दिल्ली में एंटी डेंगू माह की शुरुआत, महापौर प्रवेश वाही ने धार्मिक स्थलों पर फॉगिंग के दिए निर्देश

रोहिणी सेक्टर-8 में महापौर प्रवेश वाही ने किया एंटी डेंगू जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन नई दिल्ली, 22 अगस्त 2026। दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगर निगम की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली के महापौर श्री प्रवेश वाही ने उत्तर पश्चिम क्षेत्र के रोहिणी सेक्टर-8 में आयोजित ‘एंटी डेंगू माह’ जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर महापौर प्रवेश वाही ने मच्छरजनित बीमारियों से बचाव और उनकी रोकथाम के उपायों से जुड़ी एक प्रदर्शनी का भी अनावरण किया। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों को बताया गया कि थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई रखकर मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है। मच्छरों को पनपने से रोकना सबसे जरूरीमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। उन्होंने कहा कि मच्छर उन जगहों पर आसानी से पैदा होते हैं जहां लंबे समय तक पानी जमा रहता है। प्रवेश वाही ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और घर के आसपास किसी भी तरह का पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि यदि लोग अपने स्तर पर थोड़ी सावधानी रखें और पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से साफ करते रहें तो मच्छरों की संख्या को काफी कम किया जा सकता है। घरों में इन जगहों पर विशेष ध्यान देने की जरूरतमहापौर प्रवेश वाही ने बताया कि एडीज मच्छर साफ जमा पानी में भी पनप सकते हैं। घरों में रखे कूलर, ड्रम, टिन के डिब्बे, फूलों के गमले, मनी प्लांट के बर्तन, ओवरहेड टैंक और पक्षियों के पानी के बर्तन जैसी जगहों पर पानी जमा होने से मच्छरों को पनपने का मौका मिल सकता है। उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे इन जगहों की नियमित रूप से जांच करें। कूलर और पानी रखने वाले दूसरे बर्तनों को समय-समय पर खाली करके साफ किया जाए। फूलों के गमलों और पौधों के आसपास भी पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। धार्मिक स्थलों पर भी होगी फॉगिंगमहापौर प्रवेश वाही ने जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर पश्चिम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धार्मिक स्थलों पर आने वाले एक सप्ताह के दौरान फॉगिंग अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को मंदिरों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों पर मच्छरों की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। महापौर ने कहा कि इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग आते हैं, इसलिए यहां साफ-सफाई और मच्छरों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। लोगों की जागरूकता से ही सफल होगा अभियानमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों को रोकने के लिए केवल नगर निगम की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए दिल्ली के लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर हर व्यक्ति अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देगा तो मच्छरों के प्रजनन को रोकने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खुद भी सावधानी बरतें और अपने आसपास रहने वाले लोगों को भी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करें। जागरूकता कार्यक्रम में अधिकारी और स्थानीय लोग रहे मौजूदरोहिणी सेक्टर-8 में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में स्थानीय पार्षद श्री नरेंद्र सोलंकी, उत्तर पश्चिम क्षेत्र के उपायुक्त श्री अंशुल सिरोही, उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कनिका, आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि, नगर निगम के कर्मचारी और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के बारे में लोगों को जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें अपने घर और आसपास सफाई रखने तथा पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक किया गया। महापौर ने जारी किए दो हेल्पलाइन नंबरमच्छरों से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए महापौर श्री प्रवेश वाही ने दो हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए। नागरिक मच्छरों की समस्या या मच्छरों की रोकथाम से जुड़ी शिकायत इन नंबरों पर दर्ज करा सकते हैं। महापौर ने कहा कि नागरिकों की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी क्षेत्र में मच्छरों की समस्या दिखाई देती है तो इसकी जानकारी संबंधित हेल्पलाइन पर जरूर दें। डेंगू और मलेरिया से बचाव में नागरिकों की भूमिका अहममहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए नगर निगम पूरी तरह से प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही नागरिकों की भागीदारी भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मच्छरों को खत्म करने से ज्यादा जरूरी है कि उन्हें पैदा होने से ही रोका जाए। इसके लिए घरों, दुकानों, कार्यालयों, पार्कों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देना होगा। मिलकर मच्छरजनित बीमारियों को रोकने का प्रयासएंटी डेंगू माह के तहत नगर निगम की ओर से जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मच्छरों की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। महापौर श्री प्रवेश वाही ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं और आने वाले दिनों में भी अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील करते हुए कहा कि साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और मच्छरों की रोकथाम में नगर निगम का सहयोग करें। नागरिकों और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है।
दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह तैयार, डेंगू-मलेरिया और H1N1 पर सरकार की कड़ी निगरानी

नई दिल्ली, 21 अगस्त 2026 राजधानी दिल्ली में मौसमी और संक्रामक बीमारियों को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तरह सतर्क है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में शुक्रवार को स्वास्थ्य समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दिल्ली में इन्फ्लूएंजा, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की स्थिति के साथ-साथ अस्पतालों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली सरकार की ओर से की गई तैयारियों की जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में बेड, डॉक्टर, दवाइयों और जरूरी मेडिकल उपकरणों की कोई कमी नहीं है। सरकार लगातार मरीजों की संख्या पर नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार अस्पतालों की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। H1N1 के 1777 मामले सामने आएबैठक में मौसमी इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर विशेष रूप से चर्चा हुई। दिल्ली में वर्ष 2026 में अब तक इन्फ्लूएंजा-A के कुल 2392 मामले सामने आए हैं। इनमें H1N1 के 1777 मामले शामिल हैं। इसके अलावा H1 के 37, H3 के 138 और अन्य प्रकार के 440 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग इन मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि बीमारी