत्रों में लंबे समय तक विकास कार्य नहीं होने के कारण लोगों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ा। खराब सड़कें, जलभराव, गंदगी और नालियों की समस्या आम बात बन गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इन समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और योजनाबद्ध तरीके से उनका समाधान कर रही है। विकास कार्यों का उद्देश्य केवल नई सुविधाएं देना नहीं बल्कि पुरानी समस्याओं को स्थायी रूप से खत्म करना भी है। दिल्ली देहात और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास का अंतर होगा कमरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली देहात और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई बार बाहरी दिल्ली और ग्रामीण क्षेत्रों को वह सुविधाएं नहीं मिल पातीं जो शहर के अन्य हिस्सों में उपलब्ध होती हैं। लेकिन अब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हर नागरिक को समान सुविधाएं मिलें और हर क्षेत्र का संतुलित विकास हो। जनता के धन का उपयोग जनता के हित मेंअपने संबोधन में रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि सरकार जनता के पैसे का उपयोग जनता के विकास के लिए कर रही है। विकास कार्यों पर खर्च होने वाला प्रत्येक रुपया लोगों की सुविधा और क्षेत्र के विकास के लिए लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सड़कें, स्वच्छ वातावरण, मजबूत आधारभूत ढांचा और अच्छी सुविधाएं देना सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। विकास कार्य पूरे होने के बाद बदलेगा दीप विहार का स्वरूपरविन्द्र इन्द्राज सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दीप विहार की पहचान पूरी तरह बदल जाएगी। बेहतर सड़कें, मजबूत नालियां और स्वच्छ वातावरण क्षेत्र को नई पहचान देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्य पूरे होने के बाद लोगों को दैनिक जीवन

गोविंदपुरी अग्निकांड पर सौरभ भारद्वाज का बड़ा सवाल, आखिर कब आएंगी दिल्ली के अग्निकांडों की जांच रिपोर्ट?

गोविंदपुरी में दर्दनाक हादसा, तीन लोगों की मौत से दहली राजधानी नई दिल्ली, 12 जून 2026। दक्षिणी-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच मंजिला इमारत में लगी आग की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार से दिल्ली में हाल के महीनों में हुई सभी बड़ी आग की घटनाओं की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब तक जांच रिपोर्ट जनता के सामने नहीं आएगी, तब तक यह कैसे पता चलेगा कि हादसे की असली वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदार कौन था। सौरभ भारद्वाज ने जताया दुख, पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गोविंदपुरी अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक घटना है। तीन लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हुए हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं बल्कि इनके पीछे कई परिवारों का दर्द, सपने और भविष्य जुड़ा होता है। इसलिए हर हादसे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसके कारणों की पूरी जांच होनी चाहिए। पड़ोसियों ने दिखाई इंसानियत, साड़ियों के सहारे बचाई कई जानेंसौरभ भारद्वाज ने इस हादसे के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा दिखाई गई बहादुरी और मानवता की सराहना की। उन्होंने कहा कि आग लगने के बाद कई पड़ोसी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने साड़ियों को बांधकर रस्सी जैसा सहारा बनाया, जिसके जरिए कई लोग इमारत से नीचे उतरने में सफल हुए। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग को नियंत्रित करने और फंसे लोगों को बाहर निकालने की भी कोशिश की। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर समाज इसी तरह एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए तो कई हादसों में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने सभी पड़ोसियों का धन्यवाद किया जिन्होंने बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच की घोषणा होती है, लेकिन रिपोर्ट कभी सामने नहीं आतीसौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में जब भी कोई बड़ा हादसा होता है, सरकार जांच की घोषणा कर देती है, लेकिन बाद में जांच रिपोर्ट का कोई पता नहीं चलता। उन्होंने कहा कि हर बार जनता को भरोसा दिलाया जाता है कि जल्द रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। इससे लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है। पालम अग्निकांड की रिपोर्ट आज तक नहीं आईसौरभ भारद्वाज ने कहा कि मार्च महीने में पालम में हुए अग्निकांड में नौ लोगों की जान चली गई थी। उस समय कहा गया था कि जांच पूरी