पहलगाम आतंकी हमले पर बोले अखिलेश यादव, आतंकवादी किसी धर्म के नहीं होते, सरकार ले सख्त कदम”

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में कानपुर के शिवम द्विवेदी की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके परिवार सेमुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस घटना को लेकर राज्य और देशभर में आक्रोश फैल गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जताया दुख, कहा- “घटना बेहद दुखद”समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में पार्टी मुख्यालय पर मीडिया को संबोधित करते हुए हमले पर गहरा दुख जताया। उन्होंनेकहा कि कश्मीर में हुई यह घटना बेहद भयावह और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, वे स्थिति कीगंभीरता को बयां करते हैं। ऑल पार्टी बैठक में समाजवादी पार्टी भी रखेगी पक्षअखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में समाजवादी पार्टी भी हिस्सा लेगी। उन्होंने कहा कि इस बैठक मेंपार्टी का प्रतिनिधित्व रामगोपाल यादव करेंगे और कश्मीर हमले पर सपा अपना स्पष्ट और ठोस रुख सामने रखेगी। “आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता” – अखिलेश यादवअखिलेश यादव ने कहा कि आतंकियों का कोई धर्म नहीं होता, उनका उद्देश्य केवल भय फैलाना होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं सेराजनीतिक लाभ नहीं उठाना चाहिए, बल्कि एकजुट होकर आतंक के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने की आवश्यकता है। केंद्र सरकार को और सख्त फैसले लेने चाहिएसपा प्रमुख ने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाए हैं, वे काफी नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि और भी कठोर निर्णय लिए जाएं और उन पर कड़ाई सेअमल किया जाए। उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनीचाहिए।
पहलगाम हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी को CM योगी ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से कहा – “सरकार लेगी सख्त बदला”

कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि देने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकेपैतृक गांव हाथीपुर पहुंचे। उन्होंने शुभम के परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली और आश्वासन दिया कि सरकार इस हमले का कड़ाजवाब देगी। सीएम योगी ने बताया हमला कायरता की पराकाष्ठासंवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने आतंकी हमले को कायराना और अमानवीय करार दिया। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने महिलाओं के सामनेउनके सुहाग छीन लिए, यह बेहद शर्मनाक है। जल्द ही पूरी दुनिया देखेगी कि भारत इन आतंकियों को किस अंजाम तक पहुंचाता है। शुभम की पत्नी ऐशान्या ने मुख्यमंत्री से कहा – “चाहिए सख्त बदला”मुख्यमंत्री ने शुभम की पत्नी ऐशान्या से भी मुलाकात की। ऐशान्या ने रोते हुए मुख्यमंत्री से कहा कि उन्हें सिर्फ इंसाफ नहीं, बल्कि ऐसा जवाब चाहिएकि आतंकी सात पीढ़ियों तक किसी को नुकसान पहुंचाने से पहले सोचें। उन्होंने बताया कि वह और शुभम मैगी खा रहे थे, तभी कुछ लोग आए औरधर्म पूछने लगे। जैसे ही शुभम ने कहा कि वे हिंदू हैं, उन्हें गोली मार दी गई। बिलखते पिता बोले – “ऐसी सजा मिले कि आतंकी कांप उठें”शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने कहा कि आतंकियों ने उनकी बहू से कहा था कि मोदी को बता देना, इसलिए तुम्हें नहीं मार रहे हैं। उन्होंने सरकार सेमांग की कि ऐसी कार्रवाई हो जिससे आतंकवादी भविष्य में किसी निर्दोष को मारने की हिम्मत न कर सकें।गांव में पसरा मातम, पाकिस्तान के खिलाफ फूटा गुस्साशुभम का शव जैसे ही देर रात गांव पहुंचा, पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई। शुभम की पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीणों में भीपाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा साफ दिखा और वे लगातार “पाकिस्तान मुर्दाबाद” के नारे लगाते रहे।गंगा किनारे राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कारशुभम अपने परिवार के 11 सदस्यों के साथ 17 अप्रैल को कश्मीर घूमने गए थे। वे 23 अप्रैल को लौटने वाले थे, लेकिन एक दिन पहले 22 अप्रैलको आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाकर गोली मार दी। बुधवार रात उनका शव लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचा, जहां से ग्रीन कॉरिडोर के जरिए हाथीपुर गांवलाया गया। शुभम का अंतिम संस्कार गंगा तट पर राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
