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स्थायी समिति की बैठक में दिल्ली की जनता से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा, कई प्रस्ताव हुए पारित

नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक मंगलवार को आयोजित की गई।इस बैठक में दिल्ली की जनता से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मच्छरों से होने वाली बीमारियों, स्वाइन फ्लू, अवैध प्ले स्कूल, सड़क पर अवैध कब्जे, अवैध खाने के ठेले, खुले में तंदूर, आवारा पशुओं, पार्कों की सफाई, प्रदूषण और निगम की सफाई व्यवस्था जैसे कई मुद्दे उठाए गए। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि दिल्ली के लोगों की समस्याओं को दूर करना निगम की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बैठक में पक्ष और विपक्ष के सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया गया। सभी पार्षदों ने अपने-अपने इलाकों की समस्याओं और लोगों की परेशानियों को बैठक में रखा। सभी पार्षदों को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलास्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि स्थायी समिति की बैठक जनता की समस्याओं पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इस बैठक में किसी भी पार्षद की बात को नजरअंदाज नहीं किया गया। सत्या शर्मा ने कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे सामने रखे। उन्होंने अधिकारियों से इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की। सत्या शर्मा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से सुनना और उन पर कार्रवाई करना जरूरी है। उन्होंने निगम अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर जल्द से जल्द काम किया जाए। डेंगू और मलेरिया से बचाव पर सत्या शर्मा ने दिए निर्देशबैठक में डेंगू और मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों को लेकर भी चर्चा हुई। बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने के कारण इन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डेंगू और मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। सत्या शर्मा ने कहा कि जिन इलाकों में मच्छरों की समस्या ज्यादा है, वहां नियमित रूप से फॉगिंग कराई जानी चाहिए। इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक किया जाना चाहिए कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। सत्या शर्मा ने कहा कि निगम के जागरूकता अभियान में स्थानीय पार्षदों को भी शामिल किया जाए, ताकि लोगों तक बीमारी से बचाव की जानकारी आसानी से पहुंच सके। स्वाइन फ्लू को लेकर भी सत्या शर्मा ने जताई चिंताबैठक में स्वाइन फ्लू के मामलों पर भी चर्चा की गई। स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि लोगों को स्वाइन फ्लू से बचाव के बारे में जानकारी दी जाए। सत्या शर्मा ने कहा कि लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के सामान्य तरीकों के बारे में जागरूक करना जरूरी है। इसके लिए बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। सत्या शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी जानकारी लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमारी को लेकर लोगों में सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। अवैध प्ले स्कूलों पर होगी कार्रवाईबैठक में दिल्ली में चल रहे अवैध प्ले स्कूलों का मुद्दा भी उठाया गया। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दिल्ली में चल रहे अवैध प्ले स्कूलों की पहचान की जाए। अगर कोई प्ले स्कूल नियमों का पालन नहीं कर रहा है तो उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाए। सत्या शर्मा ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। प्ले स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी नियमों का पालन होना चाहिए। सड़क पर अवैध खाने के ठेलों पर कार्रवाई के निर्देशबैठक में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे अवैध खाने के ठेलों का मुद्दा भी सामने आया। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे अवैध ठेलों की पहचान की जाए और नियम के अनुसार कार्रवाई की जाए। सत्या शर्मा ने कहा कि सड़कों पर गलत तरीके से ठेले लगाए जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। कई जगहों पर इससे सड़क पर जाम और सुरक्षा की समस्या भी पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को लोगों के लिए सुरक्षित और साफ रखना जरूरी है। खुले में तंदूर लगाने पर भी कार्रवाईबैठक में सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर खुले में तंदूर चलाने का मुद्दा भी उठाया गया। सत्या शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि जहां भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, वहां जांच कर जरूरी कार्रवाई की जाए। सत्या शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर काम करने वालों को तय नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क और फुटपाथ लोगों के आने-जाने के लिए होते हैं, इसलिए वहां किसी भी तरह का अवैध कब्जा नहीं होना चाहिए। आवारा पशुओं की समस्या पर सत्या शर्मा का जोरदिल्ली की सड़कों पर घूम रहे आवारा और बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी बैठक में चर्चा हुई। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि सड़कों पर घूम रहे पशुओं के कारण वाहन चालकों को hu परेशानी होती है। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। सत्या शर्मा ने कहा कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर नई गौशालाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। सत्या शर्मा ने कहा कि पर्याप्त संख्या में गौशालाएं होने से सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे पशुओं की सुरक्षा भी होगी और सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा भी बेहतर होगी। पार्कों के रखरखाव और सफाई पर भी चर्चाबैठक में दिल्ली के पार्कों की सफाई और रखरखाव का मुद्दा भी उठाया गया। कई क्षेत्रों में पार्कों की देखभाल से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने अपनी बात रखी। सत्या शर्मा ने कहा कि पार्क आम लोगों के लिए बहुत जरूरी हैं। बच्चों, बुजुर्गों और स्थानीय लोगों के लिए पार्क महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान हैं। सत्या शर्मा ने अधिकारियों को पार्कों की सफाई और रखरखाव पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्कों की नियमित सफाई होनी चाहिए और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। प्रदूषण और स्वच्छता

‘समुद्र मंथन’ योजना को लेकर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, अडानी को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप

शक्तिसिंह गोहिल बोले- 84,084 करोड़ रुपये की योजना पर सरकार दे जवाब, ओएनजीसी को दी जाए तेल-गैस की खोज की जिम्मेदारी नई दिल्ली, 31 अगस्त कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ‘समुद्र मंथन’ योजना को लेकर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि 84,084 करोड़ रुपये की यह योजना देश के हित में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्योगपति मित्र गौतम अडानी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस योजना को तत्काल समाप्त किया जाए और तेल एवं गैस की खोज के लिए प्रस्तावित पूरी राशि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी को दी जाए। सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में शक्तिसिंह गोहिल ने केंद्र सरकार से ‘समुद्र मंथन’ योजना को लेकर कई सवाल पूछे। गोहिल ने कहा कि जब देश में तेल और गैस के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रही ओएनजीसी जैसी अनुभवी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी मौजूद है, तो इतनी बड़ी सरकारी राशि निजी कंपनियों को देने का औचित्य सरकार को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए। 84,084 करोड़ रुपये की योजना पर कांग्रेस ने उठाए सवालशक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने 1 अगस्त को ‘समुद्र मंथन’ योजना को मंजूरी दी है। योजना के पहले चरण में वर्ष 2031 तक 84,084 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई है। गोहिल ने कहा कि इतनी बड़ी राशि देश की जनता के पैसे से खर्च की जानी है। इसलिए सरकार को यह बताना चाहिए कि इस राशि का इस्तेमाल किस तरह होगा और इससे देश को कितना फायदा मिलेगा। कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया कि योजना के तहत समुद्र में तेल और गैस की खोज करने वाली निजी कंपनियों को सरकार की ओर से बड़ी आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी तेल या गैस के कुएं की खुदाई पर 675 करोड़ रुपये खर्च होते हैं तो सरकार उस कंपनी को खर्च की लगभग आधी राशि देगी। गोहिल ने सवाल किया कि जब सरकार के पास खुद की अनुभवी कंपनी ओएनजीसी है, तो निजी कंपनियों को सरकारी पैसा देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। ओएनजीसी के अनुभव को नजरअंदाज करने का आरोपशक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि ओएनजीसी देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल एवं गैस कंपनी है और उसके पास इस क्षेत्र में दशकों का अनुभव है। तेल और गैस की खोज से लेकर उत्पादन तक ओएनजीसी का लंबा अनुभव रहा है। गोहिल ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार ओएनजीसी को पीछे रखकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार वास्तव में देश में तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाना चाहती है तो इतनी बड़ी राशि ओएनजीसी को दी जानी चाहिए। कांग्रेस ने कहा कि सरकारी पैसे का इस्तेमाल ऐसी संस्था को मजबूत करने में किया जाना चाहिए जिसका सीधा लाभ देश और जनता को मिले। अडानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड को लेकर कांग्रेस का आरोपपत्रकार वार्ता में शक्तिसिंह गोहिल ने अडानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कंपनी समुद्र में तेल और गैस की खोज से जुड़ी है, लेकिन उसके पास इस क्षेत्र में बहुत कम अनुभव है और कंपनी पहले से घाटे में चल रही है। गोहिल ने बताया कि अडानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड में अडानी समूह की 65 प्रतिशत हिस्सेदारी और वेलस्पन समूह की 35 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ‘समुद्र मंथन’ योजना से ऐसी निजी कंपनियों को आर्थिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि योजना की घोषणा के बाद कंपनी के प्रबंधन की ओर से भी सरकार की नई नीति से कंपनी को होने वाले लाभ की बात कही गई थी। वेलस्पन समूह के चुनावी बॉन्ड का भी किया जिक्रशक्तिसिंह गोहिल ने पत्रकार वार्ता में वेलस्पन समूह की ओर से भाजपा को दिए गए चुनावी बॉन्ड के चंदे का भी जिक्र किया। गोहिल ने कहा कि वेलस्पन समूह ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को 10 करोड़ रुपये का चंदा दिया था। कांग्रेस नेता ने इस मामले को भी उठाते हुए सरकार से पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी निजी कंपनी को सरकारी योजना से बड़ा आर्थिक फायदा मिल सकता है और उसी समूह की ओर से राजनीतिक दल को चंदा भी दिया गया है, तो सरकार को पूरी प्रक्रिया और नियमों की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। मुंबई और कच्छ के तीन ब्लॉक का मुद्दाशक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि तेल और गैस की खोज की सामान्य प्रक्रिया में पहले समुद्री क्षेत्र में ब्लॉक हासिल किए जाते हैं और उसके बाद पर्यावरण सहित दूसरी जरूरी मंजूरियां ली जाती हैं। गोहिल ने दावा किया कि अडानी वेलस्पन एक्सप्लोरेशन लिमिटेड के पास मुंबई और कच्छ में पहले से तीन ब्लॉक मौजूद हैं। कांग्रेस नेता के मुताबिक इन ब्लॉकों को जरूरी मंजूरियां भी पहले ही मिल चुकी हैं। गोहिल ने सवाल उठाया कि जब कंपनी के पास पहले से ब्लॉक और मंजूरियां मौजूद हैं तो ‘समुद्र मंथन’ योजना के तहत उसे किस तरह का लाभ मिलेगा, इसकी जानकारी सरकार को देश के सामने रखनी चाहिए। प्रणव अडानी के ट्वीट का भी किया उल्लेखकांग्रेस प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल ने ‘समुद्र मंथन’ योजना की घोषणा के बाद प्रणव अडानी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ किए जाने का भी उल्लेख किया। गोहिल ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजना की घोषणा के बाद अडानी समूह की ओर से सरकार की तारीफ किए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने राजनीतिक अंदाज में कहा कि इस ‘समुद्र मंथन’ में अगर सरकार की योजना का फायदा किसी निजी समूह को मिलता है तो इसका जवाब देश की जनता को दिया जाना चाहिए। ‘जनता के हिस्से में जहर और अडानी के हिस्से में अमृत’ का तंजशक्तिसिंह गोहिल ने ‘समुद्र मंथन’ नाम को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि सरकार की इस योजना में ऐसा दिखाई दे रहा है कि देश की जनता के हिस्से में जहर और अडानी के हिस्से में अमृत आएगा। कांग्रेस नेता ने

दिल्ली में CNG के दाम बढ़ने पर कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला, देवेंद्र यादव ने पूछा—दूसरे राज्यों में दाम नहीं बढ़े तो दिल्ली की जनता पर ही बोझ क्यों?

