महिला आरक्षण पर संसद में बड़ा बयान, मोदी ने दिया ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जब संसद में महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया, तो उन्होंने इस आशंका को दूर किया कि परिसीमन के दौरान राज्यों के हिस्से में आने वाली सीटों के अनुपात में कोई बदलाव होगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को इसका श्रेय नहीं चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”अब कुछ लोगों को लग रहा है कि यह मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है? इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक बात है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। लेकिन सब साथ चलेंगे तो किसी को भी लाभ नहीं होगा, यह लिखकर ले लो क्योंकि फिर इसका अलग पहलू हो जाता है। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए। जैसे ही यह पारित हो जाए, मैं सबका आभार प्रकट करने के लिए तैयार हूं। …ले लो क्रेडिट। जिसकी फोटो आप (विपक्ष) कहेंगे, हम सरकारी खर्चे से उसकी फोटो छपवा देंगे। सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं।’ समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न होउन्होंने कहा, ”देश की नारी शक्ति का यह हक है। हमने कई दशकों से इसे रोका हुआ था, अब प्रायश्चित कर उस पाप से मुक्ति पाने का अवसर है। तीन दशक तक आपने इसे रोककर रखा, फिर भी कुछ कर नहीं पाए, तो अब तो करो।” प्रधानमंत्री ने कहा, ”यह प्रक्रिया किसी के साथ भी भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। पहले से चले जा रहे अनुपात में कोई बदलाव नहीं होगा। गारंटी कहिए तो गारंटी कहता हूं। वादे की बात करें तो वादा करता हूं। नीयत साफ हो तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। नीयत में खोट को देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी। समय की मांग है कि अब ज्यादा विलंब न हो।
नोएडा में फेक वीडियो पर एक्शन, RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती पर FIR

नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर फर्जी और भड़काऊ वीडियो प्रसारित कर सार्वजनिक शांति भंग करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय जनता दल की प्रवक्ता प्रियंका भारती और कांचाना यादव सहित कई के खिलाफ गौतम बुद्ध नगर साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। यह घटना बुधवार को सामने आई, जब अधिकारियों ने मामले की जानकारी दी। यह आरोप लगाया गया है कि RJD नेताओं ने मध्य प्रदेश की एक घटना, जिसमें एक व्यक्ति को पुलिस ने पीटा था, को नोएडा में चल रहे श्रम विरोध प्रदर्शनों से जोड़ा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस मामले को पोस्ट कर उन्होंने कथित तौर पर तनाव भड़काने की कोशिश की। “मामूली बल” का प्रयोग किया गयापुलिस ने ‘X’ हैंडल @ItsKtyni और जितेंद्र शर्मा दौसा नामक फेसबुक प्रोफाइल के खिलाफ भी FIR दर्ज की है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने मध्य प्रदेश का एक वीडियो साझा किया, जबकि वे यह दावा कर रहे थे कि यह घटना नोएडा में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, सभी आरोपियों पर नोएडा में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान अफवाहें फैलाने का प्रयास करने का आरोप है। नोएडा में सोमवार को हजारों की संख्या में फैक्ट्री मजदूरों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, ने वेतन वृद्धि सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ जगहों पर हिंसा भड़क उठी, जिसके चलते आगजनी, पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। पुलिस द्वारा विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके की कुछ हलकों में आलोचना भी हुई है, हालांकि पुलिस का कहना है कि “मामूली बल” का प्रयोग किया गया था।
“Samrat Choudhary बने CM! गांव में जश्न का माहौल

बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव हो चुका है और सम्राट चौधरी के नाम पर मुख्यमंत्री की मुहर लग गई है। आधिकारिक घोषणा के साथ ही उनके पैतृक गांव लखनपुर (तारापुर, मुंगेर) में जश्न का माहौल चरम पर पहुंच गया है। ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग इसे अपने क्षेत्र के लिए गर्व और ऐतिहासिक पल मान रहे हैं। गांव के बुजुर्गों और उनके बचपन के साथियों ने सम्राट चौधरी से जुड़ी कई दिलचस्प यादें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि उस समय गांव में केवल एक मदरसा हुआ करता था, जहां सभी समुदायों के बच्चे साथ पढ़ते थे। इसी मदरसे में सम्राट चौधरी ने अपनी शुरुआती शिक्षा प्राप्त की, जहां हिंदी, उर्दू और संस्कृत तीनों भाषाएं सिखाई जाती थीं। खास बात यह रही कि उन्होंने क, ख से पहले ‘अलिफ, बे’ सीखकर अपनी पढ़ाई की शुरुआत की। विद्यालय के रूप में संचालित हो रहाबचपन में पढ़ाई के साथ-साथ सम्राट चौधरी खेलकूद, खासकर क्रिकेट में भी काफी रुचि रखते थे। उनके पिता शकुनि चौधरी चाहते थे कि वे क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करें और इसी वजह से उन्हें कई बार डांट भी पड़ती थी। खेल के दौरान साथियों के बीच हल्की-फुल्की नोकझोंक जरूर होती थी, लेकिन आपसी भाईचारा हमेशा कायम रहा। ग्रामीणों का कहना है कि आज भी सम्राट चौधरी जब गांव आते हैं तो अपने पुराने दोस्तों से जरूर मिलते हैं और वही सादगी बनाए रखते हैं। गांव में आज भी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिलती है। उर्दू मध्य विद्यालय लखनपुर के प्रिंसिपल मोहम्मद ताबीर ने बताया कि पहले यह एक मदरसा था, जहां सम्राट चौधरी ने पढ़ाई की थी, जो अब एक विद्यालय के रूप में संचालित हो रहा है। उनके मुख्यमंत्री बनने की संभावना से पूरे इलाके में खुशी और उत्साह का माहौल है।
ईरान-अमेरिका शांति वार्ता फेल: इस्लामाबाद में 20 घंटे की मैराथन बातचीत बेनतीजा, गालिबाफ ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

ईरान और अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चली 20 घंटे से ज्यादा की मैराथन बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई। वार्ता की विफलता के तुरंत बाद ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सीधे तौर पर अमेरिका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है। ईरान का विश्वास हासिलसोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक के बाद एक कई पोस्ट करते हुए गालिबाफ ने कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत के दौरान कई भविष्योन्मुखी और सकारात्मक पहल पेश की थीं, लेकिन अमेरिकी पक्ष ईरान का भरोसा जीतने में पूरी तरह नाकाम रहा। गालिबाफ ने कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है और उसे ही तय करना है कि वह ईरान का विश्वास हासिल करना चाहता है या नहीं।
Mamata Banerjee का BJP पर बड़ा हमला ‘बाहर से बुलाए वोटर!’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला किया। उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के स्थानीय लोगों के वोटों पर भरोसा नहीं था। इसलिए पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए बाहर से लोग बुलाए। ममता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश से 50,000 लोगों को ट्रेन में भरकर असम लाया गया। 90 लाख नाम हटा दिए गएममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के राज में देश की कोई भी एजेंसी निष्पक्ष नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केसरिया पार्टी ने सभी एजेंसियों को खरीद लिया है। भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक सांप पर तो भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर कभी नहीं।’ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच जुबानी जंग काफी तेज हो गई है। रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 90 लाख नाम हटा दिए गए हैं। एक अखबार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इन 90 लाख नामों में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। उन्होंने असम के एनआरसी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी 19 लाख नाम लिस्ट से बाहर किए गए थे, जिनमें 13 लाख हिंदू और 6 लाख मुस्लिम थे। ममता बनर्जी ने लोगों को आगाह किया कि वे भाजपा पर कभी विश्वास न करें। असम की 126 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान हुआ था।
नरेंद्र मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ₹1.74 लाख करोड़ की 5 मेगा परियोजनाओं को मंजूरी

देश के विकास को नई रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 1,74,207 करोड़ रुपये के पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में जयपुर मेट्रो फेज-2, किसानों के लिए खाद सब्सिडी, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी और अरुणाचल प्रदेश के दो बड़े हाइड्रो की परियोजनाएं भी शामिल हैं। सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 को 13,038 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी है। यह 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर होगा जिसमें 36 स्टेशन बनेंगे और यह प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। वहीं, खरीफ 2026 के लिए 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी भी मंजूर की गई है। इससे किसानों को डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ती कीमत पर मिलेंगे और खेती की लागत कम होगी। आइए, सरकार द्वारा सभी लिए गए फैसलों पर नजर डालते हैं। और आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं। ‘ किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध करानाजयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पूरी तरह बदलने वाली परियोजना मानी जा रही है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक जाएगा। इस रूट में 36 स्टेशन होंगे और यह शहर के बड़े इलाकों जैसे एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल को जोड़ेगा। इससे लोगों को तेज, सस्ता और आसान सफर मिलेगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और प्रदूषण भी घटेगा। अभी मेट्रो के पहले चरण में रोज करीब 60 हजार लोग सफर करते हैं, लेकिन फेज-2 आने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और इससे जयपुर को आधुनिक शहर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए 41,534 करोड़ रुपये की न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को मंजूरी दी है। यह सब्सिडी फॉस्फेटिक और पोटाश उर्वरकों पर दी जाएगी, जिसमें डीएपी और एनपीके जैसे खाद शामिल हैं। इसका मकसद किसानों को सस्ती कीमत पर खाद उपलब्ध कराना है, ताकि खेती की लागत कम हो सके।
पश्चिम एशिया में तनाव जारी ईरान ने अमेरिका और इजरायल की धमकियों को ठुकराया, पाकिस्तान के युद्धविराम प्रस्ताव पर विचार

