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चुनाव आयोग के सूत्रों ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अभी कोई आपत्ति क्यों नहीं जताई. यह सवाल बिहार की मतदातासूची के मसौदे में नाम जोड़ने या हटाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल की ओर से चुनाव आयोग से संपर्क न करने के बाद किया गया. राहुल गांधीपर निशाना साधते हुए सूत्रों ने कहा कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस नेता अपने दावे और आपत्तियां अभी देने के बजाय चुनाव के बाद ही देंगे. चुनावआयोग ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर यह कटाक्ष कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने के एक दिन बाद किया है. तीनोंराज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे चुनाव संचालन नियमों के प्रावधानों के अनुसार शपथ-पत्र देकर ऐसे मतदाताओं के नाम पेश करने कोकहा है. इससे पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को संस्थागत चोरी करार देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को दावा किया किचुनाव आयोग गरीबों के मताधिकार को छीनने के लिए इस चोरी को अंजाम देने के लिए भाजपा के साथ खुलेआम मिलीभगत कर रहा है. उन्होंने यहभी दावा किया कि बिहार में SIR इसलिए लाया गया है. क्योंकि चुनाव आयोग जानता है कि हमने उनकी चोरी पकड़ ली है.

उत्तराखंड में हार गए थे चुनाव
राहुल गांधी अपने दावों को दोहराते हुए कहा कि कर्नाटक की बंगलूरू सेंट्रल लोकसभा सीट के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में पांच तरह की हेराफेरी केजरिए 1 लाख से ज्यादा वोट चुराए गए. 2024 के लोकसभा चुनावों में महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चुराए गए. मुझे पूरा विश्वासहै कि भारत में ऐसी 100 से ज्यादा सीटें हैं। यहां जो हुआ है, वही इन सीटों पर भी हुआ है. अगर भाजपा की 10-15 सीटें कम होतीं, तो मोदीप्रधानमंत्री नहीं होते और भारत में विपक्षी गठबंधन इंडिया सरकार होती. राहुल ने कहा कि जब वे छोटे थे, 1980 में, वे अपनी बहन प्रियंका के साथरात में बाहर जाकर प्रचार के लिए पोस्टर चिपकाते थे. उन्होंने कहा, ‘मैं चुनावों को समझता हूं और पिछले 20 साल से खुद चुनाव लड़ रहा हूं. मतदानकैसे होता है, मतदान केंद्रों का प्रबंधन कैसे होता है, मतदाता सूची, फॉर्म 17, मैं ये सब समझता हूं. कुछ समय पहले हमें लगा कि कुछ गड़बड़ है।चुनाव नतीजे माहौल के उलट होते हैं। मुझे याद है उत्तराखंड में हम चुनाव हार गए थे. मैंने उम्मीदवार से कहा कि जाकर पता करो कि हमें कितने वोटमिले, जहां एक रोड शो हुआ था.

सच्चाई का पता लगाने को कहा
हजारों लोग रोड शो में आए थे, लेकिन किसी ने भी मतदान केंद्रों पर वोट नहीं डाला यह नामुमकिन था. ऐसा हो ही नहीं सकता. फिर छत्तीसगढ़ औरमध्य प्रदेश के नतीजे आए और हमें एहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है.राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश के बारे में भी बात की, जहां पार्टी ने 2018 में जीतहासिल की थी. उन्होंने कहा कि बाद में कांग्रेस की सरकार छीन ली गई भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भाजपा शासन के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधीलहर दिखी, लेकिन 2023 में हमें केवल 65 सीटें मिलीं। यह असंभव है. फिर महाराष्ट्र आया और हमें पहली बार इसका प्रमाण मिला. लोकसभा औरविधानसभा चुनावों के बीच जादू से नए मतदाता उभरे. इन नए मतदाताओं ने जहां भी वोट दिया, उनका वोट भाजपा को गया. उन्होंने कहा कि जब हमेंसंदेह हुआ तो हमने अपने गठबंधन सहयोगी नेताओं के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. हमने चुनाव आयोग से मतदाता सूची और वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी. उन्होंने न तो हमें मतदाता सूची दी और न ही वीडियो रिकॉर्डिंग, जिससे संदेह पैदा हुआ. इससे हमारे मन में यह सवाल उठा कि क्या चुनाव आयोगभाजपा की मदद कर रहा है. क्या चुनाव आयोग चुनाव चुराने में लिप्त है? हमने एक टीम बनाई और उन्हें सच्चाई का पता लगाने को कहा.

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