राज्य सरकार के फंड विवाद पर शरद पवार का जोर, वोट वित्तीय आश्वासनों पर नहीं होना चाहिए “अजित पवार के बयान पर उठाया सवाल”

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के ‘वोट दो नहीं तो फंड नहीं’ वाले बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी- शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) के प्रमुखशरद परवार ने निशाना साधा है। शरद पवार ने कहा है कि वित्तीय आश्वासनों के आधार पर वोट मांगना बिल्कुल गलत है। पुणे जिले के बारामती मेंमीडिया से बातचीत के दौरान शरद पवार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को दी गई आर्थिकसहायता नाकाफी है। गौरतलब है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष अजित पवार ने पिछले हफ्ते बारामती के मालेगांव में मतदाताओं सेकहा था कि अगर वे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनते हैं तो वे फंड की कमी नहीं होने देंगे, लेकिन अगर वे उन्हें नकारते हैं तो वह भी नकार देंगे।बता दें कि महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानीय निकायों के चुनाव 2 दिसंबर को होने वाले हैं। शरद पवार ने निशाना साधाउपमुख्यमंत्री के बयान के बाद राज्य कोषागार पर नियंत्रण को लेकर जारी बहस पर प्रतिक्रिया देते हुए शरद पवार ने कहा कि इस समय यह प्रतिस्पर्धाचल रही है कि कितना फंड दिया जाए। उन्होंने कहा, “काम के आधार पर वोट मांगने के बजाय वित्तीय आश्वासनों पर वोट मांगे जा रहे हैं। यह सहीनहीं है। अगर चुनाव जीतने का लक्ष्य सिर्फ वित्तीय पहलुओं को सामने रखकर है, तो ऐसी टिप्पणियों की क्या आवश्यकता है। हाल ही में राज्य केकुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण हुए नुकसान पर बात करते हुए राकांपा (एसपी) प्रमुख ने कहा कि किसानों को पर्याप्त मदद की आवश्यकताथी। उन्होंने कहा, “राज्य ने किसानों के लिए एक वर्ष तक कर्ज वसूली रोकने का फैसला लिया है। यह कदम किसानों को अस्थायी राहत देगा, लेकिनलंबी अवधि में नहीं। किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए राज्य को आंशिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी, जिससे उन्हें ठीकढंग से मदद मिल पाती। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष अजित पवार ने पिछले हफ्ते बारामती के मालेगांव में मतदाताओं से कहा था किअगर वे उनकी पार्टी के उम्मीदवारों को चुनते हैं तो वे फंड की कमी नहीं होने देंगे, लेकिन अगर वे उन्हें नकारते हैं तो वह भी नकार देंगे। इसी पर शरदपवार ने निशाना साधा।
संबित पात्रा का आरोप, राहुल गांधी और कांग्रेस विदेश से भारत की छवि खराब कर रहे “भाजपा ने कांग्रेस को निशाने पर लिया”

भाजपा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस पर विदेश से संचालित होने वाले खातों के जरिए भारत की छवि खराब करने का आरोप लगा दिया।पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि लगभग 2014 से लगातार कांग्रेस पार्टी विशेषकर राहुल गांधी और उनकी टीम, सोशल मीडिया टीम, एडवाइजरी कमेटी की टीम और लेफ्ट के जाने-माने चेहरे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतवर्ष को अपमानित करने के लिए कोई कोर-कसरबाकी नहीं छोड़ रहे हैं। पात्रा ने कहा, “X में कुछ दिन पहले एक नया फीचर आया है। इसके माध्यम से आप जान सकते हैं कि जो अकाउंटधारी है, वोकिस देश का है, अर्थात उसकी लोकेशन क्या है। कांग्रेस के बड़े नेता पवन खेड़ा का अकाउंट अमेरिका आधारित है। महाराष्ट्र कांग्रेस का अकाउंटआयरलैंड में आधारित है, लेकिन अभी इन्होंने इसे बदलकर INDIA कर दिया है। हिमाचल कांग्रेस का हैंडल @INCHimachal अकाउंट कनेक्टेडवाया एंड्रॉयड एप थाईलैंड दिखाता है। आत्मसमर्पण की स्थिति में दिखाया गयाउन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “भले ही इसके लिए विदेशी ताकतों की मदद लेनी पड़े, भले ही विदेश में जाकर भारत के विरोध में कहनापड़े और भले ही विदेश से अपने अकाउंट्स का संचालन करके भारत में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जाए। कांग्रेस कहीं से भी पीछे नहीं है।” भाजपासांसद ने आगे कहा, ” राहुल गांधी केवल विदेश जाकर देश के खिलाफ ही नहीं बोल रहे हैं। वे केवल जेन-जी से मिलकर देश के खिलाफ माहौलबनाने की कोशिश नहीं करते हैं बल्कि कांग्रेस में काम का बंटवारा है। इनके लोग अलग-अलग देशों में बैठकर भारत में नैरेटिव सेट कर रहे हैं। वोटचोरी और ऑपरेशन सिंदूर का नैरेटिव सेट किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय सेना को आत्मसमर्पण की स्थिति में दिखायागया था।” राहुल गांधी केवल विदेश जाकर देश के खिलाफ ही नहीं बोलते, बल्कि उन्होंने किस योजना और डिजाइन के साथ इस काम को विदेश सेकरवा रहे हैं। शुभचिंतकों के हैंडलबांग्लादेश, पाकिस्तान, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया, यूरोप और अमेरिका में बैठे उनके लोग, जिनका भारत से कोई लेना-देना नहीं है, वो भारतमें नैरेटिव सेट करते हैं। भारत में कुछ ऐसे नैरेटिव जो राहुल गांधी, कांग्रेस और लेफ्ट इकोसिस्टम के कहने पर सेट किए गए, ऐसे तीन नैरेटिव केउदाहरण मैं दूंगा। पहला – वोट चोरी का नैरेटिव सेट किया गया। दूसरा – ऑपरेशन सिंदूर में जो मोदी जी और भारत की सेना को एक तरह से दुर्बलदिखाने की कोशिश की गई, उसके पीछे भी पाकिस्तान, बांग्लादेश और पश्चिम एशिया में बैठे कुछ कांग्रेसी और उनके शुभचिंतकों के हैंडल हैं।