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हावड़ा-मुंबई समेत तीन बड़े रेल मार्गों पर बिछेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन

रेलवे को मजबूत बनाने की बड़ी तैयारीभारतीय रेलवे देश के रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में हावड़ा-मुंबई समेत तीन प्रमुख रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। इन रेल मार्गों पर ट्रेनों की संख्या पहले से काफी ज्यादा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और मालगाड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त रेल लाइन की जरूरत महसूस की जा रही है। नई रेल लाइन बनने के बाद इन व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों को चलाने के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध होगी। इससे रेलवे को ट्रेनों का संचालन बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी। आने वाले समय में यात्रियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग क्यों है खासहावड़ा-मुंबई रेल मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों में से एक माना जाता है। यह मार्ग देश के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने का काम करता है। इस रास्ते से हर दिन बड़ी संख्या में यात्री अलग-अलग शहरों के लिए सफर करते हैं। हावड़ा से मुंबई के बीच चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ रहती है। इसके अलावा इस रेल मार्ग का इस्तेमाल सामान और औद्योगिक वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए भी किया जाता है। इसलिए इस पूरे रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव लगातार बना रहता है। ऐसे में तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने से इस मार्ग की क्षमता बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है। तीसरी और चौथी रेल लाइन की जरूरत क्यों पड़ीसमय के साथ रेलवे में यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों को एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए रेल यात्रा काफी सुविधाजनक लगती है। इसके साथ ही देश में व्यापार और उद्योग बढ़ने के कारण मालगाड़ियों की संख्या भी बढ़ रही है। जब किसी रेल मार्ग पर पहले से ही बहुत सारी ट्रेनें चलती हैं, तो उसी लाइन पर नई ट्रेन चलाना मुश्किल हो जाता है। कई बार एक ट्रेन को दूसरी ट्रेन के गुजरने के लिए कुछ समय तक रोकना पड़ता है। इससे ट्रेन के समय पर असर पड़ सकता है। इसी समस्या को कम करने के लिए अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने की जरूरत होती है। तीसरी और चौथी लाइन उपलब्ध होने के बाद रेलवे के पास ट्रेनों को अलग-अलग पटरियों पर चलाने की सुविधा बढ़ जाएगी। यात्रियों को मिल सकता है बड़ा फायदानई रेल लाइन बनने का सीधा फायदा रेल यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। जब किसी रेल मार्ग पर ट्रेनों के लिए अतिरिक्त लाइन होती है तो ट्रेनों को चलाने में रेलवे को ज्यादा सुविधा मिलती है। अभी कई व्यस्त रूटों पर ट्रेनों को एक-दूसरे के कारण रोकना पड़ता है। नई लाइन बनने के बाद ऐसी स्थिति को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे ट्रेन संचालन पहले की तुलना में ज्यादा व्यवस्थित हो सकता है। यात्रियों को भविष्य में बेहतर रेल सेवा मिलने की संभावना भी बढ़ सकती है। नई ट्रेनों के संचालन का रास्ता होगा आसानरेल यात्रियों की मांग को देखते हुए अलग-अलग रूटों पर नई ट्रेन चलाने की जरूरत पड़ती रहती है। लेकिन किसी व्यस्त रेल मार्ग पर नई ट्रेन शुरू करने के लिए पहले यह देखना पड़ता है कि उस मार्ग पर अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध है या नहीं। अगर किसी रूट पर रेल लाइन पहले से ही पूरी तरह व्यस्त है तो वहां नई ट्रेन चलाना मुश्किल हो सकता है। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ऐसे रूटों पर अतिरिक्त ट्रेन चलाने की संभावना बढ़ सकती है। इससे भविष्य में यात्रियों को अधिक रेल सेवाएं मिल सकती हैं। मालगाड़ियों को भी होगा फायदानई रेल लाइन का फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं मिलेगा। मालगाड़ियों के संचालन में भी इससे काफी मदद हो सकती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कोयला, लोहा, सीमेंट, अनाज और अन्य सामान रेल के माध्यम से भेजा जाता है। बड़ी संख्या में मालगाड़ियां प्रमुख रेल मार्गों से होकर गुजरती हैं। कई बार यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता देने के कारण मालगाड़ियों को कुछ समय के लिए रोकना पड़ता है। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने पर मालगाड़ियों के संचालन को भी बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है। ट्रेन की रफ्तार और संचालन में सुधार की उम्मीदव्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की रफ्तार कई बार दूसरे ट्रैफिक के कारण प्रभावित होती है। एक ही लाइन पर कई तरह की ट्रेनें चलने से रेलवे को सभी ट्रेनों के बीच तालमेल बनाना पड़ता है। तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने के बाद ट्रेनों को अलग-अलग पटरियों पर चलाने की सुविधा बढ़ जाएगी। इससे ट्रेन संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा। हालांकि ट्रेन की वास्तविक रफ्तार और समय में सुधार कई दूसरे कारणों पर भी निर्भर करेगा। रेलवे नेटवर्क होगा और मजबूतभारत में रेलवे लाखों लोगों की रोजाना यात्रा का महत्वपूर्ण साधन है। देश के छोटे शहरों से लेकर बड़े महानगरों तक रेलवे लोगों को जोड़ने का काम करता है।ऐसे में प्रमुख रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाना बहुत जरूरी है। नई रेल लाइन बिछाने से रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे आने वाले समय में बढ़ती यात्री संख्या और माल परिवहन की जरूरत को पूरा करने में रेलवे को सुविधा हो सकती है। बड़े शहरों के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतरहावड़ा और मुंबई दोनों ही देश के बड़े और महत्वपूर्ण शहर हैं। इन शहरों के बीच मजबूत रेल संपर्क का फायदा केवल दोनों शहरों को ही नहीं बल्कि रास्ते में आने वाले कई अन्य शहरों और क्षेत्रों को भी मिलता है। लोग नौकरी, पढ़ाई, व्यापार और दूसरे जरूरी कामों के लिए एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करते हैं। ऐसे में बेहतर रेल नेटवर्क से उनकी यात्रा आसान हो सकती है। नई रेल लाइनें बनने से इस पूरे क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है। रेलवे की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए फैसलाआज के समय में रेलवे पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। त्योहारों, छुट्टियों और खास मौकों पर कई प्रमुख रूटों पर यात्रियों की संख्या और भी बढ़ जाती है। इसके अलावा उद्योगों और व्यापार के बढ़ने के साथ माल परिवहन की

