
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया, तो उन्होंने इस आशंका को दूर किया कि परिसीमन के दौरान राज्यों के हिस्से में आने वाली सीटों के अनुपात में कोई बदलाव होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इसका श्रेय नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”अब कुछ लोगों को लग रहा है कि यह मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है? इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक बात है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। लेकिन सब साथ चलेंगे तो किसी को भी लाभ नहीं होगा, यह लिखकर ले लो क्योंकि फिर इसका अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए, मैं सबका आभार प्रकट करने के लिए तैयार हूं। …ले लो क्रेडिट। जिसकी फोटो आप (विपक्ष) कहेंगे, हम सरकारी खर्चे से उसकी फोटो छपवा देंगे। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’
समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न हो
उन्होंने कहा, ”देश की नारी शक्ति का यह हक है। हमने कई दशकों से इसे रोका हुआ था, अब प्रायश्चित कर उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है। तीन दशक तक आपने इसे रोककर रखा, फिर भी कुछ कर नहीं पाए, तो अब तो करो।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। पहले से चले जा रहे अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। गारंटी कहिए तो गारंटी कहता हूं। वादे की बात करें तो वादा करता हूं। नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। नीयत में खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न हो।