तीसरा- संघ, संघ परिवार और मोदी जी पर व्यक्तिगत हमला करने का नैरेटिव भी विदेश से ही संचालित हुआ।
भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नई उड़ान, पीएम मोदी ने प्राइवेट स्पेस सेक्टर को किया बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्काइरूट इन्फिनिटी कैंपस का उद्घाटन किया। स्काइरूट इन्फिनिटी कैंपस, अंतरिक्षक्षेत्र में काम करने वाला एक स्टार्टअप है। पीएम मोदी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि आज देश का अंतरिक्ष क्षेत्र एक अभूतपूर्व अवसर कासाक्षी बन रहा है। आज भारत के स्पेस इको सिस्टम में निजी सेक्टर बड़ी उड़ान भर रहा है। स्काइरूट इन्फिनिटी कैंपस भारत की नई सोच, नवाचार औरयुवा शक्ति को दर्शाता है। साथ ही यह सरकार के अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों को भी नतीजा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘हमारी युवाशक्ति कीनवाचार, जोखिम लेने की क्षमता और उद्यमशीलता नई बुलंदी को छू रही है। भारत के प्राइवेट सेक्टर का अंतरिक्ष टैलेंट पूरी दुनिया में अपनी पहचानबना रहा है। आज वैश्विक निवेश के लिए भारत का अंतरिक्ष सेक्टर एक लुभावनी जगह बन रहा है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 300 से ज्यादा अंतरिक्षस्टार्टअप नई उम्मीद दिखा रहे हैं। न्यूक्लियर सेक्टर को भी निजी क्षेत्र के लिए खोलने की योजनाप्रधानमंत्री ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के शुरुआती दौर, जब रॉकेट साइकिल पर ले जाए जाते थे, और अब भारत के सबसे विश्वसनीय लॉन्च व्हीकलबनकर उभरने का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘यह सफर भले ही कम संसाधनों के साथ शुरू हुआ, लेकिन विकास ने साबित कर दिया किपक्का इरादा ही सपनों को तय करता है। बदलते समय में अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें संचार, मौसम का अनुमान, शहरी विकास योजनाऔर राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हो गए हैं।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक सुधार किए हैं, इसे प्राइवेट सेक्टर के लिएखोला है, नई स्पेस पॉलिसी बनाई है। स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को नवाचार से जोड़ा है, इन-स्पेस शुरू किया है।’ उन्होंने आगे कहा कि न्यूक्लियर सेक्टरको भी निजी क्षेत्र के लिए खोलने की योजना है। इन-स्पेस शुरू कियास्काईरूट भारत की प्रमुख निजी स्पेस कंपनी है, जिसे पवन चंदना और भरत ढाका ने शुरू किया था। दोनों IIT के पूर्व छात्र और इसरो के पूर्व वैज्ञानिकहैं। नवंबर 2022 में, स्काईरूट ने अपना सब-ऑर्बिटल रॉकेट, विक्रम-S लॉन्च किया, और ऐसा करने वाली यह पहली भारतीय प्राइवेट कंपनी बनगई। स्काईरूट इन्फिनिटी कैंपस, कई लॉन्च व्हीकल को डिजाइन करने, विकसित करने, एकीकृत करने और परीक्षण करने के लिए लगभग दो लाखवर्ग फीट का कैंपस होगा, जिसमें हर महीने एक ऑर्बिटल रॉकेट बनाने की क्षमता होगी। पीएम मोदी ने कहा, ‘हमने स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक सुधारकिए हैं, इसे प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला है, नई स्पेस पॉलिसी बनाई है। स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री को नवाचार से जोड़ा है, इन-स्पेस शुरू किया है।’
दिल्ली विधानसभा में ऐतिहासिक क्षण उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कॉफी टेबल बुक का किया भव्य विमोचन