एस.सी.एल. दास ने संभाली DERC चेयरमैन की जिम्मेदारी, ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 दिल्ली के बिजली क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एस.सी.एल. दास ने दिल्ली विद्युत नियामक आयोग यानी DERC के चेयरमैन के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने अपने कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री एस.सी.एल. दास को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। एस.सी.एल. दास के चेयरमैन बनने के बाद अब दिल्ली के बिजली क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता का लाभ मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार का मानना है कि एस.सी.एल. दास के लंबे प्रशासनिक अनुभव से DERC के कामकाज को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। एस.सी.एल. दास ने ली पद और गोपनीयता की शपथदिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने श्री एस.सी.एल. दास को DERC चेयरमैन के पद की शपथ दिलाई। इस दौरान श्री एस.सी.एल. दास ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ लेने के साथ ही एस.सी.एल. दास ने DERC के चेयरमैन के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली। यह जिम्मेदारी दिल्ली के बिजली क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि DERC दिल्ली में बिजली व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों का नियमन करता है। आशीष सूद ने दी एस.सी.एल. दास को शुभकामनाएंशपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान दिल्ली के ऊर्जा मंत्री श्री आशीष सूद ने एस.सी.एल. दास को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। आशीष सूद ने उम्मीद जताई कि एस.सी.एल. दास अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल दिल्ली के बिजली क्षेत्र को और बेहतर बनाने के लिए करेंगे। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के अनुसार, एस.सी.एल. दास के अनुभव और प्रशासनिक दक्षता से दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के कामकाज को मजबूती मिलेगी। प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभएस.सी.एल. दास एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में काम करने के कारण श्री एस.सी.एल. दास को सरकारी व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े मामलों की अच्छी समझ और अनुभव है। अब DERC के चेयरमैन के रूप में एस.सी.एल. दास इस अनुभव का इस्तेमाल बिजली क्षेत्र से जुड़े मामलों में करेंगे। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि एस.सी.एल. दास की प्रशासनिक दक्षता से DERC के कामकाज में तेजी और प्रभावशीलता आएगी। दिल्ली के बिजली क्षेत्र में DERC की बड़ी भूमिकादिल्ली विद्युत नियामक आयोग यानी DERC दिल्ली के बिजली क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। DERC का काम बिजली क्षेत्र से जुड़े मामलों का नियमन करना है। दिल्ली में बिजली वितरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में DERC की भूमिका रहती है। इसके साथ ही बिजली उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना भी आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में एस.सी.एल. दास के सामने DERC के चेयरमैन के रूप में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। बिजली उपभोक्ताओं के हितों पर जोरदिल्ली सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को महत्वपूर्ण मानती है।सरकार का उद्देश्य है कि बिजली से जुड़े मामलों में व्यवस्था साफ और प्रभावी हो तथा आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखा जाए। अब एस.सी.एल. दास के नेतृत्व में DERC से भी बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों में प्रभावी काम की उम्मीद की जा रही है। पारदर्शिता और जवाबदेही पर आशीष सूद का जोरऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार बिजली क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को सबसे अधिक महत्व देती है। आशीष सूद ने उम्मीद जताई कि श्री एस.सी.एल. दास अपनी विशेषज्ञता और अनुभव के माध्यम से DERC की जिम्मेदारियों को अच्छे तरीके से पूरा करेंगे। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, एस.सी.एल. दास का अनुभव दिल्ली के बिजली क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। DERC के कामकाज को बेहतर बनाने की उम्मीदएस.सी.एल. दास के चेयरमैन बनने के बाद DERC के कामकाज को और प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई गई है। एक अनुभवी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी के रूप में एस.सी.एल. दास के पास प्रशासनिक कामकाज की समझ है। यही कारण है कि दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि एस.सी.एल. दास आयोग के काम को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएंगे। एस.सी.एल. दास के नेतृत्व में DERC बिजली क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर प्रभावी तरीके से काम कर सकेगा, ऐसी उम्मीद जताई गई है। उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों में अहम जिम्मेदारीदिल्ली के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए DERC की भूमिका महत्वपूर्ण है। बिजली की व्यवस्था से जुड़े नियमों और महत्वपूर्ण मामलों में आयोग की भूमिका रहती है। DERC के नए चेयरमैन एस.सी.एल. दास के सामने उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की चुनौती होगी।दिल्ली सरकार की ओर से भी लगातार यह कहा गया है कि बिजली क्षेत्र में काम करते समय उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। एस.सी.एल. दास से बड़ी उम्मीदेंएस.सी.एल. दास के पास प्रशासनिक क्षेत्र का व्यापक अनुभव है। इसी अनुभव को देखते हुए दिल्ली सरकार को उनसे काफी उम्मीदें हैं। उम्मीद की जा रही है कि एस.सी.एल. दास DERC की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेंगे। साथ ही बिजली क्षेत्र से जुड़े मामलों में बेहतर नियमन और उपभोक्ता हितों की रक्षा पर भी ध्यान देंगे। आशीष सूद ने बताया महत्वपूर्ण कदमऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने एस.सी.एल. दास को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। आशीष सूद ने भरोसा जताया कि एस.सी.एल. दास अपने अनुभव के जरिए DERC की जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से पूरा करेंगे। आशीष सूद ने यह भी उम्मीद जताई कि एस.सी.एल. दास के प्रशासनिक अनुभव से दिल्ली के बिजली क्षेत्र को फायदा मिलेगा। दिल्ली के बिजली क्षेत्र के लिए नई जिम्मेदारीDERC चेयरमैन के रूप में एस.सी.एल. दास की जिम्मेदारी दिल्ली के बिजली क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण है। दिल्ली में बिजली वितरण और उपभोक्ताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में DERC की भूमिका होती है। ऐसे में एस.सी.एल. दास का अनुभव आयोग के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। एस.सी.एल. दास के सामने बिजली क्षेत्र में बेहतर नियमन, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और आयोग के कामकाज को प्रभावी बनाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी।

अखिलेश यादव से सुनील सिंह की मुलाकात, 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हुई अहम बातचीत