होने में एक या डेढ़ महीने का समय लगेगा। लेकिन अब चार महीने के करीब समय बीत चुका है और आज तक यह जानकारी सामने नहीं आई कि आग लगने की वजह क्या थी, किसकी लापरवाही थी और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगी तो लोगों को कभी सच्चाई पता नहीं चल पाएगी। विवेक विहार अग्निकांड की रिपोर्ट का भी इंतजारसौरभ भारद्वाज ने कहा कि विवेक विहार में हुई आग की घटना में भी नौ लोगों की मौत हुई थी। उस समय अधिकारियों ने कहा था कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मालवीय नगर हादसे को लेकर भी उठाए सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि हाल ही में मालवीय नगर में हुए अग्निकांड में भी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। उस समय कहा गया था कि तीन दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाएगी, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो उसे सभी जांच रिपोर्ट जनता के सामने रखनी चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बना रहे। आखिर जिम्मेदार कौन है, यह जानना जरूरीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी हादसे की जांच रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि गलती कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि कई बार भवन मालिकों की लापरवाही सामने आती है, तो कई बार किसी विभाग की कमी या प्रशासनिक चूक सामने आती है। यदि जांच रिपोर्ट ही सामने नहीं आएगी तो दोषियों की पहचान कैसे होगी और उन पर कार्रवाई कैसे होगी? फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली की भी हो जांचसौरभ भारद्वाज ने कहा कि कई मामलों में फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों की भी समीक्षा जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि मालवीय नगर हादसे के दौरान फायर स्टेशन बेहद नजदीक होने के बावजूद दमकल की गाड़ियां काफी देर से पहुंची थीं। उस समय इस बात को छिपाने की कोशिश हुई, लेकिन बाद में तथ्यों के जरिए देरी की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि गोविंदपुरी मामले में भी यह देखा जाना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड कितनी जल्दी मौके पर पहुंची और बचाव कार्य कैसे किए गए।आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में हाल के समय में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। यह स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घटनाओं के बाद बयान देने के बजाय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि हर हादसे की जांच हो और उसके आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिएसौरभ भारद्वाज ने कहा कि किसी भी सरकार की सबसे बड़ी

दिल्ली में कोचिंग संस्थानों के लिए बनेगा नया नियामक ढांचा, छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं पर रहेगा विशेष ध्यान – आशीष सूद

दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों को नियमित करने की दिशा में उठाया बड़ा कदम नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में संचालित होने वाले कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली के शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा तथा शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की।सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में पढ़ने आने वाले लाखों छात्रों को सुरक्षित, व्यवस्थित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। इस नई व्यवस्था के तहत कोचिंग संस्थानों के संचालन, सुरक्षा, शुल्क, मानसिक स्वास्थ्य और छात्रों के कल्याण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा। ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना के बाद बढ़ी चिंताबैठक के दौरान वर्ष 2024 में ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान में हुई दुखद घटना का भी उल्लेख किया गया। इस हादसे में बाढ़ और बेसमेंट सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियों के कारण कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इसी घटना के बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) आर.