
हैदराबाद के सफल मॉडलों का अध्ययन करने पहुंचे उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
नई दिल्ली/हैदराबाद, 17 अगस्त 2026
दिल्ली सरकार राजधानी को विश्वस्तरीय इनोवेशन, स्टार्टअप और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से दिल्ली सरकार के उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोमवार को हैदराबाद स्थित T-Works, T-Hub और Future City का दौरा किया। इस दौरे में दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। इनमें सज्जन सिंह यादव, एसीएस (उद्योग), GNCTD, उद्योग विभाग तथा दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (DSIIDC) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि हैदराबाद में किस तरह स्टार्टअप, नई तकनीक, हार्डवेयर निर्माण, निवेश, उद्योग और आधुनिक शहरी विकास को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली सरकार इन सफल मॉडलों का अध्ययन करके उन्हें दिल्ली की जरूरतों के अनुसार लागू करने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
दिल्ली को दुनिया के बड़े इनोवेशन केंद्रों में शामिल करने का लक्ष्य
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार राजधानी में एक मजबूत और आधुनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करना चाहती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में केवल निवेश लाना ही सरकार का लक्ष्य नहीं है। सरकार चाहती है कि दिल्ली के युवा अपने नए विचारों और तकनीकी कौशल को आगे बढ़ाकर नए उत्पाद, स्टार्टअप और व्यवसाय शुरू कर सकें। सिरसा के अनुसार, दिल्ली के युवाओं को सही सुविधाएं, आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और उद्योगों से जुड़ने के अवसर मिलें तो वे केवल नौकरी खोजने वाले युवा नहीं रहेंगे, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं।
T-Works में अत्याधुनिक सुविधाओं की जानकारी ली
उद्योग मंत्री सिरसा ने हैदराबाद स्थित T-Works का दौरा किया। T-Works एक बड़ा प्रोटोटाइपिंग सेंटर है, जहां किसी नए उत्पाद को तैयार करने से पहले उसका मॉडल और प्रोटोटाइप बनाया जा सकता है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, 3D प्रिंटिंग, CNC मशीनिंग, मेटल और वुड फैब्रिकेशन, वेल्डिंग, लेजर कटिंग, उत्पाद डिजाइन, असेंबली और टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। लगभग 78 हजार वर्ग फुट में फैले इस केंद्र में स्टार्टअप्स, विद्यार्थियों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और नए विचारों पर काम करने वाले लोगों को आधुनिक मशीनों और तकनीकी सुविधाओं का उपयोग करने का अवसर मिलता है। इससे किसी नए विचार को केवल कागज पर रखने के बजाय उसका वास्तविक मॉडल तैयार करने, उसकी जांच करने और उसमें सुधार करने में मदद मिलती है।
दिल्ली में भी हब-एंड-स्पोक मॉडल लागू करने पर विचार
मनजिंदर सिंह सिरसा ने T-Works के हब-एंड-स्पोक मॉडल में विशेष रुचि दिखाई। इस मॉडल में एक बड़ा मुख्य केंद्र होता है, जबकि छोटे केंद्र अलग-अलग क्षेत्रों में बनाए जाते हैं। इससे आधुनिक सुविधाएं केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचती हैं।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली में भी इस तरह की व्यवस्था की संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकता है। इससे राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले विद्यार्थी, युवा, इंजीनियर और नए उद्यमी प्रोटोटाइपिंग तथा उत्पाद विकास की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। दिल्ली में इस प्रकार के छोटे केंद्र बनाए जाने से युवाओं को हर सुविधा के लिए एक ही स्थान पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे नई तकनीक और नए उत्पादों पर काम करने का अवसर अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा।
युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर
उद्योग मंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक और विनिर्माण की सुविधाओं को बढ़ाने से दिल्ली के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। अगर किसी विद्यार्थी के पास कोई नया विचार है, तो उसे मशीनों, विशेषज्ञों और तकनीकी सहायता की जरूरत होती है। इसी तरह एक नए स्टार्टअप को भी उत्पाद बनाने, उसकी जांच करने, बाजार तक पहुंच बनाने और निवेश की आवश्यकता होती है। दिल्ली सरकार ऐसा माहौल तैयार करना चाहती है, जहां विद्यार्थी, स्टार्टअप, उद्योग, निवेशक और शोध संस्थान एक-दूसरे से जुड़कर काम कर सकें। सिरसा ने कहा कि इस तरह का इकोसिस्टम युवाओं के विचारों को वास्तविक उत्पादों और सफल व्यवसायों में बदलने में मदद कर सकता है।
T-Hub में स्टार्टअप इकोसिस्टम की जानकारी ली
दिल्ली सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने T-Hub का भी दौरा किया। यहां स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं और सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह समझा कि स्टार्टअप्स को किस प्रकार मेंटॉरशिप, निवेश, बाजार तक पहुंच, उद्योगों से संपर्क और अन्य जरूरी सहायता दी जाती है। सिरसा ने कहा कि दिल्ली में भी ऐसा मजबूत नेटवर्क विकसित करने की जरूरत है, जहां नए उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए सही मार्गदर्शन मिल सके। उन्होंने कहा कि जब स्टार्टअप्स, उद्योग, निवेशक और शोध संस्थान एक साथ काम करते हैं, तो नई तकनीक और नए विचारों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।
