"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

दिल्ली में ईवी सब्सिडी पाने का रास्ता हुआ आसान, नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू; समय पर मिलेगी सब्सिडी – डॉ. पंकज कुमार सिंह

दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने और लोगों को समय पर सब्सिडी उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने 3 जुलाई 2026 को दिल्ली ईवी सब्सिडी पोर्टल का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक ऑनलाइन पोर्टल नहीं, बल्कि पारदर्शी, आसान और समयबद्ध व्यवस्था की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार दिल्ली को स्वच्छ, हरित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था देने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आगे बढ़ रही है ईवी नीतिपरिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मार्गदर्शन और सहयोग से दिल्ली सरकार देश की सबसे बेहतर और आधुनिक ईवी नीतियों में से एक लागू कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नई योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि ईवी सब्सिडी पोर्टल लोगों का सरकार पर भरोसा और मजबूत करेगा। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और किसी भी तरह की अनावश्यक देरी से बचा जा सकेगा। अब घर बैठे ऑनलाइन करें आवेदनडॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि अब कोई भी पात्र व्यक्ति अपने इलेक्ट्रिक वाहन की आरसी जारी होने के 30 दिनों के भीतर इस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। आवेदन करने के बाद सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो अधिकतम 60 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन में कोई कमी होगी तो उसकी जानकारी भी पोर्टल पर मिल जाएगी, जिससे आवेदक समय रहते उसे ठीक कर सकेगा। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही पोर्टल पर मिलेंगी कई सुविधाएंपरिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि नए पोर्टल पर लोगों को कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक साथ मिलेंगी। इसमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी, पुराने वाहन को स्क्रैप कराने पर मिलने वाला प्रोत्साहन, वाहन मॉडल की मंजूरी, एन-2 श्रेणी के इलेक्ट्रिक माल वाहक वाहनों के लिए नो-एंट्री छूट, आवेदन की ऑनलाइन स्थिति देखने की सुविधा और स्वीकृत वाहनों की सूची जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस, आसान और पारदर्शी बनेगी तथा लोगों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे। अब सब्सिडी मिलने में नहीं होगी देरीडॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में कई लोगों को ईवी सब्सिडी मिलने में काफी देरी हुई थी। दिल्ली सरकार ने इस अनुभव से सीख ली है और अब ऐसी स्थिति दोबारा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में हर पात्र व्यक्ति को तय समय के भीतर उसका अधिकार मिलेगा और पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। सरकार चाहती है कि लोगों को बिना किसी परेशानी के सब्सिडी का लाभ मिले। पेट्रोल और डीजल वाहनों पर तुरंत कोई प्रतिबंध नहींपरिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह गलत जानकारी फैला रहे हैं कि नई ईवी नीति लागू होते ही पेट्रोल और डीजल वाहनों पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह गलत और भ्रामक खबर है। ईवी नीति में किसी भी श्रेणी के पेट्रोल या डीजल वाहन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी बड़े फैसले से पहले सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी और पर्याप्त चार्जिंग व्यवस्था तैयार होने के बाद ही आगे बढ़ेगी। सरकार की आधिकारिक जानकारी पर ही करें भरोसाडॉ. पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना या नीति की सही जानकारी केवल दिल्ली सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना से ही लें। उन्होंने कहा कि गलत खबरों से लोगों में भ्रम फैलता है, इसलिए सभी नागरिकों को सावधानी बरतनी चाहिए। चार्जिंग स्टेशन का तेजी से होगा विस्तारपरिवहन मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में शहर के हर इलाके में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले किसी भी व्यक्ति को चार्जिंग की चिंता न करनी पड़े और लोग बिना किसी परेशानी के ईवी का उपयोग कर सकें। उद्योग जगत से भी किया सहयोग का आग्रहडॉ. पंकज कुमार सिंह ने वाहन निर्माता कंपनियों, चार्जिंग स्टेशन लगाने वाली कंपनियों और अन्य उद्योगों से भी अपील की कि वे अपने निवेश और विकास योजनाओं को जल्द लागू करें। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार हर कदम पर उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करेगी ताकि राजधानी में मजबूत और आधुनिक ईवी इकोसिस्टम तैयार किया जा सके। स्वच्छ और हरित दिल्ली बनाने का लक्ष्यपरिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाना नहीं है। सरकार चाहती है कि लोगों को समय पर सब्सिडी मिले, बेहतर सुविधाएं मिलें, मजबूत चार्जिंग नेटवर्क तैयार हो और दिल्ली का पर्यावरण स्वच्छ बने। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग जगत और दिल्ली के नागरिक मिलकर राजधानी को देश की सबसे स्वच्छ, हरित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था वाली राजधानी बनाएंगे। नई ईवी नीति और ईवी सब्सिडी पोर्टल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम साबित होगा।