लखनऊ में अखिलेश यादव और सुनील सिंह की मुलाकात लखनऊ, 9 सितंबर 2026 उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से हलचल शुरू हो गई है। इसी बीच लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने बुधवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की। सुनील सिंह और अखिलेश यादव की यह मुलाकात लखनऊ स्थित लोहिया ट्रस्ट में हुई। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राजनीति और आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। सुनील सिंह ने मुलाकात के बाद कहा कि अखिलेश यादव के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है। सुनील सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत आगे भी जारी रहेगी। अखिलेश यादव से मुलाकात को सुनील सिंह ने बताया सकारात्मकमुलाकात के बाद चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव के साथ हुई बातचीत काफी अच्छी रही। सुनील सिंह ने बताया कि यह मुलाकात केवल राजनीतिक चर्चा तक सीमित नहीं थी।सुनील सिंह के मुताबिक, अखिलेश यादव के साथ मुलाकात बेहद आत्मीय और पारिवारिक माहौल में हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से कई मुद्दों पर बातचीत की और उत्तर प्रदेश की मौजूदा स्थिति को लेकर अपने विचार साझा किए। सुनील सिंह ने कहा कि इस मुलाकात को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए। 2027 विधानसभा चुनाव पर हुई अहम चर्चाअखिलेश यादव और सुनील सिंह की मुलाकात में सबसे अहम मुद्दा 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव रहा। सुनील सिंह ने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत सकारात्मक रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर और बातचीत की जाएगी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटने लगे हैं। ऐसे समय में सुनील सिंह की अखिलेश यादव से मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अभी तक अखिलेश यादव या सुनील सिंह की ओर से किसी गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल दोनों नेताओं के बीच बातचीत को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। किसानों के मुद्दे पर सुनील सिंह की बातलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने किसानों के मुद्दे को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया। सुनील सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझने की जरूरत है। सुनील सिंह ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना जरूरी है।सुनील सिंह के अनुसार, 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जो भी राजनीतिक रणनीति तैयार होगी, उसमें किसानों के हितों को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाना चाहिए। युवाओं के मुद्दे को भी बताया जरूरी सुनील सिंह ने युवाओं के मुद्दे पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा बेहतर रोजगार, अच्छी शिक्षा और बेहतर भविष्य चाहते हैं। सुनील सिंह ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है। इसके साथ ही शिक्षा और अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर होने वाली राजनीतिक चर्चा में युवाओं की समस्याओं को भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए। मजदूरों की समस्याओं पर भी ध्यान देने की बातलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने मजदूरों और मेहनतकश लोगों के मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बताया। सुनील सिंह ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में मजदूर मेहनत करके अपना और अपने परिवार का जीवन चलाते हैं। ऐसे लोगों की समस्याओं को भी राजनीति के केंद्र में लाना जरूरी है। सुनील सिंह ने कहा कि मजदूरों और आम लोगों के हित में काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाली राजनीति में आम जनता के मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। आम जनता के मुद्दों पर भी हुई बातचीतअखिलेश यादव और सुनील सिंह की मुलाकात में आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सुनील सिंह ने कहा कि किसी भी राजनीतिक रणनीति का सबसे बड़ा उद्देश्य जनता के हितों की रक्षा करना होना चाहिए। सुनील सिंह के अनुसार, प्रदेश की जनता कई तरह की समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे में राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसान, युवा, मजदूर और आम जनता आगामी राजनीतिक रणनीति के केंद्र में होने चाहिए। समान विचारधारा वाले दलों से बातचीत जरूरी – सुनील सिंहसुनील सिंह ने कहा कि समान विचारधारा वाले लोगों और राजनीतिक दलों के बीच बातचीत जरूरी है। सुनील सिंह के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की राजनीति को नई दिशा देने के लिए आपसी बातचीत और विचार-विमर्श होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए समान मुद्दों और जनता के हितों पर काम करने वाले दलों के बीच संवाद होना जरूरी है। सुनील सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले समय में इस तरह की बातचीत को आगे बढ़ाया जा सकता है। जनता बदलाव चाहती है – सुनील सिंहलोकदल अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है। सुनील सिंह ने कहा कि जनता के सामने कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। किसानों की समस्याएं, युवाओं के लिए रोजगार, मजदूरों की स्थिति और आम लोगों की परेशानियां राजनीति के बड़े मुद्दे हैं। सुनील सिंह ने कहा कि जनता के हितों को ध्यान में रखकर ही आगे की राजनीतिक रणनीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव में जनता से जुड़े मुद्दों को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। अखिलेश यादव के साथ आगे भी बातचीत जारी रहने के संकेतसुनील सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव के साथ बातचीत आगे भी जारी रहेगी। सुनील सिंह के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस मुलाकात को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि भविष्य में लोकदल और समाजवादी पार्टी के बीच किस तरह का राजनीतिक तालमेल होगा। लेकिन सुनील सिंह ने बातचीत को सकारात्मक बताया है। आने वाले दिनों में अगर दोनों नेताओं के बीच दोबारा बैठक होती है तो 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है। अखिलेश यादव और सुनील सिंह की मुलाकात पर राजनीतिक नजरअखिलेश यादव और सुनील

महिलाओं के गंभीर मुद्दों की अनदेखी का आरोप, कांग्रेस ने राष्ट्रीय महिला आयोग पर साधा निशाना

फरीदाबाद की ‘क्षमता निर्माण कार्यशाला’ को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल नई दिल्ली, 8 सितंबर। कांग्रेस ने फरीदाबाद के सूरजकुंड में राष्ट्रीय महिला आयोग की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘क्षमता निर्माण कार्यशाला’ को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि महिला विधायकों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं से जुड़े जरूरी और गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं की गई।कांग्रेस ने कहा कि जिस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उन्हें बदलाव की अगुवाई करने के लिए तैयार करना था, वहां घरेलू हिंसा, महिला सुरक्षा, नीति निर्माण, नए कानून, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हुई। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यक्रम में दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों से आई महिला जनप्रतिनिधियों के साथ भाषाई भेदभाव किया गया। पार्टी ने कहा कि कार्यक्रम में हिंदी के अलावा दूसरी भाषाओं और अंग्रेजी में अपनी बात रखने वाली महिला प्रतिनिधियों को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। कांग्रेस मुख्यालय में हुई पत्रकार वार्ताफरीदाबाद में आयोजित कार्यशाला को लेकर कांग्रेस ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में पत्रकार वार्ता की। इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया, केरल सरकार की मंत्री बिंदु कृष्णा और छत्तीसगढ़ की विधायक अनिला भेंडिया मौजूद रहीं। तीनों नेताओं ने राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि महिलाओं के लिए आयोजित कार्यक्रम में ही महिलाओं की आवाज को पर्याप्त जगह नहीं दी गई। रागिनी नायक बसोया ने महिला आयोग पर लगाया बड़ा आरोपकांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने देश की महिला विधायकों के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया था। कार्यक्रम का मोटो ‘शी द चेंजमेकर’ रखा गया था। रागिनी नायक बसोया ने सवाल उठाया कि अगर कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को बदलाव का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना था, तो इसमें महिलाओं की अपनी बात को ज्यादा महत्व क्यों नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के मंच पर अलग-अलग राज्यों की महिला जनप्रतिनिधियों को बैठाया गया था। इसके बावजूद कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से कराया गया। रागिनी नायक बसोया के अनुसार, उद्घाटन के समय मंच पर अलग-अलग राज्यों की पांच महिला मंत्री मौजूद थीं, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए क्या देश में कोई योग्य महिला नेता, उद्यमी, वकील या विचारक नहीं मिली? ‘महिला सशक्तिकरण का यह कैसा तरीका?’डॉ. रागिनी नायक बसोया ने कहा कि जब किसी कार्यक्रम का विषय ही महिला सशक्तिकरण हो, तो उसमें महिलाओं की आवाज को सबसे ज्यादा महत्व मिलना चाहिए।:उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मंच पर महिला मंत्री मौजूद थीं, तो उन्हें अपनी बात रखने का अवसर क्यों नहीं दिया गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे महिला सशक्तिकरण की भावना के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का काम महिलाओं से जुड़े मुद्दों को सामने लाना और उनकी आवाज को मजबूत करना है। महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर भी सवालकांग्रेस ने कार्यशाला में महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा नहीं होने का भी आरोप लगाया। डॉ. रागिनी नायक बसोया ने कहा कि महिला विधायकों के लिए आयोजित कार्यक्रम में यह एक बहुत महत्वपूर्ण विषय था। देश में महिला प्रतिनिधित्व और चुनावी क्षेत्रों के परिसीमन का महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर क्या असर पड़ेगा, इस पर चर्चा होनी चाहिए थी। कांग्रेस के अनुसार, जब केरल से आई महिला विधायकों ने इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की कोशिश की, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। रागिनी नायक बसोया ने कहा कि महिला आयोग को महिलाओं की आवाज सुननी चाहिए और किसी भी महत्वपूर्ण सवाल को दबाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ‘महिला आयोग सरकार का मुखपत्र नहीं’डॉ. रागिनी नायक बसोया ने राष्ट्रीय महिला आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आयोग का काम सरकार का प्रचार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं के अधिकारों और उनकी समस्याओं के लिए काम करने वाली संस्था है। ऐसे में आयोग को महिलाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कार्यशाला में सरकार की उपलब्धियों पर ज्यादा जोर दिया गया, जबकि महिलाओं की वास्तविक समस्याओं पर पर्याप्त बातचीत नहीं हुई। बिंदु कृष्णा ने उठाया भाषाई भेदभाव का मुद्दाकेरल सरकार की मंत्री बिंदु कृष्णा ने पत्रकार वार्ता में कार्यशाला के दौरान भाषा से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। बिंदु कृष्णा ने आरोप लगाया कि दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों से आई महिला जनप्रतिनिधियों के साथ भाषा के स्तर पर भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का संचालन मुख्य रूप से हिंदी भाषा में किया गया। उनके अनुसार, महिला प्रतिनिधियों को अपनी बात समझने और रखने में परेशानी हुई। अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं में सामग्री नहीं मिलने का आरोपबिंदु कृष्णा ने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने वाली महिला जनप्रतिनिधियों को अध्ययन सामग्री और जरूरी दस्तावेज हिंदी में दिए गए। उनका आरोप है कि इन दस्तावेजों को अंग्रेजी या संबंधित राज्यों की स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाली महिला जनप्रतिनिधियों की भाषाएं अलग हैं। ऐसे में सभी को अपनी बात समझने और रखने का समान अवसर मिलना चाहिए। अनुवाद की मांग पर भी सवालबिंदु कृष्णा के अनुसार, दक्षिण भारत की महिला प्रतिनिधियों ने जब अंग्रेजी में अपनी बात रखने या अनुवाद की सुविधा देने की मांग की, तो उनकी मांग को उचित तरीके से नहीं सुना गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला प्रतिनिधियों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई। बिंदु कृष्णा ने कहा कि भारत अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों वाला देश है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर के किसी भी कार्यक्रम में सभी राज्यों की प्रतिनिधियों को बराबर सम्मान और बोलने का अवसर मिलना चाहिए। अनिला भेंडिया ने महिला विधायकों की कम भागीदारी पर उठाया सवालछत्तीसगढ़ की विधायक अनिला भेंडिया ने भी कार्यशाला को लेकर कई सवाल उठाए। अनिला भेंडिया ने कहा कि देश में लगभग 400 महिला विधायकों के बीच इस कार्यक्रम में करीब 40 प्रतिशत महिला विधायक ही शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि महिला प्रतिनिधियों की इतनी कम भागीदारी को लेकर भी सवाल उठना स्वाभाविक

