तमिल बनाम हिंदी विवाद फिर गर्माया राज्यपाल आर.एन. रवि का बड़ा बयान, ‘तमिल राजनीति क्षेत्रवाद नहीं, तमिल विशिष्टता

तमिलनाडु के सियासी गलियारों में तमिल बनाम हिंदी का मुद्दा हमेशा ही सुर्खियों में रहता है। इस बीच तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि का बड़ाबयान सामने आया है। राज्यपाल ने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति क्षेत्रवाद नहीं है, बल्कि यह अनिवार्य रूप से तमिल ‘विशिष्टता’ है, जो इस बातपर जोर देता है कि तमिल अन्य भाषाओं से अलग है।तमिलनाडु के राज्यपाल के तौर पर आर.एन. रवि का एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार के साथ गतिरोध का लंबा इतिहास है।राज्यपाल ने कहा, ‘यह तमिल विशिष्टता अन्य भाषाओं के प्रति घृणा से व्यक्त होती है, यहां तक कि द्रविड़ परिवार से संबंधित तेलुगू, कन्नड़ औरमलयालम जैसी भाषाओं के प्रति भी। यह केवल हिंदी तक ही सीमित नहीं है।’ उन्होंने तमिल राजनेताओं की आलोचना करते हुए यह भी कहा कि वेवास्तव में तमिल से प्रेम नहीं करते, क्योंकि उन्होंने तमिल भाषा या तमिल संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए कुछ भी नहीं किया है। कार्यक्रम में सिर्फ एक मेहमानउन्होंने एक साक्षात्कार में कहा, ‘सच्चाई यह है कि हर साल छात्र तमिल माध्यम से अंग्रेजी माध्यम की ओर जा रहे हैं। तमिल में पढ़ाई करने वाले छात्रोंकी संख्या में लगातार और तेजी से गिरावट आ रही है।’ रवि ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने तमिल भाषा और संस्कृति में अनुसंधान के लिए शून्यबजट दिया है। उन्होंने बताया, “राज्य अभिलेखागार में 11 लाख से अधिक ताड़पत्र पांडुलिपियां सड़ रही हैं। उनके संरक्षण के लिए कोई धनराशिआवंटित नहीं की गई है।” अक्टूबर 2024 में दूरदर्शन के एक कार्यक्रम में ‘तमिल थाई वजथु’ से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा किडीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने बिना किसी बात के हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि वे इस कार्यक्रम में सिर्फ एक मेहमान थे औरआयोजकों से गलती हुई। उन्होंने माफी भी मांगी। राज्यपाल ने कहा, ‘मैं तमिल थाई वजथु उन कई लोगों से कहीं बेहतर गा सकता हूं जो तमिलबोलते हैं।’ तमिल थाई वजथु’ से जुड़े विवाद का जिक्रसरकार और राज्यपाल के बीच तनाव को उजागर करने वाली एक अन्य घटना को याद करते हुए – रवि ने जनवरी में विधानसभा के पहले सत्र में अपनापारंपरिक अभिभाषण देने के बजाय वॉकआउट कर दिया था – उन्होंने कहा कि यह एक ‘दुखद निर्णय’ था। रवि इस बात का विरोध कर रहे थे कि सत्रकी शुरुआत में राष्ट्रगान नहीं बजाया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे समारोहों में जहां राज्यपाल या राष्ट्रपति भाग लेते हैं, वहां कार्यक्रम की शुरुआतराष्ट्रगान से होती है और समापन भी राष्ट्रगान से होता है। अक्टूबर 2024 में दूरदर्शन के एक कार्यक्रम में ‘तमिल थाई वजथु’ से जुड़े विवाद का जिक्रकरते हुए राज्यपाल ने कहा कि डीएमके के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने बिना किसी बात के हंगामा खड़ा कर दिया।
नीतीश सरकार का बिग विज़न 5 साल में 1 करोड़ रोजगार, बिहार बनेगा न्यू एज टेक्नोलॉजी हब

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शपथ ग्रहण के बाद ही युवाओं और रोजगार को लेकर अपनी तैयारी दिखा दी थी। उन्होंने बिहार में उद्योग की संभावनाबढ़ाने की तैयारी पहले ही बता दी थी। मंगलवार को इधर कैबिनेट की बैठक में उद्योग और विकास की बात हुई तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नीतीशकुमार ने युवाओं को अगले 5 साल में रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर अपनी पूरी योजना बताई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडियाअकाउंट पर क्या लिखा. राज्य में अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार मिले, यह शुरू से ही हमलोगों की प्राथमिकता रही है।सात निश्चय-2 के तहत वर्ष 2020-25 के बीच राज्य में 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार दिया गया है। अगले 5 वर्षों (2025-30) में हमलोगों ने 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया है।