दिल्ली में एचआईवी जागरूकता अभियान को मिली नई गति, जांच-उपचार के साथ भेदभाव समाप्त करने पर जोर

नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026। राजधानी दिल्ली में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, समयबद्ध जांच एवं समुचित उपचार को प्रोत्साहित करने तथा एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने व्यापक जनजागरूकता अभियान को गति प्रदान की है। दिल्ली राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (DSACS) के माध्यम से संचालित सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान के अंतर्गत युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, समुदायों और सामाजिक संगठनों तक एचआईवी से संबंधित प्रमाणित जानकारी पहुंचाई जा रही है। अभियान का प्रमुख संदेश ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ है। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर रोहिणी स्थित डॉ. बी.एस.ए. अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में 600 से अधिक विद्यार्थियों, गैर-सरकारी संगठनों, सहयोगी संस्थाओं एवं सामुदायिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर युवाओं और समुदायों को एचआईवी के प्रति जागरूक करने तथा उन्हें जनजागरूकता अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से जागरूकता रैली भी निकाली गई। एचआईवी जागरूकता स्वास्थ्य के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का भी विषय – डॉ. पंकज कुमार सिंहस्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि एचआईवी के प्रति जागरूकता केवल स्वास्थ्य से संबंधित विषय नहीं है, बल्कि यह व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व से भी जुड़ा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक को एचआईवी के संबंध में सही जानकारी, समय पर जांच, समुचित उपचार और आवश्यक सहायता उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि एचआईवी को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों और गलत धारणाओं का निराकरण आवश्यक है। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे किसी व्यक्ति को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के कारण भेदभाव, उपेक्षा अथवा सामाजिक तिरस्कार का सामना न करना पड़े। युवाओं की सहभागिता पर विशेष बलस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जागरूक एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और समुदायों से अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाना आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से जागरूकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। दो माह तक चलेगा व्यापक जनजागरूकता अभियानदिल्ली सरकार के अनुसार, आगामी दो माह तक राजधानी के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत एचआईवी संक्रमण से बचाव, समय पर जांच, उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में नागरिकों को जागरूक किया जाएगा। अभियान के दौरान एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के संबंध में भी जानकारी प्रदान की जाएगी। कॉलोनियों और झुग्गी-बस्तियों तक पहुंचेगा जागरूकता संदेशअभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों, कॉलोनियों एवं झुग्गी-बस्तियों में जागरूकता बैठकें, लोक प्रस्तुतियां, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर कार्यक्रम, फ्लैश मॉब, जागरूकता रैलियां तथा घर-घर संपर्क अभियान आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त एचआईवी जागरूकता एवं जांच शिविर भी लगाए जाएंगे। डिजिटल माध्यमों तथा सामाजिक संचार माध्यमों से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों के सहयोग से भी एचआईवी की रोकथाम, जांच और उपचार से संबंधित संदेश को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। दिल्ली में 14.29 लाख एचआईवी जांचें, 5,570 मामले मिले संक्रमितराष्ट्रीय एड्स एवं यौन संचारित संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में दिल्ली में 14 लाख 29 हजार एचआईवी जांचें की गईं। इनमें 5,570 मामले एचआईवी संक्रमित पाए गए। वर्तमान में दिल्ली के 12 एंटीरेट्रोवायरल उपचार (ART) केंद्रों पर एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे 44 हजार 546 लोगों का नियमित उपचार एवं देखभाल की जा रही है। सरकार के अनुसार, लक्षित प्रयासों के माध्यम से चिन्हित उच्च जोखिम वाले समूहों में से 92.13 प्रतिशत लोगों तक चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। 87 रेड रिबन क्लब युवाओं में बढ़ा रहे जागरूकतादिल्ली के महाविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में एचआईवी जागरूकता के लिए 87 रेड रिबन क्लब संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से युवाओं को एचआईवी संक्रमण से बचाव, जांच, उपचार और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। एचआईवी से संबंधित सेवाओं को और सुदृढ़ करने के लिए ‘संपूर्ण सुरक्षा केंद्र’ भी स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही नए मामलों की शीघ्र पहचान, समुदाय-आधारित जांच, चलित जांच सेवाओं और एकीकृत स्वास्थ्य शिविरों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। 8,047 लाभार्थियों को मिल रही आर्थिक सहायतादिल्ली सरकार द्वारा DSACS के माध्यम से संचालित विशेष योजना के अंतर्गत एचआईवी के साथ जीवन जी रहे पात्र लोगों को आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। वर्तमान में योजना के अंतर्गत 8,047 लाभार्थी सम्मिलित हैं। इस योजना में एचआईवी/एड्स के साथ जीवन जी रहे लोगों के अतिरिक्त एचआईवी संक्रमित बच्चों तथा एचआईवी/एड्स से प्रभावित अथवा संक्रमित अनाथ एवं बेसहारा बच्चों सहित विभिन्न श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को सम्मिलित किया गया है। भेदभाव समाप्त कर संवेदनशील वातावरण बनाने पर जोरदिल्ली सरकार ने एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सामाजिक संवेदनशीलता बढ़ाने और भेदभाव समाप्त करने को अभियान का महत्वपूर्ण अंग बनाया है। सरकार का कहना है कि एचआईवी से संबंधित भ्रांतियां और सामाजिक कलंक लोगों को जांच एवं उपचार के लिए आगे आने से रोक सकते हैं। इसीलिए अभियान के माध्यम से प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ समाज में एचआईवी के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति सम्मानजनक, संवेदनशील एवं मानवीय व्यवहार का संदेश भी दिया जा रहा है। ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लक्ष्यदिल्ली सरकार के सूचना, शिक्षा एवं संचार अभियान का उद्देश्य ‘एड्स को जानें—एड्स को रोकें’ संदेश को राजधानी के प्रत्येक वर्ग और समुदाय तक पहुंचाना है। अभियान के माध्यम से एचआईवी की रोकथाम, समय पर जांच, समुचित उपचार और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एचआईवी से संबंधित सही एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति भय, अज्ञानता अथवा सामाजिक कलंक के कारण जांच एवं उपचार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि जागरूकता, समय पर जांच, समुचित उपचार और सामाजिक संवेदनशीलता के सामूहिक प्रयासों से
होशियारपुर में 4-5 सितंबर को होगा ‘हमारे राम’ नाटक का मंचन, अरविंद केजरीवाल बोले- पंजाब में मिल रही व्यापक सराहना