की पहचान समय पर हो और मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली के अस्पताल इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अस्पतालों में मरीजों के इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रोजाना की जा रही है मरीजों की निगरानीदिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम यानी IDSP के माध्यम से इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। IDSP-IHIP पोर्टल पर रिपोर्ट होने वाले ILI, SARI और इन्फ्लूएंजा के मामलों की रोजाना निगरानी की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को भी स्थिति की नियमित जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अधिकारियों, अस्पतालों और संबंधित अधिकारियों को मरीजों की जांच, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अस्पतालों को दिए गए जरूरी निर्देशअस्पतालों में मरीजों की स्थिति के अनुसार उनका इलाज करने, गंभीर मरीजों पर विशेष ध्यान देने और जरूरत पड़ने पर वेंटिलेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मास्क के इस्तेमाल, घर पर मरीजों की देखभाल और मरीजों के इलाज से जुड़ी तकनीकी गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और डॉक्टरों को बीमारी के लक्षणों तथा मरीजों के फॉलो-अप के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला अधिकारियों के लिए हाल ही में रिफ्रेशर ट्रेनिंग भी आयोजित की गई। इसके साथ ही MCD, NDMC, कैंटोनमेंट बोर्ड, शिक्षा विभाग, DDA और अन्य विभागों के साथ बैठक कर बीमारी की रोकथाम और लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। डेंगू के 246 और मलेरिया के 80 मामलेदिल्ली में डेंगू और मलेरिया की स्थिति पर भी सरकार की लगातार नजर है। अब तक राजधानी में डेंगू के 246 मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। इसी तरह मलेरिया के 80 मामले सामने आए हैं और मलेरिया से भी किसी की मौत नहीं हुई है। राजधानी में चिकनगुनिया के 19 मामले सामने आए हैं और इससे भी किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इन बीमारियों की रोकथाम के लिए लगातार निगरानी और मच्छरों की रोकथाम से जुड़े अभियान चलाए जा रहे हैं। 2.38 करोड़ से ज्यादा घरों का दौरावेक्टर कंट्रोल अभियान के तहत स्थानीय निकायों की ओर से बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2.38 करोड़ से अधिक घरों का दौरा किया गया है। इस दौरान करीब 3 लाख 20 हजार घरों में स्प्रे किया गया। अधिकारियों ने 91,217 ऐसे घरों की पहचान की, जहां मच्छर पाए गए। नियमों के उल्लंघन पर 74,591 नोटिस जारी किए गए हैं और 6,724 मामले दर्ज किए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य मच्छरों की संख्या को नियंत्रित करना और डेंगू तथा मलेरिया जैसी बीमारियों को फैलने से रोकना है। 35 अस्पतालों में विशेष निगरानीमौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों की निगरानी के लिए दिल्ली में 35 विशेष सेंटिनल सर्विलांस अस्पताल काम कर रहे हैं। इसके अलावा AIIMS और NCDC में दो एपेक्स रेफरल लैबोरेटरी तथा MAMC में एक मलेरिया रेफरेंस लैबोरेटरी काम कर रही है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने परिसर को मच्छरों से मुक्त रखें। साथ ही बीमारी की रिपोर्ट समय पर करें और जरूरत के अनुसार डायग्नोस्टिक किट, दवाइयां, फ्लूइड, ब्लड प्रोडक्ट्स और पर्याप्त बेड उपलब्ध रखें। मलेरिया की रोकथाम पर भी विशेष ध्यानदिल्ली सरकार MCD, NDMC, DCB और दूसरे संबंधित विभागों के साथ मिलकर मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए काम कर रही है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लोगों को मच्छरों से बचाव, बीमारी के लक्षणों और समय पर जांच कराने के बारे में जानकारी दी जा रही है। दिल्ली का मलेरिया Annual Parasite Index यानी API 1 से नीचे बना हुआ है। इसके चलते दिल्ली मलेरिया उन्मूलन के प्री-एलिमिनेशन चरण में है। वर्ष 2025-27 के मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ यानी जांच, मरीज की पहचान और सही इलाज की रणनीति पर काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- घबराने की जरूरत नहींस्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार मौसमी और संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य बीमारी की समय पर पहचान करना, मरीज को सही इलाज देना और अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध रखना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने राजधानी की स्वास्थ्य तैयारियों की पूरी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा के साथ साझा की है। केंद्र सरकार की ओर से भी दिल्ली को हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूतस्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है
दिल्ली की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर, स्थायी समिति की विशेष बैठक में पार्षदों ने उठाए कई अहम मुद्दे

स्वच्छता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी – सत्या शर्मा नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की विशेष बैठक में राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। स्थायी समिति के सदस्यों और पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था के दौरान सामने आ रही समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए। बैठक में स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने साफ कहा कि दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए। सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाबैठक के दौरान कई पार्षदों ने अपने वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण नियमित सफाई प्रभावित होती है। इसके अलावा सफाई कार्यों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों की कमी की समस्या भी सामने रखी गई। पार्षदों ने कहा कि यदि किसी वार्ड में सफाई कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता होगी, तो वहां सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा। ऑटो टिप्परों की कमी पर भी हुई चर्चाबैठक में कूड़ा संग्रहण के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑटो टिप्परों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि घरों और बाजारों से नियमित रूप से कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त संख्या में ऑटो टिप्परों का होना जरूरी है। स्थायी समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण की समस्या है, वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा करने की परेशानी न हो। ढलावघरों की नियमित सफाई पर जोरबैठक में शहर के ढलावघरों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पार्षदों ने बताया कि कई जगहों पर ढलावघरों के आसपास कूड़ा जमा होने से गंदगी की समस्या पैदा होती है। सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ढलावघरों की नियमित सफाई कराई जाए और वहां जमा कचरे को समय पर हटाया जाए। ढलावघरों के आसपास गंदगी दोबारा न फैले, इसके लिए लगातार निगरानी भी की जाए। खाली प्लॉटों में कूड़ा डालने पर रोक लगाने की जरूरतबैठक में खाली प्लॉटों में लगातार कूड़ा जमा होने की समस्या पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पार्षदों ने बताया कि कई जगह लोग