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गरम धरम’ और ‘ही-मैन’ के मालिक धर्मेंद्र का निधन, लाखों फैंस हुए भावुक 300 से ज्यादा फिल्मों में किया योगदान

बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र का निधन हो गया है। 89 साल के धर्मेंद्र लंबे समय से बीमार थे और अब इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं।उनके जाने से पूरे देश में शोक की लहर है। फैंस को यकीन नहीं हो रहा कि उनका पसंदीदा सितारा अब उनके बीच नहीं है। धर्मेंद्र अभी भी एक्टिंग कीदुनिया में सक्रिय थे और उनकी आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अगले महीने रिलीज होने वाली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धर्मेंद्र 450 करोड़ रुपयेकी संपत्ति के मालिक थे। उन्होंने अपने लंबे करियर में करीब 300 फिल्मों में काम किया और 450 करोड़ रुपये से अधिक का अंपायर खड़ा किया।इसके अलावा उन्होंने रेस्टोरेंट बिजनेस, हॉस्पिटल और अन्य क्षेत्रों में निवेश किया था। उनका मशहूर रेस्टोरेंट ‘गरम धरम’ और करनाल हाइवे पर स्थित‘हीमैन’ रेस्टोरेंट उनकी बिजनेस की समझ के उदाहरण हैं। धर्मेंद्र ने अपने करियर की शुरुआत 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से की थी, जिसके लिए उन्हें सिर्फ 51 रुपये मिले थे। लेकिन आने वाले दशकों में उन्होंने इंडस्ट्री पर राज किया और करोड़ों की संपत्ति बनाई।रेंज रोवर जैसी महंगी कारें शामिलधर्मेंद्र का फार्महाउस खंडाला के लोनावाला में 100 एकड़ में फैला हुआ है, इसकी कीमत करीब 120 करोड़ रुपये बताई जाती है। इस फार्महाउस मेंस्वीमिंग पूल, एक्वा थैरेपी जैसी लग्जरी सुविधाएं हैं। धर्मेंद्र यहां अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर के साथ रहते थे। उनके बेटे बॉबी देओल ने बतायाथा कि माता-पिता को फार्महाउस का शांत माहौल पसंद है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 17 करोड़ रुपये की एक अन्य प्रॉपर्टी और ₹1.4 करोड़ कीकृषि व गैर-कृषि जमीन भी उनके पास थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे फार्महाउस के पास 30 कॉटेज वाला एक लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना पर भीकाम कर रहे थे। धर्मेंद्र को लग्जीरियस गाड़ियों का शौक था। उनके कलेक्शन में मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, मर्सिडीज-बेंज SL500 और लैंड रोवर रेंजरोवर जैसी महंगी कारें शामिल थीं। हालांकि उनकी फेवरेट कार 65 साल पुरानी फिएट थी। धर्मेंद्र के कार कलेक्शन में कुछ कारों की कीमत लाखों मेंथी, तो कुछ की करोड़ों में। ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोलाधर्मेंद्र ने फिल्मों के अलावा कलनरी से लेकर हेल्थकेयर सेक्टर तक में निवेश किया। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले धर्मेंद्र अक्सर अपनेफार्महाउस की झलक फैंस को दिखाते रहते थे। धर्मेंद्र ने फिल्म प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया। उन्होंने ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों कोप्रोड्यूस किया। इसके अलावा उन्होंने हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कदम रखा और 2022 में ‘गरम धरम ढाबा’ लॉन्च किया। बाद में करनाल हाइवे पर ‘ही-मैन’ नाम से एक और रेस्टोरेंट खोला।

हिमाचल कांग्रेस के नए प्रदेशाध्यक्ष बने विनय कुमार, अनुसूचित जाति से पहली बड़ी नियुक्ति