DPCC अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने उप-राज्यपाल से अपील की है कि वे 50 करोड़ रुपये का कमीशन हड़पने के लिए दिल्ली सरकार के 28 अस्पतालों में ज़्यादा कीमतों पर बेडशीट खरीदने के मामले में दोषियों को पकड़ने के लिए उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दें।

नई दिल्ली, 2 जुलाई, 2026—दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार और बीजेपी की मौजूदा रेखा गुप्ता सरकार, दोनों ने ही दिल्ली के 28 सरकारी अस्पतालों के लिए कई संदिग्ध खरीद के ज़रिए टैक्स देने वालों के पैसे को हड़पने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र का इस्तेमाल ‘कैश काऊ’ (पैसे कमाने का ज़रिया) के तौर पर किया है। सरकारी अस्पतालों के लिए बेडशीट खरीदने में 200 प्रतिशत कमीशन लेने का ताज़ा खुलासा चौंकाने वाला है; यह मामला सरकारी अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा मेडिकल उपकरण और दवाएं खरीदने में कीमतों को बहुत ज़्यादा बढ़ाने से जुड़े 560-650 करोड़ रुपये के दिल्ली स्वास्थ्य घोटाले के ठीक बाद सामने आया है। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि ज़रूरी सामान बाज़ार भाव से 200% से 500% ज़्यादा कीमत पर खरीदे गए, जिससे सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) से जनता का पैसा हड़पा गया। श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि जहाँ एक कंपनी ने 150 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेडशीट दी थी, वहीं दिल्ली सरकार ने उसी कंपनी से उसी तरह की बेडशीट 450 रुपये प्रति पीस के हिसाब से खरीदी। इससे रेखा गुप्ता सरकार के तहत भी दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए दवाएं और मेडिकल उपकरण/सामान खरीदने में हो रहे भारी भ्रष्टाचार का पता चलता है, जिसका मकसद इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर गरीब मरीज़ों को लूटना था। उन्होंने कहा कि बेडशीट के लिए दिल्ली सरकार द्वारा चुकाई गई अतिरिक्त रकम लगभग 300 रुपये प्रति पीस थी, जो बीजेपी सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों और राजनेताओं द्वारा 200 प्रतिशत कमीशन लेने की ओर इशारा करती है। श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार के 28 अस्पतालों में 15,500 से ज़्यादा बेड हैं, लेकिन सरकार ने 16.60 लाख बेडशीट खरीदने पर 75 करोड़ रुपये खर्च किए। यह खरीदारी की एक अविश्वसनीय मात्रा थी, जिसका मकसद सिर्फ़ हर बेडशीट पर कमीशन कमाना था; ऐसा लगता है कि सरकार ने हर बेड के लिए 106 बेडशीट खरीदीं ताकि सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल करके भ्रष्ट अधिकारियों और मंत्रियों की जेब में 50 करोड़ रुपये पहुंचाए जा सकें। श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि जिस मनमाने तरीके से कमीशन के लालच में सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं और सामान खरीदा गया, उससे पता चलता है कि बहुत ज़्यादा बढ़ी हुई कीमतों पर सामान खरीदकर टैक्स देने वालों का पैसा लूटने के मामले में बीजेपी सरकार पिछली ‘आप’ सरकार से अलग नहीं है। उन्होंने उपराज्यपाल से अपील की कि वे इस मेडिकल घोटाले के मामले को एक उच्च-स्तरीय जांच समिति को सौंपें ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके और भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई हो सके।

दिल्ली दवा घोटालाः एक्स-रे मशीनें खरीदने में हुई 103 करोड़ की कमीशनखोरी- सौरभ भारद्वाज