खाली जमीनों का इस्तेमाल कूड़ा फेंकने के लिए करने लगते हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। समिति ने ऐसे स्थानों की पहचान करने और वहां दोबारा कूड़ा जमा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया। छोटी और संकरी गलियों की सफाई भी जरूरीपार्षदों ने छोटी और संकरी गलियों में नियमित सफाई को लेकर भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। कई ऐसी गलियां हैं जहां बड़े सफाई वाहनों के पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसे क्षेत्रों में अलग व्यवस्था बनाकर नियमित सफाई सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई। सत्या शर्मा ने कहा कि सफाई व्यवस्था केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दिल्ली की छोटी गलियों और अंदरूनी इलाकों में भी लोगों को साफ वातावरण मिलना चाहिए। आवारा पशुओं से होने वाली गंदगी पर भी ध्यानबैठक में आवारा और बेसहारा पशुओं के कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गंदगी की समस्या भी उठाई गई। पार्षदों ने बताया कि कई स्थानों पर पशुओं के कारण गोबर और अन्य गंदगी फैल जाती है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया। हर वार्ड में कूड़ा नियमित रूप से उठाया जाएस्थायी समिति ने निर्देश दिया कि हर वार्ड में घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े का नियमित और समयबद्ध तरीके से संग्रहण होना चाहिए। जहां लगातार कूड़ा जमा होने की शिकायत मिलती है, वहां विशेष निगरानी की जाए। अधिकारियों से कहा गया कि केवल शिकायत मिलने के बाद सफाई करने की व्यवस्था के बजाय ऐसे स्थानों की पहचान पहले से की जाए और वहां लगातार निगरानी रखी जाए। बार-बार कूड़ा जमा होने वाले स्थानों का स्थायी समाधानबैठक में ‘ब्लैक स्पॉट्स’ यानी ऐसे स्थान जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है, उनकी पहचान करने पर भी जोर दिया गया। सत्या शर्मा ने कहा कि किसी स्थान पर एक बार कूड़ा उठाकर उसे साफ कर देना ही पर्याप्त नहीं है। असली सफलता तब होगी जब उस स्थान पर दोबारा कूड़ा जमा न हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी व्यवस्था बनाने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए। गीले और सूखे कचरे को अलग करने पर जोरबैठक में घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई। इसके लिए लोगों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों, स्कूलों और स्थानीय संस्थाओं को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि कचरे को सही तरीके से अलग करने और उसके उचित निस्तारण के बारे में लोगों को जानकारी दी जा सके। निर्माण मलबा डालने वालों पर होगी कार्रवाईसड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण एवं विध्वंस कचरा यानी सीएंडडी वेस्ट डालने की समस्या पर भी चर्चा हुई। समिति ने निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से निर्माण मलबा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जहां ऐसी समस्या बार-बार सामने आती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर चालान भी किया जाए। जनता की भागीदारी के बिना अभियान पूरा नहीं होगास्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान केवल एमसीडी का अभियान नहीं है। इसे सफल बनाने के लिए दिल्ली के लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय लोगों, आरडब्ल्यूए, बाजार एसोसिएशनों और सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ें। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर
5 में पौष्टिक भोजन से जरूरतमंदों को राहत, जनकपुरी में शुरू हुई नई अटल कैंटीन – आशीष सूद

गरीब और जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराने की पहलनई दिल्ली, 19 अगस्त 2026। दिल्ली सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत राजधानी में जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए अटल कैंटीन योजना का विस्तार लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली के शहरी विकास मंत्री श्री आशीष सूद ने बुधवार को अपनी विधानसभा जनकपुरी के जेजे कॉलोनी, ओल्ड पंखा रोड स्थित मदर डेयरी के सामने नई अटल कैंटीन जनता को समर्पित की। अटल कैंटीन का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को सस्ता, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या दिनभर मेहनत-मजदूरी करके अपना और अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े। सिर्फ ₹5 में मिलेगा पौष्टिक और स्वच्छ भोजनशहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि अटल कैंटीन के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को मात्र ₹5 में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की कीमत कम होने के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल लोगों को खाना उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। अटल कैंटीन में मिलने वाला भोजन संतुलित और पौष्टिक रखने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कम आय वाले परिवारों के लोगों को भी अच्छा भोजन मिल सके। “कोई गरीब भूखा न सोए” — आशीष सूदआशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार की कोशिश है कि राजधानी में कोई भी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति भूखे पेट न सोए। अटल कैंटीन इसी सोच को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो रोजाना मेहनत-मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। कई बार काम के कारण उन्हें घर जाकर खाना बनाने का समय नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों के लिए ₹5 में मिलने वाला पौष्टिक भोजन काफी मददगार साबित हो सकता है। मेहनत-मजदूरी करने वालों के लिए बड़ी राहतमंत्री आशीष सूद ने कहा कि अटल कैंटीन आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए केवल भोजन की सुविधा नहीं है, बल्कि यह उन मेहनतकश लोगों के लिए भी राहत है जो सुबह से शाम तक काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवारों में सुबह एक ही बार खाना बनता है और उसी भोजन पर परिवार को दिनभर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे परिवारों और कामकाजी लोगों के लिए आसपास उपलब्ध अटल कैंटीन उन्हें कम कीमत में भोजन उपलब्ध कराने का काम कर रही हैं। जे.जे. कॉलोनियों और गरीब बस्तियों तक पहुंचेगी सुविधाआशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार का विशेष ध्यान जे.