बिहार के मधुबनी में पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, लोगों से मौन रखने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिहार के मधुबनी जिले में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। अपने संबोधन कीशुरुआत में उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने रैली में मौजूद लोगों से अनुरोधकिया कि वे कुछ पल मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दें। ‘पूरा देश शोक में डूबा है, हमारा गुस्सा एकजुट है’पीएम मोदी ने कहा कि 22 अप्रैल को हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह हमला सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, बल्कि भारत कीआत्मा पर किया गया हमला है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों में विभिन्न भाषाओं और प्रांतों के लोग थे — कोई बांग्ला बोलता था, कोई कन्नड़, कोईमराठी, उड़िया, गुजराती और कोई बिहार का निवासी था। उन्होंने कहा, “आज कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरा देश एक जैसी पीड़ा और एक जैसाआक्रोश महसूस कर रहा है।” आतंकियों को मिलेगी उनकी सोच से भी बड़ी सजा: पीएम मोदीप्रधानमंत्री ने हमले के पीछे जिम्मेदार आतंकियों और उनके मददगारों को चेतावनी देते हुए कहा, “मैं बहुत स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं — जिन्होंने इसहमले की साजिश रची है और इसे अंजाम दिया है, उन्हें उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा दी जाएगी। अब वक्त आ गया है कि आतंकियों की बची-खुची जमीन भी मिट्टी में मिला दी जाए।” उन्होंने आगे कहा कि देश की शांति और सुरक्षा विकास के लिए अनिवार्य हैं, और इसमें कोई समझौता नहींहोगा। सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने लिए कड़े फैसलेपीएम मोदी ने बताया कि हमले के बाद तुरंत सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनमें सिंधु जल समझौते को निलंबित करना, पाकिस्तानी राजनयिक स्टाफ की संख्या घटाना और पाक नागरिकों के वीजा रद्द करना शामिल हैं। यहभी संकेत दिए जा रहे हैं कि भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार का सख्त एक्शन, सर्वदलीय बैठक बुलाई गई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने आज एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक कीअध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने यह मांग रखी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वयं इस बैठक का नेतृत्व करना चाहिए। गृह मंत्री और विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति से की मुलाकातइस बैठक से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इसदौरान उन्होंने राष्ट्रपति को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की पूरी जानकारी दी। यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर बैठक से ठीकपहले की गई इस जानकारी साझा करने की प्रक्रिया को लेकर। केंद्र सरकार के कड़े फैसले – सिंधु जल समझौता और अटारी बॉर्डर बंदप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा संबंधी कैबिनेट समिति की बैठक में कई सख्त फैसले लिए गए हैं। इसमें पाकिस्तान के साथ सिंधुजल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अटारी बॉर्डर को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसकेअलावा भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटों के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। साथ ही पाकिस्तान के राजनयिकों को भी देशसे बाहर जाने का निर्देश दिया गया है। सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है। हमले में 26 लोगों की मौत, 20 से अधिक घायल22 अप्रैल को पहलगाम के बैयसरन क्षेत्र में छुट्टियां मना रहे पर्यटकों पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने लोगों से नाम पूछे और उनसे कलमा पढ़ने को कहा। जो लोग ऐसा नहीं कर पाए, विशेषकर हिंदू पर्यटकों को, उन्हें गोली मार दी गई। इसभीषण हमले में कुल 26 लोगों की जान गई है और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
पहलगाम आतंकी हमले पर रक्षा मंत्री का कड़ा रुख, साजिशकर्ताओं को मिलेगा करारा जवाब

