सुप्रीम कोर्ट ने सेना की जेएजी शाखा में लैंगिक आरक्षण नीति रद्द की, समान अवसर की दोहराई बात

सुप्रीम कोर्ट ने सेना की कानूनी शाखा जज एडवोकेट जनरल (जेएजी) में पुरुष अधिकारियों की भर्ती के लिए बनी आरक्षण नीति को रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि कानूनी शाखा में पुरुष और महिलाओं की 2:1 आरक्षण नीति समानता के अधिकार का उल्लंघन है. यह प्रथा मनमानी है आरक्षणनीति के तहत पुरुषों के लिए महिलाओं से अधिक पर आवंटित करना गलत है. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा किसेना अधिनियम 1950 की धारा 12 के तहत जारी अधिसूचना के माध्यम से महिलाओं को जेएजी शाखा में शामिल होने की अनुमति दी है. हमारामानना है कि कार्यपालिका नीति या प्रशासनिक निर्देशों के माध्यम से भर्ती के नाम पर पुरुष अधिकारियों की संख्या को सीमित नहीं कर सकती है याउनके लिए आरक्षण नहीं कर सकती है. विवादित अधिसूचना में पुरुष उम्मीदवारों के लिए छह रिक्तियों के मुकाबले महिला उम्मीदवारों के लिए केवलतीन रिक्तियों का प्रावधान है. उम्मीदवारों का किया जाए चयनयह समानता के अधिकार के खिलाफ है भर्ती के नाम पर पुरुष उम्मीदवारों के लिए आरक्षण का प्रावधान करती है भर्ती की आड़ में इसकी अनुमति नहींमिलेगी. पीठ ने कहा कि लैंगिक तटस्थता का अर्थ है कि सभी योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाए. चाहे वह किसी भी लिंग के हों। पीठ ने सरकारऔर सेना को निर्देश दिया कि लिंग के आधार पर सीटें न बांटी जाएं. अगर सभी महिला उम्मीदवार योग्य हैं तो सभी का अध्ययन किया जाए और चयनकिया जाए. जेएजी में एक सामान्य मेरिट सूची प्रकाशित की जाए और सभी उम्मीदवारों के अंक सार्वजनिक किए जाएं. जेएजी प्रवेश योजना के 31वेंकोर्स पर नियुक्ति के लिए दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा कि महिलाओं का पिछली भर्ती में नामांकन नहीं हुआ है. अब सरकार महिला उम्मीदवारों कीकम से कम 50 प्रतिशत रिक्तियां आवंटित करेगा. आसमान आवंटन को दी चुनौतीसुप्रीम कोर्ट में दो महिला उम्मीदवारों ने रिक्तियों में असमान आवंटन को चुनौती दी थी. दोनों ने कहा था कि उनके अंक पुरुष उम्मीदवाारों से अधिकथे. लेकिन महिला रिक्तियों की सीमित संख्या के कारण उनका चयन नहीं किया गया. अदालत ने निर्देश दिया कि एक याचिकाकर्ता को सेवा मेंशामिल किया जाए, जबकि दूसरी याचिकाकर्ता को राहत देने से इनकार कर दिया. जो याचिका के लंबित रहने के दौरान भारतीय नौसेना में शामिल होगई थी. जेएजी प्रवेश योजना के 31वें कोर्स पर नियुक्ति के लिए दायर याचिका पर कोर्ट ने कहा कि महिलाओं का पिछली भर्ती में नामांकन नहीं हुआहै. अब सरकार महिला उम्मीदवारों की कम से कम 50 प्रतिशत रिक्तियां आवंटित करेगा. सुप्रीम कोर्ट में दो महिला उम्मीदवारों ने रिक्तियों में असमानआवंटन को चुनौती दी थी.