विधानसभा के शताब्दी सम्मान समारोह में उपराष्ट्रपति की प्रशंसादिल्ली विधानसभा सचिवालय में संविधान स्वीकृति दिवस के अवसर पर एक भव्य और ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारत केउपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पहली बार तैयार की गई विशेष कॉफी टेबल बुक दिल्ली विधानसभा की प्रस्तुति शताब्दी–यात्रा, वीर विट्ठलभाईपटेल का विमोचन किया। यह पुस्तक 1925 में केंद्रीय विधान सभा के प्रथम भारतीय निर्वाचित अध्यक्ष बने वीर विट्ठलभाई पटेल के 100 वर्ष पूर्णहोने पर तैयार की गई है। कार्यक्रम में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता तथा कईवरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह अवसर न केवल संविधान दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा के सौ वर्षों कोसमर्पित एक ऐतिहासिक क्षण भी था। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन का संदेश दिल्ली को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी बनना चाहिएकार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने दिल्ली के महत्व और उसकी वैश्विक पहचान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली को किसी औरशहर जैसा बनने की नहीं, बल्कि अपनी विशिष्टता के साथ दुनिया की सर्वश्रेष्ठ राजधानी के रूप में उभरने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधानदिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक शक्ति और नागरिक अधिकारों का स्मरण है। यह वह दिन है जब नागरिक स्वयं को संविधानके मूल्यों—न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व से जोड़ते हैं। उपराष्ट्रपति ने यह भी बताया कि यह विधानसभा भवन इतिहास का जीवंत हिस्सा है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक बहसों को करीब से देखा है। उन्होंने पुस्तक के प्रकाशन की सराहना करते हुए कहा कियह आने वाली पीढ़ियों को लोकतंत्र के विकास की यात्रा से अवगत कराएगी। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने की पहल की सराहनाकार्यक्रम में उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आठवीं विधानसभा के प्रारंभ में उन्होंने इस पुस्तक कीपरिकल्पना प्रस्तावित की थी, और आज इसका साकार होना पूरे दिल्ली के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस हमें याद दिलाताहै कि भारत की लोकतांत्रिक नींव कितनी मजबूत और दूरदर्शी है। यह संविधान ही है जो विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों वाले भारत को एकसूत्र में पिरोता है। उन्होंने नागरिकों से संविधान में निहित आदर्शों को जीवन में उतारने की अपील की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा संविधान भारत की आत्मा हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्यक्रम में कहा कि संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। उन्होंने कहा कि यह कॉफी टेबल बुकभारत की संवैधानिक यात्रा का दर्पण है, जिसे देखकर हर भारतीय गर्व महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रकाशन को दिल्ली विधानसभा की ओर से देशको दिया गया एक महत्वपूर्ण उपहार बताया।विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता संविधान पालन करना ही सच्चा सम्मानदिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान स्वीकृति दिवस का आयोजन इस ऐतिहासिक भवन में होना एक भावुकऔर गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह भवन स्वतंत्रता, लोकतंत्र और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण बहसों का केंद्र रहा है और आज भी यही परंपराआगे बढ़ रही है। अध्यक्ष ने कॉफी टेबल बुक के बारे में बताते हुए कहा कि इसमें दुर्लभ ऐतिहासिक छवियों के माध्यम से भारत की 100 वर्ष कीलोकतांत्रिक यात्रा को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन गई है जो100% सौर ऊर्जा से संचालित हो रही है। इससे हर वर्ष लगभग ₹1.75 करोड़ की बचत होगी, जिसका उपयोग जनसेवा में किया जाएगा। इतिहास, विरासत और लोकतंत्र का संगम विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभाकार्यक्रम में असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी, राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक तथा पार्षदगण भी उपस्थितरहे। सभी अतिथियों ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। साथ ही, संविधानस्वीकृति दिवस के अवसर पर तीन मिनट की विशेष लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने संविधान की यात्रा को सरल और रोचक रूप मेंप्रस्तुत किया। लोकतंत्र के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदमयह कार्यक्रम केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक विरासत, संवैधानिक मूल्यों और दिल्ली की ऐतिहासिक भूमिकाको गर्वपूर्वक प्रदर्शित करने वाला अवसर था।उपराष्ट्रपति, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के विचारों ने स्पष्ट किया कि दिल्ली न सिर्फ भारत की राजधानी है बल्कि लोकतंत्र कीधड़कन भी है। कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन दिल्ली विधानसभा की उस सतत यात्रा का प्रतीक है, जो इतिहास को सहेजते हुए भविष्य के लिए मार्गप्रशस्त करती है।
देवेन्द्र यादव का आरोप – दिल्ली गैस चैंबर बनी, सरकार तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करे

