हिमाचल में ‘राधे-राधे’ विवाद बढ़ा बच्चों से सवाल पर सीएम सुक्खू घिरे, BJP और कथावाचक देवकीनंदन ने बोला हमला

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बीते दिनों साई मैदान में बच्चों के साथ बात कर रहे थे। इस दौरान बच्चों ने मुख्यमंत्री को नमस्कारके बजाय राधे-राधे कहा था। इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूछा कि राधे-राधे क्यों बोल रहे हो। इसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया।भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल्स से इस वीडियो को काफी ज्यादा वायरल किया जा रहा था। मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब कथावाचकदेवकीनंदन ने भी मुख्यमंत्री सुक्खू पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक प्रदेश का मुखिया बच्चों को यह कहने से रोकते हैं कि तुम राधे-राधे क्योंकहते हैं? प्रदेश का मुखिया विधर्मी नहीं हैं, सनातनी (हिंदू) है, लेकिन मुखिया कह रहे हैं कि आप राधे-राधे क्यों कह रहे हैं, क्या ये भारत है, जबकिहिमाचल देवभूमि है। देवकीनंदन महाराज कहते हैं कि अगर आपको नहीं बोलना है तो मत बोलिये। वह कहते हैं कि जैसे पति को छोड़ने पर पत्नीविधवा हो जाती है, वैसे ही धर्म को छोड़ने पर मनुष्य विधवा हो जाता है। वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंहसुक्खू पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी मानसिकता को सनातन विरोधी करार दिया। परंपराओं के सम्मान का प्रश्नइसी बीच सोमवार को विवाद के चलते मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला में वॉकथॉन के आयोजन के दौरान मंच से राधे-राधे, राम-राम नारे लगाए हैं। अबउनका यह वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि अभी तो जनता की भावना के सामने मुख्यमंत्रीको एक रात में अपने विषय बदलने पड़े हैं, लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के 97 प्रतिशतसे अधिक सनातनी और हिंदू समाज 2027 में कांग्रेस सरकार को पूरी तरह सत्ता से बाहर बैठाने का मन बना चुका है। अंत में संदीपनी भारद्वाज ने कहाकि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं के सम्मान का प्रश्न है। भाजपा सनातनमूल्यों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रकार के अपमान को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहार विधानसभा शपथ ग्रहण से शुरू हुआ पहला दिन, विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार मुद्दे पर सरकार को चुनौती देने को तैयार

बिहार में 18वीं विधानसभा का पहला सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधानसभा चुनाव में जीत कर आयेविधायकों ने एक एक कर शपथ लिया। करीब छह विधायक शपथ नहीं ले पाए। वह मंगलवार को शपथ लेंगे। प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादवसभी को शपथ दिलाईं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शपथ लिया। इस बार तेजस्वी यादव का अलग अंदाज देखनेको मिला। उन्होंने सम्राट चौधरी से हाथ मिलाया और सीएम नीतीश कुमार से इशारों में बात की। वहीं शपथ लेने के बाद मंत्री रामकृपाल यादवतेजस्वी से गले मिले। इधर, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने शपथ लेने के बाद सीएम नीतीश कुमार का पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया। वहीं आठवींबार जीतकर सदन पहुंचे प्रेम कुमार ने सदन को नमन किया तब अंदर गए। बाहुबली राजवल्लभ यादव की पत्नी और जदयू विधायक विभा देवी ठीकसे शपथ नहीं पढ़ पाईं। वहीं मोकामा विधायक अनंत सिंह आज शपथ लेने जेल से नहीं पहुंच पाए। इधर, सदन के अंदर पहली पंक्ति में सीएमनीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी, विजेंद्र यादव, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय और दिलीपजायसवाल बैठे दिखे। इधर, विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए विधायक प्रेम कुमार ने नामांकन कर दिया है। अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारीइस बार विधायक अरुण शंकर प्रसाद, सुजीत पासवान, विनोद नारायण झा, आसिफ़ अहमद, माधव आनंद, मीणा कुमारी, नीतीश मिश्रा और सबसेकम उम्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने मैथिली भाषा में शपथ ली। मैथिली ठाकुर ने मिथिला पेंटिंग वाली साड़ी और पाग पहन कर आईं। वहींविधायक आबिदुर रहमान, कमरूल होदा, सरबर आलम, विधायक व AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान और विधायक मुर्शीद आलम ने उर्दू मेंशपथ ली। इस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बातजीतकर आये हैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल मेंकमजोर है। हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व मेंमहागठबंधन की बैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है। सदन की तस्वीर काफी बदली हुईइस बार सदन की तस्वीर काफी बदली हुई है। चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बहुमत मिला। इनके 202 विधायक इस बात जीतकर आयेहैं। वही महागठबंधन के 35 विधायक ही इस बार सदन पहुंच पाए हैं। पिछली विधानसभा की तुलना में इस बार विपक्ष संख्या बल में कमजोर है।