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टैरिफ से बढ़ी कीमतें अमेरिका में महंगे हुए कपड़े, सोशल मीडिया पर भड़की मर्सिडीज चैंडलर जानें क्या है पूरा मामला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं और उनका कहना है कि इससे अमेरिका में अरबोंडॉलर आएंगे. हालांकि अमेरिकी आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. दरअसल टैरिफ के चलते अमेरिका में रोजमर्रा की जरूरत वालेसामान और कपड़ों आदि की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है. सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर मर्सिडीज चैंडलर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्टकिया है. इस वीडियो में उन्होंने बताया कि टैरिफ का असर अमेरिका में दिखना शुरू हो गया है और कपड़ों की कीमतों में उछाल आया है. वीडियो मेंदिख रहा है कि चैंडलर एक कपड़ों के शोरूम में है और वे कपड़ों के प्राइस टैग दिखा रही हैं. करना होगा डॉलर का भुगतानचैंडलर ने बताया कि पहले जो कपड़े 10 डॉलर में मिल जाते थे, अब उनके लिए अमेरिकी लोगों को 12-13 डॉलर का भुगतान करना पड़ रहा है. चैंडलर ने ये भी दिखाया कि कई कपड़ों पर पुराने प्राइस टैग लगे हैं। वहीं कुछ पुराने प्राइस टैग को ढक दिया गया है. चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहाकि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांच सकते हैं. इस वीडियो पर कईयूजर्स ने टिप्पणी की है एक यूजर ने ट्रंप प्रशासन के फैसले पर सवाल खड़े किए और लिखा कि ‘क्या टैरिफ लगाना सही है? क्या हम इससे महान बनगए हैं या बनने वाले हैं?’ एक अन्य यूजर ने लिखा कि ‘हमारे पास टैरिफ से अरबों डॉलर आएंगे और इसके बदले में हमें अतिरिक्त डॉलर का भुगतानकरना होगा. स्टोर में जाकर कर सकते है जांचटैरिफ दूसरे देशों से खरीदे जाने वाले या बेचे जाने वाले सामान पर लगाया जाने वाला शुल्क होता है. इसको हम आयात टैरिफ और निर्यात टैरिफ कहसकते हैं. अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी का टैरिफ लगाया है, इसका मतलब है कि भारत से अमेरिका जाने वाला सामान वहां पर महंगा मिलेगा. इससे अमेरिका में भारत की चीजें महंगी होंगी तो लोग दूसरे देशों से आए सामान को खरीदेंगे. इसका नतीजा ये होगा कि भारत का अमेरिका को जानेवाला निर्यात प्रभावित होगा.चैंडलर ने साझा पोस्ट में कहा कि अगर लोगों को उनकी बात पर विश्वास नहीं है तो वे अपने नजदीकी वालमार्ट या अन्य स्टोर में जाकर खुद जांचसकते हैं.

किसानों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति कर रही है मोदी सरकार-लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह बोले नहीं करुंगा किसानों के हितसे कोई समझौता

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करूंगा” वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रियादेते हुए कहा है कि यह बयान सिर्फ और सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है. अगर वास्तव में किसानों के हित सर्वोच्च होते तो आज भारत सरकार अमेरिकाद्वारा लगाए गए 50% टैरिफ पर चुप नहीं रहती. उन्होंने कहा कि मोदी जी जो बातें कर रहे हैं, वह सच्चाई से परे हैं और देश की जनता को भ्रमित करनेका प्रयास है. भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है. नहीं उठाया कोई ठोस कदमसुनील सिंह ने मांग की कि प्रधानमंत्री देश को साफ-साफ बताएं कि अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौते में किसानों के हितों की सुरक्षा को लेकरक्या ठोस प्रावधान किए गए हैं. लोकदल स्पष्ट करना चाहता है कि वह किसी भी स्थिति में किसानों के हितों के साथ समझौता नहीं होने देगा. सरकारको किसानों के साथ छल करना बंद करना चाहिए. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के चलते 50% तक टैरिफबढ़ा दिया, तो भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसानों की रक्षा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया. नीति करनी चाहिए स्पष्टलोकदल किसी भी सूरत में किसानों के साथ धोखा नहीं होने देगा. सरकार को किसानों के साथ छल बंद करना चाहिए और संसद व जनता के समक्षपूरी पारदर्शिता के साथ अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए. हाल ही में अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगानेकी घोषणा की थी, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया. भारत सरकार ने इसे अनुचित और एकतरफा कदम बताया, लेकिन चीन जैसे देशों केप्रति अमेरिकी नरमी ने भारत के रुख को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए.लोकदल का बयान इस बात का संकेत है कि भारत की आंतरिक राजनीति मेंकिसानों का मुद्दा अब केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा. विपक्ष अब इस पर ठोस नीति और कार्यवाही की मांग कर रहा है.

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाया बड़ा आरोप ‘भाजपा के साथ मिलकर हो रही है वोटों की चोरी’-जानें क्या है पूरा मामला

चुनाव आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभी कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई. यह सवाल बिहार की मतदातासूची के मसौदे में नाम जोड़ने या हटाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल की ओर से चुनाव आयोग से संपर्क न करने के बाद किया गया. राहुल गांधीपर निशाना साधते हुए सूत्रों ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता अपने दावे और आपत्तियां अभी देने के बजाय चुनाव के बाद ही देंगे. चुनावआयोग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर यह कटाक्ष कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने के एक दिन बाद किया है. तीनोंराज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे चुनाव संचालन नियमों के प्रावधानों के अनुसार शपथ-पत्र देकर ऐसे मतदाताओं के नाम पेश करने कोकहा है. इससे पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को संस्थागत चोरी करार देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया किचुनाव आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के लिए इस चोरी को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ खुलेआम मिलीभगत कर रहा है. उन्होंने यहभी दावा किया कि बिहार में SIR इसलिए लाया गया है. क्योंकि चुनाव आयोग जानता है कि हमने उनकी चोरी पकड़ ली है. उत्तराखंड में हार गए थे चुनावराहुल गांधी अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि कर्नाटक की बंगलूरू सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में पांच तरह की हेराफेरी केजरिए 1 लाख से ज्यादा वोट चुराए गए. 2024 के लोकसभा चुनावों में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चुराए गए. मुझे पूरा विश्वासहै कि भारत में ऐसी 100 से ज्यादा सीटें हैं। यहां जो हुआ है, वही इन सीटों पर भी हुआ है. अगर भाजपा की 10-15 सीटें कम होतीं, तो मोदीप्रधानमंत्री नहीं होते और भारत में विपक्षी गठबंधन इंडिया सरकार होती. राहुल ने कहा कि जब वे छोटे थे, 1980 में, वे अपनी बहन प्रियंका के साथरात में बाहर जाकर प्रचार के लिए पोस्टर चिपकाते थे. उन्होंने कहा, ‘मैं चुनावों को समझता हूं और पिछले 20 साल से खुद चुनाव लड़ रहा हूं. मतदानकैसे होता है, मतदान केंद्रों का प्रबंधन कैसे होता है, मतदाता सूची, फॉर्म 17, मैं ये सब समझता हूं. कुछ समय पहले हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है।चुनाव नतीजे माहौल के उलट होते हैं। मुझे याद है उत्तराखंड में हम चुनाव हार गए थे. मैंने उम्मीदवार से कहा कि जाकर पता करो कि हमें कितने वोटमिले, जहां एक रोड शो हुआ था. सच्चाई का पता लगाने को कहाहजारों लोग रोड शो में आए थे, लेकिन किसी ने भी मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डाला यह नामुमकिन था. ऐसा हो ही नहीं सकता. फिर छत्तीसगढ़ औरमध्य प्रदेश के नतीजे आए और हमें एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है.राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बारे में भी बात की, जहां पार्टी ने 2018 में जीतहासिल की थी. उन्होंने कहा कि बाद में कांग्रेस की सरकार छीन ली गई भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भाजपा शासन के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधीलहर दिखी, लेकिन 2023 में हमें केवल 65 सीटें मिलीं। यह असंभव है. फिर महाराष्ट्र आया और हमें पहली बार इसका प्रमाण मिला. लोकसभा औरविधानसभा चुनावों के बीच जादू से नए मतदाता उभरे. इन नए मतदाताओं ने जहां भी वोट दिया, उनका वोट भाजपा को गया. उन्होंने कहा कि जब हमेंसंदेह हुआ तो हमने अपने गठबंधन सहयोगी नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. हमने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी. उन्होंने न तो हमें मतदाता सूची दी और न ही वीडियो रिकॉर्डिंग, जिससे संदेह पैदा हुआ. इससे हमारे मन में यह सवाल उठा कि क्या चुनाव आयोगभाजपा की मदद कर रहा है. क्या चुनाव आयोग चुनाव चुराने में लिप्त है? हमने एक टीम बनाई और उन्हें सच्चाई का पता लगाने को कहा.