कार्ययोजना तैयार की जाएगीनई सरकार के गठन के पश्चात राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने एवं अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए हमलोगों ने तेजी सेकाम शुरू कर दिया है। बदलते बिहार के विकास की गति को बल देने हेतु बिहार में प्रौद्योगिकी और सेवा आधारित नवाचारों की न्यू ऐज इकोनॉमी(New Age Economy) के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु इस क्षेत्र से संबंध रखने वाले बिहार के अग्रणी उद्यमियोंके सुझाव प्राप्त कर योजनाओं एवं नीतियों का निर्धारण किया जाएगा। साथ ही बिहार को एक ‘वैश्विक Back-end Hub’ एवं ‘ग्लोबल वर्कप्लेस’ के रूप में विकसित एवं स्थापित करने हेतु महत्वपूर्ण विभागों तथा प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों एवं विशेषज्ञों के सहयोग से एक विस्तृत कार्ययोजना तैयारकी जाएगी। बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशनबिहार की जनसंख्या में युवाओं की भागीदारी काफी अधिक है। इसको सार्थक दिशा देने पर बिहार देश का सबसे तेजी से विकास करने वाला राज्यबन सकता है। बिहार में बड़ी संख्या में उपलब्ध युवा मानव संसाधन को ध्यान में रखते हुए बिहार को पूर्वी भारत के नए टेक्नोलॉजी हब(Technology Hub) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबलकैपेबिलिटी सेंटर्स, मेगा टेक सिटी व फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी एवं उद्योगों का जाल बिछाने हेतु वृहद कार्ययोजना तैयार कर योजनाओंको क्रियान्वित किया जाएगा। राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना एवं पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने हेतु नीति एवं कार्ययोजनाबनाई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी प्रमुख शहरों को बेहतर एवं सुंदर बनाने की योजना पर कार्य करने हेतु तैयारी की जा रही है, तथा नईतकनीकों का उपयोग कर राज्य को अग्रणी बनाने हेतु बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना की जाएगी।
गगनयान ही नहीं… 2040 तक चांद पर भारतीय, ISRO यात्री शुभांशु शुक्ला ने छात्रों को दी चुनौतियों भरी प्रेरणा

भारत के गगनयान मिशन की तैयारियों के बीच भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और गगनयान यात्री शुभांशु शुक्ला ने छात्रों को प्रेरक संदेश दिए।बंगलूरू में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश अब सिर्फ अंतरिक्ष तक पहुंचने का सपना नहीं देख रहा, बल्कि अपना स्पेस स्टेशन बनानेऔर चांद पर भारतीय को उतारने की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है। शुक्ला ने छात्रों से कहा कि यह समय भारत के लिए ऐतिहासिक है और आनेवाला समय उनके लिए अवसरों से भरा होगा। शुक्ला ने बातचीत में साफ कहा कि देश की नजर 2040 तक चांद पर भारतीय की लैंडिंग पर है औरइसके लिए जिस भी युवा को जाना होगा, उसे उनके साथ मुकाबला करना पड़ेगा। उन्होंने मजाकिया लेकिन गंभीर अंदाज में कहा कि वह अभी मौजूदहैं, इसलिए चांद पर कदम रखने की दौड़ में छात्रों को उन्हें पीछे छोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा नीति 2023 में तैयारहुई थी, जिसमें गगनयान और भविष्य के मानव मिशनों का स्पष्ट रोडमैप तय किया गया है। भारत की वैश्विक पहचान को अगले स्तर परगगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष अभियान है, जिसकी तैयारी तेज चरण में है। शुक्ला ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि देश पहलीबार अपनी भूमि से, अपने लॉन्च व्हीकल पर, अपनी ही कैप्सूल में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारत की तकनीकीक्षमता, आत्मनिर्भरता और बढ़ते अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा का प्रमाण है। छात्रों को उन्होंने बताया कि यह मिशन सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि देशकी सोच को नए स्तर पर ले जाने वाला कदम है। शुक्ला ने कहा कि भारत अपना खुद का भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की