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दायरा’ में करीना कपूर का दमदार अवतार, महिला पुलिस की पुरानी छवि को तोड़ेगा नया किरदार

नई दिल्ली बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री करीना कपूर खान जल्द ही फिल्म ‘दायरा’ में एक बिल्कुल अलग और दमदार भूमिका में नजर आने वाली हैं। यह फिल्मएक क्राइम थ्रिलर और पुलिस प्रोसीजरल ड्रामा है, जिसकी कहानी गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म में करीना कपूरखान एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रही हैं। फिल्म की प्रेस कॉन्फ्रेंस 16 सितंबर को नई दिल्ली के पीवीआर चाणक्यपुरी में आयोजित कीगई। इस कार्यक्रम में फिल्म की मुख्य अभिनेत्री करीना कपूर खान, अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारन और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मेघना गुलजारमौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्म की कहानी, किरदारों और उसके गंभीर विषय को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आईं। सबसे ज्यादा चर्चाकरीना कपूर खान के पुलिस अधिकारी वाले किरदार को लेकर हुई। करीना कपूर निभा रही हैं डीसीपी अजूनी कोहली का किरदारफिल्म ‘दायरा’ में करीना कपूर खान डीसीपी अजूनी कोहली की भूमिका निभा रही हैं। यह किरदार एक महिला पुलिस अधिकारी का है, लेकिन फिल्ममें उसे आम फिल्मों की तरह सिर्फ सख्त और गुस्सैल पुलिस अफसर के रूप में नहीं दिखाया गया है।करीना ने बताया कि उनका किरदार एक ऐसीमहिला पुलिस अधिकारी का है, जो अपने काम को लेकर बहुत गंभीर और मजबूत है, लेकिन इसके लिए उसे अपनी महिला पहचान को बदलने कीजरूरत नहीं पड़ती।यही बात उनके किरदार को दूसरी फिल्मों में दिखाए गए महिला पुलिस अधिकारियों से अलग बनाती है। महिला पुलिस अधिकारी की पुरानी छवि से अलग है ‘अजूनी कोहलीकरीना कपूर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि फिल्मों में अक्सर महिला पुलिस अधिकारियों को एक खास तरह से दिखाया जाता है। उन्हें बहुतसख्त, रफ-टफ और मर्दाना अंदाज में पेश किया जाता है। ऐसे किरदारों में अक्सर तेज आवाज, सख्त बॉडी लैंग्वेज और ज्यादा एक्शन देखने कोमिलता है। लेकिन ‘दायरा’ में डीसीपी अजूनी कोहली का किरदार इस पुरानी सोच से काफी अलग है। अजूनी कोहली अपने काम में सख्त है, लेकिनवह अपनी फेमिनिन पहचान को भी बनाए रखती है। वह सामान्य तरीके से तैयार होती है, लिपस्टिक लगाती है और मुस्कुराती भी है। इसके बावजूदजब काम और सही फैसले लेने की बात आती है तो वह किसी भी तरह का समझौता नहीं करती। वह लिपस्टिक लगाती है, मुस्कुराती है, लेकिन फैसलों में मजबूत हैकरीना कपूर खान ने अपने किरदार के बारे में बात करते हुए बताया कि निर्देशक मेघना गुलजार शुरुआत से ही इस बात को लेकर स्पष्ट थीं कि फिल्ममें महिला पुलिस अधिकारी को एक अलग तरीके से पेश किया जाना चाहिए।करीना के मुताबिक, अजूनी कोहली एक ऐसी महिला है जो अपनीपहचान को बदले बिना अपने काम में पूरी मजबूती दिखाती है। वह संवेदनशील भी है और जरूरत पड़ने पर सख्त फैसला लेने से पीछे भी नहीं हटती।इस किरदार के जरिए फिल्म यह दिखाने की कोशिश करती है कि किसी महिला को मजबूत पुलिस अधिकारी दिखाने के लिए उसे पुरुषों जैसी छविदेना जरूरी नहीं है। मेघना गुलजार की सोच ने किरदार को बनाया खासफिल्म का निर्देशन मेघना गुलजार कर रही हैं। मेघना गुलजार इससे पहले भी गंभीर और संवेदनशील विषयों पर फिल्में बना चुकी हैं।उनकी फिल्मों मेंअक्सर समाज, अपराध, इंसानी रिश्तों और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी जाती है। ‘तलवार’ और ‘छपाक’ जैसी फिल्मों के बाद अब ‘दायरा’ मेंभी एक गंभीर विषय को अलग नजरिए से सामने रखने की कोशिश की जा रही है।फिल्म में महिला पुलिस अधिकारी को केंद्र में रखना भी इसी सोचका हिस्सा बताया जा रहा है। दायरा’ की कहानी में दिखेंगे दो अलग पुलिस अधिकारीफिल्म ‘दायरा’ की कहानी एक गंभीर अपराध की जांच के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में एक गैंगरेप और मर्डर केस की जांच को मुख्य आधार बनायागया है।इस मामले की जांच के दौरान दो पुलिस अधिकारियों के अलग-अलग नजरिए सामने आते हैं।एक तरफ करीना कपूर खान का किरदार डीसीपीअजूनी कोहली है, जबकि दूसरी तरफ पृथ्वीराज सुकुमारन का किरदार डीसीपी रमन कुमार है।दोनों अधिकारी एक ही मामले को अलग-अलग नजरिएसे देखते हैं। ऐसे में फिल्म में सिर्फ अपराध की जांच ही नहीं, बल्कि न्याय को देखने के अलग-अलग तरीकों को भी दिखाने की कोशिश की गई है। करीना और पृथ्वीराज की जोड़ी भी है खास‘दायरा’ में करीना कपूर खान के साथ पृथ्वीराज सुकुमारन भी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। दोनों कलाकार अपने-अपने किरदारों में पुलिसअधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं।फिल्म की कहानी में दोनों अधिकारियों के काम करने के तरीके और सोच के बीच अंतर देखने को मिलेगा। यहीअंतर कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों अधिकारी एक गंभीर मामले की जांचके दौरान किस तरह अपने फैसले लेते हैं और उनके सामने किस तरह की चुनौतियां आती हैं। गंभीर अपराध और पुलिस जांच पर आधारित है फिल्म‘दायरा’ को एक पुलिस प्रोसीजरल ड्रामा बताया जा रहा है। इसका मतलब है कि फिल्म में पुलिस की जांच की प्रक्रिया, अधिकारियों के फैसले, सबूतों की तलाश और अपराध की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश को महत्वपूर्ण जगह दी जाएगी।फिल्म में अपराध के साथ-साथ उस अपराध केबाद होने वाली जांच और न्याय की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया जाएगा।कहानी का विषय गंभीर होने के कारण फिल्म में कई ऐसे सवाल भी उठाए जासकते हैं, जिनका संबंध समाज और कानून-व्यवस्था से है। फिल्म में न्याय के दो अलग नजरिए देखने को मिलेंगे‘दायरा’ की सबसे खास बात यह है कि इसमें न्याय को सिर्फ एक ही नजरिए से देखने की कोशिश नहीं की गई है।फिल्म में दो पुलिस अधिकारियों केमाध्यम से यह दिखाया जाएगा कि एक ही मामले को अलग-अलग अधिकारी किस तरह देख सकते हैं। दोनों की सोच, काम करने का तरीका औरअपराध की जांच को लेकर उनका नजरिया अलग हो सकता है।इसी वजह से फिल्म की कहानी सिर्फ एक अपराध की जांच तक सीमित नहीं रहती, बल्कि न्याय, जिम्मेदारी और पुलिस व्यवस्था से जुड़े कई सवाल भी सामने लाती है। करीना के लिए भी अलग तरह का किरदारकरीना कपूर खान बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्रियों में शामिल हैं और उन्होंने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं। लेकिन‘दायरा’ में उनका पुलिस अधिकारी वाला किरदार उनके पिछले कई किरदारों से अलग नजर आने वाला है।इस किरदार में उन्हें एक ऐसी पुलिसअधिकारी के रूप में दिखाया जा रहा है, जो अपनी भावनाओं को समझती है, लेकिन अपने काम में पूरी तरह प्रोफेशनल रहती है।अजूनी कोहली काकिरदार यह दिखाने की कोशिश करता है कि एक महिला अधिकारी एक साथ संवेदनशील, आत्मविश्वासी और सख्त हो सकती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म को लेकर हुई खास बातचीतनई दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया ने फिल्म के कलाकारों और निर्देशक से कई सवाल पूछे।करीना कपूर खान से उनके किरदार औरमहिला पुलिस अधिकारियों को फिल्मों में दिखाए जाने के तरीके को लेकर सवाल किए गए। वहीं पृथ्वीराज सुकुमारन से उनके किरदार और फिल्मकी कहानी को लेकर बातचीत हुई।निर्देशक मेघना गुलजार ने भी फिल्म के विषय और कहानी को लेकर अपनी बात रखी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिल्म कीगंभीर कहानी और इसके किरदारों को लेकर काफी चर्चा हुई। समाज और सिस्टम पर भी सवाल उठाएगी ‘दायरा’‘दायरा’ सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर फिल्म नहीं है। फिल्म की कहानी के जरिए समाज और सिस्टम से जुड़े कई सवालों को सामने लाने की कोशिश कीजा रही है।फिल्म में अपराध के बाद होने वाली पुलिस जांच, अधिकारियों की जिम्मेदारी और न्याय की प्रक्रिया को महत्वपूर्ण रूप से दिखायाजाएगा।मेघना गुलजार की फिल्मों में संवेदनशील मुद्दों को अलग नजरिए से दिखाने की कोशिश पहले भी देखने को मिली है। ऐसे में ‘दायरा’ कोलेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी हुई है। महिला किरदार को लेकर भी खास है फिल्म‘दायरा’ में महिला किरदार को जिस तरह से पेश किया जा रहा है, वह फिल्म की एक महत्वपूर्ण खासियत हो सकती है।अक्सर फिल्मों में मजबूतमहिला किरदार को दिखाने के लिए उसे बहुत सख्त या पुरुषों जैसी छवि में पेश किया जाता है। लेकिन अजूनी कोहली के किरदार में इस सोच सेअलग तस्वीर दिखाई जाएगी।वह एक सामान्य महिला की तरह अपनी जिंदगी और पहचान को बनाए रखते हुए अपने काम में पूरी मजबूती के साथआगे बढ़ती है। करीना कपूर ने किरदार को लेकर क्या कहा?करीना कपूर खान के अनुसार, अजूनी कोहली एक ऐसी महिला है जो अपनी फेमिनिन पहचान को बनाए रखते हुए भी अपने काम में पूरी तरह मजबूतहै।वह मुस्कुराती है, लिपस्टिक लगाती है और अपनी महिला पहचान को नहीं छिपाती। लेकिन जब कानून, अपराध और जिम्मेदारी की बात आती हैतो वह अपने फैसलों पर मजबूती से खड़ी रहती है।यही पहलू उनके किरदार को खास बनाता है और महिला पुलिस अधिकारियों की फिल्मों में दिखाईजाने वाली पारंपरिक छवि से अलग करता है। दायरा’ को लेकर दर्शकों में बनी दिलचस्पीफिल्म की कहानी गंभीर है और इसमें करीना कपूर खान तथा पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा फिल्म कानिर्देशन मेघना गुलजार कर रही हैं।इन सभी वजहों से फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता देखने को मिल रही है।फिल्म में अपराध की जांच के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों की सोच, उनकी जिम्मेदारी और न्याय की प्रक्रिया को भी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