H1N1 और डेंगू को लेकर दिल्ली सरकार की बड़ी तैयारी, डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन-प्रतिनिधियों से कहा- हर घर तक पहुंचाएं जागरूकता का संदेश

नई दिल्ली, 07 सितंबर 2026 दिल्ली में बदलते मौसम के बीच H1N1 और डेंगू जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव को लेकर दिल्ली सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी दिशा में दिल्ली सचिवालय में सोमवार को पार्षदों, जन-प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने की। इस दौरान H1N1 और डेंगू से बचाव, बीमारी के शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर इलाज, साफ-सफाई और लोगों की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम सिर्फ अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बीमारी को रोकने के लिए सरकार के साथ आम लोगों, पार्षदों और स्थानीय संगठनों को भी मिलकर काम करना होगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कार्यशाला का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि यहां दी गई जानकारी दिल्ली सचिवालय तक सीमित न रहे, बल्कि राजधानी के हर वार्ड, हर मोहल्ले और हर घर तक पहुंचे। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा- बीमारी से बचाव में जन-भागीदारी सबसे जरूरीकार्यशाला में डॉ. पंकज कुमार सिंह ने जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि पार्षद और स्थानीय जन-प्रतिनिधि सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं। उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं और वहां रहने वाले लोगों की जरूरतों की जानकारी होती है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग और जन-प्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाना बेहद जरूरी है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने पार्षदों से अपील की कि वे अपने-अपने इलाकों में H1N1 और डेंगू के बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को केवल बीमारी के बारे में बताना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी समझाना जरूरी है कि बीमारी से बचने के लिए वे अपने स्तर पर क्या कदम उठा सकते हैं। हर बुखार को H1N1 या डेंगू समझने की जरूरत नहीं – डॉ. पंकज कुमार सिंहH1N1 को लेकर लोगों में किसी तरह का डर या भ्रम न फैले, इस पर भी स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विशेष जोर दिया। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हर बुखार H1N1 या डेंगू नहीं होता। मौसम बदलने पर सामान्य वायरल संक्रमण के कारण भी लोगों को बुखार, खांसी, सर्दी और कमजोरी जैसी परेशानी हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुद से बीमारी का अनुमान न लगाएं और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। अगर किसी व्यक्ति को बुखार या अन्य लक्षण हैं और उसकी परेशानी बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सबसे जरूरी है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि सही जानकारी मिलने से बीमारी को लेकर फैलने वाले अनावश्यक डर और पैनिक को कम किया जा सकता है। H1N1 से बचाव के लिए छोटी-छोटी सावधानियां जरूरीकार्यशाला में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 से बचाव के आसान तरीकों पर भी चर्चा हुई। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि H1N1 जैसे संक्रमण से बचाव के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में साफ-सफाई और सावधानी को अपनाना जरूरी है। लोगों को नियमित रूप से हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को सांस से जुड़ी परेशानी है तो उसे दूसरों के बहुत करीब जाने से बचना चाहिए। भीड़ वाली जगहों पर जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बीमार लोगों को पर्याप्त आराम करने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी। बच्चों और बुजुर्गों का रखें विशेष ध्यानडॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि मौसमी इन्फ्लूएंजा किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। परिवार के सदस्यों को ऐसे लोगों के स्वास्थ्य पर नजर रखनी चाहिए। अगर बीमारी के लक्षण ज्यादा गंभीर दिखाई दें या मरीज की स्थिति बिगड़ रही हो तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से बचेंस्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों को खुद से दवा लेने की आदत से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर बुखार में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या दूसरी दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि बीमारी होने पर सही जांच और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही उपचार लिया जाए। स्कूलों के जरिए भी पहुंचेगा जागरूकता का संदेशडॉ. पंकज कुमार सिंह ने स्कूलों में स्वास्थ्य जागरूकता को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नियमित रूप से साफ-सफाई, हाथ धोने, खांसते और छींकते समय सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण होने पर इसकी जानकारी देने के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए। स्कूलों के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी बच्चों के साथ उनके माता-पिता तक भी आसानी से पहुंचाई जा सकती है।डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों में अच्छी स्वास्थ्य आदतें विकसित करना लंबे समय के लिए बहुत उपयोगी होगा। डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों की ब्रीडिंग रोकना सबसे जरूरीकार्यशाला में डेंगू की रोकथाम को लेकर भी विशेष चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि डेंगू को रोकने के लिए सबसे पहला काम मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना है। डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर जमा हुए पानी में पनप सकता है। इसलिए घर और आसपास ऐसी किसी भी जगह को खुला नहीं छोड़ना चाहिए, जहां पानी जमा हो सकता है। कूलर से लेकर छत तक करें पानी जमा होने वाली जगहों की जांच डॉ. पंकज कुमार सिंह ने लोगों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार अपने घर और आसपास की जांच जरूर करें। कूलर, गमले, गमलों के नीचे रखी प्लेट, पानी की टंकियां, पुराने टायर, खाली डिब्बे और बेकार सामान में पानी जमा हो सकता है। छतों पर रखे बर्तन और अन्य सामान भी मच्छरों के लिए ब्रीडिंग की जगह बन सकते हैं। इसलिए डॉ. पंकज कुमार सिंह ने पानी जमा

रामलीला मंचन से पहले ‘रामायण’ फिल्म पर सियासी-सांस्कृतिक घमासान तेज, स्वरा भास्कर के बयान पर अर्जुन कुमार का पलटवार

विश्वविख्यात लव कुश रामलीला कमेटी की प्रेस वार्ता में बड़े खुलासे, इस बार मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर बनेगा भव्य मंच नई दिल्ली, 6 सितंबर। दिल्ली में होने वाली विश्वविख्यात लव कुश रामलीला को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। रामलीला मंचन से पहले ही इस बार धार्मिक, सांस्कृतिक और फिल्मी जगत से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच कांस्टीट्यूशन क्लब में विश्वविख्यात लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने इस वर्ष रामलीला में अलग-अलग महत्वपूर्ण किरदार निभाने वाले फिल्मी कलाकारों को मीडिया से रूबरू कराया। उन्होंने रामलीला के भव्य मंच, विशेष विजुअल इफेक्ट्स, डिजिटल साउंड, कलाकारों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। इस दौरान अभिनेत्री स्वरा भास्कर के सनातन संस्कृति से जुड़े बयानों और रणवीर कपूर अभिनीत प्रस्तावित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी सवाल उठे, जिनका अर्जुन कुमार ने खुलकर जवाब दिया। फिल्मी कलाकार निभाएंगे रावण, नारद मुनि और केवट के महत्वपूर्ण किरदारइस वर्ष लव कुश रामलीला में फिल्म और टीवी जगत के कई जाने-माने कलाकार अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म और पौराणिक धारावाहिकों की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता राजप्रेमी इस बार रावण का किरदार निभाएंगे। राजप्रेमी इससे पहले संजय खान के प्रसिद्ध धारावाहिक ‘जय हनुमान’ सहित कई फिल्मों और पौराणिक कार्यक्रमों में काम कर चुके हैं। वहीं, दिग्गज अभिनेता पेंटल कंवरजीत सिंह पहली बार किसी रामलीला में नारद मुनि की भूमिका निभाते दिखाई देंगे। पेंटल अपने लंबे फिल्मी करियर और अभिनय के लिए जाने जाते हैं तथा उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान और पुरस्कार मिल चुके हैं। इसके अलावा प्रसिद्ध अभिनेता और गायक शंकर साहनी इस वर्ष रामलीला में केवट का महत्वपूर्ण किरदार निभाएंगे। कमेटी का कहना है कि अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी से इस वर्ष रामलीला का मंचन और अधिक प्रभावशाली तथा आकर्षक होगा। अर्जुन कुमार बोले- रामलीला के लिए तैयार हो रहा है चार मंजिला भव्य मीनाक्षी मंदिर जैसा मंचलव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने बताया कि इस बार रामलीला मंचन के लिए एक बेहद विशाल और आकर्षक मंच तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंच का डिजाइन विश्व प्रसिद्ध मदुरै के मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। यह भव्य मंच लगभग 140 फुट लंबा, 60 फुट चौड़ा और 45 फुट ऊंचा होगा। मंच को चार मंजिलों में तैयार किया जा रहा है। इस विशेष सेट को तैयार करने में देश के अलग-अलग हिस्सों के कारीगर जुटे हुए हैं। कोलकाता, दिल्ली, मुंबई, गुजरात, राजस्थान, मथुरा और वृंदावन के कारीगर कई महीनों से इस विशाल मंच को तैयार करने में मेहनत कर रहे हैं। अर्जुन कुमार ने बताया कि मंच पर भारतीय शिल्पकला और मंदिरों की सुंदर नक्काशी की झलक देखने को मिलेगी। मंदिर की डिजाइन, स्तंभ, गुंबद और सजावट को विशेष तरीके से तैयार किया जा रहा है। एक लाख मल्टीकलर एलईडी लाइटों से जगमगाएगा पूरा रामलीला मंचइस बार रामलीला का मंच आधुनिक तकनीक और पारंपरिक भारतीय संस्कृति का एक अनोखा संगम होगा। अर्जुन कुमार ने बताया कि पूरे भव्य सेट को लगभग एक लाख मल्टीकलर एलईडी लाइटों से सजाया जाएगा। लाइटों के रंग बदलने के साथ मंच का हर हिस्सा अलग-अलग रूप में दिखाई देगा। कहीं नीली रोशनी होगी, तो कहीं सुनहरी चमक देखने को मिलेगी। लाल और हरे रंग की रोशनी भी मंदिर और मंच की सुंदरता को और आकर्षक बनाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष लाइटिंग के कारण दर्शकों को ऐसा अनुभव होगा कि पूरा मंदिर और रामलीला का मंच दिव्यता और भव्यता से जीवंत हो उठा है। 31 फुट का कैलाश पर्वत और घने जंगल का भी बनेगा विशेष सेटइस बार रामलीला के मंच पर केवल मंदिर ही नहीं, बल्कि भगवान शिव के कैलाश पर्वत और जंगल के दृश्य भी बेहद खास तरीके से तैयार किए जाएंगे। कमेटी के अनुसार, मंच पर लगभग 31 फुट ऊंचा कैलाश पर्वत बनाया जाएगा। इसके साथ ही घने जंगल का भी विशेष सेट तैयार होगा। जंगल के दृश्यों को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि रामलीला देखने आए दर्शकों को ऐसा महसूस हो कि वे वास्तव में जंगल और प्रकृति के बीच बैठे हैं। इन दृश्यों में पक्षियों की आवाजें सुनाई देंगी, चिड़ियों के चहकने का अनुभव होगा, मोर नाचते दिखाई देंगे और जंगल के अन्य दृश्य भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किए जाएंगे। श्रीराम, सीता और लक्ष्मण का नाव से नदी पार करने वाला दृश्य होगा खास इस वर्ष रामलीला में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के केवट के साथ नदी पार करने वाले प्रसिद्ध प्रसंग को भी विशेष तकनीक के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। मंच पर विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से ऐसा दृश्य तैयार किया जाएगा कि पूरा मंच पानी से भरा हुआ दिखाई देगा। इस दृश्य में नाव को पानी पर चलते हुए दिखाया जाएगा। आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के कारण दर्शकों को एक वास्तविक नदी और नाव का अनुभव देने की कोशिश की जाएगी। शंकर साहनी इस महत्वपूर्ण प्रसंग में केवट की भूमिका निभाएंगे।विशाल एलईडी स्क्रीन, 3डी मैपिंग और डिजिटल डॉल्बी साउंड का होगा प्रयोग लव कुश रामलीला में आधुनिक तकनीक का भी बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा। मंच पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी और 3डी मैपिंग इफेक्ट्स के माध्यम से रामायण के अलग-अलग प्रसंगों को और प्रभावशाली बनाया जाएगा। कमेटी के अनुसार, डिजिटल डॉल्बी साउंड और विशेष स्टीरियोफोनिक साउंड तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा, ताकि दर्शकों तक संवाद और ध्वनि साफ तथा प्रभावशाली तरीके से पहुंच सके। विशेष ध्वनि और विजुअल इफेक्ट्स के कारण युद्ध और अन्य महत्वपूर्ण दृश्यों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। आकाश में देवी-देवताओं के दृश्य और पुष्प वर्षा का अनुभवरामलीला मंच के ऊपरी हिस्से में भी विशेष दृश्य तैयार किए जाएंगे। कमेटी के अनुसार, रामलीला मंचन के दौरान आकाश में विचरण करते देवी-देवताओं के दृश्य दिखाए जाएंगे और भगवान श्रीराम पर पुष्प वर्षा के दृश्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे। इन दृश्यों के माध्यम से रामायण की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को आधुनिक मंच तकनीक के साथ दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। स्वरा भास्कर के बयान पर अर्जुन कुमार का पलटवारप्रेस वार्ता के दौरान अभिनेत्री स्वरा भास्कर के