– जो एक्स-रे मशीन 10 लाख में मिलती हैं, उसे राजीव रंगीला ने दिल्ली सरकार को 33 लाख में दिए- सौरभ भारद्वाज – रेखा गुप्ता सरकार ने 448 एक्स-रे मशीनें 148 करोड़ में खरीदकर दिल्लीवालों का 103 करोड़ बर्बाद किया- सौरभ भारद्वाज – रेखा गुप्ता सरकार को 450 पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की जरूरत थी, फिर भी दो मशीनों का टेंडर जारी किया- सौरभ भारद्वाज – किसी कंपनी ने टेंडर नहीं डाला और राजीव रंगीला टेंडर लेकर 2 की जगह 448 मशीनों सप्लाई कर दी- सौरभ भारद्वाज नई दिल्ली, 01 जुलाई 2026 आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 650 करोड़ रुपए के दिल्ली दवा घोटाले में सरकार की ओर की गई कमीशनखोरी को लेकर बुधवार को एक और धमाका किया। उन्होंने चैप्टर-2 एक्स-रे मशीन घोटाला टाइटल से एक्स पर साझा एक वीडियो में इसका खुलासा करते हुए कहा कि राजीव रंगीला नामक व्यक्ति भाजपा सरकार के काफी करीब था। उसने एक्स-रे मशीनें खरीदने की टेंडर शर्तों में हेरफेर किया। रेखा गुप्ता की सरकार ने 448 एक्स-रे मशीनें 148 करोड़ में खरीदीं। जबकि ये मशीनें अन्य सरकारी विभागों को 10 लाख रुपए प्रति मशीन की दर से सप्लाई की जाती हैं। दिल्ली सरकार से राजीव रंगीला ने हर मशीन के लिए 33 लाख रुपए लिए। यानी 45 करोड़ की एक्स-रे मशीनों के लिए सरकार ने 148 करोड़ रुपए दिए। इसका साफ मतलब निकलता है कि दिल्लीवालों के 103 करोड़ रुपए कमीशन के नाम पर लूटे गए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार ने एक्स-रे मशीन खरीदने में करीब 100 करोड़ रुपए की लूट की है। राजीव रंगीला नाम के एक व्यक्ति ने एफ-मेड डिवाइसेस नाम की एक नकली कंपनी बनाई और प्रोग्नोसिस नाम की एक बड़ी पोर्टेबल एक्स-रे कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप ली। यह डिस्ट्रीब्यूटरशिप सिर्फ इसलिए ली गई ताकि पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें कई गुना ज्यादा दामों में दिल्ली सरकार को बेची जा सकें। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार को पहले से मालूम था कि उसे करीब 450 से 500 पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की जरूरत है, लेकिन सरकार ने जानबूझकर वेबसाइट पर सिर्फ दो एक्स-रे मशीनों का टेंडर डाला। बहुत से लोगों ने यह सोचकर टेंडर नहीं भरा कि सिर्फ दो मशीनें कौन बेचेगा। टेंडर की तकनीकी स्पेसिफिकेशन भी इस तरह से तय की गई थी कि उसमें सिर्फ राजीव रंगीला की कंपनी ही क्वालीफाई कर सके। इकलौती कंपनी होने के कारण उसे ही दो एक्स-रे मशीनें बेचने का काम मिल गया। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि पर्दे के पीछे सरकार ने दो मशीनों की जगह राजीव रंगीला की कंपनी एफ-मेड डिवाइसेस से 448 मशीनें खरीद लीं। जो पोर्टेबल एक्स-रे मशीन अन्य अस्पतालों और विभागों को मात्र 10 लाख रुपए में बेची जाती है, वही मशीन राजीव रंगीला की कंपनी ने दिल्ली सरकार को 33 लाख रुपए प्रति मशीन के हिसाब से बेची। सौरभ भारद्वाज ने बताया कि 10 लाख रुपए की कीमत वाली 448 मशीनों को 33 लाख रुपए के हिसाब से खरीदा गया, जिसके लिए सरकार ने करीब 148 करोड़ रुपए का पेमेंट किया जबकि ये मशीनें मात्र 45 करोड़ रुपए की हैं। इस तरह एक छोटे से टेंडर के जरिए सरकार और उससे जुड़े लोगों ने सीधे तौर पर 103 करोड़ रुपए का कमीशन हड़प लिया और यही रेखा गुप्ता सरकार का एक्स-रे स्कैम है।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा की पुण्य तिथि पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए

भाजपा प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं घेवरा स्थित समाधि स्थल पर पुत्र प्रवेश साहिब सिंह एवं परिजनों के साथ मंत्री सिरसा एवं सांसद चांदोलिया ने श्रद्धांजली अर्पित की डा. साहिब सिंह वर्मा जी की सादगी, ईमानदारी और संगठन के प्रति निष्ठा आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है — हर्ष मल्होत्रा नई दिल्ली 30 जून : दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. साहिब सिंह वर्मा की पुण्य तिथि पर आज प्रातः उनके घेवरा स्थित समाधि स्थल पर उनके परिजनों पत्नी श्रीमती साहिब कौर, ज्येष्ठ पुत्र एवं दिल्ली सरकार में मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह एवं छोटे पुत्र श्री सिद्धार्थ साहिब सिंह ने सपत्नीक हवन किया और इस अवसर पर श्री हनुमान भक्त श्री रसराज जी महाराज ने श्री सुन्दरकांड का पाठ किया। सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही दिल्ली सरकार में मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दिल्ली भाजपा के महामंत्री एवं सांसद श्री योगेन्द्र चांदोलिया आदि ने दिल्ली वालों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए। दिल्ली भाजपा कार्यालय में भी आज डॉ. साहिब सिंह वर्मा की स्मृति में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा के साथ श्री साहिब सिंह वर्मा के पुत्र एवं दिल्ली सरकार में मंत्री श्री प्रवेश साहिब सिंह, महामंत्री श्री विष्णु मित्तल, मीडिया प्रमुख श्री प्रवीण शंकर कपूर, उपाध्यक्ष श्री दिनेश प्रताप सिंह, श्रीमती योगिता सिंह, श्रीमती लता गुप्ता एवं श्री विनय रावत, मंत्री श्रीमती सोना कुमारी, कार्यालय मंत्री श्री बृजेश राय एवं श्री अमित गुप्ता, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्री सागर त्यागी, पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष श्री संतोष ओझा, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष श्री अनीस अब्बासी, प्रवक्ता श्री यासिर जिलानी, पार्टी नेता श्री गौरव खारी, श्री विजय सोलंकी, श्री ललित जोशी, श्री राजेश गुप्ता आदि ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि डॉ. साहिब सिंह वर्मा जी ने अपना पूरा जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समर्पित किया। वे एक ऐसे जननेता थे जिन्होंने गांव, गरीब, किसान और आम नागरिकों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि डॉ. साहिब सिंह वर्मा जी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शिक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए। दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों की समस्याओं को उन्होंने हमेशा मजबूती से उठाया और उनके विकास के लिए निरंतर प्रयास किया। श्री मल्होत्रा ने कहा कि डॉ. साहिब सिंह वर्मा जी की सादगी, ईमानदारी और संगठन के प्रति निष्ठा आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका जीवन हमें जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा परिवार और दिल्ली की जनता सदैव उनके योगदान को याद रखेगी और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेती रहेगी।

आर्य समाज वेद मंदिर का वार्षिक अधिवेशन और निर्वाचन के साथ गौरवशाली पूर्वांचल का लोकार्पण।

आजमगढ़ 29 जून 2026। आर्य समाज वेद मंदिर,आजमगढ़ का वार्षिक अधिवेशन और पदाधिकारीयों का निर्वाचन वर्ष 2026- 27 कार्यकाल का रविवार की रात्रि 8:00 बजे समारोह पूर्वक श्री अग्रवाल धर्मशाला आजमगढ़ में निर्वाचन अधिकारी डी०डी० सिंह अधिवक्ता द्वारा सर्वसम्मत से प्रधान पद पर रमेश चंद्र अग्रवाल एवं मंत्री पद पर अरविंद कुमार और कोषाध्यक्ष राम समुझ लाल का नाम घोषित किया गया।इसके साथ अन्य पदाधिकारी और सदस्यों के नाम की भी घोषणा की गई।वार्षिक अधिवेशन समारोह में आर्य विद्या सभा के मंत्री विनोद कुमार श्रीवास्तव के विशेष आग्रह पर प्रधान रमेश चंद्र अग्रवाल,कैलाश नाथ श्रीवास्तव अधिवक्ता, भानु प्रताप श्रीवास्तव,संतोष कुमार श्रीवास्तव, दिलीप नारायण,संजय सक्सेना,अरुण कुमार,अवधेश श्रीवास्तव,सुभाष चंद्र श्रीवास्तव‌, जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव, अशोक कुमार श्रीवास्तव,डॉक्टर दुर्गेश,जिला प्रतिनिधि ध्रुव कुमार शास्त्री आदि पदाधिकारीयों द्वारा सामूहिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रधान संपादक अरविंद चित्रांश की पुस्तक गौरवशाली पूर्वांचल का लोकार्पण समारोह पूर्वक किया गया,तत्पश्चात भोजन ग्रहण कराया गया।समारोह में नरेंद्र कुमार त्रिपाठी, राम प्रताप राय, कमलेश शर्मा, आनंद शुक्ला, आलोक बरनवाल, डॉ अजय कुमार श्रीवास्तव, राहुल शर्मा ,आनंद कुमार वरनवाल, सुरेश चंद्र अग्रवाल, अशोक कुमार श्रीवास्तव,अरविंद श्रीवास्तव ‘चित्रांश’, प्रदीप कुमार,राजकुमार आदि महत्वपूर्ण लोग उपस्थित रहे।अंत में आर्य समाज वेद मंदिर आजमगढ़ के प्रधान‌-रमेश चंद्र अग्रवाल द्वारा सर्वसम्मत से निर्वाचन संपन्न कराने हेतु सभी सदस्यों और पदाधिकारीयों का आभार व्यक्त किया गया।

मुख्यमंत्री का चिल्ला गांव दौरा केवल दिखावा, यमुना सफाई और बस्तियों की बदहाली पर सरकार जवाब दे: श्री देवेन्द्र यादव

भाजपा सरकार यमुना सफाई के नाम पर लगातार प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रदूषण और गंदगी की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा :- श्री देवेन्द्र यादव नई दिल्ली, 28 जून 2026दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता द्वारा चिल्ला गांव में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लेने और बस्ती के बच्चों से मुलाकात को केवल एक दिखावा बताते हुए कहा कि इससे दिल्ली की वास्तविक समस्याओं का समाधान नहीं ओहो रहा है । श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में यमुना की सफाई और बस्तियों के विकास के लिए गंभीर होती, तो आज भी यमुना में गिरते गंदे नालों, प्रदूषण, कूड़े के ढेर और सीवर की समस्याओं से दिल्ली के लोग जूझने को मजबूर नहीं होते। सरकार को प्रतीकात्मक कार्यक्रमों के बजाय ठोस कार्रवाई और उसके परिणाम जनता के सामने रखने चाहिए। श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का बस्ती के बच्चों से मिलना स्वागत योग्य है, लेकिन उन बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए स्वच्छ वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, साफ पेयजल और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। केवल मुलाकात और तस्वीरें खिंचवाने से इन समस्याओं का समाधान नहीं होगा। दिल्ली कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार यमुना सफाई के नाम पर लगातार प्रचार कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रदूषण और गंदगी की स्थिति में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं दे रहा। सरकार को यह बताना चाहिए कि अब तक यमुना सफाई पर क्या ठोस प्रगति हुई है, कितना प्रदूषण कम हुआ है और इसके लिए तय समयसीमा क्या है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि सरकार प्रचार पर ध्यान देने के बजाय यमुना की सफाई, बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और दिल्ली को स्वच्छ एवं प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए ठोस और जवाबदेह कदम उठाए।

श्रीराम मंदिर के दान-चढ़ावे में चोरी का मामला बेहद दुखद और शर्मनाक- प्रियंका गांधी

सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए कि क्या हुआ, कैसे हुआ और क्यों हुआ- प्रियंका गांधी ‘श्रीराम मंदिर के लिए दान इकट्ठा करने का अभियान चलाने वालों की जिम्मेदारी थी कि वे उसे सुरक्षित रखते’ केरलम में अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे के दूसरे दिन प्रियंका गांधी ने विकास से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया नई दिल्ली, 27 जून कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान-चढ़ावे की चोरी के मामले को बेहद दुखद और शर्मनाक बताते हुए सरकार से इसकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने श्रीराम मंदिर के लिए दान इकट्ठा करने का अभियान चलाया था, उनकी जिम्मेदारी थी कि वे उसे सुरक्षित रखते। अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे के दूसरे दिन शनिवार को पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि भगवान श्रीराम में आस्था रखने वाले देशभर के लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई से दान दिया था और अब वह चोरी हो गया है। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘जब चंदा इकट्ठा करने के लिए इतना बड़ा अभियान चलाया गया था, तो इसे सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी। सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए कि क्या हुआ, कैसे हुआ और क्यों हुआ।” अपने वायनाड दौरे के दौरान शनिवार को सांसद प्रियंका गांधी ने क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। उन्होंने बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य और शुरुआती शिक्षा के लिए कलपेट्टा और सुल्तान बथेरी क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से लैस ‘स्मार्ट आंगनवाड़ी’ केंद्रों का उद्घाटन किया। वायनाड कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भाग लेकर उन्होंने क्षेत्र की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। इसके अलावा मेप्पडी के सरकारी स्कूल के छात्रों की सुविधा के लिए उन्होंने एक नई स्कूल बस को झंडी दिखाकर रवाना भी किया। अंत में उन्होंने कलपेट्टा में वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी के मंडल अध्यक्षों के साथ बैठक की।

समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री का कार्यालय, दिल्ली सरकार

यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सफल नेतृत्व में “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत विशाल जनसभा का आयोजन मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के समक्ष समाज कल्याण मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने बवाना विधानसभा के समग्र विकास हेतु प्रमुख प्रस्ताव रखे बवाना विधानसभा को आधुनिक, विकसित एवं सुविधासंपन्न क्षेत्र बनाने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध – श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में विकसित दिल्ली और विकसित भारत के संकल्प को मिलेगा नया आयाम नई दिल्ली, 26 जून 2026 “12 साल विश्वास के, विकास के और जनकल्याण के” अभियान के अंतर्गत आयोजित विशाल जनसभा में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह, माननीय सांसद श्री योगेन्द्र चंदोलिया, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री विनोद सहरावत, उपमहापौर श्री जय भगवान यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री एवं बवाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के समक्ष बवाना विधानसभा क्षेत्र के समग्र एवं दीर्घकालिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि बवाना विधानसभा दिल्ली का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है और यहां आधुनिक आधारभूत सुविधाओं, खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन तथा ग्रामीण विकास से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाना आवश्यक है। मंत्री श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह द्वारा प्रस्तुत प्रमुख प्रस्तावों में दरियापुर स्टेडियम का सौंदर्यीकरण, बवाना स्टेडियम के पीछे स्थित भूमि का विकास एवं सौंदर्यीकरण, बवाना चौक तालाब तथा पूठ गांव के तालाब का सौंदर्यीकरण, बाजितपुर स्थित सिविल डिफेंस की भूमि पर आधुनिक खेल परिसर का निर्माण, कुतुबगढ़ डिस्पेंसरी को मिनी हॉस्पिटल में विकसित करना, पूठ कला सेक्टर-22 में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, पूठ कला स्थित कुटी झील का सौंदर्यीकरण, दरियापुर-मूनक नहर के ऊपर एलिवेटेड रोड का निर्माण, मूनक नहर पर बने पुल की मरम्मत, बवाना बाईपास का निर्माण, रिठाला से केएमपी तक कनेक्टिविटी विकसित करना, अदिति कॉलेज के लिए स्थायी भवन का निर्माण, ग्रामीण गौशालाओं को सरकारी सहायता उपलब्ध कराना तथा शाहबाद डेयरी लाल स्कूल के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करना शामिल हैं। श्री रविन्द्र इन्द्राज सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से बवाना विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास एवं यातायात सुविधाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे क्षेत्र के लाखों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने बवाना विधानसभा के विकास संबंधी प्रस्तावों को गंभीरता से सुना तथा कहा कि दिल्ली सरकार जनहित से जुड़े विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जनता की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावों का संबंधित विभागों के माध्यम से परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान केंद्र एवं दिल्ली सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकसित भारत 2047 एवं विकसित दिल्ली के विज़न पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। उपस्थित नागरिकों ने डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में विकास यात्रा को और गति देने तथा विकसित भारत एवं विकसित दिल्ली के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

संजय सिंह ने राम मंदिर जमीन खरीद मामले के दस्तावेज एसआईटी को सौंपे, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