के. गौबा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों की कमियों की जांच कर सुधारात्मक सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक होंगे नोडल अधिकारीबैठक के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार इस विषय को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों के लिए नीति और नियम तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कदम दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। अब अलग-अलग विभागों द्वारा की जाने वाली निगरानी के स्थान पर एक समन्वित और प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाएगी। कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदइस महत्वपूर्ण बैठक में नगर निगम दिल्ली (एमसीडी), दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, उच्च शिक्षा निदेशालय, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित कई प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों ने कोचिंग संस्थानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और भविष्य की कार्ययोजना पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए बनेगी बहु-विषयक समिति आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार एक बहु-विषयक समिति का गठन करेगी। यह समिति कोचिंग संस्थानों के संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। समिति कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम करेगी, जिनमें शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, भवन सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और कर्मचारियों के कल्याण जैसे मुद्दे शामिल होंगे। शुल्क संरचना पर भी बनेगा नियमकोचिंग संस्थानों की फीस को लेकर छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। कई बार अत्यधिक फीस और अतिरिक्त शुल्क को लेकर विवाद भी होते हैं। नई नीति के तहत शुल्क संरचना को अधिक पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। छात्रों की सुरक्षा होगी सर्वोच्च प्राथमिकतासरकार द्वारा तैयार किए जा रहे नियामक ढांचे में छात्र सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व दिया जाएगा। कोचिंग संस्थानों को भवन सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इसके अलावा आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित बेसमेंट, स्वच्छ वातावरण और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं को अनिवार्य बनाया जा सकता है। सरकार का मानना है कि शिक्षा प्राप्त करने आने वाले छात्रों की सुरक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श पर रहेगा फोकसआज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर मानसिक दबाव काफी बढ़ गया है। कई छात्र तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। इसे देखते हुए नई नीति में मानसिक स्वास्थ्य सहायता और परामर्श व्यवस्था को भी शामिल किया जाएगा। कोचिंग संस्थानों को छात्रों के लिए उचित काउंसलिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए जा सकते हैं। कर्मचारियों और शिक्षकों के हितों का भी रखा जाएगा ध्याननई व्यवस्था केवल छात्रों तक सीमित नहीं होगी। कोचिंग संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाएगा। उनकी कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने, सुविधाएं उपलब्ध कराने और आवश्यक मानकों को निर्धारित करने पर भी समिति काम करेगी। शिकायत निवारण तंत्र होगा मजबूतसरकार कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों और वहां कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करेगी। इस व्यवस्था के माध्यम से कोई भी छात्र या कर्मचारी अपनी समस्या को आसानी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा सकेगा। शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा। नियमित निरीक्षण और निगरानी होगीदिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल नियम बनाना ही पर्याप्त नहीं होगा। इन नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था भी बनाई जाएगी। जो संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। देश का अग्रणी राज्य बनने की तैयारीआशीष सूद ने कहा कि दिल्ली देश का पहला अग्रणी राज्य बनने जा रहा है, जो कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश लागू करेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में देशभर से लाखों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आते हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूपदिल्ली सरकार की यह पहल राजधानी की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। यदि प्रस्तावित नियामक ढांचा प्रभावी रूप से लागू होता है तो इससे छात्रों की सुरक्षा बढ़ेगी, शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल छात्रों और अभिभावकों का विश्वास मजबूत करेगा बल्कि दिल्ली को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान भी दिलाएगा। यह संस्करण समाचार-पत्र शैली में, आसान हिंदी में और नामों के साथ विस्तार से तैयार किया गया है।

कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जताया आभार, ‘भारत भाग्य विधाता’ फिल्म दिल्ली में हुई टैक्स फ्री

12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी देशभक्ति और सेवा की भावना से जुड़ी फिल्म नई दिल्ली। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की रिलीज से पहले इसकी टीम पूरे देश में एक विशेष अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत उन लोगों को सम्मानित किया जा रहा है जो बिना किसी प्रसिद्धि और पहचान की इच्छा के समाज और देश की सेवा में लगातार लगे हुए हैं। फिल्म की टीम का मानना है कि देश केवल बड़े नेताओं, अधिकारियों या मशहूर लोगों से नहीं बनता, बल्कि उन लाखों सामान्य लोगों से भी बनता है जो हर दिन अपना कर्तव्य निभाकर समाज को बेहतर बनाने का काम करते हैं। इन्हीं लोगों को सम्मान देने के उद्देश्य से देश के अलग-अलग शहरों में विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है। भुवनेश्वर और रायपुर के बाद दिल्ली पहुंचा अभियानफिल्म की टीम इससे पहले भुवनेश्वर और रायपुर में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित कर चुकी है। वहां भी कई ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्होंने समाज और देश के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।इसके बाद यह अभियान देश की राजधानी दिल्ली पहुंचा, जहां फिल्म की एक भव्य और विशेष स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में फिल्म से जुड़े कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सरकारी अधिकारियों और कई गणमान्य लोगों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की बड़ी घोषणाफिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिल्म को ध्यान से देखा। फिल्म देखने के बाद उन्होंने कहा कि यह केवल एक मनोरंजन फिल्म नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक फिल्म है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ‘भारत भाग्य विधाता’ को दिल्ली में टैक्स फ्री किया जाएगा। उनके इस फैसले का कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए जो देशभक्ति, सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देती हैं। टैक्स फ्री होने से ज्यादा लोग फिल्म देख सकेंगे और इसके संदेश को समझ पाएंगे। कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री का किया धन्यवादइस अवसर पर कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेहद व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद फिल्म की स्क्रीनिंग में शामिल होकर उनका उत्साह बढ़ाया है। कंगना ने कहा कि दिल्ली में पिछले कुछ समय में विकास और प्रशासन के क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे जनता के मुद्दों को गंभीरता से सुनती हैं और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करती हैं। कंगना ने कहा, “मैं अपनी पूरी फिल्म टीम की ओर से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दिल से धन्यवाद करती हूं। जब मैंने उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया तो उन्होंने तुरंत सहमति दे दी। यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है।” रेखा गुप्ता ने कंगना रनौत की प्रशंसा कीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कंगना रनौत के काम और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कंगना केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं हैं, बल्कि संसद में भी लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंगना ने अपने फिल्मी करियर में कई अलग-अलग विषयों पर काम किया है और उनकी नई फिल्म भी समाज को प्रेरित करने वाली है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का अर्थ केवल सीमा पर देश की रक्षा करना नहीं है। जो लोग अपने रोजमर्रा के काम के माध्यम से समाज की सेवा करते हैं, वे भी सच्चे देशभक्त हैं। यह फिल्म इसी सोच को आगे बढ़ाती है। अनदेखे नायकों को दिया गया सम्मानकार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उन लोगों का सम्मान था जो समाज के लिए महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं लेकिन अक्सर चर्चा में नहीं आते। इनमें सफाई कर्मचारी, नर्स, वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड, पुलिसकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स शामिल थे। इन सभी लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी समाज की सेवा जारी रखी है। फिल्म की टीम ने कहा कि कोरोना महामारी से लेकर अन्य आपात परिस्थितियों तक इन लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाया है। इसलिए इन्हें सम्मान देना समाज का कर्तव्य है। दिल्ली के रियल लाइफ हीरोज बने कार्यक्रम का आकर्षणदिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में कई ऐसे लोगों को सम्मानित किया गया जिन्हें फिल्म की टीम ने ‘रियल लाइफ हीरो’ बताया। सम्मान पाने वालों में निशी पाठक, पुष्पा, सुमन, मेनका, नम्रता यादव, नीति शर्मा, बीके खुराना और शशि लाल शामिल थे। इन सभी को मंच पर बुलाकर ‘भारत भाग्य विधाता’ बैज प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना की। सम्मानित किए गए लोगों ने भी कहा कि यह सम्मान उनके लिए बहुत बड़ी प्रेरणा है और इससे उन्हें आगे भी समाज सेवा करने की शक्ति मिलेगी। कई केंद्रीय मंत्री भी रहे मौजूदइस कार्यक्रम में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और नेता भी शामिल हुए। इनमें अन्नपूर्णा देवी, गजेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. राज भूषण चौधरी, प्रताप राव जाधव, गिरिराज सिंह और आशीष सूद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने फिल्म के विषय और उसके संदेश की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि समाज के वास्तविक नायकों को सम्मानित करने की यह पहल सराहनीय है और इससे लोगों को सकारात्मक प्रेरणा मिलेगी। समाज को नया संदेश देती है फिल्मफिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का मुख्य संदेश यह है कि देश का निर्माण केवल सरकारों या बड़ी संस्थाओं द्वारा नहीं होता, बल्कि आम नागरिकों के योगदान से भी होता है। फिल्म यह दिखाने का प्रयास करती है कि हर व्यक्ति अपने काम और जिम्मेदारी के माध्यम से देश को मजबूत बनाने में योगदान दे सकता है। चाहे वह शिक्षक हो, डॉक्टर हो, सफाई कर्मचारी हो, किसान हो या फिर कोई अन्य नागरिक, हर व्यक्ति देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिल्म निर्माण से जुड़े प्रमुख नामफिल्म को डॉ. जयंतीलाल गड़ा के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया है। इसका निर्माण पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स और परमहंस क्रिएशंस द्वारा संयुक्त रूप से

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से की मुलाकात, कहा- मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करना गैरकानूनी

सिंघवी ने कहा- नटराजन पर कोई ऐसा आपराधिक मामला नहीं था, जिसका खुलासा नामांकन पत्र में करना जरूरी हो ‘चुनाव आयोग को निर्वाचन अधिकारी के फैसले को पलटने या निरस्त करने का पूरा अधिकार’ नई दिल्ली, 10 जून मध्य प्रदेश में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के राज्यसभा नामांकन को निर्वाचन अधिकारी द्वारा खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य आयुक्तों से मुलाकात कर इस निर्णय को पूरी तरह गैर-कानूनी व लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ बताया और तथ्यों पर आधारित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, दीपा दासमुंशी, स्वयं मीनाक्षी नटराजन, विवेक तन्खा, मोहम्मद अली खान और उमर होदा शामिल थे। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस के कानून, आरटीआई और मानवाधिकार विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने निर्वाचन अधिकारी के फैसले पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह विकृत और कानूनी रूप से गलत है, जिसका किसी भी आधार पर समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया है, उसका कानून में कोई अस्तित्व ही नहीं है। उनके खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं था, जिसका खुलासा कानूनन नामांकन पत्र में करना आवश्यक होता। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि कोर्ट से मीनाक्षी नटराजन को केवल एक नोटिस आया था, जिसमें उनसे यह पूछा गया था कि अदालत इस मामले का संज्ञान ले या नहीं। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना एक बेहद प्राथमिक चरण होता है, जिससे यह तय होता है कि मामला आगे चलेगा या नहीं। जब तक अदालत संज्ञान नहीं लेती, तब तक कोई भी आपराधिक मामला शुरू ही नहीं होता। उन्होंने बताया कि इस मामले में मजिस्ट्रेट ने अभी संज्ञान तक नहीं लिया है। नटराजन का पक्ष सुनने के बाद वह संज्ञान लेंगे। इसके बाद जांच होगी, चार्जशीट होगी और फिर जाकर आरोप तय होंगे। उन्होंने आगे कहा कि मजिस्ट्रेट ने संज्ञान तक नहीं लिया है, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने यह मान लिया कि नटराजन के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है। उन्होंने आगे बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33ए के अनुसार उम्मीदवार को केवल उन मामलों का खुलासा करना होता है, जिनमें अपराध सिद्ध होने पर दो साल या उससे अधिक की सजा का प्रावधान हो और जिनमें आरोप तय किए जा चुके हों। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे नामांकन खारिज करना लोकतंत्र और चुनाव में समान अवसर के सिद्धांत के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के मूल ढांचे की भावना को भी आघात पहुंचाता है। कांग्रेस नेता ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को याद दिलाया कि उसके पास निर्वाचन अधिकारी के फैसले को पलटने या उसे निरस्त करने का पूरा अधिकार क्षेत्र है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के ऐसे मामलों में हस्तक्षेप कर चुका है, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि इस मामले में चुनाव आयोग असहाय या अधिकारविहीन है।

लोकतंत्र में वोट के अधिकार को सुरक्षित बनाने के लिए कांग्रेस के बीएलए-2 सरकार और भाजपा की साजिश एसआईआर प्रक्रिया में जागरूकता से काम करके वोट चोरी पर रोक लगाएगा- देवेन्द्र यादव

नई दिल्ली, 9 जून, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में आज चाॅदनी चैक जिला कांग्रेस कमेटी का बीएलए-2 एसआईआर प्रशिक्षण शिविर का आयोजन आवाम ए मिर्जा गालिब ऑडिटोरियम में किया गया, जिसका आयोजन जिला अध्यक्ष श्री मोहम्मद उस्मान ने किया। श्री देवेन्द्र यादव ने परंपरागत रुप से प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत दीप प्रज्वलित करने के साथ की। प्रशिक्षण शिविरों में प्रशिक्षण बूथ मेनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन श्री राजेश गर्ग की टीम के द्वारा किया गया। प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के अलावा श्रीमती अलका लांबा, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ नरेंद्र नाथ, संगठन महासचिव श्री अनिल भारद्वाज, श्री कुँवर करण सिंह पूर्व विधायक, श्री सी पी मित्तल उपाध्यक्ष, श्रीमती प्रेरणा सिंह पूर्व एम.सी., महासचिव श्री भूपेश यादव श्री मुदित अग्रवाल पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा सिंह, महासचिव श्री गौरी शंकर शर्मा, श्रीमती कमलेश चैधरी डीसीसी अध्यक्ष महिला कांग्रेस, श्री महमूद जिया पूर्व विधानसभा उम्मीदवार, श्री जावेद मिर्जा पूर्व डीसीसी अध्यक्ष, श्री तरूण कुमार पूर्व एआईसीसी सचिव, श्री राहुल शर्मा अध्यक्ष सोशल मीडिया, श्री राजेश गर्ग दोनों समितियों के अध्यक्ष भी मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि लोकतंत्र में वोट के अधिकार को सुरक्षित बनाने के लिए सभी बीएलए-2 को सरकार की एसआईआर प्रक्रिया को गंभीरता पूर्वक लेकर काम करना होगा, तभी हम भाजपा की वोट चोरी को नाकाम करने में कामयाब हो सकते है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित मतदाता की पहचान सभी को होने के बाद भाजपा आसानी से उनके वोट काटने में कामयाब हो जाती है और जब तक हम कार्यवाही करते है बहुत देर हो जाती है। जिसका उदाहरण निगम चुनावों में प्रदेश अध्यक्ष रहे चै0 अनिल कुमार और कुंवर करण सिंह का वोट काटना हम सबके सामने है। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा की वोट चोरी पर नकेल कसना बहुत मुश्किल काम है, क्योंकि चुनाव आयोग साजिश के तहत भाजपा को फायदा पहुॅचाने के लिए काम करता रहा है। लेकिन हमारे बीएलए-2 को मुश्किल काम को जागरूकता के साथ करके वैध मतदाताओं के वोट काटने से बचाने है और अगर किसी का वोट कटता है तो तुरंत चुनाव अधिकारी, बीएलओ, एईआरओ से सम्पर्क साधकर उनका वोट पुनः बनवाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका बीएलओ-2 निभा सकते है। उन्होंने कहा कि आने वाले वक्त में हर बूथ पर कांग्रेस का सिपाही बीएलओ-2, कार्यकर्ता के रुप में संगठन को नई मजबूती देने के लिए काम

भाजपा महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है, अब महिलाएं जागरूक हो चुकी हैं – सुनील सिंह

लखनऊ, लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के समय महिलाओं के नाम पर बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद महिलाओं को उनके वास्तविक अधिकार देने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाती। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर राजनीति करना और उन्हें बराबरी का अधिकार न देना, यह दोहरी राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। महिलाओं की आड़ में राजनीति कर रही है भाजपासुनील सिंह ने कहा कि भाजपा महिलाओं के नाम पर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है। महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात तो की जाती है, लेकिन जब उन्हें निर्णय लेने वाली जगहों पर उचित भागीदारी देने की बात आती है तो सरकार पीछे हट जाती है। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब पहले जैसी नहीं रहीं। वे अपने अधिकारों को समझती हैं और सही समय आने पर ऐसी राजनीति का जवाब भी देंगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सिर्फ भाषणों और नारों से सम्मान नहीं मिलेगा। सम्मान तब मिलेगा जब उन्हें समाज और राजनीति में बराबर का स्थान दिया जाएगा। 33 प्रतिशत नहीं, 50 प्रतिशत आरक्षण की जरूरतलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की लगभग आधी आबादी महिलाएं हैं, इसलिए उन्हें भी राजनीतिक और प्रशासनिक संस्थाओं में कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं देश की आबादी का आधा हिस्सा हैं, तो उन्हें फैसले लेने वाली संस्थाओं में भी आधी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। केवल सीमित आरक्षण देकर महिलाओं के अधिकारों की बात करना उचित नहीं है। कानून बनाना ही काफी नहींसुनील सिंह ने कहा कि केवल कानून बनाकर राजनीतिक लाभ लेना आसान है, लेकिन असली चुनौती उस कानून को जमीन पर लागू करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को अधिकार देने की बात तो होती है, लेकिन व्यवहार में उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिए जाते। उन्होंने कहा कि महिलाओं को चुनाव लड़ने के अवसर, संगठन में जिम्मेदार पद और प्रशासनिक संस्थाओं में मजबूत भूमिका मिलनी चाहिए। जब तक ऐसा नहीं होगा, तब तक महिला सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। पुरुष नेताओं की सोच बदलने की जरूरतसुनील सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण का मुद्दा वर्षों से चर्चा में है, लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण कुछ पुरुष नेताओं की सोच है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता अपनी राजनीतिक सीटें और प्रभाव छोड़ना नहीं चाहते, इसलिए महिलाओं को आगे बढ़ाने में बाधाएं पैदा की जाती हैं। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल वास्तव में महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी सोच बदलनी होगी और महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने होंगे। राजनीति और प्रशासन में महिलाओं की बराबर भागीदारी जरूरीलोकदल अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं का सम्मान केवल शब्दों से नहीं बल्कि भागीदारी से तय होता है। राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, न्याय व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं में महिलाओं की मजबूत मौजूदगी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगी, तभी समाज में वास्तविक बदलाव दिखाई देगा। महिलाओं को केवल वोटर या समर्थक के रूप में नहीं बल्कि नीति निर्धारक के रूप में भी देखा जाना चाहिए। महिलाओं से एकजुट होने की अपीलसुनील सिंह ने देश की महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हों और दिखावटी राजनीति को पहचानें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की एकता ही उन्हें उनका हक दिला सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, सम्मान और बराबरी की हिस्सेदारी के लिए संगठित होकर आवाज उठानी चाहिए। जब महिलाएं एकजुट होकर अपने अधिकारों की मांग करेंगी, तब कोई भी राजनीतिक दल उनकी अनदेखी नहीं कर पाएगा। महिलाओं को बराबरी का हक मिलना चाहिएअपने वक्तव्य के अंत में सुनील सिंह ने कहा कि देश के विकास और लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिलाओं की बराबर भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल आरक्षण का लाभार्थी नहीं बल्कि देश के निर्माण में बराबर का साझेदार माना जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होंगी तथा समान भागीदारी की लड़ाई को और मजबूत बनाएंगी।

विकसित भारत 2047 के लिए जागरूक समाज और मजबूत विधानसभाएं जरूरी – विजेंद्र गुप्ता

चंडीगढ़ में होने वाले सीपीए सम्मेलन में शामिल होंगे दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता 8 और 9 जून को चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र जोन-2 उत्तर क्षेत्र सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में उत्तर भारत के कई राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और भविष्य की चुनौतियों को साकार करने में जागरूक समाज और विधायकों की भूमिका” रखा गया है। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों और समाज की भूमिका को लेकर गंभीर चर्चा की जाएगी। भारत को विकसित राष्ट्र बनाने पर होगी चर्चाइस सम्मेलन का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत के भविष्य को लेकर विचार-विमर्श करना है। वर्ष 2047 में देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा। केंद्र और राज्य सरकारें इस समय विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही हैं। सम्मेलन में यह चर्चा होगी कि देश के विकास में विधानसभाओं, विधायकों और आम लोगों की क्या भूमिका हो सकती है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि भविष्य में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए ताकि विकास की गति बनी रहे।विजेंद्र गुप्ता इस विषय पर अपने विचार रखते हुए बताएंगे कि जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच मजबूत संबंध देश को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं। विधायकों की जिम्मेदारी पर रहेगा विशेष फोकसकिसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में विधायक और जनप्रतिनिधि जनता और सरकार के बीच एक मजबूत कड़ी का काम करते हैं। जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। सम्मेलन में इस बात पर चर्चा होगी कि बदलते समय के साथ विधायकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। अब केवल कानून बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनता की जरूरतों को समझना और उन्हें नीतियों में शामिल करना भी जरूरी है। विजेंद्र गुप्ता इस बात पर जोर देंगे कि यदि विधायक पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करें तो विकास की योजनाएं तेजी से जमीन पर उतर सकती हैं। जागरूक समाज से मजबूत होगा लोकतंत्रसम्मेलन में यह भी बताया जाएगा कि केवल सरकार या विधायक ही देश का विकास नहीं कर सकते। इसके लिए समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होते हैं तो लोकतंत्र और मजबूत बनता है। जागरूक नागरिक सरकार की योजनाओं का लाभ भी बेहतर तरीके से उठा सकते हैं और समाज के विकास में योगदान भी दे सकते हैं। विजेंद्र गुप्ता का मानना है कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब देश का हर नागरिक विकास की इस यात्रा में अपनी भूमिका निभाएगा। लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने की जरूरतआज के समय में लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। विधानसभाएं लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और यहां लिए गए फैसलों का सीधा असर जनता के जीवन पर पड़ता है। सम्मेलन में संसदीय कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने, नई तकनीकों का उपयोग बढ़ाने और विधायी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी चर्चा होगी। विजेंद्र गुप्ता का मानना है कि मजबूत विधानसभाएं और पारदर्शी व्यवस्था लोकतंत्र को नई ताकत देती हैं और जनता का भरोसा बढ़ाती हैं। भविष्य की चुनौतियों पर होगा मंथनदेश तेजी से बदल रहा है और इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण, तकनीक और शहरी विकास जैसे कई मुद्दों पर लगातार काम करने की जरूरत है। सम्मेलन में इन विषयों पर विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा होगी। यह समझने की कोशिश की जाएगी कि आने वाले वर्षों में कौन-कौन सी चुनौतियां सामने आ सकती हैं और उनसे निपटने के लिए अभी से क्या तैयारी की जानी चाहिए। विजेंद्र गुप्ता का कहना है कि समय रहते सही योजना और सही नीतियां बनाकर भविष्य की चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। राज्यों के बीच अनुभव साझा करने का मिलेगा अवसरइस सम्मेलन की एक खास बात यह भी है कि इसमें कई राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी राज्य अपने-अपने अनुभव साझा करेंगे और एक-दूसरे से सीखेंगे। किसी राज्य में लागू हुई सफल योजना दूसरे राज्य के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। इसी सोच के साथ सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी और बेहतर सुझाव सामने आएंगे। विजेंद्र गुप्ता भी दिल्ली विधानसभा के अनुभव साझा करेंगे और अन्य राज्यों के सफल प्रयासों के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोरसम्मेलन में जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को मजबूत बनाने पर भी विशेष चर्चा होगी। लोकतंत्र की सफलता इसी बात पर निर्भर करती है कि जनता की आवाज कितनी प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंच रही है। विजेंद्र गुप्ता का मानना है कि जब जनता की समस्याओं को ध्यान से सुना जाएगा और उनके समाधान के लिए काम किया जाएगा, तभी लोकतंत्र का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदमयह सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। यहां होने वाली चर्चाएं और सुझाव आने वाले समय में नीतियों और योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का लक्ष्य है। इसे हासिल करने के लिए जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जागरूक समाज, मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भारत वर्ष 2047 तक दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में अपनी एक अलग पहचान बनाने में सफल होगा। यह सम्मेलन उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम साबित होगा।