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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ, एयर मार्शल भारती ने बताया भारत की निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया

आज भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ बना रहा है। इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की उस प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया, जब उसकी शांति की प्रतिबद्धता को कमजोरी और संयम को निष्क्रियता समझा जाता है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारत ने हमेशा ‘जियो और जीने दो’ के दर्शन का पालन किया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि जब भी इस भावना का उल्लंघन होता है, तो राष्ट्र निर्णायक और समझौताहीन कार्रवाई के साथ जवाब देता है। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करतेउन्होंने आगे बताया हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी कैंपों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इसका सबूत सबके सामने है। हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे ज़मीन पर हों या हवा में। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हमे कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। न तो कोई सैन्य ढांचा और न ही ज्यादातर नागरिक ढांचे… वे चाहे कुछ भी कहें, याद रखें कि किस्से-कहानियां और बयानबाजी आपको जीत नहीं दिलाते। जीत का पैमाना तो ठोस तथ्य होते हैं…” इसी प्रेस वार्ता में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने 100 से ज्यादा सैनिक खो दिए। उन नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा, उनकी सम्मान और पुरस्कारों की सूची, जो इंटरनेट पर जारी हुई थी, उससे हमें पता चला कि उनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर हुई झड़पों में उन्हें जो नुकसान उठाना पड़ा, उसमें उन्होंने 100 से ज़्यादा सैनिक खो दिए। आखिरकार, अगर पाकिस्तानी अपनी युद्ध लड़ने की क्षमता में उतना ही निवेश करते, जितना वे अपनी कहानी गढ़ने में करते हैं, तो मुझे लगता है कि वे कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते।

Jamalpur Chooses Change: Arun Halder Secures Landmark Victory Amid Challenges

The victory of Hon’ble MLA Shri Arun Halder from the Jamalpur Assembly Constituency is not just an election result — it is the victory of the people’s trust, courage, and desire for change. Jamalpur was considered one of the most challenging seats politically. Throughout the campaign, we faced immense pressure and multiple threats, but Shri Arun Halder never stepped back. He stood firmly with the people at every moment and continued campaigning with confidence, discipline, and dedication towards the constituency. Shri Arun Halder has previously served as the Vice Chairman and Chairman In-Charge of the National Commission for Scheduled Castes, a constitutional post carrying the status equivalent to a Union Minister. His administrative experience, public service background, and strong grassroots connection played a major role in gaining the confidence of the people of Jamalpur. This seat was once politically categorized as a Grade C constituency, but through Shri Arun Halder’s tireless hard work, strategic leadership, and direct public connection, it rose to a Grade A+ seat. This transformation itself reflects the overwhelming support and faith the people have placed in him. Today, the people of Jamalpur are celebrating because they believe they have finally received a strong and fearless leader who will work relentlessly for development, better infrastructure, employment opportunities, public safety, and strict zero tolerance towards crime and corruption. This victory belongs to every worker, supporter, and resident of Jamalpur who stood united with hope and determination for a better future. The victory of Arun Halder from the Jamalpur Assembly Constituency is not merely an election result—it stands as a powerful reflection of the people’s trust, courage, and collective desire for meaningful change. A Landmark Win in a Challenging ConstituencyJamalpur has long been regarded as one of the most politically challenging seats. Throughout the election campaign, there were reports of intense pressure and multiple threats. Despite these obstacles, Arun Halder remained steadfast. He continued to stand firmly with the people, campaigning tirelessly with confidence, discipline, and unwavering dedication to the constituency. Strong Administrative Background A key factor behind this victory is his extensive administrative experience. Arun Halder has previously served as the Vice Chairman and Chairman In-Charge of the National Commission for Scheduled Castes—a constitutional position carrying a status equivalent to that of a Union Minister. His deep understanding of governance, combined with his grassroots connect, helped him earn the confidence and support of the people of Jamalpur. From Grade C to Grade A+ ConstituencyOnce categorized as a Grade C seat politically, Jamalpur has undergone a remarkable transformation. Through his tireless efforts, strategic leadership, and direct engagement with the public, Arun Halder elevated the constituency’s political standing to Grade A+. This shift itself reflects the overwhelming support and faith voters have placed in his leadership. A Vision for Development and Strong Governance The people of Jamalpur are celebrating this victory with great enthusiasm, believing they now have a strong and fearless leader. Expectations are high for accelerated development, improved infrastructure, better employment opportunities, enhanced public safety, and a strict zero-tolerance approach toward crime and corruption. A Collective Victory of the PeopleThis victory belongs not just to a candidate, but to every worker, supporter, and resident of Jamalpur who stood united with hope and determination. It marks the beginning of a new chapter—one driven by accountability, progress, and a shared vision for a better future.

