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सुल्तानपुर के मोची रामचेत का लंबी बीमारी के बाद निधन, टीबी और कैंसर से रहे थे जूझ

सुल्तानपुर जिले के कूरेभार के ढेसरुआ गांव निवासी मोची रामचेत का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार सुबह निधन हो गया है। वे काफी समय से कैंसरतथा टीबी से जूझ रहे थे और गरीबी की गंभीर स्थिति से लड़ते-लड़ते आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए। पिछले वर्ष 26 जुलाई को राहुल गांधीसुल्तानपुर दिवानी न्यायालय में मानहानि के एक मामले में पेश होने के बाद लखनऊ लौटते समय विधायक नगर स्थित रामचेत की गुमटी पर रुके थेऔर बातचीत के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति देख मदद का आश्वासन दिया था। उसके बाद राहुल गांधी की पहल से रामचेत को जूते-चप्पल सिलाईके लिए अत्याधुनिक मशीन व कच्चा माल मुहैया कराया गया, जिससे उनका व्यवसाय कुछ समय के लिए पटरी पर लौटने लगा था, लेकिन फिरकिस्मत ने साथ नहीं दिया। बीमारी ने उनकी हालत बिगाड़ी और उनका निधन हो गया। टीबी और कैंसर से पीड़ित थेरामचेत के निधन की खबर से ढेसरुआ गांव सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। गांवके लोगों ने उनके बारे में बताया कि रामचेत मेहनती और स्वाभिमानी थे, उन्होंने गरीबी में हार नहीं मानी थी। बेटे राघवराम ने बताया कि उनका निधनमंगलवार सुबह करीब 4:00 बजे हुई। मंगलवार सुबह करीब 8:00 बजे बेटे राघवराम ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को फोन कर पिता रामचेत के निधनकी जानकारी दी। राहुल गांधी ने दुख व्यक्त किया और हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही कहा कि हमारे कांग्रेसी कार्यकर्ता आपके साथ हैं।रामचेत मोची की कांग्रेस नेता राहुल गांधी से 26 जुलाई 2024 को मुलाकात हुई थी। मंगलवार सुबह उनका निधन हो गया। वह टीबी और कैंसर सेपीड़ित थे।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी में आपदा प्रभावितों को राहत राशि वितरित की, पनारसा में राजकीय महाविद्यालय का लोकार्पण

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को मंडी में आपदा प्रभावितों को राहत राशि की पहली किस्त जारी की। पड्डल मैदान में हुए कार्यक्रम मेंमंडी, कुल्लू और बिलासपुर के करीब 5,000 प्रभावित उन लोगों को राहत राशि जारी दी गई, जिनका इस बरसात में घरों, गोशालाओें, जमीनों, पशुधन और फसलों का नुकसान हुआ है। बरसात में जिनके घर पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं, उन्हें सात लाख रुपये मिलेंगे, जिसकी पहली किस्त के रूपमें चार लाख रुपये सोमवार को जारी किए गए। आपदा में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का माैन रखा गया। इसदाैरान सीएम ने सराज आपदा में अपने माता-पिता खाने वाली बच्ची को सात लाख रुपये का चेक भेंट दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि चिल्ड्रन ऑफ दस्टेट योजना में बच्ची को 21 लाख रुपये देने का एलान किया। कहा कि यह एफडी के रूप में बच्ची के बैंक खाते में जमा होगा और 18 साल बादउसके काम आएगी। सीएम घर का सामान बह जाने पर दी जाने वाली 70 हजार रुपये की राशि को 1 लाख रुपये करने का एलान किया। 55 हजार रुपये प्रति पशु राहत राशि मिलेगीहालांकि चार लाख में से कुछ लोगों को फौरी राहत के रूप में 1.30 लाख रुपये दिए भी जा चुके हैं। सात लाख में से शेष तीन लाख रुपये दो अलग-अलग किस्तों में बाद में जारी किए जाएंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री सुबह पनारसा पहुंचे और वहां राजकीय डिग्री कॉलेज का लोकार्पण किया। इसकेबाद पू मंडी पहुंचे और पड्डल मैदान में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ संवाद किया। इसी दौरान सीएम इस बरसात में आपदा सेप्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरित की। मंडी जिले के 717 घर पूरी तरह ध्वस्त हुए, जिन्हें पहली किस्त के तौर पर चार लाख रुपये मिलेंगे।इसके अलावा बिलासपुर जिले के करीब 600 और कुल्लू जिले के 500 ऐसे परिवार हैं, जिन्हें सीधे तौर पर यह लाभ मिलेगा। आंशिक रूप सेक्षतिग्रस्त घरों के मामलों में 90 हजार रुपये प्रति प्रभावित परिवार दिए जाएंगे। आपदा के दौरान सामान की क्षति पर 70 हजार रुपये, गोशाला केक्षतिग्रस्त होने पर 50 हजार रुपये, खेती योग्य या बागवानी भूमि के नुकसान पर प्रति बीघा 10 हजार रुपये और फसलों के नुकसान पर प्रति बीघा 4 हजार रुपये देने का प्रावधान किया गया है। पशुधन के नुकसान पर 9 हजार रुपये प्रति पशु और दुधारू पशु की मृत्यु की स्थिति में 55 हजार रुपयेप्रति पशु राहत राशि मिलेगी। भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकेंमुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के पनारसा में राजकीय महाविद्यालय पनारसा के 13.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भवन कालोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रदेश सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा मेंव्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से गुणात्त्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नए संस्थान खोलने का उद्देश्य केवलइमारतें खड़ी करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना है। वर्तमान प्रदेश सरकारविद्यार्थियों के लिए पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है ताकि उनमें आत्मविश्वास का संचार हो और वह भविष्य की चुनौतियों का सामनाकर सकें।

