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असम विधानसभा के नए अध्यक्ष बने रंजीत कुमार दास, Assam Assembly को मिला नया स्पीकर

असम विधानसभा को गुरुवार को नया अध्यक्ष मिल गया। चार बार के भाजपा विधायक रंजीत कुमार दास को सर्वसम्मति से 16वीं असम विधानसभा का अध्यक्ष चुना गया। प्रोटेम स्पीकर चंद्र मोहन पटवारी ने सदन में घोषणा करते हुए बताया कि रंजीत कुमार दास के समर्थन में तीन नामांकन दाखिल किए गए थे। उनके खिलाफ किसी अन्य विधायक ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। यह दूसरी बार है जब रंजीत कुमार दास असम विधानसभा के अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले 2016 में भाजपा की पहली सरकार बनने के दौरान भी उन्होंने स्पीकर पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय राज्य में पहली बार भाजपा सत्ता में आई थी और दास को विधानसभा संचालन की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईरंजीत कुमार दास असम की भवानीपुर-सोरभोग विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह 2011 से लगातार चार बार विधानसभा चुनाव जीतकर सदन पहुंचे हैं। उन्होंने राज्य की राजनीति में संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। दास मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के पहले कार्यकाल (2021-2026) में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने भाजपा की असम इकाई के अध्यक्ष के रूप में भी पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम किया। उनके दोबारा विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने को भाजपा नेतृत्व और संगठन में उनके लंबे अनुभव का अहम संकेत माना जा रहा है।

बंगाल में ऐप कैब ड्राइवरों का फूटा गुस्सा, किराया नियंत्रण की मांग तेज, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ा संकट

पश्चिम बंगाल में एप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने राज्य परिवहन विभाग से किराए को विनियमित करने की पुरजोर अपील की है। संगठन ने लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों और ऑनलाइन कैब कंपनियों की ओर से सर्ज प्राइसिंग यानी किराया बढ़ोतरी के जरिए किए जा रहे कथित शोषण का हवाला दिया है। परिवहन विभाग के प्रधान सचिव को सौंपे गए पत्र में ‘ऑनलाइन कैब ऑपरेटर्स गिल्ड’ ने राज्य में एप-आधारित टैक्सी किरायों के तत्काल नियमन और पुनर्गठन की मांग उठाई है।गिल्ड के सचिव इंद्रनील बनर्जी ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत को काफी बढ़ा दिया है। इससे ऑनलाइन टैक्सी सेवा प्लेटफार्मों से जुड़े ड्राइवरों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ रहा है। गौरतलब है कि महज एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में दो बार संशोधन किया गया है। संगठन ने अपने पत्र में कहा कि वाणिज्यिक वाहनों की परिचालन लागत में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जिससे अपनी बुनियादी आजीविका के लिए संघर्ष कर रहे कैब ड्राइवरों पर असहनीय बोझ पड़ रहा है। प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गईएप-आधारित कैब ऑपरेटरों के संगठन ने आरोप लगाया कि व्यस्त समय, खराब मौसम और अधिक मांग के दौरान कंपनियां सर्ज प्राइसिंग के नाम पर यात्रियों से मनमाना किराया वसूलती हैं। इसके विपरीत, ड्राइवरों को मिलने वाला हिस्सा बेहद कम रहता है। गिल्ड के अनुसार, कंपनियां मांग बढ़ने पर यात्रियों से मूल किराए का दो से तीन गुना तक वसूल लेती हैं। संगठन ने मांग की है कि बुनियादी किराए को ईंधन की कीमतों से जोड़ा जाए, सर्ज प्राइसिंग की एक वैधानिक सीमा तय हो और विभिन्न श्रेणियों, जैसे हैचबैक, सेडान, एसयूवी के लिए न्यूनतम और अधिकतम प्रति किलोमीटर दर निर्धारित की जाए।गिल्ड ने ड्राइवरों को कुल किराए का उचित हिस्सा मिलना सुनिश्चित करने के लिए एक ऑडिट व्यवस्था की भी मांग की है। उनका कहना है कि एक सुव्यवस्थित कैब इकोसिस्टम से यात्रियों को पारदर्शी किराया मिलेगा और ड्राइवरों को सम्मानजनक आजीविका मिल सकेगी। इस बीच, ईरान संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण सरकारी तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। इससे पहले शुक्रवार को भी कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी, जो चार साल से अधिक समय में पहला संशोधन था।