CNG के दाम में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी से जनता परेशान नई दिल्ली। दिल्ली में सीएनजी के दाम में ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद दिल्ली कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने सीएनजी के बढ़े हुए दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई से पहले ही परेशान दिल्ली की जनता पर लगातार नया आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। सीएनजी की कीमत बढ़ने के बाद दिल्ली में इसकी कीमत ₹86.98 प्रति किलो हो गई है। देवेंद्र यादव ने कहा कि सीएनजी के दाम बढ़ने का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। देवेंद्र यादव का सवाल—दिल्ली की जनता पर ही क्यों बढ़ाया गया बोझ?देवेंद्र यादव ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दूसरे राज्यों में सीएनजी की कीमतों में ऐसी बढ़ोतरी नहीं की गई, तो दिल्ली की जनता पर ही महंगी सीएनजी का बोझ क्यों डाला जा रहा है? उन्होंने कहा कि सरकार को दिल्ली के लोगों को यह बताना चाहिए कि सीएनजी के दाम बढ़ाने की जरूरत क्यों पड़ी और इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर ही क्यों पड़ रहा है। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली के लाखों लोग रोजाना अपने काम, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कार्यों के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। ऐसे में सीएनजी के दाम बढ़ने से उनकी रोजमर्रा की यात्रा भी महंगी हो सकती है। ऑटो और टैक्सी चालकों पर भी पड़ेगा सीधा असरदेवेंद्र यादव ने कहा कि सीएनजी के बढ़ते दामों का सबसे सीधा असर ऑटो और टैक्सी चालकों पर पड़ेगा। इन चालकों के लिए सीएनजी उनके रोज के काम का एक जरूरी हिस्सा है। जब ईंधन महंगा होता है तो उनकी रोज की कमाई और खर्च का संतुलन भी बिगड़ता है। उन्होंने कहा कि इसका असर आगे चलकर यात्रियों पर भी पड़ सकता है। यदि परिवहन का खर्च बढ़ता है, तो आम आदमी के लिए रोजाना घर से काम या अन्य स्थानों तक आना-जाना और महंगा हो सकता है। मध्यम वर्ग की मुश्किलें और बढ़ेंगीदेवेंद्र यादव ने कहा कि पहले से ही महंगाई का सामना कर रहे मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सीएनजी के दाम में बढ़ोतरी एक और परेशानी है। परिवार का बजट पहले ही पेट्रोल, डीजल, बिजली, घर के सामान और अन्य जरूरी खर्चों के कारण प्रभावित है। ऐसे समय में सीएनजी की कीमत बढ़ने से लोगों का मासिक खर्च और बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की परेशानियों को समझना चाहिए और ऐसे फैसले लेने से बचना चाहिए जिनसे आम परिवारों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ें। महंगाई के दौर में ₹3.89 की बढ़ोतरी भी बड़ी हैदेवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार के लिए ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी भले ही छोटी राशि दिखाई दे, लेकिन रोजाना वाहन चलाने वाले व्यक्ति के लिए यह राशि महीने के अंत तक बड़ा अतिरिक्त खर्च बन जाती है। उन्होंने कहा कि जो लोग रोज सीएनजी वाहन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें हर दिन अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ेगा। इस तरह पूरे महीने में उनके परिवार के बजट पर सीधा असर पड़ेगा। कांग्रेस सरकार के समय सीएनजी परिवहन को दिया गया था बढ़ावादेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार के समय सीएनजी आधारित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दिया गया था। इसका उद्देश्य केवल प्रदूषण कम करना नहीं था, बल्कि लोगों को सस्ता, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराना भी था। उन्होंने कहा कि दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को सीएनजी की ओर ले जाना उस समय पर्यावरण और आम जनता दोनों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम था। लेकिन आज लगातार बढ़ते सीएनजी के दामों के कारण उसी परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल करने वाले लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। बढ़े हुए दाम वापस लेने की मांगदेवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार से मांग की कि सीएनजी के दाम में की गई ₹3.89 प्रति किलो की बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को आम जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। सार्वजनिक परिवहन के किराये को भी नियंत्रण में रखा जाना चाहिए, ताकि सीएनजी की बढ़ती कीमतों का अतिरिक्त बोझ सीधे यात्रियों की जेब पर न पड़े। जनता को महंगाई से राहत दे सरकारदेवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आम लोगों की परेशानियों को कम करे। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पहले से ही महंगाई का सामना कर रही है और ऐसे समय में सीएनजी के दाम बढ़ाना लोगों की मुश्किलों को और बढ़ाने वाला फैसला है। उन्होंने भाजपा सरकार से मांग की कि वह सीएनजी की बढ़ी हुई कीमत पर पुनर्विचार करे, बढ़ोतरी वापस ले और दिल्ली के आम लोगों को महंगाई से राहत प्रदान करे।

अंकित बाल्यान हत्याकांड – संजय सिंह ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, कानून व्यवस्था पर योगी सरकार को घेरा

