युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है बीबीडी यूनिवर्सिटी – मुख्यमंत्री योगी

बीबीडी यूनिवर्सिटी, लखनऊ में भव्य दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप मेंउपस्थित रहे। समारोह में हजारों लोग शामिल हुए और कुल 5746 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री ने लगभग एक घंटे तकछात्रों को प्रेरक संबोधन दिया। बीबीडी यूनिवर्सिटी की उपलब्धियों की सराहनाअपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीबीडी यूनिवर्सिटी युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ खेल सुविधाओं की प्रशंसा की और कहा कि किसी भी आधुनिक संस्था में खेल, तकनीक औरशिक्षा का संतुलन बेहद ज़रूरी है। समस्या नहीं, समाधान पर ध्यान देंयोगी ने छात्रों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए समस्याओं को बार-बार गिनाने के बजाय समाधान की दिशा में काम करें। उन्होंने बताया किभारत आज दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है और युवाओं के कौशल व क्षमता को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संस्थानों पर है। एआई, रोबोटिक्स और नई तकनीक की ओर बढ़ने का आह्वानमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत हर क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है—खासकर एआई, रोबोटिक्स और उभरती तकनीकों में। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपीलकी कि ड्रोन, एआई, आईओटी और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों को अपने कोर्स का हिस्सा बनाए, ताकि छात्र भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप कौशलहासिल कर सकें। योग्यता आधारित अवसर और सुशासन का मॉडलअपने भाषण में सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी निवेश, कानून-व्यवस्था, रोजगार और सुशासनका मॉडल बन चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में योग्यता के आधार पर लाखों युवाओं को नौकरी मिली है और बेहतर कानून व्यवस्था के कारण यूपीनिवेशकों की पहली पसंद बन गया है। मेधावी छात्रों को पदक और उपाधियाँसमारोह में कुल 89 छात्रों को गोल्ड मेडल, दो छात्रों को कुलाधिपति पदक और कई विद्यार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। मुख्यमंत्री ने मुस्कानसाहू सहित सभी गोल्ड मेडलिस्ट और मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथियों का संबोधन और स्वतंत्रदेव सिंह का वक्तव्य जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि बीबीडी यूनिवर्सिटी मानव कल्याण और शिक्षित समाज के सपने को पूरा कर रही है। उन्होंने छात्रों सेप्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा दी।, प्रो चांसलर विराज सागर दास का संबोधनबीबीडी यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर विराज सागर दास ने कहा कि युवाओं के holistic विकास के लिए बीबीडी लगातार काम कर रही है। उन्होंनेबताया कि विश्वविद्यालय डिजिटल एम्पावरमेंट, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-लिंक्ड एजुकेशन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
पंजाब की आवाज़ दबेगी नहीं, हक़ लेकर ही लौटेंगे — CM भगवंत मान

दिल्ली की बैठक में गूँजी पंजाब की सच्चाईनॉर्थ ज़ोन काउंसिल की दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब की स्थिति, संघर्ष और अधिकारों को बेहद स्पष्ट शब्दों मेंरखा। बैठक में मौजूद सभी नेताओं के सामने उन्होंने यह बात कही कि हर कोई पंजाब के संसाधनों की ओर हाथ बढ़ाता है कभी कहा जाता है किपंजाब यूनिवर्सिटी दे दो, कभी कहा जाता है कि हेडवर्क्स दे दो, तो कभी चंडीगढ़ को लेकर दावे किए जाते हैं। लेकिन जब पंजाब अपनी जरूरतों, अपने अधिकारों की बात करता है, तो किसी तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिलता। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब से लेना सब चाहते हैं, पर देना किसीको मंजूर नहीं।