एमसीडी उपचुनाव, भाजपा ने 12 वार्डों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी, 8 महिलाएं मैदान में सीएम रेखा गुप्ता ने दी जानकारी

एमसीडी उपचुनाव के लिए भाजपा ने रविवार को देर रात अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। सूची में इस बार महिलाओं की बल्ले-बल्ले रही है, जहां पांच वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, वहीं भाजपा ने तीन सामान्य वार्डों में भी महिला उम्मीदवारों को उतारकर बड़ा संदेश दिया है। इस तरह12 में से आठ टिकट महिलाओं को दिए गए हैं। भाजपा ने अपनी सूची में 11 नए चेहरों को मौका दिया है, जबकि चांदनी चौक वार्ड में पूर्व पार्षदसुमन गुप्ता मैदान में उतारा गया है। वह वर्ष 2007 में पार्षद बने थे। इसके बाद वह वर्ष 2013, 2015 व 2020 में चांदनी चौक से विधायक काचुनाव लड़े, लेकिन तीनों बार उनको हार का सामना करना पड़ा। वहीं मुस्लिम बहुल चांदनी महल वार्ड में हिंदू को टिकट दिया। सूत्रों के अनुसार, भाजपा मुख्यालय में पूरे दिन टिकट वितरण को लेकर बैठकों का दौर चलता रहा। प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संगठन महामंत्रीपवन राणा ने सांसदों व प्रदेश चुनाव समिति के साथ उम्मीदवारों के चयन पर गहन मंथन किया। कई वार्डों में सांसदों और विधायकों के बीच मतभेदके चलते चयन प्रक्रिया लंबी खिंच गई। आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार सूची जारी होने के बाद भाजपा ने अपने पैनल में कुछ अंतिम समय परबदलाव किए। 11 नए चेहरों को मौका दियाभाजपा ने मुंडका से जयपाल सिंह दराल (चीनी प्रधान), शालीमार बाग-बी से अनीता जैन, अशोक विहार से वीना असीजा, चांदनी चौक से सुमनकुमार गुप्ता, चांदनी महल से सुनील शर्मा, द्वारका-बी से मनीषा राजपाल सहरावत, दिचाऊ कलां से रेखा रानी, नारायणा से डॉ. चन्द्रकान्ता शिवानी, दक्षिणपुरी से रोहिणी राज, संगम विहार-ए से शुभ्रजीत गौतम, ग्रेटर कैलाश से अंजुम मंडल और बिनोद नगर से सरला चौधरी को प्रत्याशी बनाया गयाहै। इन वार्डों में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत भाजपा के आठ विधायकों के वार्ड शामिल है, जबकि एक वार्ड पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीतसहरावत का वार्ड है। उनके विधायक व सांसद के बनने के कारण इन वार्डों में उपचुनाव हो रहा है। भाजपा ने अपनी सूची में 11 नए चेहरों को मौकादिया है, जबकि चांदनी चौक वार्ड में पूर्व पार्षद सुमन गुप्ता मैदान में उतारा गया है। वह वर्ष 2007 में पार्षद बने थे।