कोतवाली के पास दिनदहाड़े हुई हत्या पर उठाए सवाल, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। आम आदमी पार्टी के सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने शुक्रवार को मशहूर सिंगर अंकित बाल्यान के हत्याकांड के बाद उनके शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। संजय सिंह ने परिवार के सदस्यों से मिलकर उनका दुख साझा किया और इस मुश्किल समय में परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। संजय सिंह ने इस दौरान उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उनका कहना था कि शामली शहर में कोतवाली के पास दिनदहाड़े अंकित बाल्यान की हत्या होना बेहद चिंताजनक है। कोतवाली के पास हुई हत्या पर संजय सिंह ने उठाए सवालसंजय सिंह ने कहा कि शहर के बीचों-बीच और कोतवाली के नजदीक हत्या की घटना होना अपने आप में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी वाले क्षेत्र में इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी दोषियों के खिलाफ अब तक उचित कार्रवाई नहीं हो सकी है। संजय सिंह ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की। सेना में सेवा दे चुके हैं अंकित के पितासंजय सिंह ने कहा कि अंकित बाल्यान के पिता सतवीर फौजी ने भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा की है। उन्होंने कहा कि जिस परिवार ने देश की सेवा की हो, उसके बेटे की हत्या के बाद भी यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है, तो यह बेहद दुखद और चिंताजनक बात है। संजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मशहूर सिंगर थे अंकित बाल्यानसंजय सिंह ने बताया कि अंकित बाल्यान एक मशहूर सिंगर थे। उनकी हत्या शामली शहर के बीच कोतवाली के नजदीक दिनदहाड़े कर दी गई। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना से परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में भी दुख और चिंता का माहौल है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी पीड़ित परिवार से मुलाकात के कुछ क्षण साझा किए। संजय सिंह ने अपने संदेश में अंकित बाल्यान के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संजय सिंह ने योगी सरकार पर साधा निशानासंजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की ओर से राज्य में बेहतर कानून व्यवस्था होने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीन पर ऐसी घटनाएं अलग तस्वीर दिखाती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानून व्यवस्था से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि शामली शहर में कोतवाली के पास दिनदहाड़े हत्या हो जाती है और आरोपियों पर समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि सरकार को केवल दावे करने के बजाय अपराध पर रोक लगाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का दिया भरोसासंजय सिंह ने परिवार से मुलाकात के दौरान उनके दुख को साझा किया। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह और आम आदमी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत अंकित बाल्यान की आत्मा को शांति मिले और उनके परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति मिले। सपा नेताओं ने भी परिवार से की मुलाकातपीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद मुनव्वर इकरा और उनके भाई एवं विधायक नाहिद हसन भी परिवार के साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने की बात कही। आप प्रतिनिधिमंडल भी रहा मौजूदअंकित बाल्यान के परिवार से मुलाकात के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में सोमेंद्र ढाका, अंकुश, अरविंद बालियान और मनीष सिंह शामिल थे। संजय सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना जरूरी है। उन्होंने सरकार और पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने की मांग की। अंकित बाल्यान हत्याकांड को लेकर संजय सिंह ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया और कहा कि आम लोगों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।

दिल्ली के कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने की तैयारी, एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने विश्व बैंक विशेषज्ञों के साथ की अहम बैठक

वैश्विक शहरों की सफल व्यवस्था को दिल्ली में अपनाने पर जोर नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026। दिल्ली में सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन को और बेहतर बनाने के लिए दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी ने महत्वपूर्ण कदम उठाने शुरू किए हैं। इसी दिशा में एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने आज विश्व बैंक के विशेषज्ञों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में दिल्ली के नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने और दुनिया के बड़े शहरों में अपनाई जा रही सफल व्यवस्थाओं को दिल्ली में लागू करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत बनाना रहा। इसके साथ ही ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर भी चर्चा हुई, जिससे दिल्ली को साफ रखने के साथ-साथ कचरे से उपयोगी संसाधन भी प्राप्त किए जा सकें। एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में रहे मौजूदइस महत्वपूर्ण बैठक में एमसीडी के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें अपर आयुक्त, इंजीनियर-इन-चीफ, सभी जोनों के उपायुक्त और एमसीडी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने दिल्ली में वर्तमान समय में चल रही कचरा संग्रहण और परिवहन व्यवस्था के बारे में विश्व बैंक के विशेषज्ञों को विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आने वाले समय में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एमसीडी द्वारा किए जा रहे कार्यों और योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। दुनिया के बड़े शहरों की व्यवस्थाओं पर चर्चाबैठक के दौरान विश्व बैंक की विशेषज्ञ टीम ने दुनिया के कई बड़े शहरों में अपनाए जा रहे कचरा प्रबंधन के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी। इनमें टोक्यो, न्यूयॉर्क और बार्सिलोना जैसे शहर प्रमुख रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि इन शहरों ने अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार कचरा प्रबंधन की अलग-अलग व्यवस्थाएं विकसित की हैं। दिल्ली भी इन व्यवस्थाओं से सीख लेकर अपनी जरूरतों के अनुसार बेहतर मॉडल तैयार कर सकती है। टोक्यो के कचरा प्रबंधन मॉडल की जानकारीबैठक में टोक्यो के कचरा प्रबंधन मॉडल पर विशेष चर्चा की गई। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बताया कि टोक्यो में कचरे के प्रसंस्करण के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। टोक्यो में 23 वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्र हैं। इन संयंत्रों में नगर निगम से प्राप्त कचरे के एक बड़े हिस्से को वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्कृत किया जाता है। इसके साथ ही कचरे से ऊर्जा प्राप्त करने की तकनीक का भी उपयोग किया जाता है। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक तकनीक की मदद से कचरे को केवल समस्या के रूप में देखने के बजाय उससे उपयोगी संसाधन प्राप्त करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है। न्यूयॉर्क की व्यवस्था से भी सीखने पर जोरबैठक में न्यूयॉर्क सिटी के कचरा प्रबंधन मॉडल की भी जानकारी दी गई। न्यूयॉर्क में कचरे के परिवहन और प्रसंस्करण के लिए निजी एजेंसियों की भी भागीदारी होती है। इस व्यवस्था में कुछ कचरे को शहर से बाहर स्थित प्रसंस्करण केंद्रों तक ले जाया जाता है। विश्व बैंक के विशेषज्ञों ने इस मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि अलग-अलग जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से बांटकर कचरा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है। बार्सिलोना के मॉडल में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्णबैठक में बार्सिलोना के कचरा प्रबंधन मॉडल पर भी चर्चा हुई। बार्सिलोना में कचरा कम करने, कचरे को अलग-अलग करने और लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बार्सिलोना की जीरो वेस्ट योजना 2021–2027 के तहत विकेंद्रीकृत कचरा प्रबंधन सुविधाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य बड़े केंद्रीकृत संयंत्रों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है। इस मॉडल में लोगों को घर और अन्य स्थानों पर कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करने तथा कचरा कम करने की आदत विकसित करने पर भी जोर दिया जाता है। दिल्ली के लिए अलग और टिकाऊ मॉडल तैयार करने पर जोरविश्व बैंक के विशेषज्ञों ने बैठक में दिल्ली के लिए रणनीतिक विकल्पों और प्रस्तावित मॉडल पर भी चर्चा की। इस मॉडल का उद्देश्य एमसीडी की काम करने की क्षमता को बेहतर बनाना, कचरा प्रबंधन की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करना और कचरे से होने वाले वायुमंडलीय उत्सर्जन को कम करना है।दिल्ली के लिए ऐसा मॉडल तैयार करने पर जोर दिया गया, जो केवल वर्तमान समस्याओं का समाधान न करे बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को भी पूरा कर सके। कचरे के संग्रहण और परिवहन की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी गई बैठक में एमसीडी की टीम ने दिल्ली में नगर निगम के ठोस कचरे के संग्रहण और परिवहन की वर्तमान व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुति दी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में कचरे को एकत्र करने से लेकर उसे प्रसंस्करण केंद्रों तक पहुंचाने के लिए किस प्रकार की व्यवस्था काम कर रही है। इसके साथ ही एमसीडी की वर्तमान और आने वाली कचरा प्रसंस्करण सुविधाओं के बारे में भी विश्व बैंक की टीम को जानकारी दी गई। एमसीडी की ओर से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों और नई पहलों पर भी चर्चा की गई। संजीव खिरवार ने वैश्विक अनुभवों को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने पर दिया जोरएमसीडी आयुक्त श्री संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली नगर निगम दिल्ली की सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग-अलग शहरों में कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे अच्छे कार्यों से सीखना जरूरी है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं को दिल्ली में लागू करते समय यहां की स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखना भी उतना ही जरूरी है। संजीव खिरवार ने कहा कि दिल्ली के लिए ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जो लंबे समय तक प्रभावी और टिकाऊ बनी रहे। समयबद्ध और व्यापक रणनीति की जरूरतएमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने दिल्ली के लिए एक समयबद्ध, व्यापक और टिकाऊ कचरा प्रबंधन रणनीति बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस रणनीति में कचरे के सही तरीके से संग्रहण से लेकर उसके परिवहन, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक निस्तारण तक सभी पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कचरे से अधिक से अधिक उपयोगी संसाधन प्राप्त करने की दिशा में भी काम