हालांकि इसके बावजूद विपक्ष के नेता सरकार को गर्ने में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहते हैं। इसको लेकर तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन कीबैठक भी हो चुकी है। विपक्ष बढ़ते अपराध और रोजगार के मुद्दे पर सरकार को गिरने की तैयारी में है। बिहार चुनाव के बाद बुलाए गए सत्र पहले दिनयानी एक दिसंबर को विधायकों का शपथग्रहण होगा। वहीं दो दिसंबर को विधानसभा के अध्यक्ष पद का चुनाव होगा। अध्यक्ष पद की रेस में भारतीयजनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार का नाम सबसे आगे हैं। हालांकि, जनता दल यूनाईटेड इस बार अपने पास विधानसभा अध्यक्ष का पद रखनाचाहती है। इस पर मंथन चल रहा है। अगले 24 घंटे के अंदर अध्यक्ष पद पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। तीन दिसंबर को राज्यपाल काअभिभाषण होगा। चार दिसंबर को सरकार का फ्लोर टेस्ट और पांच दिसंबर को विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।
कोहली के करियर का 52वां शतक, डेल स्टेन बोले, उम्र सिर्फ संख्या है, जूनून बरकरार

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन का मानना है कि जहां 38 साल के अधिकतर खिलाड़ी घर से बाहर निकलने में कतराते हैं वहीं विराटकोहली की खेल के प्रति प्रतिबद्धता बेजोड़ है। कोहली ने रांची में खेले गए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में अपने करियर का 52वां शतकलगाया। टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले कोहली ने दिखाया कि वनडे क्रिकेट में अब भी उनका कोई सानी नहीं है। स्टेन ने जियोस्टार सेकहा, ‘जब आप 37 या 38 साल के अधिकतर खिलाड़ियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहींहै, लेकिन कोहली मानसिक रूप से ऐसी स्थिति में हैं जहां वह पहले की तरह भारत के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं। आप इसे विकेटों के बीच दौड़, फ़ील्डिंग करते और डाइव लगाते हुए देख सकते हैं। वह मानसिक रूप से युवा और तरोताजा हैं और क्रिकेट में बने रहना चाहते हैं।’ वह काफी अनुभव रखतेउन्होंने कहा, ‘कोहली ने पिछले 15-16 साल में 300 से अधिक वनडे खेले हैं, इसलिए वह काफी अनुभव रखते हैं। यह उनके शरीर और दिमाग में है।अगर वह तीन दिन की बारिश के बाद भी यहां पहुंचते तो भी उनकी तैयारी पर कोई असर नहीं पड़ता। वह मानसिक रूप से मजबूत हैं, अच्छी तरह सेसोच सकते हैं और गेंद को बल्ले पर आते हुए देख सकते हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी यही करते हैं।’ स्टेन ने कहा, ‘कोहली खुद पर भरोसा रखते हैंक्योंकि वह पिछले लंबे समय से खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अब भी पहले की तरह खेलने कोलेकर उत्साहित रहते हैं।’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना 83वां शतक लगाने के बाद कोहली ने अपने करियर के इस दौर में अपनी मानसिकता और तैयारी के बारे में बात की थी। उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहींकोहली ने कहा, ‘मैं बहुत अधिक तैयारी में यकीन नहीं रखता। मेरा सारा क्रिकेट मानसिक रहा है। मैं शारीरिक रूप से बहुत मेहनत करता हूं। जब तकमेरी फिटनेस का स्तर अच्छा है और मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं तब तक सब ठीक है।’ स्टेन ने जियोस्टार से कहा, ‘जब आप 37 या 38 साल केअधिकतर खिलाड़ियों से बात करते हैं तो वे कहते हैं कि उन्हें घर, अपने कुत्ते, अपने बच्चों को छोड़ना पसंद नहीं है, लेकिन कोहली मानसिक रूप सेऐसी स्थिति में हैं जहां वह पहले की तरह भारत के लिए खेलने के लिए उत्सुक हैं।
शीतकालीन सत्र से पहले सियासी टकराव तेज़, विपक्ष का हमला, सरकार ने कहा ‘संसद शांत चलेगी’

संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। केंद्र और विपक्ष के बीच इस शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों को लेकर हंगामा छिड़ने के आसारअभी से नजर आ रहे हैं। शीतकालीन सत्र से पहले रविवार को हुई केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक मेंजेपी नड्डा, किरेन रिजिजू समेत कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, गौरव गोगोई और अन्य नेता शामिल हुए। सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस केलोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि सरकार, भाजपा, प्रधानमंत्री भारत के लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को खत्म करना चाहतेहैं।’ उन्होंने कहा, ये संभवतः सबसे छोटा शीतकालीन सत्र; ऐसा लगता है कि सरकार संसद को पटरी से उतारना चाहती है। उन्होंने संसद में पार्टी कीरणनीति को लेकर कहा, सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण, लोकतंत्र की रक्षा, मतदाता सूची की सुरक्षा पर चर्चा की मांग की।सर्वदलीय बैठक के बाद माकपा नेता जॉन ब्रिटास ने कहा, दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट ने सरकार की पोल खोल दी है। हमारी पार्टीसुरक्षा से मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि संसद बाधित होती है और ठप्प होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार कीहोगी। कोई व्यवधान नहीं होगासर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘किसी ने नहीं कहा कि संसद नहीं चलेगी या चलने नहीं देंगे। कुछ नेताओं ने कहाकि वे SIR पर सदन में हंगामा कर सकते हैं। मैं सकारात्मक रूप से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं। संसद सबकी है, देशकी है। संसद में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है। नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं।’ किरेन रिजिजू ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में हम आशाकरते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस से बचेंगे। संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा।अगर हम शांत मन से काम करेंगे, तो यह देश के लिए फायदेमंद होगा और संसद सत्र सुचारू रूप से चलेगा’ संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीदशीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगेबढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के संशोधन का मुद्दा उठाने की तैयारी में है। संसद का तीन सप्ताह लंबासत्र बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की भारी जीत के बाद आयोजित हो रहा है। विपक्ष की ओर से शीतकालीन सत्र मेंसोनिया-राहुल गांधी पर नई प्राथमिकी, दिल्ली प्रदूषण, दिल्ली आतंकी हमला और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाने की संभावना है। सर्वदलीय बैठकपर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘शीतकालीन सत्र में हम आशा करते हैं कि सभी लोग शांत मन से काम करेंगे और गरमागरम बहस सेबचेंगे। संसद में बहस होगी और मुझे उम्मीद है कि कोई व्यवधान नहीं होगा।’
किंग कोहली का कमाल, होम ODI में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर, सचिन भी पीछे

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह घर में वनडे में सबसे ज्यादा बार 50 से ज्यादा रन बनाने वालेबल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया। बता दें कि, भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच आजतीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला रांची में खेला जा रहा है। इस मैच में मेहमानों ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया है।इस मुकाबले में किंग कोहली का बल्ला जमकर गरजा। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महज 48 गेंदों में अपने वनडे करियर का 76वां अर्धशतकपूरा किया। इसी के साथ उन्होंने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली। वह घर में वनडे खेलते हुए 50 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए।कोहली ने यह कारनामा 59 बार किया। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने 58 बार वनडे में 50 से ज्यादा रनों की पारी खेली। तीसरे स्थान पर दक्षिण अफ्रीकाके जैक्स कैलिस हैं जबकि चौथे पायदान पर ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग हैं। 109 गेंदों पर 136 रनों की साझेदारी हुईविराट कोहली ने इस दौरान रोहित शर्मा के साथ दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी निभाई। नांद्रे बर्गर ने यशस्वी जायसवाल को आउट कर भारतको पहला झटका दिया। यशस्वी ने तेज शुरुआत दिलाई थी, लेकिन वह इस लय को बरकरार नहीं रख सके और विकेट के पीछे डि कॉक को कैचथमा बैठे। इसके बाद रोहित ने कोहली के साथ मिलकर मोर्चा संभाला और दोनों बल्लेबाजों के बीच 109 गेंदों पर 136 रनों की साझेदारी हुई।रोहित अच्छी लय में दिख रहे थे, लेकिन मार्को यानसेन ने एलबीडब्ल्यू आउट कर उन्हें पवेलियन की राह दिखाई। इस तरह रोहित और कोहली के बीचयह साझेदारी टूट गई। रोहित 51 गेंदों पर पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 57 रन बनाकर आउट हुए।इसी के साथ रोहित और कोहली के बीच घर में वनडे में सबसे ज्यादा रनों की साझेदारी हुई। 41 पारियों में दोनों के बीच 2598 रनों की साझेदारीहुई। इस मामले में दूसरे स्थान पर कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने हैं, जिन्होंने 57 पारियों में 2596 रनों की साझेदारी की। भारतीय टीम के स्टारबल्लेबाज विराट कोहली ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह घर में वनडे में सबसे ज्यादा बार 50 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। इसमामले में उन्होंने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया।