हमले के पीछे छिपे साजिशकर्ताओं तक पहुंचने की चेतावनीपहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ़ हमलावरों तक ही नहीं, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेगा जो पर्दे के पीछे बैठकर षड्यंत्र रचते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश इस हमले का प्रभावी और शीघ्र जवाब देगा। निर्दोष नागरिकों की जान गई, देश शोक में डूबाअर्जन सिंह मेमोरियल व्याख्यान के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि यह हमला धर्म को लक्ष्य बनाकर किया गया और इसमें कई निर्दोष नागरिकों की जानचली गई। उन्होंने इस कायरतापूर्ण हमले की निंदा करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई। आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर अडिग भारतराजनाथ सिंह ने दोहराया कि भारत आतंक के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कायम है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक इस घटना केखिलाफ एकजुट है और सरकार आवश्यक हर कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आतंक के पीछे छिपे हर चेहरे को बेनकाब किया जाएगा।भारत को आतंक से नहीं डराया जा सकतारक्षा मंत्री ने कहा कि भारत एक प्राचीन सभ्यता वाला विशाल राष्ट्र है, जिसे ऐसी हिंसात्मक घटनाओं से डराया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इनआतंकी हरकतों का जवाब जिम्मेदार लोगों को जल्द ही साफ तौर पर दिखाई देगा। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठकइससे पहले दिन में राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। लगभग ढाई घंटे चली इस अहम बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षासलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी और वायुसेनाप्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. के. सिंह भी शामिल थे। बैठक में आतंकी हमले के बाद की स्थिति और संभावित कदमों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आम आदमी पार्टी ने पहलगाम आतंकी हमले को बताया कायराना, केंद्र सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की आम आदमी पार्टी (आप) ने तीव्र निंदा करते हुए इसे कायरतापूर्ण औरअमानवीय करार दिया है। पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमाम दावों के बावजूद कश्मीर में आतंकवाद अब भी जड़ेंजमाए हुए है।केजरीवाल बोले- मासूमों को निशाना बनाना मानवता पर हमलापार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निहत्थे मासूमों को निशानाबनाना न केवल कायरता है बल्कि मानवता पर भी हमला है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा देश एकजुट है और पीड़ित परिवारों के साथखड़ा है। भगवंत मान और आतिशी ने जताई संवेदनापंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी हमले की आलोचना करते हुए इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों के जरिए निर्दोषों कोनिशाना बनाना हर सूरत में अस्वीकार्य है। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी घटना को बेहद दुखद बताते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदनाव्यक्त की और इसे इंसानियत के खिलाफ बताया। संजय सिंह ने की सख्त कार्रवाई की मांगराज्यसभा सांसद संजय सिंह ने हमलावरों को ‘आतंकी दरिंदे’ करार देते हुए कहा कि ऐसे लोगों का न कोई धर्म होता है न ईमान। उन्होंने केंद्र सरकार सेआतंकियों के खिलाफ उसी की भाषा में जवाब देने की अपील की और कहा कि इन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने केंद्र की नीतियों पर उठाए सवालदिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि धारा 370 हटाने, नोटबंदी और जम्मू-कश्मीर को केंद्रशासित प्रदेश बनाने जैसे कदम उठाए गए, लेकिन इन सबके बावजूद आतंकवाद खत्म नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी रणनीति कीसमीक्षा करनी चाहिए और देश की आंतरिक समस्याओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। आप की अपील: देशवासी रखें एकजुटता और शांतिआम आदमी पार्टी ने पूरे देश से अपील की है कि इस मुश्किल समय में सभी लोग शांति और एकजुटता बनाए रखें। पार्टी ने केंद्र सरकार से आतंकवादके खिलाफ ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग भी दोहराई।
पहलगाम आतंकी हमले पर कांग्रेस सख्त, खरगे बोले- यह देश की एकता पर कायराना हमला