दिल्ली में बढ़ते दमघोटू प्रदूषण और लगातार 400 से ऊपर पहुँच रहे एक्यूआई के बीच आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नेभाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने राजधानी की बिगड़ती हवा को गैस चैंबर जैसा बताते हुए कहा कि दिल्ली की हर सांसपर संकट मंडरा रहा है और मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करना चाहिए।कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर सौंपा ज्ञापनदिल्ली में खतरनाक प्रदूषण की स्थितियों को देखते हुए आज कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ऑक्सीजन सिलेंडर और मास्क लगाकर दिल्ली सचिवालयपहुँचा। प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नाम एक विस्तृत ज्ञापन दिल्ली सरकार के पर्यावरण सचिव को सौंपा गया।ज्ञापन के साथ कांग्रेस ने यह संदेश दिया कि दिल्ली की हवा आम लोगों के लिए जानलेवा बन चुकी है और सरकार को अब प्रतीकात्मक बयानबाजीनहीं, बल्कि तुरंत ठोस कदम उठाने होंगे। दिल्ली की हर सांस संकट में, पर मुख्यमंत्री सिर्फ बयान देती हैंदेवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी का लगभग हर इलाका दमघोटू धुंध की चपेट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पूरे हालात कोहल्के में लेते हुए यह कह रही हैं कि प्रदूषण उन्हें दहेज में मिला है। देवेन्द्र यादव के अनुसार इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दिखाते हैं, जबकि दिल्ली के गरीब मजदूर, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। गरीब और मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित – कांग्रेस की चिंतादेवेन्द्र यादव ने कहा कि अमीर परिवार एयर प्यूरीफायर, एयर-कंडीशंड कमरों और रेस्पिरेटर के सहारे खुद को बचा सकते हैं, लेकिन दिल्ली की 90 प्रतिशत आबादी के पास ऐसा कोई साधन नहीं। उन्होंने कहा कि मजदूरों का काम बंद होने पर उनकी दिहाड़ी रुक जाती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट केनिर्देशों के बाद भी रेखा सरकार ने मजदूरों के लिए राहत की कोई नीति नहीं बनाई। सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त, प्रदूषण नियंत्रण में विफलकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 9 महीनों से भाजपा सरकार प्रदूषण रोकने की बजाय सिर्फ घोषणाएँ कर रही है। ग्रेप-3 लागू करने में भी सरकार नेआधे-अधूरे कदम उठाए दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति और प्राथमिक स्कूल बंद किए गए, पर बड़े बच्चों को प्रदूषण से बचाने की कोई योजना नहींबनाई गई। डॉक्टर भी स्वास्थ्य आपातकाल की सलाह दे रहे हैं, लेकिन सरकार टालमटोल कर रही है। पराली, धूल और वाहनों के धुएं पर कोई नियंत्रण नहींदेवेन्द्र यादव ने कहा कि अगर सरकार गंभीर होती तो पड़ोसी राज्यों में पराली रोकने के लिए संवाद करती। इसके अलावा टूटी सड़कों, गड्ढों, उड़ती धूलऔर वाहनों के धुएं पर नियंत्रण करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। राजधानी के कई इलाकों में सड़कों की मरम्मत महीनों से रुकी है, जिससे धूलप्रदूषण कई गुना बढ़ा है। डीटीसी बेड़े में भारी कमी, ग्रीन कवर में कोई सुधार नहींकांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले आठ महीनों में दिल्ली की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है। डीटीसी से 2000 बसें हट चुकी हैं और दिसंबर तक1032 और बसें हटने वाली हैं। ग्रीन कवर बढ़ाने के नाम पर भी सरकार ने कोई बड़ा काम नहीं किया।उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण की बजाय सरकार ए़क्यूआई डेटा में हेरफेर कर लोगों को गलत जानकारी दे रही है, जो लोगों की सेहत के साथखिलवाड़ है। शीला दीक्षित सरकार के सुधारों का उल्लेखदेवेन्द्र यादव ने कहा कि जब 1998 में कांग्रेस की शीला दीक्षित सरकार सत्ता में आई, तब दिल्ली में सिर्फ 1% ग्रीन कवर था। 15 वर्षों में इसेबढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया, पूरी परिवहन व्यवस्था को सीएनजी पर लाया गया, मेट्रो के दो फेज पूरे किए गए और दिल्ली को किरोसीन मुक्तबनाकर महिलाओं को मुफ्त गैस सिलेंडर दिए गए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े सुधारों की तुलना में मौजूदा भाजपा और पूर्व AAP सरकारों ने 11 वर्षोंतक कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया। भाजपा और आप दोनों जिम्मेदार, दिल्ली का दम घुट रहा हैदेवेन्द्र यादव ने कहा कि आज दिल्ली की जनता जिस गंभीर प्रदूषण संकट का सामना कर रही है, उसके लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार और उससेपहले की AAP सरकार, दोनों बराबर जिम्मेदार हैं। 11 वर्षों तक दिल्ली की सड़कों, बसों, पार्कों और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी की गई। सिर्फराजनीति और प्रचार किया गया। तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल और सर्वदलीय बैठकदेवेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदूषण से जूझ रहे दिल्लीवासियों के लिए अब एक ही रास्ता हैमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तुरंत स्वास्थ्य आपातकाल घोषित करें और सभी दलों को बुलाकर सर्वदलीय बैठक करें। उन्होंने कहा कि बैठक में मिले सुझावोंको लागू कर सरकार को स्थायी और स्पष्ट प्रदूषण नियंत्रण नीति बनानी चाहिए, ताकि दिल्ली के लोग राहत की सांस ले सकें।
अश्विनी वैष्णव के मंत्रालय को बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज, रेल डबलिंग और नई लाइनों को स्वीकृति

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कुल ₹19,919 करोड़ रुपये की चार बड़ीपरियोजनाओं को मंजूरी दी। इसमें ₹7,280 करोड़ की दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट निर्माण योजना शामिल है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा क्षेत्र केलिए अहम मानी जा रही है। इसके अलावा, पुणे मेट्रो विस्तार के लिए ₹9,858 करोड़, देवभूमि द्वारका (ओखा)-कनालस रेलवे लाइन के दोहरीकरणके लिए ₹1,457 करोड़ और बदलापुर-कर्जत तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए ₹1,324 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। केंद्रीयमंत्रिमंडल बुधवार को होने वाली बैठक में दुर्लभ पृथ्वी स्थायी मैग्नेट (Rare Earth Permanent Magnets) के लिए एक नई प्रोत्साहन योजनाको मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए करीब 7,280 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, जो पहले के 2,500 करोड़ रुपये के अनुमानित पैकेज सेलगभग तीन गुना अधिक है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब चीन ने निर्यात नियंत्रण कड़े कर दिए हैं। चीन वैश्विक दुर्लभ पृथ्वी कच्चे माल का60-70% और प्रोसेसिंग का 90% हिस्सा नियंत्रित करता है। वाणिज्यिक उत्पादन फिलहाल व्यावहारिक नहींकेंद्रीय सरकार ने दुर्लभ मृदा स्थायी चुम्बक (Rare Earth Permanent Magnets – REPM) निर्माण को बढ़ावा देने के लिए अपनी तरह कीपहली योजना को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य सिंटर किए गए REPM के उत्पादन के लिए एकीकृत विनिर्माण सुविधाएं विकसित करना है, जिसमें दुर्लभ मृदा ऑक्साइड को धातुओं में, धातुओं को मिश्रधातुओं में और अंततः मिश्रधातुओं को तैयार चुम्बकों में बदलने की प्रक्रिया शामिलहोगी। योजना पर लगभग ₹7,200 करोड़ का निवेश होगा। इसके तहत 1,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) की क्षमता का सृजन और 1,200 MTPA क्षमता वाली इकाइयों की स्थापना की जाएगी। योजना की अवधि कुल 7 वर्ष होगी, जिसमें विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए 2 वर्षका समय निर्धारित है। दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा उत्पादन में होता है। भारत में इस क्षेत्र को अभी भीसीमित फंडिंग, तकनीकी विशेषज्ञता की कमी और लंबी परियोजना के लिए समयसीमा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बिना सरकारीसमर्थन के वाणिज्यिक उत्पादन फिलहाल व्यावहारिक नहीं है। इसके अलावा, खनन से जुड़े पर्यावरणीय जोखिम इस क्षेत्र को और जटिल बनाते हैं। मोटर्स पर अध्ययन को फंड कर रहीब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने भारत में उपयोग के लिए दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट के निर्यात के शुरुआती लाइसेंस जारी किए हैं, लेकिन भारतीयकंपनियों को अब तक कोई लाइसेंस नहीं मिला है। भारत की वार्षिक मांग लगभग 2,000 टन ऑक्साइड की है, इसे पूरा करने के लिए कई वैश्विकसप्लायर रुचि दिखा रहे हैं। सरकार सिंक्रोनस रिलक्टेंस मोटर्स पर अध्ययन को फंड कर रही है, ताकि भविष्य में दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर निर्भरता कम कीजा सके। भारत ने अप्रैल से चीन द्वारा निर्यात नियंत्रण सख्त करने के बाद दुर्लभ पृथ्वी मैग्नेट सप्लाई चेन विकसित करने की गति तेज कर दी है। चीनऔर अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव के बीच, चीन ने इन 17 महत्वपूर्ण तत्वों को रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्रमोदी ने जुलाई में चेतावनी दी थी कि महत्वपूर्ण खनिजों को हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए और स्थिर, विविध आपूर्ति शृंखला सुनिश्चित करनीचाहिए। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत ने 2,270 टन दुर्लभ पृथ्वी धातु और यौगिक आयात किए, जो पिछले साल से लगभग 17% अधिक है। इनमेंसे 65% से ज्यादा आपूर्ति चीन से आई है।
ब्रिटेन के वरिष्ठ वकीलों ने उठाए सवाल, बांग्लादेश में ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ ट्रायल ‘मनगढ़ंत’?

ब्रिटेन के कई प्रसिद्ध वकीलों और पूर्व मंत्रियों ने बांग्लादेश में लेबर सांसद ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले की न्यायिक प्रक्रियापर गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ढाका में चल रहा यह ट्रायल न केवल अनुचित है बल्कि इसे एक “मनगढ़ंत प्रक्रिया” बनाकर पेशकिया जा रहा है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को हाल ही में अनुपस्थिति में मौत की सजासुनाई गई है। लंदन स्थित बांग्लादेशी हाई कमिश्नर अबीदा इस्लाम को लिखे एक पत्र में ब्रिटेन की जानी-मानी कानूनी हस्तियों, जिनमें चेरी ब्लेयर, पूर्व मंत्री रॉबर्ट बक्लैंड और डॉमिनिक ग्रीव शामिल हैं। इन सब ने कहा कि सिद्दीक को ढाका ट्रायल में बुनियादी अधिकार भी नहीं दिए गए हैं।वकीलों ने बताया कि ट्यूलिप सिद्दीक के खिलाफ अगस्त में ढाका में ट्रायल शुरू हुआ था और भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) का फैसला इसीसप्ताह आने की उम्मीद है।पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सापत्र में कहा गया कि यह ट्रायल कृत्रिम, मनगढ़ंत और पूरी तरह अनुचित तरीके से आगे बढ़ाया गया है। वकीलों के अनुसार, ट्यूलिप सिद्दीक कोआरोपों की प्रति नहीं दी गई, न ही सबूतों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। जिस वकील को उन्होंने बांग्लादेश में नियुक्त किया था, उसे कथित रूपसे नजरबंद किया गया और बताया कि उसकी बेटी को धमकी दी जा रही है। पत्र में कहा गया कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में न्यायिक प्रक्रिया इसरूप में नहीं चल सकती और यह सीधा हस्तक्षेप दर्शाता है। विशेषज्ञों ने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद न्यायिकप्रणाली में दखल और डराने-धमकाने की घटनाओं का पैटर्न देखने को मिला है। एसीसी ने आरोप लगाया है कि सिद्दीक ने 7,200 वर्ग फीट का प्लॉटबांग्लादेश के डिप्लोमैटिक जोन में पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके हासिल किया था। लेकिन 43 वर्षीय सिद्दीक लगातार इन आरोपों कोराजनीतिक प्रेरित बताती रही हैं। उनका कहना है कि यह पूरा मामला उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश का हिस्सा है। हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आईसाल की शुरुआत में, इन विवादों के बाद उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीयर स्टारमर की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपने पत्र में कहा थाकि प्रधानमंत्री के स्वतंत्र सलाहकार ने उन्हें किसी भी नैतिक उल्लंघन में दोषी नहीं पाया। सिद्दीक ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए ब्रिटेन केवकीलों और सांसदों का आभार जताया और कहा कि बांग्लादेश की न्याय प्रणाली अब मुझे दोषी ठहराने के लिए तैयार दिखती है। उन्होंने इस ट्रायलको एकतरफा और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराधन्यायाधिकरण ने 17 नवंबर को मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला छात्र आंदोलन पर किए गए दमन केमामले में आया है, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार ऐसे फैसले आने से बांग्लादेश के न्यायिकमाहौल और राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई कमिशन की प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है।
संविधान दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश, ‘संविधान हमारी पहचान, हमारी शक्ति’

पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बुधवार को संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मूने कहा कि आज के दिन 26 नवंबर 1949 में संविधान सभा के सदस्यों ने भारत संविधान के निर्माण का कार्य संपन्न किया था। आज के दिन हमभारत के लोगों ने अपने संविधान को अपनाया था। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘स्वाधीनता के बाद संविधान सभा ने भारत की अंतरिम संसद के रूप में भीकर्तव्य का निर्वाहन किया। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर हमारे संविधान के प्रमुख निर्माता में से थे। बाबा साहब के 125 वीं जयंती के वर्ष मेंयानी 26 नवंबर 2015 में प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया था।’ राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान राष्ट्र कीपहचान की आधारशिला है और गुलामी की मानसिकता को त्यागने तथा राष्ट्रवादी सोच अपनाने का मार्गदर्शक दस्तावेज भी है। भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनायाइस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने तीन तलाक, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), अनुच्छेद 370 समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि तीनतलाक से जुड़ी सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाकर संसद ने हमारी बहनों और बेटियों के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिककदम उठाए। उन्होंने कहा कि जीसएटी के रूप में आजादी के बाद सबसे बड़ा कर सुधार देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए लागू कियागया। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 के खत्म होने से एक ऐसी बाधा हटी, जो देश के समग्र राजनीतिक एकीकरण में बाधा बन रही थी। राष्ट्रपति नेकहा, ‘नारी शक्ति बंधन अधिनियम महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के एक नए युग की शुरुआत करेगा। इस वर्ष 7 नवंबर से हमारे राष्ट्रगान, वंदेमातरम की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।’ कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति सीपीराधाकृष्णन ने कहा, ‘महान विद्वानों, ड्राफ्टिंग कमिटी और संविधान सभा के सदस्यों ने करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने केलिए गहरी सोच दी। उनके बिना किसी स्वार्थ के योगदान ने भारत को आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है। हमारा संविधान समझ औरअनुभव, त्याग, उम्मीदों और आकांक्षाओं से बना है। हमारे संविधान की आत्मा ने साबित कर दिया है कि भारत एक है और हमेशा एक रहेगा।’सिद्धांतों का पालन करना हमारा कर्तव्यराज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा, ‘अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद, 2024 में जम्मू-कश्मीर में हुए चुनावों में, बड़ी संख्या मेंमतदाताओं ने मतदान किया, जिससे दुनिया को लोकतंत्र में हमारी आस्था का एहसास हुआ। हाल ही में हुए बिहार चुनावों में, विशेष रूप से महिलाओंकी बड़ी संख्या में भागीदारी ने, हमारी मां भारती के लोकतंत्र के मुकुट में एक और अनमोल हीरा जड़ दिया है। संविधान सभा की महिला सदस्यों कीओर से दिया गया योगदान अतुलनीय था।’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अगर संविधान का अक्षरशः पालन किया जाए तो भारत 2047 तक एक विकसित देश बन जाएगा। बिरला ने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाना हमारा सामूहिक लक्ष्य है और यह लक्ष्य तभीप्राप्त होगा जब हम संविधान के मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात करेंगे। बिरला ने कहा कि अगर हम संविधान का अक्षरशः पालन करेंगे तो हम भावीपीढ़ियों के लिए एक ऐसे भारत का निर्माण करेंगे जो विकास, न्याय, एकता, मैत्री और मानवता का उदाहरण होगा। उन्होंने कहा कि संविधान एकजीवंत दस्तावेज है, जो प्रत्येक नागरिक की आवश्यकताओं का ध्यान रखता है और इसमें निहित सिद्धांतों का पालन करना हमारा कर्तव्य है।
DK Shivakumar CJI सूर्यकांत का संदेश, ‘संविधान की पवित्रता की रक्षा में बार की भूमिका सबसे अहम’

देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने एक बयान में कहा है कि देश में संविधान की पवित्रता और कानून का शासन बनाए रखने के लिए बार कीभूमिका बेहद जरूरी है। सीजेआई ने ये भी कहा कि देश में कमजोर और हाशिए पर पड़े लोगों के लिए कानूनी सहायता देने में भी बार की अहम भूमिकाहै। संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहाकि ‘जब हम इस अहम पल का जश्न मना रहे हैं, जब भारत ने अपने आप को अपना बुनियादी अनुबंध दिया था, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं किदेश में कानून का शासन और संविधान की पवित्रता बनाए रखने में बार की भूमिका बेहद जरूरी है।’सीजेआई ने कहा कि ‘मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि अगर अदालतों को संविधान का पहरेदार माना जाता है, तो बार के सदस्य हमारे रास्तेको रोशन करने वाले पथप्रदर्शक हैं। वे हमें अपने गंभीर कर्तव्यों को पूरा करने और हमारे कर्तव्यों को पक्के यकीन के साथ निभाने में मदद करते हैं।उन्होंने कहा कि ‘वह अक्सर न्याय व्यवस्था के अदृश्य पीड़ितों के बारे में बात करते हैं और मेरा मानना है कि सिर्फ बार ही उन्हें इस पीड़ा से बचा सकताहै।’ उन्होंने कहा, ‘सांविधानिक मामलों में हमारी मदद करने के अलावा यह भी उतना जरूरी है कि बार हमारे संविधान की मूल भावना को सामने लानेके लिए भी सही कदम उठाए। इसमें उन लोगों को कानूनी मदद देना शामिल है जो कमजोर हैं या समाज के हाशिये पर जी रहे हैं। साथ ही राज्य केनीति निर्देशक सिद्धांतों में दिए गए नजरिए के साथ खुद को जोड़ना भी बार की जिम्मेदारी है।’ हमारे रास्ते को रोशन करने वाले पथप्रदर्शकइस मौके पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुसार, ‘यह संविधान की खूबसूरती है कि इसके तीनों हिस्से, न्यायपालिका, कार्यपालिका औरविधायिका, एक-दूसरे से आजाद हैं और साथ ही अंदरूनी चेक एंड बैलेंस भी है। अगर कार्यपालिका कुछ ऐसा करता है जो संविधान के खिलाफ है, तो न्यायपालिका की सर्वोच्चता है। लेकिन आखिरकार कोई भी अंग सर्वोच्च नहीं होता और सिर्फ संविधान ही सर्वोच्च है।’ 26 नवंबर को साल 2015 से संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है, यह दिन 1949 में संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने की याद में मनाया जाता है। पहलेइस दिन को कानून दिवस के तौर पर मनाया जाता था। सीजेआई ने कहा कि ‘मुझे यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि अगर अदालतों को संविधानका पहरेदार माना जाता है, तो बार के सदस्य हमारे रास्ते को रोशन करने वाले पथप्रदर्शक हैं।’
कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर प्रियांक खरगे का बयान ‘सब ठीक है, आलाकमान का फैसला अंतिम’

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ राज्य के दिग्गज नेताओं की बैठकों ने सियासी पारा गरमा दिया है। इसमुद्दे पर कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे की प्रतिक्रिया सामने आई है। क्या कर्नाटक में सिद्धारमैया मुख्यमंत्री बने रहेंगे के सवाल प्रियांक खरगे नेकहा कि सब कुछ ठीक है और आलाकमान जो भी फैसला लेता है, उसका पालन सभी कर रहे हैं, चाहे वह अभी के लिए हो या भविष्य में। कर्नाटक केमंत्री शिवानंद पाटिल की कथित टिप्पणी पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, ‘जब भी राज्य में चुनाव होते हैं, मल्लिकार्जुन खरगे मुख्यमंत्री पदके दावेदार होते हैं। जब भी संसदीय चुनाव होते हैं, वह प्रधानमंत्री पद के दावेदार होते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, संख्या मायने रखती है औरमल्लिकार्जुन खरगे को जो भी कहना है, वह कहेंगे।’ प्रियांक खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब हम सब एक ही सुर में बोल रहे हैं, तोउनकी दुविधा कहां है? भाजपा को कोई मुद्दा ही नहीं मिल रहा है। जब भी वे कोई मुद्दा उठाते हैं, वे औंधे मुंह गिर पड़ते हैं। समस्या उनमें है, हममेंनहीं।’ असाधारण काम को नहीं दिखाना चाहिएनेतृत्व परिवर्तन पर विपक्षी भाजपा नेता आर अशोक के बयान पर प्रियांक ने कहा, ‘अशोक अब बेरोजगार हैं। ढाई साल हो गए हैं जब से वे क्रांति-क्रांति चिल्ला रहे हैं। क्रांति उनकी पार्टी में हुई है। उन्होंने यतनाल को निकाल दिया। क्रांति उनकी पार्टी में हो रही है। वे विपक्ष के नेता और भाजपाअध्यक्ष बने रहने की भीख मांग रहे हैं। अपनी पार्टी की कमजोरियों को छिपाने के लिए वे ऐसा दिखावा कर रहे हैं जैसे कांग्रेस में कोई बड़ी क्रांति होरही है।’ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात पर उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी बेंगलुरु टेक समिट के लिए आने वाले थे। उन्हेंआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर्सनल कंप्यूटर लॉन्च करना था। मैंने उनसे समय मांगा था। इसलिए हम वहां गए और उन्हें एआई पीसी दिखाया। क्यामुझे अपने हाईकमान को विभाग की ओर से किए जा रहे असाधारण काम को नहीं दिखाना चाहिए?’ सब एक ही सुर में बोल रहेप्रियांक खरगे ने उन खबरों को खारिज कर दिया कि उन्होंने हाल ही में एक बैठक के दौरान राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर शीर्ष कांग्रेस नेता राहुलगांधी के साथ चर्चा की है। साथ ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को राहुल गांधी का संदेश बता दिया है। प्रियांक खरगे नेनेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘जब हम सब एक ही सुर में बोल रहे हैं, तो उनकी दुविधा कहां है? भाजपा को कोईमुद्दा ही नहीं मिल रहा है। जब भी वे कोई मुद्दा उठाते हैं, वे औंधे मुंह गिर पड़ते हैं।’