यौन शोषण केस की पीड़िता पर बढ़े साइबर हमले, पुलिस ने सोशल मीडिया निगरानी तेज “कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल के खिलाफयौन शोषण की शिकायत”

निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममकुटाथिल के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत करने वाली महिला पर साइबर हमले बढ़ गए हैं। ऐसे में पुलिसने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की निगरानी तेज तेज कर दी है। शिकायतकर्ता महिला की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं, जिसके चलतेयह कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अभियान शाखा अपनी नियमितसाइबर निगरानी के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखेगी। साइबर अपराध शाखा, साइबर थानों और विशेष साइबरडोम इकाई की निगरानीभी संभालता है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि शिकायतकर्ता की सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल करके उन्हें निशानाबनाया जा रहा है। केरल में निलंबित कांग्रेस विधायक राहुल ममुकाथिल पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली पीड़िता पर साइबर हमले बढ़ गएहैं। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही उनकी तस्वीर साझा करने वालों पर मुकदमा दर्ज करने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया खाते से ऐसे साइबर हमले नहीं किए गएएक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, अगर कोई शिकायत मिलती है तो साइबर थानों में मामला दर्ज करने का निर्देश दिया जाएगा। हमारी नियमितसाइबर निगरानी के दौरान अगर किसी सोशल मीडिया खाते को पीड़िता की तस्वीरें फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्जकिया जाएगा। इस बीच, केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि कांग्रेस के किसी भी आधिकारिक सोशल मीडिया खाते से ऐसेसाइबर हमले नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा, अगर कांग्रेस से जुड़ा कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करता है, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभीतक किसी भी आधिकारिक खाते या पार्टी से जुड़े लोगों की ओर से ऐसी गतिविधि नहीं की गई है। केरल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सनी जोसेफने भी कहा कि पार्टी के किसी नेता का साइबर हमलों में कोई हाथ नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पार्टी का कोई कार्यकर्ता ऐसीगतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इमरान खान की हालात पर बढ़ी अफवाहें, शशि थरूर बोले ‘पाकिस्तान का आंतरिक मामला, पर चुप्पी चिंताजनक’

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर अटकलों का दौर जारी है। उनके परिवार की ओर से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ गंभीर आरोपलगाए गए हैं। उनके परिवार ने इरफान खान से मुलाकात न करने दिए जाने पर शक जताया है। इस मामले पर अब कांग्रेस सांसद शशि थरूर कीप्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर चलरही अफवाहों पर कहा कि मुझे लगता है कि किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना हमारे लिए उचित नहीं है। शशि थरूर ने आगेकहा कि यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है कि इस मामले पर इतनी चुप्पी है। उन्होंने कहा, ‘कई लोग दावा कर रहे हैं कि इससे भी बुरा हुआ है।लेकिन पाकिस्तान सरकार और अधिकारियों ने कुछ नहीं कहा है। यह चुप्पी बुरी है।’ पाकिस्तान का आंतरिक मामलाउन्होंने कहा, ‘आपने उनके बेटे का संदेश देखा होगा, जिसमें कहा गया था कि वह अपने पिता के जीवित होने का सबूत चाहता है। जाहिर है, अभी तककिसी ने भी उनके पिता के जीवित होने का कोई सबूत नहीं दिया है।’ उन्होंने इसे चिंता का विषय बताते हुए साफ किया, ‘मैं केवल भारत के एकसामान्य नागरिक के रूप में बोल रहा हूं, यह हमारी विदेश नीति का मामला नहीं है।’ उन्होंने कहा, ‘यह पाकिस्तान का आंतरिक मामला है। लेकिन एकइंसान दांव पर लगा है। क्रिकेट प्रशंसक और अन्य लोग हैं जो जानना चाहेंगे कि उनके साथ क्या हुआ? आप किसी को जेल में डालकर उसे गायबनहीं कर सकते। इसलिए, अगर कुछ हुआ है, तो मेरे विचार से, अधिकारियों को इस पर सफाई देनी चाहिए।’ देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना हमारे लिए उचित नहींलंबे समय से पूर्व क्रिकेटर इमरान खान को उनके परिवार से मिलने नहीं दिया गया है। इसकी वजह से उनके परिवार ने इमरान को लेकर चिंता जताईहै। परिवार का कहना है कि हमें उनके जिंदा होने का कोई सबूत नहीं दिया गया है। हालांकि, पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने कहा है किइमरान खान को जेल में पांच सितारा सुविधाएं मिल रही हैं। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक इमरानखान के स्वास्थ्य को लेकर चल रही अफवाहों पर कहा कि मुझे लगता है कि किसी दूसरे देश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करना हमारे लिए उचितनहीं है।
गोरखपुर में CM योगी का जनता दर्शन ‘घबराइए मत… हर समस्या का समाधान होगा’ जमीन कब्जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरे दिन, रविवार सुबह जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों से मुलाकात कर उनकीसमस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से संवाद करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हरपीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ितव्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। इससे पहले शनिवार को भी सीएमने जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी थीं। रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनतादर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनतादर्शन में महिलाओं की संख्या अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम ने उन्हें आश्वस्तकिया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी चिंता करने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों कोउन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण कराया जाए। बच्चे का पता लगाने को जरूरी कदम उठाए जाएंजनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर सीएम योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीबकी जमीन पर यदि कोई कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाए। गरीब की जमीनों पर दबंग या माफिया का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए। जनता दर्शन में अंबेडकरनगर से आई एक महिला ने बाजार गए अपने बच्चे केसाइकिल सहित गायब होने की पीड़ा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस प्रकरण को संवेदनशीलता से लिया जाए और बच्चे कापता लगाने को जरूरी कदम उठाए जाएं। कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाएजनता दर्शन में इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दियाऔर अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीनकोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। एक महिला द्वारा किडनी के इलाज में डायलिसिस कराने की जरूरत और उसके लिए धनराशि नहोने की बात कहने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि डायलिसिस के लिए पैसे की व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने महिलाको यह कहते हुए भरपूर आत्मीय संबल दिया, ‘घबराओ मत उपचार की पूरी व्यवस्था कराई जाएगी।’ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन मेंपरिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।जनता दर्शन में कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर सीएम योगी ने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी गरीबकी जमीन पर यदि कोई कब्जा करने की कोशिश करे तो उसे ठीक से सबक सिखाया जाए। गरीब की जमीनों पर दबंग या माफिया का कब्जा बर्दाश्तनहीं किया जाएगा।
कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव की अटकलों पर विराम सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार ने दिखाई एकजुटता, कहा हाईकमान का फैसला ही अंतिम

