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फोन टैपिंग आरोप पर केटी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री संजय कुमार को भेजा कानूनी नोटिस, बिना शर्त माफी की मांग

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार को कानूनी नोटिस भेजा है. संजय कुमार ने पिछली बीआरएस सरकारके दौरान फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे. केटी रामा राव ने संजय कुमार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी नोटिस भेजकर माफी की मांगकी है.11 अगस्त को जारी नोटिस में, रामा राव के वकील ने आरोप लगाया कि ‘केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने झूठे, मानहानिकारक और अपमानजनकबयान दिए. जिनमें दावा किया गया कि उनके मुवक्किल (रामा राव) ने फोन टैपिंग कराई. सबसे पहले, हमारे मुवक्किल का कहना है कि संजय कुमारद्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद और सरासर गलत हैं और इन आरोपों से हमारे मुवक्किल की प्रतिष्ठा, छवि और साख को धूमिल करने की कोशिशकी गई. सीबीआई को सौंपने की थी मांगनोटिस में कहा गया है कि ‘संजय कुमार ने केटी रामा राव के खिलाफ मानहानिकारक बयान सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए दिए. नोटिस में संजयकुमार से बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलनेके सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तो रामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे. जिसमें दीवानी और फौजदारीदोनों शामिल हैं. तेलंगाना में अवैध फोन टैपिंग मामले में एसआईटी के समक्ष गवाह के तौर पर पेश हुए संजय कुमार ने 8 अगस्त को इस मामले कीजांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी. फौजदारी दोनों है शामिलकेंद्रीय मंत्री ने फोन टैपिंग के आरोप लगाते हुए दावा किया कि माओवादी गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया सेउनका फोन टैप किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तोरामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे, जिसमें दीवानी और फौजदारी दोनों शामिल हैं.

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की कोई योजना नहीं, ‘एक देश एक चुनाव’ समिति को मिला विस्तार

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई। इस बीचसरकार ने कई सवालों के जवाब दिए. सरकार ने एक सांसद के सवाल के जवाब में कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की योजना नहीं है. वहींएक देश, एक चुनाव वाली संसदीय समिति के कार्यकाल में विस्तार किया गया है. केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंहबघेल ने संसद को बताया कि केंद्र सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाला कोई कानून बनाने की योजना नहीं बना रही है. अंतिम सप्ताह तक नया विस्तारलोकसभा में भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बघेल ने कहा कि संविधान केअनुच्छेद 246(3) के अनुसार संघ और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के वितरण के तहत पशुओं का संरक्षण एक ऐसा मामला है जिस पर राज्यविधानमंडल को कानून बनाने की विशेष शक्तियां प्राप्त हैं. मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गायों के संवर्धन, संरक्षण और पालन के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा की गई पहलों को समर्थन और मजबूती देने के लिए दिसंबर 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन को क्रियान्वित कर रही है. 2024 मेंदेश के कुल दूध उत्पादन 239.30 मिलियन टन में गाय के दूध का योगदान 53.12 प्रतिशत था. जबकि भैंस के दूध का योगदान 43.62 प्रतिशतथा.लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की प्रणाली को लागू करने के लिए दो विधेयकों की जांच कर रही संसदीय समिति को मंगलवार कोशीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह तक का नया विस्तार दिया गया. आम चुनावों को है साथ करानासंसद की संयुक्त समिति (जेसीपी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव को सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया. पैनल को अपनी रिपोर्टप्रस्तुत करने के लिए शीतकालीन सत्र, 2025 के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक का समय दिया गया है। विधेयक का उद्देश्य संघ शासित प्रदेशों कीविधानसभाओं के आम चुनावों को लोक सभा के आम चुनावों के साथ कराना है, जो पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की सरकार की नीति का एकअभिन्न अंग है. मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित की गई. इस बीच सरकार ने कई सवालों के जवाब दिए. सरकारने एक सांसद के सवाल के जवाब में कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की योजना नहीं है.