किशनगंज में राहुल गांधी का मोदी-भाजपा पर हमला, सोशल मीडिया और फर्जी वोट पर लगाए आरोप “जानें क्या कुछ कहा”

बिहार के किशनगंज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा परजमकर निशाना साधा। बहादुरगंज के रसल हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस सभा में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु और पार्टी प्रत्याशीमुसब्बिर आलम भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर तक बेच सकते हैं। उन्होंनेतंज कसते हुए कहा कि जब लोग सोशल मीडिया पर रील या वीडियो देखते हैं तो उसका लाभ सीधे जियो और मुकेश अंबानी को होता है। राहुल नेकहा कि पहले शराब और ड्रग्स नशा हुआ करते थे, लेकिन 21वीं सदी का सबसे बड़ा नशा अब सोशल मीडिया बन गया है। बिहार की जनता रोजगारचाहती है, न कि झूठे वादे। किशनगंज में जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने हरियाणा में 25 लाखवोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी के खून में नफरत और उनकी सोच में विभाजन की राजनीति है। जनता डरती है तो सही सवाल नहीं पूछतीराहुल गांधी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा में 25 लाख फर्जी वोट डाले गए। उन्होंने कहा कि हरियाणा में करीब दो करोड़वोटर हैं, जिनमें से 25 लाख फर्जी वोट पड़े। नरेंद्र मोदी और अमित शाह चुनाव नहीं जीतते, बल्कि वोट चोरी कर जीतते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार केयुवा, किसान और मजदूरों को समझना होगा कि संविधान ही उनकी असली ताकत है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि देश में दो विचारधाराओं कीलड़ाई चल रही है एक ओर RSS और भाजपा हैं, जो जाति, धर्म और भाषा के नाम पर समाज को बांटना चाहते हैं, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस औरमहागठबंधन हैं, जो देश को जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने 4 हजार किलोमीटर की यात्रा की, ताकि नफरत के बाजार में मोहब्बत कीदुकान खोली जा सके। प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए राहुल बोले, “नरेंद्र मोदी के खून में नफरत है। वे लोगों को बांटना चाहते हैं, जबकिमेरे खून में मोहब्बत है। यही हमारे बीच का फर्क है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार नफरत फैलाकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाती है औरजब जनता डरती है तो सही सवाल नहीं पूछती।

योगी आदित्यनाथ की बिहार चुनावी सभा, एनडीए को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील, विपक्ष पर बोला हमला

बिहार में 11 नवंबर को होने वाले मतदान से यह तय होगा कि राज्य विकास और सुशासन की तरफ बढ़ेगा या फिर जंगलराज की ओर लौटेगा। यहीवह धरा है, जहां माता जानकी ने जन्म लिया। जिसने देश को महावीर दिया, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, जननायक कर्पूरी ठाकुर, देश के पहलेराष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और शारदा सिन्हा जैसी विभूतियों को जन्म दिया। शारदा सिन्हा ने मैथिली और भोजपुरी गीतों के माध्यम से भाषा को विश्वपटल पर पहचान दिलाई। ऐसा बिहार कैसे बीमारू बन गया? यह बातें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सुपौल जिला अंतर्गत छातापुरविधानसभा क्षेत्र स्थित भीमपुर के लक्ष्मी नारायण उच्च विद्यालय मैदान में कही। वह एनडीए भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिंह बबलू की चुनावी सभाको संबोधित कर रहे थे। योगी ने लोगों से एनडीए के पक्ष में वोट की अपील की। कहा कि कांग्रेस एवं राजद के शासनकाल में अराजकता, गुंडागर्दीऔर भ्रष्टाचार चरम पर था। जिन्होंने चारा खा लिया, जमीन हड़प ली, वे नौकरी देने की बात कर रहे हैं। यह गठबंधन नहीं, जनता को धोखा है। मोदीसरकार ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन, 50 करोड़ को आयुष्मान में मुफ्त इलाज, 4 करोड़ गरीबों को घर, 10 करोड़ परिवार को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिया। पशुओं का चारा तक खा गएहमने कहा था, मंदिर वहीं बनाएंगे। आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर तैयार है। अब सीतामढ़ी में मइया का भव्य मंदिर के निर्माण का भाजपा ने संकल्पलिया है। बुलडोजर वहीं चलता है, जहां माफिया और अपराध पलते हैं। अगर बिहार को समृद्ध और सुरक्षित बनाना है तो एनडीए को भारी मतों सेविजयी बनाना है। यह लहर नहीं, प्रचंड जन समर्थन है। परिणाम बताएगा कि बिहार फिर सुशासन चुनेगा। योगी ने कहा कि जिस बिहार ने नालंदाजैसा विश्वविद्यालय था, जिसने दुनिया को ज्ञान दिया, उस बिहार की पहचान आज के विपक्षियों ने जंगलराज से बना दी। तब यहां की साक्षरता दरसबसे कम थी। परिवारवाद, जातीय हिंसा हावी थी। राजद-कांग्रेस का गठबंधन एक धोखा है। ये नौकरी क्या देंगे? जो आपकी जमीन हड़प लेते हैं, पशुओं का चारा तक खा गए, विकास उनका एजेंडा कभी नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि यूपी के माफियाओं की हालत क्या है, यह आपने देखाहोगा। उनके लिए दो ही जगह है। या तो यमराज के पास या यूपी से बाहर। माफियाओं ने अपराध से जो संपत्ति बनाई है, सरकार उसे कब्जे में लेकरगरीबों के लिए आवास बना रही है। लोगों का अतीत कलंकित और कालाउन्होंने कहा कि राजद के शासन में बिहार में 30 हजार से ज्यादा अपहरण हुए। कोई सुरक्षित नहीं था, न बहनें, न डॉक्टर, न इंजीनियर। बिहार को एकपरिवार की बपौती बनाकर रख दिया था। जिन लोगों ने बिहार के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया, वे लोग आज बड़ी-बड़ी घोषणाएंकरके आपके बीच में चुनाव में आ रहे हैं। आपको लालच देने का प्रयास कर रहे हैं। जिन लोगों का अतीत कलंकित और काला है, उन पर विश्वासकरने की आवश्यकता नहीं है। कहा कि कांग्रेस कहती थी कि राम मंदिर कभी नहीं बनेगा। राजद ने राम मंदिर की रथ यात्रा रोक दी। उत्तर प्रदेश मेंउनकी सहयोगी समाजवादी पार्टी ने राम भक्तों पर गोलियां चलवाई। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सुपौल जिला अंतर्गत छातापुरविधानसभा क्षेत्र स्थित भीमपुर के लक्ष्मी नारायण उच्च विद्यालय मैदान में जनसभा को संबोधित किया

बीबीसी पर ट्रंप का आरोप, 6 जनवरी भाषण का संपादित प्रसारण दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इस्तीफा दिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीबीसी द्वारा उनका छेड़छाड़ किया गया भाषण प्रसारित करने के विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने इसके लिएजिम्मेदार बीबीसी अधिकारियों को लताड़ा और उन्हें बेईमान कह दिया। आरोप है कि बीबीसी ने साल 2021 में ट्रंप द्वारा दिए गए भाषण में काट-छांटकर उसे प्रसारित किया। अब इसके खुलासे के बाद इस पर हंगामा हो गया है। विवाद के बाद बीबीसी के दो शीर्ष अधिकारियों ने इस्तीफा दे दियाहै। सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर साझा एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ‘बीबीसी के शीर्ष लोग, जिनमें टिम डेविड, जो बॉस थे, और अन्य सभी नेइस्तीफा दे दिया है या उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है, क्योंकि वे मेरे 6 जनवरी के अच्छे भाषण से छेड़छाड़ करते पाए गए। इन भ्रष्ट पत्रकारों काभंडाफोड़ करने के लिए टेलीग्राफ का धन्यवाद। इन बेईमान लोगों ने राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने की कोशिश की। सबसे बड़ी बात ये लोग उस देश सेहैं, जो हमारा सबसे करीबी सहयोगी है। लोकतंत्र के लिए यह कितनी भयावह बात है। इस्तीफा देने की घोषणाविवाद ये है कि बीबीसी ने 6 जनवरी 2021 को दिए गए ट्रंप के उस भाषण का संपादित संस्करण प्रसारित किया था, जिसके बाद वॉशिंगटन डीसी. में कैपिटल हिल (संसद भवन) पर हिंसक हमला हुआ था। आलोचकों का कहना है कि बीबीसी ने ट्रंप के भाषण को गलत तरीके से पेश किया, जिससे बयान का असली संदर्भ बदल गया। लगातार बढ़ती आलोचना और भरोसे पर उठे सवालों के बीच बीबीसी के दोनों शीर्ष अधिकारियों, चैनलके डायरेक्टर जनरल टिम डेवी और हेड ऑफ न्यूज डेबोरा टर्नेसने ने रविवार को इस्तीफा देने की घोषणा की। असल में उन्होंने ऐसा नहीं कहाइसका खुलासा तब हुआ, जब बीबीसी का एक मेमो लीक हुआ जो ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ के हाथ लगा। इससे पता चला कि बीबीसी ने एकभ्रामक और काट-छांट किया हुआ ट्रंप का भाषण प्रसारित किया, जिससे ऐसा लगा कि ट्रंप ने लोगों को 6 जनवरी 2021 की हिंसा के लिए सीधे तौरपर उकसाया। टेलीग्राफ ने रिपोर्ट में कहा कि वीडियो में ट्रंप के भाषण को गलत संदर्भ में दिखाया गया, जबकि असल में उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।