शिक्षा, संस्कृति, रंगमंच और नारी शक्ति का संगम-श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय आजमगढ़

19 सितंबर 2026 आजमगढ़ श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय, आजमगढ़ में प्रधान संपादक अरविंद चित्रांश की “गौरवशाली पूर्वांचल” पुस्तक की भेंट असिस्टेंट प्रोफेसर *डॉ०अनुभा श्रीवास्तव जी (मनोविज्ञान विभाग), डॉ० दीपिका त्रिपाठी जी (हिन्दी विभाग) एवं डॉ० सपना साहू जी* (संस्कृति विभाग) के कर-कमलों में सप्रेमभेंट करते हुए कला साहित्य और रंगमंच पर गंभीर चर्चा की गई। आजमगढ़ का यह शानदार कॉलेज, जहाँ कर्मठ, कर्तव्यनिष्ठ और अत्यंत मिलनसार असिस्टेंट प्रोफेसरों द्वारा उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है, वहाँशिक्षा और संस्कृति के सकारात्मक महत्व पर सार्थक चर्चा हुई। विशेष चर्चा के केन्द्र बिंदु में नारी शक्ति और रंगमंच कला के संदर्भ में डॉ० दीपिका त्रिपाठी, डॉ अनुभा श्रीवास्तव के द्वारा सामूहिक रूप से *राष्ट्रीयनाट्य परंपरा पर विस्तृत विमर्श* स्वदेश दीपक कृत ‘कोर्ट मार्शल’,मुंशी प्रेमचंद कृत ‘मुक्ति मार्ग’, मोहन राकेश कृत ‘आषाढ़ का एक दिन” और आधे-अधूरे, भिखारी ठाकुर कृत विदेशिया और लेखक/निर्देशक अरविंद चित्रांश का भोजपुरी पारंपरिक लोकनाट्य “बिटिया की विदाई” पर विशेष चर्चा कीगई। और भविष्य की योजना में प्राचार्य महोदया के सहयोग से लोक संस्कृति और रंगमंच पर सांस्कृतिक कार्यशाला (Cultural Workshop) काआयोजन,जिसके उपरांत एक राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक आयोजन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। अंत में लेखक/निर्देशक/फिल्म एवं रंगमंच अभिनेता *अरविंद चित्रांश ने कहा कि जहाँ शिक्षा है, वहाँ संस्कृति है, और जहाँ संस्कृति है, वहाँ नारी शक्तिका उत्थान है।

डूसू चुनाव को लेकर देवेंद्र यादव का बड़ा दावा, एनएसयूआई पैनल की जीत का जताया भरोसा

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026 दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी डूसू चुनाव को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा हैकि एनएसयूआई का पैनल डूसू चुनाव में जीत दर्ज करेगा। देवेंद्र यादव ने दावा किया कि चुनाव के दौरान कई तरह की परेशानियों और कथित दबावके बावजूद छात्रों ने एनएसयूआई उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है। देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों सेमिल रही जानकारी के अनुसार एनएसयूआई उम्मीदवारों को छात्रों का समर्थन मिला है। उन्होंने दावा किया कि युवा और खासकर जेन-जी के छात्रों नेएनएसयूआई उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है। एनएसयूआई की जीत को लेकर देवेंद्र यादव आश्वस्तदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई का पूरा पैनल डूसू चुनाव में अच्छी स्थिति में है। उनके अनुसार, विभिन्न कॉलेजों से सामनेआई जानकारी में एनएसयूआई उम्मीदवारों के लिए समर्थन दिखाई दिया है। देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं नेचुनाव के दौरान लगातार स्थिति पर नजर रखी। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि छात्र बिना किसी डर यादबाव के अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकें। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान पूरी सतर्कता बरतीऔर कॉलेजों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी। भाजपा और एबीवीपी पर लगाए गंभीर आरोपदेवेंद्र यादव ने अपने बयान में भाजपा और एबीवीपी पर डूसू चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरानसत्ता, धन और बाहुबल का इस्तेमाल करने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित एबीवीपी उम्मीदवारों की ओर से चुनावको प्रभावित करने की कोशिश की गई। हालांकि, ये आरोप देवेंद्र यादव के बयान और कांग्रेस के दावों पर आधारित हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि इनकथित प्रयासों के बावजूद एनएसयूआई के उम्मीदवारों को छात्रों का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरानहर स्थिति पर नजर बनाए रखी। अलग–अलग कॉलेजों से समर्थन मिलने का दावादेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों से लगातार जानकारी मिल रही थी। उनके अनुसार, इन रिपोर्टों में एनएसयूआईउम्मीदवारों के पक्ष में छात्रों के समर्थन के संकेत मिले। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई पैनल को छात्रों के बीच समर्थन मिल रहा है और इसी वजह सेकांग्रेस पार्टी चुनाव परिणाम को लेकर आश्वस्त है। देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि छात्रों ने अपने मुद्दों और अपने अधिकारों को ध्यान में रखते हुएमतदान किया है। उनके अनुसार, छात्रों की भागीदारी डूसू चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने रखी नजरदेवेंद्र यादव के अनुसार, चुनाव के दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने लगातार निगरानी की। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का मुख्यउद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से पूरा कराने में मदद करना था। देवेंद्र यादव ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने कॉलेजों में किसी भीतरह की समस्या सामने आने पर उसे तुरंत संबंधित लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि चुनाव में छात्रों को बिना किसी डर के अपनेमताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिलना जरूरी है। कानूनी सहायता के लिए बनाया गया केंद्रीय कंट्रोल रूमडूसू चुनाव के दौरान कानूनी सहायता को लेकर भी दिल्ली कांग्रेस की ओर से व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। देवेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेशकांग्रेस के कानूनी और मानवाधिकार विभाग ने एक केंद्रीय कंट्रोल रूम संचालित किया। यह कंट्रोल रूम राजीव भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सेचलाया गया। उनके अनुसार, यह व्यवस्था सुबह 8 बजे से शुरू की गई थी। देवेंद्र यादव ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव से जुड़ी किसी भीकानूनी समस्या की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना था। कॉलेजों में वकीलों की टीमें तैनात करने का दावादेवेंद्र यादव ने कहा कि केवल केंद्रीय कंट्रोल रूम ही नहीं, बल्कि अलग-अलग कॉलेजों में भी वकीलों की टीमें तैनात की गई थीं। उन्होंने बताया किइन टीमों का काम चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या आने पर सहायता उपलब्ध कराना था। उनका कहना है कि इससे छात्रों औरएनएसयूआई कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी किसी परेशानी की स्थिति में कानूनी मदद मिल सके। उन्होंने एडवोकेट सुनील कुमार कीअध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस के कानूनी और मानवाधिकार विभाग द्वारा किए गए कार्य की भी सराहना की। छात्रों के मतदान अधिकार पर दिया जोरदेवेंद्र यादव ने कहा कि डूसू चुनाव में छात्रों का मतदान का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर छात्र को अपनी पसंद के उम्मीदवार कोबिना किसी डर और दबाव के वोट देने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इसी उद्देश्य को ध्यान मेंरखते हुए चुनाव के दौरान सतर्कता बरती। देवेंद्र यादव के अनुसार, चुनाव में किसी भी तरह की गड़बड़ी की शिकायत आने पर कानूनी टीम को तुरंतसक्रिय करने की व्यवस्था की गई थी। डूसू चुनाव में एनएसयूआई की जीत का दावादिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने अंत में दावा किया कि एनएसयूआई पैनल डूसू चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों सेमिल रहे समर्थन के आधार पर एनएसयूआई को जीत का भरोसा है। देवेंद्र यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान कथित दबाव और विरोध के बावजूदछात्रों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और कानूनी टीम के काम की भी सराहना की। अब सभी की नजरेंडूसू चुनाव के आधिकारिक परिणाम पर हैं। परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अध्यक्ष समेत डूसू के प्रमुख पदों पर कौन-कौन से उम्मीदवारविजयी रहे।

दिल्ली विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाए हजारों ‘आशीर्वाद के दीये’-76वें जन्मदिन पर दिल्ली विधानसभा परिसरमें हुआ विशेष कार्यक्रम, विकास और विकसित भारत के संकल्प का दिया संदेश

नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को दिल्ली विधानसभा परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजनकिया गया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के ऐतिहासिक परिसर में हजारों ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित किए गए। हजारों मिट्टी के दीयों कीरोशनी से दिल्ली विधानसभा परिसर जगमगा उठा। दीयों की रोशनी के बीच पूरे परिसर में उत्सव और मंगलमय वातावरण दिखाई दिया। प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी के जन्मदिन को विशेष बनाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों नेभी हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान और अभिनंदन व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम केदौरान ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सफल और दीर्घ जीवन की मंगलकामना व्यक्त की गई। दिल्ली विधानसभा परिसर में दिखाई दी दीयों की रोशनीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर दिल्ली विधानसभा का ऐतिहासिक परिसर हजारों दीयों की रोशनी से रोशन हुआ। मिट्टी के दीयों कोविशेष रूप से परिसर में प्रज्वलित किया गया। दीयों की रोशनी ने पूरे कार्यक्रम को विशेष रूप दिया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों नेउत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित करने का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान और शुभकामनाओं कीभावना को व्यक्त करने के लिए आयोजित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने लिया हिस्सादिल्ली विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी इस विशेष कार्यक्रम में सहभागिता की। सभी ने मिलकर ‘आशीर्वाद केदीये’ प्रज्वलित किए। इस दौरान दिल्ली विधानसभा परिसर में एक साथ हजारों दीयों की रोशनी दिखाई दी। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी के जन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं व्यक्त की गईं और देश की प्रगति के लिए मंगलकामना की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जनसेवा को किया यादकार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जनसेवा के प्रति उनके समर्पण के सम्मान के रूप में भी मनाया गया। ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलितकरने को देशवासियों की सामूहिक शुभकामनाओं और प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान की भावना के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के विकास, प्रगति और परिवर्तन में योगदान को भी याद किया गया। दिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित इसकार्यक्रम के माध्यम से देश के विकास और प्रगति की यात्रा को भी रेखांकित किया गया। आशीर्वाद के दीये’ बने शुभकामनाओं का प्रतीककार्यक्रम में हजारों दीयों का प्रज्वलन केवल जन्मदिन समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे शुभकामनाओं और सामूहिक संकल्प के प्रतीक के रूपमें भी देखा गया। दीयों की रोशनी को आशा, आकांक्षा और सकारात्मक सोच का संदेश देने वाला बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विकासऔर उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास की भावना को सामने रखना रहा। दिल्ली विधानसभा के ऐतिहासिक परिसर में जब हजारों मिट्टी के दीये एकसाथ जले तो पूरा परिसर रोशनी से भर गया। विकसित भारत के विजन को दिया गया संदेशकार्यक्रम को ‘विकसित भारत’ के विजन से भी जोड़ा गया। कार्यक्रम के माध्यम से भारत की विकास यात्रा और देश को मजबूत, समृद्ध तथा आत्मनिर्भरबनाने के संकल्प को सामने रखा गया। ‘विकसित भारत’ के विजन में देश के बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास और सामाजिक विकास जैसेक्षेत्रों में आगे बढ़ने की दिशा को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में हजारों दीयों की रोशनी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत विकास औरप्रगति की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। विकास और प्रगति की यात्रा को किया रेखांकितदिल्ली विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भारत की विकास यात्रा पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर एक मजबूत, समृद्ध औरआत्मनिर्भर राष्ट्र के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विकास के साथ-साथ देश कीआकांक्षाओं और भविष्य के लक्ष्यों को भी सामने रखा गया। हजारों ‘आशीर्वाद के दीयों’ का प्रज्वलन आशा और आकांक्षा के साथ विकसित भारत केनिर्माण के सामूहिक संकल्प का संदेश देने वाला रहा। आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत का संदेशकार्यक्रम के दौरान एक आत्मविश्वासी, प्रगतिशील और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी सामने रखा गया। दीयों की रोशनी को देश के उज्ज्वलभविष्य और विकास की दिशा में आगे बढ़ने की उम्मीद के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर परआयोजित इस कार्यक्रम में देश के विकास और प्रगति के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। ऐतिहासिक विधानसभा परिसर में रहा विशेष माहौलदिल्ली विधानसभा का ऐतिहासिक परिसर हजारों दीयों की रोशनी से रोशन होने के कारण कार्यक्रम का माहौल विशेष रहा। अधिकारियों औरकर्मचारियों की सहभागिता से कार्यक्रम में उत्सव का वातावरण दिखाई दिया। ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केजन्मदिन के अवसर पर शुभकामनाएं दी गईं और देश की निरंतर प्रगति की कामना की गई। विकसित भारत के संकल्प के साथ मनाया गया अवसरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर आयोजित यह कार्यक्रम विजन, विकास और विकसित भारत के संदेश के साथ संपन्न हुआ। दिल्लीविधानसभा परिसर में हजारों मिट्टी के दीयों का प्रज्वलन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। दीयों की रोशनी के माध्यम से आशा, आकांक्षा, विकासऔर सामूहिक संकल्प का संदेश दिया गया। दिल्ली विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता के साथ आयोजितइस कार्यक्रम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर को विशेष रूप दिया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और शुभकामनाएंव्यक्त करने के साथ-साथ मजबूत, समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प की भावना को भी सामने रखागया।

MGICCC के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही दिल्ली सरकार, पर्यावरणीय शोध और जलवायु कार्रवाई को मिलेगा बढ़ावा

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने संस्थान में चल रहे सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की समीक्षा की नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026 दिल्ली सरकार राजधानी को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री श्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बेटिंग क्लाइमेट चेंज (MGICCC) में चल रहे विभिन्न विकास, मरम्मत, नवीनीकरण और अपग्रेडेशन कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने संस्थान में चल रहे सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान नरेला विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री राज करण खत्री भी मौजूद रहे। दिल्ली के पर्यावरणीय लक्ष्यों में MGICCC की महत्वपूर्ण भूमिकापर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती है। दिल्ली भी प्रदूषण, बढ़ते तापमान, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र और ऊर्जा से जुड़ी कई पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए शोध, प्रशिक्षण और नई तकनीक की जानकारी बहुत जरूरी है। MGICCC इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार MGICCC के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य संस्थान को ऐसा मजबूत मंच बनाना है, जहां पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा मिल सके। प्रशिक्षण और शोध पर रहेगा विशेष जोरमनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि MGICCC केवल एक भवन या संस्थान नहीं है, बल्कि दिल्ली में पर्यावरण से जुड़े ज्ञान और शोध को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि संस्थान के माध्यम से अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों को जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा सकता है।इसके साथ ही पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग विषयों पर व्यावहारिक शोध भी किया जा सकता है। इससे दिल्ली की पर्यावरणीय समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए बेहतर योजनाएं तैयार करने में मदद मिल सकती है। प्रदूषण से लेकर जैव विविधता तक कई विषयों पर कामदिल्ली सरकार MGICCC को कई महत्वपूर्ण पर्यावरणीय विषयों पर काम करने के लिए और मजबूत करना चाहती है। इनमें प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता, हरित क्षेत्र का विस्तार, ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन जैसे विषय शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शोध और प्रशिक्षण बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण के लिए नई जानकारी और बेहतर उपाय सामने आ सकते हैं। MGICCC में कई बड़े निर्माण और नवीनीकरण कार्य पूरेसमीक्षा के दौरान पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने संस्थान में पूरे हो चुके कार्यों की भी जानकारी ली। MGICCC में कई महत्वपूर्ण सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य किए गए हैं। इनमें बहुउद्देशीय हॉल का नवीनीकरण भी शामिल है। इसके अलावा संस्थान में आने-जाने के लिए एप्रोच रोड और पाथवे का निर्माण किया गया है। इससे संस्थान के परिसर में आने-जाने की सुविधा बेहतर होगी। हॉस्टल भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिटसंस्थान के हॉस्टल भवन का स्ट्रक्चरल ऑडिट भी किया गया है। भवन की स्थिति की जांच और जरूरी सुधारों के लिए यह काम महत्वपूर्ण माना जाता है।इसके साथ ही संस्थान में कई अन्य सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य भी किए गए हैं और कुछ कार्य अभी जारी हैं। गेस्ट हाउस का नवीनीकरण अंतिम चरण मेंMGICCC के गेस्ट हाउस में सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य भी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही गेस्ट हाउस का नवीनीकरण भी किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अनुसार गेस्ट हाउस से जुड़े ये कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। कार्य पूरा होने के बाद संस्थान की सुविधाओं में और सुधार होने की उम्मीद है। केबल और फीडर पिलर सिस्टम को किया जा रहा अपग्रेडसंस्थान में बिजली से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए केबल और फीडर पिलर सिस्टम के उन्नयन का काम भी चल रहा है। इसके अलावा परिसर में स्ट्रीट लाइटिंग से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य संस्थान के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं को बेहतर बनाना है।प्रदर्शनी हॉल का भी हो रहा नवीनीकरणMGICCC के प्रदर्शनी हॉल के नवीनीकरण का काम भी प्रगति पर है। प्रदर्शनी हॉल जैसे स्थानों का इस्तेमालपर्यावरण से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और विभिन्न पर्यावरणीय विषयों को प्रदर्शित करने के लिए किया जा सकता है। 2026-27 में और भी मरम्मत कार्य शुरूदिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए MGICCC के मुख्य भवन और अन्य सुविधाओं में अतिरिक्त मरम्मत एवं रखरखाव कार्य भी शुरू किए हैं। इन कार्यों में सिविल मरम्मत, पेंटिंग, फर्श का काम, सैनिटरी कार्य, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल रखरखाव तथा अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं का अपग्रेडेशन शामिल है। इन कामों का उद्देश्य संस्थान की मौजूदा सुविधाओं को बेहतर और व्यवस्थित बनाना है। 2009 में MGICCC का नामकरणमहात्मा गांधी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्बेटिंग क्लाइमेट चेंज (MGICCC) का वर्ष 2009 में नामकरण किया गया था। यह संस्थान दिल्ली सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। संस्थान का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण तथा शोध को बढ़ावा देना है। सरकारी और निजी क्षेत्र के अधिकारियों को प्रशिक्षणMGICCC की जिम्मेदारियों में सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना भी शामिल है। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों को जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण से जुड़े विषयों की जानकारी दी जाती है। इससे पर्यावरण से संबंधित योजनाओं को लागू करने और पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिल सकती है। पर्यावरण के कई क्षेत्रों में शोध का उद्देश्यMGICCC को प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, जैव विविधता, हरित क्षेत्र विकास, ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक और उपयोगी शोध के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन और क्लीन डेवलपमेंट मैकेनिज्म (CDM) जैसे विषय भी संस्थान के कार्यक्षेत्र में शामिल हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में काम करने का दावादिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राजधानी को स्वच्छ और हरित बनाने के लिए कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसी व्यापक योजना के तहत MGICCC के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता केप टाउन में 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में हुए शामिल

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026 दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में शामिल हुए। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के सांसद और जनप्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। विजेंद्र गुप्ता ने सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस दौरान दुनिया के अलग-अलग देशों से आए सांसदों और प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान हुआ। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संसदों के कामकाज को बेहतर बनाना और सभी वर्गों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। वैश्विक सांसदों के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए विजेंद्र गुप्तादिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने केप टाउन में आयोजित वैश्विक सांसदों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन के तहत आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। इसमें संसदों को मजबूत बनाने, लोकतांत्रिक व्यवस्था को बेहतर करने और समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। विजेंद्र गुप्ता का इस सम्मेलन में शामिल होना दिल्ली विधानसभा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दिल्ली विधानसभा के अनुभवों और कार्यप्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने का अवसर मिल रहा है। संसाधन-सीमित संसदों पर होगी महत्वपूर्ण चर्चासम्मेलन के दौरान विजेंद्र गुप्ता एक महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित संयुक्त नेटवर्क कार्यशाला में प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे। कार्यशाला का विषय है — “संसाधन-सीमित संसदों में समावेशिता के उपायों को लागू करना।” इस विषय का संबंध उन संसदों और विधानसभाओं से है जहां संसाधन सीमित होते हैं, लेकिन इसके बावजूद सभी लोगों को बराबर अवसर और भागीदारी देने की जरूरत होती है। विजेंद्र गुप्ता अपने संबोधन में बताएंगे कि सीमित संसाधनों के बीच भी संसद और विधानसभाओं को किस तरह अधिक समावेशी बनाया जा सकता है। उनका संबोधन कई देशों के प्रतिनिधियों के लिए उपयोगी हो सकता है। महिलाओं की भागीदारी और लैंगिक संवेदनशीलता पर जोरविजेंद्र गुप्ता अपने संबोधन में संसदों और विधानसभाओं में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के विषय पर भी अपने विचार साझा करेंगे। आज के समय में महिलाओं की राजनीतिक और संसदीय भागीदारी को मजबूत करना बहुत जरूरी माना जाता है। महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में बराबर अवसर मिलना लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। विजेंद्र गुप्ता संसाधनों की कमी के बावजूद लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करेंगे। वे अपने अनुभव और विचार दूसरे देशों के प्रतिनिधियों के सामने रखेंगे। दिव्यांगजनों की भागीदारी पर भी होगी चर्चाविजेंद्र गुप्ता के संबोधन में दिव्यांगजनों की भागीदारी भी एक महत्वपूर्ण विषय रहेगा। लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब समाज के हर वर्ग को अपनी बात रखने और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिले। दिव्यांगजनों के लिए संसद और विधानसभा की व्यवस्था को आसान और सुविधाजनक बनाना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विजेंद्र गुप्ता इस बात पर जोर देंगे कि संसदों और विधानसभाओं में दिव्यांगजनों की भागीदारी को बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। संसदों को सभी के लिए सुलभ बनाने पर जोरदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता संसदों और विधानसभाओं को सभी लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने के विषय पर भी अपने विचार रखेंगे। संसद या विधानसभा की इमारत, सुविधाएं और कामकाज ऐसी व्यवस्था के अनुसार होने चाहिए, जिनका इस्तेमाल हर व्यक्ति आसानी से कर सके। इसमें दिव्यांगजन, महिलाएं और समाज के अन्य वर्ग भी शामिल हैं। विजेंद्र गुप्ता बताएंगे कि सीमित संसाधनों के बीच भी ऐसी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सकता है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लोकतांत्रिक संस्थाओं में भाग लेने का अवसर मिले। अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली विधानसभा का प्रतिनिधित्वविजेंद्र गुप्ता के 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में शामिल होने से दिल्ली विधानसभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला है। दिल्ली विधानसभा देश की राजधानी की विधानसभा है। ऐसे में विजेंद्र गुप्ता का अंतरराष्ट्रीय संसदीय सम्मेलन में हिस्सा लेना महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों और अनुभवों का आदान-प्रदान किया जा रहा है। इस तरह के सम्मेलन से अलग-अलग देशों की संसदों और विधानसभाओं को एक-दूसरे की अच्छी व्यवस्थाओं को समझने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। लोकतंत्र में समावेशिता का महत्वविजेंद्र गुप्ता के संबोधन का मुख्य केंद्र समावेशिता रहेगा। समावेशिता का अर्थ है कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना और सभी को बराबर अवसर देना। संसद और विधानसभा लोकतंत्र के महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इसलिए इन संस्थानों में महिलाओं, दिव्यांगजनों और समाज के अन्य वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है। विजेंद्र गुप्ता संसाधन सीमित होने की स्थिति में भी समावेशी व्यवस्था बनाने के उपायों पर अपने विचार साझा करेंगे। उनका उद्देश्य यह बताना होगा कि कम संसाधनों के बावजूद सही योजना और इच्छाशक्ति के माध्यम से बेहतर व्यवस्था बनाई जा सकती है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से विचारों का आदान-प्रदानकेप टाउन में आयोजित 69वें राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के सांसद और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन के माध्यम से उन्हें एक-दूसरे के अनुभव जानने का अवसर मिल रहा है। विजेंद्र गुप्ता भी सम्मेलन में दिल्ली विधानसभा से जुड़े अनुभव और विचार साझा करेंगे। इससे अन्य देशों के प्रतिनिधियों को दिल्ली की संसदीय व्यवस्था को समझने का अवसर मिलेगा। वहीं, विजेंद्र गुप्ता को भी दूसरे देशों की संसदों और विधानसभाओं में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। समावेशी संसद की दिशा में महत्वपूर्ण कदमविजेंद्र गुप्ता का सम्मेलन में संबोधन समावेशी संसद की जरूरत को सामने रखेगा। एक ऐसी संसद या विधानसभा, जहां हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लेने का अवसर मिले, लोकतंत्र को और मजबूत बनाती है। महिलाओं की भागीदारी, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और सभी के लिए आसान पहुंच जैसे विषय आज के समय में बेहद महत्वपूर्ण हैं। विजेंद्र गुप्ता इन सभी विषयों पर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे और बताएंगे कि सीमित संसाधनों में भी समावेशी व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा सकता है। दिल्ली के अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का अवसरदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के लिए यह सम्मेलन दिल्ली विधानसभा के अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रखने का महत्वपूर्ण अवसर है। विजेंद्र गुप्ता अपने संबोधन के माध्यम से यह संदेश देंगे कि संसाधनों की सीमा समावेशिता