Future City से आधुनिक शहरी विकास की जानकारी
प्रतिनिधिमंडल ने हैदराबाद की Future City का भी दौरा किया। वहां Future City Development Authority (FCDA) के अधिकारियों के साथ आधुनिक शहर के विकास, शहरी नियोजन और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई। मंत्री और अधिकारियों ने मौके पर जाकर चल रहे विकास कार्यों को भी देखा। इसका उद्देश्य यह समझना था कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर शहरों की योजना कैसे बनाई जा सकती है। दिल्ली सरकार का मानना है कि आधुनिक औद्योगिक विकास के साथ-साथ बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा भी जरूरी है।
Electronic City का भी किया दौरा
प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना के Electronic City का भी दौरा किया। यहां यह समझने की कोशिश की गई कि हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े उद्योगों के लिए किस प्रकार का विशेष इकोसिस्टम तैयार किया गया है। दिल्ली के लिए यह अनुभव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजधानी में तकनीक और सेवा क्षेत्र के साथ-साथ नए प्रकार के उद्योगों और उत्पाद निर्माण को भी बढ़ावा देने की जरूरत है।
औद्योगिक भूमि के बेहतर उपयोग पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना सचिवालय का भी दौरा किया और Telangana State Industrial Infrastructure Corporation (TGIIC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की। इस दौरान औद्योगिक पार्कों, औद्योगिक भूमि के उपयोग, भूमि आवंटन और बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके बाद मंत्री ने एक औद्योगिक विकास स्थल का दौरा भी किया और वहां चल रहे कार्यों को समझा।
दिल्ली में सीमित जमीन का स्मार्ट उपयोग जरूरी
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली में जमीन सीमित है। इसलिए उपलब्ध औद्योगिक भूमि का सही और बेहतर उपयोग करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर योजना, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे के माध्यम से उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया जा सकता है। उनका कहना है कि जमीन का सही उपयोग होने से उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दिल्ली के लिए क्या सीख लेकर आया प्रतिनिधिमंडल
हैदराबाद दौरे के दौरान दिल्ली सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण मॉडलों को करीब से समझा। इनमें हार्डवेयर प्रोटोटाइपिंग, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, निवेश, उद्योगों के लिए बुनियादी सुविधाएं, इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम और आधुनिक शहरी विकास प्रमुख हैं। दिल्ली सरकार अब इन मॉडलों का अध्ययन करेगी और यह देखेगी कि दिल्ली की अपनी परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार इनमें से किन व्यवस्थाओं को लागू किया जा सकता है।
दिल्ली में नया औद्योगिक और स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने की तैयारी
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण बनाना है जहां तकनीक, हार्डवेयर, उद्योग, स्टार्टअप, निवेश और युवाओं की प्रतिभा एक साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि दिल्ली में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करके राजधानी को एक मजबूत और निवेश-अनुकूल औद्योगिक केंद्र बनाया जा सकता है। सरकार का प्रयास रहेगा कि नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का लाभ केवल बड़े उद्योगों तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों, छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स, इंजीनियरों और नए नवप्रवर्तकों तक भी पहुंचे।
दिल्ली को रोजगार और नवाचार का बड़ा केंद्र बनाने का लक्ष्य
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार का अंतिम उद्देश्य एक ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जो नवाचार को बढ़ावा दे, युवाओं को अवसर दे, नए उद्योगों को प्रोत्साहित करे और रोजगार पैदा करे। हैदराबाद के T-Works, T-Hub, Future City और Electronic City जैसे मॉडलों से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली सरकार राजधानी के लिए नई योजनाओं की संभावनाओं पर विचार करेगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को ऐसा शहर बनाना है जहां नया विचार पैदा हो, उसका प्रोटोटाइप तैयार हो, उत्पाद विकसित हो, उद्योग स्थापित हो, निवेश आए और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इस दिशा में दिल्ली सरकार द्वारा हैदराबाद के सफल मॉडलों का अध्ययन राजधानी के भविष्य के औद्योगिक और नवाचार विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।