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष विनय कुमार बनाए गए हैं। पार्टी आलाकमान ने लंबे मंथन के बाद अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले विनयकुमार के नाम पर मोहर लगाई है। शनिवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विनय को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष बनाने के आदेश जारीकिए। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसकी सूचना साझा की। इससे पहले ही विनय कुमार ने शनिवार को विधानसभा उपाध्यक्ष पदसे इस्तीफा दे दिया था, जिसे स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने मंजूर भी कर लिया। विनय शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत सिरमौर में आने वालीआरक्षित विधानसभा सीट रेणुका से विधायक हैं। कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी और अर्की के विधायक संजय अवस्थी दौड़ में रहेएक साल से हिमाचल में कांग्रेस संगठन भंग चल रहा है। प्रतिभा सिंह का बतौर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पिछले वर्ष नवंबर में तीन साल का कार्यकालपूरा हो गया था। उसके बाद से उन्हें कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हाईकमान के पास नियमित अध्यक्ष की नियुक्ति पर पिछले लंबे समयसे मंथन चल रहा था। आगामी दिनों में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव हैं। उससे पहले कांग्रेस हाईकमान का यह निर्णयमहत्वपूर्ण माना जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्षित कर भी अनुसूचित जाति के वोट बैंक को साधने के लिएविनय को अध्यक्ष बनाया है। राज्य में राजपूतों के बाद अनुसूचित जाति की जनसंख्या सबसे अधिक है। शिमला संसदीय क्षेत्र से संबंध रखने वालेपांच कांग्रेस नेता अध्यक्ष पद के दावेदार माने जा रहे थे। विनय कुमार के अलावा शिक्षा मंत्री राेहित ठाकुर, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व वर्तमान मेंपार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर, कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी और अर्की के विधायक संजय अवस्थी दौड़ में रहे हैं। दिल्ली जाकर उनसे अक्सर मिलते रहेविनय कुमार ने कहा कि पिता से विरासत में मिली राजनीति का उन्हें पूरा-पूरा लाभ मिला है। उनके पिता स्व. डॉ प्रेम सिंह भी छह बार विधायक बनकररेणुका विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्हें कांग्रेस का कट्टर व ईमानदार सिपाही माना जाता था। विनय ने अध्यक्ष बनाने के लिए हाईकमान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी सौंपी है वह बखूबी निर्वहन करेंगे। पार्टी संगठन को मजबूत करनाउनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी हाईकमान के समक्ष नया अध्यक्ष अनुसूचित जाति से बनाने की पैरवी की थी।विनय कुमार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री दोनों से ही अच्छे संबंध हैं। उन्हें अध्यक्ष बनाने में जहां मुकेशअग्निहोत्री की विशेष दिलचस्पी रही है, वहीं मुख्यमंत्री ने भी उनके नाम पर सहमति प्रकट की। होलीलॉज के करीबी रह चुके सरल स्वभाव के विनयकुमार का किसी अन्य खेमे से कोई विरोध भी नहीं रहा। हालांकि होलीलॉज की पंसद कुलदीप राठौर भी थे। विनय कुमार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्षमल्लिकार्जुन खरगे के भी करीबी बताए जाते हैं। वह नई दिल्ली जाकर उनसे अक्सर मिलते रहे हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी अध्यक्ष बननेपर विनय कुमार को बधाई दी है।

एनसीआर में 1 जनवरी 2026 से डीजल-पेट्रोल वाहनों पर पाबंदी, सिर्फ सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे

एनसीआर में वायु प्रदूषण में सुधार के लिए शासन ने एक जनवरी 2026 से डीजल और पेट्रोल से चलने वाले कैब-डिलीवरी वाहनों के संचालन पररोक लगाने का निर्देश जारी किए हैं। इससे मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के केवल सीएनजी और इलेक्ट्रिक कॉमर्शियल वाहन हीचल सकेंगे। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने सभी डीजल व पेट्रोल वाहनों को सीएनजी और इलेक्ट्रिक श्रेणी में बदलने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक का समय दिया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सड़कों पर डीजल और पेट्रोल वाहनों के बढ़ते दबाव को वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारणमाना है। आयोग का मानना है कि कैब और डिलीवरी सेवाओं में बड़ी संख्या में डीजल और पेट्रोल कारों के इस्तेमाल से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है।दिल्ली-एनसीआर के मेरठ समेत सभी शहरों में पांच लाख से अधिक डीजल व पेट्रोल चालित कार मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों केसाथ जुड़कर कारोबार कर रही हैं। रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके बंद किया जाएगाऑनलाइन फूड आपूर्ति करने वाली कंपनियों के बड़ी संख्या में डिलीवरी वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। आयोग के निर्देशपर शासन ने एनसीआर में आने वाले जनपदों में एक जनवरी से चार पहिया एलसीवीएस, एलजीवीएस (एन वन श्रेणी के 3.5 टन तक) और सभीपेट्रोल-डीजल से चलने वाले दो-पहिया डिलीवरी वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगाई है। डीजल-पेट्रोल चालित वाहनों का संचालन रोकने संबंधीआदेश मिल गया है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के निर्देश पर इस संबंध में जनजागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। यह आदेश नए औरपुराने सभी ऐसे कॉमर्शियल वाहनों पर लागू होगा जो मोटर वाहन एग्रीगेटर्स और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ मिलकर कारोबार करना चाहते हैं। एकजनवरी के बाद ऐसी कारों और बाइकों के खिलाफ धरपकड़ का अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के उत्तर प्रदेश वालेहिस्से में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजल ऑटो के संचालन पर रोक लगाने का फैसला किया गया है। इससे मेरठ में करीब 15 हजार ऑटो रिक्शा बंद हो जाएंगे। इसके अलावा मेरठ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने प्रतिबंधित वाहनों के लिए नए परमिट जारी करने और परमिट केनवीनीकरण पर रोक लगा दी है। आगामी 31 दिसंबर, 2026 तक डीजल ऑटो रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके बंद किया जाएगा।

एसआईआर के दबाव में 16 बीएलओ की मौत, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा और चुनाव आयोग पर साधा निशाना

अलग-अलग राज्यों में कुछ बूथ लेवल अफसरों की मौत की खबरें सामने आई हैं। इनमें से कई मौतों के पीछे एसआईआर के काम के भारी दबाव कोवजह बताया जा रहा है। अब इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि काम काबोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रहा है। कांग्रेस ने दावा किया कि एसआईआर को जल्दबाजी में लागू कियागया और ये नोटबंदी और लॉकडाउन के फैसलों की याद दिलाता है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भाजपा की वोट चोरी अबजानलेवा हो गई है। खरगे ने X पर साझा एक पोस्ट में दावा किया कि ’19 दिनों में, मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान 16 BLO कीमौत हो गई है। काम का बोझ बीएलओ और पोलिंग अफसरों को आत्महत्या करने पर मजबूर कर रहा है।’ खरगे ने लिखा कि, ‘हर उस परिवार केसाथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। जमीनी हकीकत के हिसाब से, यह संख्या बताई गई संख्या से कहीं ज्यादा है, जो बहुत चिंताकी बात है। इन परिवारों को इंसाफ कौन दिलाएगा?’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा चोरी की सत्ता का मजा ले रही है, जबकि चुनाव आयोगमूकदर्शक बनकर देख रहा है।’ मौत के लिए जिम्मेदारखरगे ने दावा किया, ‘एसआईआर को जल्दबाजी में, बिना किसी योजना के जबरदस्ती लागू करना नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन की याद दिलाताहै।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सत्ता की भूख संस्थाओं को आत्महत्या करने, संविधान को खत्म करने और सत्ता का गलत इस्तेमाल करकेलोकतंत्र को कमजोर करने पर मजबूर कर रही है। खरगे ने कहा, ‘बस बहुत हो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों कोगिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुप रहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’ शनिवारको पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के तौर पर काम करने वाली एक महिला शनिवार को अपने घर पर मृत मिली।उसके परिवार वालों का कहना है कि वह एसआईआर काम से जुड़े बहुत ज्यादा तनाव में थी और उसने सुसाइड कर लिया। खरगे ने कहा, ‘बस बहुतहो गया! अगर हम अब भी नहीं जागे, तो लोकतंत्र के आखिरी खंभों को गिरने से कोई नहीं बचा सकता। जो लोग एसआईआर और वोट चोरी पर चुपरहते हैं, वे इन बेगुनाह बीएलओ की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।’

विजय ने कांचीपुरम में डीएमके पर किया हमला, टीवी के जनसभा में 1,500 लोगों ने लिया हिस्सा

तमिलागा वेत्री कषगम के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय रविवार को कांचीपुरम जिले में एक जनसभा को संबोधित किया। यह जनसभाइनडोर जगह पर हुई, जिसमें विजय ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके पर खुलकर निशाना साधा। इस जनसभा के साथ विजय ने अपने राजनीतिकप्रचार को फिर से शुरू किया है, जो करूर भगदड़ हादसे के बाद से बंद था। टीवीके से जुड़े लोगों ने बताया कि जनसभा को आसानी से कराने के लिएसभी इंतजाम किए गए हैं। टीवीके चीफ और एक्टर विजय ने जनसभा के दौरान कहा, ‘मेरा इरादा सभी लोगों की बराबर सेवा करना है। हम अन्नादुरईके उसूलों की भावना से जनता से मिल रहे हैं। लेकिन आज अन्नादुरई को कौन याद करता है? डीएमके अब विचारधारा की कीमत पूछती है। वे हमसेहमारी विचारधारा के बारे में सवाल करते हैं। हमने जाति के आधार पर जनगणना की मांग की है, वक्फ एक्ट का विरोध किया है और ऐसा करने वालीपहली पार्टी के तौर पर सुप्रीम कोर्ट गए हैं, और हमने सीएए का भी कड़ा विरोध किया है। लेकिन, डीएमके की विचारधारा भ्रष्टाचार है। सोचिए उनकीअपनी पार्टी के अंदर क्या हो रहा है। पूरा राज्य एक ऐसी डीएमके को देख रहा है जो 75 साल के बच्चे जैसा बर्ताव करती है। हमने अभी तक पूरीताकत से डीएमके का विरोध करना भी शुरू नहीं किया है; वे पहले से ही कांप रहे हैं।’ पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुईविजय ने कहा कि ‘कांचीपुरम पूर्व सीएम अन्नादुरई की धरती है। डीएमके हमारी पार्टी टीवीके से निजी दुश्मनी रखती है। हम ऐसी कोई नाराजगी नहींरखते, लेकिन हम उनसे सवाल करेंगे क्योंकि उन्होंने उन्हीं लोगों को धोखा दिया है जिन्होंने उन पर भरोसा किया और उन्हें वोट दिया। उनकी हरकतेंसिर्फ ड्रामा हैं। हम इस बारे में चुप नहीं रहेंगे। कांचीपुरम से हमारा एक कनेक्शन है, क्योंकि हमारा पहला प्रचार अभियान इसी जिले के परंदूर में शुरूहुआ था।’ टीवीके की जनसभा कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचट्टीराम में एक निजी शिक्षण संस्थान की जगह में हुई। करूर हादसे के बाद टीवीके ने सबकलेते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई इंतजाम किए। इस जनसभा में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए, जिन्हें QR-कोड वाले पास दिएगए थे। खास बात ये है कि पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुई। QR-कोड वाले पास दिए गएकार्यक्रम स्थल पर चमकीले पीले रंग की टीशर्ट और कैप पहने पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहें और भीड़ का प्रबंधन किया। भीड़ का प्रबंधन करने वालेकार्यकर्ताओं को रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों द्वारा ट्रेनिंग दी थी। साथ ही कई निजी सुरक्षा एजेंसियों ने भी कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा मुहैया कराई।बाउंसर मौजूद रहें और लोगों को लाने-ले जाने, खाने पीने का भी इंतजाम किया गया। जहां भी जरूरी हो, वहां टिन की चादरें लगा दी गई हैं ताकिबिना इजाजत के लोग अंदर न आ सकें। करूर हादसे से सबक लेते हुए टीवीके पार्टी की इस जनसभा में लगभग 1,500 लोग शामिल हुए, जिन्हेंQR-कोड वाले पास दिए गए थे। खास बात ये है कि पास से ही कार्यक्रम में लोगों की एंट्री हुई।