पंजाब/नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बुधवार को होशियारपुर में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भक्ति संध्या में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उमड़े श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार की ओर से आयोजित किए जा रहे ‘हमारे राम’ नाटक का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नाटक को पंजाब में व्यापक जनसराहना मिल रही है। होशियारपुर में आगामी 4 और 5 सितंबर को अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत ‘हमारे राम’ नाटक का मंचन किया जाएगा। ‘हमारे राम’ नाटक को मिल रही व्यापक जनसराहना – अरविंद केजरीवालअरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोहाली में ‘हमारे राम’ नाटक का मंचन शुरू हुआ है और इसे देखने वाले दर्शकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। उन्होंने कहा कि दर्शकों का कहना है कि भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित ऐसा प्रभावशाली नाटक उन्होंने पहले नहीं देखा। उन्होंने होशियारपुर के नागरिकों से नाटक के लिए अग्रिम निःशुल्क पंजीकरण कराने का आग्रह किया। केजरीवाल ने कहा कि 4 और 5 सितंबर को होने वाले मंचन के लिए सीमित संख्या में सीटें उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, अन्य राज्यों में इस नाटक की एक सीट की कीमत लगभग 8,000 रुपये तक है, जबकि पंजाब सरकार द्वारा प्रदेशवासियों के लिए इसका निःशुल्क आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत तीन नए मार्ग प्रारंभअरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं के लिए तीन नए तीर्थ मार्ग प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को 15 वातानुकूलित बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इनमें कुछ बसें सालासर-खाटू श्याम, कुछ हरिद्वार-ऋषिकेश और कुछ मथुरा-वृंदावन के लिए रवाना हुईं। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत पहले दो प्रमुख मार्ग संचालित किए जा रहे थे। एक मार्ग से श्रद्धालुओं को श्री आनंदपुर साहिब एवं नैना देवी, जबकि दूसरे मार्ग से श्री दरबार साहिब, वाल्मीकि मंदिर, दुर्ग्याणा मंदिर एवं वाघा सीमा की यात्रा कराई जाती थी। श्रद्धालुओं की मांग को ध्यान में रखते हुए अब तीन नए मार्गों को योजना में सम्मिलित किया गया है। तीन नए मार्गों से डेढ़ लाख श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रा कराने का लक्ष्यकेजरीवाल ने कहा कि आगामी कुछ महीनों में इन तीनों नए मार्गों के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि वातानुकूलित बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुविधाजनक एवं सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा केवल आर्थिक सामर्थ्य का विषय नहीं है। अपने परिजनों, मित्रों एवं परिचितों के साथ भजन-कीर्तन करते हुए धार्मिक स्थलों की यात्रा करना एक विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभव है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस सुविधा का लाभ उठाने का आह्वान किया। ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाबकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना और आस्था का पर्व है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कांवड़िए श्रद्धाभाव के साथ अपने-अपने गंतव्यों की ओर जा रहे हैं। माता चिंतपूर्णी के मार्ग में भी श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह लंगर लगाए गए हैं। होशियारपुर में आयोजित कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग किसी प्रलोभन अथवा निमंत्रण के कारण नहीं, बल्कि अपनी श्रद्धा और आस्था से प्रेरित होकर स्वयं कार्यक्रम में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि माताएं और बहनें भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं तथा अनेक श्रद्धालु अपने छोटे बच्चों को भी साथ लेकर पहुंचे। ‘एक भी मां-बहन का हक नहीं मारा जाएगा’ – भगवंत मानमुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन लाभार्थियों के खातों में राशि पहुंचने का संदेश प्राप्त हो गया है, उन्हें भुगतान मिल चुका है। जिनके खातों में अभी तक राशि नहीं पहुंची है, वे आवश्यक प्रपत्र भर दें। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने में विलंब हो सकता है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को राशि उपलब्ध कराने में कोई विलंब नहीं किया जाएगा। भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि “एक भी मां-बहन का हक नहीं मारा जाएगा।” उन्होंने कहा कि सरकार पात्र लाभार्थियों तक उनका अधिकार पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत संबंधित खातों में राशि हस्तांतरित की जाएगी। होशियारपुर की धरती को बताया संतों और विद्वानों की भूमिमुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि होशियारपुर शिक्षित एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध लोगों की धरती है। इस क्षेत्र से अनेक शायर, संत, फकीर और पीर हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, वह दशहरा मैदान है और यहां श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति देखने को मिल रही है। उन्होंने कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को ‘आस्था और भक्ति का जनसैलाब’ बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों का अपने परिवार और बच्चों के साथ कार्यक्रम में पहुंचना पंजाब की सामाजिक एकता एवं धार्मिक आस्था का परिचायक है। भक्ति संगीत से सराबोर होगा वातावरण, कैलाश खेर देंगे प्रस्तुतिभगवंत मान ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपनी प्रस्तुति के माध्यम से वातावरण को भक्ति और आध्यात्मिक संगीत से सराबोर करेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की उपस्थिति पंजाब की जनता की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और परंपराओं के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और जनसहभागिता का बना संगम‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भक्ति संध्या में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और जनसहभागिता का व्यापक स्वरूप देखने को मिला। अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्रद्धालुओं के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की तथा ‘हमारे राम’ नाटक और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की। ‘हमारे राम’ नाटक के होशियारपुर में प्रस्तावित मंचन तथा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत नए मार्गों के शुभारंभ के माध्यम से पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों तक सुगम पहुंच उपलब्ध कराने की पहल को भी रेखांकित किया गया।
दिल्ली के चावल घोटाले पर AAP का भाजपा सरकार पर हमला, संजीव झा बोले- मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा हैं घोटाले के सरगना

नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में सामने आए कथित चावल घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी ने विधानसभा में इस मामले पर चर्चा नहीं होने देने का आरोप लगाते हुए खाद्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग की है। AAP विधायक दल के चीफ व्हीप संजीव झा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में मंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका है और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को उनसे तत्काल इस्तीफा लेना चाहिए। चावल घोटाले को लेकर संजीव झा ने लगाए गंभीर आरोपदिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए संजीव झा ने कहा कि विधानसभा में आम आदमी पार्टी ने नियम 55 के तहत चावल के इस मामले पर चर्चा कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि यह कोई छोटा मामला नहीं है, बल्कि गरीबों और प्रवासी मजदूरों के राशन से जुड़ा बेहद गंभीर मामला है। संजीव झा के अनुसार, अगर इस योजना को पूरी तरह लागू कर दिया जाता और तीन साल तक राशन इसी तरह वितरित किया जाता, तो कथित तौर पर करीब 22 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस चावल को गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना था, वह निजी व्यापारियों तक पहुंच गया। गरीबों के लिए था चावल, व्यापारियों को बेचने का आरोपसंजीव झा ने कहा कि इस मामले में ऐसे लोगों के लिए चावल उपलब्ध कराने की योजना थी, जिनके पास राशन कार्ड नहीं हैं। इनमें बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और गरीब लोग शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चावल गरीबों में बांटने के बजाय निजी व्यापारियों को बेच दिया गया। उनके अनुसार, हर सप्ताह बड़ी मात्रा में चावल खरीदा गया और बाद में उसके वितरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए। संजीव झा ने कहा कि गरीबों के लिए आने वाले राशन की निगरानी और उसके सही वितरण की जिम्मेदारी सरकार की थी। इसलिए यह सवाल उठता है कि चावल कहां गया और किसे बांटा गया, इसकी जानकारी क्यों नहीं ली गई। मंत्री ने पत्र आगे बढ़ाया, लेकिन आगे की जांच क्यों नहीं की?संजीव झा ने आरोप लगाया कि मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का कहना है कि उन्होंने केवल एक आवेदन को आगे भेजा था और इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी। इस पर संजीव झा ने सवाल उठाया कि अगर मंत्री की कोई भूमिका नहीं थी, तो फिर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई? उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्टर्न रीजनल एग्रीकल्चर मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी निरामक की ओर से मंत्री को पत्र भेजा गया था। आरोप है कि मंत्री ने इस पत्र को सीधे अतिरिक्त आयुक्त तक पहुंचाया। इसके बाद एफसीआई से चावल लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। संजीव झा का कहना है कि मंत्री को केवल चावल उपलब्ध कराने की चिंता नहीं करनी चाहिए थी, बल्कि यह भी देखना चाहिए था कि चावल दिल्ली में सही लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। अप्रैल और मई में चावल जारी होने का दावासंजीव झा ने प्रेसवार्ता में दावा किया कि अप्रैल में करीब 7,000 मीट्रिक टन और मई में करीब 9,900 मीट्रिक टन चावल जारी किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार के विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट का भी हवाला सामने आया है। उनके अनुसार, राशन वितरण को लेकर राज्य के कॉरपोरेशन की भूमिका होती है और जिस कॉरपोरेशन को यह जिम्मेदारी दी गई, उसके अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संजीव झा ने कहा कि मंत्री को यह जांचना चाहिए था कि जिस संस्था को चावल वितरण का काम दिया जा रहा है, वह इसके लिए अधिकृत है या नहीं। अधिकारी के जवाब का हवाला देकर मंत्री पर सवालसंजीव झा ने कहा कि उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त अरुण कुमार झा के कारण बताओ नोटिस के जवाब को पढ़ा है। उनके अनुसार, अधिकारी ने अपने जवाब में कहा कि खाद्य आपूर्ति मंत्री से चर्चा के बाद ही निरामक का पत्र एफसीआई को भेजा गया था। संजीव झा ने कहा कि अगर अधिकारी के जवाब में मंत्री से चर्चा का उल्लेख है, तो फिर मंत्री यह कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने केवल पत्र आगे बढ़ाया और उनकी कोई भूमिका नहीं थी।उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाने चाहिए। विधानसभा में चर्चा नहीं होने देने का आरोपसंजीव झा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के विधायक इस मामले पर विधानसभा में चर्चा करना चाहते थे, लेकिन सदन को तीन बार स्थगित किया गया। इसके बाद AAP विधायकों को मार्शल आउट कर दिया गया। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार के पास इस मामले में जवाब था, तो विपक्ष को सदन में अपनी बात रखने का मौका क्यों नहीं दिया गया। संजीव झा ने कहा कि जब AAP विधायक सदन से बाहर हो गए, उसके बाद मंत्री की ओर से जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इस मामले में पूरी तरह साफ है तो उसे विधानसभा में खुली चर्चा करानी चाहिए। मुख्यमंत्री से मंत्री का इस्तीफा लेने की मांगसंजीव झा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की कि वह खाद्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का इस्तीफा लें। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में पारदर्शिता दिखानी चाहिए और यह बताना चाहिए कि गरीबों के लिए आया चावल कहां गया। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। संजीव झा ने आरोप लगाया कि अगर मुख्यमंत्री मंत्री का इस्तीफा नहीं लेती हैं, तो इससे सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठेंगे। कुलदीप कुमार ने भी सरकार पर साधा निशानाकोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने भी चावल मामले को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और मंत्री ने योजना बनाकर भ्रष्टाचार किया। कुलदीप कुमार ने कहा कि जिन गरीब लोगों के लिए चावल उपलब्ध कराया जाना था, उन्हें इसका लाभ नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के राशन को निजी व्यापारियों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। कुलदीप कुमार ने कहा कि AAP केवल आरोप नहीं लगा रही है, बल्कि उसके पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज भी हैं। उन्होंने मंत्री
2,574 करोड़ की वज़ीराबाद जल परियोजना को मिली हरी झंडी, दिल्ली की पानी की व्यवस्था होगी और मजबूत

जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा- आने वाले दशकों की जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार होगा दिल्ली का जल नेटवर्क नई दिल्ली, 10 अगस्त। दिल्ली की पानी की व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली की लंबे समय से लंबित वज़ीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना को अब आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। आर्थिक कार्य विभाग (DEA) की स्क्रीनिंग कमेटी ने ₹2,574 करोड़ की एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) सहायता प्राप्त परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के जरिए वज़ीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर पानी की बड़ी पाइपलाइनों, वितरण नेटवर्क और घरों तक पहुंचने वाली जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे दिल्ली में पानी की सप्लाई को ज्यादा भरोसेमंद बनाने और पानी की बर्बादी को कम करने में मदद मिलेगी। 2013 में बनी थी योजना, अब मिली रफ्तारवज़ीराबाद जल आपूर्ति सुधार परियोजना की योजना वर्ष 2013 में बनाई गई थी, लेकिन लंबे समय तक यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब दिल्ली सरकार ने इसे दोबारा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए पानी रोजमर्रा की सबसे जरूरी सुविधाओं में से एक है। इसलिए पानी की व्यवस्था केवल आज की जरूरत के हिसाब से नहीं, बल्कि आने वाले कई वर्षों को ध्यान में रखकर तैयार करनी होगी। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा जल ढांचा तैयार करना है जो आधुनिक, मजबूत और लंबे समय तक लोगों की जरूरत पूरी करने में सक्षम हो। पुरानी पाइपलाइन हटेगी, नई पाइपलाइन से सुधरेगी सप्लाईवज़ीराबाद परियोजना के तहत पुरानी, खराब और कम क्षमता वाली पाइपलाइनों को बदला जाएगा। जहां जरूरत होगी, वहां नई ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन भी बिछाई जाएगी। इसके साथ ही मौजूदा पाइपलाइन नेटवर्क को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। इससे पानी का दबाव और अलग-अलग इलाकों में पानी के वितरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। वज़ीराबाद वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के साथ-साथ अंडरग्राउंड रिजर्वायर, पंपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी अपग्रेड किया जाएगा। घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था भी होगी मजबूतपरियोजना के तहत घरों में पानी पहुंचाने वाले हाउस सर्विस कनेक्शनों को भी व्यवस्थित किया जाएगा। जिन इलाकों में अभी तक औपचारिक जल कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है, वहां नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। तकनीकी रूप से जहां संभव होगा, वहां इन क्षेत्रों को नियोजित जल आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे पानी की सप्लाई का रिकॉर्ड भी बेहतर होगा और उपभोक्ताओं से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। पानी की बर्बादी रोकना भी बड़ी प्राथमिकतावज़ीराबाद परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य Non-Revenue Water यानी NRW को कम करना है। NRW में पाइपलाइन लीकेज, पानी की भौतिक हानि और अनधिकृत इस्तेमाल के कारण होने वाला पानी का नुकसान शामिल होता है। सरकार का उद्देश्य है कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से तैयार होकर निकलने वाला ज्यादा से ज्यादा पानी लोगों तक पहुंचे। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पानी तैयार करने के बाद अगर उसका बड़ा हिस्सा रास्ते में ही बर्बाद हो जाए तो इससे लोगों को पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसलिए पूरे नेटवर्क को मजबूत करना जरूरी है। दिल्ली में बनेंगे 8 Command Centresदिल्ली की जल व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए परियोजना में आठ आपस में जुड़े Command Centres बनाए जाएंगे। इनमें वज़ीराबाद और चंद्रावल के साथ-साथ West, South-West, East, North-East, North-West और South Zones के Command Centres शामिल होंगे। इन सभी केंद्रों को एक साझा डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पानी की स्थिति की जानकारी अधिकारियों को एक ही सिस्टम पर मिल सकेगी। SCADA सिस्टम से होगी पानी की डिजिटल निगरानीइन Command Centres के जरिए SCADA और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए पानी का प्रवाह, पानी का दबाव, रिजर्वायर में पानी का स्तर, पंपिंग स्टेशन और दूसरे महत्वपूर्ण जल ढांचे की निगरानी की जा सकेगी। अगर किसी इलाके में पानी का दबाव कम होता है, पाइपलाइन में कोई समस्या आती है या जल आपूर्ति में रुकावट होती है, तो समस्या को जल्दी पहचानने में मदद मिलेगी।vप्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि आठों Command Centres दिल्ली के जल नेटवर्क को एक कनेक्टेड सिस्टम की तरह काम करने में मदद करेंगे। इससे अधिकारियों को तेजी से निर्णय लेने और अलग-अलग इलाकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी। वज़ीराबाद परियोजना के लिए ₹43.77 करोड़ की PMCपरियोजना को आगे बढ़ाने के लिए Project Management Consultancy यानी PMC का प्रस्ताव भी दिल्ली जल बोर्ड के सामने रखा गया है। यह काम M/s NJS Engineers India Pvt. Ltd. (Lead) और NJS Co., Ltd., Japan (JV) को दिए जाने का प्रस्ताव है। इसकी प्रस्तावित लागत ₹43.77 करोड़ है। PMC के जरिए परियोजना के तकनीकी प्रबंधन, काम की निगरानी, क्रियान्वयन और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय में विशेषज्ञ मदद मिलेगी। दिल्ली के लिए बनेगा 30 साल का Water Master Planदिल्ली के पूरे जल नेटवर्क को लंबे समय के लिए मजबूत बनाने के लिए 30 वर्षीय Water Master Plan तैयार किया जाएगा। इसके लिए छह Water Supply Zones में NRW Reduction, DPR Preparation, Bid Process Management और Supervision Services से जुड़ी General Consultancy का प्रस्ताव दिल्ली जल बोर्ड के सामने रखा गया है। इस काम के लिए M/s Haskoning India Consulting Pvt. Ltd. को ₹88.63 करोड़ की प्रस्तावित लागत पर जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव है। 30 साल की जरूरत को ध्यान में रखकर बनेगी योजनाWater Master Plan में दिल्ली की वर्तमान और भविष्य की पानी की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। इसमें जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने, पानी की बर्बादी कम करने, नई पाइपलाइन की जरूरत, मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करने और अलग-अलग इलाकों में पानी की सप्लाई को बेहतर बनाने की योजना तैयार की जाएगी।जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर के जल ढांचे की योजना केवल एक-दो साल के लिए नहीं बनाई जा सकती। उन्होंने कहा कि आने वाले 30 वर्षों को ध्यान में रखते हुए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करना जरूरी है। वज़ीराबाद जैसी परियोजनाएं इसी लंबे रोडमैप को जमीन
आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई सिर्फ आम आदमी पार्टी लड़ रही है – अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 09 अगस्त 2026। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजाद भारत में सबसे ज्यादा अन्याय अगर किसी समाज के साथ हुआ है, तो वह आदिवासी समाज है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश की अलग-अलग सरकारों और राजनीतिक दलों ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन को उनसे छीनकर बड़ी-बड़ी कंपनियों को दे दिया। आदिवासी समाज के साथ लंबे समय से अन्याय का आरोपअरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश ने पिछले 75 वर्षों में बहुत तरक्की की है। देश के अलग-अलग वर्गों और समाजों के लोगों ने विकास किया है, लेकिन आदिवासी समाज आज भी कई मूलभूत अधिकारों और सुविधाओं से पीछे है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को आगे बढ़ने का पूरा अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, आदिवासी समाज के पास जो प्राकृतिक संसाधन हैं, वे उनके जीवन और अधिकारों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद इन संसाधनों पर दूसरे लोगों और बड़ी कंपनियों का कब्जा बढ़ता गया। जल, जंगल और जमीन आदिवासियों का अधिकारकेजरीवाल ने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आदिवासी समुदाय पीढ़ियों से जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के साथ जुड़कर अपना जीवन बिताता आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने आदिवासी समाज के संसाधनों को उनसे दूर कर दिया। बड़ी-बड़ी कंपनियों को जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का लाभ दिया गया, जबकि जिन लोगों का इन क्षेत्रों से वर्षों पुराना संबंध है, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा गया। पेसा कानून लागू नहीं करने का आरोपअरविंद केजरीवाल ने पेसा कानून का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकारें कई बार ग्रामसभा से पर्याप्त राय लिए बिना ही फैसले लेती हैं। केजरीवाल का कहना था कि पेसा कानून बनाया गया, लेकिन उसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने से पहले वहां के लोगों और ग्रामसभा की बात सुनी जानी चाहिए। चैतर वसावा को लेकर भी उठाई आवाजकेजरीवाल ने आदिवासी नेता चैतर वसावा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं और उनके अनुसार इसी वजह से उन्हें एक झूठे मामले में जेल में रखा गया है। केजरीवाल ने कहा कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने उनके जल्द जेल से बाहर आने की कामना की और लोगों से उनके लिए प्रार्थना करने की अपील की। आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के साथअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समाज के अधिकारों की आवाज उठाने के कारण आम आदमी पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को संघर्ष करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य आदिवासी समाज को उनके अधिकार दिलाना है, ताकि वे अपने जल, जंगल और जमीन से जुड़े फैसलों में अपनी भूमिका निभा सकें। ग्रामसभा की आवाज को महत्व देने की मांगकेजरीवाल ने कहा कि आदिवासी इलाकों में रहने वाले लोगों की बात सुने बिना कोई बड़ा फैसला नहीं लिया जाना चाहिए। ग्रामसभा को मजबूत करना और स्थानीय लोगों की राय को महत्व देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन योजनाओं का सही तरीके से जमीन पर लागू होना भी जरूरी है। आदिवासी समाज को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिएअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आदिवासी समाज भी देश का उतना ही महत्वपूर्ण हिस्सा है जितना कोई दूसरा समाज। उन्होंने कहा कि विकास का लाभ सभी लोगों तक पहुंचना चाहिए और आदिवासी समाज को भी शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, सम्मान और अपने प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार मिलना चाहिए। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर केजरीवाल ने कहा कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा करना केवल आदिवासी समाज की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे देश की जिम्मेदारी है।अधिकारों की लड़ाई जारी रखने का संदेशअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों पर आदिवासी समाज की बात सुनी जानी चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस पर देश के सभी आदिवासी भाइयों और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सम्मान, अधिकार और बेहतर भविष्य के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
साइकिल खरीद पर सियासी घमासान, सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026। दिल्ली में साइकिल खरीद को लेकर आम आदमी पार्टी ने रेखा गुप्ता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि करीब 90 करोड़ रुपये की साइकिल खरीद में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी को साइकिल खरीद का टेंडर दिया गया है, वह खुद साइकिल नहीं बनाती है। इसके बावजूद उसे इतनी बड़ी संख्या में साइकिल खरीदने का काम दिया गया। सौरभ भारद्वाज ने इस पूरे मामले में सरकार से कई सवाल पूछे हैं और कहा है कि जनता के पैसे से होने वाली इतनी बड़ी खरीद में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज का आरोप- साइकिल बनाने वाली कंपनी को नहीं मिला टेंडरसौरभ भारद्वाज ने कहा कि साइकिल खरीद के टेंडर में हीरो और एवन जैसी बड़ी साइकिल निर्माता कंपनियों ने हिस्सा लिया था। ये कंपनियां लंबे समय से साइकिल बनाती और बेचती हैं। उनके मुताबिक, इसके अलावा माटा स्पोर्ट्स नाम की कंपनी ने भी टेंडर में हिस्सा लिया। सौरभ भारद्वाज का दावा है कि माटा स्पोर्ट्स खुद साइकिल नहीं बनाती है और इसके पास साइकिल बनाने वाली बड़ी कंपनियों जैसा अनुभव भी नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब साइकिल बनाने वाली बड़ी कंपनियां टेंडर में मौजूद थीं, तो ऐसी कंपनी को इतनी बड़ी खरीद का काम क्यों दिया गया? 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद का मामलासौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह मामला करीब 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद से जुड़ा है। इतनी बड़ी संख्या में साइकिलों की खरीद में सरकार के करोड़ों रुपये खर्च होने हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी पैसे से इतनी बड़ी खरीद की जाती है, तो साइकिल का मॉडल, उसकी कीमत, गुणवत्ता और कंपनी की क्षमता की पूरी जांच होनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि इस मामले में इन सवालों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। 7 हजार रुपये की साइकिल पर उठे सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि टेंडर में माटा स्पोर्ट्स ने हीरो स्काइलर 26टी मॉडल की साइकिल करीब 7 हजार रुपये में देने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि बाद में इस मॉडल को लेकर ही सवाल खड़े हो गए। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, हीरो कंपनी ने स्काइलर 26टी मॉडल का उत्पादन पहले ही बंद कर दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब किसी मॉडल का उत्पादन बंद हो चुका था, तो उसी मॉडल के नाम पर साइकिल खरीदने का फैसला कैसे किया गया। 4 हजार की साइकिल को 7 हजार में देने का आरोपसौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि स्काइलर 26टी मॉडल की जगह हीरो बोनफायर मॉडल की साइकिल दी जा रही है। उनका दावा है कि बोनफायर मॉडल की कीमत बाजार में करीब 4 हजार रुपये है, जबकि सरकार को इसे करीब 7 हजार रुपये की कीमत पर दिया जा रहा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर यह अंतर सही है, तो एक साइकिल पर करीब 3 हजार रुपये का अंतर बनता है। 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद में यह अंतर बहुत बड़ी रकम बन सकता है।उन्होंने सरकार से मांग की कि वह बताए कि आखिर साइकिल का वास्तविक मॉडल और उसकी वास्तविक कीमत क्या है। हीरो और एवन जैसी कंपनियों को लेकर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि टेंडर में हीरो और एवन जैसी कंपनियां शामिल थीं। दोनों कंपनियां साइकिल बनाने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने सवाल किया कि जो कंपनी खुद साइकिल बनाती है, उसकी तुलना में एक छोटी कंपनी कम कीमत में वही साइकिल देने का दावा कैसे कर सकती है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार को टेंडर की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी चाहिए और यह बताना चाहिए कि किस आधार पर माटा स्पोर्ट्स को सबसे योग्य कंपनी माना गया। वर्क ऑर्डर में भी गड़बड़ी का आरोपसौरभ भारद्वाज ने वर्क ऑर्डर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि माटा स्पोर्ट्स को दिए गए वर्क ऑर्डर में हीरो स्काइलर 26टी मॉडल की साइकिल देने की बात लिखी गई है। लेकिन उनके अनुसार, बाजार में उपलब्ध साइकिल और वर्क ऑर्डर में बताए गए मॉडल को लेकर अंतर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि टेंडर में जिस मॉडल को तय किया गया था, क्या वास्तव में वही साइकिल सरकार को दी जा रही है। HSN कोड नहीं होने पर भी सवालसौरभ भारद्वाज ने वर्क ऑर्डर में HSN कोड नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सामान की पहचान और खरीद से जुड़े दस्तावेजों में HSN कोड महत्वपूर्ण होता है। उनका आरोप है कि इस वर्क ऑर्डर में HSN कोड से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं है। सौरभ भारद्वाज ने सवाल किया कि अगर यह सरकारी खरीद है, तो सभी जरूरी जानकारियां दस्तावेजों में साफ-साफ क्यों नहीं दी गईं। सरकारी पैसे के इस्तेमाल पर उठाए सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह पूरा मामला सरकारी पैसे से जुड़ा हुआ है। अगर साइकिल की कीमत में बड़ा अंतर है, तो इसका सीधा असर जनता के पैसों पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि एक साइकिल की वास्तविक कीमत कितनी है और सरकार इसके लिए कितनी रकम दे रही है। सौरभ भारद्वाज ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद से जवाब की मांगसौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री आशीष सूद से भी इस मामले पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को चुप रहने के बजाय जनता के सामने पूरी जानकारी रखनी चाहिए। सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, इतने बड़े टेंडर से जुड़े सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जनता जानना चाहती है कि टेंडर किस आधार पर दिया गया और साइकिलों की कीमत कैसे तय की गई। आम आदमी पार्टी ने मामला आगे भी उठाने की बात कहीसौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को आगे भी लगातार उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी दिल्ली की जनता के सामने इस खरीद से जुड़े
‘रामायण’ के ट्रेलर को लेकर उठे सवाल, डॉ. भारत नागर बोले- ‘यह रामायण है या महाभारत?’

रामायण रिसर्च काउंसिल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म के चित्रण से लेकर मां सीता के चरित्र तक हुई चर्चा 19 अगस्त को BHU में होगा ‘रामायणी सम्मान 2026’, देश की 28 प्रमुख हस्तियों को किया जाएगा सम्मानित नई दिल्ली, 7 अगस्त 2026। रामायण और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर काम कर रही रामायण रिसर्च काउंसिल की ओर से शुक्रवार को नई दिल्ली के नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया (NSCI), प्रगति मैदान में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ‘रामायणी सम्मान 2026’ की तैयारियों के साथ-साथ रामायण पर बन रही फिल्मों में भगवान श्रीराम और माता सीता के चरित्र को प्रस्तुत करने के तरीके पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में सांसद एवं पूर्व रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, सेवानिवृत्त आईएएस देव दत्त शर्मा, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. भारत नागर, कुमार सुशांत, पितांबर मिश्रा और साध्वी प्रज्ञा भारती सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए रामायण पर फिल्म या किसी अन्य माध्यम में प्रस्तुति तैयार करते समय तथ्यों और परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। ट्रेलर देखकर डॉ. भारत नागर ने पूछा- ‘यह रामायण है या महाभारत?’प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे प्रमुख विषय हाल ही में जारी हुई ‘रामायण’ फिल्म के ट्रेलर को लेकर रहा। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता डॉ. भारत नागर ने ट्रेलर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। डॉ. भारत नागर ने कहा कि ट्रेलर देखने के बाद उनके मन में यह सवाल आया कि आखिर यह प्रस्तुति रामायण की है या महाभारत की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का स्वरूप भारतीय परंपरा में मर्यादा, शांति, संयम और सौम्यता से जुड़ा हुआ है। उनका कहना था कि रामायण पर फिल्म बनाते समय भगवान श्रीराम के चरित्र और उनके व्यक्तित्व को उसी गरिमा और मर्यादा के साथ दिखाया जाना चाहिए, जिसके लिए भगवान श्रीराम को जाना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म के ट्रेलर में दिखाई गई चीजें दर्शकों पर काफी प्रभाव डालती हैं। इसलिए फिल्म निर्माताओं को शुरुआत से ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि रामायण से जुड़े पात्रों और घटनाओं का चित्रण सही और सम्मानजनक तरीके से हो। सेंसर बोर्ड से की विशेषज्ञों को फिल्म दिखाने की अपीलडॉ. भारत नागर ने कहा कि फिल्म को प्रमाणित करने से पहले रामायण रिसर्च काउंसिल के विद्वानों और विशेषज्ञों को फिल्म दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि फिल्म में रामायण से जुड़ी कोई जानकारी या दृश्य गलत तरीके से प्रस्तुत हुआ है तो रिलीज से पहले उसे सुधारा जा सकता है। इससे बाद में किसी तरह के विवाद की स्थिति बनने की संभावना भी कम होगी। डॉ. भारत नागर ने कहा कि रामायण करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई है। इसलिए इस विषय पर फिल्म बनाने वाले लोगों की जिम्मेदारी सामान्य फिल्मों की तुलना में अधिक होती है। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से अपील की कि वे रामायण से जुड़ी किसी भी फिल्म को तैयार करने से पहले धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों के जानकारों से सलाह जरूर लें। ‘आदिपुरुष’ का उदाहरण देकर डॉ. भारत नागर ने जताई चिंताडॉ. भारत नागर ने इस दौरान ‘आदिपुरुष’ फिल्म का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि पहले भी रामायण से जुड़े पात्रों और घटनाओं के फिल्मी चित्रण को लेकर विवाद हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्मों से जुड़े विवाद केवल फिल्म तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनका प्रभाव समाज और विशेष रूप से नई पीढ़ी पर भी पड़ सकता है। डॉ. भारत नागर के अनुसार, आज के समय में बच्चे और युवा फिल्मों, इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए इतिहास और धार्मिक विषयों के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। ऐसे में यदि किसी प्रस्तुति में गलत जानकारी पहुंचती है तो दर्शकों के बीच भी उसी को सही मानने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि इसलिए रामायण जैसे विषयों पर काम करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। अजय भट्ट बोले- पूरी रिसर्च के बाद ही बने रामायण पर फिल्मप्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद अजय भट्ट, सांसद नैनीताल एवं पूर्व रक्षा राज्य मंत्री, ने भी रामायण पर बनने वाली फिल्मों को लेकर अपनी बात रखी। अजय भट्ट ने कहा कि रामायण रिसर्च काउंसिल की स्थापना का उद्देश्य ही रामायण से जुड़ी सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि रामायण भारत की संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए जब भी रामायण पर फिल्म, धारावाहिक या कोई अन्य प्रस्तुति बनाई जाए तो उसके लिए पूरी तरह से रिसर्च की जानी चाहिए। अजय भट्ट ने कहा कि फिल्म बनाने वालों को केवल मनोरंजन को ध्यान में नहीं रखना चाहिए, बल्कि रामायण के मूल भाव और उसके पात्रों की गरिमा का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी विषय पर पर्याप्त जानकारी नहीं है तो विशेषज्ञों और विद्वानों की मदद ली जानी चाहिए, जिससे दर्शकों तक गलत जानकारी न पहुंचे। अजय भट्ट ने बताए ‘रामायणी सम्मान 2026’ के प्रमुख नामअजय भट्ट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘रामायणी सम्मान 2026’ के लिए चुने गए 28 विशिष्ट लोगों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सम्मानित होने वाले प्रमुख नामों में प्रसिद्ध भजन गायक अनूप जलोटा, प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल, आर.के. सिंह और स्वर्गीय किशोर कुणाल शामिल हैं। काउंसिल के अनुसार, इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और भारतीय संस्कृति तथा रामायण की परंपरा को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाई है। 19 अगस्त को BHU में होगा भव्य सम्मान समारोहरामायण रिसर्च काउंसिल ने बताया कि ‘रामायणी सम्मान 2026’ का मुख्य कार्यक्रम 19 अगस्त 2026 को वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में देशभर से चयनित 28 विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। काउंसिल का कहना है कि इस सम्मान के जरिए भारतीय संस्कृति, रामायण की परंपरा और समाज में सकारात्मक मूल्यों को बढ़ावा देने वाले लोगों का सम्मान किया जाएगा। साध्वी प्रज्ञा भारती ने माता सीता के चरित्र पर रखी बातप्रेस कॉन्फ्रेंस में साध्वी प्रज्ञा भारती ने भी रामायण में माता सीता
किसानों की आवाज़ बने रहे सत्यपाल मलिक, उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि – चौधरी सुनील सिंह

बागपत में प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उमड़े किसान, सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधि लखनऊ, 5 अगस्त 2026। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि किसान नेता एवं जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक ने अपना पूरा जीवन किसानों, युवाओं और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने हर परिस्थिति में सच बोलने का साहस दिखाया और हमेशा उन लोगों की आवाज़ बने, जिनकी बात अक्सर अनसुनी रह जाती थी। उन्होंने कहा कि आज सत्यपाल मलिक जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनका संघर्ष और किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा लोगों को प्रेरणा देती रहेगी। प्रथम पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलिग्राम हिंगुवां, जनपद बागपत में स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने पुष्प अर्पित कर स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी को श्रद्धांजलि दी और उनके संघर्षपूर्ण जीवन को याद किया। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने भी श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सत्यपाल मलिक जी ने अपने जीवन में कभी भी किसानों और आम जनता के मुद्दों से समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा जनहित को सबसे ऊपर रखा और लोगों की समस्याओं को खुलकर उठाया। किसानों के अधिकारों के लिए हमेशा उठाई आवाज़सभा को संबोधित करते हुए चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि किसानों के सच्चे हितैषी थे। जब भी किसानों के सामने कोई समस्या आई, उन्होंने खुलकर उनका समर्थन किया और उनकी मांगों को सरकार तक पहुँचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से ही देश आगे बढ़ता है और इसलिए किसानों का सम्मान तथा उनकी सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले, खेती की लागत कम हो, सिंचाई और बिजली जैसी सुविधाएँ बेहतर हों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। यही वह रास्ता है, जिस पर चलकर हम सत्यपाल मलिक जी के सपनों को पूरा कर सकते हैं। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य पर दिया विशेष जोरचौधरी सुनील सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी हमेशा युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत मानते थे। उनका विश्वास था कि यदि युवाओं को अच्छी शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे तो देश तेजी से विकास करेगा। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। सरकारों को ऐसी योजनाएँ बनानी चाहिए, जिनसे युवाओं को अपने भविष्य के लिए नए अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि मजबूत युवा ही मजबूत भारत का निर्माण करेंगे। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जीवनभर किया कामचौधरी सुनील सिंह ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने हमेशा संविधान, लोकतंत्र और जनता की आवाज़ का सम्मान किया। उन्होंने हर पद पर रहते हुए ईमानदारी और पारदर्शिता को महत्व दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब जनता की आवाज़ सुनी जाएगी, किसानों और मजदूरों को न्याय मिलेगा तथा हर नागरिक को समान अवसर प्राप्त होंगे। समाज में आपसी भाईचारा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। लोकदल किसानों और आम जनता के साथ खड़ा रहेगालोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम लोगों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकदल का उद्देश्य केवल राजनीति करना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की समस्याओं को उठाकर उनका समाधान कराने का प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी गाँव-गाँव जाकर किसानों की समस्याओं को सुनेगी, युवाओं को जोड़ने का काम करेगी और गरीब तथा जरूरतमंद लोगों के हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। कार्यकर्ताओं से किया समाज सेवा का आह्वानचौधरी सुनील सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी के विचारों को हर गाँव और हर किसान तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए काम करना ही किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि समाज सेवा, ईमानदारी और सच्चाई के रास्ते पर चलकर ही हम एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण कर सकते हैं। यही स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी के जीवन का सबसे बड़ा संदेश भी है।कई प्रमुख नेताओं ने दी श्रद्धांजलिश्रद्धांजलि सभा में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी श्री राजेंद्र पाल गौतम, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, किसान नेता श्री तरुण पटेल, लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह, लोकदल के प्रदेश पदाधिकारी, पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ता, किसान संगठनों के प्रतिनिधि तथा कई सामाजिक संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सत्यपाल मलिक के विचार हमेशा रहेंगे प्रेरणा का स्रोतसभा के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी का जीवन संघर्ष, सादगी और जनसेवा का प्रतीक था। उन्होंने किसानों, युवाओं और आम जनता की भलाई के लिए जो कार्य किए, वे हमेशा याद रखे जाएंगे। उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को समाज और देश के लिए ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते रहेंगे। चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि यदि हम किसानों के सम्मान, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, लोकतंत्र की मजबूती और समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करेंगे, तभी स्वर्गीय सत्यपाल मलिक जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके विचार और संघर्ष देश के करोड़ों लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।
इस देश का हर बच्चा, चाहे शर्मा हो या खान, समान रूप से भारत का भविष्य है। धर्म के आधार पर बच्चों को बांटने की राजनीति कभी सफल नहीं होगीl

भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने आज बुधवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मीडिया को संबोधित किया और कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में कोई गोलीबारी नहीं हुई थी और बच्चों के माध्यम से राजनीतिक नैरेटिव गढ़ना अनुचित है। डॉ. पात्रा ने झारखंड में कथित परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी पर चुनिंदा मुद्दे उठाने का आरोप लगाया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया तथा सभी बच्चों को धर्म, जाति और राजनीति से ऊपर देश का भविष्य बताते हुए निडर होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया। डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि कुछ समय पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कुछ बातें कहीं। उनके साथ वे युवा भी मौजूद थे, जिन्होंने 20 तारीख को दिल्ली में हुए प्रदर्शन में भाग लिया था। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस या ब्रीफिंग उन बच्चों के लिए नहीं, बल्कि केवल राहुल गांधी के लिए है। बच्चे, बच्चे होते हैं। वे हम सभी के हैं और देश का भविष्य हैं। इसलिए हम बच्चों को नमस्कार और प्रणाम करते हैं, लेकिन यह प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल और केवल राहुल गांधी के लिए की जा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि इससे पहले भी इसी मंच से, सदन के बाहर खड़े होकर भाजपा ने पूरी स्पष्टता के साथ कहा था कि 20 तारीख को दिल्ली में संसद चलो आंदोलन के दौरान कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। मैं पार्टी के प्रवक्ता हूं और पार्टी मुझे पूरी जिम्मेदारी के साथ यहां भेजती है। भले ही हम यहां अकेले बैठे हों, लेकिन हमारे पीछे पूरी व्यवस्था शोध के बाद हमें सामग्री उपलब्ध कराती है। उस समय भी पूरी जिम्मेदारी के साथ यही बात कही गई थी और आज भी, क्योंकि यह अत्यंत संवेदनशील विषय है तथा किसी प्रकार का भटकाव या भ्रम न फैले, इसलिए पूरी स्पष्टता, शालीनता और ठहराव के साथ हम पुनः दोहराना चाहते हैं कि 20 तारीख को दिल्ली में संसद चलो आंदोलन के दौरान कोई गोली नहीं चली थी। मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर राजनीति करना एक गलत परंपरा है और राहुल गांधी को ऐसा नहीं करना चाहिए। बच्चे देश का भविष्य हैं और उनका कोई दोष नहीं होता। हम स्वयं भी कभी स्कूल और कॉलेज में थे तथा आंदोलनों में भाग ले चुके हैं। हम राहुल गांधी के साथ मौजूद बच्चों से बहुत प्यार से कहना चाहते हैं कि वे निडर रहें और बिल्कुल भी घबराएं नहीं। डॉ. पात्रा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी हो सकती है, लेकिन देश के बच्चे सभी के हैं। प्रधानमंत्री भी उनके हैं और हम सभी उनके साथ हैं। राहुल गांधी जिस झूठे नैरेटिव और चुनिंदा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं, उसे भारतीय जनता पार्टी देश के सामने उजागर करना चाहती है। देश के बच्चों को निडर रहना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलनों आदि से भी घबराना नहीं चाहिए। झारखंड के बच्चे भी बच्चे ही हैं और वे भी आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी को झारखंड के उन बच्चों से भी संवाद करना चाहिए तथा उनकी तकलीफ और दुख को भी समझना चाहिए। हम आज झारखंड से प्रकाशित एक बहुत ही जाने-माने मीडिया हाउस का, कुछ घंटे पहले प्रकाशित, एक लेख पढ़ रहे हैं। “मैं गोल्ड मेडलिस्ट हूँ, पर डिप्रेशन और पैनिक अटैक झेल रही हूँ। पेपर लीक पर बोली रांची प्रोटेस्ट में बैठी छात्रा।” भाजपा सांसद ने कहा कि लेख में लिखा है कि अभ्यर्थी प्रतीक्षा बताती हैं कि इस अनिश्चितता ने उनकी मानसिक स्थिति को पूरी तरह तबाह कर दिया है। प्रतीक्षा कहती हैं, “मैं इस समय डिप्रेशन से जूझ रही हूँ। कई बार पैनिक अटैक आते हैं। पढ़ाई छोड़कर घर लौटने का मन करता है। खुद को परिवार पर बोझ महसूस करने लगी हूँ। बचपन से हर कक्षा में अव्वल रही, पोस्ट ग्रेजुएशन में यूनिवर्सिटी टॉप कर गोल्ड मेडल हासिल किया, बीएड पूरा किया, लेकिन आज अपनी ही दुर्दशा देखी नहीं जाती। रिश्तेदारों के ताने, शादी का दबाव और परीक्षा रद्द होने का डर, झारखंड के इस सिस्टम ने मुझे डिप्रेशन और पैनिक अटैक की मरीज बना दिया है।” झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी में हुई कथित धांधली के खिलाफ आवाज उठाते हुए अभ्यर्थी ने यह बात कही है। इस पूरी घटना से जुड़ी और भी जानकारी है, लेकिन समय की कमी के कारण हम पूरी कहानी नहीं बता रहे हैं, जिसे आज एक बहुत ही जाने-माने चैनल ने प्रकाशित किया है। यह जो चुनिंदा दृष्टिकोण अपनाया जा रहा है, उसमें झारखंड के बच्चों पर हो रहे अत्याचार को राहुल गांधी सुविधानुसार दबा रहे हैं। डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी जी झारखंड नहीं जा रहे हैं क्योंकि वहाँ उनकी सरकार है। राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में कहा था कि माननीय गृह मंत्री सदन में नहीं आ रहे हैं। राहुल गांधी स्वयं सदन चलने कहां दे रहे हैं? हम सबके पहुंचने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री सदन पहुंच जाते हैं तथा हम सबके लौटने के बाद भी वह सदन में बने रहते हैं। कई बार मैं स्वयं और अन्य सदस्य देख चुके हैं कि श्री अमित शाह देर रात, यहाँ तक कि रात 1 या 2 बजे तक भी सदन में रहते हैं। जब सदन 5 या 10 मिनट से अधिक चलने ही नहीं दिया जा रहा, तब यह कहना उचित नहीं है कि माननीय गृह मंत्री सदन में नहीं आते। सदन सुबह 11 बजे शुरू होता है, लेकिन राहुल गांधी और उनके सांसदों द्वारा ऐसा हंगामा किया जाता है कि कुछ ही मिनटों में सदन स्थगित करना पड़ता है। इसके बाद जब सदन दोबारा बैठता है, तब भी स्पीकर की डेस्क तक थपथपाई जाती है, तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया जाता है और उन्हें टीवी पर दिखाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में सदन चल ही नहीं पाता। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि जिस विभाग पर चर्चा होती है, उस विभाग के मंत्री सदन में अवश्य उपस्थित रहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री के विभाग पर चर्चा होगी तो वह
छात्रों पर बर्बर कार्रवाई और श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर इंडिया गठबंधन के सांसदों ने निकाला विरोध मार्च

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा- प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें; अहंकार उन्हें संसद में आने से रोक रहा राहुल गांधी बोले- देश के गृह मंत्री अपना मुंह छिपा रहे, क्योंकि वे छात्रों के गुनहगार हैं केसी वेणुगोपाल बोले- सरकार जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने और संसद चलने देने के लिए तैयार नहीं प्रियंका गांधी ने कहा- छात्रों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की जिम्मेदारी लें गृह मंत्री नई दिल्ली, 05 अगस्त कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन के सांसदों ने दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस की बर्बर कार्रवाई और अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर बुधवार को संसद परिसर में प्रेरणा स्थल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा से मकर द्वार तक विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह से संसद में आकर इन संवेदनशील मुद्दों पर जवाब देने की मांग की। विपक्षी सांसद “अमित शाह जवाब दो” लिखा विशाल पोस्टर हाथों में लेकर ‘चंदा चोर कहां मिलेंगे-भाजपा के दफ्तर में’ जैसे नारे लगा रहे थे। इसके साथ ही वे जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की भी मांग कर रहे थे। इस दौरान संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्ष की मांग दोहराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर बयान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है और चर्चा से ही हल निकलेगा। खरगे ने कहा कि संसद का सत्र शुरू हुए काफी दिन हो चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में न आकर संसद का अपमान कर रहे हैं। उनका अहंकार उन्हें सदन में आने से रोक रहा है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में खरगे ने सवाल किया कि गृह मंत्री युवाओं पर हुए अत्याचारों पर बयान देने से क्यों कतरा रहे हैं और क्या श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार नहीं हैं? इसी कड़ी में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि देश के गृह मंत्री अपना मुंह छिपा रहे हैं, क्योंकि वे छात्रों के गुनहगार हैं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि अमित शाह छिपें नहीं, बल्कि संसद में आकर देश के सवाल का जवाब दें कि छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया? कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी मोदी सरकार पर जनता और विपक्ष की आवाज न सुनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में छात्रों पर लाठीचार्ज, श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी, ई-20 इथेनॉल और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने जैसे प्रमुख मुद्दे उठा रहा है, लेकिन सरकार किसी भी जनहित के मुद्दे पर चर्चा कराने और संसद चलने देने के लिए तैयार नहीं है। गृह मंत्री अमित शाह पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति परिसीमन विधेयक लाने वाला है, वह संसद में आ ही नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में आकर यह बताना चाहिए कि 20 जुलाई को छात्रों पर बर्बर कार्रवाई का आदेश किसने दिया था, लेकिन वे जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि वे दोषी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार केवल अपनी पसंद के कानून पारित कराना चाहती है, जिससे विपक्ष बिल्कुल भी सहमत नहीं हो सकता। एफसीआरए विधेयक पर विपक्ष का रुख स्पष्ट करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि इसे पुराने प्रारूप में कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सोच स्वीकार्य नहीं है कि आरएसएस कुछ भी कर सकता है, जबकि अन्य गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर अलग नियम लागू हों; इसलिए इस विधेयक का पुरजोर विरोध किया जाएगा। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि गृह मंत्री जिस पद पर हैं, उसकी जनता के प्रति जिम्मेदारियां जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है, किसी का राजदरबार नहीं चल रहा है। छात्रों पर गोलियां चलाना, पैलेट गन व आंसू गैस का इस्तेमाल और लाठीचार्ज किसी के आदेश पर ही हुआ होगा, इसलिए गृह मंत्री को इसकी सीधी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।