यूपी विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान हंगामा, सपा का विरोध प्रदर्शन और विपक्ष के तीखे सवाल “जानें किसने साधा क्या निशाना”

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र चल रहा है सत्र के दौरान प्रदेश में परिषदीय स्कूलों के विलय और बिजली निजीकरण के मुद्दे पर गहमागहमी कामाहौल बन गया। विपक्ष ने सरकार को घेरा. सत्र के दौरान लगातार हंगामा और नारेबाजी चलती रही. निधन के निर्देश के बाद सदन में प्रश्नकाल कीकार्यवाही जारी है. विपक्ष के नेता अपने सवाल पूछ रहे हैं. सरकार के मंत्रियों की तरफ से उनके जवाब दिए जा रहे हैं. सदन की कार्यवाही दोबारा शुरूहुई तो नेता प्रतिपक्ष के अपमान के मुद्दे पर सपा सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस कारण सदन को दो बार स्थगित करना पड़ा. 12.20 बजे से फिरसे कार्यवाही शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने निधन के निर्देश पढ़े इस दौरान सभी लोग शांत हो गए. सपा विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधानसभा में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया. उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजीकरते हुए जमकर हंगामा किया. जलभराव पर जुड़े मुद्दों पर चर्चाप्रश्नकाल में विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभी अध्यक्ष सतीश महाना ने 15 मिनट के लिए हाउस स्थगित कर दिया है. सपा विधायक पल्लवीपटेल के प्रश्न का उत्तर देते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश में कानपुर मेडिकल कॉलेज, केजीएमयू, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज समेतआठ बड़े अस्पतालों में कैंसर का इलाज किया जा रहा है. कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में रिसर्च जारी है जरूरत हुई तो केंद्र सरकार से बात करके आगेभी रिसर्च सेंटर बनाए जाएंगे. विधायक पल्लवी पटेल ने प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कैंसर रोगियों के लिए सरकारी सुविधाओं और कैंसर संस्थान कोलेकर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि क्या सरकार के विजन डॉक्यूमेंट में कैंसर के इलाज के लिए कोई सुविधा बढ़ाई जाएगी?? सत्र से पहले सीएमयोगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र के दौरान बाढ़, जलभराव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. कार्ययोजना की भी करेंगें घोषणास्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य सभी मुद्दों पर सरकार ने पिछले 8.5 वर्षों में जो कुछ भी किया है उस पर भी चर्चा होगी. विकसित भारत और विकसितउत्तर प्रदेश के विजन को लेकर 13-14 अगस्त को 24 घंटे की चर्चा होगी. सीएम ने आगे कहा कि चर्चा के बाद, हम सदन में एक विस्तृत कार्ययोजनाकी भी घोषणा करेंगे. उसमें बताएंगे कि कैसे सरकार नीति आयोग के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों की मदद से इस विजन डॉक्यूमेंट में आम जनता के साथ-साथ हर वर्ग के नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करेगी. उस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए. सरकार अगले 25 वर्षों की कार्ययोजना के साथ अपनाविजन सदन के पटल पर रखेगी.सपा विधायक अतुल प्रधान मानसून सत्र में एक अनोखी कांवड़ लेकर पहुंचे। उनके कंधे पर जो कांवड़ थी. उसमें एक तरफ सरकार स्कूल व बच्चों कीतस्वीर लटक रही थी. दूसरी तरफ सरकारी शराब की दुकान की तस्वीर लटक रही थी. वहीं ऊपर डंडे पर बाबा साहेब और राम मनोहर लोहिया कीतस्वीर लगा रखी थी.
बिहार मतदाता सूची विवाद को लेकर विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च, राहुल-प्रियंका समेत कई नेता हिरासत में

बिहार में मतदाता सूची संशोधन के विरोध में विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च शुरू किया. इस दौरानप्रदर्शनकारी विपक्षी सांसदों को रोकने के लिए परिवहन भवन में पुलिस बैरिकेड्स लगा दिए. यहां उन्हें चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर आगे बढ़ने सेरोक दिया गया पुलिस का कहना है कि विपक्षी सांसदों की ओर से इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस की ओर से रोके जाने केबाद अखिलेश यादव, महुआ मोइत्रा समेत कई सांसदों ने बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश. कुछ सांसद बैरिकेड्स कूदकर बीच सड़क पर धरने पर बैठगए. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सांसदों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब सांसदों ने सड़क से हटने से इनकार किया तो राहुल-प्रियंका गांधीसमेत तमाम नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. सांसद भी थे शामिलमल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार समेत विपक्षी सांसदों ने सोमवार को बिहार में मतदाता सूची संशोधन के विरोध में संसद भवन से चुनाव आयोगमुख्यालय तक मार्च निकाला. हालांकि पुलिस ने उन्हें परिवहन भवन के पास बीच रास्ते में ही रोक दिया.पुलिस की ओर से सांसदों को आगे बढ़ने सेरोके जाने पर कई नेता सड़क पर ही बैठ गए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के विरोध में नारे लगानेलगे. उन्होंने पोस्टर लिए और एसआईआर को वापस लेने की मांग करते हुए नारे लगाए. ‘एसआईआर’ और ‘वोट चोरी’ लिखी हुई लाल क्रॉस वालीसफेद टोपी पहने प्रदर्शनकारी सांसदों ने तख्तियां और बैनर लहराकर एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ नारे लगाए. इससे पहले संसद के मकर द्वार परविरोध मार्च शुरू करने से पहले उन्होंने राष्ट्रगान गाया. मार्च में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से टीआर बालू (द्रमुक), संजय राउत (शिवसेना-यूबीटी), डेरेक ओब्रायन (टीएमसी), कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव समेत द्रमुक, राजद और वामपंथी दलों जैसेविपक्षी दलों के अन्य सांसद शामिल थे. सूचना देने की कही थी बातदरअसल चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश को पत्र लिखकर दोपहर 12.30 बजे मिलने के लिए बुलाया था. चुनाव आयोग ने उनसे 30 सांसदों के साथ आने को कहा था और आनले से पहले उन सांसदों की सूचना देने की बात कही थी. इसी के मद्देनजर पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों सेकहा कि 30 लोग चुनाव आयोग के दफ्तर तक जा सकते हैं. इसके लिए पैदल या वाहन जैसे विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि, विपक्ष इसके लिएतैयार नहीं हुआ. पुलिस ने यह भी बताया कि मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी. इससे पहले पुलिस ने प्रदर्शनकारी सांसदों को आगे बढ़ने सेरोकने के लिए संसद मार्ग पर परिवहन भवन के पास व्यापक व्यवस्था की थी. इस दौरान बैरिकेड्स लगाए गए थे. पुलिस ने सांसदों से आगे न बढ़नेको कहा। इस दौरान लाउडस्पीकर से घोषणा की गई. उन्हें संसद भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर बढ़ने से रोका गया.
एसआईआर मुद्दे पर विपक्ष के मार्च पर भाजपा का पलटवार, धर्मेंद्र प्रधान बोले राहुल गांधी फैला रहे है देश में अराजकता

बिहार एसआईआर मामले को लेकर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस औरराहुल गांधी पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है. लेकिन विपक्ष इसे बहानाबनाकर झूठ फैलाने और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहा है. भाजपा नेता ने विपक्ष से संसद में मुद्दे उठाने की अपील भी की. धर्मेंद्र प्रधान नेकहा कि देश देख रहा है कि जो लोग संविधान के खिलाफ काम कर रहे हैं, उनकी अगुवाई राहुल गांधी कर रहे हैं। एसाआईआर कोई नई प्रक्रिया नहींहै. ध्यान भटकाने के लिए कर रही है ऐसे मुद्दों का इस्तेमालयह पहले भी हो चुकी है इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर झूठ बोलने, ईवीएम पर सवाल उठाने, महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों को लेकर भ्रम फैलानेका आरोप लगाया. प्रधान के अनुसार, यह विपक्ष की सोची-समझी रणनीति है ताकि देश में अराजकता फैलाई जा सके. भाजपा नेता ने विपक्ष सेआग्रह किया कि वे सड़क पर मार्च निकालने के बजाय संसद में अपने मुद्दे रखें. उन्होंने कहा कि संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान भी विपक्षऔर कांग्रेस के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कदम उठा रहाहै. रणनीति के रुप में कर रहा है इस्तेमालप्रधान ने आगे कहा कि कांग्रेस बार-बार ईवीएम को लेकर भी झूठ बोलती है और चुनाव प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा करती है. उन्होंने आरोप लगाया किविपक्ष चुनावी हार के डर से जनभावनाओं को भड़काने की कोशिश कर रहा है. भाजपा नेता ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया औरकहा कि ऐसे कदम जनता के विश्वास को कमजोर करते हैं. बिहार एसआईआर पर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च को लेकर भाजपा नेता धर्मेंद्र प्रधान नेराहुल गांधी और कांग्रेस पर संविधान विरोधी रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एसआईआर पहली बार नहीं हो रहा और विपक्ष इसे अराजकताफैलाने की रणनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
जनता दर्शन में सीएम योगी का आश्वासन इलाज में धन की कमी नहीं होने देंगे, हर जरूरतमंद को मिलेगा विवेकाधीन कोष से सहारा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया किवह बिना चिंता किए अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी. उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी. सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता कीआवश्यकता है. उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए. हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सेपर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शाम गोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बादरविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की. की जाए कानूनी कार्रवाईमंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिएआश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए. उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने याघबराने होने की आवश्यकता नहीं है. हर समस्या का समाधान कराया जाएगा मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओंपर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होनापड़े. हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए. इसमें किसी भी तरह कीकोताही नहीं होनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. संवाद करने की दी जाए प्राथमिकतापारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दीजाए. एक महिला की गुहार पर उन्होंने अफसरों को उक्त महिला को जमीन का पट्टा देने का निर्देश दिया. जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भीकई लोग गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे. सीएम योगी ने सभी को भरोसा दिया कि उनकी सरकार किसी भीजरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी. विवेकाधीन कोष से मदद की जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार शामगोरखपुर पहुंचे थे. गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों सेमुलाकात की. मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं औरनिस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को दिए.
भारत को आंखें दिखाना पड़ा पाकिस्तान को भारी, हवाई क्षेत्र प्रतिबंध से झेला ₹1240 करोड़ का नुकसान

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को भारत को आंखें दिखाना महंगा पड़ रहा है. कर्ज के बोझ तले दबा पाकिस्तान एक गलती की वजह से अपनाबड़ा नुकसान करा चुका है. भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाकर पाकिस्तान को दो महीने में 1240 करोड़ रुपये का नुकसानझेलना पड़ा है. पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से यातायात में 20 प्रतिशत कमी आई. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब मेंपाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक 24 अप्रैल से 30 जून के बीच हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (पीएए) का हवाई उड़ानशुल्क राजस्व गिर गया. 20 प्रतिशत की आई कमीवहीं रोज लगभग 100-150 भारतीय विमान प्रभावित हुए. जबकि पाकिस्तान के पारगमन हवाई यातायात में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई. पाकिस्तानी रक्षा मंत्रालय ने नुकसान की बात स्वीकार की, लेकिन यह कहकर उसे उचित ठहराने की कोशिश की कि संप्रभुता और राष्ट्रीय रक्षा आर्थिकपहलुओं से ऊपर हैं. अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि ऐसे उपाय रणनीतिक और कूटनीतिक कारणों से नोटिस टू एयरमैन (NOTAMs) के जरिएजारी किए गए थे. आंकड़ों के मुताबिक 2019 में पीएए का औसत दैनिक ओवरफ्लाइट राजस्व 508,000 डॉलर था. जबकि 2025 में यह760,000 डॉलर था, जिसका अर्थ है कि प्रतिबंध से पाकिस्तान को काफी नुकसान हुआ है. पाकिस्तान पर ही पड़ा उल्टामौजूदा समय में पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र भारतीय एयरलाइनों और विमानों को छोड़कर सभी के लिए खुला है. इस प्रतिबंध को दो बार बढ़ाया गया हैऔर अब यह अगस्त के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा. भारतीय एयरलाइन्स कंपनियां अन्य अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर अप्रभावित हैं. जबकि पाकिस्तानीएयरलाइन्स को अभी भी भारतीय वायुक्षेत्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया है. 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफकड़ी कार्रवाई करते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था. इसके जवाब में पाकिस्तान ने सभी भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र परप्रतिबंध लगा दिया था. मगर यह प्रतिबंध पाकिस्तान पर ही उल्टा पड़ गया.
वोट चोरी लोकतंत्र पर है हमला राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर फिर साधा निशाना, कांग्रेस ने लॉन्च किया पोर्टल

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा कर लिखा, ‘वोट चोरी एक व्यक्ति, एक वोट के बुनियादी लोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों केलिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है. चुनाव आयोग से हमारी मांग साफ है कि पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें. आप भी हमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थनकरें- http://votechori.in/ecdemand पर जाएं या 9650003420 पर मिस्ड कॉल दें. ये लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है. राहुल ने सोशलमीडिया पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी होनेके अपने दावों को दोहराया. उन्होंने कर्नाटक के एक निर्वाचन क्षेत्र के विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा था कि यह संविधान के खिलाफ अपराध है. चुनाव आयोग भी है शामिलपोर्टल पर एक संदेश भी है जिसमें कहा गया है कि वोट हमारे लोकतंत्र की नींव है लेकिन इस पर भाजपा की ओर से सुनियोजित हमला किया जा रहाहै जिसमें चुनाव आयोग भी शामिल है.इसमें दावा किया गया, ‘बंगलूरू मध्य के सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में हमें एक लाख से ज्यादा फर्जी मतदाता मिले, जिन्होंने भाजपा को यह लोकसभासीट जीतने में मदद की. कल्पना कीजिए कि अगर ऐसा 70-100 सीटों पर हो तो यह स्वतंत्र चुनावों को नष्ट कर देगा. पोर्टल पर दिए गए संदेश मेंलिखा है’कांग्रेस और भारत ने पहले भी महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर चिंता जताई है. अब हमारे पास सबूत हैं हम इस वोट चोरी से पूरी ताकत सेलड़ेंगे. हमारे लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमारे साथ जुड़ें. प्रमाण पत्र किया जाता है जारीजब कोई व्यक्ति पोर्टल पर पंजीकरण करता है तो उसके नाम पर एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है. जिसमें लिखा होता है कि वह ‘वोट चोरी’ केखिलाफ है. प्रमाणपत्र में लिखा है’मैं चुनाव आयोग से डिजिटल मतदाता सूची की राहुल गांधी की मांग का समर्थन करता हूं. प्रमाणपत्र पर कांग्रेसअध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष अजय माकन के हस्ताक्षर हैं.राहुल गांधी के चुनावी धांधली के दावों के बाद कांग्रेस ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया. यहां लोग चुनाव आयोग से ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जवाबदेहीकी मांग करने और विपक्ष के नेता की डिजिटल मतदाता सूची की मांग का समर्थन करने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं. कोई भी पोर्टल लिंक परक्लिक करके ‘वोट चोरी का सबूत, चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग और वोट चोरी की रिपोर्ट’ डाउनलोड कर सकता है.
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर दो EPIC नंबर का आरोप, तेजस्वी यादव बोले मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पार्टी ने बड़ा आरोप लगा दिया है. राजद और कांग्रेस ने दावा किया है कि डिप्टी सीएमविजय सिन्हा के पास दो EPIC नंबर है. उन्होंने दो जगह से मतदाता पुनरीक्षण कार्य का फॉर्म भरा. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर रविवार सुबह प्रेसवार्ता की. उन्होंने सवाल पूछा कि किस कारण से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बांकीपुर और लखीसराय से एसआईआर फॉर्म भरा? उनका नए वोटरलिस्ट में दो जगह नाम कैसे आया? इतना ही नहीं दोनों वोटर लिस्ट में डिप्टी सीएम के उम्र भी अलग-अलग है. लखीसराय वाले वोटर लिस्ट में उनकीउम्र 57 साल है. बांकीपुर में उन्होंने 60 साल अपनी उम्र बताई है। एक EPIC कार्ड नंबर IAF 39393370 है, इसका सीरियल नंबर 274 है. वहींदूसरा EPIC कार्ड नंबर AFS0853341 है और इसका सीरियल नंबर 767 है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए औरडिप्टी सीएम को इसका जवाब देना चाहिए. यह गंभीर मुद्दा है तेजस्वी ने कहा कि अगर विजय सिन्हा गलत पाए गए तो वह फौरन इस्तीफा दें. अगरचुनाव आयोग गलत पाया गया तो मतदाता पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को ही रद्द कर देनी चाहिए. चुनाव आयोग की प्रक्रिया है भर्जीतेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची प्रारूप में दो अलग-अलग जगह पीएम नरेंद्र मोदी के दुलरुवा विजय सिन्हा का नाम आ गया है. क्या अबचुनाव आयोग दो EPIC नंबर पर इनसे जवाब मांगेगी? क्या पटना और लखीसराय जिला प्रशासन डिप्टी सीएम विजय सिन्हा से जवाब मांगेगी? क्याइन पर प्राथमिकी दर्ज होगी? जितनी जल्दी मेरे ऊपर आरोप लगाकर नोटिस भेजी गई? क्या उतनी जल्दी विजय सिन्हा पर कार्रवाई होगी? तेजस्वी नेकहा कि अब विजय सिन्हा को सामने आकर यह बताना चाहिए कि उनके हस्ताक्षर से कैसे दो विधानसभा में उनके नाम दर्ज हैं. क्या वह दो जगह वोटगिराना चाह रहे हैं? अगर नहीं दो वह बताएं कि चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया ही फर्जी है. उनके पास बीएलओ गए ही नहीं. नाम किए थे दर्जबिना उनके हस्ताक्षर से ही दो अलग-अलग विधानसभा में उनके नाम दर्ज कर लिए गए है?उन्होंने कहा कि एसआईआर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है. हमलोगों ने कई बार यह बात कही. सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला है. अब इससे बड़ा सबूत क्याहोगा कि बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का दो विधानसभा क्षेत्र के वोटर लिस्ट में नाम है. उनके नाम दो EPIC नंबर दर्ज है. तेजस्वी ने कहा किचुनाव आयोग मतदाता सूची प्रारूप की फाइल ही बदल दी है. पूरा फॉर्मेट ही बदल दी है यह फाइल काफी हैवी हो गई है. पहले मतदाता सेवा पोर्टलसे टैक्स्ट बेस्ट पीडीएफ डाउनलोड होता था. अब इमेज बेस्ड पीडीएफ डाउनलोड हो रहा है. इस नए फाइल कुछ भी सर्च करना काफी मुश्किल है. इतना ही नहीं जो फाइल डाउनलोड हो रही है? उनकी साइज बड़ी हो गई है.
राहुल गांधी की ‘डिनर पॉलिटिक्स’ विपक्ष एकजुट, वोटर लिस्ट विवाद से लेकर उपराष्ट्रपति चुनाव तक सरकार को घेरने की तैयारी

विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सारे प्रयत्न कर रहा है. मतदाता सूची पुनरीक्षण से लेकर उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक, हर मामले में विपक्ष एकजुटहोकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है. हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को अपनेआवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था. इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ का मकसद सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करना माना जा रहा है. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए. विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) परचुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है. एकजुटना को भी है दिखानाराहुल गांधी ने खुद इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता करके चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट की चोरी करने का आरोप लगाया है विपक्ष का इरादा इसमुद्दे पर सरकार को जमकर घेरना है. इसके बहाने वह संसद में विपक्ष की एकजुटता को भी दिखाना चाह रहे हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ केइस्तीफा देने बाद इस पद के चुनाव प्रक्रिया की घोषणा हो चुकी है. उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन शुरू हो गया है. 21 अगस्त तक प्रत्याशीनामांकन कर सकते हैं. नामांकन पत्रों की होगी जांच22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 25 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 9 सितंबर को मतदान होगा. विपक्ष की योजना साझाउम्मीदवार उतारने और सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेश करने की है. राहुल गांधी चाहते हैं कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एकजुट हो।रात्रिभोज में इस सहमति एक बड़ा मुद्दा रही होगी. देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए ने भी तैयारी शुरू कर दी है. इंडिया ब्लाक में इसमें अबदेरी नहीं करना चाहता. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दलके तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए.
गलत नंबर से बदली किस्मत मडागांव के दो दोस्तों की विराट, एबी और पाटीदार से हुई अनोखी बातचीत

सोचिए आप अपने गांव में किसी किराने की दुकान पर बैठे हो और आपक फोन बज उठे. कॉल की दूसरी साइड से कोई बोले. हैलो! मैं विराट कोहलीबोल रहा हूं. कुछ देर बाद दूसरा कॉल आए और दूसरी साइड से कोई बोले…हैलो! मैं एबी डिविलियर्स बोल रहा हूं. आप सोच में पड़ जाएंगे औरलगेगा कि कोई प्रैंक या फिर मजाक कर रहा है. फिर कुछ देर बाद एक और कॉल आए और सामने वाला शख्स बोले…हैलो! मैं रजत पाटीदार बोलरहा हूं. ये किसी फिल्म की कहानी जैसा लग रहा होगा. लेकिन छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के देवभोग छेत्र के मडागांव में दो दोस्तों के साथ कुछऐसा ही हुआ है. उनकी जिंदगी ने अचानक ऐसी करवट ली कि सब सोच में पड़ गए. मडागांव के दो दोस्त मनीष और खेमराज ने खुद को अचानकवीआईपी के कॉन्टैक्ट लिस्ट में पाया और हैरान रह गए. बाद में जब पूरा मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस को इसका हल निकालना पड़ा. दरअसल, इस कहानी की शुरुआत 28 जून को हुई. पाटीदार की दिखी तस्वीरमनीष ने आसपास के एक दुकान से एक नया सिमकार्ड खरीदा सिमकार्ड के लिए वही प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे आमतौर पर सबको गुजरना पड़ताहै. हालांकि, ट्विस्ट तब आया, जब वह सिमकार्ड चालू हुआ और मनीष ने व्हाट्सएप इंस्टॉल किया. उस नंबर के व्हाट्सएप पर प्रोफाइल पिक्चर मेंरजत पाटीदार की तस्वीर दिखी. मनीष और खेमराज ने सोचा कि यह कोई मजाक है. लेकिन इसके कुछ दिन बाद उस नंबर पर कॉल आने शुरू हो गए. ये कॉल पड़ोसी या फिर रिलेटिव्स के नहीं, बल्कि क्रिकेट स्टार्स और उनसे जुड़े लोगों के थे. किसी ने खुद को विराट कोहली बताया तो किसी ने एबीडिविलियर्स,मनीष और खेमराज को लगा कि किसी का प्रैंक है. उन्होंने भी प्रैंक करने का सोचा इसके बाद जब भी क्रिकटर्स की ओर से फोन आता, तोउन्होंने खुद को ‘महेंद्र सिंह धोनी’ के रूप में पेश करना शुरू कर दिया.दिया है जवाब15 जुलाई को मनीष को एक अनजान नंबर से एक और कॉल आया. इस बार एक विनम्र आवाज ने कहा, ‘भाई, मैं रजत पाटीदार हूं. जिस नंबर से तुमबात कर रहे हो, वह मेरा नंबर है, कृपया इसे वापस कर दें. तब भी मनीष और खेमराज चिढ़ाने के मूड में थे और उन्होंने जवाब दिया ‘और हम एमएसधोनी हैं. पाटीदार ने धैर्यपूर्वक समझाया कि यह नंबर उनके लिए महत्वपूर्ण है. इस नंबर की वजह से वह अपने कोच, दोस्तों और क्रिकेट बिरादरी सेजुड़े हुए हैं. जब मनीष और खेमराज की मस्ती बंद नहीं हुई, तो पाटीदार ने चेतावनी दी, ‘ठीक है, मैं पुलिस भेजूंगा. 10 मिनट के अंदर, पुलिस उनकेदरवाजे पर थी। तभी मनीष और खेमराज का दिमाग कौंधा और उन्हें पता चला कि वे असली रजत पाटीदार या फिर विराट कोहली या फिर एबीडिविलियर्स से बात कर रहे थे. उन दोनों ने सिम बिना किसी हिचकिचाहट के वापस कर दिया. विराट कोहली के फैन खेमराज के लिए दुर्घटनावशआए फोन ने उनकी जिंदगी बदल दी. खेमराज ने मुस्कुराते हुए बताया, ‘गलत नंबर की वजह से मुझे कोहली से बात करने का मौका मिला. मेरे जीवनका लक्ष्य पूरा हो गया है. गांव वाले अब मडागांव के ‘क्रिकेट के नक्शे पर’ होने जैसा मजाक करते हैं. वहीं, मनीष और खेमराज को उम्मीद है किपाटीदार इस बार फिर से अपने सिम के लिए नहीं, बल्कि धन्यवाद कहने के लिए फोन करेंगे.