भोजपुरी स्टार पवन सिंह की चुनावी सभा में हंगामा, देर से न पहुंचने पर भीड़ हुई बेकाबू “जानें क्या है पूरा मामला”

मधुबनी जिले के बेनीपट्टी विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को भोजपुरी अभिनेता और भाजपा के स्टार प्रचारक पवन सिंह की चुनावी सभा रद्द होने के बादभारी हंगामा हो गया। यह सभा कलुआही हाई स्कूल मैदान में भाजपा प्रत्याशी विनोद नारायण झा के समर्थन में आयोजित की जानी थी। जानकारी केमुताबिक, पवन सिंह के लंबे इंतजार के बाद भी मंच पर नहीं पहुंचने से आक्रोशित समर्थकों ने टेंट और कुर्सियां तोड़ दीं। चार घंटे तक इंतजार करने केबावजूद जब उनके आने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, तो माहौल बिगड़ गया। इस बीच मंच पर मौजूद भाजपा प्रत्याशी विनोद नारायण झा केचले जाने से भीड़ और भड़क उठी। गुस्साई भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी और पंडाल को क्षतिग्रस्त कर दिया। मौके पर अफरातफरी मच गई, लेकिनपुलिस ने तुरंत पहुंचकर हालात पर काबू पाया। आयोजकों ने बताया कि पवन सिंह का कार्यक्रम तकनीकी कारणों और अंतिम समय में हुए बदलावोंकी वजह से रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। समर्थक नाराज हो गए और टेंट-कुर्सियां तोड़कर हंगामा कियावहीं, समर्थकों का कहना है कि उन्हें समय पर जानकारी नहीं दी गई और बार-बार आश्वासन के बावजूद पवन सिंह के नहीं आने से लोग खुद को ठगाहुआ महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह से सैकड़ों लोग पवन सिंह को देखने और सुनने के लिए मैदान में जमा थे। कई लोग धूप मेंघंटों इंतजार करते रहे। एलएससीडीपीओ (सदर टू, खजौली) मनोज राम ने बताया कि घटना में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। कुर्सियांऔर पंडाल तोड़ने वालों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल इलाके में शांति है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मधुबनीजिले के बेनीपट्टी विधानसभा क्षेत्र में भोजपुरी स्टार और भाजपा प्रचारक पवन सिंह की चुनावी सभा रद्द होने के बाद माहौल बिगड़ गया। कलुआहीहाई स्कूल मैदान में आयोजित सभा में पवन सिंह के देर तक नहीं पहुंचने पर समर्थक नाराज हो गए और टेंट-कुर्सियां तोड़कर हंगामा किया।
पूर्वोत्तर में पहली बार भारतीय वायु सेना का मेगा एयर शो, गुवाहाटी में 75 से अधिक विमानों का रोमांचक प्रदर्शन

भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के 93वें वर्षगांठ के अवसर पर रविवार को मेगा एयर शो का आयोजन किया गया। इस दौरान वायु सेना ने अपनीताकत का प्रदर्शन किया। इस मौके पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, देश के इस हिस्से में एयर शो का आयोजन करना हमारे लिए वास्तव मेंसम्मान की बात है। हम दो-तीन साल से पूर्वत्तर में आने की कोशिश कर रहे थे। इसीलिए सिर्फ इसके लिए हमने अपना समय अक्तूबर से नवंबर मेंबदला, ताकि हम यह शो कर सें। एयर चीफ मार्शल ने कहा, मैं वास्तव में इस तरह के उत्साह और प्रतिक्रिया से हैरान हूं। पूर्वोत्तर अब कोई दूरदराजकी जगह नहीं रही। प्रदर्शन करने वाली विभिन्न टीमें हमेशा से यहां आती रही हैं और यह पहली बार है कि हमने पूर्वोत्तर भारत में वायु सेना दिवस काआयोजन किया। वायु सेना की ओर से पूर्वोत्तर भारत में अभ्यास के आयोजन को लेकर उन्होंने कहा, अभ्यास नियमित रूप से होते रहते हैं। ऐसा नहीं किकिसी खास उद्देश्य के लिए कुछ हो रहा है। समय-समय पर वहां अभ्यास भी किए जातेइस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि वायु सेना ने वार्षिक उत्सव के लिए गुवाहाटी का चयन किया और गुवाहाटी नेपहले कभी इस तरह का शानदार प्रदर्शन नहीं देखा था। मैं आभारी हूं। यह हमारे युवाओं को वायु सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। पूर्वी वायुकमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सूरत सिंह ने कहा, मैं देश के सभी नागरिकों और खासकर सभी वायु योद्धाओं को 93वेंभारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर उड़ान प्रदर्शन के सफल समापन पर हार्थिक बधाई देता हूं। उन्होंने कहा, हमने पूर्वोत्तर को चुना, क्योंकि इसक्षेत्र के लोग हमारी वायु सेना में बड़ी संख्या में हैं और यह भारतीय वायु सेना की ओर से पूर्वोत्तर के लोगों से जुड़ने का एक संकेत है और गुवाहाटीपूर्वोत्तर का एक प्रवेश द्वार है। उन्होंने आगे कहा, भारतीय वायु सेना पूर्वोत्तर में तैयारी और संचालन के लिए पूरी तरह से सक्षम है। हम सभी संभावितपरिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अरुणाचल प्रदेश में कई उन्नत लैंडिंग ग्राउंड (हवाई पट्टी या हवाई अड्डे) हैं। हमारे पास आठ उन्नत लैंडिंगग्राउंड हैं, सभी ऑपरेशनल हैं और समय-समय पर वहां अभ्यास भी किए जाते हैं। मायाबिनी रातिर बुकुत’ का प्रदर्शन शामिल93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर पूर्वी वायु कमान ने आज गुवाहाटी में पहला पूर्ण पैमाने का एयर शो आयोजित किया। ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरलाचित घाट पर इस शो में 75 से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर्स ने 25 से अधिक फोर्मेशन के साथ अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस वर्ष वायुसेना दिवस का विषय था- अप्रतिम, अडिग और सटीक। यह भारतीय वायु सेना की संचालन क्षमता, दृढ़ता और सटीकता पर केंद्रित है। इस अवसर परअसम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा और एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह मौजूद रहे। ब्रह्मपुत्र के तट पर मौजूददर्शकों के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र में यह पहला एयर शो रोमांचक रहा। इस शो में राफेल, सुखोई, अपाचे, मिग, आईएल-78 रिफ्यूलर, मिराज, जगुआर, सी-17 ग्लोबमास्टर, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एमके1, सी-130 हर्क्यूलिस, एंटोनोव एएन-32 और सूर्य किरण जैसे विमानों ने भाग लिया। ये सभीसात एयर बेस गुवाहाटी, तेजपुर, जोरहाट, चाबुआ, हसिमारा, बागडोगरा और पनगढ़ से संचालित हुए। एयर शो में असम के दिवंगत लोकप्रिय गायकजुबीन गर्ग को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिसमें उनके प्रसिद्ध गीत ‘मायाबिनी रातिर बुकुत’ का प्रदर्शन शामिल था।
1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा संसद का शीतकालीन सत्र, राष्ट्रपति मुर्मू ने दी मंजूरी, किरेन रिजिजू ने एक्स पर दी जानकारी

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के शीतकालीन सत्रबुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 19 दिसंबर 2025 तक चलेगा। किरेन रिजिजू ने ट्वीट मेंलिखा “भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने 1 दिसंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक संसद का शीतकालीन सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव कोमंजूरी दे दी है (संसदीय कार्य की अनिवार्यताओं के अधीन)। एक रचनात्मक और सार्थक सत्र की आशा है जो हमारे लोकतंत्र को मजबूत करेगा औरलोगों की आकांक्षाओं को पूरा करेगा।” अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया थाइससे पहले संसद का मानसून सत्र 21 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। मानसून सत्र में एसआईआर पर विपक्ष के हंगामेके कारण संसद के 166 घंटे बर्बाद हो गए थे। इससे जनता के टैक्स के करीब 248 करोड़ रुपये डूब गए। विशेष चर्चा के बाद ऑपरेशन सिंदूर मामलेमें टकराव टला, मगर एसआईआर को लेकर सियासी संग्राम अंतिम दिन तक जारी रहा। हंगामे के कारण लोकसभा के 84.5 घंटे, जबकि उच्च सदनराज्यसभा के 81.12 घंटे बर्बाद हो गए। राज्यसभा की कार्यवाही 38.88 घंटे ही चल सकी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि एकसे 19 दिसंबर तक संसद का शीतकालीन सत्र चलेगा। इसके लिए राष्ट्रपति मुर्मू ने मंजूरी दे दी है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार का आरोप, मंत्री प्रताप सरनाईक ने 200 करोड़ की जमीन सिर्फ 3 करोड़ में खरीदी “सरनाईक ने कहा आरोप बेबुनियाद”