शिक्षक दिवस पर निगम शिक्षकों का सम्मान, हर्ष मल्होत्रा और प्रवेश वाही ने शिक्षकों की भूमिका को बताया देश के भविष्य की नींव

नई दिल्ली में शिक्षक दिवस पर आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह नई दिल्ली, 5 सितम्बर। शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली नगर निगम द्वारा शिक्षकों के सम्मान के लिए एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने निगम विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर शिक्षकों के योगदान को याद किया गया और उन्हें समाज तथा देश के भविष्य के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए सम्मान दिया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में नई योजनाओं और पहलों की भी घोषणा की गई। दिल्ली नगर निगम ने नई दिशा, नई उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत निगम श्री विद्यालय, निगम मिनी लीग और प्रतिभागिता कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ निगम विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना था। हर्ष मल्होत्रा ने कहा- शिक्षक समाज और राष्ट्र को दिशा देने का काम करता हैकेंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र को भी दिशा देने का काम करता है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे ही कल देश का भविष्य बनेंगे और उनके भविष्य को सही दिशा देने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधों पर होती है। इसलिए शिक्षक का काम केवल पढ़ाना नहीं है, बल्कि बच्चों को अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक अच्छा शिक्षक अपने छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। शिक्षक बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, संस्कार और जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की भी सीख देता है। गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करने का दिन है शिक्षक दिवसहर्ष मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल किसी एक व्यक्ति के सम्मान का दिन नहीं है। यह दिन भारत की महान गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करने का दिन है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को हमेशा बहुत ऊंचा स्थान दिया गया है। गुरु अपने शिष्य को सही रास्ता दिखाता है और उसके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इस अवसर पर हर्ष मल्होत्रा ने देश के पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारे जीवन में शिक्षकों का योगदान कितना महत्वपूर्ण है और हमें हमेशा अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए। नई तकनीक और नए कौशल सीखने पर दिया जोरहर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आज का समय तेजी से बदल रहा है। नई तकनीक और नए कौशल हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में यह जरूरी है कि हमारे बच्चे आधुनिक शिक्षा और नई तकनीक से पीछे न रहें। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को बदलते समय के अनुसार तैयार करें। छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ नए कौशल और आधुनिक तकनीक की जानकारी भी दी जानी चाहिए। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि निगम विद्यालयों में पढ़ने वाला कोई भी बच्चा शिक्षा के मामले में पीछे न रह जाए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षकों से कहा कि जब कोई बच्चा निगम विद्यालय से पांचवीं कक्षा पास करके छठी कक्षा में जाए तो शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था यह सुनिश्चित करें कि बच्चा अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े और आगे भी अपनी शिक्षा जारी रखे। शिक्षकों को बच्चों के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी उठानी होगीकार्यक्रम के दौरान हर्ष मल्होत्रा ने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव भी शिक्षकों के साथ साझा किए। उन्होंने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि उनके द्वारा पढ़ाया गया हर बच्चा भविष्य में समाज और देश का हिस्सा बनेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके भविष्य की चिंता भी करनी चाहिए। शिक्षक को यह प्रयास करना चाहिए कि हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े और जीवन में सफलता प्राप्त करे। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षक की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है क्योंकि उसके द्वारा तैयार किया गया छात्र ही आगे चलकर देश के विकास में अपनी भूमिका निभाता है। प्रवेश वाही ने कहा- निगम विद्यालयों के शिक्षक निजी विद्यालयों से बेहतरदिल्ली के महापौर प्रवेश वाही ने शिक्षक सम्मान समारोह में निगम विद्यालयों के शिक्षकों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अपने लगभग 18 से 19 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के दौरान उन्हें कई बार निगम विद्यालयों में जाने और वहां बच्चों तथा शिक्षकों से मिलने का अवसर मिला है। प्रवेश वाही ने कहा कि जब भी वह निगम विद्यालयों में जाते हैं तो उन्हें बहुत गर्व महसूस होता है। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों के शिक्षक बहुत मेहनती और प्रतिभाशाली हैं। महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि हर मामले में निगम विद्यालयों के शिक्षक निजी विद्यालयों के शिक्षकों से बेहतर हैं। उन्होंने निगम विद्यालयों में हो रहे बदलावों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज निगम विद्यालय पहले की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में हैं। विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं और आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। स्मार्ट कक्षाओं और स्मार्ट शिक्षकों को देखकर गर्व होता है- प्रवेश वाहीमहापौर प्रवेश वाही ने कहा कि निगम विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक तकनीक के उपयोग से शिक्षा व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा कि जब वह निगम विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने वाले शिक्षकों को देखते हैं तो उन्हें बहुत खुशी और गर्व महसूस होता है। प्रवेश वाही ने कहा कि आज के समय में बच्चों को आधुनिक शिक्षा देना बहुत जरूरी है। नई तकनीक का सही उपयोग करके बच्चों की पढ़ाई को अधिक आसान और बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निगम विद्यालयों को लगातार आधुनिक बनाने का

कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए अरविंद केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की, देशवासियों की सुख-शांति के लिए की प्रार्थना नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को दिल्ली के पंजाबी बाग में आयोजित भव्य कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की और देश के लोगों के लिए सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। अरविंद केजरीवाल ने जन्माष्टमी के अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि भगवान सभी लोगों के जीवन में खुशियां लाएं और सभी के घरों में सुख-शांति बनी रहे। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण का संदेश बतायाजन्माष्टमी कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश की बात की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमेशा धर्म और सच्चाई के रास्ते पर चलने का संदेश दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब धरती पर पाप और अधर्म बढ़ जाता है, तब भगवान लोगों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश आज भी लोगों को सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। देश की समस्याएं दूर करने की प्रार्थनाअरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज हमारे देश में कई तरह की समस्याएं हैं। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि भगवान देश के सभी लोगों की परेशानियां दूर करें। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान सभी लोगों को खुश रखें और सभी परिवारों में सुख-शांति बनाए रखें। अरविंद केजरीवाल ने भगवान से यह भी प्रार्थना की कि लोगों को स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन मिले। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भारत आगे बढ़े और देश खूब तरक्की करे। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण से देशवासियों पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। जन्माष्टमी कमेटी को अरविंद केजरीवाल ने दी बधाईअरविंद केजरीवाल ने पंजाबी बाग में जन्माष्टमी का कार्यक्रम आयोजित करने वाली कमेटी को भी बधाई दी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि कमेटी का यह 50वां जन्माष्टमी कार्यक्रम है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से लगातार यहां जन्माष्टमी का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। अरविंद केजरीवाल ने कमेटी के सदस्यों को इतने लंबे समय से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बधाई दी। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों को एक साथ आने और त्योहार को मिलकर मनाने का अवसर देते हैं। बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचे लोगपंजाबी बाग में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ जन्माष्टमी मनाने के लिए यहां आए हैं। कार्यक्रम में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सुंदर झांकियां भी लगाई गईं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग खुशी और उत्साह के साथ झांकियां देख रहे हैं और भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मना रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों के लिए भगवान से आशीर्वाद मांगा। अरविंद केजरीवाल ने प्रार्थना की कि सभी लोगों की मनोकामनाएं पूरी हों और सभी के घरों में खुशियां बनी रहें। गीता के श्लोक का किया उल्लेखअरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान श्रीमद्भगवद्गीता के प्रसिद्ध संदेश का भी उल्लेख किया। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म की रक्षा का संदेश दिया है।अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जब पाप और अधर्म बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए पृथ्वी पर आते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान अपनी शक्ति से अधर्म का अंत करते हैं। अरविंद केजरीवाल ने लोगों से भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को याद रखने और अच्छे रास्ते पर चलने की बात कही। लोगों की खुशहाली के लिए मांगा भगवान का आशीर्वादअरविंद केजरीवाल ने कहा कि जन्माष्टमी के इस पवित्र अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण से सभी लोगों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने भगवान से प्रार्थना की कि सभी लोगों को सुख मिले, सभी परिवार खुश रहें और किसी को किसी तरह की परेशानी न हो। अरविंद केजरीवाल ने यह भी प्रार्थना की कि जिन लोगों को बीमारी या दूसरी परेशानियां हैं, उनकी समस्याएं दूर हों। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान सभी लोगों को स्वस्थ रखें और देश को आगे बढ़ने का आशीर्वाद दें। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर भी दी शुभकामनाएंजन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने से पहले अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए सभी लोगों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सभी लोगों को हमेशा धर्म और अच्छे रास्ते पर चलने की प्रेरणा देते रहें। अरविंद केजरीवाल ने यह भी प्रार्थना की कि सभी लोगों के घरों में सुख-शांति बनी रहे और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। धूमधाम से मनाया गया जन्माष्टमी का त्योहारपंजाबी बाग में जन्माष्टमी महोत्सव धार्मिक उत्साह और खुशी के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल के कार्यक्रम में पहुंचने पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और देशवासियों के लिए प्रार्थना की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जन्माष्टमी का त्योहार हमें भगवान श्रीकृष्ण के संदेश और उनके बताए रास्ते की याद दिलाता है। अरविंद केजरीवाल ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि देश में सुख-शांति बनी रहे और सभी लोग खुश रहें। देश की तरक्की की कामनाइस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने देश की तरक्की की भी कामना की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से देश के लोगों की सभी परेशानियां दूर हों। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवान सभी लोगों को खुश रखें, सभी परिवारों में शांति बनाए रखें और देश को आगे बढ़ने का आशीर्वाद दें।

राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं तो पंजाब में उनका वोट क्यों होना चाहिए – सौरभ भारद्वाज

भाजपा पर सौरभ भारद्वाज का पलटवार, दिल्ली में वोट कटने पर भी सवाल उठाए नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का पंजाब में वोट कटने को लेकर भाजपा द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राघव चड्ढा पंजाब में नहीं, बल्कि दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में उनका वोट पंजाब में क्यों होना चाहिए, यह सवाल भाजपा को समझना चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की उसके बताए गए पते पर मौजूदगी नहीं मिलती है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि राघव चड्ढा भी संबंधित पते पर नहीं मिले, इसलिए उनका नाम पंजाब की मतदाता सूची से हटाया गया। दिल्ली में मकान बदलने पर भी वोट काटे गएसौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस नियम की बात आज राघव चड्ढा के मामले में की जा रही है, उसी नियम के तहत दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के वोट कटने का आरोप आम आदमी पार्टी लगातार लगा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति कई वर्षों से एक मकान में किराए पर रह रहा है और बाद में केवल कुछ कदम दूर दूसरे मकान में चला जाता है, तो उसका पता बदल जाता है। ऐसे मामलों में भी लोगों को शिफ्टेड बताकर उनका वोट काटे जाने की शिकायत सामने आई है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में गरीब और आम लोगों के वोट कटने की चिंता भाजपा को नहीं है, लेकिन राघव चड्ढा का वोट कटने पर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है। “भाजपा को राघव चड्ढा की चिंता है, लेकिन दिल्ली के लोगों की नहीं”सौरभ भारद्वाज ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भाजपा को मतदाता सूची की इतनी चिंता है, तो उसे दिल्ली में कथित तौर पर कटे लाखों वोटों की भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लंबे समय से दिल्ली में मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाती रही है। उनका आरोप है कि बड़ी संख्या में गरीब और आम लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा को एक व्यक्ति के वोट की चिंता करने से पहले उन लोगों के बारे में भी जवाब देना चाहिए, जिनके वोट कथित तौर पर दिल्ली में काटे गए हैं। केवल 10 कदम मकान बदलने पर भी वोट कटने का दावासौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता में एक उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति कई वर्षों से मकान नंबर 619 में रह रहा है और बाद में सामने वाले मकान नंबर 621 में रहने लगता है, तो उसका पता बदल जाता है। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने इस मामले को उठाया गया था। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, उन्हें बताया गया कि पता बदलने के कारण व्यक्ति को एसआईआर फॉर्म नहीं दिया जाएगा और उसका नाम शिफ्टेड के रूप में दर्ज किया जा सकता है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि यही नियम है, तो यह नियम सभी लोगों पर समान रूप से लागू होना चाहिए। “वीआईपी और आम आदमी के लिए अलग-अलग नियम क्यों?”सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग आम लोगों और वीआईपी लोगों के लिए अलग-अलग नियम अपना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि कोई आम व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने गांव या रिश्तेदारों के घर चला जाता है और उस दौरान चुनाव आयोग की टीम उसे घर पर नहीं पाती, तो उसका नाम हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन वीआईपी के मामले में अलग रवैया क्यों अपनाया जा रहा है, यह सवाल है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून और नियम सभी लोगों के लिए बराबर होने चाहिए। राघव चड्ढा के वोट को लेकर भाजपा पर सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि सभी को पता है कि राघव चड्ढा दिल्ली में रहते हैं। ऐसे में यदि वे पंजाब में अपने मतदाता पते पर नहीं रहते हैं, तो एसआईआर के नियमों के अनुसार उनके नाम की जांच होना स्वाभाविक है। उन्होंने भाजपा से पूछा कि अगर राघव चड्ढा का वोट कटने पर इतना सवाल उठाया जा रहा है, तो दिल्ली में आम लोगों के वोट कटने पर भाजपा चुप क्यों है? सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आम आदमी पार्टी का सवाल केवल राघव चड्ढा के वोट तक सीमित नहीं है। पार्टी का सवाल यह है कि मतदाता सूची से किसी भी नागरिक का नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए। बैक डेट में दिल्ली में वोट बनाने की खबर पर भी सवालसौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्हें कुछ पत्रकारों से बातचीत के आधार पर जानकारी मिली कि राघव चड्ढा का वोट दिल्ली में बैक डेट में बनाने की कोशिश की जा रही थी। उन्होंने दावा किया कि जब इस संबंध में चुनाव आयोग से आधिकारिक सवाल पूछा गया तो कथित तौर पर यह प्रक्रिया रोक दी गई। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का वोट बनाना है तो पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को विशेष सुविधा नहीं मिलनी चाहिए। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर भी उठाए सवालसौरभ भारद्वाज ने इस मामले में इंडियन एक्सप्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि अखबार के पत्रकारों को राघव चड्ढा के वोट से जुड़ी जानकारी मिली थी और इस मुद्दे पर उनसे भी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों के पास इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी थी, तो उसे प्रमुख खबर के रूप में क्यों प्रकाशित नहीं किया गया? सौरभ भारद्वाज ने इंडियन एक्सप्रेस के एडिटर राज कमल झा से इस मामले में जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि अखबार की पत्रकारिता और उसकी भूमिका को लेकर दिल्ली की जनता के मन में सवाल हैं। “राइट टू रिजेक्ट” को लेकर राघव चड्ढा पर निशानासौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा के पुराने राजनीतिक रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा संसद में जनता को चुने हुए प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार देने की बात करते रहे हैं। इसी आधार पर सौरभ भारद्वाज ने