बाढ़ की चोट गहरी थी, पर केंद्र की मदद अब तक अधूरीउन्होंने बाढ़ से हुई तबाही को बेहद भावुकता और गंभीरता से सामने रखा। पंजाब में आई बाढ़ ने लाखों किसानों का जीवन उलट-पुलट कर दिया।पाँच लाख एकड़ फसल पूरी तरह नष्ट हो गई, खेतों की मेड़ों से लेकर पुलों-सड़कों तक सब टूट गया, गांवों में जीवन सामान्य होना मुश्किल हो गया।लेकिन इतनी भारी तबाही के बाद भी केंद्र सरकार ने पंजाब को बाढ़ राहत का 1600 करोड़ रुपये नहीं दिया। इसके विपरीत पंजाब सरकार ने अपनीजिम्मेदारी निभाते हुए खुद संसाधन जुटाए और किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवज़ा दिया। यह कदम पंजाब सरकार की प्रतिबद्धताको दिखाता है कि चाहे मुश्किल कितनी भी बड़ी हो, पंजाब अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ता।कठिन दौर में भी पंजाब बना देश का खाद्य प्रहरीमुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इतनी परेशानियों के बाद भी पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर नहीं पड़ने दिया। उन्होंने कहा कि पंजाबइस बार भी देश को 150 लाख मीट्रिक टन चावल देगा। यह कोई साधारण बात नहीं है, क्योंकि जब राज्य खुद मुसीबतों से जूझ रहा हो, तब भी देशके लिए अनाज देना पंजाब के योगदान की विशालता को दिखाता है। पंजाब अपनी जिम्मेदारी निभाने में कभी पीछे नहीं हटता, चाहे हालात कितने भीप्रतिकूल क्यों न हों। पानी के बिना खेती कैसे? पंजाब का दर्द सामने आयापानी के मुद्दे पर उन्होंने बेहद सटीक और तीखा सवाल उठाया अगर पंजाब को उसका पानी ही नहीं मिलेगा, तो पंजाब की खेती कैसे चलेगी? क्याकिसान गमलों में फसलें उगाएँगे? यह सवाल केवल एक टिप्पणी नहीं था, बल्कि पंजाब की दशकों पुरानी उपेक्षा का सच था। पंजाब देश को खानाखिलाता है, लेकिन अपने हिस्से का पानी पाने के लिए उसे आज भी संघर्ष करना पड़ता है। यह स्थिति न केवल अनुचित है, बल्कि राज्य के भविष्यको खतरे में डालती है। पंजाब अपने हक़ की लड़ाई ईमानदारी से जारी रखेगाअंत में CM भगवंत मान ने यह दोहराया कि पंजाब किसी से एहसान नहीं चाहता। पंजाब सिर्फ अपना हक़ चाहता है अपने संसाधनों का हक़, अपनेपानी का हक़, अपनी यूनिवर्सिटी और चंडीगढ़ पर न्याय का हक़। उन्होंने कहा कि पंजाब की यह लड़ाई अब और ज्यादा स्पष्ट, ज्यादा मजबूत औरज्यादा साहसी होगी। पंजाब की आवाज़ न दबेगी और न रुकेगी। पंजाब अपने अधिकारों के लिए लड़ता रहेगा और अपना हक़ लेकर ही लौटेगा।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले महायुति में बढ़ी खींचतान, शिवसेना मंत्रियों ने कैबिनेट बैठक से बनाई दूरी

महाराष्ट्र में होने वाले निकाय चुनावों से पहले महायुति के अंदर कलह की खबरें सामने आ रही है। महायुति सरकार के अधिकांश शिवसे के खेमें केमंत्री मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक से दूर रहे। सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय (सचिवालय) में हुई कैबिनेट बैठक में केवल उपमुख्यमंत्री एकनाथशिंदे मौजूद थे। हालांकि भाजपा ने गठबंधन में किसी भी तरह के मतभेद होने की खबरों का खंडन किया है। सूत्रों का कहना है कि शिवसेना खेमे केमंत्री इसलिए दूर रहे ताकि वे भाजपा को संदेश दे सकें कि जैसा हो रहा है, वह स्वीकार नहीं किया जाएगा। दरअसल दोनों दलों के बीच की रारबीएमसी चुनाव से पहले शुरू हुई है। डोंबिवली में कई शिवसैनिक हाल ही भाजपा में शामिल हो गए थे। जिसे लेकर शिवसेना में नाराजगी है। सूत्रों नेबताया, कल्याण-डोंबिवली में शिवसेना से भाजपा में शामिल हुए एक नेता भी इस विरोध का एक मुख्य कारण हो सकता है। उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिएइसके अलावा इस पूरे प्रकरण को लेकर शिवसेना के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके कक्ष में मुलाकात की और डोंबिवली के घटनाक्रमपर अपनी नाराजगी जताई,इस पर फडणवीस ने कहा कि पड़ोसी उल्हासनगर में भाजपा सदस्यों को सबसे पहले शिवसेना ने ही अपने पाले में शामिलकिया था। मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि जब उनकी पार्टी अन्य सहयोगियों के सदस्यों को अपने पाले में लेती है, तोभाजपा द्वारा ऐसा करने पर उन्हें शिकायत नहीं करनी चाहिए।