तैयारी में है। उन्होंनेबताया कि इस परियोजना पर चर्चा चल रही है और आने वाले वर्षों में इसका निर्माण शुरू होगा। यह स्टेशन भारत को अंतरिक्ष में दीर्घकालिकउपस्थिति देगा। उनके अनुसार, यह योजना भारत को उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में ला देगी जो अंतरिक्ष में स्थायी वैज्ञानिक शोध करने की क्षमता रखतेहैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ विज्ञान का विस्तार नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को अगले स्तर पर ले जाने वाला कदम है। भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वालेछात्रों से बातचीत में शुक्ला ने उत्सुकता जताई कि चांद की सतह पर पहला भारतीय पुरुष होगा या महिला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देशके युवा ही इसका फैसला करेंगे। उन्होंने छात्रों को चुनौती देते हुए कहा कि चांद पर उतरने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ निश्चय कीजरूरत होगी। शुक्ला ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती दिलचस्पी देखकर उन्हें गर्व होता है और वह हर भविष्य परियोजना में शामिल रहनेको तैयार हैं। शुक्ला ने कहा कि भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने कहा किभारत का भविष्य उज्ज्वल है, लेकिन इसे वास्तविकता में बदलने के लिए देश के युवाओं को आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेनी होगी। उन्होंने छात्रों से कहाकि देश को 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने का समय उनका होगा और वही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले असली कर्ता होंगे।
कांग्रेस का RSS पर वार, ‘आंबेडकर और संविधान पर 76 साल से हमले जारी’ जयराम रमेश का बड़ा बयान

कांग्रेस ने बाबासाहेब आंबेडकर और संविधान का नाम लेते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमला बोला है। पार्टी के नेता जयराम रमेश नेमंगलवार को कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने आज ही के दिन 76 साल पहले संविधान सभा में भारत के मसौदा संविधान को औपचारिक रूप सेअपनाने का प्रस्ताव रखा था, और उसी समय से उन पर और संविधान पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से क्रूर हमले किए जाते रहे हैं।कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने याद दिलाते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को पेश करने से पहले अपने समापन भाषण में डॉ. आंबेडकर नेसंविधान निर्माण में कांग्रेस की भूमिका की सराहना की थी। रमेश ने एक्स पर लिखा, “ठीक 76 साल पहले, डॉ. आंबेडकर ने भारत के मसौदासंविधान को स्वीकार करने का प्रस्ताव संविधान सभा में रखा था। उस अवसर पर उनका समापन भाषण निस्संदेह 20वीं सदी में कहीं भी किसी भी ओरसे दिए गए सर्वश्रेष्ठ भाषणों में से एक है।”संविधान निर्माण में कांग्रेस की भूमिका की सराहनारमेश ने आंबेडकर के भाषण को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस की अनुशासनात्मक भूमिका को संविधान मसौदा समिति के सुचारू संचालन केलिए बेहद जरूरी बताया था। आंबेडकर के मुताबिक, अगर संविधान सभा में कांग्रेस न होती तो मसौदा समिति का कार्य बेहद कठिन हो जाता औरअव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती थी। कांग्रेस की उपस्थिति ने समिति को यह सुनिश्चितता दी कि प्रत्येक अनुच्छेद और संशोधन का क्या परिणामहोगा। रमेश ने कहा, डॉ. आंबेडकर और वह संविधान, जिसे अगले दिन औपचारिक रूप से अपनाया जाना था, आरएसएस के भीषण हमलों काशिकार हुए। उन्होंने कहा कि यह हमला तब से लगातार जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि 2015 से संविधान दिवस 26 नवंबर को इसलिए मनायाजाता है, क्योंकि इसी दिन 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अपनाया था। कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने याददिलाते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को पेश करने से पहले अपने समापन भाषण में डॉ. आंबेडकर ने कांग्रेस के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने याददिलाते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को पेश करने से पहले अपने समापन भाषण में डॉ. आंबेडकर ने संविधान निर्माण में कांग्रेस की भूमिका की सराहनाकी थी।