भाजपा का राहुल गांधी पर पलटवार ‘झूठ का पुलिंदा’, संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप

कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी की तरफ से चुनाव में धांधली को लेकर लगाए गए आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है. भाजपा नेराहुल के आरोपों को ‘झूठ का पुलिंदा’ बताते हुए कहा कि राहुल जिस डाल पर बैठे थे, उसी को काट दिया. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि राहुलगांधी ने चुनाव आयोग (ईसी) जैसे संवैधानिक संस्थान को धमकाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जो विपक्ष के नेता के पद की गरिमा के खिलाफहै. उन्होंने कहा कि अगर राहुल को वाकई आपत्ति है तो उन्हें मीडिया में आरोप लगाने की बजाय चुनाव आयोग के सामने शपथपत्र देकर शिकायत दर्जकरानी चाहिए.भूपेंद्र यादव ने बताया कि राहुल गांधी ने दावा किया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में एक करोड़ नए वोटर जुड़े, लेकिन चुनाव आयोग के आंकड़ोंके अनुसार यह संख्या 40 लाख से थोड़ी अधिक है. दावे को किया गलत साबितउन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने आरोपों की जो बुनियाद बनाई, वह ही गलत साबित हो गई. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र की कई सीटों जैसे मढ़ा, मोहोल, नागपुर वेस्ट और नागपुर नॉर्थ में वोटर की संख्या बढ़ी और वहां कांग्रेस या उसकी सहयोगी पार्टियां ही जीतीं. ऐसे में धांधली का आरोप खुदउनके ही दावे को गलत साबित करता है. बता दें कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि वो जो सबूत दिखाएंगे, वो परमाणु बम जैसाहोगा. इस पर यादव ने तंज कसते हुए कहा कि यह तो वही बात हो गई जैसे कोई आदमी जिस डाल पर बैठा हो, उसी को काट दे. उन्होंने यह भीआरोप लगाया कि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के लिए संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने में लगी है. चाहे वो चुनाव आयोग हो, संसद हो यासेना. शिकायत करने की दी नसीहतयादव ने कहा कि राहुल गांधी को पहले सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगनी पड़ी थी क्योंकि उन्होंने सेना को लेकर भी गलत बयान दिए थे. अंत में भूपेंद्रयादव ने कहा कि जो लोग संविधान का सम्मान करते हैं, उन्हें संवैधानिक संस्थानों के खिलाफ धमकी भरी भाषा नहीं अपनानी चाहिए. राहुल गांधी केचुनावों में धांधली के आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में वोटरबढ़ने के बावजूद कांग्रेस ने कई सीटें जीतीं. उन्होंने चुनाव आयोग को धमकाने वाली भाषा पर भी राहुल को घेरा और शपथपत्र देकर शिकायत करनेकी नसीहत दी.

तेलंगाना फोन टैपिंग मामला केंद्रीय मंत्री बी संजय कुमार ने CBI जांच की मांग की, SIT पर उठाए सवाल