फडणवीस ने कथित तौर पर शिवसेना नेताओं से कहा कि अब से गठबंधन साझेदारों को एक-दूसरे के कार्यकर्ताओं को शामिल नहीं करना चाहिए।महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में भाजपा, शिवसेना के अलावा अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं।हालांकि महायुति में तनाव की खबरों का भाजपा की ओर से खंडन किया गया है। महायुति मिलकर चुनाव लड़ेगीमहाराष्ट्र के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को कहा कि महायुति गठबंधन में शामिल भाजपा, शिवसेना और राकांपा राज्य मेंबृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव मिलकर लड़ेंगे। नागपुर में पत्रकारों से बात करते हुए, बावनकुले ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य बीएमसीचुनावों में दो-तिहाई वार्ड और 51 प्रतिशत वोट हासिल करना है। भाजपा नेता ने कहा कि मुंबई नगर निगम चुनावों में, महायुति मिलकर चुनावलड़ेगी। महाराष्ट्र में निकाय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत ‘महायुति’ सरकार में शामिल शिवसेना केअधिकतर मंत्री मंगलवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में शामिल नहीं हुए। जिसके बाद दोनों दलों के बीच तनातनी की खबरें सामने आ रही हैं।
बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत कार्ती चिदंबरम ने बताया, सोशल इंजीनियरिंग और महिला मतदाताओं ने बदल दिया खेल

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राजनीतिक पंडित हार-जीत का विश्लेषण करने में जुटे हैं। अब कांग्रेस सांसद कार्तीचिदंबरम ने भी माना है कि बिहार में एनडीए की जीत में कई अहम फैक्टर रहे। कार्ती चिदंबरम ने बताया कि एनडीए की सोशल इंजीनयरिंग औरमहिला मतदाताओं को लुभाने की रणनीति कारगर रही। कार्ती चिदंबरम ने देश में वंशवादी राजनीति पर भी बात की और इसका बचाव किया। साथही कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके इंडी गठबंधन का नेतृत्व करेगी। कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘मेरा विश्लेषण येकहता है कि कांग्रेस पार्टी का बिहार में वोट प्रतिशत एकजुट रहा। साल 2020 के विधानसभा चुनाव का वोट प्रतिशत और 2025 के विधानसभाचुनाव का वोट प्रतिशत लगभग समान है। राजद के साथ भी ऐसा ही है। जो अंतर पैदा किया वो लोजपा रामविलास पासवान ने किया। पिछले चुनावमें लोजपा ने अकेले चुनाव लड़ा और इस चुनाव में वे एनडीए के साथ चुनाव लड़े। लोजपा को 29 सीटें दी गईं और उन्होंने 19 सीटों पर जीत दर्जकी। साथ ही 5 प्रतिशत वोट शेयर कब्जाया। इसी ने अंतर पैदा किया।’ 25-30 वर्षों में समाज में बदलावकार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘एनडीए ने कई छोटी पार्टियों से भी गठबंधन किया, जो समुदाय आधारित पार्टियां हैं और इनका वोटबैंक एनडीए कोमिला। साथ ही मेरे विचार से 10 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजने की योजना एनडीए को महिलाओं का वोट मिला। एआईएमआईएम पार्टी भीअलग होकर चुनाव लड़ी और उसने कांग्रेस के पारंपरिक वोटबैंक में सेंध लगाई। इस तरह ये सिर्फ संतुलन की बात है, जिनके चलते ये नतीजे आए।’ कांग्रेस सांसद कार्ती चिदंबरम ने वंशवादी राजनीति पर कहा कि ‘ये सच है कि एक या दो राजनीतिक पार्टियों को छोड़ दें तो देश में हर राजनीतिकपार्टी एक परिवार पर केंद्रित है। नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, अकाली दल, शिवसेना, टीडीपी, बीजद, डीएमके और यहां तक कि कांग्रेस से टूटकर बनींटीएमसी और एनसीपी नेतृत्व भी एक ही परिवार के पास हैं। इसी तरह कांग्रेस भी है। बदलाव होना चाहिए लेकिन राजनीतिक पार्टियां भी समाज काआईना हैं। भारतीय समाज में परिवार की मुख्य भूमिका होती है। हो सकता है कि अगले 25-30 वर्षों में समाज में बदलाव आए तो राजनीतिकपार्टियां भी बदल जाएंगी।’ 10 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजने की योजनातमिलनाडु चुनाव पर कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘हम इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं और डीएमके तमिलनाडु में इस गठबंधन का नेतृत्व करेगी। गठबंधनमजबूत स्थिति में है। मेरा मानना है कि अगले साल होने वाले चुनाव में हमारा गठबंधन जीत दर्ज करेगा।’ कार्ती चिदंबरम ने कहा कि ‘एनडीए ने कईछोटी पार्टियों से भी गठबंधन किया, जो समुदाय आधारित पार्टियां हैं और इनका वोटबैंक एनडीए को मिला। साथ ही मेरे विचार से 10 हजार रुपयेसीधे बैंक खाते में भेजने की योजना एनडीए को महिलाओं का वोट मिला।’
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और सफाई संकट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद संभाला मोर्चा, एमसीडी पर जताई नाराजगी ‘सरकार ने लिया सख्त कदम’

बढ़ते वायु प्रदूषण और बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एमसीडी से नाराज हैं। दोनों महत्वपूर्ण मोर्चों की कमान दिल्ली सरकारने अपने हाथों में ले ली है। 11 नवंबर को समीक्षा बैठक के बाद सरकार इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि एमसीडी इन मोर्चों पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं करपा रही है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ मिलकर खुद ग्राउंड स्तर पर सफाई और प्रदूषण नियंत्रण की निगरानी करने का फैसला किया है। सीएम नेहाल में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताई थी। बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि धूल-नियंत्रणमशीनें पूरी क्षमता से नहीं चल रहीं, कई वार्डों में कूड़ा उठाने में देरी हो रही है और सड़क धुलाई का सिस्टम लगभग ठप पड़ा है। मंत्री विभिन्न क्षेत्रों में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थामुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि दिल्ली प्रदूषण के गंभीर दौर में है। ऐसे में किसी भी विभाग की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती लेकिन सिर्फनाराजगी जताना ही पर्याप्त नहीं था। बैठक के चार दिन बाद भी जब कई इलाकों से सुधार की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं मिली, तो मुख्यमंत्री ने सीधेहस्तक्षेप का निर्णय लिया। सूत्रों के मुताबिक, सरकार की ओर से यह संदेश साफ कर दिया गया है कि अब प्रदूषण नियंत्रण और सफाई व्यवस्था कीजिम्मेदारी केवल एमसीडी की नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली सरकार की निगरानी में होगी। सरकार ने तय किया है कि सोमवार को सभी छह मंत्री विभिन्नक्षेत्रों में सफाई और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था की प्रत्यक्ष समीक्षा करने पहुंचे। एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताईदिल्ली सरकार में बैठक के बाद एमसीडी आयुक्त ने भले ही जोनल उपायुक्तों के साथ आपात बैठक कर निर्देश जारी कर दिए हों लेकिन सरकार उसपर भरोसा करने को तैयार नहीं दिख रही। एमसीडी को साफ संदेश दिया गया है कि अब कामकाज की जिम्मेदारी और उसकी निगरानी दोनों सरकार केहाथ में रहेगी। दिल्ली में जैसे-जैसे हवा खराब होती जा रही है, वैसे-वैसे आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के नेता दिल्ली सरकार को निशाने पर ले रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण पर ढीली पड़ी है। ऐसे में मुख्यमंत्री के सफाई और प्रदूषण नियंत्रण का मोर्चा खुद संभालनाराजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ मिलकर खुद ग्राउंड स्तर पर सफाई और प्रदूषण नियंत्रण कीनिगरानी करने का फैसला किया है। सीएम ने हाल में आयोजित उच्च-स्तरीय बैठक में एमसीडी के कामकाज पर तीखी नाराजगी जताई थी।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की शपथ के बाद पहली औपचारिक मुलाकात, दोनों नेताओं की पहली मुलाकात ने खींचा ध्यान

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की है। बता दें कि उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहणसमारोह के बाद ये दोनों की पहली औपचारिक मुलाकात है। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुएउपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके अचानक इस्तीफे के बाद इस पद के लिए चुनाव हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि आलीशानउपराष्ट्रपति एन्क्लेव में रहने वाले पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज दोपहर राधाकृष्णन से मुलाकात की। सितंबर में सीपी राधाकृष्णन केउपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से यह दोनों की पहली मुलाकात है। जगदीप धनखड़ ने आखिरी बार राधाकृष्णन से राष्ट्रपति भवन में उनकेशपथ ग्रहण समारोह में मुलाकात की थी। शपथ ग्रहण के बाद दोनों के पहली औपचारिक मुलाकातउपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मौलाना आजाद रोड स्थित उपराष्ट्रपति निवास में रहते थे। लगभग दो साल पहले, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव उनका नयाआधिकारिक निवास बन गया। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 13 एकड़ में फैली इस संपत्ति के पहले निवासी थे। चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन ने12 सितंबर को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। सीपी राधाकृष्णन ने मंगलवार को संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डीको 152 मतों के अंतर से हराकर उपराष्ट्रपति चुनाव जीता था। इस चुनाव में उन्हें कुल 452 वोट मिले थे। 9 सितंबर को नए उपराष्ट्रपति के लिएचुनाव हुआ था। बता दें कि इस चुनाव में 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसद मतदाता होतेहैं। उपराष्ट्रपति भवन में मौजूदा उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मुलाकात की है। जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्यकारणों से इस्तीफा दिया था, इसके बाद सीपी राधाकृष्णन नए उपराष्ट्रपति बने हैं। सीपी राधाकृष्णन के शपथ ग्रहण के बाद दोनों के पहलीऔपचारिक मुलाकात है।
कांग्रेस पर भाजपा का तीखा वार, छह विधायक जदयू में जाने की अटकलें, गहलोत पर भी निशाना

भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल ने मंगलवार को मीडिया से संवाद के दौरान कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर कड़ा राजनीतिक हमलाबोला। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के छह विधायक जल्द ही जदयू में शामिल हो सकते हैं और कांग्रेस संगठन उन्हें रोक पाने की स्थिति में नहीं है।उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उनको तो रोक लें गहलोत… अगर रोक सकते हैं। अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आड़े हाथों लेते हुएकहा कि राजस्थान में जिस तरह वे ‘विधायक बचाने’ की राजनीति करते थे, अब वही अभ्यास उन्हें बिहार में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गहलोत यहस्वीकार कर लें कि कांग्रेस आज जिस स्थिति में पहुंची है, वह उसकी खुद की विफलताओं का परिणाम है, न कि किसी बाहरी कारण का। राज्य सरकार के अधीन होतेअग्रवाल ने कहा कि अंता उपचुनाव के परिणाम इस बात का संकेत हैं कि भाजपा निष्पक्ष चुनाव कराती है और जनता का विश्वास पार्टी के साथ है।उन्होंने कहा कि जो लोग बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, यह परिणाम उनके मुंह पर तमाचा है। हमने जनभावनाओं का सम्मान किया है।चर्चा के दौरान अग्रवाल ने कांग्रेस के 65 वर्षों के शासन की आलोचना करते हुए कहा कि पिछले 65 वर्षों में कांग्रेस ने केवल जुमलेबाजी की, जबकिभाजपा ने गरीबों और मध्यम वर्ग के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाया है। उन्होंने कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिजकिया। अग्रवाल ने कहा कि आयोग केवल नीति और प्रक्रिया तय करता है, जबकि चुनाव संचालन प्रशासनिक अधिकारियों (DM और BLO) द्वाराकिया जाता है, जो राज्य सरकार के अधीन होते हैं। ऐसे में भाजपा पर आरोप लगाना हास्यास्पद है। कांग्रेस नेतृत्व को विफल बतायाअग्रवाल ने कांग्रेस पर हार का बहाना खोजने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी बिना फूट के भी वहां पहुंच गई है जहां उसका जनाधार लगभगसमाप्त हो चुका है। उन्होंने अंत में दोहराया कि अशोक गहलोत राजस्थान छोड़कर बिहार चले जाएं, शायद वहां कुछ बचा सकें। भाजपा प्रदेश प्रभारीराधा मोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस और अशोक गहलोत पर तीखे आरोप लगाते हुए दावा किया कि कांग्रेस के छह विधायक जदयू में जा सकते हैं।उन्होंने अंता उपचुनाव का जिक्र कर भाजपा पर लगे वोट चोरी के आरोपों को खारिज किया और कांग्रेस नेतृत्व को विफल बताया।
अमेरिका की बड़ी तैयारी, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ संभव भारत-चीन पर बढ़ेगी मुश्किलें

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन जल्द ही एक नया कानून बनाने जा रहा है, जिसके तहत रूस से व्यापार करने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसे समर्थन दे दिया है। रविवार को मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उनकी पार्टी एक विधेयकलाने जा रही है, जिसके तहत रूस से व्यापार करना किसी भी देश के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ‘रूस के व्यापारिक साझेदार देशयूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करने के लिए जिम्मेदार हैं, खासकर रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देश। ट्रंप ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी ऐसाविधेयक लाने जा रही है, जिसमें रूस से व्यापार करने वाले देशों पर काफी कड़े प्रतिबंधों का प्रावधान है।’ ट्रंप ने कहा कि ‘रूस के व्यापारिक साझेदारदेश यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करने के लिए जिम्मेदार हैं, खासकर रूस से कच्चा तेल और गैस खरीदने वाले देश। ट्रंप ने कहा कि रिपब्लिकन पार्टीऐसा विधेयक लाने जा रही है, जिसमें रूस से व्यापार करने वाले देशों पर काफी कड़े प्रतिबंधों का प्रावधान है।’ रूस से कच्चा तेल या गैस खरीदतेरूस से व्यापार करने वाले देशों में भारत और चीन शामिल हैं। ऐसे में अमेरिका के इस नए कानून से भारत की परेशानी बढ़ सकती है। अमेरिका पहलेही भारत पर रूस से तेल खरीदने के लिए अतिरिक्त टैरिफ लगा चुका है। अमेरिका का मानना है कि रूस के यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करने में भारतऔर चीन का प्रमुख योगदान है। नए कानून के तहत भारत और चीन के अलावा ईरान की भी परेशानी बढ़ सकती है। एक तरफ अमेरिका रूस सेव्यापार करने वाले देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ भारत और रूस के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है। साल2030 तक दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया है। भारत और रूस के बीच इंडिया-यूरेशियनइकॉनोमिक यूनियन मुक्त व्यापार समझौता हो सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर अमेरिका का यह विधेयक पारित हो जाता है, तोट्रंप उन देशों से आयात पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगा सकेंगे जो रूस से कच्चा तेल या गैस खरीदते हैं।
राम मंदिर ध्वजारोहण से पहले बड़ा फैसला, अब मेहमान मोबाइल लेकर नहीं जा सकेंगे “दिल्ली विस्फोट के बाद सतर्कता बढ़ी”