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे देश कीएकता और अखंडता पर सीधा हमला करार देते हुए केंद्र सरकार से आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष ने जताया शोक और आक्रोशबेंगलुरु में एक प्रेस वार्ता के दौरान खरगे ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष पर्यटकों की हत्या अत्यंत दुखद और मानवता के खिलाफहै। उन्होंने कहा, “निहत्थे नागरिकों की हत्या करने वाले लोग इंसान नहीं हो सकते। यह हमला न केवल अमानवीय है बल्कि देश की एकता को तोड़नेकी साजिश है।” आतंकी संगठन की जिम्मेदारी, सरकार को चेतायाखरगे ने बताया कि एक पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा शुरूहोने वाली है, ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हमले से जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्थापर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा, इसलिए केंद्र सरकार को वहां के लोगों की आर्थिक मदद सुनिश्चित करनी चाहिए। सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांगकांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह इस गंभीर मसले पर सभी राजनीतिक दलों की राय ले और इसके लिए एक सर्वदलीय बैठकबुलाई जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आवश्यक जांच और कार्रवाई के बाद सरकार सभी दलों को विश्वास में लेकर आतंकवाद के खिलाफ साझारणनीति बनाएगी। गुरुवार को दिल्ली में होगी कांग्रेस कार्य समिति की बैठकखरगे ने जानकारी दी कि इस हमले पर विचार-विमर्श के लिए कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 25 अप्रैल को सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित पार्टीमुख्यालय में बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं, एकजुट होकर आतंकवाद को जवाब देने का है। कांग्रेस का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद पर कोई समझौता नहींकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस नेहमेशा आतंकवाद और अलगाववाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा होकर देश की रक्षा की है, यहां तक कि पार्टी नेतृत्व ने इसके लिए अपने प्राण भी न्य
पहलगाम हमले में शहीदों को दिल्ली एयरपोर्ट पर दी गई श्रद्धांजलि, भाजपा ने स्थगित किए सभी कार्यक्रम

नई दिल्ली, 23 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 27 भारतीयों की निर्मम हत्या के बाद देशभर में शोक और आक्रोशका माहौल है। दिल्ली में भी इस दर्दनाक घटना को लेकर जनता और राजनेताओं के बीच भारी दुःख व्याप्त है। इस सिलसिले में दिल्ली भाजपा केवरिष्ठ नेताओं ने शहीद नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली एयरपोर्ट पर अंतिम यात्रा के दौरान दी श्रद्धांजलिपहलगाम में शहीद हुए कुछ नागरिकों के पार्थिव शरीर जब आज दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे, तो दिल्ली सरकार और भाजपा की ओर से उन्हें श्रद्धांजलिदी गई। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने एयरपोर्ट पर मौजूद रहकर मृतकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए औरशोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। राजनीतिक गतिविधियां स्थगित, बदले का संकल्पदिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने घोषणा की कि 23 और 24 अप्रैल को प्रस्तावित पार्टी के सभी राजनीतिक कार्यक्रम रद्द किए जा रहे हैं।उन्होंने कहा, “27 निर्दोष भारतीयों की हत्या का जवाब हर भारतीय देना चाहता है। यह केवल दुःख नहीं, बल्कि संकल्प का समय है।” सरकार पीड़ित परिवारों के साथ: मुख्यमंत्री रेखा गुप्तामुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परिजनों को आश्वस्त करते हुए कहा, “भारत सरकार इस कठिन समय में शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।हम मृतकों के परिजनों को जीवन दोबारा शुरू करने में हर संभव सहायता देंगे।” देशभर में शोक और एकजुटता का संदेशइस आतंकी हमले ने एक बार फिर पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली भाजपा और आम नागरिकों की ओर से एक स्वर में यह संदेश गया हैकि आतंकवाद के खिलाफ देश एकजुट है और शहीदों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।
पहलगाम आतंकी हमला, दो पाकिस्तानी और दो स्थानीय आतंकी शामिल, देशभर में हाई अलर्ट

पहलगाम के बेसरान इलाके में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में अब तक 28 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 17 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। आतंकी हमले का निशाना टूरिस्ट बसें थीं। घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और सघन तलाशीअभियान चला रही हैं। पाकिस्तानी आतंकियों की संलिप्तता की पुष्टिसूत्रों के मुताबिक, हमले में चार आतंकी शामिल थे, जिनमें से दो पाकिस्तानी और दो स्थानीय बताए जा रहे हैं। पाकिस्तानी आतंकियों की पहचानउनकी बोली से हुई—हमले के दौरान वे पश्तून भाषा में संवाद कर रहे थे। ये आतंकी लगभग 15 से 20 मिनट तक AK-47 से अंधाधुंध गोलीबारीकरते रहे। स्थानीय आतंकी: लश्कर और जैश से संबंधस्थानीय आतंकियों की पहचान आदिल अहमद ठाकुर और आशिफ शेख के रूप में हुई है। आदिल का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से है और वह बिजबेहड़ाके गुरी