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जूनियर हॉकी विश्वकप ट्रॉफी लखनऊ पहुंची, सीएम योगी ने खिलाड़ियों और मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों को याद किया

देशभर के विभिन्न शहरों से होते हुए जूनियर हॉकी विश्वकप की ट्रॉफी बुधवार को लखनऊ पहुंची। ट्रॉफी के स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में इस ट्रॉफी का आना उत्तर प्रदेश के स्वर्णिम इतिहास का स्मरण करवाने वाला क्षणभी है। हॉकी इंडिया में उत्तर प्रदेश का योगदान अविस्वमरणीय है। हॉकी के जादूगर के रूप में विख्यात मेजर ध्यानचंद ने इसी उत्तर प्रदेश की धऱती परजन्म लिया था… उत्तर प्रदेश के अंदर ही मेजर ध्यानचंद की इन स्मृतियों को बनाए रखने के लिए हमारी सरकार मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्सविश्वविद्यालय के निर्माण का कार्य कर रही है… इसके साथ ही भारतीय हॉकी से जुड़े हुए और भारतीय हॉकी के बहुत ही यशस्वी खिलाड़ी के.डी. सिंहबाबू का जन्म भी उत्तर प्रदेश में हुआ था। उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए बाराबंकी में स्थित उनके पैतृक आवास को एक बेहतर म्यूजियमके रूप में बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान में कार्रवाई कर रही है।” स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूदमुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश हॉकी खिलाड़ियों का भी जिक्र किया और कहा कि प्रदेश ने अनेक ऐसे खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने हॉकी इंडिया को सम्मानदिलाया। सीएम योगी ने पद्म पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद शाहिद, अशोक कुमार, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आरपी सिंह, सुजीत कुमार, अब्दुलअजीज, सुबोध खांडेकर, रजनीश मिश्र, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एमपी सिंह, जगवीर सिंह, राहुल सिंह, विवेक सिंह, ललित उपाध्याय, दानिशमुतजबा, राजकुमार पाल, प्रेम माया, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, प्रीति दुबे जैसे हॉकी के खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया।भारत की मेजबानी में चेन्नई और मदुरई में 28 नवंबर से दस दिसंबर तक जूनियर हॉकी विश्वकप का आयोजन किया जाएगा। जिसकी ट्रॉफी बुधवारको लखनऊ पहुंची। स्वागत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहे। 2025 के सफल आयोजन की भी शुभकामनामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में भी उत्तर प्रदेश के राजकुमार पाल, उत्तम सिंह, विष्णुकांत सिंह, मुमताज, साक्षी, ज्योति, पूर्णिमामहिला व पुरुष वर्ग की सीनियर-जूनियर भारतीय टीम में चयनित होकर प्रदेश और देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नेजूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से जुड़े समस्त पदाधिकारियों का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 केसफल आयोजन की भी शुभकामना दी। उन्होंने विश्वकप में भारतीय खिलाड़ियों के सफलता की मंगलकामना भी की। बता दें कि भारत की मेजबानी मेंचेन्नई और मदुरई में 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक जूनियर पुरुष हॉकी विश्वकप का आयोजन किया जाएगा जिसकी ट्रॉफी बुधवार को लखनऊपहुंची। जूनियर पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में भारत, चीन, बेल्जियम जापान, स्पेन, न्यूजीलैंड चिली, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 24 टीमें हिस्सा ले रही हैं।

फरीदाबाद में पकड़ी गई डॉ. शाहीन, खुफिया एजेंसियां परवेज के साथ उसके आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटीं

फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रवक्ता के पद पर रही। वर्ष2013 में बिना सूचना दिए नौकरी से गायब हो गई। उसे नोटिस भेजे जाते रहे लेकिन जवाब नहीं दिया। वर्ष 2021 में शासन ने शाहीन को बर्खास्तकर दिया। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. शाहीन ने प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से जनवरी 2003 मेंएमबीबीएस और दिसंबर 2005 में एमडी किया। इसके बाद लोक सेवा चयन आयोग से उसका चयन हुआ। अगस्त वर्ष 2006 में जीएसवीएममेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता के पद पर ज्वाइन किया। वर्ष 2009-10 में कन्नौज मेडिकल कॉलेज तबादला हो गया लेकिनछह महीने के बाद वापस जीएसवीएम आ गई। शाहीन काफी सरल स्वभाव की थीवर्ष 2013 में वह बिना सूचना के नौकरी छोड़कर चली गई। कॉलेज की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसकेखिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। शासन ने वर्ष 2021 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद शाहीन नेप्रार्थनापत्र देकर कॉलेज से अनुभव प्रमाणपत्र मांगा। प्रार्थना पत्र में उसने अपना पता डॉ. परवेज सईद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, ओपीडीकॉम्प्लेक्स इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, दसौली, कुर्सी रोड, लखनऊ दिया था। शाहीन ने इंटर की पढ़ाई लखनऊ के लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से की। पतिनेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हयात जफर पीएमएस के डॉक्टर हैं लेकिन वर्ष 2015 में तलाक लेकर दोनों अलग हो गए। शाहीन के पिता ने बताया कि उनकीबेटी शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने यह फैसला मां की बीमारी के बाद लिया था। मां की बीमारी के दौरान डॉक्टरों को उनकी सेवा करतेदेख वह काफी प्रभावित हुई थी। मोहल्लेवालों का कहना है कि शाहीन काफी सरल स्वभाव की थी। परवेज के आतंकी कनेक्शन के बारे में पता लगा रहीस्थानीय लोगों में चर्चा है कि शाहीन पढ़ाई में तेज थी। वह लोगों की सेवा करना चाहती थी। पता नहीं वह कैसे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होगई। कुछ लोगों ने शाहीन का माइंडवॉश किए जाने की बात भी कही। स्थानीय लोगों को भरोसा नहीं हो रहा कि शाहीन के संपर्क आतंकीगतिविधियों में शामिल लोगों से है। परिजनों ने बताया कि शाहीन कुछ दिन दिल्ली में भी काम कर चुकी है। खुफिया एजेंसियां शाहीन के संपर्क मेंरहने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही हैं। अब तक शाहीन ने कहां-कहां काम की है, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है। परवेज का ठिकाना सहारनपुरमें भी था। वह वहां क्लीनिक भी चलाता था। डॉ. शाहीन के भी सहारनपुर कनेक्शन सामने आए हैं। दरअसल, छह नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस नेसहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अस्पताल में तैनात डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। आदिल के पकड़े जाने के बाद ही मुअज्जिम का नामसामने आया। मुअज्जिम गिरफ्तार किया गया तो उसने डॉ. शाहीन के बारे में जानकारी दी। खुफिया एजेंसियां अब शाहीन और परवेज के आतंकीकनेक्शन के बारे में पता लगा रही हैं।

लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाका, 10 मौतें, दिल्ली पुलिस ने यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज “आप नेता सौरभ भारद्वाज ने लगाए आरोप”

आप के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल पहुंचकर लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धमाके में घायल हुए लोगों व मृतकों केपरिजनों से मुलाकात की। प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज के नेतृत्व में पहुंचे आप नेताओं ने अस्पताल में व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सौरभ भारद्वाज नेआरोप लगाया कि अस्पताल में भारी अव्यवस्था है और पीड़ितों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी जा रही। सरकार ने इंसानियत कोशर्मसार कर दिया है। यह सरकार तालिबान को एंबुलेंस दे सकती है लेकिन देश के लोगों को नहीं जिनके घरों में धमाके से तबाही मची है। पीड़ितपरिवार बेहद पीड़ा में हैं। प्रतिनिधिमंडल में विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा, पूर्व मंत्री इमरान हुसैन, विधायक कुलदीप कुमार सहित कई वरिष्ठनेता मौजूद रहे।राष्ट्रीय राजधानी के लाल किले के पास हुए धमाके को दिल्ली पुलिस की प्राथमिकी में ”बम विस्फोट” करार दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इसघटना में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी हमले की साजिश व सजा से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इसबम विस्फोट में 10 लोगों की मौत हो गई थी। प्रयास के लिए भी आरोपों में जोड़ी गयीदिल्ली पुलिस समेत सुरक्षा एजेंसियां कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं। राष्ट्रीय राजधानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और हवाई अड्डों, रेलवेस्टेशनों एवं बस अड्डों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उत्तरी जिले के कोतवाली थाने में गैरकानूनीगतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कीगई है। उतरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी यूएपीए की धारा 16 और 18 के तहत दर्ज की गई है, जो आतंकवादी हमले के लिएसजा और साजिश से संबंधित है। इसके अतिरिक्त विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत धारा तीन जीवन को खतरे में डालने वाले विस्फोट के लिएऔर धारा चार विस्फोट करने के प्रयास के लिए भी आरोपों में जोड़ी गयी हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं भी लगाई गई हैं। धमाके की चपेट में आसपास खड़े कई और वाहन भी आ गएइनमें हत्या के लिए धारा 103(1), हत्या के प्रयास के लिए धारा 109(1) और वरिष्ठ अधिकारी पर हमले के लिए उकसाने के लिए धारा 161(2) शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास धीमी गति से गुजर रही एक कार में सोमवार शाम जबरदस्त विस्फोट हुआ, जिससे कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जलकर खाक हो गए। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस नेलाल किले के पास हुए विस्फोट के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में कहा है कि …यह एक बम विस्फोट है। प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि विस्फोट मेंदिल्ली पुलिस चौकी की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। प्राथमिकी में शिकायतकर्ता लाल किले के चौकी प्रभारी विनोद नैन हैं। प्राथमिकी के अनुसार एकजोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के कारण चौकी की दीवार ढह गई। पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और देखा कि कारें जल रही थीं, जबकिघायल सड़क पर पड़े थे। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया।दिल्ली पुलिस के अनुसार, कार ने 10 नवंबर की दोपहर 3:19 बजे पार्किंग में प्रवेश किया। शाम 6:48 बजे पार्किंग से निकली। इसके महज चारमिनट बाद ही 6:52 बजे सुभाष मार्ग लाल बत्ती पर कार में ब्लास्ट हुआ। धमाके की चपेट में आसपास खड़े कई और वाहन भी आ गए।

शेख हसीना की बांग्लादेश लौटने की शर्त, सहभागी लोकतंत्र की बहाली और निष्पक्ष चुनाव की मांग “जानें क्या है पूरा मामला”

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि उनके बांग्लादेश लौटने की पहली शर्त सहभागी लोकतंत्र की बहाली है। पूर्व पीएम ने ये भीकहा कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की भारत के प्रति दुश्मनी बेवकूफी और आत्मघाती है। उन्होंने कहा किभारत-बांग्लादेश के संबंध बहुत गहरे हैं और ये यूनुस के बेवकूफी भरे अंतराल के बावजूद मजबूत रह सकते हैं। भारत में एक अज्ञात स्थान से न्यूजएजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि भारत हमेशा से बांग्लादेश का सबसे अहमअंतरराष्ट्रीय साझेदार रहा है। उन्होंने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया कि भारत से संबंध बिगाड़ना मोहम्मद यूनुस की बेवकूफी हैऔर यह कूटनीतिक तौर पर आत्मघाती कदम है। शेख हसीना ने कहा कि ‘यूनुस की भारत के प्रति दुश्मनी बेवकूफी भरी और आत्मघाती है। इससे पताचलता है कि वह कितने कमजोर, गैर निर्वाचित, अराजक राजा हैं, जो कट्टरपंथियों के समर्थन पर निर्भर हैं।’ शेख हसीना ने कहा कि ‘मैं उम्मीद करती हूंकि वे मंच छोड़ने से पहले बहुत ज्यादा कूटनीतिक गलतियां नहीं करेंगे।’ निष्पक्ष, समावेशी और मुक्त तरीके से होंभारत और बांग्लादेश के संबंधों में आए तनाव को लेकर शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश की मौजूदा अंतरिम सरकार देशवासियों और खासकरबांग्लादेश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। भारत हमेशा से हमारे देश का सबसे अहम दोस्त रहा है और आगे भी रहेगा। शेख हसीना नेभारत में शरण देने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि वे भारत और इसके लोगों की मेहमाननवाजी की शुक्रगुजार हैं, साथ हीउन्होंने अपने बांग्लादेश लौटने की शर्त भी बताई। उन्होंने कहा ‘मेरे बांग्लादेश लौटने की सबसे जरूरी शर्त वही है, जो बांग्लादेश के लोग भी चाहते हैं।बांग्लादेश में सहभागी लोकतंत्र की वापसी होनी चाहिए। अंतरिम सरकार को अवामी लीग पार्टी पर लगे प्रतिबंध को हटाना होगा और ये सुनिश्चितकरना होगा कि चुनाव निष्पक्ष, समावेशी और मुक्त तरीके से हों।’ हालात पर नियंत्रण नहीं रख सकेशेख हसीना, बांग्लादेश की सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाली नेता हैं। बीते साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में हिंसक छात्र आंदोलनके बाद शेख हसीना को पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वे भारत आ गईं थी। इसके बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिमसरकार सत्ता संभाल रही है, लेकिन अंतरिम सरकार में भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव चल रहा है। मोहम्मद यूनुस कई बार भारत विरोधीबयानबाजी कर चुके हैं। साथ ही मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश के कट्टरपंथियों का समर्थन कर रहे हैं और पाकिस्तान के साथ भी अपने संबंधों को मजबूतकर रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान जब शेख हसीना से पूछा गया कि क्या वे हिंसक छात्र आंदोलन को संभाल पाने में असफल रहीं? तो इस पर पूर्व पीएम नेकहा कि ‘बेशक, हम हालात पर नियंत्रण नहीं रख सके और हमें इसका दुख है। इस घटना से सीखने के लिए कई सबक हैं। लेकिन कुछ जिम्मेदारी उनकथित छात्र नेताओं (असल में वे उग्र राजनेता हैं) को भी लेनी चाहिए, जिन्होंने लोगों की भीड़ को उकसाया।’

लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का दावा, एग्जिट पोल जनता की असली राय दबाने की साजिश, 14 तारीख को खुलेगी पोल की पोल

लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने हाल ही में एग्जिट पोल के परिणामों पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारमीडिया में जो तथाकथित “सरकारी एग्जिट पोल” दिखाए जा रहे हैं, वे भ्रम फैलाने और शेयर मार्केट में मनोवैज्ञानिक खेल खेलने के उद्देश्य से तैयारकिए गए हैं। सुनील सिंह ने जोर देकर कहा कि यह केवल चुनावी माहौल को प्रभावित करने और जनता की वास्तविक राय को दबाने की कोशिश है।उनका कहना है कि जनता ने इस बार बदलाव और सुधार के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने कहा, “14 तारीख को जब वास्तविक चुनाव परिणामसामने आएंगे, तो एग्जिट पोल की पूरी पोल खुल जाएगी और यह साफ हो जाएगा कि इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य केवल जनता की राय को भ्रमित करनाथा।” सभी बनावटी सर्वेक्षणों की पोल खोल देंगेसुनील सिंह ने यह भी चेतावनी दी कि जो ताकतें आंकड़ों और सर्वेक्षणों के सहारे चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं, उनकाप्रयास असफल रहेगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने जनादेश के अधिकार का इस्तेमाल करें और बदलाव के पक्ष में वोट डालें। लोकदलअध्यक्ष के अनुसार, एग्जिट पोल के सहारे मतदाता की वास्तविक सोच और विकल्प को दबाने का प्रयास न केवल अस्वीकार्य है बल्कि लोकतांत्रिकप्रक्रिया के लिए भी खतरनाक है। उन्होंने कहा कि जनता का जनादेश साफ और निर्णायक होगा और असली नतीजे दिखाएंगे कि बदलाव की भावनाकितनी मजबूत है। यह बयान बिहार चुनाव और देशभर में राजनीतिक माहौल में एग्जिट पोल की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल उठाता है। सुनील सिंहने कहा कि 14 तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम इन सभी बनावटी सर्वेक्षणों की पोल खोल देंगे और जनता की असली राय सामने आएगी।

दिल्ली धमाके और पुलवामा घटना पर लोकदल का हमला, गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग

पिछले दिनों पुलवामा की घटना ने पूरे राष्ट्र को हिला दिया था, और अब दिल्ली में हुए धमाके ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश कीसुरक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है। दो-दो बड़ी घटनाओं का इतने कम समय में होना केवल संयोग नहीं, बल्कि गंभीर इंटेलिजेंसफेलियर और गृह मंत्रालय की लापरवाही का परिणाम है। देश की जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतितलोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह का आरोप है कि जब देश की जनता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है, तब गृह मंत्री अपनी जिम्मेदारियों से भटककरबिहार चुनाव जीतने की रणनीतियों और सुरक्षा में अधिक व्यस्त रहे। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी दिल्ली और पुलवामा जैसेसंवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा चूक होती रही, जबकि गृह मंत्री चुनावी राजनीति पर ध्यान देते रहे। देश के गृह मंत्री का पहला कर्तव्य राष्ट्र की सुरक्षा होताहै, लेकिन वे इस सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने में विफल रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में उनका पद पर बने रहना नैतिक रूप से उचित नहीं।इसलिए लोकदल की तरफ से गृह मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की जाती है, ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई दिशा और जिम्मेदार नेतृत्वमिल सके।

प्रधानमंत्री मोदी का भूटान दौरा, दिल्ली धमाके पर दुख जताया, भारत-भूटान रिश्तों को बताया गहरा और मजबूत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर भूटान पहुंचे हैं। भूटान की राजधानी थिम्फू के एयरपोर्ट पर पीएम मोदी भव्य स्वागत किया गया। इस दौरानभूटान सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी 11-12 नवंबर को भूटान दौरे पर रहेंगे। इस दौरे से द्विपक्षीय संबंधमजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें’ जन्मदिन समारोह में भी शामिल होंगे। पीएम मोदी ने भूटान मेंदिल्ली विस्फोट पर दुख व्यक्त किया। भूटान में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली धमाके की घटना पर दुख व्यक्तकिया। उन्होंने कहा कि ‘आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूं। कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना ने सभी के मन को व्यथित कर दिया है। मैंपीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। दिल्ली ब्लास्ट ने सभी को व्यथित किया। पूरा देश पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और जो भी इस धमाके केपीछे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मैं कल रातभर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों के साथ, सभी महत्वपूर्ण लोगों केसाथ संपर्क में था। विचार-विमर्श चल रहा था, जानकारियों के तार जोड़े जा रहे थे। हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे केषड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।’मेरी कर्मभूमि वाराणसीप्रधानमंत्री मोदी ने थिम्फू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘आज का दिन भूटान के लिए, भूटान के राज परिवार के लिए और विश्व शांतिमें विश्वास रखने वाले सभी लोगों के लिए बहुत अहम है। सदियों से भारत और भूटान का संबंध बहुत ही गहन, आत्मीय और सांस्कृतिक रहा है।इसलिए, इस महत्वपूर्ण अवसर में शामिल होने का, भारत का और मेरा वादा था।’ पीएम मोदी ने कहा कि ‘आज यहां एक तरफ वैश्विक शांति प्रार्थनाउत्सव का आयोजन हो रहा है और दूसरी ओर भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों के दर्शन हो रहे हैं। इन सबके साथ हम सब भूटान के चौथे राजा के70वें जन्मदिन समारोह के साक्षी बन रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि मेरा जन्म वडनगर में हुआ और यह बौद्ध परंपरा से जुड़ा है। मेरी कर्मभूमि वाराणसीहै और वह भी बौद्ध परंपरा से जुड़ी है। यही वजह है कि इस उत्सव में शामिल होना मेरे लिए खास है।’ हमारा साथ और मजबूत हो रहापीएम मोदी ने कहा कि ‘2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद मुझे अपनी पहली विदेश यात्रा में भूटान आने का अवसर मिला था। मैं आजभी उस यात्रा को याद करता हूं, तो मन भावनाओं से भर जाता है। भारत और भूटान के संबंध इतने मजबूत और समृद्ध हैं कि हम मुश्किलों में भी साथथे, हमने चुनौतियों का सामना भी मिलकर किया।’पीएम मोदी ने कहा कि ‘भूटान के पूर्व और मौजूदा राजाओं ने सतत विकास और पर्यावरण पहले का विजन आगे बढ़ाया है। इसी विजन की नींव परआज भूटान विश्व का पहला कार्बन निगेटिव देश बना है। ये एक असाधारण उपलब्धि है। आज जब हम दोनों देश तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, तो इसविकास को हमारी ऊर्जा साझेदारी और गति दे रही है। भारत-भूटान हाइड्रो पावर साझेदारी की नींव भी भूटान के राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुकके नेतृत्व मेंरखी गई थी। आज जब हम विकास और समृद्धि की तरफ चल पड़े हैं, तब भी हमारा साथ और मजबूत हो रहा है।’