तेलंगाना में पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के दौरान कथित फोन टैपिंग के मामले में एक बार फिर बातचीत तेज हो गई है. कारण है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बी संजय कुमार ने इस मामले में जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है. शुक्रवार को उन्होंने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के सामनेगवाही देने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है. मंत्री ने कहा कि एसआईटी के अधिकारी अच्छे हैंलेकिन कांग्रेस सरकार उन्हें स्वतंत्र रूप से जांच नहीं करने दे रही है. मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और बीआरएस के बीच मिलीभगत है और दोनोंएक-दूसरे के खिलाफ सिर्फ ड्रामा कर रहे हैं. प्रभाकर राव मुख्य है आरोपीमामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने आरोप लगाए हैं कि बीआरएस शासन के दौरान उनके और उनके परिवार के फोन सबसे ज्यादा टैप किएगए. उनके स्टाफ, घर पर काम करने वालों और भाजपा कार्यकर्ताओं की भी निगरानी की गई. संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने ही सबसे पहले फोनटैपिंग का खुलासा किया था. इसके लिए एसआईटी को वे इस मामले से जुड़ी गोपनीय रिपोर्ट और जानकारी सौंपेंगे. बता दें कि इससे पहले संजयकुमार 28 जुलाई को बयान दर्ज कराने वाले थे, लेकिन संसद सत्र के चलते नहीं जा सके थे. शुक्रवार को उन्होंने खैरताबाद स्थित हनुमान मंदिर में पूजाकी और फिर पैदल चलते हुए दिलकुशा गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां एसआईटी ने उनका बयान दर्ज किया.गौरतलब है कि इस मामले में तेलंगाना की स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) के पूर्व प्रमुख टी प्रभाकर राव मुख्य आरोपी हैं. जमानत है मिल गईआरोप है कि उन्होंने एक स्पेशल ऑपरेशंस टीम बनाई थी जो राजनीतिक निगरानी जैसे काम कर रही थी. मार्च 2024 में एसआईबी के एक सस्पेंडेडडीएसपी सहित चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था. उन पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से डेटा मिटाने और गैरकानूनी फोन टैपिंग काआरोप है. बाद में उन्हें जमानत मिल गई. संजय कुमार ने आरोप लगाया कि ये सब पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की जानकारी और निर्देश पर हो रहाथा. उन्होंने कहा कि वे इस मामले में जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन निष्पक्ष जांच के लिए यह जरूरी है कि सीबीआई इस मामले कीजांच करे.

राहुल गांधी के आरोपों को शशि थरूर ने बताया गंभीर, चुनाव आयोग से की तत्काल कार्रवाई को लेकर की मांग

राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाने के बाद देशभर में बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच राहुल के आरोपों पर कांग्रेस सांसदशशि थरूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. थरूर ने शुक्रवार को राहुल गांधी द्वारा चुनावों में धांधली के लगाए गए आरोपों को गंभीर बताया है. उन्होंनेकहा कि इन सवालों पर सभी दलों और मतदाताओं के हित में गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए. उन्होंने चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई करने कीमांग की है. थरूर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमारा लोकतंत्र बहुत कीमती है, इसे लापरवाही, अयोग्यता याजानबूझकर की गई छेड़छाड़ से कमजोर नहीं होने देना चाहिए. चुनाव आयोग को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और देश को जानकारी देते रहनाचाहिए. बता दें कि थरूर ने कांग्रेस द्वारा साझा किए गए राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को टैग करते हुए यह टिप्पणी की. मामले की हुई है जांचउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनावों में बड़ी आपराधिक साजिश का आरोप लगाया था और दावा किया कि भाजपा और चुनाव आयोग कीमिलीभगत से यह हुआ है. अपने बयान में राहुल गांधी ने कहा था कि कर्नाटक की एक सीट पर किए गए विश्लेषण से यह बात सामने आई है और यहसंविधान के खिलाफ अपराध है. उन्होंने कहा कि इस तरह का वोट चोरी मॉडल देश के कई हिस्सों में इस्तेमाल किया गया और अब न्यायपालिका कोभी इसमें दखल देना चाहिए, क्योंकि जिस लोकतंत्र से हम प्यार करते हैं, वह अब अस्तित्व में नहीं है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के पासजो सबूत हैं, वो आपराधिक प्रमाण हैं, और चुनाव आयोग देशभर में ऐसे सबूत नष्ट करने में लगा है. राहुल ने चुनाव आयोग को खुली चेतावनी देते हुएकहा मैं चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों से साफ कहता हूं जो आप कर रहे हैं वो देशद्रोह है. वक्त आएगा. हम आपको पकड़ेंगे और छोड़ेंगे नहींउन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ वोटर जोड़ने वाले मामलों की जांच की है.साजिश को नहीं होने देना चाहिए कमजोरजबकि वोटर हटाने के मामले इससे भी ज्यादा हो सकते हैं. चुनावों के नतीजे जनता के मूड से उलट क्यों आते हैं?साथ ही राहुल ने बताया कि कई बारउन्होंने महसूस किया कि जनता में गुस्सा था, फिर भी कांग्रेस चुनाव हार गई. उदाहरण देते हुए उन्होंने उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्रकी घटनाओं को याद किया और कहा कि कई जगह “चमत्कारी वोटर” सामने आए, जो अचानक लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच वोटरलिस्ट में जुड़ गए और उनका वोट सीधा भाजपा को गया. राहुल गांधी के चुनावों में धांधली के आरोपों को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गंभीर बतातेहुए चुनाव आयोग से तुरंत कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की साख को लापरवाही या साजिश से कमजोर नहीं होने देना चाहिए.