भाजपा सांसद रवि किशन के साथ दिखे तेज प्रताप, सुरक्षा बढ़ने से बढ़ी राजनीतिक अटकलें

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के मतदान से पहले राजनीति गर्माती नजर आ रही है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव केबड़े बेटे और आरजेडी के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि “मेरी सुरक्षा बढ़ा दी गई है क्योंकि मुझे खतरा है। येलोग मुझे मरवा भी देंगे। सब दुश्मन लगे हुए हैं। तेजस्वी का जन्मदिन है। जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं, उज्ज्वल भविष्य हो, आशीर्वाद है।” चुनावीसरगर्मी के बीच केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने तेज प्रताप यादव को ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। इस सुरक्षा व्यवस्था के तहत अब वेCRPF जवानों के घेरे में रहेंगे। खुलकर समर्थन कियातेज प्रताप यादव को यह सुरक्षा प्रोटेक्शन लिस्ट के तहत दी गई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि तेज प्रताप को दी गई सुरक्षा उनकेभाजपा के प्रति बढ़ते झुकाव से जुड़ी हो सकती है। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा दिए जाने की पुष्टि की है, लेकिन इस राजनीतिक अटकल पर अब तककिसी भी पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। गौरतलब है कि एक दिन पहले ही तेज प्रताप यादव ने भाजपा सांसद रवि किशन का खुलकरसमर्थन किया था। उन्होंने कहा था, “जो रोजगार देगा, मैं उसके साथ रहूंगा। सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दियापटना एयरपोर्ट पर तेज प्रताप यादव और भाजपा सांसद रवि किशन को साथ देखा गया था। इस दौरान रवि किशन ने तेज प्रताप की खुलकर तारीफकरते हुए कहा, “इनके हृदय को सब लोग बहुत प्रेम कर रहे हैं। ये दिल वाले इंसान हैं, भोलेनाथ के भक्त हैं। भाजपा हमेशा उनके लिए सीना खोलकरखड़ी रहती है जिनका लक्ष्य सेवा है। इनकी छवि भी अब उसी रूप में सामने आ रही है।” इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की चुनावी सियासत में नईहलचल मचा दी है। तेज प्रताप यादव के सुरक्षाकवच बढ़ने और भाजपा नेताओं से नजदीकी ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को और तेज कर दियाहै।

सरकारी जमीन सौदे पर सियासत गरमाई, अजित पवार बोले, हर चुनाव से पहले लगाए जाते हैं आरोप