28 अगस्त को महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा पूरा न होने पर देवेंद्र यादव ने भाजपा सरकार को घेरा

रक्षा बंधन पर दिल्ली की महिलाओं को पैसे मिलने का था इंतजार नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली की भाजपा सरकार पर महिलाओं से किए गए वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन, 28 अगस्त के अवसर पर दिल्ली की महिलाओं को लक्ष्मी योजना के तहत 2500 रुपये मिलने की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने एक बार फिर इस वादे को पूरा नहीं किया। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की लाखों महिलाएं सरकार की ओर से 2500 रुपये मिलने का इंतजार कर रही थीं। उनका आरोप है कि सरकार ने महिलाओं को पैसे देने के बजाय योजना को लेकर नई तारीख और नई प्रक्रिया की बात शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिस समय दिल्ली की महिलाएं रक्षा बंधन का त्योहार मना रही हैं, उस समय उन्हें अपने खाते में 2500 रुपये आने की उम्मीद थी। लेकिन यह उम्मीद पूरी नहीं हुई। केवल 6.65 लाख महिलाओं का पूरा पंजीकरणदेवेंद्र यादव ने सरकार के पंजीकरण अभियान पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 17.50 लाख महिलाओं को 2500 रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन 26 अगस्त तक केवल 6.65 लाख महिलाओं का ही पूरा पंजीकरण हो पाया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े वादे के बावजूद अगर एक महीने में इतनी कम संख्या में महिलाओं का पंजीकरण पूरा हुआ है, तो इससे सरकार की योजना की तैयारी पर सवाल उठते हैं। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव के समय महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया था और अब सरकार उस वादे को पूरा करने में देरी कर रही है। 2500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र देने पर सवालदेवेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 2500 महिलाओं को स्वीकृति पत्र दिए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को वास्तविक आर्थिक सहायता देने के बजाय केवल स्वीकृति पत्र देना उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि महिलाओं को कागज या घोषणा नहीं, बल्कि उनके बैंक खातों में वास्तविक राशि चाहिए। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब चुनाव के दौरान 2500 रुपये देने का वादा किया गया था, तो अब महिलाओं को इसके लिए इतना इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। डेढ़ साल बाद भी महिलाओं को इंतजारदेवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार बनने के बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी महिलाओं को 2500 रुपये मिलने का इंतजार है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने पहले 2500 रुपये देने की बात कही और अब सीमित संख्या में महिलाओं के खातों में पैसा भेजने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है, तो इसका लाभ बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। महंगाई से परेशान परिवारों का मुद्दा उठायादेवेंद्र यादव ने बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आज परिवारों के घरेलू बजट पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। तेल, प्याज, चीनी, सब्जियां, फल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों का असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की जरूरत और भी ज्यादा है। उनके अनुसार, सरकार को महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि योजना का लाभ समय पर मिले। दिल्ली में 71 लाख महिला मतदाताओं का हवालादेवेंद्र यादव ने जनवरी 2025 में प्रकाशित दिल्ली की मतदाता सूची का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली में लगभग 71 लाख महिला मतदाता थीं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं के सामने केवल 17.50 लाख महिलाओं को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखना उचित नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार पर महिलाओं के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहती है, तो योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री के वादे का भी किया जिक्रदेवेंद्र यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 मार्च 2025, महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को 2500 रुपये देने के कथित वादे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान महिलाओं के सामने आर्थिक सहायता का मुद्दा रखा था, लेकिन अब उस वादे को पूरा करने में देरी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को चुनाव के समय किए गए वादों के आधार पर उम्मीद बंधी थी, लेकिन अब उन्हें बार-बार इंतजार करना पड़ रहा है। कांग्रेस की लाडली योजना का उदाहरण दियादेवेंद्र यादव ने कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई लाडली योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लाडली योजना शुरू की थी। उन्होंने आम आदमी पार्टी की पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में लाडली योजना कमजोर हुई और महिलाओं को 1000 रुपये देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि उसने महिलाओं को 2500 रुपये देने का वादा किया, लेकिन लंबे समय के बाद भी महिलाओं को पूरी तरह से इसका लाभ नहीं मिल पाया है। आय की शर्त को लेकर भी उठाए सवालदेवेंद्र यादव ने लक्ष्मी योजना में 2.50 लाख रुपये वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस आय सीमा के कारण बड़ी संख्या में महिलाएं योजना के लाभ से बाहर हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग प्रकार के श्रमिक परिवारों की आय को देखते हुए कई परिवार इस सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी शर्तों पर दोबारा विचार करना चाहिए, ताकि वास्तव में जरूरतमंद महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। महिलाओं के लिए योजना को आसान बनाने की मांगदेवेंद्र यादव ने कहा कि महिलाओं को किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए लंबी प्रक्रिया और कठिन शर्तों का सामना नहीं करना चाहिए। सरकार को पंजीकरण की प्रक्रिया आसान करनी चाहिए और पात्र महिलाओं की पहचान करके उन्हें सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।

बी.एस. जाखड़ ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव 2026 में हासिल किया दूसरा स्थान

नई दिल्ली। पहले ही प्रयास में शानदार सफलताबार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) चुनाव 2026 में अधिवक्ता बी.एस. जाखड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है। खास बात यह है कि बी.एस. जाखड़ ने यह सफलता अपने पहले ही चुनाव में प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि को दिल्ली के अधिवक्ताओं के बीच उनके मजबूत जनसंपर्क, विश्वास और लोकप्रियता का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है। बी.एस. जाखड़ की इस सफलता से उनके समर्थकों और दिल्ली की कानूनी बिरादरी में खुशी का माहौल है। पहली बार बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के चुनाव में उतरकर दूसरा स्थान हासिल करना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 21, 22 और 23 फरवरी को हुआ चुनावबार काउंसिल ऑफ दिल्ली का चुनाव 21, 22 और 23 फरवरी को दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में आयोजित किया गया। इस चुनाव में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। कुल 221 उम्मीदवारों ने अलग-अलग सीटों के लिए अपनी दावेदारी पेश की। चुनाव में उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ऐसे कठिन मुकाबले में बी.एस. जाखड़ का दूसरे स्थान पर आना उनकी मजबूत स्थिति को दर्शाता है। यह परिणाम बताता है कि दिल्ली के बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उन पर भरोसा जताया और उनके नेतृत्व को समर्थन दिया। अधिवक्ताओं के बीच मजबूत पकड़बी.एस. जाखड़ लंबे समय से अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने जिला न्यायालयों से लेकर दिल्ली स्तर तक अधिवक्ताओं की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए काम किया है। उनकी पहचान ऐसे अधिवक्ता के रूप में बनी है जो बार से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के साथ-साथ अधिवक्ताओं के हितों की बात करते हैं। यही कारण माना जा रहा है कि उन्हें चुनाव में व्यापक समर्थन मिला। द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन के रह चुके हैं अध्यक्षबी.एस. जाखड़ इससे पहले द्वारका कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष के रूप में उन्होंने अधिवक्ताओं से जुड़े कई विषयों पर काम किया और बार के हितों को प्राथमिकता दी। इसके अलावा वे ऑल दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स बार एसोसिएशन्स की कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस जिम्मेदारी ने उन्हें दिल्ली के अलग-अलग जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने का अवसर दिया। जिला न्यायालयों के मुद्दों का व्यापक अनुभवबी.एस. जाखड़ को दिल्ली के जिला न्यायालयों और वहां काम करने वाले अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों का व्यापक अनुभव है। वे अधिवक्ताओं की सुविधाओं, अधिकारों, सम्मान और पेशेवर हितों से जुड़े विषयों को लगातार उठाते रहे हैं। उनका मानना रहा है कि अधिवक्ताओं को अपने पेशे के साथ-साथ अपने अधिकारों और सम्मान के लिए भी एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। इसी सोच के कारण उन्हें बार से जुड़े कई वर्गों का समर्थन प्राप्त हुआ। पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से भी लड़ चुके हैं चुनावबी.एस. जाखड़ इससे पहले पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ चुके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे केवल कानूनी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सामाजिक जीवन और जनसेवा से जुड़े विषयों में भी सक्रिय भागीदारी करते रहे हैं। सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें अलग-अलग वर्गों के लोगों से जुड़ने का अवसर दिया। यही अनुभव उनके सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देता है। प्रतिष्ठित विधिक परिवार से आते हैं बी.एस. जाखड़बी.एस. जाखड़ एक प्रतिष्ठित विधिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय आर.एस. जाखड़ सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा सरकार के स्टैंडिंग काउंसल रह चुके थे। वे एक प्रसिद्ध अधिवक्ता के रूप में जाने जाते थे। पिता से मिली कानूनी विरासत और अनुभव को आगे बढ़ाते हुए बी.एस. जाखड़ ने भी कानून के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने काम और अधिवक्ताओं के बीच सक्रिय भूमिका के माध्यम से अपनी पहचान मजबूत की है। अधिवक्ताओं के अधिकार और सम्मान के लिए काम करने का संकल्पबार काउंसिल ऑफ दिल्ली चुनाव में दूसरा स्थान हासिल करना बी.एस. जाखड़ के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह परिणाम उनके प्रति अधिवक्ताओं के विश्वास और समर्थन को दिखाता है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में बी.एस. जाखड़ अधिवक्ताओं के अधिकार, सम्मान, कल्याण और पेशेवर हितों से जुड़े मुद्दों को और मजबूती से उठाएंगे। पहली बार में दूसरी बड़ी सफलताबी.एस. जाखड़ की सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने पहली बार बार काउंसिल ऑफ दिल्ली का चुनाव लड़ा और 221 उम्मीदवारों के बीच दूसरा स्थान हासिल किया। यह सफलता उनके लंबे पेशेवर अनुभव, अधिवक्ताओं के साथ उनके जुड़ाव और उनके प्रति बने विश्वास को दर्शाती है। उनकी इस जीत से यह संदेश भी सामने आया है कि अधिवक्ताओं के बीच सक्रिय रूप से काम करने और उनकी समस्याओं को समझने वाले नेतृत्व को मजबूत समर्थन मिल सकता है। आगे की राहबार काउंसिल ऑफ दिल्ली में मिली इस सफलता के बाद बी.एस. जाखड़ के सामने अधिवक्ताओं की उम्मीदों पर खरा उतरने की बड़ी जिम्मेदारी भी होगी। अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण से जुड़े मुद्दे, बेहतर सुविधाएं और पेशेवर हित जैसे विषय उनके लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। बी.एस. जाखड़ की यह सफलता उनके अब तक के सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। पहले ही प्रयास में दूसरा स्थान हासिल कर उन्होंने दिल्ली की कानूनी बिरादरी में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के महिला महाविद्यालयों में NSUI ने ‘सखी’ के साथ मनाया रक्षाबंधन, छात्राओं की सुरक्षा का लिया संकल्प