दिल्ली में 17 सितंबर को होगा मेगा रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने तैयारियों की समीक्षा की

नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026 दिल्ली सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में एक बड़े मेगा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह मेगा रक्तदान शिविर ‘सेवा पखवाड़ा’ के तहत आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता को मजबूत करना है। इस मेगा रक्तदान शिविर की तैयारियों को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों के विभागाध्यक्षों और दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों के MD और MS शामिल हुए। बैठक में शिविर से जुड़ी सभी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई और अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने तैयारियों का लिया जायजास्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बैठक के दौरान मेगा रक्तदान शिविर की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से रजिस्ट्रेशन, रक्तदान करने वालों की स्क्रीनिंग, रक्त संग्रह, मेडिकल सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों के बारे में जानकारी ली। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 17 सितंबर को आयोजित होने वाले इस बड़े शिविर में आने वाले नागरिकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। रक्तदान की पूरी प्रक्रिया आसान, सुरक्षित और व्यवस्थित होनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रक्तदान समाज की सेवा का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से रक्तदान करता है तो उसका यह छोटा सा प्रयास किसी जरूरतमंद मरीज के लिए बहुत बड़ा सहारा बन सकता है। त्यागराज स्टेडियम में आयोजित होगा मेगा कैंपदिल्ली सरकार का यह मेगा रक्तदान शिविर 17 सितंबर को त्यागराज स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम को ‘सेवा पखवाड़ा’ से जोड़ा गया है। इस कैंप के माध्यम से दिल्ली सरकार लोगों को रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूक करना चाहती है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग स्वेच्छा से इस अभियान का हिस्सा बनें और रक्तदान करके जरूरतमंद लोगों की मदद करें। इस मेगा कैंप का आयोजन दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन यानी DSHM की ओर से किया जा रहा है। कैंप को सफल बनाने के लिए दिल्ली सरकार के कई विभाग और सरकारी अस्पताल मिलकर काम करेंगे। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया रक्तदान का महत्वस्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा के सबसे अच्छे कार्यों में से एक है। अस्पतालों में भर्ती कई मरीजों को इलाज के दौरान रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान से ब्लड बैंकों में रक्त की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलती है। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस मेगा रक्तदान शिविर के माध्यम से दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों, अस्पतालों और आम नागरिकों को एक मानवीय उद्देश्य के लिए एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभियान समाज में सेवा और एक-दूसरे की मदद करने की भावना को मजबूत करते हैं। दिल्ली के 11 सरकारी अस्पताल देंगे सहयोगमेगा रक्तदान शिविर को सफल बनाने के लिए दिल्ली सरकार के 11 अस्पतालों के ब्लड बैंक इसमें सहयोग करेंगे। इन अस्पतालों में लोक नायक अस्पताल, बीएसए अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, डीडीयू अस्पताल, DHAS (H), जीबी पंत अस्पताल, बीएम अस्पताल, एसजीएम अस्पताल, आरजीएसएस अस्पताल, ILBS अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों की ओर से कैंप में मेडिकल टीमें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही रक्त संग्रह के लिए जरूरी उपकरण और अन्य मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कैंप में एकत्र होने वाले रक्त को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड-चेन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। रक्त की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अस्पतालों की टीमें पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगी। रक्त संग्रह और सुरक्षित रखरखाव की होगी पूरी व्यवस्थामेगा रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोग रक्तदान करने के लिए पहुंच सकते हैं। ऐसे में रक्त संग्रह के साथ-साथ उसे सुरक्षित तरीके से रखने की व्यवस्था भी बेहद जरूरी है। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और संबंधित सरकारी अस्पतालों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। रक्तदान के बाद एकत्र किए गए ब्लड यूनिट्स को सुरक्षित तरीके से संबंधित ब्लड बैंकों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अधिकारियों से कहा है कि रक्तदान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी जरूरी मेडिकल मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए। रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया होगी आसानकैंप में आने वाले लोगों के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन और स्क्रीनिंग की प्रक्रिया होगी। रक्तदान करने वाले व्यक्ति की जरूरी जांच के बाद ही रक्तदान कराया जाएगा। दिल्ली सरकार का प्रयास है कि इस पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखा जाए ताकि लोगों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। कैंप में मेडिकल स्टाफ और संबंधित कर्मचारी लोगों को रक्तदान से जुड़ी जरूरी जानकारी भी देंगे। सुरक्षा व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष ध्यानमेगा रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में दिल्ली पुलिस, होम गार्ड्स और सिविल डिफेंस के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। शिविर के दौरान लोगों की आवाजाही, प्रवेश और निकास तथा आसपास की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों से कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारीत्यागराज स्टेडियम में बड़ी संख्या में नागरिकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कैंप के दौरान यातायात व्यवस्था सामान्य बनी रहे। दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां लोगों की आवाजाही

दिल्ली में तेजी से फैल रहा बुखार, अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़ – देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर लगाए लापरवाही के आरोप