जे. कॉलोनियों, झुग्गी बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर है। सरकार का लक्ष्य है कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सम्मानजनक जीवन की सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसी के साथ अब जरूरतमंद लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पहल को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के संकल्प और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कामशहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार जनकल्याण के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है। अटल कैंटीन भी इसी सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रोजाना कम कीमत में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली में तेजी से बढ़ाई जा रही अटल कैंटीन की संख्याआशीष सूद ने बताया कि दिल्ली में अटल कैंटीन योजना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में आज जनकपुरी की जेजे कॉलोनी में नई अटल कैंटीन शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले रविवार को दिल्ली में 25 नई अटल कैंटीन शुरू की गई थीं। इन कैंटीन के शुरू होने से बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को सस्ती दर पर भोजन उपलब्ध कराने की सुविधा मिली है। आने वाले दिनों में और इलाकों में खुलेंगी कैंटीनमंत्री आशीष सूद ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में और अटल कैंटीन शुरू की जाएंगी। सरकार का प्रयास है कि यह सुविधा अधिक से अधिक गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन के विस्तार से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें महंगाई और आर्थिक परेशानियों के बीच रोजाना भोजन की व्यवस्था करने में कठिनाई होती है। जनसेवा को जमीन तक पहुंचाने का प्रयासआशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार जनसेवा और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए ऐसी योजनाओं पर काम कर रही है, जिनका सीधा लाभ आम लोगों को मिले। अटल कैंटीन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि दिल्ली में रहने वाला हर जरूरतमंद व्यक्ति सम्मान के साथ भोजन प्राप्त कर सके। अटल कैंटीन के माध्यम से गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कम कीमत में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का काम आगे भी जारी रहेगा। आशीष सूद ने कहा कि सरकार का लक्ष्य साफ है—दिल्ली में कोई भी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति भूखे पेट न सोए और हर जरूरतमंद तक सम्मान के साथ भोजन पहुंचे।
विधायक कुलदीप कुमार को लेकर दिल्ली की सियासत गरमाई, आप ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली, 18 अगस्त 2026। कोंडली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार को लेकर दिल्ली की राजनीति में मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि सुबह तड़के दिल्ली पुलिस कुलदीप कुमार को उनके घर से अपने साथ ले गई और इसके बाद उनके परिवार तथा पार्टी नेताओं को उनकी स्थिति और ठिकाने के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इस मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, आतिशी और अंकुश नारंग ने सरकार और दिल्ली पुलिस से तत्काल जवाब मांगा है। अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से पूछा—कुलदीप कुमार कहां हैं?आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कोंडली के विधायक कुलदीप कुमार कहां हैं और उनके बारे में पुलिस स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दे रही है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंगलवार सुबह करीब 4 बजे पुलिस कुलदीप कुमार के घर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई। उनका यह भी आरोप है कि घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया और डीवीआर भी साथ ले जाया गया। केजरीवाल ने कहा कि अगर किसी निर्वाचित विधायक को इस तरह पुलिस अपने साथ ले जा सकती है और उसके परिवार को भी जानकारी नहीं मिलती, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और अधिकारों के लिए कहां जाएगा। सफाईकर्मी की मौत के मामले में मुआवजे की मांग का मुद्दाराज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी कुलदीप कुमार के मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुलदीप कुमार ने ड्यूटी के दौरान मारे गए एक मजदूर और सफाईकर्मी के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की मांग उठाई थी।संजय सिंह ने सवाल किया कि किसी सफाईकर्मी या मजदूर के परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग करना क्या इतना बड़ा अपराध है कि एक निर्वाचित विधायक को सुबह के समय उनके घर से पुलिस अपने साथ ले जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में तत्काल संज्ञान लेने और कुलदीप कुमार के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। संजय सिंह बोले—परिवार और पार्टी परेशानसंजय सिंह ने कहा कि कुलदीप कुमार के परिवार के लोग और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता सुबह से परेशान हैं। उनका कहना है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर किसी विधायक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई है तो पुलिस को यह बताना चाहिए कि उन्हें किस मामले में और किस कानूनी प्रक्रिया के तहत अपने साथ ले जाया गया है। संजय सिंह ने यह भी कहा कि कुलदीप कुमार वाल्मीकि समाज से आते हैं और उन्होंने अपने क्षेत्र तथा वंचित समाज से जुड़े मुद्दे लगातार उठाए हैं। आतिशी ने कहा—हाई कोर्ट का रुख करेंगेदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी कुलदीप कुमार को लेकर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। आतिशी के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस कुलदीप कुमार को उनके घर से अपने साथ ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस यह बताने को तैयार नहीं है कि विधायक इस समय कहां हैं। आतिशी ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण यानी हैबियस कॉरपस याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ कार्रवाई कानून और संविधान के अनुसार होनी चाहिए तथा परिवार को भी उचित जानकारी मिलनी चाहिए। अंकुश नारंग ने भी दिल्ली पुलिस से मांगा जवाबएमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भी कुलदीप कुमार के मामले को गंभीर बताया। उन्होंने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से सवाल किया कि विधायक को किस मामले में और कहां ले जाया गया है। अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि पुलिस कुलदीप कुमार के घर से उन्हें अपने साथ ले गई और घर के सीसीटीवी तथा डीवीआर को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित विधायक के मामले में यदि परिवार को जानकारी नहीं मिलती है, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। आप ने दिल्ली सरकार और पुलिस पर साधा निशानाआम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि पुलिस को स्पष्ट करना चाहिए कि कुलदीप कुमार कहां हैं और उनके खिलाफ किस मामले में कार्रवाई की जा रही है। आप नेताओं ने कहा कि मामले में जानकारी स्पष्ट नहीं होने के कारण कुलदीप कुमार का परिवार चिंतित है और पार्टी के कार्यकर्ता भी लगातार जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली में बढ़ा राजनीतिक तनावकुलदीप कुमार को लेकर आम आदमी पार्टी के आरोपों के बाद दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर सियासी तनाव बढ़ गया है। आप के कई बड़े नेताओं ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार और पुलिस से जवाब मांगा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है, तो उसकी पूरी जानकारी और कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट होनी चाहिए। अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से आने वाली जानकारी पर सभी की नजरें हैं। आम आदमी पार्टी ने साफ किया है कि यदि कुलदीप कुमार के बारे में जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो वह इस मुद्दे को कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आगे उठाएगी।