संजय सिंह ने राम मंदिर जमीन खरीद मामले के दस्तावेज एसआईटी को सौंपे, निष्पक्ष जांच की उठाई मांग नई दिल्ली, 25 जून 2026। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़ी जमीन खरीद के कथित घोटाले को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दिए हैं। संजय सिंह का कहना है कि उन्होंने भगवान श्रीराम के भक्तों और देश की जनता के हित में यह कदम उठाया है ताकि सच्चाई सामने आ सके और यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो सके। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने भी केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि करोड़ों लोगों ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ दान दिया था। इसलिए मंदिर से जुड़े धन और जमीन खरीद के मामलों में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। लखनऊ पहुंचकर एसआईटी को सौंपे दस्तावेजसंजय सिंह ने बताया कि एसआईटी के अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने उन्हें लखनऊ स्थित कार्यालय में बुलाया था। निर्धारित समय पर पहुंचकर उन्होंने जांच टीम को जमीन खरीद से संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज सौंप दिए। उन्होंने कहा कि उनके पास कुल 13 दस्तावेज थे, लेकिन कुछ दस्तावेज एक-दूसरे से जुड़े हुए थे। इसलिए उन्होंने 11 सेट दस्तावेज जांच अधिकारियों को दिए। संजय सिंह ने कहा कि अब सारी जानकारी और दस्तावेज जांच एजेंसी के पास हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसआईटी पूरी गंभीरता से मामले की जांच करेगी और जो भी सच होगा, वह देश के सामने आएगा। अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और जमीन खरीद से जुड़े मामलों की जांच कर रही एसआईटी को संजय सिंह ने सभी सबूत सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब जांच एजेंसी की जिम्मेदारी है कि वह इन दस्तावेजों की जांच करे और लोगों के सामने सच्चाई रखे। केजरीवाल ने कहा कि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी मामले में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता होनी चाहिए। संजय सिंह बोले- यह केवल जमीन का नहीं, आस्था का मामला हैमीडिया से बातचीत करते हुए संजय सिंह ने कहा कि यह सिर्फ जमीन खरीद का मामला नहीं है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी श्रद्धा और विश्वास के साथ मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। इसलिए यह जानना जरूरी है कि उस धन का इस्तेमाल कैसे किया गया। उन्होंने कहा कि यदि दान और चढ़ावे के पैसों में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला मामला है। इसलिए इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। करोड़ों रुपये की जमीन खरीद पर उठाए सवालसंजय सिंह ने दावा किया कि उनके पास मौजूद दस्तावेजों में कई ऐसे जमीन सौदों का विवरण है, जिनमें जमीन की कीमत बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में जमीन की वास्तविक कीमत बहुत कम थी, लेकिन उसे ट्रस्ट द्वारा कई गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 9 करोड़ रुपये की जमीन को 55 करोड़ 47 लाख रुपये में खरीदा गया और 3 करोड़ रुपये की जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। संजय सिंह का कहना है कि इन सौदों की जांच से पता चल सकेगा कि आखिर इतनी अधिक कीमत क्यों चुकाई गई। नजूल जमीन को लेकर भी उठे गंभीर सवालसंजय सिंह ने एक ऐसे जमीन सौदे का भी जिक्र किया जिसे उन्होंने नजूल भूमि बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह नजूल जमीन थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन का दर्जा ऐसा था तो उसे करोड़ों रुपये देकर कैसे खरीदा गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक और कानूनी पहलुओं की भी जांच होनी चाहिए ताकि लोगों को पूरी सच्चाई पता चल सके। पांच मिनट में करोड़ों रुपये का मुनाफा?संजय सिंह ने एक पुराने जमीन सौदे का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने एक जमीन खरीदी और केवल पांच मिनट बाद उसी जमीन को कई गुना ज्यादा कीमत पर ट्रस्ट को बेच दिया। उन्होंने दावा किया कि पहले जमीन लगभग 2 करोड़ रुपये में खरीदी गई और कुछ मिनट बाद उसे 18.5 करोड़ रुपये में बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए। कई जमीन सौदों में एक जैसे नाम आने का दावासंजय सिंह ने कहा कि दस्तावेजों का अध्ययन करने पर पता चलता है कि कई जमीन सौदों में कुछ नाम बार-बार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को इन सभी मामलों को जोड़कर देखना चाहिए ताकि पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके। उनका कहना है कि यदि सभी सौदों की श्रृंखला को एक साथ देखा जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। दान में मिली जमीन बेचने का भी आरोपसंजय सिंह ने आरोप लगाया कि एक मामले में किसी व्यक्ति को दान में जमीन मिली थी और बाद में वह जमीन ट्रस्ट को करोड़ों रुपये में बेच दी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों की भी जांच होनी चाहिए ताकि यह पता चल सके कि जमीनों का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया था। किसानों की जमीन और ट्रस्ट की खरीद में अंतर का मुद्दासंजय सिंह ने कहा कि कुछ मामलों में उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों से जमीन कम कीमत पर खरीदी, जबकि ट्रस्ट ने उसी क्षेत्र में जमीन कहीं अधिक कीमत पर खरीदी। उन्होंने दावा किया कि यह अंतर इतना बड़ा है कि इसकी जांच जरूरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि यदि जमीन का बाजार मूल्य अलग था तो ट्रस्ट द्वारा इतनी अधिक कीमत क्यों चुकाई गई, इसका जवाब मिलना चाहिए। मीडिया और जनता से की अपीलसंजय सिंह ने मीडिया से अपील की कि वह जमीनों की वास्तविक स्थिति की पड़ताल करे। उन्होंने कहा कि पत्रकार जमीनों की लोकेशन और आसपास की स्थिति देखकर खुद समझ सकते हैं कि

मानसून से पहले अंकुश नारंग ने एमसीडी से मांगा जवाब, कहा- दिल्लीवासियों को जलभराव और करंट हादसों से बचाने की पूरी तैयारी बताएं

अंकुश नारंग ने एमसीडी कमिश्नर को लिखा पत्र, मानसून की तैयारियों पर मांगी पूरी रिपोर्ट नई दिल्ली, 24 जून 2026। दिल्ली में मानसून की शुरुआत से पहले आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने नगर निगम प्रशासन से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने एमसीडी कमिश्नर संजीव खिरवार को पत्र लिखकर राजधानी में बारिश के मौसम को लेकर की गई तैयारियों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अंकुश नारंग ने कहा कि हर साल बारिश आते ही दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव, गंदगी, टूटी सड़कों और करंट लगने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बार नगर निगम ने लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या इंतजाम किए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता हर साल मानसून के दौरान कई परेशानियों का सामना करती है। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूब जाती हैं, यातायात ठप हो जाता है और लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इसके अलावा कई इलाकों में करंट लगने की घटनाएं भी सामने आती हैं, जो लोगों की जान के लिए खतरा बन जाती हैं। इसलिए निगम प्रशासन को अपनी तैयारियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। क्या सभी नालों और नालियों की सफाई पूरी हो चुकी है?अंकुश नारंग ने अपने पत्र में सबसे पहले नालों और नालियों की सफाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या एमसीडी के सभी जोनों में आने वाले बड़े नाले, छोटे नाले, नालियां और जालियां पूरी तरह साफ कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हर साल निगम की ओर से सफाई के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही कई इलाकों में पानी भर जाता है। उन्होंने सवाल किया कि यदि सफाई का काम पूरा हो चुका है तो उसकी पूरी जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि सफाई के दौरान निकाली गई गाद, मिट्टी और कचरे को कहां ले जाकर डंप किया गया है। अंकुश नारंग ने कहा कि केवल कागजों में सफाई दिखाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उसका असर जमीन पर भी दिखाई देना चाहिए। जलभराव वाले इलाकों के लिए क्या विशेष व्यवस्था की गई है?अंकुश नारंग ने उन क्षेत्रों को लेकर भी सवाल उठाए जहां हर साल बारिश के दौरान भारी जलभराव होता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कई ऐसे इलाके हैं जहां थोड़ी सी बारिश के बाद भी सड़कें पानी से भर जाती हैं। इससे आम लोगों, दुकानदारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पूछा कि ऐसे संवेदनशील इलाकों की पहचान कर एमसीडी ने क्या विशेष कदम उठाए हैं। क्या उन स्थानों पर अतिरिक्त पंप लगाए गए हैं? क्या पानी निकासी की व्यवस्था को मजबूत किया गया है? क्या संबंधित अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है? इन सभी सवालों का जवाब निगम प्रशासन को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हर साल एक ही जगह जलभराव होता है तो इसका मतलब है कि समस्या की जड़ तक पहुंचकर समाधान नहीं किया गया। इसलिए यह जानना जरूरी है कि समस्या के कारणों की जांच की गई है या नहीं और उन्हें दूर करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। करंट लगने की घटनाओं को रोकने के लिए क्या तैयारी है?अंकुश नारंग ने बारिश के दौरान होने वाली करंट लगने की घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में कई बार खुले बिजली के तार, खराब स्ट्रीट लाइटें और जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली का रिसाव लोगों की जान के लिए खतरा बन जाता है। उन्होंने पूछा कि ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निगम और संबंधित विभागों ने क्या कदम उठाए हैं। क्या बिजली के खंभों और स्ट्रीट लाइटों की जांच की गई है? क्या संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है? क्या अधिकारियों को संभावित खतरे वाले स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं? अंकुश नारंग ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। राजेंद्र नगर की दुखद घटना का भी किया जिक्रअपने पत्र में अंकुश नारंग ने पिछले वर्ष मानसून के दौरान राजेंद्र नगर में हुई करंट लगने की दुखद घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस हादसे ने पूरे शहर को झकझोर दिया था और लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने पूछा कि उस घटना के बाद निगम प्रशासन ने क्या समीक्षा की थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि केवल हादसों के बाद जांच बैठा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े। निगम बैठक से पहले मांगे सभी सवालों के जवाबअंकुश नारंग ने अपने पत्र में कहा कि गुरुवार दोपहर 2 बजे होने वाली निगम की बैठक से पहले उनके सभी सवालों के जवाब उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि जब तक पूरी जानकारी सामने नहीं आएगी, तब तक मानसून की तैयारियों की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल सकेगा। उन्होंने कहा कि निगम सदन में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने वाली है और ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सभी तथ्यों और आंकड़ों के साथ अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इससे जनता को भी यह पता चलेगा कि उनके लिए क्या तैयारियां की गई हैं। दिल्लीवासियों की सुरक्षा से जुड़ा है मामलाअंकुश नारंग ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि दिल्ली के लाखों लोगों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा हुआ मामला है। मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं का सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है। इसलिए नगर निगम को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग यह जानना चाहते हैं कि इस बार बारिश के मौसम में उन्हें जलभराव, गंदगी और करंट जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी या नहीं। नगर निगम को पारदर्शिता के साथ अपनी तैयारियों का पूरा ब्यौरा देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए