
नई दिल्ली, 14 जून 2026।
दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने महान स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक, पत्रकार और संविधान सभा के सदस्य लाला देशबंधु गुप्ता की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर अजमेरी गेट स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। महापौर प्रवेश वाही ने दिल्ली के नागरिकों की ओर से लाला देशबंधु गुप्ता को नमन करते हुए कहा कि देश और समाज के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता उन महान नेताओं में से थे जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और स्वतंत्र भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रवेश वाही ने कहा- देशबंधु गुप्ता का जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता का जीवन त्याग, संघर्ष और देशसेवा का उदाहरण है। उन्होंने अपना पूरा जीवन देश और समाज के हित में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिस समय देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था, उस समय देशबंधु गुप्ता जैसे नेताओं ने लोगों में आजादी की भावना जगाने का काम किया। उनके प्रयासों से हजारों लोग स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े और देश की आजादी के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित हुए।
स्वतंत्रता संग्राम में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई और देश को स्वतंत्र कराने के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों को एकजुट करने का काम किया और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश की आजादी के लिए उनका संघर्ष हमेशा इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
संविधान सभा के सदस्य के रूप में भी दिया महत्वपूर्ण योगदान
प्रवेश वाही ने बताया कि लाला देशबंधु गुप्ता भारतीय संविधान सभा के सदस्य भी थे। देश के संविधान के निर्माण के समय उन्होंने महत्वपूर्ण विचार और सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि देशबंधु गुप्ता का मानना था कि संविधान भारत के लोगों के लिए एक मजबूत और सुविचारित दस्तावेज है। वे लोकतंत्र, समानता और न्याय के पक्षधर थे। उन्होंने हमेशा ऐसे भारत की कल्पना की जिसमें हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान मिले।
हरियाणा राज्य के निर्माण में निभाई अग्रणी भूमिका
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता ने हरियाणा को अलग राज्य बनाने की मांग का भी मजबूती से समर्थन किया था। उन्होंने पंजाब से अलग हरियाणा राज्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी मेहनत और संघर्ष का ही परिणाम था कि हरियाणा राज्य के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों की भावनाओं और जरूरतों को समझते हुए उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की।
दिल्ली को विधानसभा का दर्जा दिलाने के समर्थक थे देशबंधु गुप्ता
अपने संबोधन में प्रवेश वाही ने बताया कि लाला देशबंधु गुप्ता दिल्ली को विधानसभा का दर्जा दिलाने के प्रबल समर्थक थे। वे चाहते थे कि दिल्ली के लोगों को लोकतांत्रिक अधिकार मिलें और उन्हें अपनी सरकार चुनने का अवसर प्राप्त हो। उन्होंने दिल्ली के अधिकारों और विकास के लिए लगातार संघर्ष किया। उनका सपना था कि दिल्ली को मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था मिले और यहां के लोगों की आवाज को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बन सकते थे लाला देशबंधु गुप्ता
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता के नेतृत्व और लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें दिल्ली का पहला मुख्यमंत्री बनाए जाने की तैयारी हो चुकी थी। उनकी योग्यता और अनुभव को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन दुर्भाग्यवश एक हवाई दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इस दुखद घटना ने देश और दिल्ली दोनों को गहरा आघात पहुंचाया। दिल्ली ने एक ऐसा नेता खो दिया जो हमेशा जनता के अधिकारों के लिए लड़ता रहा।
पत्रकारिता के माध्यम से जगाई आजादी की अलख
महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता एक प्रभावशाली पत्रकार भी थे। उन्होंने अपने उर्दू समाचार पत्र “द तेज” के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का काम किया। उस समय पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं थी बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत बनाने का भी एक महत्वपूर्ण हथियार थी। देशबंधु गुप्ता ने अपने लेखों और विचारों के माध्यम से लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा की और उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
अपने भाषणों से लोगों में भरते थे जोश
प्रवेश वाही ने कहा कि लाला देशबंधु गुप्ता एक बेहतरीन वक्ता भी थे। उनके भाषण लोगों को प्रेरित करने वाले होते थे। जब वे जनता के बीच बोलते थे तो लोगों में देश के लिए कुछ करने का उत्साह पैदा हो जाता था। उनकी वाणी में सादगी, स्पष्टता और देशप्रेम झलकता था। यही कारण था कि लोग उन्हें बहुत सम्मान और प्रेम देते थे।
कई गणमान्य लोगों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
इस अवसर पर क्षेत्रीय पार्षद किरण राकेश बाला, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी लाला देशबंधु गुप्ता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सभी वक्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि देश और समाज के लिए किए गए उनके कार्य हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
देशबंधु गुप्ता के आदर्श आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देशबंधु गुप्ता के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे। देशभक्ति, सामाजिक सुधार, लोकतंत्र और जनसेवा के उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही द्वारा लाला देशबंधु गुप्ता को दी गई श्रद्धांजलि केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि उनके महान योगदान को याद करने का अवसर भी थी। स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, समाज सुधारक, संविधान सभा के सदस्य और जनता के सच्चे हितैषी के रूप में लाला देशबंधु गुप्ता ने देश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। उनके संघर्ष, विचार और देशसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।