शुभेंदु अधिकारी का चुनाव आयोग को पत्र, ‘पक्षपाती पुलिस हटाओ’ बंगाल चुनाव से पहले सियासत में उबाल

पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण से लेकर अन्य कई मुद्दों पर सियासत गर्माई हुई है।इस बीच वरिष्ठ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर उनसेअगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान ‘पक्षपाती’ पुलिस अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने का आग्रह किया है। विपक्ष के नेता शुभेंदुअधिकारी ने दावा किया कि हाल ही में दीघा में आयोजित पुलिस एसोसिएशन के सम्मेलन में कई प्रतिभागियों ने तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जीको चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में देखने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘इन पुलिस अधिकारियों ने तटस्थता बनाएरखने के मानदंडों को खत्म कर दिया है और पक्षपातपूर्ण हो गए हैं। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने पर इन अधिकारियों को चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया जाना चाहिए।’ स्वामित्व वाली वेबेल टेक्नोलॉजी लिमिटेड को कर्मियों की नियुक्तिशुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र भेजकर पक्षपातपूर्ण पुलिसकर्मियों को चुनाव ड्यूटी से हटाने की मांग की है।’ भाजपा नेताने कहा कि वर्दी पहनने वाले लोग इस तरह के सियासी बयान नहीं दे सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पुलिस ने राज्य मेंलोकतंत्र के अंतिम अवशेष को भी नष्ट कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अधिकांश पुलिसकर्मी तृणमूल कांग्रेस सरकार को हटाना चाहते हैं। चुनावसे जुड़े कामों के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटरों की भर्ती के मुद्दे पर अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली वेबेल टेक्नोलॉजीलिमिटेड को कर्मियों की नियुक्ति का काम सौंपा गया है, जिन्हें टीएमसी की राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पीएसी से लिया जाएगा। जारी करने के लिए सीईओ की आलोचनाअधिकारी ने कहा, ‘डेटा एंट्री ऑपरेटरों को आदर्श रूप से पश्चिम बंगाल सरकार का स्थायी कर्मचारी होना चाहिए।’ पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचनअधिकारी ने हाल ही में जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एसआईआर या अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के लिए संविदा पर रखे गएडाटा-एंट्री ऑपरेटरों और बांग्ला सहायता केंद्र के कर्मचारियों को नियुक्त न करें। सोमवार को सीईसी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने एक वर्ष की अवधिके लिए 1,000 डाटा एंट्री ऑपरेटरों और 50 सॉफ्टवेयर डेवलपर्स को नियुक्त करने के लिए प्रस्ताव हेतु अनुरोध (आरएफपी) जारी करने के लिएसीईओ की आलोचना की, और कहा कि क्षेत्रीय कार्यालयों ने हमेशा जरूरत के मुताबिक अपने खुद के संविदात्मक डाटा एंट्री कर्मियों को नियुक्तकिया है।
अजय राय के नेतृत्व में कांग्रेस कमजोर? 1.6 लाख बूथों पर BLA तक नहीं दे पाई पार्टी क्या यूपी में कांग्रेस की राह और कठिन? “जानें क्याहै पूरा मामला”

बिहार के बाद सभी राजनीतिक दलों की निगाहें पश्चिम बंगाल और यूपी चुनावों पर हैं, लेकिन कांग्रेस एक बार फिर चुनावों की तैयारी में फिसड्डीसाबित होती दिख रही है। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में पार्टी अब तक अपना संगठन भी नहीं बना पाई है। किसी भी पार्टी संगठन के लिएमहत्त्वपूर्ण प्रदेश कार्यकारिणी का भी अब तक गठन नहीं किया जा सका है। एसआईआर के लिए पार्टी सभी बूथों पर अपने बीएलए तक नहीं दे पाईहै। ऐसी परिस्थिति में संगठन की कमजोरी यूपी चुनाव में कांग्रेस पर फिर भारी पड़ सकती है।‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव में धांधली होने की बात कही थी, लेकिन कांग्रेस की हार की एक बड़ी वजह राज्य मेंपार्टी संगठन का न होना बताया गया था। कांग्रेस ने हरियाणा में लंबे समय तक अपने जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक नियुक्त नहीं किए थेजिससे पार्टी चुनावी लड़ाई पूरी मजबूती से नहीं लड़ पाई और भाजपा बाजी मार ले गई। वही परिस्थिति एक बार फिर उत्तर प्रदेश में बनती हुई दिखाईदे रही है। पदाधिकारियों की नियुक्ति करनीअगस्त 2023 में अजय राय को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और महासचिव अविनाशपांडेय ने सौ दिनों के अंदर पार्टी संगठन बना लेने की बात कही थी। लेकिन संगठन की कमजोरी के कारण पार्टी लंबे समय तक जिलाध्यक्ष तक नहींबना पाई। इसके पीछे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और केंद्रीय इकाई के बीच सहमति न बन पाना बताया गया था। कहा तो यहां तक जाता है किकेंद्रीय नेतृत्व की सुस्ती से नाराज अजय राय अपने पद से इस्तीफा तक देने के लिए तैयार हो गए थे। फिलहाल, इन सारी परेशानियों से गुजरते हुएपार्टी ने 20 मार्च 2025 को ही अपने जिलाध्यक्षों की घोषणा कर पाई। लेकिन इसके नीचे संगठन निर्माण पूरी तरह सुस्त पड़ा हुआ है। पार्टी सूत्रोंका दावा है कि जिलाध्यक्षों की नियक्ति के बाद जून से ही पार्टी में ‘संगठन सृजन अभियान’ चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत ब्लॉक, मंडल से लेकरबूथ स्तर तक के पदाधिकारियों की नियुक्ति करनी है, लेकिन यह पूरी कवायद कागजों तक सीमित है। ज्यादातर जगहों पर निचले स्तर केपदाधिकारियों की नियुक्ति नहीं हो पाई है।कार्यकर्ताओं के न होने के कारण उन्हें निचले स्तर तक नहीं ले जाया जा रहाकुछ जगहों पर केवल खानापूर्ति के लिए कागजों पर नियुक्ति कर दी गई है, लेकिन जमीन पर पार्टी का कोई कार्यकर्ता मौजूद नहीं है। निचले स्तर परसंगठन न होने का सबसे बड़ा प्रमाण यही है कि पार्टी प्रदेश के सभी बूथों पर अपने बीएलए तक नहीं दे पाई है। यूपी में 1.60 लाख के करीब बूथ हैं।इससे पार्टी की चुनावी तैयारियों को गहरा झटका लग रहा है, लेकिन इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया कि राहुलगांधी के अभियानों को प्रदेश संगठन से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी चुनावों में धांधली सहित कई महत्त्वपूर्ण अभियान शुरु कर चुके हैं।नेता के अनुसार, यदि इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाया जाए तो इसका लाभ मिल सकता है, लेकिन पार्टी के कार्यकर्ताओं के न होने के कारण उन्हेंनिचले स्तर तक नहीं ले जाया जा रहा है। इससे इन अभियानों का कोई सार्थक परिणाम निकलने की उम्मीद नहीं है।
भारत के 53वें CJI बने न्यायमूर्ति सूर्यकांत, हिंदी में ली शपथ समारोह में 6 देशों के मुख्य न्यायाधीश शामिल

देश में 53वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस सूर्यकांत ने आज राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें पद औरगोपनीयता की शपथ दिलाई, उनके शपथ ग्रहण की खास बात ये रही कि उन्होंने ये हिंदी में ली। इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहणसमारोह में पूर्व सीजेआई बीआर गवई और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समेत तमाम केंद्रीय मंत्री समेत कई अन्यगणमान्य अतिथि भी शामिल हुए। बता दें कि, सीजेआई सूर्यकांत का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक रहेगा। वहीं इस शपथ ग्रहण समारोह के बादपूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बीआर गवई ने एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने समारोह के बाद अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के लिए अपनीआधिकारिक कार भी राष्ट्रपति भवन परिसर में छोड़ी। एएनआई के मुताबिक, पूर्व सीजेआई बीआर गवई ने आज तक मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहतेहुए उन्हें दी गई आधिकारिक कार में सफर न करके एक ऐतिहासिक नई मिसाल कायम की है। इसके बजाय, जस्टिस गवई ने मुख्य न्यायाधीश केलिए मिली कार अपने उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राष्ट्रपति भवन में उनके लिए छोड़ दी, ताकि यह पक्का हो सकेकि नए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए आधिकारिक कार उपलब्ध रहे। महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कीमुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शपथ ग्रहण ऐतिहासिक रहा क्योंकि इसमें छह देशों- भूटान, केन्या, मलयेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्यन्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल हुए। यह पहली बार है कि किसी भारतीय मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण में इतनी संख्या में विदेशीन्यायिक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। शपथ ग्रहण के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट में महात्मा गांधी की प्रतिमा परपुष्पांजलि अर्पित की। इधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि जस्टिस सूर्यकांत का देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप मेंपदभार संभालना न्याय प्रणाली के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय पर हुआ है। उन्होंने भरोसा जताया कि जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व में संवैधानिक मूल्योंऔर कानून के राज पर जनता का भरोसा और मजबूत होगा। जस्टिस सूर्यकांत कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जाहटाने से जुड़ा फैसला भी शामिल है। 1985 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कीखरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘जस्टिस सूर्यकांत को मुख्य न्यायाधीश बनने पर मेरी शुभकामनाएं। आने वाले 14 महीने न्याय व्यवस्था के लिएबेहद अहम हैं। मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में संवैधानिक मूल्यों और संस्थागत मजबूती को और बल मिलेगा, और हर नागरिक को न्याय का भरोसामिलेगा।’ भारत के 53वें और नए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 1 में अपना काम शुरू कर दिया है। कोर्टरूम में मौजूदवकीलों ने नए सीजेआई, जस्टिस सूर्यकांत का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी, जब उन्होंने बेंच पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची और अतुल एस. चंदुरकर के साथ सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक कार्यवाही शुरू की। हरियाणा के गांव से निकलकर भारत की सर्वोच्च न्यायपालिका के मुख्य न्यायाधीशपद तक पहुंचने वाले जस्टिस सूर्यकांत का जीवन संघर्ष, समर्पण और न्याय के प्रति ईमानदारी की मिसाल है। 10 फरवरी 1962 को हरियाणा केहिसार जिले के पेट्वर गांव में जन्मे सूर्यकांत का बचपन साधारण परिवेश में बीता। उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई गांव के स्कूल से पूरी की और गवर्नमेंटपीजी कॉलेज, हिसार से 1981 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से 1984 में कानून(एलएलबी) की पढ़ाई पूरी की। इसी वर्ष उन्होंने हिसार के जिला न्यायालय में वकालत शुरू की और 1985 में चंडीगढ़ स्थित पंजाब एवं हरियाणाहाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की।
अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण 25 नवंबर को पीएम मोदी करेंगे राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण, रामनगरी उत्सव में डूबी

यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के उल्लास में रामनगरी डूबी हुई है। देश-दुनिया से बड़ी संख्या मेंश्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं के साथ ही संत महंतों में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों राम मंदिर के शिखर पर होनेवाले ध्वजारोहण का उल्लास छाया हुआ है। संत और श्रद्धालु खुशी से सराबोर होकर नृत्य कर रहे हैं। जय श्रीराम का उद्घोष गूंज रहा है। श्रद्धालुरामलला के दर्शन कर खुद को धन्य मान रहे हैं। ध्वजारोहण समारोह के दिन आम श्रद्धालुओं का प्रवेश राममंदिर में बंद रहेगा। 26 नवंबर कोवीआईपी दर्शन नहीं होंगे। जबकि, आम श्रद्धालु राम मंदिर में जा सकेंगे। ध्वजारोहण के अगले दिन बड़ी संख्या में भक्तों के अयोध्या पहुंचने कीसंभावना है। रामनगरी ही नहीं समूचे देश और दुनिया के लिए 25 नवंबर दिन ऐतिहासिक होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्य और भव्य राममंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। पीएम के आगमन से पहले अयोध्या सज संवरकर तैयार हो गई है। राम मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों को फूलों सेसजाया गया है। रामपथ पर भी भव्य सजावट की गई है। सेना के हेलीकाप्टर ने आकाश पर गरजेमंगलवार को सुबह 9:30 बजे प्रधानमंत्री मोदी महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। वहां पर सेना के तीन हेलीकॉप्टर लगाए गए हैं। एकहेलीकॉप्टर पर पीएम मोदी होंगे तो दो हेलीकॉप्टर उनकी सुरक्षा में लगाए गए हैं। तीनों हेलीकॉप्टर एयरपोर्ट से उड़ान भरकर लगभग 12 किलोमीटरदूर साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे, जहां पर तीन हेलीपैड बनाए गए हैं। यहां पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर लैंड होगा। यहां से सड़क मार्ग से रामपथ परलगभग एक किमी दूर वीआईपी गेट नंबर 11 यानी जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वार से राम मंदिर में प्रवेश करेंगे। साकेत महाविद्यालय से इस द्वार तकरामपथ पर सुरक्षा और सजावट के पुख्ता व भव्य इंतजाम युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं। इसकी निरंतर मॉनीटरिंग भी प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठअधिकारियों की ओर से की जा रही है। हेलीकाप्टर से नजर रखी जा रही है। रविवार को सेना के हेलीकाप्टर ने आकाश पर गरजे। उन्होंने घूम-घूमकरराम मंदिर व आसपास का जायजा लिया। कोई भी शख्स फुटपाथ से रामपथ पर नहीं आ सकेगाइस एक किमी के रास्ते में 12 स्थान पर उनका पुष्प वर्षा से स्वागत होगा। सात जगह पर सांस्कृतिक मंच बनाए गए हैं। जहां लोक कलाकार गायन, नृत्य और वादन से स्वागत करेंगे। साकेत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर 501 वैदिक आचार्य और बटुक स्वस्ति वाचन करेंगे। प्रधानमंत्री राम मंदिरपरिसर में बने सप्त ऋषि मंदिर और शेषावतार मंदिर में भी ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद बटन दबाकर राम मंदिर के मुख्य शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे।फिर देश के नाम उनका संबोधन होगा। दोपहर लगभग 1:30 बजे पीएम मोदी अयोध्या से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। ध्वजारोहण समारोह में आ रहेप्रधानमंत्री के लिए रामपथ सुरक्षा और सजावट की नजीर बनेगा। पीएम मोदी के काफिले के गुजरने वाले मार्ग पर सुरक्षा के लिए दोहरे स्तर परबैरिकेडिंग की जा रही है। सांस्कृतिक मंच सजने लगे हैं। पथ के दोनों तरफ घरों व प्रतिष्ठानों पर भगवा ध्वज लहरा रहे हैं। पीएम मोदी के मूवमेंट केदौरान कोई भी शख्स फुटपाथ से रामपथ पर नहीं आ सकेगा। आईटीआई होते हुए साकेत महाविद्यालय से राम मंदिर के जगद्गुरु आद्य शंकराचार्य द्वारतक रामपथ के दोनों तरफ सूचना व जनसंपर्क विभाग की ओर से पीएम मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत कीतस्वीरों वाली बड़ी-बड़ी होर्डिंग लगा दी गई हैं।
सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण की तैयारियों का लिया जायजा, पीएम मोदी कल करेंगे शिखर पर भगवा ध्वज फहराया

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ श्री राम जन्मभूमि मंदिर के ध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार को अयोध्या पहुंचे, जिसमें कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। वहीं, हनुमान गढ़ी मंदिर में दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराकर ध्वजारोहण समारोह का शुभारंभ करेंगे। उनका एयरपोर्ट से साकेत महाविद्यालय तकहेलीकॉप्टर से पहुंचना प्रस्तावित है। साकेत महाविद्यालय से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक भव्य रोड शो भी आयोजित होगा। रोड शो के एक किमी लंबेरामपथ को आठ जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पारंपरिक तरीके से थाली, आरती, फूल-माला औरनमस्कार मुद्रा के साथ पीएम की अगवानी करेंगी। जिला प्रशासन ने इसके लिए अलग-अलग समाज और समूहों की महिलाओं को जिम्मेदारी सौंपीहै। सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहाध्वजारोहण समारोह के लिए सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मी जगह-जगह पर तैनात हैं। एडीजी जोन सुजीतपांडेय ने ध्वजारोहण कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस लाइन में उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को कार्य-व्यवहार और कर्तव्यों काबोध कराया। बताया कि अपनी तैनाती स्थल पर मुस्तैदी से डटे रहें। आगंतुकों से उत्तम व्यवहार करते हुए उन्हें जारी गाइडलाइन से अवगत कराएं।