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिका की ओर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनियां मिल रही हैं, तो दूसरी ओर ईरान खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बना रहा है। इस बीच, ईरान ने सोमवार को कहा कि उसने मध्यस्थों की ओर पेश किए गए प्रस्तावों अपना जवाब तैयार कर लिया है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि जब तक अमेरिका व इस्राइल हमले तेज करते रहेंगे, वह सीधी वार्ता में शामिल नहीं होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव अत्यधिक मांगों वाला है। हमने अपनी मांगों का एक अलग सेट तैयार कर लिया है और उसे औपचारिक रूप दे दिया है। इस संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि इस्फहान में पायलट बचाव अभियान केवल एक छल-कपट था, जिसका मकसद ईरान के संवर्धित यूरेनियम को जब्त करना था। यह युद्धविराम विरोधी पक्ष को फिर से संगठित होने और अपनी कार्रवाई जारी रखने का मौका दे सकता है। मंत्रालय ने कहा, ओमान के साथ बातचीत का फोकस होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये जहाजों के सुरक्षित मार्ग के लिए एक प्रोटोकॉल बनाने पर है। पाकिस्तान की ओर से तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव मिलातेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि जरूरत पड़ने पर तेहरान ‘अपनी पूरी ताक़त’ से अपने देश की रक्षा करेगा। उन्होंने अमेरिका और इस्राइल पर आरोप लगाया कि उनकी ‘कोई रेड लाइन नहीं है’ और वे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करते हैं। बगाई ने मध्यस्थों के जरिए भेजे गए अमेरिका के कथित 15-सूत्रीय सीजफायर प्रस्ताव को तर्कहीन करार दिया। उन्होंने कहा धमकियों के साथ बातचीत नहीं हो सकती है। साथ ही किसी भी समझौते को स्वीकार तभी किया जाएगा जब वे ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में होंगे. ईरान ने कहा है कि वह अस्थायी युद्ध के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने को मना कर दिया है। रॉयटर्स के मुताबिक एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान के प्रस्ताव की समीक्षा चल रही है, लेकिन दबाव में फैसला नहीं लिया जाएगा।अधिकारी के मुताबिक, तेहरान अस्थायी युद्धविराम के बदले कोई रियायत नहीं देगा और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलेगा। उन्होंने कहा कि ईरान को लगता है कि अमेरिका स्थायी युद्धविराम के लिए तैयार नहीं है, इसलिए अस्थायी डील का कोई मतलब नहीं है। अधिकारी ने पुष्टि की कि पाकिस्तान की ओर से तत्काल युद्धविराम का प्रस्ताव मिला है, जिस पर विचार किया जा रहा है।
असम में सियासी भूचाल, CM हिमंता पर विदेशी संपत्ति और पासपोर्ट का आरोप!

असम की राजनीति में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनके परिवार पर विदेशी संपत्ति और कई पासपोर्ट रखने के गंभीर आरोप लगाए हैं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। मामले में कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने एक मीडिया वार्ता में कई दस्तावेज पेश किए। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। खेड़ा ने इन पासपोर्ट की जानकारी भी साझा की। खेड़ा के मुताबिक इनमें यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र (इजिप्ट) के पासपोर्ट शामिल हैं। खेड़ा ने सवाल उठाया कि एक मुख्यमंत्री की पत्नी को तीन पासपोर्ट की क्या जरूरत है? कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि दुबई में रिंकी भुइयां सरमा की दो संपत्तियां हैं। खेड़ा ने कहा कि चुनाव के समय दिए जाने वाले हलफनामे (एफिडेविट) में इन संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने पूछा कि मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी की इन संपत्तियों को जनता से क्यों छिपाया? कांग्रेस असम में अपनी हार तय देखकर इस तरह के हमले कर रहीइसके अलावा उन्होंने अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा इस कंपनी के सदस्यों में मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी और उनके बेटे का नाम शामिल है। खेड़ा के अनुसार, इस कंपनी का बजट अरबों डॉलर है और इसका उद्देश्य अमेरिका में होटल खोलना है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी का जो पैसा परिवार के तीन लोगों में बंटना है, वह करीब 52,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स बचाने और संपत्ति छिपाने के लिए व्योमिंग में शेल कंपनियां बनाई गईं। कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह से एसआईटी जांच और चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री का नामांकन रद्द करने की मांग की है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पवन खेड़ा की मीडिया वार्ता कांग्रेस की गहरी हताशा और घबराहट को दिखाती है। मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण, मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित झूठ बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस असम की जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि वह और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और नागरिक मानहानि के मामले दर्ज करेंगे। उन्होंने कहा कि खेड़ा को अपने गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए पूरी तरह जवाबदेह होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जब अदालत में सच साबित हो जाएगा, तो पवन खेड़ा को अपने किए का परिणाम भुगतना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस असम में अपनी हार तय देखकर इस तरह के हमले कर रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह इन झूठे आरोपों के खिलाफ कानून का सहारा लेंगे।
नक्सलवाद पर रिजिजू का ‘एटमी’ वार! कांग्रेस और माओवादियों के बीच ‘गुपचुप’ रिश्तों का दावा