नई दिल्ली, 13 सितंबर 2026। दिल्ली में बरसात के मौसम के बीच बुखार और कई तरह की मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों को लेकर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी के कई इलाकों में लोग बुखार और मौसमी बीमारियों से परेशान हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन सरकार की ओर से बीमारी को रोकने के लिए जरूरी और प्रभावी कदम जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार बीमारी फैलने के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले से तैयारी करने में लगातार नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम हर साल आता है और इसके साथ जलभराव, गंदगी, मच्छरों और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसके बावजूद सरकार ने समय रहते व्यापक स्तर पर तैयारी नहीं की। घर-घर पहुंच रहा बुखार, लोग परेशान: देवेंद्र यादवदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में लोगों के बीच बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ रही है। बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का रुख कर रहे हैं। देवेंद्र यादव ने कहा कि जब आम लोग बीमारी से परेशान हों और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही हो, तब सरकार को केवल बयान देने और बैठकें करने के बजाय सीधे जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह बीमारी फैलने से पहले ही उसकी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए। अगर किसी इलाके में मच्छरों की संख्या बढ़ रही है, पानी जमा है या गंदगी है, तो वहां तुरंत सफाई और दवा का छिड़काव कराया जाना चाहिए। अस्पतालों में बढ़ते मरीजों को लेकर देवेंद्र यादव की चिंतादेवेंद्र यादव ने कहा कि मौसमी बीमारियों के बढ़ने का सीधा असर दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ता है। जब बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचते हैं तो डॉक्टरों, नर्सों, दवाइयों और अस्पतालों की दूसरी सुविधाओं पर दबाव बढ़ जाता है। देवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से मांग की कि सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टर, नर्स और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों को इलाज के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और अस्पतालों में आने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार को अस्पतालों में मरीजों की स्थिति की लगातार निगरानी करनी चाहिए और जिन अस्पतालों में मरीजों की संख्या ज्यादा है, वहां अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। हर साल बरसात में बढ़ती है बीमारी की समस्यादेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली में बरसात के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर साल बारिश के दौरान कई जगह पानी जमा हो जाता है। पानी जमा होने के कारण मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है और इसके साथ डेंगू तथा दूसरी मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। देवेंद्र यादव ने सवाल उठाया कि जब सरकार को पहले से पता है कि बरसात के दौरान ऐसी समस्याएं सामने आती हैं, तो फिर पहले से पूरी तैयारी क्यों नहीं की जाती?उन्होंने कहा कि नालों की सफाई, पानी की निकासी, फॉगिंग और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने का काम लगातार होना चाहिए। केवल बीमारी फैलने के बाद कार्रवाई शुरू करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। नालों की सफाई और जलभराव पर भी उठाए सवालदेवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली के कई हिस्सों में बारिश के बाद जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है। सड़कों और खाली जगहों पर पानी जमा रहने से गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ती है। देवेंद्र यादव ने कहा कि सरकार और संबंधित विभागों को बारिश से पहले ही नालों की सफाई का काम पूरा कर लेना चाहिए। जहां जलभराव की समस्या बार-बार होती है, वहां स्थायी समाधान की योजना बनाई जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता हर साल जलभराव और गंदगी की समस्या झेलती है। सरकार को इस समस्या को केवल बरसात के दिनों की समस्या मानकर नहीं चलना चाहिए, बल्कि इसके स्थायी समाधान पर काम करना चाहिए। नियमित फॉगिंग और मच्छरों पर रोक लगाने की मांगदेवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से मांग की कि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए प्रभावित इलाकों में नियमित फॉगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि केवल कुछ स्थानों पर फॉगिंग करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। देवेंद्र यादव ने कहा कि जिन इलाकों में पानी जमा है, वहां विशेष अभियान चलाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म किया जाना चाहिए। खाली प्लॉट, निर्माण स्थलों, नालियों और ऐसी जगहों की भी जांच की जानी चाहिए जहां पानी जमा होने की संभावना रहती है। देवेंद्र यादव ने कहा कि मच्छरों की रोकथाम के लिए सफाई अभियान, फॉगिंग और लोगों को जागरूक करने का काम एक साथ चलना चाहिए। दिल्ली सरकार सिर्फ दावों और प्रचार में व्यस्त – देवेंद्र यादवदेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली की जनता बुखार, डेंगू और दूसरी मौसमी बीमारियों से परेशान है, तब सरकार केवल दावों और प्रचार में व्यस्त है। देवेंद्र यादव ने कहा कि बीमारी से लड़ाई विज्ञापनों से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए जमीन पर काम करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएं, दवाइयां और डॉक्टर उपलब्ध कराने के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम पर भी बराबर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता को यह बताना चाहिए कि बीमारी को रोकने के लिए अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे क्या योजना है। बीमारी फैलने के बाद ही क्यों जागती है सरकार? देवेंद्र यादवदेवेंद्र यादव ने दिल्ली सरकार से सीधा सवाल किया कि आखिर हर साल बरसात के मौसम में बीमारी बढ़ने और हालात खराब होने के बाद ही सरकार क्यों जागती है? देवेंद्र यादव ने कहा कि अगर सरकार को पता है कि बरसात में डेंगू, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, तो इसके लिए पहले से तैयारी क्यों नहीं की जाती? उन्होंने कहा कि सरकार को बीमारी फैलने का इंतजार नहीं करना चाहिए। बीमारी की रोकथाम के लिए पहले

दिल्ली में एमसीडी का बड़ा डिमोलिशन अभियान, 33 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई

12 जोनों में एक साथ चला अभियान, 29 कारण बताओ नोटिस और 5 संपत्तियां सील नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी दिल्ली में अवैध निर्माण, खतरनाक इमारतों और भवन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना सख्त अभियान जारी रखा है। एमसीडी ने शनिवार को दिल्ली के सभी 12 जोनों में बड़े स्तर पर प्रवर्तन कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में कुल 33 डिमोलिशन यानी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके साथ ही एमसीडी की टीमों ने नियमों का उल्लंघन करने वाली 5 संपत्तियों को सील किया। वहीं, कई अन्य मामलों में संबंधित संपत्ति मालिकों को 29 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। निगम का कहना है कि दिल्ली में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। सभी 12 जोनों में एक साथ कार्रवाईएमसीडी ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में अपने अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को भेजकर कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसी इमारतों और निर्माणों पर कार्रवाई करना था, जो बिना अनुमति बनाए गए हैं या जिनमें भवन नियमों का पालन नहीं किया गया है। निगम की ओर से बताया गया कि दिल्ली के नॉर्थ, नॉर्थ वेस्ट, नॉर्थ ईस्ट, साउथ, साउथ वेस्ट, वेस्ट और सेंट्रल जोन समेत सभी 12 जोनों में प्रवर्तन अभियान चलाया गया। एमसीडी दिल्ली के मास्टर प्लान यानी एमपीडी और बिल्डिंग बाय-लॉ के नियमों के अनुसार निर्माण कार्यों की जांच कर रही है। जहां नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां मौके पर कार्रवाई की जा रही है। 33 संपत्तियों पर चला डिमोलिशन अभियानआज के अभियान में एमसीडी ने कुल 33 डिमोलिशन कार्रवाई की। इन कार्रवाइयों में ऐसे निर्माणों को हटाया गया, जिन्हें निगम ने नियमों के खिलाफ या असुरक्षित पाया। एमसीडी का कहना है कि जिन जगहों पर अवैध निर्माण या खतरनाक ढांचा पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। इसका उद्देश्य केवल नियमों का पालन करवाना ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। 5 संपत्तियां की गईं सीलडिमोलिशन कार्रवाई के अलावा एमसीडी ने 5 संपत्तियों को सील भी किया। सीलिंग की कार्रवाई उन मामलों में की गई जहां भवन नियमों और अन्य लागू प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। निगम ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन मालिकों के खिलाफ जरूरत के अनुसार नोटिस, सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा सकती है। 29 कारण बताओ नोटिस जारीएमसीडी की टीमों ने कार्रवाई के दौरान 29 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। इन नोटिस के जरिए संबंधित संपत्ति मालिकों से नियमों के उल्लंघन को लेकर जवाब मांगा गया है। निगम का कहना है कि भवन नियमों का पालन करना हर संपत्ति मालिक की जिम्मेदारी है। अगर किसी निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। कल भी हुई थी बड़ी कार्रवाईएमसीडी ने बताया कि आज से एक दिन पहले भी दिल्ली में बड़ा प्रवर्तन अभियान चलाया गया था। उस अभियान के दौरान 25 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया था। इसके अलावा 4 अन्य संपत्तियों को सील किया गया था। यह कार्रवाई दिल्ली के मास्टर प्लान और बिल्डिंग बाय-लॉ के नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ की गई थी। इससे साफ है कि एमसीडी दिल्ली में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों पर कार्रवाईआज के अभियान में नॉर्थ जोन के कई इलाकों में विशेष कार्रवाई की गई। नेहरू विहार और गांधी विहार में खतरनाक इमारतों के खिलाफ डिमोलिशन कार्रवाई की गई। इन इलाकों में ऐसी इमारतों और निर्माणों को लेकर कार्रवाई की गई जिन्हें निगम की ओर से खतरनाक या नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया। एमसीडी का कहना है कि खतरनाक इमारतें लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं। इसलिए ऐसी इमारतों पर समय रहते कार्रवाई करना जरूरी है। रोहिणी में आरसीसी पैनल तोड़ा गयानॉर्थ वेस्ट जोन में भी एमसीडी ने कई जगहों पर कार्रवाई की। रोहिणी सेक्टर-3 में विशेष डिमोलिशन कार्रवाई की गई।यहां तीसरी मंजिल की छत पर बने कमरे के ऊपर लगाए गए आरसीसी पैनल को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान गैस कटर की मदद से निर्माण में लगे रीइन्फोर्समेंट यानी लोहे के सरियों को भी काटा गया।इसके अलावा विजय विहार और रोहिणी के सेक्टर-15 और सेक्टर-16 में भी एमसीडी की टीमों ने कार्रवाई की। सतबरी और सैनिक फार्म्स में भी कार्रवाईसाउथ जोन में एमसीडी ने सतबरी और सैनिक फार्म्स में प्रवर्तन कार्रवाई की। इन इलाकों में भी नियमों के खिलाफ किए गए निर्माणों की जांच और कार्रवाई की गई। एमसीडी की टीमों ने मौके पर जाकर निर्माण की स्थिति देखी और जहां जरूरी पाया गया, वहां निगम के नियमों के अनुसार कार्रवाई की। भजनपुरा और शाहदरा में भी चला अभियाननॉर्थ ईस्ट जोन में भी एमसीडी का अभियान जारी रहा। यहां भजनपुरा, सोम बाजार, साउथ गामड़ी, ईस्ट रोहतास नगर और शाहदरा जैसे इलाकों में कार्रवाई की गई। इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण और भवन नियमों के उल्लंघन को लेकर निगम की टीमों ने कार्रवाई की। द्वारका और काकरोला में भी डिमोलिशनसाउथ वेस्ट जोन में एमसीडी ने द्वारका और काकरोला में डिमोलिशन कार्रवाई की। इन इलाकों में नियमों के खिलाफ किए गए निर्माणों पर निगम की टीमों ने कार्रवाई की। एमसीडी का कहना है कि दिल्ली के किसी भी इलाके में अगर भवन नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। तिहाड़ गांव और पश्चिम विहार में कार्रवाईवेस्ट जोन में भी एमसीडी की टीमों ने कई इलाकों में कार्रवाई की। यहां तिहाड़ गांव, राजौरी गार्डन एक्सटेंशन और पश्चिम विहार में प्रवर्तन अभियान चलाया गया। निगम की टीमों ने मौके पर पहुंचकर निर्माणों की जांच की और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की। जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर में भी कार्रवाईसेंट्रल जोन में जोगाबाई एक्सटेंशन और जामिया नगर में भी प्रवर्तन कार्रवाई की गई।:एमसीडी की ओर से लगातार अलग-अलग क्षेत्रों में जांच की जा रही है ताकि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। दिल्ली भर में पीजी भवनों का बड़ा सर्वे शुरूएमसीडी ने केवल अवैध निर्माण के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि दिल्ली में चल

डूसू चुनाव में एनएसयूआई की जीत का दावा, छात्रों के अधिकार और सुविधाओं को लेकर देवेन्द्र यादव ने बताई प्राथमिकताएं

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026 दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस और एनएसयूआई ने चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने दावा किया है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई का पूरा पैनल जीत हासिल करेगा। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई की प्राथमिकता केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के अधिकारों, कल्याण, शिक्षा, हॉस्टल, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए लगातार काम करना है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों की समस्याओं को मजबूती से उठाएगी और विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर शैक्षणिक तथा लोकतांत्रिक माहौल बनाने का प्रयास करेगी। डूसू चुनाव की तैयारियों को लेकर बैठकडूसू चुनाव को लेकर आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस बैठक में एनएसयूआई के उम्मीदवारों को समर्थन देने और चुनाव की तैयारियों को लेकरh विस्तार से चर्चा हुई। इस बैठक को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने संबोधित किया। बैठक का आयोजन आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धार्थ राव ने किया बैठक में कांग्रेस और संगठन के कई पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।बैठक के दौरान डूसू चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए गए। देवेन्द्र यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में छात्रों तक पहुंचना और उनकी समस्याओं को समझना सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई को छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर बात करनी चाहिए और उनके अधिकारों की आवाज को मजबूत करना चाहिए। एनएसयूआई ने घोषित किया पूरा पैनलदिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए एनएसयूआई ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। एनएसयूआई की ओर से अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीना, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया है। देवेन्द्र यादव ने एनएसयूआई के इस पैनल को मजबूत बताते हुए कहा कि पार्टी ने छात्रों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। देवेन्द्र यादव के अनुसार, एनएसयूआई का उद्देश्य छात्रों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उन समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने मजबूती से उठाना है। छात्रों के अधिकारों की आवाज मजबूत करने का वादादेवेन्द्र यादव ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद एनएसयूआई दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की आवाज को और मजबूत करेगी। देवेन्द्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार मिले। छात्रों को किसी भी तरह के भेदभाव का सामना न करना पड़े और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल बनाने के लिए काम करेगी। छात्रों की समस्याओं को दबाने के बजाय उन पर चर्चा होनी चाहिए और समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए। विश्वविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक माहौल पर जोरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल है। ऐसे में यहां पढ़ने वाले छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और अच्छी सुविधाएं मिलना जरूरी है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों को पढ़ाई के लिए बेहतर लाइब्रेरी, पर्याप्त अध्ययन सामग्री, अच्छे कक्ष और आधुनिक सुविधाएं मिलनी चाहिए। एनएसयूआई का प्रयास रहेगा कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े। देवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों की शिक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है। हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की मांगदिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल की समस्या भी छात्रों के लिए एक बड़ा मुद्दा है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी दिल्ली के बाहर से पढ़ाई करने के लिए आते हैं। ऐसे छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती रहने की व्यवस्था बहुत जरूरी है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई छात्रों के लिए हॉस्टल की संख्या बढ़ाने की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि छात्रों को कम खर्च में सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध होना चाहिए। देवेन्द्र यादव ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को अच्छी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। हॉस्टल में साफ-सफाई, पीने का पानी, इंटरनेट और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा भी मुद्दादेवेन्द्र यादव ने कहा कि केवल हॉस्टल ही नहीं, बल्कि पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सत्या निकेतन हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र पीजी और किराए के कमरों में रहते हैं। ऐसे छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई सस्ते और सुरक्षित हॉस्टल तथा पीजी की मांग को मजबूती से उठाएगी। साथ ही पीजी और किराए के कमरों में सुरक्षा से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग की जाएगी। लाइब्रेरी और छात्र संसाधनों में सुधार की मांगदेवेन्द्र यादव ने कहा कि छात्रों के लिए लाइब्रेरी सबसे महत्वपूर्ण संसाधनों में से एक है। इसलिए कॉलेजों और विश्वविद्यालय की लाइब्रेरियों में पर्याप्त किताबें, पढ़ने की जगह और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य छात्र संसाधनों को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी। देवेन्द्र यादव ने यह भी कहा कि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। किफायती फीस और छात्रों के हितों से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी एनएसयूआई विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ बातचीत करेगी। महिला सुरक्षा और समान अवसर पर जोरदेवेन्द्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में महिला छात्रों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए ताकि वे बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। देवेन्द्र यादव ने कहा कि एनएसयूआई महिला सुरक्षा और समानता के मुद्दे को प्राथमिकता देगी। सभी छात्रों को बिना भेदभाव के समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा स्थान होना चाहिए जहां छात्र अपनी शिक्षा और भविष्य पर ध्यान दे सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस न हो। कॉलेजों में पानी और साफ-सफाई की सुविधाओं पर ध्यानदेवेन्द्र यादव ने कहा कि कॉलेजों में छात्रों को रोजमर्रा की बुनियादी सुविधाएं