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को कहा कि पुणे में उनके बेटे की कंपनी से जुड़ी कथित सरकारी जमीन की बिक्री के मामले में जांचशुरू हो गई है और सच्चाई जल्द ही जनता के सामने आ जाएगी। पुणे जिले के बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनकेरिश्तेदार या करीबी लोग उनका नाम लेकर किसी तरह का गलत बयान देते हैं या नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो प्रशासन को उन पर कार्रवाई करनीचाहिए। यह मामला पुणे के मुंधवा इलाके की करीब 40 एकड़ जमीन की बिक्री से जुड़ा है, जिसे लगभग 300 करोड़ रुपये में एक कंपनी, अमाडियाएंटरप्राइजेज, को बेचा गया था। इस कंपनी में अजित पवार के बेटे पार्थ पवार साझेदार हैं। हालांकि, इस मामले में दर्ज दो एफआईआर में पार्थ पवारका नाम नहीं है। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा था कि जमीन सौदे की जांच कानून के मुताबिक की जा रही है औरकिसी को बख्शा नहीं जाएगा।प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिएजब अजित पवार से इस सौदे पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘मैंने बीते कुछ दिनों में इस पर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। जांच शुरू हो चुकीहै और सच्चाई जल्द सामने आएगी। मुझे अब तक यह समझ नहीं आया कि एक रुपये का लेन-देन हुए बिना रजिस्ट्री कैसे हो गई? एक महीने में सबसाफ हो जाएगा कि रजिस्ट्री करने वाले ने ऐसा क्यों किया।’ वहीं, अजित पवार ने बताया कि उनके बेटे पार्थ की कंपनी की तरफ से की गई बिक्री रद्दकर दी गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में जांच समिति गठित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘पहले भी मुझ पर 70000 करोड़ रुपये कीअनियमितता के आरोप लगे थे, अब 15-16 साल हो चुके हैं। हर चुनाव से पहले हमारे खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जाते हैं। हम पारदर्शी तरीके सेकाम करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जैसे ही कोई चुनाव आता है, लोग पुरानी जमीनें खोदने लगते हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनके किसीकरीबी या रिश्तेदार ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है, तो प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए। बेटे पार्थ को इस बात की जानकारी नहींबता दें कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकायों के चुनाव 2 दिसंबर को होने वाले हैं। इस जमीन सौदे पर सवाल इसलिए उठे हैं क्योंकि विपक्ष का कहना हैकि सरकारी जमीन को बिना मंजूरी के बेचना गैरकानूनी है, और इसकी वास्तविक बाजार कीमत करीब 1800 करोड़ रुपये है। अधिकारियों केमुताबिक, कंपनी को अब रजिस्ट्री रद्द कराने के लिए दोगुना स्टांप ड्यूटी, करीब 42 करोड़ रुपये, जमा करनी होगी। यह मामला तब दर्ज हुआ जबइंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रार ऑफिस की शिकायत पर पिंपरी चिंचवड़ पुलिस ने दिग्विजय पाटिल, शीतल तेजवानी (जो 272 ‘मालिकों’ की ओरसे पॉवर ऑफ अटॉर्नी लेकर आए थे) और सब-रजिस्ट्रार आरबी तारू के खिलाफ धोखाधड़ी और गड़बड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। अजितपवार ने कहा है कि उनके बेटे पार्थ को इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस जमीन को उनकी कंपनी ने खरीदा, वह सरकारी जमीन है।

शीतकालीन सत्र से पहले गरमाई सियासत, कांग्रेस नेता जयराम रमेश बोले बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था पर जवाब दे सरकार