महाराष्ट्र की राजनीति में एक और जमीन सौदे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को राज्य के परिवहन मंत्रीप्रताप सरनाईक पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि सरनाईक ने मीरा भायंदर में करीब 200 करोड़ रुपये मूल्य की 4 एकड़ जमीन मात्र 3 करोड़ रुपये में खरीदी है, ताकि वहां अपना शैक्षणिक संस्थान शुरू कर सकें। वडेट्टीवार ने पत्रकारों से कहा क्या कोई मंत्री अपने निजी शैक्षणिकसंस्थान के लिए इतनी कीमती सरकारी जमीन खरीद सकता है? अगर ये सब कुछ नियमों के मुताबिक है, तो फिर यही है ‘नया महाराष्ट्र’। अब तो हमेंआंख मूंद लेनी चाहिए। आरोपों को सिरे से नकार दियाहालांकि, मंत्री प्रताप सरनाईक ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस तरह के दावे बार-बार करता रहता है, लेकिन कभीसबूत पेश नहीं करता। सरनाईक ने कहा वडेट्टीवार वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं। अगर उनके पास कोई दस्तावेज हैं तो सामने लाएं। मैं खुद जानना चाहता हूंकि वह कौन-सी जमीन है और मेरा उससे क्या लेना-देना है। मंत्री होने के नाते हम पर आरोप लगते रहते हैं, लेकिन ये सब बेबुनियाद हैं। इस विवाद परप्रतिक्रिया देते हुए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कई बारलोग मीडिया के जरिए आरोप लगाते हैं, लेकिन कोई लिखित शिकायत नहीं देते। अगर शिकायत आती है, तो सरकार जांच जरूर करवाएगी। जैसाकि पुणे की जमीन डील के मामले में किया गया। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ीगौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आया है जब उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ी पुणे की 40 एकड़ सरकारी जमीन की डीलपहले से ही विवादों में है। इस सौदे में अनियमितताओं के आरोप उठे हैं, जिसके चलते सरकार ने एक सब-रजिस्ट्रार को निलंबित किया है और उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, लेन-देन से जुड़े तीन लोगों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र केमंत्री प्रताप सरनाईक पर 200 करोड़ की जमीन मात्र 3 करोड़ में खरीदने का आरोप लगाया। सर्नाइक ने आरोपों को सिरे से नकारते हुए सबूत मांगें।
विश्व कप विजेता स्नेह राणा का देहरादून में भव्य स्वागत, मुख्यमंत्री धामी ने दी 50 लाख की प्रोत्साहन राशि

भारत के महिला क्रिकेट विश्व कप जीतने के बाद पहली बार देहरादून एयरपोर्ट पहुंची ऑल राउंडर स्नेह राणा का देहरादून एयरपोर्ट पर ढोल नगाड़ों केसाथ स्वागत किया। स्नेह राणा सनौला, देहरादून की रहने वाली हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर स्नेहा राणा ने देहरादून एयरपोर्ट परकहा कि टीम इंडिया की कड़ी मेहनत से विश्व कप जीत पाए हैं। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से भी टीम के साथ उन्होंने मुलाकात की है। उनके साथ काफीअच्छा अनुभव उनका रहा है। उन्होंने टीम का हौसला बढ़ाया। वहीं राज्य स्थापना दिवस पर वह मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से भी मिल सकती हैं। ऋचा राणा ने कहाउन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे उनके बड़े भाई कमल राणा और उनकी भाभी ऋचा राणा ने कहा कि वर्ल्ड कप के लिए स्नेहा राणा ने काफी तैयारीकी थी। कुछ समय पहले स्नेहाको चोट भी लगी थी। लेकिन इस चोट से उभर कर उन्होंने भारत को वर्ल्ड कप जिताया है। और पूरे विश्व में देहरादूनऔर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वकप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य उत्तराखंडकी स्नेह राणा से फोन पर बातचीत कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके लिए 50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि घोषित की । हार्दिक बधाई देते हुए विश्वकप के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शनमुख्यमंत्री ने बुधवार रात राणा को हार्दिक बधाई देते हुए विश्वकप के दौरान उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाने केलिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘स्नेह राणा ने मेहनत, संकल्प और प्रतिभा से उत्तराखंड का नाम विश्व पटल पर रोशनकिया है। उनकी सफलता हमारे युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को सर्वोत्तम सुविधाएं और प्रोत्साहन देने केलिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह ने बनमनखी में घुसपैठियों पर हमला, कहा सीमांचल से घुसपैठिये निकालेंगे, एनडीए बिहार में सरकार बनाएगा

गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्णिया के बनमनखी में चुनावी सभा की। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार किया। अपनेसंबोधन के दौरान गृह मंत्री ने महागठबंधन पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के आधे हिस्से ने पहले ही कांग्रेस-राजद गठबंधन को नकारदिया है। एनडीए बिहार में 160 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। मैं सीमांचल में आया है। मैं सीमांचल वालों की बात जानने आया हूं। आपबताओं सीमांचल से घुसपैठियों को बाहर निकालना चाहिए या नहीं निकालना चाहिए। यह अभी-अभी राहुल गांधी और लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वीयादव घुसपैठियों बचाव यात्रा लेकर निकले थे। वह चाहते हैं सीमांचल घुसपैठियों का अड्डा बने। घुसपैठिये हमारे गरीबों का हक छीनते हैं। उन्होंनेकहा कि हमलोग न केवल घुसपैठियों को निकालेंगे, बल्कि जमीन अधिग्रहण को भी जमींदोज कर देंगे। महर्षि मेंही की भूमि को मैं प्रमाणगृह मंत्री ने कहा कि भक्त प्रह्लाद और महर्षि मेंही की भूमि को मैं प्रमाण करता हूं। बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री को मैंप्रमाण करता हूं। इस चुनाव में दो खेमे लगे हैं। एक ओर बिखरा हुआ ठगबंधन और दूसरे ओर पांच पांडवों वाला एनडीए है। आधे बिहार ने वोट डालदिए हैं। पहले चरण में लालू-राहुल की पार्टी का सूफड़ा साफ हो गया। बिहार में एनडीए सरकार बनने वाली है। मोदी-नीतीश के नेतृत्व में बिहार आगेबढ़कर एक विकसित राज्य बनने जा रहा है। अगले पांच साल में सीमांचल में एक-एक अवैध गतिविधि को भाजपा और एनडीए की सरकार उखाड़फेकेंगी। हमारी मतदाता सूची से घुसपैठिये निकालने चाहिए या नहीं निकालने चाहिए। यह राहुल गांधी और लालू प्रसाद घुसपैठियों को बचानाचाहते हैं। लेकिन, आप दोनों कान खोलकर सुन लें कि हमलोगों उन्हें सीमांचल की धरती से निकाल कर उनके देश भेज कर रहेंगे. जंगलराज वापस आ जाएगाअमित शाह ने कहा कि थोड़ी सी गलती हुई तो जंगलराज वापस आ जाएगा। अमित शाह ने कहा कि दिनदहाड़े यहां पर एमएलए की हत्या हुई थी।नीतीश कुमार ने जंगलराज समाप्त कर दिया है। अब यह जंगलराज नए चेहरे के साथ, नए भेष बदलकर वापस आ रहा है। इसलिए कमल छाप परबटन दबाइए और एनडीए को जिताने का काम कीजिए। गृह मंत्री ने कहा कि लालू की पार्टी शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट दिया और शहाबुद्दीन के लिएअमर रहे का नारा लगाया। तेजस्वी यादव कान खोलकर सुन लो अब बिहार की धरती पर शहाबुद्दीन और ओसामा की जगह नहीं रही।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान शांति वार्ता तीसरे दौर में भी बेनतीजा, सीमा पार आतंकवाद पर मतभेद बरकरार

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी तीसरे दौर की शांति वार्ता बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हो गई। दोनों देशों के बीच सीमा पारआतंकवाद पर कार्रवाई को लेकर मतभेद कायम रहे। पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बताया कि वार्ता में कोई लिखित समझौतानहीं हो सका और अब चौथे दौर की कोई योजना भी नहीं है। दिन तक चली ये वार्ता बृहस्पतिवार को शुरू हुई थी। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान सेयह मांग की थी कि वे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के उन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करें जो अफगान धरती से पाकिस्तान पर हमलेकर रहे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में कहा वार्ता पूरी तरह गतिरोध में है। अफगान पक्ष सिर्फमौखिक भरोसा देना चाहता था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं में मौखिक आश्वासन स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने तुर्किये और कतर के ईमानदारप्रयासों के लिए धन्यवाद दिया, जो दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता कर रहे थे। आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान का रुख स्पष्ट हैहमारी केवल एक मांग है कि अफगानिस्तान यह सुनिश्चित करे कि उसकी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में नहो। आसिफ ने यह भी कहा कि अगर अफगान धरती से कोई हमला होता है, तो पाकिस्तान जवाब देगा। अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय वादों को पूरा करेंपाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्ला तारार ने शनिवार सुबह एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा अब जिम्मेदारी अफगान तालिबान की है कि वे आतंकवादपर नियंत्रण को लेकर अपने अंतरराष्ट्रीय और द्विपक्षीय वादों को पूरा करें, जिनमें वे अब तक असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अफगानजनता से कोई वैर नहीं है, लेकिन वह किसी भी ऐसी नीति का समर्थन नहीं करेगा जो अफगान लोगों या पड़ोसी देशों के हितों के खिलाफ हो।अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहली वार्ता 29 अक्टूबर को दोहा (कतर) में हुई थी, जबकि दूसरी बैठक 25 अक्टूबर को इस्तांबुल (तुर्किये) में आयोजित हुई। दोनों ही वार्ताएं किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचीं। अब तीसरा दौर भी बेनतीजा रहा है। इससे पहले 11 से 15 अक्तूबर के बीचदोनों देशों की सीमा पर सशस्त्र झड़पें हुई थीं, जिनमें दोनों ओर जनहानि हुई थी।
गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथ एसआईआर प्रक्रिया पर ‘आप’ की आपत्ति आतिशी बोलीं, चुनाव के बीच मतदाता सूची की समीक्षा से निगरानी असंभव

आम आदमी पार्टी ने गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथ ही एसआईआर कराने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। गोवा प्रभारी आतिशी के नेतृत्व मेंशुकवार को ‘‘आप’’ प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली में केंद्रीय चुनाव आयोग से मुलाकात की और जिला पंचायत चुनाव के साथ एसआईआर कराने परसवाल उठाए। वहीं, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर गोवा में जिला पंचायत चुनाव के साथएसआईआर कराने पर आपत्ति जताई। आतिशी ने कहा कि सभी दल जिला पंचायत चुनाव में व्यस्त हैं, तो एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी कैसे करपाएंगे? 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव खत्म हो जाएगा। इसके बाद भी एसआईआर शुरू की जा सकती है। फिर इतनी हड़बड़ी क्यों की जारही है? प्रतिनिधि मंडल में ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता और गोवा के अध्यक्ष अमित पालेकर भी शामिल थे। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहाशुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद गोवा प्रभारी और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि हमारी चुनाव आयोग सेमुलाकात गोवा में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर थी। गोवा में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट रोल जारी होना है। आम आदमी पार्टी की चिंता इस बात की है कि गोवा में इसी दौरान जिला पंचायत चुनाव भी चल रहा है। 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव है और आज उसकी आरक्षण घोषणा हुई है। दो-तीन दिन में आचार संहिता लग जाएगी। स्वाभाविक रूप से चुनावके समय सभी राजनीतिक दलों की मशीनरी प्रचार और चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त हो जाती है। किसी भी दल को एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी यापर्यवेक्षण का समय नहीं मिल पाएगा। राजनीतिक दलों के अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) होते हैं, जिन्हें ऐसे समय पर नियुक्त किया जाता है।लेकिन यदि कार्यकर्ता चुनाव प्रचार में लगे हैं तो वे एसआईआर की निगरानी नहीं कर पाएंगे।चुनाव दोनों प्रक्रियाएं एक साथ क्योंआतिशी ने सवाल किया कि गोवा में एसआईआर और जिला पंचायत चुनाव दोनों प्रक्रियाएं एक साथ क्यों चलाई जा रही हैं? जिला पंचायत चुनावतीन हफ्ते बाद हो सकता था या एसआईआर की प्रक्रिया तीन हफ्ते बाद शुरू की जा सकती थी। लेकिन ऐसी क्या आपात स्थिति आ गई कि दोनोंको एक ही समय पर एक ही चुनावी मशीनरी के साथ हड़बड़ी में किया जा रहा है? आतिशी ने कहा कि दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा यह है कि गोवा समेत12 राज्यों में शुरू हुई एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने विस्तृत प्रक्रिया बनाई है। मसलन, यदि ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में किसी का नाम गलततरीके से शामिल हो जाए तो नोटिस भेजा जाएगा, जांच होगी और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। लेकिन यदि किसी का नाम ड्राफ्ट रोल से छूटजाए तो उसका नाम शामिल करने के लिए कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे व्यक्ति को नए मतदाता के रूप में फिर से नामांकन करना पड़ेगा। ड्राफ्ट रोल में मेरा नाम ही नहींआतिशी ने बताया कि एक मतदाता होने के नाते यदि मैंने किसी ने है तो मुझे कैसे पता चलेगा कि ड्राफ्ट रोल में मेरा नाम ही नहीं है? इसलिए आमआदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि गलत तरीके से नाम छूटने वालों के लिए भी प्रावधान होना चाहिए। वोट का अधिकार सबसे बड़ा संवैधानिक अधिकार है और यदि नाम छूट जाए तो चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की जिम्मेदारी है कि मतदाता को सूचित किया जाए और उसका नाम जोड़ा जाए। इन दोनों मुद्दों पर हमारी चुनाव आयोग से चर्चा हुई। चुनाव आयोग ने गोवा में एसआईआर और जिलापंचायत चुनाव की प्रक्रिया एक साथ करने की जरूरत पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राजनीतिक दलों की निगरानी में एसआईआर क्यों नहीं होरही है, इस पर भी स्पष्टता नहीं मिली। आतिशी ने कहा कि 13 दिसंबर को जिला पंचायत चुनाव है तो 14 दिसंबर से एसआईआर शुरू की जा सकती थी। गोवा विधानसभा चुनाव तो फरवरी 2027 में है, फिर ऐसी क्या हड़बड़ी है? दोनों प्रक्रियाएं एक साथ चलने से पर्याप्त निगरानी नहीं हो पाएगी। आम आदमी पार्टी की ओर से ड्राफ्ट रोल आने पर पूरी जांच की जाएगी और गलत तरीके से नाम काटे जाने की पहचान की जाएगी।
दिल्ली से वृंदावन तक निकली 10 दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में हुई शुरुआत

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में इंद्रप्रस्थ यानि दिल्ली से वृंदावन तक 10 दिनी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुक्रवार सुबहदस बजे रवाना हो गई. साधु संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को आगे रखकर शुरू होने वाली इस पदयात्रा की शुरुआत से पूर्व देशभर से दिल्ली पहुंचनेवाले महामंडलेश्वरों, आचार्यों के आशीर्वचनों की वर्षा के बाद राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा का पाठ और हिंदू एकता की शपथ के कार्यक्रम होंगे। बागेश्वरमहाराज ने कहा कि जो भी हिंदुत्ववादी विचारधारा का है, वह यात्रा में साथ चले, क्योंकि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं है सभी हिंदुओं की है।उन्होंने देश विदेश में रहने वाले हिंदुओं का आह्वान करते हुए कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक की यात्रा में कम से कम एक दिन के लिए वे अवश्यआएं। महाराज श्री ने कहा कि वे विवाद नहीं संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं। हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का कामपदयात्रा में दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी ऋषिकेश, स्वामी ज्ञानानंद महाराज गीता मनीषी, रमणरेती वाले महाराज, प्रख्यात कथा वाचक सुधांशुजी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज बद्रीनाथ, माधव दास महाराज मौनी बाबा, राजू दास महाराज हनुमान गढ़ी, मृदुल कांत शास्त्री वृंदावन, आरके पांडे जी बलदेव मंदिर, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. संजीव कृष्ण ठाकुर, तन्मय वशिष्ठ गंगासभा तीर्थ पुरोहित, दिल्ली संत मंडल महामंत्रीमहामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी, मंत्री कपिल मिश्रा सहित दिल्ली से 50 संत महात्माओं की गरिमामय उपस्थिति रहेगी। बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उनकी यात्रा का समर्थन इस्लाम धर्म के लोगों नेकिया है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम समाज के लोग यात्रा में चलेंगे। विगत दिनों दिल्ली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथमहाराज श्री ने बैठक की थी। इसमें समाज के सभी लोगों ने महाराज श्री की यात्रा का समर्थन करते हुए साथ चलने का भरोसा दिया था। मुस्लिमसमाज के लोगों का कहना है कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है इसलिए वे यात्रा में साथचलेंगे।
कर्नाटक में गन्ना किसानों का उग्र आंदोलन, BJP नेता आर. अशोक बोले अगर सिद्धारमैया शासन नहीं कर सकते तो इस्तीफा दें

कर्नाटक में गन्ना किसानों की तरफ से किए जा रहे भारी-विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्षी दल भाजपा ने सीएम सिद्धारमैया पर निशाना साधा है। भाजपानेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने मामले में सीएम सिद्धारमैया से कहा कि अगर वे शासन नहीं कर सकते तो पद से इस्तीफा दे दें।आर आशोक ने केंद्र पर आरोप लगाने के लिए मुख्यमंत्री की आलोचना की और उनसे किसानों की चिंताओं का समाधान करने को कहा। अशोक नेएक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘सात दिन, हजारों गन्ना किसान सड़कों पर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पास बस एक ही उपाय है, केंद्र को दोषदो।’ यह बताते हुए कि विपक्ष में रहते हुए सिद्धारमैया बड़े-बड़े उपदेश देते थे, उन्होंने कहा, ‘लेकिन अब (मुख्यमंत्री के रूप में), वह बहानों के पीछे छिपजाते हैं और किसानों को छोड़ देते हैं। अगर आप (सिद्धारमैया) शासन नहीं कर सकते, तो इस्तीफा दे दीजिए और पद छोड़ दीजिए।’ प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगासीएम सिद्धारमैया ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि समस्या की जड़ केंद्रीय नीतिगत उपायों में है: उचित औरलाभकारी मूल्य (एफआरपी) का फॉर्मूला, चीनी के लिए स्थिर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), निर्यात प्रतिबंध और चीनी आधारित फीडस्टॉक सेइथेनॉल का कम उपयोग। उन्होंने चल रहे आंदोलन से उत्पन्न गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री से तत्काल मिलने का समय मांगा है। अशोकने अपने पत्र में आगे कहा, ‘हम मांग करते हैं: एफआरपी से 500 रुपये प्रति टन अधिक प्रोत्साहन राशि, 5,000 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड, औरतत्काल हस्तक्षेप – प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं।’ अगर मुख्यमंत्री शासन नहीं कर सकते तोकर्नाटक में गन्ने की कीमत तय करने के मुद्दे पर किसानों ने बेलगावी जिले के हट्टारागी टोल प्लाजा पर (बंगलूरू-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग) को अवरुद्ध करनेका प्रयास किया।बेलगावी जिले के मुदलागी तालुक के गुरलापुर क्रॉस पर किसान एक हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन उत्तरीकर्नाटक के कई जिलों जैसे बेलगावी, बागलकोट, विजयपुरा, हावेरी अन्य में भी फैल गया है। विरोध प्रदर्शन तेज होने के मद्देनजर सिद्धारमैया नेकिसान नेताओं और चीनी मिलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक बुलाई है। कर्नाटक के उत्तरी जिलों में गन्ने के लिए 3500 रुपये प्रति टन के उचितमूल्य की मांग को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए, भाजपा नेता आर अशोक ने शुक्रवार कोकहा कि अगर मुख्यमंत्री शासन नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।