बंगलूरू में कांग्रेस की ‘वोट अधिकार रैली’ राहुल गांधी का भाजपा पर बड़ा हमला, वोट चोरी के खिलाफ साधा जमकर निशाना

कांग्रेस पार्टी आज “बंगलूरू में कांग्रेस की ‘वोट अधिकार रैली का आयोजन कर रही है. पार्टी का दावा है कि यह रैली 2024 के लोकसभा चुनावों मेंकर्नाटक में हुई कथित वोट चोरी के खिलाफ है. इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्रीसिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. रैली का मुख्य उद्देश्य जनता को यह बताना है कि किस तरहलोकतांत्रिक प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और मतदाताओं के अधिकार छीने गए.‘वोट अधिकार रैली’ के मंच से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने चुनाव आयोगऔर भाजपा पर तीखे हमले किए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के डाटा-लीक और वोट चोरी को लेकर किए गए खुलासों के बाद चुनाव आयोग नेअपनी वेबसाइट बंद कर दी. राहुल ने आरोप लगाया कि एक ही वोटर कई बार वोट डाल रहा है और भाजपा इसी तरह चुनाव जीत रही है. उन्होंने कहा, भाजपा ने संविधान पर सीधा अतिक्रमण किया है. बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की वेबसाइट पर भी गड़बड़ी मिली है. चुनाव आयोगको देशभर का डिजिटल चुनाव डाटा सार्वजनिक करना चाहिए. विधानसभा चुनाव है नजदीकराहुल गांधी ने ये भी कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ 25 सीटों के कारण ही सत्ता में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार वोट की चोरी करकेबनाई गई है, न कि जनता के समर्थन से.रैली को ‘हमारा वोट, हमारा हक, हमारी लड़ाई’ नाम दिया गया है. यह आयोजन सुबह 10:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें कई कार्यकर्ताओं और नेताओंकी मौजूदगी देखने को मिली. कांग्रेस ने महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र के मतदान पैटर्न और मतदाता सूची को आधार बनाकर पूरे चुनाव पर सवाल उठाएहैं. पार्टी का दावा है कि इस क्षेत्र में उसे 1,14,000 वोटों से हराया गया जबकि शेष छह क्षेत्रों में उसे बढ़त मिली थी. पूरी लोकसभा सीट पर कांग्रेसको 6,26,208 वोट मिले जबकि भाजपा को 6,58,915 वोट, और जीत का अंतर रहा 32,707 वोट. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यहअसामान्यता दिखाती है कि महादेवपुरा में कुछ गड़बड़ी हुई है. यह रैली ऐसे समय हो रही है जब देश में बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं. पार्किंग पर भी लगाई गई रोककांग्रेस इस रैली के जरिए न सिर्फ कर्नाटक बल्कि पूरे देश में यह संदेश देना चाहती है कि वह वोटरों के अधिकारों की रक्षा के लिए गंभीर है. पार्टी काइरादा है कि यह आंदोलन पूरे देश में एक नई राजनीतिक जागरूकता पैदा करे और लोगों को यह एहसास दिलाए कि उनका वोट ही उनका सबसे बड़ाअधिकार है, जिसे कोई छीन नहीं सकता. बंगलूरू में यातायात प्रभावित रैली के मद्देनजर बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस ने यातायात पर कई पाबंदियां लगाईहैं। एमजी रोड, क्यूबन रोड, ओल्ड एयरपोर्ट रोड, चालुक्य रोड, शांतला जंक्शन और आसपास के क्षेत्रों में गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगाई गईहै. कई जगहों पर पार्किंग पर भी रोक लगाई गई है. प्रशासन की ओर से लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है.

