
नई दिल्ली, 23 जुलाई 2026।
सारिता साहनी
नीट पेपर लीक, सीबीआई की जांच और छात्रों के आंदोलन को लेकर उठाए कई सवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं और इससे लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आखिर देश में पेपर लीक की घटनाएं कब रुकेंगी। उनका कहना था कि मेहनत करने वाले छात्र पूरी ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकतों की वजह से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है।
उत्तराखंड में पेपर लीक पर जताई चिंता
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक होना बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि जब किसी परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले ही बाहर आ जाता है तो मेहनत से पढ़ाई करने वाले छात्रों का मन टूट जाता है। छात्र और उनके परिवार कई महीनों तक तैयारी करते हैं। ऐसे में पेपर लीक होने से उनका समय, मेहनत और पैसा तीनों बर्बाद हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाए।
बार-बार हो रहे पेपर लीक पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की खबरें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि हर बार जांच का भरोसा दिया जाता है, लेकिन फिर कुछ समय बाद एक और पेपर लीक की खबर आ जाती है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों का सरकार और परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर होता जा रहा है।
नीट पेपर लीक मामले का किया जिक्र
अरविंद केजरीवाल ने वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय सरकार ने एक व्यक्ति को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड बताया था। बाद में उसी व्यक्ति को सीबीआई की ओर से क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच पूरी ईमानदारी से होती तो सच्चाई देश के सामने आती।
सीबीआई की कार्रवाई पर लगाए आरोप
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण आरोपी को कुछ ही महीनों में जमानत मिल गई। उनका कहना था कि यदि समय पर कानूनी कार्रवाई होती तो मामला अलग हो सकता था। उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया ने छात्रों और देश के लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी दी प्रतिक्रिया अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले जिस व्यक्ति को सबसे बड़ा आरोपी बताया गया, बाद में उसी को क्लीन चिट मिल गई। उन्होंने कहा कि इससे सरकार की नीयत और जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में पूरी सच्चाई सामने नहीं आने देना चाहती।
प्रधानमंत्री से पूछा बड़ा सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के छात्र जानना चाहते हैं कि आखिर पेपर लीक कब बंद होंगे। उन्होंने कहा कि हर साल लाखों छात्र दिन-रात मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं। यदि परीक्षा निष्पक्ष नहीं होगी तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत कानून और सख्त व्यवस्था बनाई जाए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सराहना
अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई और पूरे देश का ध्यान इस मुद्दे की ओर खींचा। उन्होंने कहा कि युवाओं का यह साहस देश के लिए प्रेरणा है।
तीन घटनाओं का किया उल्लेख
अरविंद केजरीवाल ने अपने संबोधन में तीन घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक छात्रा पुलिस की गाड़ी के सामने खड़ी हो गई और अपने साथियों का साथ नहीं छोड़ा। दूसरी घटना में एक छात्र पुलिस की कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटा और अपने साथियों के साथ खड़ा रहा। तीसरी घटना में एक बच्चे ने पुलिस वाहन का दरवाजा खोलकर अपने साथियों की मदद की। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से युवाओं की हिम्मत और एकता दिखाई देती है।
युवाओं के साहस की की प्रशंसा
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब युवा एकजुट होकर अपनी बात रखते हैं तो समाज में बदलाव की उम्मीद बढ़ती है। उन्होंने छात्रों से पढ़ाई जारी रखने और हिम्मत न हारने की अपील भी की।
मनीष सिसोदिया ने भी लगाए आरोप
दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि मुख्य आरोपी खुलकर बोलता तो कई बड़े लोगों के नाम सामने आ सकते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण पूरे मामले में सही कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों को सच्चाई जानने का अधिकार है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की मांग
आम आदमी पार्टी ने कहा कि सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे किसी भी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक न हो। पार्टी का कहना है कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी गलती करने की हिम्मत न करे।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर
पार्टी ने कहा कि देश का भविष्य छात्रों के हाथ में है। इसलिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना बहुत जरूरी है। छात्रों को निष्पक्ष परीक्षा, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। यदि परीक्षा प्रणाली पर लोगों का विश्वास बना रहेगा तो देश के युवाओं का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पेपर लीक और वर्ष 2024 के नीट पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक, सीबीआई की जांच और छात्रों के भविष्य को लेकर सवाल उठाए, जबकि मनीष सिसोदिया ने भी निष्पक्ष जांच की मांग की। पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया जाना चाहिए।