तमिलनाडु में सत्ता की जंग तेज विजय की TVK ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, बहुमत से अब भी दूर

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने राज्य में सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उसमें 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, राज्यपाल अभी तक टीवीके के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पार्टी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। सीपीएम जैसे दलों के साथ बातचीत शुरू कर दीतमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। इस चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस पार्टी ने टीवीके को अपना समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस के पास विधानसभा में 5 सीटें हैं। कांग्रेस के समर्थन के बाद विजय की पार्टी टीवीके के गठबंधन की संख्या 234 सदस्यीय विधानसभा में 113 तक पहुंच गई है। क्योंकि विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर ही जीत हासिल की थी। ऐसे में अब उनको एक सीट छोड़नी होगी। इसके बाद टीवीके का आंकड़ा 112 विधायकों का ही रह जाता है। अब 118 के बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए पार्टी को कम से कम छह और विधायकों की आवश्यकता होगी। इसे लेकर विजय ने वीसीके, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।

ममता बनर्जी का बड़ा आरोप, चुनाव में हमारे साथ धोखा हुआ

पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े कर दिए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि इस चुनाव में न सिर्फ प्रशासनिक स्तर पर गड़बड़ियां हुईं, बल्कि काउंटिंग के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। टीएमसी ने चुनाव परिणामों की समीक्षा के लिए 10 सदस्यीय टीम बनाई है। पार्टी हार के कारणों और कथित अनियमितताओं की जांच करेगी। जब मीडिया ने उनसे लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के बारे में सवाल किया तो ममता भड़क गईं। उन्होंने कहा, ”मैं क्यों जाऊंगी? हम तो हारे नहीं हैं, जो जाएंगे। अगर मैं जीत गई होती तो शपथ से पहले इस्तीफा देने जाती। लोकभवन जाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। चोरी करके जीतने से उन्हें अगर लगता है कि मुझे इस्तीफा देना होगा तो ऐसा नहीं होगा।” उन्होंने कहा, मैं स्पष्ट कहती हूं कि हम हारे नहीं हैं। उन्होंने जबरन हमें हराया है। चुनाव आयोग के साथ मिलकर वो जीते हैं, लेकिन नैतिक तौर पर मेरी जीत हुई है। गृह मंत्री भी शामिलममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया ‘आयोग इस चुनाव में लोगों के संवैधानिक अधिकारों को लूटने और ईवीएम को लूटने के वाला खलनायक बन गया। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद ईवीएम में 80-90% चार्ज है? यह कैसे हो सकता है? उन्होंने आरोप लगाया ‘चुनाव से दो दिन पहले, उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।’ ‘उन्होंने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और भाजपा ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक बेटिंग है। हमने पूरी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी।’ इसमें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और सीधा दखल दे रहे हैं। ‘

Kerala में BJP की ऐतिहासिक एंट्री, 2 सीटों पर जीत से बढ़ी ताकत

केरल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि भाजपा अब राज्य में केवल एक ‘वोट-कटवा’ पार्टी नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति बन चुकी है। केरल भाजपा अध्यक्ष ने दावा कि पार्टी उम्मीदवारों को दो महत्वपूर्ण सीट नेमोम और चथन्नूर में जीत मिली है। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि राज्य में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए के अब दो विधायक होंगे। उन्होंने नेमोम और चथन्नूर निर्वाचन क्षेत्रों में मिली बढ़त को कांग्रेस और माकपा (CPI-M) के उन दावों का करारा जवाब बताया है, जिसमें कहा गया था कि भाजपा का खाता भी नहीं खुलेगा। पार्टी मुख्यालय में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, ‘आज नेमोम और चथन्नूर की जनता ने कांग्रेस और माकपा को स्पष्ट जवाब दे दिया है। अब विधानसभा में भाजपा-एनडीए के दो विधायक होंगे।’ चंद्रशेखर ने शुरू से ही इस चुनाव को ‘माकपा विरोधी चुनाव’ करार दिया था। उन्होंने कहा कि लोग भ्रष्टाचार और सबरीमाला से जुड़े कथित मुद्दों से तंग आ चुके थे, जिसका असर नतीजों में दिख रहा है। लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दियाचुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, कोल्लम जिले की चथन्नूर सीट से भाजपा उम्मीदवार बीबी गोपकुमार ने 4, 398 वोटों से जीत दर्ज की है। वहीं, राजधानी की हाई-प्रोफाइल नेमोम सीट पर खुद राजीव चंद्रशेखर 18 में से 14 राउंड पूरे होने के बाद 4,100 से ज्यादा वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। इन दोनों सीटों पर भाजपा की जीत अब महज औपचारिक घोषणा की बात रह गई है। चंद्रशेखर ने केवल केरल ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित देश के अन्य हिस्सों में हुए चुनावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने प्रचार के दौरान बार-बार कहा था कि भाजपा को एक भी सीट नहीं मिलेगी, लेकिन जनता ने उनके घमंड को तोड़ दिया है।

भाजपा में ही रहेंगे बृजभूषण शरण सिंह, सपा में जाने की अटकलों पर लगाया विराम

पूर्व सांसद और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह फिलहाल भारतीय जनता पार्टी में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका एक बेटा सांसद है और दूसरा विधायक, जबकि उनकी पत्नी भी सांसद रह चुकी हैं। स्वयं छह बार सांसद रहे बृजभूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि “कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना।”यह बयान उन्होंने मुजफ्फरनगर के नसीरपुर गांव में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के पिता की शोक सभा में शामिल होने के दौरान दिया। इस दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने अपनी बात रखी। इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणीजब उनसे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में पूछा गया, तो बृजभूषण सिंह ने कोई भी भविष्यवाणी करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते। यह बयान उनके भविष्य की योजनाओं को लेकर और भी अधिक रहस्य पैदा करता है। पहलवान विनेश फोगाट द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर भी बृजभूषण सिंह ने जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर फिलहाल कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा, अभिषेक बनर्जी पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से ठीक दो दिन पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दावा किया है। शनिवार को ममता बनर्जी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्टी के काउंटिंग एजेंटों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से तृणमूल कांग्रेस 200 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने जा रही है। ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मतगणना केंद्र पर तैनात होने वाले काउंटिंग एजेंटों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतगणना के दिन सभी एजेंट केंद्रों पर नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज कराएं। साथ ही, वे मतगणना की पल-पल की जानकारी पार्टी नेतृत्व को देते रहें। ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक मतगणना की पूरी प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती, तब तक कोई भी एजेंट केंद्र छोड़कर बाहर न आए। आत्मविश्वास पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहामुख्यमंत्री ने हालिया एग्जिट पोल्स को पूरी तरह से नकार दिया। कई एग्जिट पोल्स में भाजपा को बढ़त दिखाई गई है। इस पर ममता ने कहा कि ये सब शेयर बाजार को प्रभावित करने की साजिश है। उन्होंने इसे 2021 और 2024 के चुनाव जैसा ही प्रोपेगेंडा बताया। सीएम दीदी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने चुनाव के दौरान कार्यकर्ताओं पर बर्बरता की है। उन्होंने वादा किया कि संकट के समय पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ताओं को भविष्य में पुरस्कृत किया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस ने इस चुनाव में 291 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। बाकी की तीन सीटों पर चुनाव सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा ने लड़ी हैं। बनर्जी को भरोसा है कि उनका यह गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगा। दक्षिण 24 परगना के मगराहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर जैसे क्षेत्रों में पुनर्मतदान के बीच ममता बनर्जी का यह आत्मविश्वास पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर रहा है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत तय, 15 जून 2026 से कमर्शियल फ्लाइट्स होंगी शुरू

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए जानकारी दी है कि यहां से 15 जून 2026 से व्यावसायिक विमान सेवाएं शुरू होंगी। पहली कमर्शियल फ्लाइट इंडिगो द्वारा संचालित की जाएगी। इसके तुरंत बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी अपनी सेवाएं शुरू करेंगे। यही वजह है कि एयरपोर्ट प्रबंधन जून के मध्य तक उड़ान शुरू होने की बात कह रहा है। यीडा व नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कॉमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकें। इसके लिए हर संभव प्रयास यापल और नायल के स्तर पर किया जा रहा है। एयरपोर्ट से उड़ान शुरू करने के लिए वर्तमान में करीब 70 फ्लाइट के प्रस्ताव पूर्व में मिल चुके हैं। इससे कमोबेश सभी प्रमुख शहरों के लिए उड़ान यहां से शुरू होनी हैं। इंडिगो के अलावा अकासा एयर, एयर इंडिया एक्सप्रेसवे के भी प्रस्ताव इन उड़ान के लिए हैं। जल्दी ही उड़ान यहां से शुरू हो सकेंगीं। लाख करोड़ रुपये की आय वाला केंद्र बनेगा28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन हो चुका है। यहां घरेलू और कार्गो टर्मिनल बनकर तैयार है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल का काम जारी है। प्रथम चरण में एयरपोर्ट को 1334 हेक्टेयर में पूरा किया गया है। इसमें 3900 मीटर लंबा पहला रनवे, यात्री टर्मिनल, एटीसी, कार्गो हब शामिल है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के साथ सरकार की आय का बड़ा स्रोत बनने जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) को प्रति यात्री लगभग 496 रुपये की आय होगी। अनुमान है कि अगले 30 वर्षों में इस एयरपोर्ट से कुल कमाई एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। एयरपोर्ट परियोजना के चलते आसपास के क्षेत्रों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यमुना सिटी क्षेत्र का तेजी से विकास हुआ है। केवल जमीन लेकर काम न करने वाली इकाइयों पर सख्ती के अप्रत्याशित सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह एयरपोर्ट वर्ष 2060-61 तक एक लाख करोड़ रुपये की आय वाला केंद्र बनेगा।

फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, पाकिस्तान अब हिंसा छोड़े, कश्मीर में शांति जरूरी!

नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में हिंसा का चक्र समाप्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बहुत हो गया और अब पाकिस्तान को हिंसा का रास्ता छोड़ देना चाहिए। पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग न मानना हिंसा को बढ़ावा देता है। फारूक अब्दुल्ला ने दिए एक साक्षात्कार में कहा कि दोनों देशों को शांति के तरीके खोजने चाहिए। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। उन्होंने इसे भाईचारे को फिर से जगाने के प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका बताया। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहींहमले के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। यह पाकिस्तान के लिए एक स्पष्ट संकेत था कि आतंकवाद अस्वीकार्य है। अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि पड़ोसी देश आतंकवाद का कभी समर्थन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग शांतिप्रिय हैं और शांति चाहते हैं। अब्दुल्ला के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा अब उग्रवाद नहीं, बल्कि ड्रग्स का बढ़ता प्रकोप है। उन्होंने इस व्यापार में कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता पर गहरा खेद व्यक्त किया। उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया ताकि कोई इसे जारी न रख सके। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर माता-पिता और नागरिक को एकजुट होना चाहिए। युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है।

दिल्ली में बिहार के युवक पर गोलीकांड इंसानियत को झकझोरने वाली घटना

सरिता साहनीनई दिल्लीदिल्ली में हाल ही में हुई एक बेहद दुखद घटना ने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। खबरों के अनुसार,उत्तम नगर में रहने वाले बिहार के एक युवक पांडव कुमार को केवल उसकी पहचान “बिहारी” पूछकर गोली मार दी गई। बताया जा रहा है कि यह गोली एक हेड कांस्टेबल नीरज बल्लारप द्वारा चलाई गई। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि आज भी समाज में क्षेत्रीय भेदभाव की सोच कहीं न कहीं मौजूद है। किसी व्यक्ति को उसकी पहचान के आधार पर नुकसान पहुंचाना पूरी तरह से गलत है और इससे समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बनता है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का आक्रोश और प्रतिक्रियाइस घटना को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने कड़ी नाराजगी जताई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के निर्देश पर और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शंकर मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले पर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रतिनिधिमंडल में रतन कुमार शर्मा भी उपस्थित रहे, पार्टी का मानना है कि यह केवल एक युवक पर हमला नहीं है, बल्कि यह पूरे बिहारी समाज का अपमान है। ऐसे व्यवहार से समाज में नफरत फैलती है और लोगों के बीच दूरी बढ़ती है, जो देश की एकता के लिए ठीक नहीं है। सरकार से न्याय की मांगलोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने इस मामले में दिल्ली सरकार से सख्त और तुरंत कार्रवाई की मांग की है। पार्टी चाहती है कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा कदम उठाने से पहले डरे। इसके साथ ही पार्टी ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की बात कही है। उनका कहना है कि परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे इस मुश्किल समय में खुद को संभाल सकें। साथ ही परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई है, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। क्षेत्रीय भेदभाव पर गंभीर सवालयह घटना एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि क्या आज भी लोगों को उनकी पहचान के आधार पर देखा जाता है? भारत एक ऐसा देश है जहां हर राज्य और हर व्यक्ति को बराबर का सम्मान मिलना चाहिए।बिहार से आने वाले लोग देश के हर हिस्से में मेहनत करते हैं और अपना योगदान देते हैं। ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार न केवल गलत है, बल्कि यह समाज की सोच को भी कमजोर करता है। आंदोलन की चेतावनी और आगे की राहलोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने साफ कहा है कि अगर इस मामले में जल्द न्याय नहीं मिला, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। पार्टी का कहना है कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और न्याय मिलने तक अपनी आवाज उठाती रहेगी। यह समय है कि सरकार और समाज दोनों मिलकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान के कारण डर या असुरक्षा महसूस न करे। समानता और इंसाफ की जरूरतयह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें एक बेहतर और सुरक्षित समाज बनाने के लिए क्या करना चाहिए। हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए, यही हमारे देश की असली ताकत है। अगर समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए, तो ही हम एक ऐसा समाज बना सकते हैं जहां सभी लोग बिना डर के और सम्मान के साथ जी सकें।