
स्वच्छता के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी – सत्या शर्मा
नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026।
दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की विशेष बैठक में राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दिल्ली को साफ-सुथरा बनाने और ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। स्थायी समिति के सदस्यों और पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था के दौरान सामने आ रही समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा और उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए। बैठक में स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने साफ कहा कि दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखाई देना चाहिए।
सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान कई पार्षदों ने अपने वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। पार्षदों ने बताया कि कई इलाकों में कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण नियमित सफाई प्रभावित होती है। इसके अलावा सफाई कार्यों में इस्तेमाल होने वाले जरूरी संसाधनों की कमी की समस्या भी सामने रखी गई। पार्षदों ने कहा कि यदि किसी वार्ड में सफाई कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता होगी, तो वहां सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से चलाया जा सकेगा।
ऑटो टिप्परों की कमी पर भी हुई चर्चा
बैठक में कूड़ा संग्रहण के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑटो टिप्परों की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि घरों और बाजारों से नियमित रूप से कूड़ा उठाने के लिए पर्याप्त संख्या में ऑटो टिप्परों का होना जरूरी है। स्थायी समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कूड़ा संग्रहण की समस्या है, वहां आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा करने की परेशानी न हो।
ढलावघरों की नियमित सफाई पर जोर
बैठक में शहर के ढलावघरों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। पार्षदों ने बताया कि कई जगहों पर ढलावघरों के आसपास कूड़ा जमा होने से गंदगी की समस्या पैदा होती है। सत्या शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ढलावघरों की नियमित सफाई कराई जाए और वहां जमा कचरे को समय पर हटाया जाए। ढलावघरों के आसपास गंदगी दोबारा न फैले, इसके लिए लगातार निगरानी भी की जाए।
खाली प्लॉटों में कूड़ा डालने पर रोक लगाने की जरूरत
बैठक में खाली प्लॉटों में लगातार कूड़ा जमा होने की समस्या पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पार्षदों ने बताया कि कई जगह लोग खाली जमीनों का इस्तेमाल कूड़ा फेंकने के लिए करने लगते हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। समिति ने ऐसे स्थानों की पहचान करने और वहां दोबारा कूड़ा जमा न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।
छोटी और संकरी गलियों की सफाई भी जरूरी
पार्षदों ने छोटी और संकरी गलियों में नियमित सफाई को लेकर भी अपनी समस्याएं सामने रखीं। कई ऐसी गलियां हैं जहां बड़े सफाई वाहनों के पहुंचने में परेशानी होती है। ऐसे क्षेत्रों में अलग व्यवस्था बनाकर नियमित सफाई सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई। सत्या शर्मा ने कहा कि सफाई व्यवस्था केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। दिल्ली की छोटी गलियों और अंदरूनी इलाकों में भी लोगों को साफ वातावरण मिलना चाहिए।
आवारा पशुओं से होने वाली गंदगी पर भी ध्यान
बैठक में आवारा और बेसहारा पशुओं के कारण सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाली गंदगी की समस्या भी उठाई गई। पार्षदों ने बताया कि कई स्थानों पर पशुओं के कारण गोबर और अन्य गंदगी फैल जाती है, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया।
हर वार्ड में कूड़ा नियमित रूप से उठाया जाए
स्थायी समिति ने निर्देश दिया कि हर वार्ड में घरों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से कूड़े का नियमित और समयबद्ध तरीके से संग्रहण होना चाहिए। जहां लगातार कूड़ा जमा होने की शिकायत मिलती है, वहां विशेष निगरानी की जाए। अधिकारियों से कहा गया कि केवल शिकायत मिलने के बाद सफाई करने की व्यवस्था के बजाय ऐसे स्थानों की पहचान पहले से की जाए और वहां लगातार निगरानी रखी जाए।
बार-बार कूड़ा जमा होने वाले स्थानों का स्थायी समाधान
बैठक में ‘ब्लैक स्पॉट्स’ यानी ऐसे स्थान जहां बार-बार कूड़ा जमा होता है, उनकी पहचान करने पर भी जोर दिया गया। सत्या शर्मा ने कहा कि किसी स्थान पर एक बार कूड़ा उठाकर उसे साफ कर देना ही पर्याप्त नहीं है। असली सफलता तब होगी जब उस स्थान पर दोबारा कूड़ा जमा न हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी व्यवस्था बनाने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
गीले और सूखे कचरे को अलग करने पर जोर
बैठक में घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग करने की व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई। इसके लिए लोगों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आरडब्ल्यूए, बाजार संगठनों, स्कूलों और स्थानीय संस्थाओं को भी स्वच्छता अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि कचरे को सही तरीके से अलग करने और उसके उचित निस्तारण के बारे में लोगों को जानकारी दी जा सके।
निर्माण मलबा डालने वालों पर होगी कार्रवाई
सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण एवं विध्वंस कचरा यानी सीएंडडी वेस्ट डालने की समस्या पर भी चर्चा हुई। समिति ने निर्देश दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से निर्माण मलबा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जहां ऐसी समस्या बार-बार सामने आती है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और जरूरत पड़ने पर चालान भी किया जाए।
जनता की भागीदारी के बिना अभियान पूरा नहीं होगा
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान केवल एमसीडी का अभियान नहीं है। इसे सफल बनाने के लिए दिल्ली के लोगों की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में स्थानीय लोगों, आरडब्ल्यूए, बाजार एसोसिएशनों और सामाजिक संगठनों को अभियान से जोड़ें। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न डालना भी स्वच्छ दिल्ली बनाने में बहुत बड़ा योगदान है। शिकायतों का समय पर समाधान हो
बैठक में सफाई से जुड़ी जनता की शिकायतों के निस्तारण को लेकर भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि सफाई संबंधी शिकायतों को लंबे समय तक लंबित न रखा जाए। शिकायत मिलने के बाद समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए और शिकायत करने वाले व्यक्ति को कार्रवाई की जानकारी भी दी जाए। इससे लोगों का नगर निगम की व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा।
सफाई व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाए
सभी जोन और संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें यह बताया जाए कि किन क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था में सुधार हुआ है, कहां अभी भी समस्या बनी हुई है और किन स्थानों पर अतिरिक्त कर्मचारियों या संसाधनों की जरूरत है। समिति ने कहा कि सफाई व्यवस्था की केवल एक दिन समीक्षा करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसकी लगातार निगरानी और समीक्षा जरूरी है।
सिर्फ कूड़े के ढेर हटाना नहीं, दोबारा कूड़ा न जमा हो यह लक्ष्य
सत्या शर्मा ने कहा कि ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान की सफलता केवल कूड़े के ढेर हटाने से नहीं होगी। अभियान की असली सफलता तब होगी जब जिस स्थान से कूड़ा हटाया गया है, वहां दोबारा कूड़े का ढेर न बने। उन्होंने कहा कि एमसीडी का उद्देश्य ऐसी स्थायी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे कचरा नियमित रूप से उठे, सही तरीके से अलग किया जाए और उसका उचित निस्तारण हो।
अधिकारियों और पार्षदों को मिलकर काम करने के निर्देश
स्थायी समिति अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में सामने आए सभी मुद्दों और सुझावों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। संबंधित उपायुक्तों और सफाई अधीक्षकों की जिम्मेदारी तय करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने पार्षदों से भी अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान की निगरानी करें और स्थानीय लोगों को साथ लेकर इसे जनभागीदारी का बड़ा अभियान बनाएं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ दिल्ली बनाने की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि दिल्ली के हर नागरिक की है। अगर निगम और जनता मिलकर काम करें तो दिल्ली को साफ, सुंदर और कूड़ा-मुक्त बनाने की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।