दिल्ली को विश्वस्तरीय इनोवेशन और औद्योगिक हब बनाएगी दिल्ली सरकार: उद्योग मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा

हैदराबाद के सफल मॉडलों का अध्ययन करने पहुंचे उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा नई दिल्ली/हैदराबाद, 17 अगस्त 2026 दिल्ली सरकार राजधानी को विश्वस्तरीय इनोवेशन, स्टार्टअप और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को हैदराबाद स्थित T-Works, T-Hub और Future City का दौरा किया। इस दौरे में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। इनमें सज्जन सिंह यादव, एसीएस (उद्योग), GNCTD, उद्योग विभाग तथा दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि हैदराबाद में किस तरह स्टार्टअप, नई तकनीक, हार्डवेयर निर्माण, निवेश, उद्योग और आधुनिक शहरी विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली सरकार इन सफल मॉडलों का अध्ययन करके उन्हें दिल्ली की जरूरतों के अनुसार लागू करने की संभावनाओं पर विचार करेगी। दिल्ली को दुनिया के बड़े इनोवेशन केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्यउद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी में एक मजबूत और आधुनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केवल निवेश लाना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है। सरकार चाहती है कि दिल्ली के युवा अपने नए विचारों और तकनीकी कौशल को आगे बढ़ाकर नए उत्पाद, स्टार्टअप और व्यवसाय शुरू कर सकें। सिरसा के अनुसार, दिल्ली के युवाओं को सही सुविधाएं, आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उद्योगों से जुड़ने के अवसर मिलें तो वे केवल नौकरी खोजने वाले युवा नहीं रहेंगे, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं। T-Works में अत्याधुनिक सुविधाओं की जानकारी लीउद्योग मंत्री सिरसा ने हैदराबाद स्थित T-Works का दौरा किया। T-Works एक बड़ा प्रोटोटाइपिंग सेंटर है, जहां किसी नए उत्पाद को तैयार करने से पहले उसका मॉडल और प्रोटोटाइप बनाया जा सकता है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, 3D प्रिंटिंग, CNC मशीनिंग, मेटल और वुड फैब्रिकेशन, वेल्डिंग, लेजर कटिंग, उत्पाद डिजाइन, असेंबली और टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। लगभग 78 हजार वर्ग फुट में फैले इस केंद्र में स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और नए विचारों पर काम करने वाले लोगों को आधुनिक मशीनों और तकनीकी सुविधाओं का उपयोग करने का अवसर मिलता है। इससे किसी नए विचार को केवल कागज पर रखने के बजाय उसका वास्तविक मॉडल तैयार करने, उसकी जांच करने और उसमें सुधार करने में मदद मिलती है। दिल्ली में भी हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू करने पर विचारमनजिंदर सिंह सिरसा ने T-Works के हब-एंड-स्पोक मॉडल में विशेष रुचि दिखाई। इस मॉडल में एक बड़ा मुख्य केंद्र होता है, जबकि छोटे केंद्र अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जाते हैं। इससे आधुनिक सुविधाएं केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचती हैं।मंत्री ने कहा कि दिल्ली में भी इस तरह की व्यवस्था की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकता है। इससे राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले विद्यार्थी, युवा, इंजीनियर और नए उद्यमी प्रोटोटाइपिंग तथा उत्पाद विकास की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। दिल्ली में इस प्रकार के छोटे केंद्र बनाए जाने से युवाओं को हर सुविधा के लिए एक ही स्थान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे नई तकनीक और नए उत्पादों पर काम करने का अवसर अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा। युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसरउद्योग मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और विनिर्माण की सुविधाओं को बढ़ाने से दिल्ली के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। अगर किसी विद्यार्थी के पास कोई नया विचार है, तो उसे मशीनों, विशेषज्ञों और तकनीकी सहायता की जरूरत होती है। इसी तरह एक नए स्टार्टअप को भी उत्पाद बनाने, उसकी जांच करने, बाजार तक पहुंच बनाने और निवेश की आवश्यकता होती है। दिल्ली सरकार ऐसा माहौल तैयार करना चाहती है, जहां विद्यार्थी, स्टार्टअप, उद्योग, निवेशक और शोध संस्थान एक-दूसरे से जुड़कर काम कर सकें। सिरसा ने कहा कि इस तरह का इकोसिस्टम युवाओं के विचारों को वास्तविक उत्पादों और सफल व्यवसायों में बदलने में मदद कर सकता है। T-Hub में स्टार्टअप इकोसिस्टम की जानकारी लीदिल्ली सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने T-Hub का भी दौरा किया। यहां स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।प्रतिनिधिमंडल ने यह समझा कि स्टार्टअप्स को किस प्रकार मेंटॉरशिप, निवेश, बाजार तक पहुंच, उद्योगों से संपर्क और अन्य जरूरी सहायता दी जाती है। सिरसा ने कहा कि दिल्ली में भी ऐसा मजबूत नेटवर्क विकसित करने की जरूरत है, जहां नए उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए सही मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि जब स्टार्टअप्स, उद्योग, निवेशक और शोध संस्थान एक साथ काम करते हैं, तो नई तकनीक और नए विचारों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। Future City से आधुनिक शहरी विकास की जानकारीप्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद की Future City का भी दौरा किया। वहां Future City Development Authority (FCDA) के अधिकारियों के साथ आधुनिक शहर के विकास, शहरी नियोजन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। मंत्री और अधिकारियों ने मौके पर जाकर चल रहे विकास कार्यों को भी देखा। इसका उद्देश्य यह समझना था कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर शहरों की योजना कैसे बनाई जा सकती है। दिल्ली सरकार का मानना है कि आधुनिक औद्योगिक विकास के साथ-साथ बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा भी जरूरी है। Electronic City का भी किया दौराप्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना के Electronic City का भी दौरा किया। यहां यह समझने की कोशिश की गई कि हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उद्योगों के लिए किस प्रकार का विशेष इकोसिस्टम तैयार किया गया है। दिल्ली के लिए यह अनुभव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी में तकनीक और सेवा क्षेत्र के साथ-साथ नए प्रकार के उद्योगों और उत्पाद निर्माण को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। औद्योगिक भूमि के बेहतर उपयोग पर जोरप्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना सचिवालय का भी दौरा किया और Telangana State Industrial Infrastructure Corporation (TGIIC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान औद्योगिक पार्कों, औद्योगिक भूमि के उपयोग, भूमि आवंटन और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद मंत्री ने एक औद्योगिक विकास स्थल का दौरा भी
मानसून में सड़कें और नाले खोदकर भाजपा सरकार ने दिल्ली को जलभराव और जाम की राजधानी बना दिया – देवेंद्र यादव