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने एकजुटता का संदेश दिया है। करीब एक घंटेचले नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, दोनों नेताउसका पालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा। अभी भी कोई असमंजस नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स से गलतफहमीपैदा हुई। हमने तय किया है कि पार्टी आलाकमान जो भी तय करेगा, हम उसका पालन करेंगे।’ सिद्धारमैया ने कहा कि ‘हमारा एजेंडा 2028 काविधानसभा चुनाव है। निकाय चुनाव भी अहम है। हमने उन पर चर्चा की। हमने 2028 में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने पर भी चर्चा की। हमारे बीचकोई मतभेद नहीं है और भविष्य में भी कोई मतभेद नहीं होंगे। दोनों पार्टियों पर फर्जी अफवाह फैलाने का आरोपमुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विपक्षी पार्टियों भाजपा और जेडीएस पर निशाना साधा और दोनों पार्टियों पर फर्जी अफवाह फैलाने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा ‘भाजपा और जेडीएस को झूठे आरोप लगाने की आदत है। इन दलों ने बयान दिया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास सिर्फ60 विधायक हैं, और जेडीएस के पास 18 हैं। वे हमारी संख्या का मुकाबला नहीं कर सकते। हमारे पास 140 विधायक हैं। यह एक बेकार कीकोशिश है। हम उनके झूठे आरोपों का सामना करेंगे।’ कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने इस प्रेस वार्ता में कहा, ‘राज्य के लोग अपना पूरासमर्थन दे रहे हैं। हम अपने वादे के मुताबिक काम कर रहे हैं। हमें लोगों की इच्छाएं पूरी करनी हैं। हम उस दिशा में काम कर रहे हैं। हाईकमान जो भीकहेगा, हम उसे मानेंगे। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। अभी भी हम मिलकर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जो भी कहा, मैं उनके साथ हूं। हम मिलकरकाम कर रहे हैं।’ हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानतेउन्होंने आगे कहा, ‘जहां तक नेतृत्व की बात है, हम अपनी पार्टी हाईकमान को मानते हैं। वे जो भी कहते हैं, वो ही हमारा फैसला है। हम पार्टी केवफादार सिपाही रहे हैं। हम जानते हैं कि हमारे देश में पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है। लेकिन हमें भरोसा है कि कर्नाटक एक बड़ी भूमिका निभाएगा, हम 2028 में सरकार दोहराएंगे और मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में 2029 में भी आगे बढ़ेंगे।’ 2023 के विधानसभा चुनाव केपरिणामों के बाद ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर रस्साकसी शुरू हो गई थी। दोनों सीएम पद पर अपनी दावेदारीजता रहे थे। बात इतनी बढ़ी कि दोनों नेताओं को पार्टी आलाकमान ने दिल्ली बुलाया। दिल्ली में समझौते के बाद तय हुआ कि सिद्धारमैया कर्नाटकसरकार की कमान संभालेंगे और शिवकुमार डिप्टी सीएम का पद संभालेंगे। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिद्धारमैया और डीकेशिवकुमार के बीच ढाई-ढाई साल के लिए सीएम पद संभालने का समझौता हुआ। हालांकि दोनों ही नेताओं और पार्टी ने आधिकारिक तौर पर इसरोटेशन फार्मूले की बात को कभी स्वीकार नहीं किया।
झगड़ा करना भारत का स्वभाव नहीं भाईचारा हमारी पहचान, बोले मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि झगड़ा या विवाद करना हमारे देश का स्वभाव नहीं हैऔर भाईचारा और सामूहिक सद्भाव हमेशा से भारत की परंपरा रहा है। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मोहन भागवत नेये बात कही। उन्होंने कहा कि भारत का राष्ट्रवाद का विचार बुनियादी तौर पर पश्चिमी विचार से अलग है। संघ प्रमुख ने कहा ‘हमारी किसी के साथबहस नहीं होती। हम विवादों से दूर रहते हैं। झगड़ा करना हमारे देश का स्वभाव ही नहीं है। मिल-जुलकर रहना और भाईचारे को बढ़ावा देना ही हमारीपरंपरा रहा है।’ भागवत ने कहा कि ‘दुनिया के अन्य हिस्से संघर्षों से भरे हालात में बने। वहां जब एक राय बन जाती है तो उसके अलावा हर विचार कोअस्वीकार कर दिया जाता है। वे दूसरे के विचारों के लिए दरवाजे बंद कर देते हैं और इसे ‘…इज्म’ कहना शुरू कर देते हैं।’ राष्ट्रवाद का विचार बुनियादी तौर परमोहन भागवत ने कहा कि भारत का राष्ट्रवाद का विचार बुनियादी तौर पर पश्चिमी व्याख्या से अलग है। उन्होंने कहा ‘वे (पश्चिमी देश) राष्ट्र को लेकरहमारे विचारों को नहीं समझते। इसलिए उन्होंने इसे राष्ट्रवाद कहना शुरू कर दिया, लेकिन हमारा राष्ट्र का विचार पश्चिम के विचार से अलग है। ये एकदेश है या नहीं… हमारे बीच इसे लेकर कोई मतभेद नहीं हैं। हम मानते हैं कि ये एक राष्ट्र है, जो प्राचीन समय से मौजूद है।’ भागवत ने कहा कि ‘हमराष्ट्रीयता शब्द का इस्तेमाल करते हैं, राष्ट्रवाद का नहीं। देश को लेकर बहुत ज्यादा गर्व दो विश्वयुद्ध करा चुका है इसलिए कुछ लोग राष्ट्रवाद शब्द सेडरते हैं। भारत का राष्ट्रीयता का बोध गर्व और अहंकार से नहीं निकला बल्कि गहन आत्मचिंतन और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व से निकला है।’भागवतने कहा कि ‘हम राष्ट्रीयता शब्द का इस्तेमाल करते हैं, राष्ट्रवाद का नहीं। देश को लेकर बहुत ज्यादा गर्व दो विश्वयुद्ध करा चुका है इसलिए कुछ लोगराष्ट्रवाद शब्द से डरते हैं।’