योगी आदित्यनाथ ने दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में कहा, गीता है 140 करोड़ भारतीयों के लिए जीवन का मंत्र

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता के 18 अध्यायों मेंवर्णित 700 श्लोक सनातन धर्मावलंबियों के लिए जीवन का मंत्र हैं। हमने धर्म को मात्र उपासना विधि नहीं माना है। यह तो अपनी आस्था के अनुसारतय होती है। वास्तव में धर्म हमारे यहां जीवन जीने की कला है। गीता हमें जीवन जीने की ही कला सिखाती है। हमने कभी भी अपनी श्रेष्ठता का डंकानहीं पीटा। जीयो और जीने की अवधारणा भारत की धरती ने ही विश्व को दी है। वसुधैव कुटुंबकम् की प्रेरणा भी हमने ही दी। उन्होंने कहा कि सनातनधर्म ने हमें सिखाया है कि अच्छे कर्म का फल अच्छा मिलता है और बुरे कर्म का फल बुरा होता है। सीएम ने कहा कि हमें गीता ने बताया कि फल कीइच्छा से इतर निष्काम कर्म ही जीवन का उद्देश्य होना चाहिए। कोलाहल में ही गीता के उपदेश की जरूरतसीएम ने कहा, लोग पूछते हैं कि आरएसएस की फंडिंग कहां से होती है तो मैं यह बताना चाहूंगा कि यहां कोई देश या संगठन फंडिंग नहीं करता।लोग निःस्वार्थ भाव से जुड़ते हैं। आरएसएस, राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ पिछले सौ वर्षों से लोगों की निःस्वर्थ सेवा में लगा है। हर वर्ग के लिए औरउनके जीवन के उत्थान के लिए आरएसएस काम कर रहा है। 140 करोड़ लोगों के लिए गीता आवश्यक है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुखमोहन भागवत भी मौजूद रहे। उत्सव में स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान देने के लिए मोक्षदा एकादशी का दिनचुना था। इस आयोजन का उद्देश्य प्रेरणा के साथ एक आह्वान भी है कि आज के समय में गीता के साथ जीने की आवश्यकता है। कोलाहल में हीगीता के उपदेश की जरूरत है। गीता देश के 140 करोड़ लोगों के लिए आवश्यकउन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का क्या फायदा जब स्मार्ट सिटीजन ही नहीं होंगे। ऐसे में गीता का ज्ञान लोगों को स्मार्ट बनाने के लिए है। स्वार्थगततुष्टिकरण के बादल छंट रहे हैं। सनातन का उदय हो रहा है। ऐसे में हमारा उद्देश्य है कि गीता के संदेश को घर घर और जन जन तक पहुंचाने का है।शिक्षा के क्षेत्र में भी गीता आए और बच्चों को शुरुआत से ही गीता के संस्कारों की शिक्षा दी जाए। समाज के हर क्षेत्र में गीता का संदेश पहुंचानाचाहिए। राजधानी लखनऊ के दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीमद्भागवत गीता देश के 140 करोड़ लोगों के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने सत्य साईं बाबा जन्म शताब्दी समारोह में कहा, मानव सेवा ही ईश्वर सेवा’