UNSC में भारत ने कहा, आतंकवाद और हथियार तस्करी अब ड्रोन तक पहुंची “जानें और क्या कुछ कहा”

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सख्त लहजे में कहा कि देश लंबे समय से सीमा पार से आने वाले आतंकवाद और अवैध हथियारों की तस्करीका शिकार रहा है। भारत ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा कि अब ड्रोन के जरिए भी हथियार भारत में भेजे जा रहे हैं। संयुक्तराष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने ‘स्मॉल आर्म्स’ पर खुले विचार-विमर्श के दौरान कहा कि UNSC को ऐसे हथियारों कीआवाजाही और इस्तेमाल को बढ़ावा देने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी चाहिए। हरीश ने कहा भारत ने कई दशकों तक आतंकवाद कीभयावहता झेली है। छोटे हथियारों और गोला-बारूद की अवैध तस्करी और आतंकवादी संगठनों तक इसकी पहुँच बेहद चिंता का विषय है। हथियार प्रतिबंध संघर्ष क्षेत्रों में हथियारों के प्रवाहभारत का यह बयान उस समय आया जब दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत होगई और कई घायल हो गए। हरीश ने कहा कि ऐसे हमलों के पीछे सीमा पार से तस्करी कर लाए गए हथियारों का हाथ होता है। हरीश ने कहा भारतने सीमा पार से आने वाले आतंकवाद का सामना किया है, जहां अवैध हथियारों की तस्करी अब ड्रोन के माध्यम से भी की जा रही है। उन्होंने कहा किइन आतंकी समूहों के पास इतने आधुनिक हथियार तभी संभव हैं जब उन्हें बाहर से वित्तीय और तकनीकी सहायता मिल रही हो। भारत ने UNSC सेआग्रह किया कि वह आतंकवादियों और सशस्त्र समूहों को हथियार पहुंचाने वालों के खिलाफ कठोर और समन्वित कदम उठाए। हरीश ने कहा सुरक्षापरिषद को आतंकवाद के किसी भी रूप या उसे समर्थन देने वालों के प्रति सहिष्णुता नहीं दिखानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हथियार प्रतिबंधसंघर्ष क्षेत्रों में हथियारों के प्रवाह को रोकने का एक प्रभावी तरीका है, लेकिन इसे निष्पक्ष और सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। ड्रोन के जरिए भी हथियार भेजे जा रहेभारत ने कहा कि छोटे हथियारों और हल्के हथियारों की तस्करी न केवल सुरक्षा बल्कि विकास और मानवीय पहलुओं को भी प्रभावित करती है। हरीशने कहा कि इन पर नियंत्रण के लिए देशों को मिलकर काम करना होगा, जिससे सीमा सुरक्षा, खुफिया साझेदारी और सूचना आदान-प्रदान को मजबूतकिया जा सके। उन्होंने बताया कि भारत में यूएन प्रोग्राम ऑफ एक्शन (पीओए) और इंटरनेशनल ट्रेसिंग इंस्ट्रूमेंट (आईटीआई) को सक्रिय रूप सेसहयोग के रूप में लागू किया जा रहा है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि वह दशकों से सीमा पार से हो रहे आतंकवाद और अवैधहथियारों की तस्करी से पीड़ित रहा है। भारत ने पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अब ड्रोन के जरिए भी हथियार भेजे जा रहे हैं।

रामलला की नगरी में इतिहास का नया अध्याय, पीएम मोदी के नेतृत्व में मंदिर पूर्णता समारोह

श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के ऐतिहासिक पड़ावों में एक और स्वर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। भूमिपूजन और प्राण प्रतिष्ठा जैसे युगांतकारी क्षणों केसाक्षी रहने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर की पूर्णता की घोषणा करने अयोध्या आ रहे हैं। यह अवसर केवल एक धार्मिक आयोजननहीं, बल्कि राष्ट्र के सांस्कृतिक स्वाभिमान की परिणति के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का अयोध्या से गहरा नाता है। रामलला की नगरीउनके नेतृत्व में न केवल मंदिर निर्माण की गाथा लिख रही है, बल्कि नवीन अयोध्या के पुनर्जागरण की मिसाल भी बन रही है। मोदी प्रधानमंत्री रहतेहुए अब तक चार बार अयोध्या आ चुके हैं और यह उनकी पांचवीं यात्रा होगी। राम मंदिर निर्माण की पूर्णता की घोषणा भी करेंगे2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 2020 में भूमिपूजन, फिर 2024 में प्राण प्रतिष्ठा समारोह और अब 2025 में पूर्णता की घोषणा, यह क्रममानो मोदी और अयोध्या के बीच आस्था का संवाद बन गया है। महंत विवेक आचारी कहते हैं कि अब जब प्रधानमंत्री ‘पूर्णता’ की घोषणा करेंगे तोयह न केवल राम मंदिर के निर्माण का समापन होगा, बल्कि आस्था, विकास और राष्ट्रीय गौरव का शंखनाद भी होगा। अयोध्या। राम मंदिर निर्माणसमिति की बैठक में ध्वजारोहण समारोह की रूपरेखा व ध्वज की डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को तीन घंटेअयोध्या में रहेंगे। वह रामलला समेत राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को तीन घंटे अयोध्या में रहेंगे। इसकेसाथ ही वह राम मंदिर निर्माण की पूर्णता की घोषणा भी करेंगे।

PM मोदी ने भूटान से भरी हुंकार . दिल्ली विस्फोट के षड्यंत्रकारियों को नहीं जाएगा बख्शा

भूटान के दो दिवसीय दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में हुई कार विस्फोट की घटना पर दुख व्यक्त किया और साथ ही ये भी कहा कि इसघटना के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री ने दिल्ली विस्फोट की घटना को साजिश करार दिया। उन्होंने ये भी कहा कि वे बीती रातजांच एजेंसियों के संपर्क में रहे और धमाके से जुड़ी जानकारी लेते रहे। सोमवार शाम दिल्ली में बम धमाका हुआ और पीएम मोदी तय कार्यक्रम केअनुसार, मंगलवार सुबह भूटान पहुंचे। यहीं उन्होंने दिल्ली विस्फोट की घटना पर बयान दिया। षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगापीएम मोदी ने थिम्फू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि ‘आज मैं यहां बहुत भारी मन से आया हूं। कल शाम दिल्ली में हुई भयावह घटना नेसभी के मन को व्यथित कर दिया है। मैं पीड़ित परिवारों का दुख समझता हूं। आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है। मैं कल रातभर इस घटना की जांच मेंजुटी सभी एजेंसियों के साथ, सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में था। हमारी एजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी। इसके पीछे केषड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।’ षड्यंत्र की तह तक जाएंगीसोमवार की शाम दिल्ली में लाल किले के नजदीक एक कार में हुए विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हैं। जांच एजेंसियांविस्फोट की जांच में जुटी हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल कर धमाका गया। इससे पहले फरीदाबाद से जांचएजेंसियों ने एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और करीब तीन क्विंटल अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया था। जांच एजेंसियों को शक है किदिल्ली विस्फोट के तार भी फरीदाबाद के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक साजिश करारदिया। उन्होंने कहा कि ‘मैं कल रातभर इस घटना की जांच में जुटी सभी एजेंसियों के साथ, सभी महत्वपूर्ण लोगों के साथ संपर्क में था। हमारीएजेंसियां इस षड्यंत्र की तह तक जाएंगी और षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।’