इलाके का निवासी है। वहीं, आशिफ का ताल्लुक जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा है और वह त्राल के मोंघामा मीर मोहल्ला का रहने वालाहै। जानकारी के अनुसार, इनमें से एक या दो आतंकियों ने बॉडी कैमरा पहन रखा था और हमले को रिकॉर्ड किया। सुरक्षा एजेंसियां कर रही हर पहलू की जांचराष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और फॉरेंसिक टीमें घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं। बुलेट शेल्स और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्य इकट्ठा किए गए हैं। आदिलऔर आशिफ पहले से ही एजेंसियों की निगरानी में थे और अब इस हमले के मुख्य संदिग्धों के रूप में उनकी जांच हो रही है। जांच अधिकारी यह भीपता लगाने में जुटे हैं कि हमले की योजना कहां बनाई गई और किन नेटवर्क्स का इसमें सहयोग रहा। तीन संदिग्धों के स्केच जारीसुरक्षा एजेंसियों ने जिन तीन संदिग्ध आतंकवादियों के स्केच जारी किए हैं, उनमें आसिफ फ़ूजी, सुलेमान शाह और अबू तल्हा के नाम शामिल हैं। इनस्केचों को आम जनता से साझा किया गया है ताकि किसी प्रकार की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
शनिवार को होगा पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार,ताबूत में रखे पार्थिव शरीर की तस्वीर आई सामने

पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार शनिवार को सुबह होगा वेटिकन ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी है. ताबूत में लेटे पोप फ्रांसिस की पहलीतस्वीर सामने आई है. तस्वीर में पोप फ्रांसिस के पास वेटिकन राज्य सचिव प्रार्थना करते नजर आ रहे हैं. वेटिकन के मुताबिक पोप फ्रांसिस का अंतिमसंस्कार शनिवार को सुबह 10 बजे किया जाएगा. यह प्रक्रिया कार्डिनल्स कॉलेज के डीन कराएंगे. वहीं कार्डिनल्स ने सेंट पीटर्स बेसिलिका में पोपफ्रांसिस के सार्वजनिक दर्शन बुधवार सुबह से शुरू करने का निर्णय लिया है.वहीं तमिलनाडु सरकार की ओर से मंत्री एसएम नासर और डॉ. एस इनिगोइरुदयाराज पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. तमिलनाडु विधानसभा ने दिवंगत पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि देते हुए एक शोक प्रस्तावपारित किया. पोप फ्रांसिस का 21 अप्रैल को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया उन्हें ‘पीपुल्स पोप’ (लोगों के प्रिय पोप) के रूप में जाना जाता था. 7.30 बजे ली अंतिम सांसवे लैटिन अमेरिका से पोप बनने वाले पहले व्यक्ति थे उन्होंने वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित अपने निवास पर सुबह 7.30 बजे अंतिम सांस ली. वेटिकन समाचार के मुताबिक वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे. बीते दिन ईस्टर के अवसर पर लंबे समय के बाद वे लोगों के सामने आए थे.पोपफ्रांसिस जेसुइट ऑर्डर से पहले पोप थे। 8वीं शताब्दी के बाद से यूरोप के बाहर से पहले पोप थे. अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जॉर्ज मारियोबर्गोग्लियो के रूप में जन्मे पोप फ्रांसिस 1969 में कैथोलिक पादरी नियुक्त किया गया था। 28 फरवरी, 2013 को पोप बेनेडिक्ट XVI के इस्तीफेके बाद 13 मार्च को एक पोप सम्मेलन ने कार्डिनल बर्गोग्लियो को उनका उत्तराधिकारी चुना. उन्होंने सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी के सम्मान में फ्रांसिसको अपना पोप नाम चुना. अब आधिकारिक शोक की 14 दिन की अवधि होगी जिसके बाद कार्डिनल मसीह के नए विकर का चुनाव करने के लिएसम्मेलन में जाएंगे.पोप फ्रांसिस के निधन के बाद नौ दिन का शोक मनाया जाएगा इस अवधि को नोवेन्डिएल कहा जाता है. दुनियाभर के कार्डिनल पापल कॉन्क्लेव के लिए पहुंचेगें रोमइसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी. कुछ दिनों में दुनियाभर के कार्डिनल पापल कॉन्क्लेव के लिए रोम पहुंच जाएंगे पोप का चयनकार्डिनल का प्रतिनिधिमंडल करेगा जो कैथोलिक चर्च के सबसे वरिष्ठ पादरी होते हैं. कार्डिनल ही तय करेंगे कि कॉन्क्लेव कब शुरू होगा आमतौर पर15-20 दिनों में वेटिकन के सिस्टिन चैपल में नए पोप के चुनाव के लिए पॉपल कॉन्क्लेव शुरू होता है.पोप फ्रांसिस के निधन पर भारत सरकार नेसोमवार को तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु(पोप) को श्रद्धांजलि देने के लिए देश में तीन दिन का राजकीय शोक रहेगा. पोप फ्रांसिस पूरी दुनिया में शांति सेवा और करुणा के लिए जाने जाते थे. उनका निधन सिर्फ ईसाई समुदाय के लिए ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए एक बड़ी क्षति मानी जा रही है. भारत सरकार ने भी इस दुख की घड़ीमें संवेदना जताते हुए उनके सम्मान में यह फैसला लिया है.