मानसून के बीच जगह-जगह खुदाई से जनता परेशानदिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मानसून के दौरान राजधानी दिल्ली में जगह-जगह चल रही सड़कों और नालियों की खुदाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में बारिश का मौसम चल रहा है और इसी समय शहर के कई इलाकों में सड़कें तथा नालियां खोदी जा रही हैं। कई स्थानों पर काम शुरू करने के बाद उसे अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर दिल्ली की आम जनता पर पड़ रहा है। बारिश होते ही कई जगह सड़कों पर पानी जमा हो जाता है। लोगों को जलभराव, कीचड़, टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। बारिश का पानी घरों और दुकानों तक पहुंच रहादेवेंद्र यादव ने कहा कि कई इलाकों में नालियों का निर्माण और सड़क का काम अधूरा पड़ा हुआ है। जब बारिश होती है तो पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाती। इसके कारण बारिश का पानी सड़कों और गलियों में जमा होने के बाद लोगों के घरों और दुकानों तक पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मानसून से पहले जरूरी तैयारियां पूरी नहीं कीं। अगर सड़क और नालियों से जुड़े काम जरूरी थे तो उन्हें बारिश शुरू होने से पहले पूरा किया जाना चाहिए था। लेकिन सरकार ने समय पर काम पूरा करने के बजाय मानसून के दौरान ही कई जगह खुदाई शुरू कर दी। त्योहारी मौसम में बढ़ रही लोगों की परेशानीदेवेंद्र यादव ने कहा कि इस समय दिल्ली में त्योहारी मौसम भी चल रहा है। त्योहारों के दौरान बाजारों, दुकानों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे समय में सड़कों की खुदाई होने से लोगों को और ज्यादा परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि खुदाई के कारण कई जगह सड़कें संकरी हो गई हैं। इससे वाहनों की रफ्तार कम हो रही है और लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। दुकानदारों को भी परेशानी हो रही है क्योंकि ग्राहक दुकानों तक आसानी से नहीं पहुंच पा रहे हैं। अधूरी सड़कों से बढ़ रहा दुर्घटनाओं का खतरादेवेंद्र यादव ने कहा कि सड़क खोदने के बाद उसे समय पर ठीक नहीं किया जाना गंभीर समस्या है। कई स्थानों पर गड्ढे और अधूरे निर्माण कार्य लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। उन्होंने कहा कि खुले और अधूरे नाले भी हादसों का कारण बन सकते हैं। सरकार को निर्माण कार्य के दौरान जनता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जहां भी सड़क या नाली की खुदाई हो, वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और संकेतक लगाए जाने चाहिए। बिना योजना के हो रहे काम पर उठाए सवालकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि विकास कार्य करना गलत नहीं है, लेकिन विकास कार्य सही समय और सही योजना के साथ किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मौसम और त्योहारों को ध्यान में रखकर पहले से योजना बनाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानसून के बीच सड़क और नालियों की खुदाई करना भाजपा सरकार के कुप्रबंधन को दिखाता है। यदि काम पहले से योजनाबद्ध तरीके से किया जाता तो दिल्ली की जनता को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। जलभराव से दिल्लीवासियों को चाहिए स्थायी राहतदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता हर साल मानसून के दौरान जलभराव की समस्या झेलती है। सरकार को केवल घोषणाएं करने के बजाय जमीन पर काम करके लोगों को राहत देनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिन इलाकों में सड़क और नालियों का काम अधूरा पड़ा है, वहां काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। खुले गड्ढों और नालियों को सुरक्षित किया जाए तथा जिन क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है, वहां पानी की निकासी के लिए तुरंत प्रभावी व्यवस्था की जाए। जनता को घोषणाएं नहीं, सुरक्षित सड़कें चाहिएदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता को अब केवल घोषणाओं की जरूरत नहीं है। लोगों को साफ और सुरक्षित सड़कें, सही जल निकासी व्यवस्था और जाम से राहत चाहिए। बारिश के समय लोगों को अपने घरों, दुकानों और काम की जगहों तक पहुंचने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मानसून हर साल आता है और सरकार को इसकी तैयारी पहले से करनी चाहिए। लेकिन भाजपा सरकार की तैयारी समय पर दिखाई नहीं देती। इसका नुकसान सीधे दिल्ली की आम जनता को उठाना पड़ रहा है। भाजपा सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांगदेवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार से मांग की कि राजधानी में चल रहे सभी अधूरे सड़क और नाली निर्माण कार्यों की समीक्षा की जाए। जिन जगहों पर सड़कें खोदी गई हैं, वहां काम जल्द पूरा करके सड़क को दोबारा ठीक किया जाए। खुले गड्ढों और अधूरे नालों को तुरंत सुरक्षित किया जाए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी निकालने की व्यवस्था युद्धस्तर पर की जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता को बारिश के मौसम में जलभराव, जाम, कीचड़ और टूटी सड़कों की समस्या से राहत मिलनी चाहिए। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समय पर तैयारी करे और दिल्लीवासियों को सुरक्षित एवं बेहतर सड़क व्यवस्था उपलब्ध कराए। देवेंद्र यादव ने कहा कि मानसून हर साल आता है, लेकिन भाजपा सरकार की तैयारियां समय पर नजर नहीं आतीं। दिल्ली की जनता अब इस लापरवाही का खामियाजा भुगत रही है और सरकार को तुरंत जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई करनी चाहिए।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से गूंजा देशभक्ति का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगा, देशवासियों को दी शुभकामनाएं नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति के साथ मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य राष्ट्रीय समारोह का आयोजन दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फहराया तिरंगास्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परंपरा के अनुसार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया। ध्वजारोहण के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति से भर गया। राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी गई और लाल किले का ऐतिहासिक परिसर देशभक्ति के रंग में नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देश के स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी लाखों लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। देश की स्वतंत्रता को मजबूत बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।देशवासियों को दिया विकास का संदेशप्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भारत की विकास यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति, महिला शक्ति, तकनीक और आर्थिक विकास को देश की प्रगति के महत्वपूर्ण आधार बताया। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।