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज आंध्र प्रदेश दौरे पर सत्य साईं बाबा जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। श्री सत्यसाईं जिले के पुट्टपर्थी में आयोजित इससमारोह में राष्ट्रपति ने कहा ‘श्री सत्य साईं बाबा ने इस विश्वास पर जोर दिया कि ‘मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है। उन्होंने अध्यात्म को निस्वार्थ सेवा औरव्यक्तिगत परिवर्तन से जोड़ा। साईं बाबा ने लाखों लोगों को सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।’ मुर्मू ने कहा, सत्य साईं बाबा ने अपनेअनुयायियों से आध्यात्मिकता को जन कल्याण के साथ जोड़ने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह संतोष की बात है कि इतने सारे देशों में उनकेभक्त वंचितों की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ सेवा के माध्यम से निस्वार्थ प्रेम का संदेश श्री सत्य साईं संगठन को सेवा और स्वयंसेवा केलिए लगातार प्रेरित कर रहा है। संदेश पर राष्ट्रपति ने कहाश्री सत्य साईं बाबा के जीवन और उसके संदेश पर राष्ट्रपति ने कहा, ‘सत्य साईं बाबा का संदेश, सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो, सदैव सहायताकरो और कभी किसी को कष्ट न पहुंचाओ, शाश्वत और सार्वभौमिक है।’ उन्होंने कहा, सत्य साईं बाबा का मानना था कि विश्व ही हमारी पाठशाला हैऔर सत्य, सदाचार, शांति, प्रेम और अहिंसा ये पाँच मानवीय मूल्य हमारे पाठ्यक्रम हैं। शताब्दी समारोह में आने से पहले राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब11 बजे पुट्टपर्थी के श्री सत्य साईं हवाई अड्डे पर पहुंचीं। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने उनका स्वागतकिया। पूर्णचंद्र ऑडिटोरियम में आयोजित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में कई और गणमान्य हस्तियां भी शरीक हुईं।

छह महीने में अहम बदलावों की मिसाल, सीजेआई बी.आर. गवई का कार्यकाल नई न्यायिक ऊँचाइयों के साथ सम्पन्न

देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के करीब छह महीने के कार्यकाल के दौरान देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में अनुसूचित जाति कैटेगरी से दस, अन्य पिछड़े वर्ग और पिछड़े वर्ग से ग्यारह जजों की नियुक्ति की गई हैं। सीजेआई गवई के कार्यकाल में कई अहम फैसले देखने को मिले। चाहे वहराष्ट्रपति संदर्भ का मामला हो या फिर न्यायिक भर्तियों के जुड़ा फैसला हो। देश के पहले बौद्ध और दूसरे दलित सीजेआई जस्टिस गवई ने सुप्रीम कोर्टके तीन सदस्यों वाले कॉलेजियम को लीड किया, जिसने अलग-अलग हाईकोर्ट के जजों के तौर पर नियुक्ति के लिए सरकार को 129 नामों कीसिफारिश की, जिनमें से 93 नामों को मंजूरी दी गई। उनके कार्यकाल के दौरान पांच जजों जस्टिस एनवी अंजारिया, विजय बिश्नोई, एएस चंदुरकर, आलोक अराधे और विपुल मनुभाई पंचोली को भी सुप्रीम कोर्ट के लिए पद्दोनत किया गया। 15 महिला जज शामिलसुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर 14 मई से अपलोड किए गए जजों की नियुक्ति की डिटेल्स के मुताबिक, जब जस्टिस गवई भारत के चीफ जस्टिस बने, तो सरकार ने हाईकोर्ट के लिए जिन 93 नामों को मंजूरी दी, उनमें 13 अल्पसंख्यक समुदाय के जज और 15 महिला जज शामिल थीं। उनमें से पांचपुराने या मौजूदा जजों के रिश्तेदार हैं और 49 जज बार से नियुक्त किए गए थे, जबकि बाकी सर्विस कैडर से थे। सीजेआई गवई रविवार 23 नवंबरको पद छोड़ देंगे और उनके बाद जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को भारत के अगले चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ लेंगे। भारत के 52वें सीजेआईजस्टिस गवई ने अपने छह महीने के कार्यकाल में कई शानदार फैसले दिए हैं, जिनमें वक्फ कानून के मुख्य प्रावधानों पर रोक लगाना, ट्रिब्यूनल सुधारकानून को रद्द करना और केंद्र को प्रोजेक्ट्स को बाद में हरी झंडी देना शामिल है। आखिरी कार्यदिवसशुक्रवार को सीजेआई गवई का आखिरी कार्यदिवस था, जो केजी बालकृष्णन के बाद भारतीय ज्यूडिशियरी को हेड करने वाले दूसरे दलित थे। अपनेआखिरी वर्किंग डे पर मिले शानदार फेयरवेल से अभिभूत सीजेआई गवई ने कहा कि वह एक वकील और जज के तौर पर चार दशकों के सफर केआखिर में “पूरी संतुष्टि और संतोष के साथ” और “न्याय के स्टूडेंट” के तौर पर इस इंस्टीट्यूशन को छोड़ रहे हैं।

योगी सरकार का सख्त रुख, जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठियों पर त्वरित कार्रवाई व अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंनेकहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कोबर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करेऔर नियमानुसार कार्रवाई शुरू करे। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाएजाएं। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरीइन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित कियाजाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने प्रदेश में अवैध घुसपैठ को लेकर अफसरों को सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए अस्थायी डिटेंशनसेंटर का निर्माण किया जाए।

नड्डा का कांग्रेस पर निशाना, मोदी ने दिलाया सरदार पटेल को सही सम्मान

नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल की भूमिका को याद करते हुए आरोप लगायाकि स्वतंत्रता के बाद चार दशकों तक कांग्रेस ने पटेल के योगदान को इतिहास में वह स्थान नहीं दिया, जिसके वे वास्तविक हकदार थे। उन्होंने कहा किप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही वह नेता हैं जिन्होंने सरदार पटेल को सही सम्मान दिलाया है। कार्यक्रम में नड्डा ने ‘@150 यूनिटी मार्च’ को हरी झंडी दिखाकरपटेल की जयंती का शुभारंभ भी किया। नड्डा ने कहा कि भारत की आजादी के समय देश 562 रियासतों में बंटा था और ब्रिटिश शासन चाहता था किभारत कमजोर और विभाजित रहे। लेकिन सरदार पटेल ने दो वर्षों के भीतर इन सभी रियासतों का एकीकरण कर भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप मेंखड़ा किया। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा योगदान देने के बावजूद कांग्रेस सरकारों ने राजनीतिक कारणों से पटेल को वह सम्मान नहीं दिया, जिसके वेहकदार थे। 1991 तक कांग्रेस सत्ता में रहीनड्डा ने आरोप लगाया कि 1950 से 1991 तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन किसी प्रधानमंत्री ने पटेल को भारत रत्न देने का निर्णय नहीं लिया। उनकेमुताबिक राजनीतिक साजिशें रची गईं ताकि पटेल को इतिहास में वह स्थान न मिले, जिसे रोकने का प्रयास कांग्रेस सरकारों ने लगातार किया। नड्डा नेकहा कि इस अन्याय को खत्म करने का सही काम प्रधानमंत्री मोदी ने किया है। कार्यक्रम में नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को सच्चीश्रद्धांजलि देते हुए केवड़िया में दुनिया की सबसे ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ एक प्रतिमा है, बल्कि‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतीक भी है, जिसे पटेल ने अपने अथक प्रयासों से साकार किया। विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दियाभाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पटेल ने विभाजित हिंदुस्तान को एक मजबूत राष्ट्र में बदल दिया। उन्होंने देश को विदेशी मानसिकता और बिखराव सेआजाद किया। नड्डा ने कहा कि आज जब देश उनकी जयंती मना रहा है, तब यह याद करना जरूरी है कि उनका योगदान देश की एकता और अखंडताकी नींव है। नड्डा ने कहा कि ‘@150 यूनिटी मार्च’ का उद्देश्य युवा पीढ़ी को पटेल के योगदान से अवगत कराना है। उन्होंने कहा कि देश आज जिनचुनौतियों से गुजर रहा है, उसमें पटेल की सोच और निर्णायक नेतृत्व प्रेरणा का स्रोत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।