पश्चिम बंगाल में इतिहास रचा गया: शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री, पीएम मोदी ने किया दंडवत प्रणाम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया.शुभेंदु अधिकारी के साथ इन पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली हैं। इनमें शामिल हैं दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक। टैगौर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किएप्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्रताोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने मंच पर रखी गई गुरुदेव टैगौर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए.
Narendra Modi: ‘मन की बात’ में भारतीय चीज की वैश्विक पहचान का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भारत के डेयरी सेक्टर की बढ़ती ताकत और वैश्विक स्तर पर भारतीय चीज की पहचान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का स्वाद, परंपरा और गुणवत्ता अब दुनिया भर में नई पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ‘हमारे देश में खान-पान की परंपराएं सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रही हैं। भारतीय चीज भी इसी परंपरा का अहम हिस्सा है।’ उन्होंने बताया कि ब्राजील में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय चीज प्रतियोगिता में भारत के दो ब्रांड्स को प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी खूब हुई। भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रहीपीएम मोदी ने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि वैल्यू एडिशन के चलते पारंपरिक स्वादों को नई पहचान मिली है और अब भारतीय चीज वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना रहा है। प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में बनने वाले खास चीज का भी जिक्र किया। जम्मू-कश्मीर का कालारी चीज, जिसे ‘मोजरेला ऑफ कश्मीर’ भी कहा जाता है, लंबे समय से गुज्जर-बकरवाल समुदाय द्वारा बनाया जाता रहा है। वहीं, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख में मिलने वाला ‘छुर्पी’ याक के दूध से तैयार किया जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि इसका स्वाद पहाड़ों की सादगी और नरमी को दर्शाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात का ‘टोपली नू पनीर’ या ‘सुरती चीज’ भी अपनी अलग पहचान रखता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कई भारतीय कंपनियां इस क्षेत्र में निवेश कर रही हैं। नई तकनीक, बेहतर पैकेजिंग और अंतरराष्ट्रीय मानकों के कारण भारतीय उत्पाद अब वैश्विक बाजार और रेस्टोरेंट तक पहुंच रहे हैं।
नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान: बंगाल में रेप-मर्डर के दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, सत्ता में आते ही सख्त कार्रवाई का वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक बहुत बड़ा और कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि आरजी कर अस्पताल में हुए रेप और मर्डर केस की साजिश में शामिल किसी भी रसूखदार या अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम मोदी ने जनता को भरोसा दिलाया है कि अगले महीने जब राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी, तो हर एक अपराधी को खोजकर उसे सजा दी जाएगी। यह खबर बंगाल के उन सभी आम लोगों के लिए बहुत बड़ी उम्मीद है जो लंबे समय से इस दर्दनाक मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। दूसरी जगह जा रहीप्रधानमंत्री ने मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में इस सरकार ने बंगाल की पहचान को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। राज्य में लगातार घुसपैठियों को लाया जा रहा है और उन्हें यहां बसाया जा रहा है। ये घुसपैठिए बंगाल की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और यहां के स्थानीय लोगों का रोजगार छीन रहे हैं। एक तरफ सरकार का भारी भ्रष्टाचार है और दूसरी तरफ घुसपैठियों का जुल्म है। इस कारण से बंगाल के युवाओं को नौकरी की तलाश में अपने घर छोड़कर बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राज्य में कोई नया निवेश नहीं आ रहा है और पुरानी फैक्ट्रियां भी बंद होकर दूसरी जगह जा रही हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे तैयार 594 किमी का जीरो-रिस्क सफर, 29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