अराजकतत्वों पर विशेष नजर रखें। उन्होंने राम मंदिर परिसर, साकेत महाविद्यालय व अन्य कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण किया। इस मौके पर आईजीप्रवीण कुमार, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिरध्वजारोहण समारोह की तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें पीएम मोदी शामिल होंगे। पीएम रोड शो भी करेंगे। कार्यक्रम के लिए सुरक्षा कड़ी कर दीगई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैयारियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
दिल्ली में प्रदूषण के चलते इंडिया गेट पर हिडमा समर्थक प्रदर्शन, पुलिस पर हमला, 3-4 घायल, 15 गिरफ्तार

दिल्ली में इंडिया गेट पर उस समय हालात असामान्य हो गये जब वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए किया गया विरोध-प्रदर्शन मारे गये नक्सली कमांडर’हिडमा अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। इंडिया गेट पर युवा प्रदर्शनकारी अपने साथ हिडमा के नाम लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर आये थे।प्रदर्शनकारी व्यवस्था से नाराज थे और उसे बदलने की आवाज उठा रहे थे। मगर आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पैपर स्प्रे कर दिया, जिससे तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी का राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी नेपुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। पुलिस ने 15 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज चल रहापुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब 4.30 बजे कुछ प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के सी-हेक्सागन जमा हुए। वहवायु गुणवत्ता में लगातार हो रही गिरावट को लेकर विरोध जता रहे थे। कुछ देर बाद प्रदर्शन करने वाले नक्सली हिडमा के पक्ष में नारेबाजी करने लगे।वहां मौजूद पुलिस टीम ने उन्हें वहां से हटने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने पुलिस के निर्देश का पालन नहीं किया और नारेबाजी करते रहे। उसके बादपुलिस प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने लगी। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करनेलगे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस और प्रदर्शनकारी के बीच हल्की झड़प हो गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पेपर स्प्रे किए जानेसे तीन से चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्होंने आंखों में जलन की शिकायत की। उन्हें तुरंत पास के आरएमएल अस्पताल में भर्ती कराया गया।सभी पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हिडमा के नाम लिखी तख्तियां और पोस्टर लेकर आयेप्रदर्शन की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था में भी काफी दिक्कत आई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15 प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछकी जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने हिंसक व्यवहार और पुलिस बल पर हमले को लेकर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह अपनी शिकायत शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से रखें, ताकि सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और व्यवस्थाप्रभावित न हो। घटना के बाद इंडिया गेट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इंडिया गेट पर युवा प्रदर्शनकारी अपने साथ हिडमा के नाम लिखी तख्तियां औरपोस्टर लेकर आये थे। प्रदर्शनकारी व्यवस्था से नाराज थे और उसे बदलने की आवाज उठा रहे थे।