NEET UG 2026 पेपर लीक में बड़ा खुलासा पुणे की बॉटनी टीचर निकली मास्टरमाइंड, CBI ने दिल्ली से किया गिरफ्तार

नीट यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में सीबीआई ने एक और मास्टरमाइंड को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। सीबीआई ने पुणे की बॉटनी की अध्यापिका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। मामले की अन्य मुख्य आरोपी, महाराष्ट्र के पुणे की वरिष्ठ बॉटनी शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को सीबीआई ने गहन पूछताछ के बाद दिल्ली से गिरफ्तार किया है। वह नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं और एनटीए द्वारा विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त की गई थीं। उन्हें बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पूरी पहुंच प्राप्त थी। जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के दौरान उन्होंने पुणे की मनीषा वाघमारे (जिसे सीबीआई द्वारा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है) के जरिए नीट अभ्यर्थियों को इकट्ठा किया और उन्हें अपने पुणे स्थित आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाएं संचालित कीं। इन कक्षाओं के दौरान उन्होंने बॉटनी और जूलॉजी विषयों के कई प्रश्नों की जानकारी छात्रों को दी तथा उन्हें अपनी नोटबुक और पाठ्यपुस्तकों में चिन्हित करने के निर्देश दिए। इनमें से अधिकांश प्रश्न नीट यूजी 2026 परीक्षा के वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए। वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों को जोड़ना शुरू कियापिछले 24 घंटों के दौरान सीबीआई ने देशभर में 6 स्थानों पर छापेमारी भी की है। इस कार्रवाई में कई संदिग्ध दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का विस्तृत विश्लेषण जारी है। अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं, कल गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को पुणे की अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है। उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जा रहा है। इससे पहले सीबीआई ने इस मामले के अन्य मास्टरमाइंड और केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया था। कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर जिले के रहने वाले हैं। पहले उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर पुणे लाया गया और फिर दिल्ली लाया जा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुलकर्णी लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे और उन्हें प्रश्नपत्रों तक पहुंच हासिल थी। सीबीआई के अनुसार, अप्रैल के आखिरी सप्ताह में पीवी कुलकर्णी ने अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर छात्रों को जोड़ना शुरू किया था। मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि पुणे स्थित कुलकर्णी के घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई जाती थी। इन क्लासों में छात्रों को सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब डिक्टेट किए जाते थे, जिन्हें वे अपनी कॉपियों में लिखते थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! आखिर कैसे हुई प्रतीक यादव की मौत?

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत हो चुकी है। इसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मौत का असली कारण पता चला है। जो चौंकाने वाला है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव की हृदय गति रुक गई थी। साथ ही उनके फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जम गए थे। जिस वजह से उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस वजह से उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, उनके शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका है। उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था। इस वजह से उनके हार्ट और विसरा को सुरक्षित रख दिया गया है। मैं काफी समय से प्रतीक यादव का उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और हाइपरटेंशन का इलाज कर रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में ब्लड क्लॉट) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। परिवार और समर्थकों में शोक का माहौलप्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म सामने आई है। जांच में पता चला कि शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस गया था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जिसमें फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है।रिपोर्ट के मुताबिक, खून का बड़ा क्लॉट फेफड़ों की मुख्य धमनी में पहुंचने से सांस लेने की प्रक्रिया अचानक प्रभावित हुई। ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ा और कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि बड़े क्लॉट की वजह से अचानक सांसें थम गईं, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

मनोज अग्रवाल बने बंगाल के नए मुख्य सचिव, TMC के आरोपों पर CM शुभेंदु अधिकारी का पलटवार!

