
बारिश आने वाली है, लेकिन दिल्ली की तैयारी अधूरी
दिल्ली में मानसून के आगमन से पहले आम आदमी पार्टी ने नालों की सफाई को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया है कि मानसून आने में अब बहुत कम समय बचा है, लेकिन राजधानी के अधिकांश इलाकों में नालों की सफाई का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो दिल्लीवासियों को एक बार फिर जलभराव, ट्रैफिक जाम और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। अंकुश नारंग ने कहा कि हर साल बारिश से पहले सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही दिखाई देती है। इस बार भी हालात ऐसे हैं कि दिल्ली के कई इलाकों में नाले कचरे और गाद से भरे हुए हैं। ऐसे में अगर तेज बारिश हुई तो पानी की निकासी रुक जाएगी और सड़कें तालाब में बदल जाएंगी।
ईस्ट, वेस्ट और सेंट्रल दिल्ली में सफाई कार्य बेहद धीमा
अंकुश नारंग ने कहा कि पूर्वी दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में पीडब्ल्यूडी और एमसीडी के नालों की सफाई या तो शुरू ही नहीं हुई है या फिर बहुत धीमी गति से चल रही है। कई स्थानों पर केवल पहले चरण का काम पूरा हुआ है, जबकि दूसरा चरण अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि जब जून का महीना शुरू हो चुका है और मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है, तब भी सफाई कार्य अधूरा रहना सरकार की लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
शाहदरा और नजफगढ़ जैसे बड़े नाले भी नहीं हुए साफ
अंकुश नारंग ने कहा कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े नालों में शामिल शाहदरा और नजफगढ़ नालों की सफाई भी पूरी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि ये दोनों नाले दिल्ली में बारिश के पानी की निकासी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यदि इन बड़े नालों में जमा गाद और कचरा समय पर नहीं हटाया गया तो बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाएगा। इसका असर आसपास के इलाकों पर पड़ेगा और हजारों लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
जनता ने भाजपा को जिम्मेदारी दी, लेकिन काम नजर नहीं आ रहा
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए उसे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। भाजपा के पास सातों लोकसभा सीटें हैं, दिल्ली नगर निगम में सत्ता है और विधानसभा में भी मजबूत उपस्थिति है। ऐसे में जनता को उम्मीद थी कि राजधानी की मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता ने विकास और बेहतर व्यवस्था के लिए वोट दिया था, लेकिन आज भी बारिश से पहले नालों की सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्था पूरी नहीं हो पाई है। यह स्थिति भाजपा सरकार के दावों पर सवाल खड़े करती है।
बारिश में फिर सड़कों पर बह सकता है सीवर का गंदा पानी
अंकुश नारंग ने कहा कि यदि समय पर सफाई नहीं हुई तो दिल्ली की कई सड़कें और कॉलोनियां जलमग्न हो सकती हैं। बारिश के दौरान अक्सर नालों का पानी और सीवर का गंदा पानी सड़कों पर आ जाता है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि जलभराव केवल आवागमन की समस्या नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनता है। गंदे पानी से बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है और लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित होता है।
“चार इंजन की सरकार” पर साधा निशाना
अंकुश नारंग ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अक्सर अपनी सरकार को “चार इंजन की सरकार” बताती है, लेकिन जमीनी स्तर पर ये चारों इंजन फेल दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, महापौर और अन्य जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग दिल्ली को जलभराव से बचाने में असफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी है, जिसके कारण जरूरी काम समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। इसका सीधा असर दिल्ली की जनता पर पड़ रहा है।
“यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज” से बाहर निकलने की सलाह
अंकुश नारंग ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें “यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ मिंटो ब्रिज” से बाहर निकलकर पूरी दिल्ली का दौरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कुछ चुनिंदा इलाकों का निरीक्षण करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों के अधिकारी खुद विभिन्न इलाकों में जाकर नालों की वास्तविक स्थिति देखें और सफाई कार्य को तेजी से पूरा कराने के निर्देश दें।
दिल्लीवासियों को फिर सता रहा जलभराव का डर
मानसून से पहले नालों की अधूरी सफाई को लेकर दिल्ली के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हर साल बारिश के दौरान राजधानी के कई हिस्सों में सड़कें पानी में डूब जाती हैं, वाहन फंस जाते हैं और लोगों को घंटों जाम में परेशान होना पड़ता है। अंकुश नारंग ने कहा कि यदि भाजपा सरकार ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए तो इस बार भी दिल्लीवासियों को वही समस्याएं झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर पूरी की जाए ताकि राजधानी को जलभराव और गंदगी की समस्या से बचाया जा सके।
जनता जवाब चाहती है
अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली की जनता अब केवल दावे नहीं बल्कि परिणाम देखना चाहती है। मानसून शुरू होने से पहले सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि नालों की सफाई पूरी हो, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त हो और लोगों को बारिश के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और दिल्लीवासियों की आवाज बनकर सरकार से जवाब मांगती रहेगी।