दिल्ली विस्फोट के बाद राम मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए ट्रस्ट और प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। ध्वजारोहण समारोह में आनेवाले किसी भी मेहमान को मोबाइल फोन लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। शुरुआत में मेहमानों को मोबाइल साथ ले जाने कीअनुमति दी गई थी, लेकिन दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाने की सिफारिश की। इसके बाद ट्रस्ट और प्रशासन नेसंयुक्त समीक्षा के बाद मोबाइल पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। 25 नवंबर को राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह आयोजित है। समारोह मेंप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत आठ हजार मेहमानशामिल होंगे। मेहमानों को भेजे गए आमंत्रण पत्र में बताया गया था कि 25 नवंबर को सभी को सुबह आठ से 10 बजे के भीतर मंदिर में प्रवेश करनाहोगा। वे अपने साथ मोबाइल रख सकते हैं, लेकिन अब इस निर्णय को बदल दिया गया है। मेहमानों को खाली हाथ समारोह के लिए आना होगा। आठ हजार मेहमान शामिल होंगेसमारोह को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। राम जन्मभूमि परिसर में अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर, डॉग स्क्वॉड और सर्विलांस बढ़ाई जा रही है।अधिकारियों के अनुसार बड़े आयोजन, बढ़ती भीड़ और राष्ट्रव्यापी सतर्कता को देखते हुए यह कदम आवश्यक था। मंदिर के आसपास 24×7 निगरानीके लिए नए कैमरे, हाईटेक कंट्रोल रूम और अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जा रहे हैं। प्रशासन ने सभी आगंतुकों से अनुरोध किया है कि वेमोबाइल साथ न लाकर सहयोग करें, ताकि मंदिर परिसर में सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था सुचारु बनी रहे। 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहणसमारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल समेत आठहजार मेहमान शामिल होंगे। ऐसे में सुरक्षा को लेकर सख्त इंतजाम किए गए हैं।
सनातन चेतना सम्मेलन में नंदकिशोर गुर्जर का उकसाने वाला बयान, राजनीतिक हलकों में घमासान हिंदू अब चुप न रहें ‘गोवंश काटने वाले की गर्दन काट दो’

लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि यदि कोई गोवंश काटने वाला मिल जाए, तो उसकी गर्दन काट दो। तुम्हें अपनी मां की रक्षा करनीचाहिए। यह बात उन्होंने सहारनपुर में आयोजित सनातन चेतना सम्मेलन में कही। सहारनपुर में रणदेवा गांव के प्यारे जी महाराज मंदिर में सोमवार कोसनातन चेतना सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां पहुंचे लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि हिंदुओं को अब जागना होगा। हिंदूअपने बारे में गलत बातें सुनकर भी चुप ही रहता है। कुछ लोग अपनी मनमर्जी के अनुसार मनगढ़ंत बयान दे रहे हैं। मौर्य घूम-घूम कर देशभर में देवीदेवताओं का मजाक उड़ा रहा है और हिंदू केवल सुनते हैं। यह चुप रहने का समय नहीं है। हिंदुओं को इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए। लोनी विधायक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहाउन्होंने कहा कि अगर कोई गोवंश काटने वाला मिल जाए तो उसके सामने हाथ नहीं जोड़ने, बल्कि उसी समय उसकी गर्दन काट देनी चाहिए। ताकिउसे तुरंत सख्त सजा मिले सके। ऐसा करने से हमने कानून अपने हाथ में भी नहीं लिया। प्रत्येक हिंदू का कर्तव्य है कि वह अपनी मां की रक्षा करे।कहा कि इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर खतरा मंडरा रहा है। एक समुदाय के लोगों की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। कैराना में यदि हिंदू इकट्ठेहोकर वोट देते तो आपका सांसद एक हिंदू ही होता। ये लोग हिंदुओं पर हावी न हो पाते।गुर्जर ने कहा कि अपने आसपास वाल्मीकि, पासी समाज के लोगों को बसाओ। कश्मीर में कांग्रेस जिहादियों को अपने पैसे देकर हवाई यात्राएं करातीहै। इसके बाद वह हिंदू विरोधी कार्य करते हैं। नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि लखनऊ में किसी की हैसियत नहीं है मेरी बात काटने की। मुख्यमंत्री कीजितनी चलती है, उससे कम तुम्हारे भाई की भी नहीं चलती।लोनी विधायक ने सहारनपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अपने बारे में गलत बातें सुनकर चुप न रहें। कहा कि लखनऊ हो या यहां, किसी कीहैसियत नहीं हो मेरी बात काट दे।