AI फ्लाइट में सुरक्षा चूक का आरोप, कांग्रेस सांसद ने की जांच की मांग लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा विशेषाधिकार हनन नोटिस

बीते 10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम से दिल्ली जा रही एअर इंडिया के विमान की मौसम खराब होने के चलते आपात लैंडिंग का मामला तूल पकड़ताजा रहा है. जहां अब इस मामले में मंगलवार को कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू को एक चिट्ठीलिखकर एअर इंडिया की उड़ान में हुई कथित सुरक्षा चूक की जांच कराने की मांग की है. इस फ्लाइट में वे खुद और कुछ अन्य सांसद भी सवार थे. इतना ही नहीं मामले में केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक विशेषाधिकार हनन नोटिस भी सौंपा है. सांसदों का कहना है किइस घटना ने उनकी सुरक्षा और गरिमा को ठेस पहुंचाई है इसलिए इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए. विमान में सवार सभी सांसदों ने मामले कीजांच की मांग उठाते हुए पत्र में लिखा कि उड़ान लगातार खराब मौसम और झटकों के बीच हुई और यात्रियों को सीट बेल्ट बांधकर बैठने को कहागया. इस दौरान न तो खाने की सुविधा दी गई और न ही कोई स्पष्ट जानकारी. पत्र में आगे बताया गया कि मिड-फ्लाइट पायलट ने बताया कि मौसमरडार फेल हो गया है और फ्लाइट को चेन्नई डायवर्ट किया जा रहा है. जबकि उस समय बंगलूरू या कोयंबटूर जैसे नजदीकी एयरपोर्ट भी मौजूद थे।सांसदों ने पत्र में बताया कि चेन्नई पहुंचने के बाद विमान एक घंटे सेज्यादा आसमान में चक्कर काटता रहा. पहली बार लैंडिंग की कोशिश के दौरान जब विमान केवल 30-40 फीट ऊपर था, तो पायलट ने अचानकलैंडिंग रोक दी और तेजी से ऊपर उड़ान भर ली. बाद में बताया गया कि रनवे पर पहले से एक और विमान मौजूद था. आगे सांसदों ने पायलट कीसूझबूझ और साहस की तारीफ भी की, लेकिन साथ ही एअर इंडिया की घटना के बाद की गई कार्रवाई और जानकारी देने के तरीके पर सवाल उठाए. सांसदों ने कहा कि एयरलाइन ने सच्चाई छिपाने और यात्रियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करने की कोशिश की है. सांसदों ने इस पूरे मामले कीतकनीकी और प्रबंधन से जुड़ी हर पहलू की पारदर्शी जांच कराने की मांग की है और कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होनाचाहिए. अब बात अगर मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र की करे तो संसदों ने मामले में लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन नोटिससौंपा है। सांसदों ने कहा कि वे उस फ्लाइट में सवार थे. जो निर्धारित समय से देरी से रवाना हुई और पूरी यात्रा के दौरान तेज झटकों का सामना करनापड़ा. न तो यात्रियों को खाना दिया गया, न ही किसी तरह की स्पष्ट जानकारी. पत्र में आगे लिखा कि उड़ान के बीच में पायलट ने मौसम रडार खराबहोने की सूचना दी और विमान को चेन्नई डायवर्ट कर दिया, जबकि बेंगलुरु और कोयंबटूर जैसे एयरपोर्ट उस समय ज़्यादा पास थे. चेन्नई पहुंचने केबाद विमान एक घंटे से ज़्यादा हवा में चक्कर काटता रहा. पहली लैंडिंग की कोशिश के दौरान विमान को अचानक 30-40 फीट की ऊंचाई से ऊपरउठाना पड़ा, क्योंकि रनवे पर कथित रूप से कोई दूसरा विमान मौजूद था.

भाजपा विधायक अशोक डिंडा को कोलकाता पुलिस का समन, विरोध प्रदर्शन में पुलिस को धमकाने का आरोप

कोलकाता पुलिस ने मंगलवार को भाजपा विधायक और पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा को समन किया. डिंडा पर आरजी कर अस्पताल कांड केएक साल पूरे होने पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों को कथित तौर पर धमकाने के आरोप है. डिंडा को 17 अगस्त को न्यू मार्केटपुलिस स्टेशन के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है. एक अधिकारी ने बताया, ‘शनिवार की रैली के दौरान अशोक डिंडा ने हमारेअधिकारियों को धमकाया. उन्होंने दूसरों को हमारे ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर हमला करने के लिए उकसाया भी. वीडियो फोटोज किया गया सीजउन्होंने एक आईएएस अधिकारी के गार्ड पर भी हमला किया. उन्हें 17 अगस्त को न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए तलब किया गया है. उन्होंने बताया कि डिंडा की ओर से पुलिस अधिकारियों को धमकाने और गाली-गलौज करने का वीडियो फुटेज सीज कर लिया गया है. 9 अगस्त कोपश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, उन पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्तिको नुकसान पहुंचाने के आरोप में सात मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें से पांच कोलकाता पुलिस और दो हावड़ा पुलिस की ओर से दर्ज किए गए हैं. सात मामले किए गए थे दर्जइससे पहले शनिवार को कोलकाता और उससे सटे हावड़ा की सड़कों पर भीषण विरोध प्रदर्शन देखा गया. इस दौरान हालात बेकाबू भी हुए. प्रदर्शनसरकारी आरजी कर अस्पताल में एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के एक साल बाद किया गया था. इस दौरानपीड़िता की मां को सिर में चोट लगी थी. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 9 अगस्त को पश्चिम बंगाल सचिवालय तक मार्च के दौरानसुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने, उन पर हमला करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में सात मामलेदर्ज किए गए हैं. इनमें से पांच कोलकाता पुलिस और दो हावड़ा पुलिस की ओर से दर्ज किए गए हैं.

बिहार चुनाव से पहले छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ी, सम्राट चौधरी को Z+ और तेजस्वी यादव को Z श्रेणी की सुरक्षा

आगामी चुनाव को देखते हुए बिहार के छह नेताओं की सुरक्षा बढ़ा गई है. इन नेताओं में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव, अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह, बाढ़ से भाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और जदयू कोटे से एमएलसी नीरजकुमार शामिल हैं. सोमवार सुबह गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से आदेश भी जारी कर दी गई है. सरकार ने इन नेताओं की बढ़ती राजनीतिकगतिविधियों और जनसभाओं में भीड़ को देखते हुए ऐसा फैसला लिया गया है। आइए जानते हैं किस नेता को किस श्रेणी की सुरक्षा मिली. डिप्टीसीएम को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. जानलेवा हमला होने की कही है बातइतना ही नहीं राज्य सरकार की ओर से एएसएल (एडवांस सिक्योरिटी लाइजन) की टीम भी रहेगी. यानी अब जहां सम्राट चौधरी का कार्यक्रम होगा, वहां पहले से सुरक्षाकर्मियों की टीम उन जगह का दौरा करेगी. सुरक्षा के सारे मानकों की समीक्षा के बाद टीम ग्रीन सिग्नल देगी. इसके बाद ही सम्राटचौधरी कार्यक्रम में शामिल होंगे पहले उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी. विधानसभा सत्र के दौरान राबड़ी देवी ने तेजस्वी यादव पर जानलेवा हमलाहोने की बात कही थी. इसके बाद से उनके सुरक्षा घेरा को बढ़ाने की मांग उठने लगी थी. अब सरकार की ओर से उनका सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है. तेजस्वी को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. पहले उन्हें वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त थी. सुरक्षा बढ़ाने की कर रहे थे मांगपूर्णिया सांसद पप्पू यादव पिछले कई दिनों से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब सरकार ने उनका भी सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है. पप्पू यादवको वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. उनके अलावा भाजपा सांसद प्रदीप सिंह को भी वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. वहींभाजपा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को और जदयू एमएलसी नीरज कुमार को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है.विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने तेजस्वी यादव पर चार बार हमला होने का आरोप लगाया था. कहा था कि उनकी सुरक्षाव्यवस्था पर्याप्त नहीं है। कई महीनों से इसमें बदलाव की मांग की जा रही थी. अब सरकार ने इस पर मुहर लगा दी है। उनके साथ-साथ इन नेताओंकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

PM मोदी ने सांसदों के लिए बनाए गए 184 नए टाइप-VII फ्लैट्स का किया उद्घाटन, दिव्यांग अनुकूल और भूकंपरोधी सुविधाओं से होगा लैस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया. उद्घाटन कार्यक्रमसुबह 10 बजे हुआ इस दौरान पीएम मोदी ने सिंदूर का पौधा भी लगाया. यह परिसर सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. प्रत्येकफ्लैट में 5,000 वर्ग फुट क्षेत्रफल है, जिसमें कार्यालय और स्टाफ के लिए जगह भी है. यह परियोजना गृह 3-स्टार रेटिंग और राष्ट्रीय भवन संहिता केअनुरूप है. इमारतें भूकंपरोधी हैं और दिव्यांगों के लिए अनुकूलित हैं.जानकारी के अनुसार इस परिसर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है और यह संसद सदस्यों की कार्यात्मक जरूरतों को पूरा करने केलिए आधुनिक सुविधाओं की पूरी श्रृंखला से सुसज्जित है. परियोजना का विकास हुआ आवश्यकहरित प्रौद्योगिकी को सम्मिलित करते हुए, यह परियोजना जीआरआईएचए 3-स्टार रेटिंग के मानकों का पालन करती है और राष्ट्रीय भवन संहिता(एनबीसी) 2016 का अनुपालन करती है. इन पर्यावरणीय रूप से स्थायी विशेषताओं से ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और प्रभावीअपशिष्ट प्रबंधन में योगदान मिलने की आशा है. उन्नत निर्माण तकनीक (विशेष रूप से, एल्युमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट) केउपयोग ने संरचनात्मक स्थायित्व सुनिश्चित करते हुए परियोजना को समय पर पूरा करना संभव बनाया. यह परिसर दिव्यांगजनों के अनुकूल भी है जोसमावेशी डिज़ाइन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.संसद सदस्यों के लिए अनुकूल आवास की कमी के कारण इस परियोजना का विकास आवश्यक हो गया था. आवास विकास पर दिया गया लगातार बलभूमि की सीमित उपलब्धता के कारण, भूमि उपयोग को अनुकूलित करने और रखरखाव लागत को न्यूनतम करने के ध्येय से ऊर्ध्वाधर आवास विकासपर लगातार बल दिया गया है. प्रत्येक आवासीय इकाई में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट क्षेत्र है. जो आवासीय और आधिकारिक दोनों कार्यों केलिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है. कार्यालयों, कर्मचारियों के आवास और एक सामुदायिक केंद्र के लिए समर्पित क्षेत्रों को शामिल करने से संसदसदस्यों को जन प्रतिनिधि के रूप में अपनी उत्तरदायित्वों को पूरा करने में मदद मिलेगी. परिसर के सभी भवनों का निर्माण आधुनिक संरचनात्मकडिज़ाइन मानदंडों के अनुरूप भूकंपरोधी बनाया गया है. सभी निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और सुदृढ़ सुरक्षा तंत्रकार्यान्वित किया गया है. दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा खड़क सिंह मार्ग पर संसद सदस्यों के लिए नवनिर्मित 184 टाइप-VII बहुमंजिलाफ्लैटों का उद्घाटन किया.

संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के ठिकाने और स्वास्थ्य पर जताई चिंता

शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है. शिवसेना सांसद ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का केबारे में जानने के लिए यह पत्र लिखा है. उन्होंने दावा किया है कि उनसे संपर्क करने के प्रयास असफल रहे हैं. दरअसल, धनखड़ ने संसद के मानसूनसत्र के पहले दिन 21 जुलाई को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. संजय राउत ने 10 अगस्त को अमित शाह को लिखे अपने पत्र में कहा, ‘हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति के बारे में कोई जानकारी नहीं है. वह वर्तमान में कहां हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है? इन मामलों पर कोई स्पष्टता नहीं है. राज्यसभाके कुछ सदस्यों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. कर्मचारियों से नहीं है कोई संपर्कशिवसेना-यूबीटी नेता ने सोमवार को ‘एक्स’ पर यह पत्र साझा किया. राउत ने कहा कि दिल्ली में अफवाहें फैल रही हैं कि धनखड़ को उनके आवासतक सीमित कर दिया गया है और कथित तौर पर वह सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘उनसे या उनके कर्मचारियों से कोई संपर्क नहीं हुआ है. जो गंभीरचिंता का विषय है उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति के साथ आखिर क्या हुआ? वह कहां हैं? उनका स्वास्थ्य कैसा है? क्या वह सुरक्षित हैं? देश इनसवालों की सच्चाई जानने का हकदार है. पिछले हफ्ते शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने धनखड़ के बारे में पूछा था. उन्होंने गुरुवार को एकसंवाददाता सम्मेलन में कहा’पूर्व उपराष्ट्रपति अब कहां हैं? इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए. धनखड़ को लेकर है चिंतितराज्यसभा सदस्य राउत ने कहा कि उच्च सदन के उनके कुछ सहयोगी सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकिवे वास्तव में धनखड़ को लेकर चिंतित हैं.राउत ने कहा’सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से पहले मैंने आपसे यह जानकारी मांगना उचित समझा मुझे उम्मीद है कि आप मेरी भावनाओंको समझेंगे और धनखड़ के वर्तमान ठिकाने, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के बारे में वास्तविक जानकारी प्रदान करेंगे. राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा किउच्च सदन के उनके कुछ सहयोगी सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि वे वास्तव में धनखड़ को लेकरचिंतित हैं.

अमेरिका में फिर गाया कश्मीर राग पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को भारत का करारा जवाब, विदेश मंत्रालय ने कहा “कश्मीर हमारा आंतरिक मामला”

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने एक बार फिर कश्मीर राग अलापा है. भारत की लगातार लताड़ के बाद भी बड़बोले मुनीर अपनी हरकतों सेबाज नहीं आ रहे हैं. अमेरिका दौरे पर गए मुनीर ने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान की गले की नस है. उन्होंने यह बात पहलगाम हमले से पहले भी कहीथी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को नहीं भूलेगा. इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने उनको करारा जवाब दिया था .विदेश मंत्रालयने कहा था कि कोई विदेशी चीज कैसे गले में अटक सकती है? यह भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है. पाकिस्तान को यहां अवैध रूप से कब्जाए गएक्षेत्रों को खाली कर देना चाहिए.फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गए डिनर कार्यक्रम में मुनीर ने एक बार फिर झूठ बोला कि भारत केसाथ हाल के संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने दृढ़ता और बलपूर्वक जवाब दिया. मुहंतोड़ जवाबहमने दिखा दिया कि किसी भी भारतीय आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. कश्मीर भारत का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि एक अधूराअंतरराष्ट्रीय एजेंडा है. मुनीर ने कहा कि डेढ़ महीने के अंतराल के बाद उनकी यह दूसरी अमेरिका यात्रा पाकिस्तान-अमेरिका संबंधों में एक नया आयामस्थापित करती है। इन यात्राओं का उद्देश्य संबंधों को रचनात्मक, टिकाऊ और सकारात्मक दिशा में ले जाना है. पाकिस्तान ट्रंप का बेहद आभारी है, जिनके रणनीतिक नेतृत्व ने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने के साथ-साथ दुनिया भर में कई अन्य युद्धों को भी रोका है. हालांकि भारत ट्रंपऔर मुनीर के इस दावे को खारिज कर चुका है. बड़बोले मुनीर यहीं नहीं रुके और बोले कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारी निवेश आकर्षितहोने की उम्मीद है और पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल की हैं. परिवर्तन समारोह में लिया भागपाकिस्तानी सेना ने कहा कि टाम्पा में मुनीर ने संयुक्त राज्य अमेरिका सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के निवर्तमान कमांडर जनरल माइकल ई. कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह और एडमिरल ब्रैड कूपर द्वारा कमान संभालने के अवसर पर आयोजित कमांड परिवर्तन समारोह में भाग लिया. मुनीर नेज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से भी मुलाकात की. उन्होंने जनरल केन को पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया. इस दौरान थलसेना प्रमुख ने मित्र देशों के रक्षा प्रमुखों से भी बातचीत की. बयान में कहा गया है कि पाकिस्तानी प्रवासियों के साथ एक संवाद सत्र के दौरानसीओएएस ने उनसे पाकिस्तान के उज्ज्वल भविष्य के प्रति आश्वस्त रहने और निवेश आकर्षित करने में सक्रिय रूप से योगदान देने का आग्रह किया. प्रवासियों ने पाकिस्तान की प्रगति और विकास का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की.

ऑस्ट्रेलिया देगा फलस्तीन को मान्यता, पीएम अल्बानीज बोले दो-राष्ट्र समाधान ही है पश्चिम एशिया में शांति का रास्ता

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भी फलस्तीन को मान्यता देगा. अल्बानीज नेसोमवार को ऐसे संकेत दिए कि वे फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा के साथ मिलकर फलस्तीन को अलग देश की मान्यता दे सकते हैं. दरअसल गाजा में जारीभुखमरी और बड़ी संख्या में हो रही लोगों की मौतों के खिलाफ दुनियाभर में आवाज उठ रही है. ऑस्ट्रेलिया में भी गाजा में जारी मानवीय संकट केखिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की कैबिनेट के कई सदस्यों ने भी फलस्तीन को अलग देश के रूप में मान्यता देने कीमांग की थी. इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में गाजा पर कब्जे की जो योजना बनाई है. रोक लगने की है उम्मीदउसकी भी ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने तीखी आलोचना की है. अल्बानीज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सोमवार को उनकी कैबिनेट की बैठक है. इस बैठक में ही फलस्तीन को अलग देश का दर्जा देने पर फैसला होगा. आगामी सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन के दौरान इसकाऔपचारिक एलान किया जाएगा. अल्बानीज ने कहा कि फलस्तीन ने ऑस्ट्रेलिया से कुछ प्रतिबद्धताओं का पूरा करने की बात कही थी. जिनके तहतफलस्तीन में हमास की कोई भूमिका नहीं होगी और साथ ही गाजा का वि-सैन्यीकरण होगा और वहां चुनाव भी कराए जाएंगे. अल्बानीज ने कहा किद्वि-राष्ट्र समाधान से ही पश्चिम एशिया में हिंसा के चक्र पर रोक लगने की उम्मीद है. लोगों की परेशानी होगी खत्मइससे संघर्ष का अंत होगा और गाजा में भुखमरी और लोगों की परेशानी खत्म होगी. अल्बानीज ने इस्राइली सरकार की आलोचना की और आरोपलगाया कि इस्राइली सरकार अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर रही है और लोगों को खाना-पानी भी देने से रोक रही है. ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने बीतेहफ्ते फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महमूद अब्बास ने पश्चिमी देशों की शर्तों के प्रति सकारात्मकजवाब दिया है. वहीं ऑस्ट्रेलिया और अन्य यूरोपीय देशों द्वारा फलस्तीन को मान्यता देने के एलान की इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी निंदाकी। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से 150 देश फलस्तीन को मान्यता दे चुके हैं. हालांकि ये मान्यता महज संकेतात्मक है. द्वि-राष्ट्र सिद्धांत के तहत इस्राइल के साथ ही फलस्तीन भी अलग देश होगा, जिसमें वेस्ट बैंक, गाजा और पूर्वी यरूशलम के कुछ हिस्से होंगे. पूर्वीयरूशलम के वे हिस्से फलस्तीन में शामिल किए जाएंगे, जिन्हें इस्राइल ने 1967 के मध्य पूर्व युद्ध में जीता था.

वोट चोरी के आरोपों पर इंडिया ब्लॉक का संसद से चुनाव आयोग तक मार्च, राहुल गांधी ने की डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करने की मांग

वोटों की हेराफेरी के आरोपों के बीच इंडिया ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसदों ने आज संसद से निर्वाचन सदन तक मार्चकिया. विपक्षी सांसद सुबह 11:30 बजे संसद भवन स्थित मकर द्वार से परिवहन भवन होते हुए निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) तक मार्च करने के लिएरवाना हुए. हालांकि, थोड़ी दूरी पर ही पुलिस ने बैरेकेडिंग कर मार्च को रोक दिया. विपक्ष का कहना है कि भाजपा के साथ मिलकर चुनाव आयोगवोटों की चोरी कर रहा है. उसका यह भी कहना है कि बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मतदाताओं के हित केबजाय अहित कर रहा है. एसआईआर के चलते राज्य से लाखों की संख्या में मतदाताओं के मताधिकार छीने गए हैं. विपक्ष इसमें मामले में सदन मेंलगातार चर्चा की मांग के साथ इसे वापस लेने की मांग कर रहा है. आधार पर दो बार किया मतदानवरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को ग्वालियर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सभी बूथलेवल ऑफिसर (बीएलओ) एक ही कमरे में ‘फर्जी फॉर्म’ भर रहे हैं. उन्होंने कहा’राहुल गांधी ने ऐसे तथ्य सामने रखे हैं. जिन्हें कोई नकार नहीं सकताएक ही व्यक्ति का नाम कई जगहों पर, मतदान केंद्रों सहित दिखाई देता है. राहुल गांधी की मांग मतदाता सूची के इलेक्ट्रॉनिक डेटा की है. जिसे हमसॉफ्टवेयर की मदद से स्कैन करके यह पता लगा सकते हैं कि एक ही EPIC नंबर पर कितने वोट पड़े हैं. बिहार में एसआईआर क्यों हो रहा है? 2003 में इसका गहन परीक्षण किया गया था. जिसमें बिहार में 2 साल लगे थे, लेकिन इस बार वे इसे 1 महीने में करना चाहते हैं. दिग्विजय सिंह नेआगे कहा कि चुनाव आयोग का कहना है कि इतने लोग मर गए. लेकिन उनकी सूची नहीं दी जाती है उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक के सांसद आजसंसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे. इनमें भाजपा और एनडीए गठबंधन के सांसदों को छोड़कर सभी दलों के सांसद शामिल होंगे. इससे पहले रविवार को कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से भारत निर्वाचन आयोग पर उनके ‘वोट चोरी’ केआरोपों की जांच के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा. सीईओ ने कहा कि राहुल गांधी ने 7 अगस्त को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत निर्वाचनआयोग के रिकॉर्ड से कुछ दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं. जिनमें आरोप लगाया गया है कि एक मतदाता शकुन रानी ने एक मतदान अधिकारी द्वारा दिखाएगए आंकड़ों के आधार पर दो बार मतदान किया.मतदान करने से किया इनकारचुनाव निकाय ने आगे कहा कि प्रारंभिक जांच में शकुन रानी ने दो बार मतदान करने से इनकार किया है. सीईओ कार्यालय ने यह भी पाया कि राहुलगांधी द्वारा प्रस्तुत किया गया टिक-मार्क वाला दस्तावेज मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था. जिससे दावे की प्रामाणिकता पर सवालउठते हैं. मतदाता सूची में धांधली को लेकर मचे बवाल के बीच कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के खिलाफ अभियान लॉन्च किया है. इस अभियान के मिस्डकॉल देने के लिए फोन नंबर और एक वेबसाइट लॉन्च की है. राहुल गांधी ने अभियान को लेकर कहा कि वोट चोरी एक व्यक्ति, एक वोट के बुनियादीलोकतांत्रिक सिद्धांत पर हमला है. स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के लिए साफ-सुथरी मतदाता सूची अनिवार्य है. राहुल गांधी ने रविवार को सोशलमीडिया पर एक वीडियो साझा किया. जिसमें उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से चुनावों में बड़े पैमाने पर आपराधिक धोखाधड़ी होनेके अपने दावों को दोहराया उन्होंने जनता से इसमें जुड़कर वोट चोरी को रोकने की अपील की। पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, चुनाव आयोग से हमारीमांग साफ है. पारदर्शिता दिखाएं और डिजिटल मतदाता सूची सार्वजनिक करें, ताकि जनता और राजनीतिक दल उसका खुद ऑडिट कर सकें. आप भीहमारे साथ जुड़ कर इस मांग का समर्थन करें. हमारी वेबसाइट पर जाएं या दिए गए नंबर पर मिस्ड कॉल करें। यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा की है.