2047 तक विकसित भारत का संकल्पप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में और मजबूत बनाना है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि युवा नई सोच और नई ऊर्जा के साथ भारत को दुनिया में नई पहचान दिला सकते हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल और तकनीक से जोड़ना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीक पर जोरप्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और आधुनिक तकनीक के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक का है और भारत को इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवाओं को नई तकनीकों का ज्ञान हासिल करने और देश के विकास में उनका उपयोग करने का संदेश दिया। प्रधानमंत्री ने तकनीकी क्षेत्र में भारत की क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष का विशेष अवसरइस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का समारोह इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर है। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में ‘वंदे मातरम्’ ने लोगों में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लाल किले पर आयोजित समारोह में भी इस ऐतिहासिक अवसर की विशेष झलक देखने को मिली। देशभर में लोगों ने राष्ट्रभक्ति और एकता के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। वीर स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमनस्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की जिम्मेदारी अब वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के कंधों पर है। उन्होंने देशवासियों से स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए मेहनत करने और देशहित को सर्वोपरि रखने की अपील की। देशभर में दिखा उत्साह80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर में खासा उत्साह देखने को मिला। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और देशभक्ति से जुड़े आयोजनों के माध्यम से लोगों ने स्वतंत्रता दिवस मनाया। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के साथ ही पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस समारोहों का उत्साह और बढ़ गया। तिरंगे के सम्मान और राष्ट्र के प्रति एकता के संदेश के साथ देश ने स्वतंत्रता दिवस मनाया। एक मजबूत और विकसित भारत का संकल्पप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन के माध्यम से देशवासियों को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही देश को आगे ले जाया जा सकता है। 80वां स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गर्व, संकल्प और नई उम्मीदों का अवसर बना। लाल किले की प्राचीर से फहराता तिरंगा भारत की स्वतंत्रता, एकता और अखंडता का प्रतीक बनकर पूरे देश को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता नजर आया।
दिल्ली नगर निगम मुख्यालय में 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह

महापौर प्रवेश वाही ने फहराया तिरंगा, निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ महापौर प्रवेश वाही ने दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026। दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर के प्रांगण में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में दिल्ली के महापौर श्री प्रवेश वाही ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने दिल्ली नगर निगम के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और दिल्लीवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गर्व और देशभक्ति का दिन है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के बलिदान की याद दिलाता है, जिनके संघर्ष के कारण आज हमारा देश स्वतंत्र है। समारोह में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदस्वतंत्रता दिवस के इस विशेष कार्यक्रम में दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सुश्री सत्या शर्मा, निगमायुक्त श्री संजीव खिरवार सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ध्वजारोहण के बाद निगम मुख्यालय के सभागार में निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर सभी का मन मोह लिया। पूरे सभागार में देशभक्ति का वातावरण दिखाई दिया। निगम विद्यालयों के बच्चों की महापौर ने की जमकर सराहनामहापौर प्रवेश वाही ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि निगम विद्यालयों के बच्चों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों से यह साबित होता है कि प्रतिभा के मामले में निगम विद्यालयों के विद्यार्थी किसी भी निजी विद्यालय के विद्यार्थियों से कम नहीं हैं। बच्चों को यदि सही अवसर, अच्छी शिक्षा और जरूरी सुविधाएँ मिलें, तो वे हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। महापौर ने कहा कि बच्चों का आत्मविश्वास और उनकी प्रतिभा देखकर उन्हें बहुत खुशी हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी मेहनत करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोरमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम के विद्यालयों में बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। विद्यार्थियों को खेल, कला, संस्कृति और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों की मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार किया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब साफ दिखाई देने लगा है। बच्चों को बेहतर वातावरण देने का प्रयास लगातार जारी है। महापौर ने साझा किया अपना अनुभव महापौर प्रवेश वाही ने अपने स्कूल जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात पर विशेष गर्व है कि उन्होंने स्वयं दिल्ली नगर निगम के विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि आज जब वह निगम विद्यालयों के विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए देखते हैं, तो उन्हें बहुत खुशी होती है। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों के बच्चे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने की क्षमता रखते हैं। महापौर ने कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन, अच्छे अवसर और आवश्यक संसाधन मिलें तो वे अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने का लक्ष्यमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम की भाजपा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली के लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएँ देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि निगम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर, स्वस्थ और विकसित राजधानी बनाना है। इसके लिए निगम के अधिकारी और कर्मचारी पूरी मेहनत और जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों को बेहतर सुविधाएँ देना निगम की प्राथमिकता है। साथ ही निगम कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है। कर्मचारियों के सहयोग और मेहनत के बिना निगम की सेवाओं को बेहतर बनाना संभव नहीं है। निगम कर्मचारियों के योगदान की सराहनामहापौर ने दिल्ली नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके निरंतर योगदान के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में हर कर्मचारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे इसी मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ काम करते रहें। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से दिल्ली को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और बेहतर बनाया जा सकता है। निगमायुक्त ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथकार्यक्रम के दौरान निगमायुक्त संजीव खिरवार ने दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी कर्मचारियों से अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निगम की जिम्मेदारियों को सही तरीके से पूरा करने के लिए ईमानदारी और जनता के प्रति जिम्मेदारी की भावना बहुत जरूरी है। देशभक्ति के संदेश के साथ समारोह का समापनस्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण, देशभक्ति गीतों, नृत्य और विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने सभी में देशप्रेम की भावना को मजबूत किया। समारोह ने यह संदेश दिया कि देश की प्रगति में हर नागरिक, कर्मचारी और विद्यार्थी की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका है। महापौर प्रवेश वाही ने सभी से मिलकर दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर, स्वस्थ और विकसित बनाने की दिशा में काम करने की अपील की। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों को एक बार फिर 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित आवास से ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का किया शुभारंभ

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं संप्रभुता की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से देशव्यापी ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ किया गया। कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों से अभियान में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने तथा स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रगौरव, देशभक्ति एवं उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस भारत के स्वाधीनता संग्राम के गौरवशाली इतिहास तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का पावन अवसर है। राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्रध्वज के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट करे तथा राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाए। तिरंगा राष्ट्र के गौरव, स्वाभिमान और संप्रभुता का प्रतीकभगीरथ चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता, स्वाभिमान एवं गौरव का प्रतीक है। राष्ट्रध्वज के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रत्येक भारतीय का राष्ट्रीय कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रध्वज फहराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध, उत्तरदायित्व, गौरव एवं समर्पण की भावना को प्रबल करने वाला व्यापक जन-अभियान है। उन्होंने कहा कि तिरंगा भारत की विविधताओं को एकता के सूत्र में आबद्ध करने वाली राष्ट्रीय चेतना का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रत्येक नागरिक के अंतर्मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, श्रद्धा एवं समर्पण की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करता है। देशवासियों से अभियान में अधिकाधिक सहभागी बनने का आह्वानकृषि राज्य मंत्री ने देशवासियों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं कार्यालयों पर सम्मानपूर्वक राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रव्यापी जन-अभियान की सफलता व्यापक जनसहभागिता से ही सुनिश्चित होती है। उन्होंने नागरिकों से अपने परिजनों, मित्रों एवं आसपास के नागरिकों को भी अभियान से जोड़ने तथा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य एवं प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जन-जन की सहभागिता से अभियान का संदेश देश के प्रत्येक घर तक पहुंचाया जा सकता है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को किया स्मरणभगीरथ चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भारत की स्वाधीनता के लिए किए गए दीर्घकालीन संघर्ष तथा असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान की गौरवपूर्ण स्मृति का प्रतीक है। भारत की स्वतंत्रता के लिए अनेक वीरों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज के सम्मान के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिक एकता, अखंडता एवं राष्ट्रनिष्ठा के सूत्र में आबद्ध होते हैं। ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य इसी राष्ट्रीय चेतना को जन-जन तक पहुंचाना तथा प्रत्येक नागरिक को स्वतंत्रता के मूल्यों एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों से जोड़ना है। राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता को सुदृढ़ करने का संदेशउन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को और अधिक प्रबल करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की विविधता में निहित एकता उसकी विशिष्ट पहचान एवं सामर्थ्य है तथा तिरंगा इस राष्ट्रीय एकात्मता का सशक्त प्रतीक है। कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि एवं सुदृढ़ता के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व देशवासियों के लिए सामूहिक संकल्प, राष्ट्रीय चेतना एवं एकात्म भाव को सुदृढ़ करने के महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। जनसहभागिता को अभियान की सफलता का प्रमुख आधार बतायाकृषि राज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्रव्यापी अभियान की सफलता व्यापक जनसहभागिता पर निर्भर करती है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं अभियान का सहभागी बनने के साथ-साथ अपने परिजनों, मित्रों एवं समाज के अन्य नागरिकों को भी इससे जुड़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के अंतर्मन में राष्ट्र के प्रति गौरव, श्रद्धा एवं सम्मान की भावना जागृत करता है। अतः ‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि व्यापक जनसहभागिता से जुड़े राष्ट्रीय संकल्प के रूप में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। राष्ट्रध्वज की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने की अपीलभगीरथ चौधरी ने नागरिकों से राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उसकी गरिमा, मर्यादा एवं सम्मान का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिरंगा प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव, स्वाभिमान एवं राष्ट्रनिष्ठा का प्रतीक है। राष्ट्रध्वज का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय उससे संबंधित निर्धारित नियमों एवं मर्यादाओं का पूर्णतः पालन किया जाए, ताकि अभियान के उद्देश्य के साथ-साथ राष्ट्रध्वज की प्रतिष्ठा एवं गरिमा भी अक्षुण्ण बनी रहे। स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रगौरव एवं राष्ट्रीय चेतना के साथ मनाने का आह्वान‘हर घर तिरंगा, घर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता एवं गौरव की भावना के साथ मनाने का संदेश दिया जा रहा है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान व्यक्त करने तथा स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषि राज्य मंत्री भगीरथ चौधरी ने नई दिल्ली स्थित अपने आवास से अभियान का शुभारंभ करते हुए देशवासियों से इसमें अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने तथा राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा एवं मर्यादा बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि व्यापक जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान देश के प्रत्येक घर तक राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।