इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को परेशान कर रहा पाकिस्तान, भारत ने भी दिया ‘जैसे को तैसा’ जवाब

पाकिस्तान ने फिर नापाक हरकत करते हुए इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के घरों में मिनरल वाटर, गैस और अखबार की आपूर्ति बंद कर दी है. स्थानीय गैस सिलिंडर के सप्लायरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारतीय राजनयिकों को सिलिंडर न बेचें. जवाबी कदम के तौर पर भारत ने भी दिल्लीमें पाकिस्तानी राजनयिकों को अखबार पहुंचाना बंद कर दिया है. सूत्रों ने बताया, पाकिस्तानी अधिकारी भारतीय राजनयिकों की निगरानी भी करवा रहेहैं. इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों के आवासों व दफ्तरों में अवैध प्रवेश की घटनाएं सामने आई हैं. इसे राजनयिकों और कर्मचारियों को डराने कीकोशिश के रूप में देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले की कार्रवाई के तहत पाकिस्तान यह हरकतें कर रहा है. आईएसआई की साजिश का हिस्सायह उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की साजिश का हिस्सा है. ऑपरेशन सिंदूर से पहले विक्रेता गैस सिलिंडर व बोतलबंद पानी की आपूर्तिभारतीय उच्चायोग में करते थे पर अब वे ऐसा करने में हिचकिचा रहे हैं और ज्यादातर बार मना कर देते हैं. सूत्रों ने बताया पाकिस्तानी कंपनी सुई नॉर्दर्नगैस पाइपलाइन लि. ने भारतीय उच्चायोग परिसर में लगी पाइपलाइन में गैस की आपूर्ति रोक दी है. भारतीय राजनयिकों और उनके परिवारों कोअधिक पैसे चुकाने के बावजूद सिलिंडर मिलने में दिक्कतें पैदा की जा रही हैं. 2019 में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी इस्लामाबाद मेंभारतीय राजनयिकों को ऐसी ही परेशानियां झेलनी पड़ी थीं. दबाव बनाने का माहौलपाकिस्तान के गैस, पानी और अखबार रोकने का फैसला विएना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमेटिक रिलेशंस (1961) का उल्लंघन है. कन्वेंशन के आर्टिकल25 के मुताबिक, मेजबान देश को राजनयिक मिशन के सुचारू काम के लिए सभी सुविधाएं देनी होती हैं. पाकिस्तान ने जानबूझकर ये बुनियादीसप्लाई रोककर मिशन के काम और राजनयिकों की रोजमर्रा की जिंदगी में रुकावट डाली. पाकिस्तान की हरकतें सीधे तौर पर दबाव का माहौल बनानेकी कोशिश है. पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिकों की पानी और गैस की आपूर्ति रोक दी है. भारत ने भी पड़ोसी को ‘जैसे को तैसा’ जवाब दिया है. अखबार पर भी पाबंदी लगाई गई है. भारत ने भी पाकिस्तानी राजनयिकों को समाचार पत्रों की आपूर्ति बंद करने का फैसला लिया है.
नए केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश के लिए आधार आधारित स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

केंद्र सरकार के नए विभागों में प्रवेश के लिए सरकार नई व्यवस्था बना रही है. नए सरकारी भवनों के लिए स्मार्ट कार्ड के अलावा पास जारी किएजाएंगे. इसके लिए व्यक्ति की पहचान आधार नंबर से प्रमाणित की जाएगी. गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. अधिसूचना केअनुसार, आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा. बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया थाइसमें कई केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों का विभाग होगा. यहां तक पहुंचने के लिए स्मार्ट कार्ड या पास जरूरी होंगे. गृह मंत्रालय ने कहा है कि कार्डया पास जारी करने के लिए लोगों को आधार कार्ड दिखाना होगा. इस दस्तावेज की मदद से लोगों की पहचान प्रमाणित की जाएगी, इसके बाद हीसंबंधित विभागों या मंत्रालयों में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. पहचान प्रमाणित करने का है उद्देश्यइस संबंध में गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के मुताबिक, नए निर्मित केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश के इच्छुक आवेदकों के विवरण की जांचकरने के लिए आधार प्रमाणीकरण का सहारा लिया जाएगा. इसके बाद उन्हें स्मार्ट कार्ड और आगंतुक पास जारी किए जाएंगे. इलेक्ट्रॉनिक्स औरसूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आधार नंबर के उपयोग की अनुमति दे दी है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण(यूआईडीएआई) से परामर्श के बाद कहा, गृह मंत्रालय के अधीन काम करने वाले सचिवालय सुरक्षा संगठन (SSO) के अधिकारी मंत्रालयों में जानेसे पहले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करने के लिए आधार प्रमाणीकरण कर आधार संख्या धारक की पहचान स्थापित करेंगे. गृह मंत्रालय कीअधिसूचना के अनुसार, आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा. सचिवालय सुरक्षा संगठन आधार का इस्तेमाल केवल स्मार्ट कार्डऔर आगंतुक पास जारी करने के लिए व्यक्तियों की पहचान प्रमाणित करने के उद्देश्य से करेगा. आवेदकों की पहचान की जाएगी आधार कार्ड सेSSO के अधिकारी आधार कार्ड धारक को पहचान के अन्य दस्तावेजों, जैसे ‘पैन कार्ड’, ‘वोटर आईडी कार्ड’, ‘पासपोर्ट’ या ‘विभागीय पहचान पत्र’ जैसे वैकल्पिक और व्यावहारिक माध्यमों के बारे में भी सूचित करेंगे. अधिसूचना में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति आधार प्रमाणीकरण से इनकारकरता है या किसी और कारण से ऑथेंटिकेशन में परेशानी आती है या प्रमाणीकरण में असमर्थ होने पर भी किसी आधार कार्ड धारक को मंत्रालयों याविभागों से मिलने वाली किसी सेवा का लाभ लेने से रोका नहीं जाएगा.दिल्ली में नवनिर्मित केंद्रीय सचिवालय भवनों में प्रवेश करने के लिए स्मार्ट कार्ड और आगंतुक पास का इस्तेमाल किया जाएगा. इन कार्ड को प्राप्तकरने के इच्छुक आवेदकों की पहचान आधार कार्ड से की जाएगी.
प्रियंका गांधी की गाजा टिप्पणी पर इस्राइली राजदूत के बयान की कांग्रेस ने की निंदा, जयराम रमेश बोले मोदी सरकार की चुप्पी नैतिक कायरता

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मंगलवार को पार्टी नेता प्रियंका गांधी की गाजा संघर्ष पर की गई टिप्पणी के जवाब इस्राइली राजदूत के बयान कीनिंदा की. उन्होंने इस्राइली राजदूत रियूवेन अजार के शब्दों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और नरेंद्र मोदी सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी को नैतिककायरता कहा रमेश ने मांग की कि भारत सरकार को इस पर सख्त आपत्ति जतानी चाहिए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जयरामरमेश ने लिखा, कांग्रेस ने इस्राइल के भारत में राजदूत की ओर से प्रियंका गांधी वाड्रा द्वारा गाजा में जारी नरसंहार पर जताई गई पीड़ा और दुख केजवाब में कहे गए शब्दों की निंदा की है. यह उम्मीद करना बहुत ज्यादा होगा कि मोदी सरकार इस पर कोई कड़ा कदम उठाएगी, जिसने पिछले 18 से20 महीनों में गाजा की तबाही पर बोलने में बहुत बड़ी नैतिक कायरता दिखाई है. लेकिन हम इस टिप्पणी को पूरी तरह अस्वीकार्य मानते हैं औरइसका विरोध करते हैं. नरसंहार रहा है करयह विवाद तब शुरू हुआ, जब प्रियंका गांधी वाड्रा ने गाजा में इस्राइली कार्रवाई को ‘नरसंहार’ बताया और कहा कि इस्राइल ने 60,000 से अधिकलोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की इस मुद्दे पर चुप्पी ‘शर्मनाक’ है. प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट मेंलिखा, इस्राइली राज्य नरसंहार कर रहा है. उसने 60,000 से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे हैं. उसने सैकड़ों लोगों को भूख सेमार डाला है जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं और अब वह लाखों लोगों को भूखा मारने की धमकी दे रहा है. उन्होंने आगे लिखा, इन अपराधों पर चुपरहना और कुछ न करना भी एक अपराध है यह शर्मनाक है कि जब इस्राइल यह तबाही फलस्तीनियों पर बरपा रहा है तब भारत सरकार चुप है. एकअन्य पोस्ट में उन्होंने अलजजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या की निंदा करते हुए लिखा, पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी जमीन पर किया गया एकऔर भयानक अपराध है. इन पत्रकारों की हिम्मत और सच्चाई के लिए लड़ने की ताकत कभी इस्राइली हिंसा से नहीं टूटेगी. हमास के आतंकियो को माराइस्राइली राजदूत रियूवेन अजार ने प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, शर्मनाक आपकी चालबाजी है। इस्राइल ने 25,000 हमासके आतंकियों को मारा है. उन्होंने यह भी कहा कि हमास आम नागरिकों के पीछे छिपता है और इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टन खाद्य सामग्री भेजीहै. राजदूत अजार ने लिखा, इंसानी जानों की भारी कीमत हमास की घिनौनी रणनीति की वजह से है. वे आम नागरिकों के पीछे छिपते हैं, मदद लेनेवालों पर गोली चलाते हैं और रॉकेट दागते हैं. उन्होंने यह भी कहा, गाजा की आबादी पिछले 50 वर्षों में 450 फीसदी बढ़ी है, वहां कोई नरसंहार नहींहो रहा. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि हमास के आंकड़ों पर भरोसा न करें। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रियंका गांधी की गाजा पर कीगई टिप्पणी के जवाब में इस्राइली राजदूत के बयान की निंदा की और उसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया. उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर नैतिककायरता का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को इस बयान पर सख्त आपत्ति जतानी चाहिए. प्रियंका गांधी ने गाजा युद्ध में 60,000 से अधिकलोगों की मौत को नरसंहार बताया था.
सुप्रीम कोर्ट के ‘ब्लैंकेट रीमूवल’ आदेश पर राहुल गांधी की तीखी प्रतिक्रिया, बोले करुणा खत्म कर रही है ये नीति जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली और असपास के इलाकों से आवारा कुत्तों को हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नेअपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ‘एक्स’ पर ट्वीट किया, ‘दिल्ली-एनसीआर से सभी आवारा कुत्तों को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश दशकों से चली आरही मानवीय और विज्ञान-समर्थित नीति से एक कदम पीछने हटने जैसा है. ये बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं हैं. जिन्हें मिटाया जा सके. आश्रय, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल सड़कों को बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित रख सकते हैं. ब्लैंकेट रीमूवल (पूरी तरह से हटा देना) क्रूर, अदूरदर्शी है. यह हमारी करुणा को खत्म करता है. हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि जन सुरक्षा और पशु कल्याण साथ-साथ चलें. सख्त करेंगें कार्रवाईराहुल की यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी आवारा कुत्तों को सड़कों से स्थायी रूप सेआश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने का निर्देश देने के एक दिन बाद आई. शीर्ष अदालत ने कहा था कि आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज होने की वजहसे स्थिति बेहद गंभीर हो गई है. खासकर छोटे बच्चे इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि समय के साथ कुत्तों के आश्रयों की संख्याबढ़ानी होगी. इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली के अधिकारियों को छह से आठ हफ्तो में लगभग 5,000 कुत्तों के आश्रय स्थल बनाने का निर्देशदिया.बीते दिन पीठ ने कहा था’अगर कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें इकट्ठा करने वाले ऐसे बल के आड़े आता है और अगर हमेंइसकी सूचना दी जाती है. तो हम ऐसे किसी भी प्रतिरोध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. निगरानी रखने के दिए निर्देशपीठ ने आगे टिप्पणी की कि क्या पशु कार्यकर्ता और तथाकथित प्रेमी रेबीज के शिकार बच्चों को वापस ला पाएंगे? पीठ ने कहा, ‘क्या वे उन बच्चोंको जीवन वापस दे पाएंगे? जब परिस्थिति की मांग हो तो आपको कार्रवाई करनी होगी. शीर्ष अदालत राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने सेरेबीज होने के मामले में 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान लेते हुए शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई कर रही थी. शीर्ष अदालत ने सोमवार को दिल्लीसरकार और गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद के नगर निकायों को सभी आवारा कुत्तों को हटाकर आश्रय स्थलों में रखने का निर्देश दिया. पीठ ने कुत्तोंके आश्रय स्थलों में कुत्तों की देखभाल के अलावा टीकाकरण आदि काम समेत पर्याप्त कर्मचारी रखने का आदेश दिया था. कोर्ट ने इन केंद्रों परसीसीटीवी निगरानी रखने के निर्देश दिए थे.
ओडिशा में नाबालिग लड़कियों की आत्महत्याओं पर फूटा गुस्सा पूर्व CM नवीन पटनायक बोले, बेटियों को सुरक्षित माहौल देने में फेल रही भाजपा सरकार

ओडिशा में लगातार सामने आ रहे नाबालिग लड़कियों के आत्मदाह के मामलों को लेकर विपक्ष ने हमला बोला है. ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीनपटनायक ने राज्य की भाजपा सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि भाजपा बेटियों में सुरक्षा का विश्वास पैदा नहीं कर सकी. सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने मेंफेल रही जहां बेटियां सुरक्षित, सम्मानित महसूस करें. एक महीने के अंदर इसी तरह की घटनाओं में चार लड़कियों की मौत हो चुकी है. पूर्व मुख्यमंत्रीने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि यह जानकर बहुत दुःख, सदमा और पीड़ा हुई कि बरगढ़ के गैसिलाट की एक और लड़की ने खुद को आग लगाकर जानदे दी. इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उस बच्ची के साथ हैं और परिवार के साथ प्रार्थनाएं हैं. ईश्वर परिवार के सदस्यों को इस अपूरणीय क्षति कोसहन करने की शक्ति प्रदान करें. बेहद है दुखदउन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह बेहद दुखद है कि हमारी लड़कियां अपनी जान लेने के लिए खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क रही हैं और यहहृदयविदारक है. एक महीने के भीतर ऐसी ही परिस्थितियों में चार बच्चियों की जान जा चुकी है. हर मासूम की मौत में ओडिशा की एक बेटी का दर्दछिपा है जो इतना असहनीय हो गया कि उसे अपनी जान लेने के अलावा कोई और रास्ता नहीं सूझा. ये चार मौतें कोई छिटपुट मामले नहीं हैं. ऐसीकई लड़कियां हैं जो हर दिन अपराध का शिकार होकर सबसे दुखद तरीके से मर रही हैं. पूर्व सीएम ने कहा कि एनकी हताशा सिर्फ व्यक्तिगत त्रासदीनहीं है. हर त्रासदी उनकी चीखें न सुन पाने की नाकामी को दर्शाती है. भाजपा प्रशासन व्यवस्था में विश्वास पैदा करने में नाकाम रहा है जहां हमारीबेटियां सुरक्षित, मूल्यवान और सुनी हुई महसूस करें. भाजपा सरकार इन मामलों को रोकने के लिए कब तक इंतज़ार करेगी? भाजपा सरकार कीदर्दनाक चुप्पी और निष्क्रियता ओडिशा की बेटियों को और भी असुरक्षित बना रही है. अस्पताल में तोड़ दिया दमओडिशा के बरगढ़ जिले के एक गांव में कथित तौर पर खुद को आग लगाने वाली 13 वर्षीय स्कूली छात्रा ने सोमवार को बुर्ला के एक अस्पताल मेंदम तोड़ दिया. बरगढ़ जिले के प्रभारी बोलांगीर के एसपी अभिलाष जी ने बताया कि बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साईं आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान(VIMSAR) में लड़की की मौत हो गई. आठवीं कक्षा की छात्रा ने खुद को आग लगाने के लिए पेट्रोल का इस्तेमाल किया. यह घटना 12 जुलाई सेअब तक तीन अन्य महिलाओं की जलकर मौत के बाद हुई है. उसी दिन बालासोर में एक 20 वर्षीय छात्रा ने अपने कॉलेज परिसर में खुद को आगलगा ली और 14 जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में उसकी मौत हो गई. 19 जुलाई को बालांगा में एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर तीन बदमाशोंने आग लगा दी और 2 अगस्त को एम्स दिल्ली में उसकी मौत हो गई. तीसरी ऐसी घटना 6 अगस्त को केंद्रपाड़ा जिले में हुई. जब पट्टामुंडई (ग्रामीण) थाना क्षेत्र में एक तृतीय वर्ष की स्नातक छात्रा का जला हुआ शव उसके घर से मिला.
गाज़ा में पत्रकारों की मौत पर प्रियंका गांधी-इस्राइल आमने-सामने राजदूत ने कहा ‘ढकोसलेबाज़ी शर्मनाक’, प्रियंका ने लगाया नरसंहार काआरोप

गाजा में पत्रकारों की मौत को लेकर आरोप लगाने पर प्रियंका गांधी को इस्राइल ने जवाब दिया है. भारत में इस्राइल के राजदूत ने कहा कि आपकीढकोसलेबाजी शर्मनाक है. हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें. इस्राइल ने हमास को खत्म कर दिया है. इससे पहले प्रियंका गांधी ने कहा था किअल-जजीरा के पांच पत्रकारों की हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया जघन्य अपराध है. जो लोग सच के लिए खड़े होने का साहस करते हैं उनकाहौसला इस्राइली हिंसा से कभी नहीं टूटेगा. प्रियंका गांधी के पोस्ट पर जवाब देते हुए भारत में इस्राइल के राजदूत रूवेन अजार ने लिखा कि आपकीढकोसलेबाजी शर्मनाक है. इस्राइल ने 25,000 हमास आतंकियों को मार गिराया. लोगों को मानव जीवन की भयानक क्षति हमास की नागरिकों केपीछे छिपने की घिनौनी रणनीति का परिणाम है. यह है शर्मनाकयह निकासी या सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलीबारी और रॉकेट हमलों के कारण हुआ है. इस्राइल ने गाजा में 20 लाख टनभोजन पहुंचाया, जबकि हमास उसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है, जिससे भुखमरी पैदा हो रही है। पिछले 50 वर्षों में गाजा की आबादी 450% बढ़ी है. वहां कोई नरसंहार नहीं हुआ. हमास के आंकड़ों पर विश्वास न करें. इससे पहले प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा था कि इस्राइलनरसंहार कर रहा है. उसने 60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है जिनमें 18,430 बच्चे थे. उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है जिनमें कईबच्चे भी शामिल हैं. लाखों लोगों को भूख से मरने का खतरा है. इन अपराधों को चुपचाप और निष्क्रियता से बढ़ावा देना अपने आप में एक अपराधहै. यह शर्मनाक है कि भारत सरकार इस्राइल द्वारा फलस्तीन के लोगों पर इस तबाही को ढाए जाने के दौरान चुप बैठी है. सत्ता है व्यापार की गुलामप्रियंका ने यह भी कहा था कि अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की निर्मम हत्या फलस्तीनी धरती पर किया गया एक और जघन्य अपराध है. ऐसी दुनियामें जहां अधिकांश मीडिया सत्ता और व्यापार का गुलाम है. इन बहादुर आत्माओं ने हमें याद दिलाया कि सच्ची पत्रकारिता क्या होती है? ईश्वर उनकीआत्मा को शांति प्रदान करे. प्रियंका गांधी गाजा में इस्राइल की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं और फलस्तीनियों के साथ एकजुटताव्यक्त करती रही हैं. गाजा पर इस्राइल के हमलों में अल-जजीरा के पांच पत्रकारों की मौत हो गई थी. इस्राइली सेना ने एक पत्रकार अनस अल शरीफको हमास का आतंकी करार दिया था. वहीं इस्राइल के इस कदम की पत्रकारों की सुरक्षा समिति ने निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय नेहमले की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया. प्रियंका गांधी ने कहा था कि इस्राइल नरसंहार कर रहा है. उसने60 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे थे. उसने सैकड़ों लोगों को भूख से मार डाला है इस पर भारत में इस्राइल के राजदूतने करारा जवाब दिया है.
त्रिशूर लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में हेराफेरी का आरोप केरल मंत्री ने दोबारा चुनाव की उठाई मांग, भाजपा पर बड़ा हमला

केरल के त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेरफेर का आरोप लगा है. इसे लेकर केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने चुनाव आयोगसे फिर से चुनाव कराने की मांग की है. त्रिशूर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी जीत मिली थी. इस सीट पर भाजपानेता सुरेश गोपी ने 74,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी. उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में सीपीआई के वीएस सुनील कुमार और कांग्रेसउम्मीदवार के मुरलीधरन को हराया था. इस मुद्दे पर वरिष्ठ माकपा नेता शिवनकुट्टी ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले और बाद में निर्वाचन क्षेत्र मेंमतदाता सूचियों में व्यापक हेरफेर के आरोप लगे हैं. भाजपा के भीतर गोपी का विरोध करने वाले भी कह रहे हैं कि मतदाता सूची में 30,000 से60,000 वोट जोड़े जाने की संभावना है. नया चुनाव चाहिए लड़नाउन्होंने कहा कि अब यह बात सामने आई है कि जिले के कई अपार्टमेंटों में आठ से 15 वोट शामिल थे. शिवनकुट्टी ने कहा कि चुनाव आयोग कोत्रिशूर लोकसभा क्षेत्र में दोबारा चुनाव कराना चाहिए. इसके लिए एक वास्तविक और सही मतदाता सूची तैयार की जानी चाहिए. मामले में सुरेशगोपी की लगातार चुप्पी पर शिवनकुट्टी ने कहा कि वह चुप हैं, क्योंकि वह इस मामले पर सच्चा जवाब नहीं दे सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि गोपीमीडिया और लोगों का सामना करने से डर रहे हैं. इसका मतलब है कि उन्होंने मतदाता सूची में हेराफेरी करके और लाखों रुपये खर्च करके चुनाव जीताहै उन्होंने सुरेश गोपी से त्रिशूर के सांसद पद से इस्तीफा देने की मांग की. शिवनकुट्टी ने कहा कि यदि उनकी रुचि हो तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिएऔर नया चुनाव लड़ना चाहिए. भाजपा को मिली थी भारी जीतवरिष्ठ भाकपा नेता वीएस सुनील कुमार ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा कि वह त्रिशूर से गोपी की जीतसुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची में भगवा पार्टी द्वारा की गई कथित हेराफेरी को साबित करने के लिए सबूतों के साथ अदालत का दरवाजाखटखटाएंगे. वरिष्ठ भाकपा नेता वीएस सुनील कुमार ने भाजपा पर मतदाता सूची में हेराफेरी का आरोप लगाया था. इसे लेकर केरल के सामान्य शिक्षामंत्री वी शिवनकुट्टी ने चुनाव आयोग से फिर से चुनाव कराने की मांग की है. त्रिशूर लोकसभा सीट से 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारीजीत मिली थी.
हिंद महासागर में चीन की बढ़ती मौजूदगी से खतरा, संसदीय समिति ने उठाई सुरक्षा और रणनीतिक हितों की चिंता

विदेश मामलों की संसदीय समिति ने हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में चीन की बढ़ती उपस्थिति और उसके बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहाकि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापक रणनीतिक हितों के लिए जोखिम पैदा होता है. समिति ने सरकार से इस मामले में सक्रिय रहने के लिएकहा है. समिति ने कहा, चीन की बढ़ी हुई नौसैनिक क्षमताएं, जिसका उदाहरण उसके बेड़े का बढ़ता आकार है, जिसमें सालाना 15 से ज्यादाइकाइयां शामिल हैं. यह अब संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना से आगे निकल गया है जिससे यह दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक शक्ति बन गया है. समिति ने सोमवार को संसद में पेश भारत की हिंद महासागर रणनीति के मूल्यांकन पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि चीन-पाकिस्तान नौसैनिक गठजोड़ कामजबूत होना भी समान रूप से चिंता का विषय है. यह न केवल उन दोनों के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को सुगम बनाता है बल्कि पाकिस्तान के नौसैनिकआधुनिकीकरण को भी आगे बढ़ाता है. सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं है शामिलसमिति ने कहा कि उसका मानना है कि इन घटनाक्रमों पर तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए. क्योंकि इनमें क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने, भारत कीरणनीतिक स्वायत्तता को चुनौती देने और प्रमुख समुद्री अवरोध बिंदुओं पर उसके प्रभाव को कम करने की क्षमता है. कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीयमंत्री शशि थरूर की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट 130 से ज्यादा पृष्ठों की है. विदेश मंत्रालय ने हिंद महासागर क्षेत्र में मोटे तौर पर तीन चुनौतियोंकी पहचान की है. भू-राजनीतिक चुनौती, समुद्री सुरक्षा के खतरे और बुनियादी ढांचे व संपर्क में कमी. समिति ने मंत्रालय से हिंद महासागर क्षेत्र मेंभारत के सामने आने वाली रणनीतिक चुनौतियों के बारे में जानकारी मांगी थी. रिपोर्ट में कहा गया है विदेश मंत्रालय ने बताया है कि हिंद महासागरक्षेत्र में भारत के लिए रणनीतिक चुनौतियों में समुद्री यातायात, समुद्री डकैती, आतंकवाद, नौवहन और हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता से जुड़ी चिंताएं औरसंप्रभुता व स्वतंत्रता की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं शामिल हैं. 1300 से ज्यादा है द्धीपएक और चुनौती इस क्षेत्र में बाहरी देशों की बढ़ती उपस्थिति है, खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में चीन का पैर जमाना. समिति ने रिपोर्ट में कहा, चीनदोहरे उपयोग के उद्देश्य से बंदरगाहों, हवाई अड्डों और रसद क्षेत्र पर केंद्रित कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं चला रहा है इसके अलावा वह समुद्री क्षेत्रके बारे में जागरूकता बढ़ाने और क्षेत्र के संवेदनशील समुद्र विज्ञान और समुद्री डेटा एकत्र करने के लिए इस क्षेत्र में अनुसंधान और सर्वेक्षण जहाजों कोभी तैनात कर रहा है. हिंद महासागर में दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी रहती है, जो लगभग 35 तटीय देशों में फैली हुई है. भारत की 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा है और पश्चिम में लक्षद्वीप और पूर्व में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के बीच 1,300 से ज्यादा द्वीप हैं.
पाक सेना प्रमुख की परमाणु धमकी पर ओवैसी बरसे, बोले अमेरिका की धरती से भारत को धमकाना निंदनीय मोदी सरकार दे राजनीतिक जवाब

एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की अमेरिका की धरती से भारत के खिलाफ ताजापरमाणु धमकी की निंदा की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को इस पर राजनीतिक प्रतिक्रिया देनी चाहिए. औवेसी ने संसद के बाहर पत्रकारों से बातकरते हुए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मामले को लेकर तल्ख प्रतिक्रिया दी. पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की परमाणु धमकीपर एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘पाकिस्तान के सेना प्रमुख के शब्द और उनकी धमकियां निंदनीय हैं. दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि यहअमेरिका की ओर से हो रहा है. जो भारत का रणनीतिक साझेदार है वह एक ‘सड़कछाप आदमी’ की तरह बोल रहे हैं. हमें यह भी समझने की जरूरत हैकि पाकिस्तानी सेना और उनके डीप स्टेट से लगातार खतरे को देखते हुए हमें अपना रक्षा बजट बढ़ाना होगा ताकि हम तैयार रह सकें. भारत ने जताई कड़ी नाराजगीइससे पहले ओवैसी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘पाकिस्तानी सेना प्रमुख की भारत के खिलाफ धमकियां और भाषा निंदनीय हैं. उन्होंने अमेरिकीधरती से ऐसा किया. जिससे यह और भी बदतर हो जाता है. इस पर मोदी सरकार की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है न कि केवलविदेश मंत्रालय के बयान की. इससे पहले पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने भारत को गीदड़भभकी दी थी. मुनीर ने कहा था कि अगर भारत नेसिंधु नदी का पानी रोकने के लिए बांध बनाया तो हमारे पास मिसाइलों की कमी नहीं है. हम 10 मिसाइल मारकर बांध को उड़ा देंगे अमेरिका के दौरेपर गए मुनीर ने यह धमकी फ्लोरिडा के टैम्पा में पाकिस्तानी मूल के कारोबारी अदनान असद की तरफ से रखे गए डिनर कार्यक्रम में दी थी.पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की टिप्पणियों को लेकर भारत कड़ी नाराजगी जताई थी. आवश्यक उठाते रहेगें कदमआसिम मुनीर को कड़ी फटकार लगाते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमारा ध्यान पाकिस्तानी सेना प्रमुख की ओर से अमेरिका की यात्रा के दौरानकथित तौर पर की गई टिप्पणियों की ओर गया है. परमाणु हथियार की धमकियां पाकिस्तान की आदत है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ऐसी टिप्पणियों मेंनिहित गैर-जिम्मेदारी पर अपने निष्कर्ष निकाल सकता है. मुनीर का बयान ऐसे देश में परमाणु कमान और नियंत्रण की अखंडता पर गहरी शंकाओं कीइशारा करते हैं. जहां सेना आतंकवादी समूहों के साथ मिली हुई है. यह भी खेदजनक है कि ये टिप्पणियां किसी मित्र देश की धरती से की गई हैं।भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा. हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदमउठाते रहेंगे.
फोन टैपिंग आरोप पर केटी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री संजय कुमार को भेजा कानूनी नोटिस, बिना शर्त माफी की मांग

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार को कानूनी नोटिस भेजा है. संजय कुमार ने पिछली बीआरएस सरकारके दौरान फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे. केटी रामा राव ने संजय कुमार के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कानूनी नोटिस भेजकर माफी की मांगकी है.11 अगस्त को जारी नोटिस में, रामा राव के वकील ने आरोप लगाया कि ‘केंद्रीय गृह राज्य मंत्री संजय कुमार ने झूठे, मानहानिकारक और अपमानजनकबयान दिए. जिनमें दावा किया गया कि उनके मुवक्किल (रामा राव) ने फोन टैपिंग कराई. सबसे पहले, हमारे मुवक्किल का कहना है कि संजय कुमारद्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद और सरासर गलत हैं और इन आरोपों से हमारे मुवक्किल की प्रतिष्ठा, छवि और साख को धूमिल करने की कोशिशकी गई. सीबीआई को सौंपने की थी मांगनोटिस में कहा गया है कि ‘संजय कुमार ने केटी रामा राव के खिलाफ मानहानिकारक बयान सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए दिए. नोटिस में संजयकुमार से बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलनेके सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तो रामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे. जिसमें दीवानी और फौजदारीदोनों शामिल हैं. तेलंगाना में अवैध फोन टैपिंग मामले में एसआईटी के समक्ष गवाह के तौर पर पेश हुए संजय कुमार ने 8 अगस्त को इस मामले कीजांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी. फौजदारी दोनों है शामिलकेंद्रीय मंत्री ने फोन टैपिंग के आरोप लगाते हुए दावा किया कि माओवादी गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली प्रक्रिया सेउनका फोन टैप किया गया था. नोटिस में कहा गया है कि ‘अगर संजय कुमार ने नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर बिना शर्त माफी नहीं मांगी तोरामा राव उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे, जिसमें दीवानी और फौजदारी दोनों शामिल हैं.