संसद सत्र से पहले कांग्रेस पार्टी ने आक्रामक रुख अपना लिया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा किआगामी शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर), चीन से अनसुलझे रिश्ते और आर्थिक सुस्तीजैसे मुद्दे विपक्ष के लिए बड़ी चिंता बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों पर प्रधानमंत्री की कोई प्रतिक्रियानहीं आई है, जबकि देश में बेरोजगारी और विकास दर की स्थिति लगातार खराब हो रही है। जयराम रमेश ने शनिवार को कहा, ‘इस बार संसद में कईअहम मुद्दे उठेंगे। सबसे पहले तो एसआईआर का मामला, फिर प्रधानमंत्री की ट्रंप के बयानों पर चुप्पी। चीन के साथ हमारे संबंध अब भी सामान्य नहींहुए हैं। पुरानी स्थिति बहाल नहीं हुई है, बल्कि बातचीत अब उस नए सामान्य पर हो रही है, जो चीन ने तय किया है।’ आर्थिक विकास की दर घट रहीकेंद्र सरकार ने शनिवार को घोषणा की थी कि संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयरामरमेश ने कहा कि सत्र ‘असामान्य रूप से देर से और छोटा’ है। उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर शीतकालीन सत्र 20 से 23 नवंबर के बीच शुरू होकर 24 दिसंबर तक चलता है। लेकिन इस बार यह 1 दिसंबर से शुरू होकर केवल 15 दिन चलेगा। सरकार आखिर किस बात से डर रही है?’ कांग्रेस नेता नेकहा कि देश की अर्थव्यवस्था लगातार दबाव में है। उन्होंने कहा, ‘आर्थिक विकास की दर घट रही है, बेरोजगारी बढ़ रही है। हम बार-बार नोटिस देतेहैं, लेकिन सरकार कोई कदम नहीं उठाती। सरकार वही करती है जो उसे सही लगता है।’ चर्चा महत्वपूर्ण हैकेंद्र सरकार पर तंज कसते हुए जयराम रमेश ने पूछा, ‘क्या सत्र इसलिए छोटा किया गया है क्योंकि दिल्ली में प्रदूषण है? क्या कोई विधेयक या बहसके मुद्दे नहीं बचे? या फिर लोकसभा चुनाव नजदीक हैं?’ इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब दिया कि कांग्रेस को संसद केकामकाज में रुकावट नहीं डालनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर लिखा, ‘लगता है कांग्रेस नेताओं को संसद चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैंबार-बार अपील करूंगा कि कांग्रेस बहस और चर्चा में हिस्सा ले, और ईमानदार सांसदों के काम में बाधा न डाले। संसद को चलने दें।’ संसद केशीतकालीन सत्र को लेकर केंद्र सरकार पर कांग्रेस ने करारा हमला किया है। जयराम रमेश ने कहा कि ट्रंप के बयान पर पीएम मोदी की चुप्पी, चीन सेअनसुले रिश्ते अहम मुद्दे हैं जिस पर चर्चा महत्वपूर्ण है। वहीं उन्होंने संसद सत्र के समय और कम सीमा के लेकर भी सवाल पूछा है।

गहलोत के सामने भिड़े कांग्रेस कार्यकर्ता, धारीवाल और गुंजल खेमों की तनातनी आई सामने “कोटा रेलवे स्टेशन पर हंगामा”

राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए। शनिवार रात को कोटा रेलवे स्टेशन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केसामने ही पार्टी दो खेमों में बंटती दिखी। गहलोत जैसे ही ट्रेन से उतरे, पूर्व मंत्री शांति धारीवाल और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के समर्थकों केबीच नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल इतना गरमा गया कि दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और झड़प तक की नौबत आ गई। स्थिति संभालने पहुंची पुलिसको भी दोनों गुटों की नाराजगी झेलनी पड़ी। समर्थक एक-दूसरे को पीछे धकेलते हुए गहलोत के पास पहुंचने की कोशिश करते रहे। इस दौरान पूर्वमुख्यमंत्री ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और स्थिति बिगड़ती देख चुपचाप गाड़ी में बैठकर बारां जिले के लिए रवाना हो गए। उपचुनाव को लेकर संगठनात्मक एकजुटता की बात हो रहीइस पूरे घटनाक्रम के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गहलोत के स्वागत के लिए न तो शांति धारीवाल पहुंचे और न ही प्रहलादगुंजल। दोनों नेताओं की गैरहाजिरी ने कोटा कांग्रेस की अंदरूनी कलह को और उजागर कर दिया। बताया जा रहा है कि गहलोत यहां अंता विधानसभाउपचुनाव के मद्देनजर आम सभा को संबोधित करने जा रहे थे, लेकिन उनकी यात्रा शुरू होने से पहले ही पार्टी की गुटबाजी सुर्खियों में आ गई। गहलोतके सामने हुए इस घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है। जहां एक ओर उपचुनाव को लेकर संगठनात्मक एकजुटता कीबात हो रही थी, वहीं दूसरी ओर नेताओं के समर्थकों का टकराव कांग्रेस की छवि पर सवाल खड़े कर रहा है। कांग्रेस की एकता पर सवाल उठने लगेयह पहली बार नहीं है जब धारीवाल और गुंजल समर्थक आमने-सामने आए हों। 5 अक्तूबर को भी कांग्रेस कार्यालय में दोनों गुटों के बीच तीखीनारेबाजी और आरोप-प्रत्यारोप हुआ था। उस समय तेलंगाना कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और पर्यवेक्षक जेट्टी कुसुमा कुमार भी मौजूद थे। पार्टीके भीतर की यह अंतरकलह और शक्ति प्रदर्शन की राजनीति अब सार्वजनिक रूप से बार-बार सामने आ रही है, जिससे कांग्रेस की एकता पर सवालउठने लगे हैं।