युवा महिलाओं की आवाज और नेतृत्व से मजबूत होगा विकसित भारत – विजेंद्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं से किया संवाद नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत की महिलाएँ केवल देश के विकास में भाग लेने वाली नहीं हैं, बल्कि उनकी आवाज, विचार और नेतृत्व देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आज की युवा महिलाओं को अपने अंदर नेतृत्व की क्षमता विकसित करनी चाहिए और समाज तथा देश से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। विजेंद्र गुप्ता ने यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय के लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं से बातचीत के दौरान कही। लक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राएँ दिल्ली विधानसभा के युवा संपर्क कार्यक्रम के तहत विधानसभा परिसर का भ्रमण करने पहुंची थीं। छात्राओं से बोले विजेंद्र गुप्ता- आत्मविश्वास के साथ रखें अपनी बातदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा महिलाओं को केवल पढ़ाई और नौकरी तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें समाज, शासन, लोकतंत्र और देश के विकास से जुड़े विषयों में भी रुचि लेनी चाहिए। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने विचारों को पूरे आत्मविश्वास के साथ सामने रखें। अगर किसी विषय को लेकर उनके मन में सवाल हैं, तो उन्हें सवाल पूछने से पीछे नहीं हटना चाहिए। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि महिलाओं में नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है। आने वाले समय में युवा महिलाएँ राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, व्यापार और समाज सेवा सहित हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा सकती हैं। युवाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्रविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश की मजबूती के लिए युवाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है। युवा अगर अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझेंगे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता, जिम्मेदारी और नागरिक भावना पैदा करना जरूरी है। इसके लिए केवल किताबों में लोकतंत्र के बारे में पढ़ना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को यह भी समझना चाहिए कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ वास्तव में कैसे काम करती हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा का युवा संपर्क कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को विधानसभा में आकर उसके कामकाज को करीब से समझने का अवसर मिलता है। छात्राओं को विधानसभा की कार्यप्रणाली की दी जानकारीलक्ष्मीबाई कॉलेज की छात्राओं ने दिल्ली विधानसभा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि विधानसभा में जनता से जुड़े अलग-अलग महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाती है। विधायक जनता की समस्याओं और जरूरतों को सदन में उठाते हैं और सरकार की नीतियों तथा योजनाओं पर चर्चा होती है। इस भ्रमण से छात्राओं को यह समझने का अवसर मिला कि लोकतांत्रिक व्यवस्था केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध आम जनता के जीवन से है। 1912 से जुड़ा है विधानसभा परिसर का इतिहासविधानसभा परिसर के भ्रमण के दौरान छात्राओं को इसके ऐतिहासिक और विधायी महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि विधानसभा परिसर का इतिहास वर्ष 1912 से जुड़ा हुआ है। उन्हें केंद्रीय विधान सभा के समय से लेकर वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधान सभा के रूप में इसकी भूमिका तक की यात्रा के बारे में बताया गया। इस दौरान छात्राओं ने विधानसभा के गौरवशाली इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को जाना। उन्हें महान नेता श्री विठ्ठलभाई पटेल सहित कई प्रमुख नेताओं से जुड़े इतिहास के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को दी गई ‘एक शताब्दी यात्रा’ किताबकार्यक्रम के दौरान विधानसभा की ओर से छात्राओं को ‘एक शताब्दी यात्रा’ नाम की कॉफी टेबल बुक भी भेंट की गई। इस किताब के माध्यम से छात्राओं को दिल्ली विधानसभा के इतिहास और उसकी लंबी लोकतांत्रिक यात्रा को समझने का अवसर मिला। किताब में विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहलुओं को जानने का अवसर छात्राओं को मिला। छात्राओं ने इस पहल में रुचि दिखाई और विधानसभा के इतिहास के बारे में जानकारी प्राप्त की। मुख्य विधानसभा सदन का भी किया भ्रमणकार्यक्रम के अंत में छात्राओं को मुख्य विधानसभा सदन का भी भ्रमण कराया गया। यहां छात्राओं ने उस स्थान को करीब से देखा, जहां दिल्ली से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और विचार-विमर्श किया जाता है। सदन का भ्रमण छात्राओं के लिए विशेष अनुभव रहा। उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि विधानसभा में जनहित से जुड़े विषय किस तरह चर्चा का हिस्सा बनते हैं। युवा महिलाओं को नेतृत्व के लिए किया प्रोत्साहितविधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने छात्राओं को भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा महिलाएँ देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने अंदर आत्मविश्वास तथा नेतृत्व की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएँ अपनी शिक्षा, मेहनत और क्षमता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। महिलाओं की मजबूत भागीदारी से देश को नई दिशा मिल सकती है। विजेंद्र गुप्ता ने छात्राओं से कहा कि वे अपने आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति जागरूक रहें और जनहित से जुड़े मुद्दों को समझने का प्रयास करें। शिक्षा के साथ नागरिक जिम्मेदारी को समझना जरूरीविधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह जानना चाहिए कि उनके अधिकार क्या हैं और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी क्या भूमिका है। उन्होंने कहा कि जब युवा जागरूक होकर लोकतांत्रिक संस्थाओं में रुचि लेते हैं और देश से जुड़े विषयों पर अपनी राय रखते हैं, तो इससे लोकतंत्र और मजबूत होता है। विजेंद्र गुप्ता बोले- युवा नेतृत्व देश का भविष्यश्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश को आगे ले जाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से युवा महिलाओं से कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें और देश के विकास में योगदान देने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विचार और उनकी नेतृत्व क्षमता विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान