
विपक्ष सरकार को घेरने के लिए सारे प्रयत्न कर रहा है. मतदाता सूची पुनरीक्षण से लेकर उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक, हर मामले में विपक्ष एकजुटहोकर सरकार के खिलाफ आवाज उठा रहा है. हाल ही में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 12 प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को अपनेआवास पर रात्रिभोज के लिए आमंत्रित किया था. इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ का मकसद सरकार को घेरने की नई रणनीति पर काम करना माना जा रहा है. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए. विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची की गहन समीक्षा (एसआईआर) परचुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है.
एकजुटना को भी है दिखाना
राहुल गांधी ने खुद इंदिरा भवन में प्रेसवार्ता करके चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट की चोरी करने का आरोप लगाया है विपक्ष का इरादा इसमुद्दे पर सरकार को जमकर घेरना है. इसके बहाने वह संसद में विपक्ष की एकजुटता को भी दिखाना चाह रहे हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ केइस्तीफा देने बाद इस पद के चुनाव प्रक्रिया की घोषणा हो चुकी है. उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन शुरू हो गया है. 21 अगस्त तक प्रत्याशीनामांकन कर सकते हैं.
नामांकन पत्रों की होगी जांच
22 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच होगी. 25 अगस्त तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. 9 सितंबर को मतदान होगा. विपक्ष की योजना साझाउम्मीदवार उतारने और सरकार के सामने बड़ी चुनौती पेश करने की है. राहुल गांधी चाहते हैं कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एकजुट हो।रात्रिभोज में इस सहमति एक बड़ा मुद्दा रही होगी. देश के अगले उपराष्ट्रपति के लिए एनडीए ने भी तैयारी शुरू कर दी है. इंडिया ब्लाक में इसमें अबदेरी नहीं करना चाहता. राहुल के आमंत्रण पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे, राष्ट्रीय जनता दलके तेजस्वी यादव, एनसीपी की सुप्रिया सूले, डीएमके की कनिमोई समेत तमाम नेता शामिल हुए.