राज ठाकरे के INDIA गठबंधन में शामिल होने की अटकलों पर बोले प्रशांत जगताप, ‘यह होगा स्वागत योग्य कदम’

महाराष्ट्र की राजनीति में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख और उद्धव ठाकरे के साथ आने को लेकर आयदिन चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है. ऐसेमें मनसे गठबंधन और इंडिया गठबंधन के साथ आने के अटकलों के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व पुणे महापौरप्रशांत जगताप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर राज ठाकरे गठबंधन में शामिल होते हैं, तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा. एएनआईएसे बातचीत के दौरान प्रशांत जगताप ने गुरुवार को कहा कि अगर राज ठाकरे इंडिया गठबंधन में शामिल होते हैं, तो यह बहुत अच्छा कदम होगा. सिर्फमैं ही नहीं, बल्कि गठबंधन के सभी नेता इस फैसले का समर्थन करेंगे. बता दें कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी नगर निगमऔर स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर विपक्षी दलों के बीच रणनीति तैयार की जा रही है. राज्य में जाएगा एक मजबूत संदेशइंडिया गठबंधन में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार गुट), शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) और कई अन्य समान विचारधारा वाली पार्टियां शामिल हैं, जोभाजपा के खिलाफ एकजुट होकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं. जगताप ने यह भी कहा कि अगर ठाकरे बंधु उद्धव और राज एक साथ आते हैं, तोयह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में कई बार प्रतिद्वंद्वी भी एकजुट हुएहैं. अगर ये दोनों भाई एक साथ इंडिया गठबंधन के तहत चुनाव लड़ते हैं. तो इससे विपक्ष को मजबूती मिलेगी और पूरे राज्य में एक मजबूत संदेशजाएगा. स्वागत योग्य है कदमहालांकि अभी तक राज ठाकरे या उनकी पार्टी मनसे की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. लेकिन प्रशांत जगताप के बयान सेसाफ है कि गठबंधन के दरवाजे नए सहयोगियों के लिए खुले हैं. खासकर शहरी क्षेत्रों में मनसे का अच्छा प्रभाव है ऐसे में अगर पार्टी इंडिया गठबंधनसे जुड़ती है, तो भाजपा को चुनौती देना और भी प्रभावी हो सकता है. महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने को लेकरचर्चा बीते कई महीनों से तेज है। ऐसे में राज ठाकरे के INDIA गठबंधन में शामिल होने की अटकलों के बीच एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता प्रशांतजगताप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर राज ठाकरे गठबंधन में आते हैं. तो यह एक स्वागत योग्य कदम होगा.

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता का बड़ा बयान ‘आप सरकार ने बनाया फर्जी फांसीघर, तत्काल हटाने के आदेश’

विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को तत्कालीन आप सरकार की ओर से बनाए गए फांसी घर को फर्जी करार देते हुए तत्काल हटाने केनिर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस कक्ष को पुराने स्वरूप में लाया जाएगा. उन्होंने पूरे मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकार समिति को सौंपी है. उन्होंने कहा कि यह निर्माण न केवल ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ है बल्कि देश की जनता की भावनाओं के साथ किया गया गंभीर छल है.विधानसभाअध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बृहस्पतिवार को तत्कालीन आप सरकार की ओर से बनाए गए फांसी घर को फर्जी करार देते हुए तत्काल हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस कक्ष को पुराने स्वरूप में लाया जाएगा. अगस्त 2022 में भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर इस कथित फांसीघर का उद्घाटनकिया गया जिसमें यह संदेश दिया गया कि यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी और एक सुरंग लाल किले तक जाती थी. सदन से किया बहिष्कारलेकिन राष्ट्रीय अभिलेखागार, आईसीएचआर, आईजीएनसीए, दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू के इतिहासकारों और एमसीडी की हेरिटेज सेल से प्राप्तदस्तावेज के आधार पर यह प्रमाणित हो गया कि ऐसा कोई फांसी घर या सुरंग कभी इस परिसर में मौजूद नहीं थी. तीन दिनों की चर्चा के बावजूदविपक्ष की ओर से इस निर्माण को लेकर कोई तर्कसंगत आधार या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. यह एक इरादतन फर्जीवाड़ा है जिसमें करोड़ोंरुपये खर्च कर जनता को गुमराह किया गया और विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई. विजेंद्र गुप्ता के संबोधन के दौरान आप विधायकों नेविरोध किया और नारेबाजी की। इसके बाद आतिशी के नेतृत्व में सदन से बहिष्कार कर दिया. विश्वासघात जैसा हो रहा है महसूसविजेंद्र गुप्ता ने बताया कि अब भवन को उसके 1912 के मूल स्वरूप में बहाल किया जाएगा. दोनों टिफिन रूम का मूल नक्शा स्थापित किया जाएगा. अगस्त 2022 को लगाए गए शिलापट्ट को हटाकर पूरे मामले की जांच विधानसभा की विशेषाधिकार समिति करेगी, जिसमें तत्कालीन मुख्यमंत्रीअरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिड़लान को समन किया जाएगा. इसऐतिहासिक धरोहर के साथ जो छल किया गया, वह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि नैतिक अपराध है. इससे मेरी ही तरह हजारों लोगों की भावनाएंआहत हुईं हैं. देश कभी इस तरह के कुकृत्य को माफ नहीं करेगा. जब यह फांसी घर बनाया गया था तब वे और विपक्ष के अन्य नेता भावनात्मक रूपसे इससे जुड़ गए थे. हमें लगा कि यह कोई शहादत स्थल है लेकिन जब सच्चाई सामने आई तो विश्वासघात जैसा महसूस हुआ.

भारत पर अमेरिकी टैरिफ की मनमानी के खिलाफ चीन ने दिया साथ, कहा टैरिफ का हो रहा गलत इस्तेमाल

टैरिफ के मुद्दे पर अमेरिकी मनमानी के खिलाफ भारत को चीन का साथ मिला है। चीन ने कहा है कि अमेरिकी सरकार द्वारा टैरिफ का गलत इस्तेमालकिया जा रहा है और हमारा इसके प्रति विरोध साफ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्तटैरिफ लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. जिसके बाद अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल टैरिफ बढ़कर 50 प्रतिशत होगया है. जब इसे लेकर चीन से प्रतिक्रिया मांगी गई तो चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि ‘टैरिफ के दुरुपयोग के प्रति चीनका विरोध सही और स्पष्ट है. भारत पर टैरिफ लगाने का एलानअमेरिका के टैरिफ लगाने के फैसले पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई। भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि अमेरिका का यह कदम अनुचित, अन्यायपूर्ण और गैरवाजिब है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत परऐसे कदमों के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय लिया है जब कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हित में ऐसे कदम उठा रहे हैं. हम दोहराते हैं कि येकदम अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण हैं. भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा. गौरतलब है कि अमेरिका नेरूस से कच्चा तेल खरीदने के चलते भारत पर टैरिफ लगाने का एलान किया है. रुस से खरीदता है कच्चा तेललेकिन चीन भी बड़े पैमाने पर रूस से कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन चीन के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने चुप्पी साधी हुई है। अमेरिका और चीन केबीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत भी चल रही है. हाल ही में स्टॉकहोम में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत भीहुई. अमेरिका ने चीन पर लगाए गए 145 प्रतिशत टैरिफ को फिलहाल 90 दिनों के लिए स्थगित किया हुआ है. अमेरिका ने रूस से कच्चा तेलखरीदने के चलते भारत पर टैरिफ लगाने का एलान किया है, लेकिन चीन भी बड़े पैमाने पर रूस से कच्चा तेल खरीदता है, लेकिन चीन के मुद्दे परअमेरिकी राष्ट्रपति ने चुप्पी साधी हुई है.