रक्षाबंधन के अवसर पर NSUI की विशेष पहल नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026 रक्षाबंधन के अवसर पर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महिला महाविद्यालयों में ‘सखी’ पहल के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान NSUI की महिला सदस्यों ने छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को यह विश्वास दिलाना था कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए NSUI हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा। रक्षाबंधन के इस अवसर को NSUI ने केवल त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और सुरक्षा के संकल्प के रूप में मनाया। छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को बांधी राखी‘सखी’ पहल के तहत NSUI की महिला सदस्यों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग महिला महाविद्यालयों में पहुंचकर छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। इस दौरान छात्राओं ने भी आपसी भाईचारे और एकता का संदेश देते हुए NSUI की महिला सदस्यों को राखी बांधी। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत भी हुई। सुरक्षा से जुड़े विषयों और छात्राओं की परेशानियों को लेकर संवाद किया गया। छात्राओं को दिया सुरक्षा का भरोसाNSUI ने इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को संदेश दिया कि वे अपनी समस्याओं को लेकर अकेली नहीं हैं। यदि उन्हें कॉलेज परिसर, आने-जाने या सुरक्षा से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो उनकी आवाज उठाने के लिए संगठन उनके साथ खड़ा रहेगा। NSUI ने कहा कि छात्राओं को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई कर सकें और कॉलेज की गतिविधियों में हिस्सा ले सकें। विनोद जाखड़ ने क्या कहा?NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व भी है। उन्होंने कहा कि ‘सखी’ पहल के माध्यम से NSUI दिल्ली विश्वविद्यालय की हर छात्रा को यह विश्वास दिलाना चाहता है कि संगठन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा, गरिमा और सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब भी छात्राओं की आवाज उठाने की जरूरत होगी, NSUI उनके साथ मिलकर आवाज उठाएगा। विनोद जाखड़ ने कहा कि आज बांधी गई राखी केवल एक धागा नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प सुरक्षित, सम्मानजनक और सभी को साथ लेकर चलने वाले कॉलेज परिसरों के निर्माण का है। छात्राओं की आवाज उठाने का संकल्पNSUI ने कहा कि महिला छात्राओं से जुड़े मुद्दों को केवल किसी एक दिन या त्योहार तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा एक ऐसा विषय है जिस पर लगातार ध्यान देने की जरूरत है। संगठन ने कहा कि वह दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं के साथ लगातार संवाद करेगा और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर उन्हें संबंधित स्तर पर उठाने का प्रयास करेगा। महिला पुलिसकर्मियों की भी रही भागीदारीइस कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। महिला पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर NSUI ने सुरक्षा की जिम्मेदारी में उनकी भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया।कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए छात्राओं, महिला पुलिसकर्मियों, कॉलेज प्रशासन और समाज सभी को मिलकर काम करना चाहिए। सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल की जरूरतदिल्ली विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्राएं अलग-अलग क्षेत्रों से पढ़ाई करने आती हैं। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बहुत जरूरी है। छात्राओं को कॉलेज में पढ़ाई के साथ-साथ अपनी बात रखने और अपनी समस्याओं को सामने रखने का भी पूरा अवसर मिलना चाहिए। NSUI ने कहा कि ‘सखी’ पहल के माध्यम से संगठन छात्राओं के साथ सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने और उनकी आवाज को मजबूत करने का काम करेगा। NSUI ने दोहराई प्रतिबद्धताNSUI ने एक बार फिर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह लगातार प्राथमिकता का विषय होना चाहिए। संगठन ने छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान, गरिमा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम के माध्यम से NSUI ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को सुना जाएगा और उनकी समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा।

गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर दिल्ली में गूंजा सामाजिक समरसता का संदेश