देश में नक्सलवाद के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं के वामपंथी उग्रवादियों और माओवादियों से संबंध रहे हैं। उनके इस बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी वामपंथी उग्रवादियों को जानते हैं और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ऐसे समूहों से संपर्क भी बनाए रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि यह विडंबना है कि एक तरफ कांग्रेस सार्वजनिक रूप से उग्रवाद के खिलाफ बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके कुछ नेताओं पर ऐसे आरोप लग रहे हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी की अगुवाई वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के समय कुछ लोग वामपंथी उग्रवादी विचारधारा से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इन लोगों को जानते हैं। हालांकि उन्होंने कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिरकेंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने माओवादियों से मुलाकात भी की थी और उनसे संपर्क बनाए रखा था। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है और इसकी जांच होनी चाहिए। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि देश नक्सलवाद से लगभग मुक्त होने की स्थिति में पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाके, जो पहले नक्सलवाद के गढ़ माने जाते थे, अब विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य भी रखा है। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को अपने नेतृत्व से सवाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की नक्सलियों द्वारा हत्या की गई, तब पार्टी नेतृत्व की क्या भूमिका रही। उन्होंने कांग्रेस पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप भी लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित और स्थिर है।
ट्रंप का पश्चिमी देशों पर तीखा प्रहार ‘ब्रिटेन और फ्रांस खुद लड़ना सीखें, अमेरिका नहीं आएगा साथ’

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट में पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन जैसे जो देश होर्मुज जलडमरूमध्य के कारण जेट ईंधन नहीं पा रहे हैं, जिन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में हिस्सा लेने से इनकार किया था, उनके लिए उनके पास दो सुझाव हैं। ब्रिटेन जैसे जो देश होर्मुज जलडमरूमध्य की वजह से जेट ईंधन नहीं पा रहे हैं, जिन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने से इनकार किया, उनके लिए मेरा सुझाव है: पहला- अमेरिका से खरीदो, हमारे पास बहुत है। दूसरा- हिम्मत जुटाओ, जलडमरूमध्य पर जाओ और उसे अपने कब्जे में ले लो। अब तुम्हें खुद अपने लिए लड़ना सीखना होगा, अमेरिका अब तुम्हारी मदद के लिए नहीं आएगा, जैसे तुम हमारे लिए नहीं आए। ईरान लगभग तबाह हो चुका है। मुश्किल काम खत्म हो गया है। जाओ, अपना तेल खुद हासिल करो। 47 वर्षों के आतंक के दौरान बेरहमी से मार डालाउन्होंने आगे लिखा, फ्रांस ने इस्राइल जा रहे सैन्य सामान से भरे विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने नहीं दिया। फ्रांस ने ‘ईरान के कसाई’ के मामले में बहुत ही खराब सहयोग किया, जिसे सफलतापूर्वक खत्म कर दिया गया है। अमेरिका इसे याद रखेगा। इससे पहले, सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उनका देश ईरान में अपने सैन्य अभियानों को समाप्त करने के लिए एक और अधिक समझदार शासन के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अगर किसी भी वजह जल्द ही कोई समझौता नहीं हो पाता है (जिसकी बहुत अधिक संभावना है)और अगर होर्मुजलडमरूमध्य व्यापार के लिए नहीं खुलता है, तो हम उनके सभी बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और खर्ग द्वीप को पूरी तरह तबाह कर देंगे, जिन्हें हमने जानबूझकर अभी तक छुआ नहीं है। उन्होंने लिखा, यह उन असंख्य सैनिकों और अन्य लोगों का बदला होगा, जिन्हें ईरान ने पिछले शासन के 47 वर्षों के आतंक के दौरान बेरहमी से मार डाला था।