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले पर मुख्य विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। टीएमसी का सीधा आरोप है कि हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा का कथित तौर पर साथ देने का इनाम उन्हें दिया गया है। इन सब आरोपों के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी को जवाब दिया है। अहम पद सौंपा गयामुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मनोज अग्रवाल की नियुक्ति का पर कहा कि मनोज अग्रवाल सिर्फ एक पूर्व सीईओ नहीं हैं, बल्कि वह राज्य के सबसे वरिष्ठ सिविल सेवक भी हैं। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी को कोई परेशानी है, तो वह जाकर दूसरों से बात करे। सीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि भाजपा की सरकार पूरी तरह से कानून और नियमों के दायरे में रहकर काम कर रही है। मनोज अग्रवाल 1990 बैच के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक वरिष्ठता के आधार पर ही उन्हें मुख्य सचिव का यह अहम पद सौंपा गया है। भाजपा सरकार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के दबाव में नियमों से कोई भी समझौता नहीं करेगी।

तमिलनाडु में नया सियासी युग TVK प्रमुख जोसेफ विजय बने मुख्यमंत्री, गैर-द्रविड़ राजनीति का नया अध्याय शुरू

तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरूआत हो चुकी है। तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के संस्थापक जोसेफ विजय प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में रविवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। तमिलनाडु में पहली बार किसी गैर-द्रविड़ पार्टी की सरकार बनी है। जोसेफ विजय की सरकार के गठन के साथ ही डीएमके और एआईएडीएमके का दशकों पुराना दबदबा खत्म हो गया। विजय के साथ 9 और मंत्रियों ने भी शपथ ली है। विजय को 13 मई तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करना होगा। सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएंजोसेफ विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विजय के शपथ ग्रहण के दौरान दो बार वंदे मातरम् गाया गया, जिसने लोगों के दिल को जीत लिया है। सोशल मीडिया पर लोग विजय की तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह नया तमिलनाडु है। विजय के शपथ ग्रहण की शुरुआत और समापन में पूरा राष्ट्र गीत वंदे मातरम् गाया गया। आइए जानते हैं कि सोशल मीडिया पर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं हैं। एक शख्स ने शपथ ग्रहण के दौरान वीडियो शेयर करते हुए लिखा है- जननेता विजय थलपति। विजय थलपति तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन गए हैं। एक अन्य ने लिखा है, वंदे मातरम् तमिलनाडु।

पश्चिम बंगाल में इतिहास रचा गया: शुभेंदु अधिकारी बने मुख्यमंत्री, पीएम मोदी ने किया दंडवत प्रणाम

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। आजादी के बाद पहली बार राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन गई और शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पीएम मोदी ने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को दंडवत प्रमाण किया.शुभेंदु अधिकारी के साथ इन पांच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली हैं। इनमें शामिल हैं दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, क्षुदीराम टुडु, निशिथ प्रमाणिक। टैगौर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किएप्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वरिष्ठतम कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया और उनसे आशीर्वाद लिया। 98 वर्ष की आयु में भी श्री माखनलाल सरकार स्वतंत्रताोत्तर भारत में राष्ट्रवादी आंदोलन से जुड़े शुरुआती जमीनी स्तर के नेताओं में से एक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने मंच पर रखी गई गुरुदेव टैगौर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए.

तमिलनाडु में सरकार गठन पर सियासी संग्राम, विजय की राज्यपाल से तीसरी मुलाकात आज

तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी खींचतान जारी है। इस बीच खबर सामने आई है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय शुक्रवार की शाम को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी। सूत्रों के मुताबिक, टीवीके नेता विजय को आखिरकार बहुमत का दावा करने के लिए जरूरी सीटों का आंकड़ा पा लिया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। चुनाव में शानदार जीत हासिल कीराज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। विजय की तमिलगा वेट्री कझगम ने पिछले महीने के चुनाव में शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी ने अपने पहले ही चुनावी मुकाबले में 234 में से 107 सीटें जीतकर द्रविड़ राजनीति की दिग्गज पार्टियों डीएमके और एआईएडीएमके के तमिलनाडु में 62 साल के वर्चस्व को तोड़ दिया।

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ, एयर मार्शल भारती ने बताया भारत की निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया

आज भारत ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ बना रहा है। इस मौके पर डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की उस प्रतिक्रिया के रूप में वर्णित किया, जब उसकी शांति की प्रतिबद्धता को कमजोरी और संयम को निष्क्रियता समझा जाता है। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारत ने हमेशा ‘जियो और जीने दो’ के दर्शन का पालन किया है। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि जब भी इस भावना का उल्लंघन होता है, तो राष्ट्र निर्णायक और समझौताहीन कार्रवाई के साथ जवाब देता है। यह ऑपरेशन पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करतेउन्होंने आगे बताया हमने 7 मई को उनके 9 आतंकवादी कैंपों पर हमला किया और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इसका सबूत सबके सामने है। हमने उनके 11 हवाई अड्डों पर हमला किया। हमने उनके 13 विमानों को नष्ट कर दिया, चाहे वे ज़मीन पर हों या हवा में। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान हमे कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा पाए हैं। न तो कोई सैन्य ढांचा और न ही ज्यादातर नागरिक ढांचे… वे चाहे कुछ भी कहें, याद रखें कि किस्से-कहानियां और बयानबाजी आपको जीत नहीं दिलाते। जीत का पैमाना तो ठोस तथ्य होते हैं…” इसी प्रेस वार्ता में मौजूद लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान ने 100 से ज्यादा सैनिक खो दिए। उन नौ आतंकवादी कैंपों में 100 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा, उनकी सम्मान और पुरस्कारों की सूची, जो इंटरनेट पर जारी हुई थी, उससे हमें पता चला कि उनमें से कई पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए थे। नियंत्रण रेखा पर हुई झड़पों में उन्हें जो नुकसान उठाना पड़ा, उसमें उन्होंने 100 से ज़्यादा सैनिक खो दिए। आखिरकार, अगर पाकिस्तानी अपनी युद्ध लड़ने की क्षमता में उतना ही निवेश करते, जितना वे अपनी कहानी गढ़ने में करते हैं, तो मुझे लगता है कि वे कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते।

तमिलनाडु में सत्ता की जंग तेज विजय की TVK ने पेश किया सरकार बनाने का दावा, बहुमत से अब भी दूर

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने राज्य में सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी है। टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से राजभवन में मुलाकात की। उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। सूत्रों के अनुसार, विजय ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन का जो पत्र सौंपा है, उसमें 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, राज्यपाल अभी तक टीवीके के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि पार्टी के पास बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। सीपीएम जैसे दलों के साथ बातचीत शुरू कर दीतमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है। इस चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस पार्टी ने टीवीके को अपना समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस के पास विधानसभा में 5 सीटें हैं। कांग्रेस के समर्थन के बाद विजय की पार्टी टीवीके के गठबंधन की संख्या 234 सदस्यीय विधानसभा में 113 तक पहुंच गई है। क्योंकि विजय ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर ही जीत हासिल की थी। ऐसे में अब उनको एक सीट छोड़नी होगी। इसके बाद टीवीके का आंकड़ा 112 विधायकों का ही रह जाता है। अब 118 के बहुमत के आंकड़े को पार करने के लिए पार्टी को कम से कम छह और विधायकों की आवश्यकता होगी। इसे लेकर विजय ने वीसीके, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों के साथ बातचीत शुरू कर दी है।