
नई दिल्ली | 24 जुलाई
दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई इलाकों में सड़कें पानी से भर जाती हैं, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इन समस्याओं को कम करने और दिल्ली के नालों की सफाई को तेज करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को दल्लूपुरा गांव के पास गाजीपुर ड्रेन पर दो अत्याधुनिक लॉन्ग-बूम एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनों का शुभारंभ किया। इन मशीनों की मदद से नालों में वर्षों से जमा गाद और कचरे को तेजी से हटाया जाएगा, जिससे पानी की निकासी पहले से बेहतर हो सकेगी।
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने किया मशीनों का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि गाजीपुर ड्रेन की कई वर्षों से ठीक तरह से सफाई नहीं हुई थी। इस कारण नाले में बड़ी मात्रा में गाद जमा हो गई और उसकी पानी ले जाने की क्षमता काफी कम हो गई। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सभी प्रमुख नालों की सफाई कर उन्हें पहले की तरह पूरी क्षमता के साथ काम करने योग्य बनाना है, ताकि बारिश के समय पानी आसानी से निकल सके और लोगों को जलभराव की परेशानी न झेलनी पड़े।
30 से 40 वर्षों की जमा गाद हटाने का अभियान
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि गाजीपुर ड्रेन की लगभग 30 से 40 वर्षों से सही तरीके से डी-सिल्टिंग नहीं हुई थी। इतने लंबे समय में नाले के अंदर भारी मात्रा में गाद, मिट्टी, कीचड़ और कचरा जमा हो गया। इसके कारण नाले की गहराई और चौड़ाई दोनों प्रभावित हुईं और पानी का बहाव धीमा हो गया। अब नई मशीनों की मदद से वर्षों से जमा इस गाद को हटाया जाएगा। इससे नाले की जल निकासी क्षमता बढ़ेगी और बारिश के दौरान पानी तेजी से बाहर निकल सकेगा।
गाजीपुर ड्रेन क्यों है इतना महत्वपूर्ण
गाजीपुर ड्रेन दिल्ली का एक बहुत महत्वपूर्ण ड्रेनेज चैनल है। यह नोएडा, साहिबाबाद, चिल्ला और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से आने वाले पानी को दिल्ली से बाहर ले जाने का काम करता है। अगर इस ड्रेन में गाद जमा हो जाए तो पानी का बहाव रुक जाता है और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसलिए इसकी समय-समय पर सफाई करना बेहद जरूरी माना जाता है।
क्या खास है इन नई मशीनों में?
दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई ये एम्फीबियस एक्सकेवेटर मशीनें सामान्य मशीनों से बिल्कुल अलग हैं। इनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ये केवल जमीन पर ही नहीं बल्कि पानी और दलदली क्षेत्रों में भी आसानी से काम कर सकती हैं। इन मशीनों में लगभग 15 मीटर लंबा बूम लगाया गया है, जिसकी मदद से गहरे नालों तक पहुंचकर सफाई की जा सकती है। ये मशीनें लगभग 9 मीटर की गहराई तक खुदाई कर सकती हैं। इनकी सहायता से गाद, कीचड़, कचरा, मलबा और जलकुंभी जैसी जलीय वनस्पतियों को भी आसानी से हटाया जा सकेगा।
काम होगा पहले से ज्यादा तेज और सुरक्षित
पहले कई स्थानों पर नालों की सफाई के लिए मजदूरों और सामान्य मशीनों पर अधिक निर्भर रहना पड़ता था। कई बार मशीनें नाले के अंदर तक नहीं पहुंच पाती थीं, जिससे काम धीमा हो जाता था। नई एम्फीबियस मशीनों के आने से अब नाले के अंदर ही सफाई का काम आसानी से किया जा सकेगा। इससे सफाई में कम समय लगेगा, काम अधिक सुरक्षित होगा और डी-सिल्टिंग पहले की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से पूरी होगी।
मशीनों की तकनीकी विशेषताएं
इन आधुनिक मशीनों में 140 हॉर्सपावर का इंजन लगाया गया है। प्रत्येक मशीन में 0.50 घन मीटर क्षमता वाली बकेट है, जिससे एक बार में अधिक मात्रा में गाद निकाली जा सकती है। ये मशीनें पानी के अंदर भी आसानी से चल सकती हैं। इसलिए जहां सामान्य मशीनें नहीं पहुंच पातीं, वहां भी ये लगातार काम कर सकेंगी।
सरकार ने किया करोड़ों रुपये का निवेश
दिल्ली सरकार ने इन दोनों आधुनिक मशीनों की खरीद पर बड़ा निवेश किया है। प्रत्येक मशीन की कीमत लगभग 2.62 करोड़ रुपये है। सरकार का कहना है कि यह खर्च केवल मशीन खरीदने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य में दिल्ली को जलभराव और बाढ़ जैसी समस्याओं से बचाने के लिए किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है।
पूरे दिल्ली के नालों में होगा इस्तेमाल
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि केवल गाजीपुर ड्रेन ही नहीं, बल्कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अंतर्गत आने वाले अन्य बड़े नालों की सफाई में भी ऐसी आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इससे राजधानी के सभी प्रमुख ड्रेनेज चैनलों की सफाई तेज होगी और उनकी क्षमता बढ़ाई जा सकेगी।
जलभराव कम करने की दिशा में बड़ा कदम
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई मशीनों के उपयोग से नालों की जल निकासी क्षमता में काफी सुधार होगा। जब नाले साफ रहेंगे तो बारिश का पानी तेजी से निकल सकेगा और सड़कों पर पानी भरने की घटनाएं कम होंगी। इसका सीधा लाभ दिल्ली के लाखों लोगों को मिलेगा, जिन्हें हर वर्ष मानसून में जलभराव के कारण परेशानी होती है।
दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को बनाया जा रहा आधुनिक
दिल्ली सरकार लगातार राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। इसके तहत वर्षों से जमा गाद हटाई जा रही है, नालों की सफाई की जा रही है और नई तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि दिल्ली के सभी बड़े नाले पूरी क्षमता के साथ काम करें, ताकि भारी बारिश के समय भी पानी आसानी से निकल सके और बाढ़ जैसी स्थिति न बने।