तालकटोरा स्टेडियम में हुआ पावन माटी कलश वंदन एवं वितरण कार्यक्रम नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली में सामाजिक समरसता और समानता का संदेश दिया गया। भारतीय जनता पार्टी की ओर से तालकटोरा स्टेडियम में ‘पावन माटी कलश वंदन एवं वितरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा सहित कई वरिष्ठ नेता, संत-महात्मा और पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान वाराणसी से लाई गई पावन मिट्टी को दिल्ली के सभी 14 जिलों तक पहुंचाने के लिए वाहनों को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 14 जिलों तक पहुंचेगी पावन माटीइस अभियान का उद्देश्य गुरु रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और लोगों तक पहुंचाना है। वाराणसी से लाई गई पावन मिट्टी को दिल्ली के सभी 14 जिलों में पहुंचाया जाएगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पावन माटी के कलश जिलों, मंडलों और मंदिरों तक ले जाए जाएंगे। इसके माध्यम से गुरु रविदास जी के जीवन, विचारों और शिक्षाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल मिट्टी पहुंचाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि लोगों को गुरु रविदास जी के संदेश से जोड़ने का एक प्रयास है। नितिन नवीन ने गुरु रविदास जी के विचारों को बताया प्रेरणादायकभाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने ऐसे समय में समाज को नई दिशा दिखाई, जब समाज में ऊंच-नीच और भेदभाव जैसी कई समस्याएं मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समानता, सामाजिक समरसता और मानव सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने समाज के हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी। नितिन नवीन ने कहा कि गुरु रविदास जी के विचारों को केवल उनकी जयंती पर याद करने के बजाय उन्हें अपने जीवन और व्यवहार में अपनाने की जरूरत है। समानता और सम्मान का संदेशनितिन नवीन ने कहा कि गुरु रविदास जी की सोच का मुख्य आधार यह था कि समाज के हर व्यक्ति को सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। सभी लोगों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए और एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतों ने हमेशा समाज को जोड़ने और सही रास्ता दिखाने का काम किया है। गुरु रविदास जी भी इसी महान संत परंपरा का हिस्सा थे और उन्होंने अपने विचारों से लोगों को मानवता और समानता का रास्ता दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी के मंत्र का किया उल्लेखनितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ समाज के सभी वर्गों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब, वंचित और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन समय में जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाना भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने की भावना को दर्शाता है। रेखा गुप्ता ने कहा- हर घर तक पहुंचे गुरु रविदास जी का संदेशदिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वाराणसी से लाई गई पवित्र माटी अब दिल्ली के अलग-अलग जिलों और बस्तियों तक पहुंचेगी। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार और भाजपा का प्रयास है कि यह पावन माटी दिल्ली के हर घर और हर बस्ती तक पहुंचे। इसके साथ ही गुरु रविदास जी की शिक्षाएं और उनका समानता का संदेश भी लोगों तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता और समानता का संदेश लोगों तक पहुंचाने का संकल्प है। गुरु रविदास जी की शिक्षाएं सभी के लिए महत्वपूर्णरेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु रविदास जी की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उनका संदेश था कि समाज में कोई छोटा या बड़ा नहीं है और सभी लोगों को सम्मान मिलना चाहिए।उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग एक-दूसरे का सम्मान करेगा और मिलकर आगे बढ़ेगा, तभी एक मजबूत और विकसित भारत का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जब पावन माटी के कलश दिल्ली के अलग-अलग जिलों और बस्तियों तक पहुंचेंगे, तो गुरु रविदास जी के विचार और सामाजिक समरसता का संदेश और मजबूत होगा। हर्ष मल्होत्रा ने बताया महत्वपूर्ण अभियानदिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर उनके जीवन और शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने कठिन परिस्थितियों में भी भक्ति, कर्म, करुणा, मानवता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अच्छे कर्म और मजबूत संकल्प के साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि वाराणसी से शुरू हुए पावन माटी कलश अभियान की अगली कड़ी के रूप में दिल्ली के सभी 14 जिलों को कलश दिए जा रहे हैं। नई पीढ़ी तक पहुंचेगा गुरु रविदास जी का संदेशहर्ष मल्होत्रा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल पावन माटी को अलग-अलग जगहों तक पहुंचाना नहीं है। इसके साथ गुरु रविदास जी के भक्ति, कर्म, मानवता और सामाजिक समरसता के विचारों को भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि खासतौर पर नई पीढ़ी को गुरु रविदास जी के जीवन और उनके विचारों से जोड़ना जरूरी है। उनके विचार समाज में भाईचारा, सम्मान और एकता को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में कई बड़े नेता और संत रहे मौजूदतालकटोरा स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और संत-महात्मा मौजूद रहे। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लालसिंह आर्या, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवेश कुमार राम, सांसद योगेन्द्र चंदोलिया, मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, प्रवीन खंडेलवाल और बांसुरी स्वराज सहित कई नेता शामिल रहे। इसके अलावा दिल्ली

चीनी के बढ़ते दाम से आम आदमी परेशान – देवेंद्र यादव

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने चीनी के लगातार बढ़ते दामों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि महंगाई ने आम आदमी का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा परिवार पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं और अब चीनी के दाम बढ़ने से उनकी रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ रहा है। श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। चीनी की बढ़ती कीमतों का असरदेवेंद्र यादव ने कहा कि चीनी हर घर में इस्तेमाल होने वाली एक आवश्यक वस्तु है। सुबह की चाय से लेकर बच्चों के दूध और विभिन्न खाद्य पदार्थों तक, चीनी का उपयोग लगभग हर परिवार में होता है। जब चीनी के दाम बढ़ते हैं तो इसका सीधा असर घर के मासिक खर्च पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज आम लोग पहले ही सब्जियों, दालों, दूध, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। ऐसे समय में चीनी का महंगा होना लोगों की आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा रहा है। गरीब और मध्यम वर्ग पर सबसे अधिक बोझदेवेंद्र यादव ने कहा कि महंगाई का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ता है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए हर महीने का बजट बनाना कठिन होता जा रहा है। कई परिवारों को अपने जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आय निश्चित है, उनके लिए लगातार बढ़ती कीमतें एक बड़ी समस्या बन गई हैं। आम नागरिक अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार उसकी परेशानियों को गंभीरता से नहीं ले रही है। सरकार पर साधा निशानादेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई के असली मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता को बड़े-बड़े भाषणों की नहीं, बल्कि राहत की आवश्यकता है। सरकार को यह समझना चाहिए कि जब रसोई का खर्च बढ़ता है तो सबसे अधिक परेशानी आम लोगों को होती है। उन्होंने कहा कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं है, बल्कि यह करोड़ों परिवारों के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ मुद्दा है। इसलिए सरकार को जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती जरूरीदेवेंद्र यादव ने कहा कि कई बार जमाखोरी और कालाबाजारी के कारण भी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो कृत्रिम कमी पैदा करके वस्तुओं के दाम बढ़ाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि बाजार में पर्याप्त मात्रा में वस्तुएं उपलब्ध रहें और उन पर उचित निगरानी रखी जाए, तो कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए सरकार को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। जनता को राहत देने की मांगदेवेंद्र यादव ने सरकार से मांग की कि चीनी सहित सभी आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिनसे आम लोगों को राहत मिल सके और उनके घर का बजट संतुलित रह सके। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती रहेंगी तो आम लोगों का जीवन और अधिक कठिन हो जाएगा।