गंगा एक्सप्रेसवे का रन ट्रायल पूरा कर लिया गया है। पूरब से पश्चिम को जोड़ने वाले 594 किमी लंबे इस एक्सप्रेसवे का सफर खूबियों से भरा होगा। जीरो रिस्क वाले इस लंबे सफर में वाहन चालकों को न नींद आएगी न थकान। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का हरदोई के सलेमपुर में लोकार्पण करेंगे। इस एक्सप्रेसवे पर कई आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें विश्राम स्थल, चिकित्सा सेवा, आपात स्थिति के लिए ट्रॉमा सेंटर और भोजनालय भी शामिल हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे रंबल स्ट्रिप्स लगाई गई हैं, जो वाहनों के गुजरने पर कंपन पैदा करेंगी। एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की नजर मेंइससे चालकों को सचेत किया जा सकेगा। रंबल स्ट्रिप लंबे सफर में वाहन चालकों को थकान नहीं होने देगी। इससे थकान के कारण होने वाले हादसों के खतरे को कम किया जा सकेगा। यूपीडा के अधिशासी अभियंता राकेश के अनुसार मेरठ से प्रयागराज के बीच 15 टोल प्लाजा पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। साइनबोर्ड लगा दिए गए हैं और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत मेरठ-हापुड़ रोड स्थित गांव बिजौली से होगी। यहां से चार किमी दूर खड़खड़ी में पहला टोल भरना होगा। हालांकि इस एक्सप्रेसवे पर लगे टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा। गंगा एक्सप्रेसवे पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया है। पूरे एक्सप्रेसवे सीसीटीवी कैमरों की नजर में है।
महिला आरक्षण पर संसद में बड़ा बयान, मोदी ने दिया ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया, तो उन्होंने इस आशंका को दूर किया कि परिसीमन के दौरान राज्यों के हिस्से में आने वाली सीटों के अनुपात में कोई बदलाव होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इसका श्रेय नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”अब कुछ लोगों को लग रहा है कि यह मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है? इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक बात है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। लेकिन सब साथ चलेंगे तो किसी को भी लाभ नहीं होगा, यह लिखकर ले लो क्योंकि फिर इसका अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए, मैं सबका आभार प्रकट करने के लिए तैयार हूं। …ले लो क्रेडिट। जिसकी फोटो आप (विपक्ष) कहेंगे, हम सरकारी खर्चे से उसकी फोटो छपवा देंगे। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’ समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न होउन्होंने कहा, ”देश की नारी शक्ति का यह हक है। हमने कई दशकों से इसे रोका हुआ था, अब प्रायश्चित कर उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है। तीन दशक तक आपने इसे रोककर रखा, फिर भी कुछ कर नहीं पाए, तो अब तो करो।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। पहले से चले जा रहे अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। गारंटी कहिए तो गारंटी कहता हूं। वादे की बात करें तो वादा करता हूं। नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। नीयत में खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न हो।
नरेंद्र मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ₹1.74 लाख करोड़ की 5 मेगा परियोजनाओं को मंजूरी

देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और अरुणाचल प्रदेश के दो बड़े हाइड्रो की परियोजनाएं भी शामिल हैं। सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 को 13,038 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी है। यह 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जिसमें 36 स्टेशन बनेंगे और यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। वहीं, खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी भी मंजूर की गई है। इससे किसानों को डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ती कीमत पर मिलेंगे और खेती की लागत कम होगी। आइए, सरकार द्वारा सभी लिए गए फैसलों पर नजर डालते हैं। और आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं। ‘ किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध करानाजयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। इस रूट में 36 स्टेशन होंगे और यह शहर के बड़े इलाकों जैसे एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल को जोड़ेगा। इससे लोगों को तेज, सस्ता और आसान सफर मिलेगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और प्रदूषण भी घटेगा। अभी मेट्रो के पहले चरण में रोज करीब 60 हजार लोग सफर करते हैं, लेकिन फेज-2 आने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इससे जयपुर को आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें डीएपी और एनपीके जैसे खाद शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो सके।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे खुला अब 2 घंटे में पहाड़, PM नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

वीकेंड प्लान बनाने के लिए लंबी छुट्टी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ब्रेकफास्ट दिल्ली में, लंच पहाड़ों में, यह लाइन 14 अप्रैल से हकीकत बनने जा रही है। बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हाईस्पीड कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर जो 6 घंटे या उससे अधिक समय लेता है, अब महज 2 से 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर जाने और निकलने की व्यवस्था शास्त्री पार्क के पास होगी। यहां पर कश्मीरी गेट से देहरादून जाने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। यूपी की तरफ से एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास निकल भी सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस वे के दिल्ली के हिस्से में एट्री और एग्जिट पॉइंट इस हिसाब से बनाया गया है कि दक्षिणी मध्य, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली के वाहनों चालकों की आवाजाही आसान हो सके। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, विकास मार्ग, गीता कॉलोनी यमुना पुल, शास्त्री पार्क, सिग्नेचर ब्रिज इन सभी मार्गों से आने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गईएक्सप्रेसवे पर वाहन 100 किमी प्रतिघंटा की गति से फर्राटा भर सकेंगे, जिससे यात्रा न केवल तेज बल्कि कहीं अधिक सुगम भी होगी। दिल्ली में यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम से शुरू होता है और उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में प्रवेश करता है। यह मार्ग हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी जाने वाले यात्रियों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा। खासकर वीकेंड टूरिज्म के लिहाज से यह एक्सप्रेसवे गेमचेंजर साबित होने वाला है। इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई ) ने कराया है। वर्ष 2020 के आसपास निर्माण शुरू हुआ था। करीब 12000 करोड़ की लागत से तैयार एक्सप्रेसवे आधुनिक इंजीनियरिंग का उदाहरण। 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर, अत्याधुनिक इंटरचेंज, सर्विस रोड, इमरजेंसी लेन और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी, एम्बुलेंस और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं।