सरदार पटेल की जयंती पर संजय गहलोत का नमन

सरदार पटेल भारत की एकता के महान निर्माताआज हमारा देश भारत के लौहपुरुष, पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर श्रद्धा के साथ नमन कर रहा है। सरदारपटेल का जीवन साहस, सादगी, मेहनत और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी सोच से देश को एक मजबूतएकता का स्वरूप दिया। संजय गहलोत का संदेश भारत की आत्मा को जोड़ने वाले पुरुषदिल्ली सफ़ाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन संजय गहलोत ने कहा कि सरदार पटेल केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं थे, बल्कि वह वह शक्ति थेजिन्होंने भारत को टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का नाम भारतीय एकता का प्रतीक है। संजय गहलोत ने युवाओं से अपील की कि वेसरदार पटेल के जीवन संघर्ष को पढ़ें और समझें, क्योंकि उनकी शिक्षाएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी स्वतंत्रता के समय थीं। स्वतंत्रता आंदोलन में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिकामहात्मा गांधी के मार्गदर्शन में सरदार पटेल ने देश की आज़ादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। बारडोली सत्याग्रह में उनके नेतृत्व ने किसानों कीआशाओं को नई दिशा दी। उनकी शांत, दृढ़ और ईमानदार छवि ने देश के करोड़ों लोगों को एकजुट किया और अंग्रेज़ों को झुकने पर मजबूर किया। रियासतों का विलय एक असाधारण उपलब्धिस्वतंत्रता के बाद देश में 562 रियासतें थीं। सरदार पटेल ने अपनी बुद्धिमानी, कूटनीति और दृढ़ता के बल पर इन रियासतों को भारत में मिलाया। कईरियासतें विरोध में थीं, लेकिन सरदार पटेल के धैर्य और समझाने की क्षमता ने सबको भारत के हित में निर्णय लेने पर प्रेरित किया। हैदराबाद, जूनागढ़, कश्मीर जैसे बड़े प्रदेशों का भारत में विलय ऐतिहासिक उपलब्धि थी। राष्ट्रीय एकता दिवस सरदार पटेल को समर्पितहर वर्ष 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोग एकता की शपथ लेते हैं, रन फॉर यूनिटी का आयोजन होता हैऔर सरदार पटेल के विचारों पर विभिन्न कार्यक्रम होते हैं। संजय गहलोत ने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत की असली शक्ति उसकीएकजुटता में है। सरदार पटेल के विचार आज भी क्यों जरूरीआज देश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। लेकिन अनेक सामाजिक चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं धार्मिक तनाव, सामाजिक भेदभाव, क्षेत्रीयमतभेद आदि। सरदार पटेल का संदेश हमें सिखाता है कि हम सभी को मिलकर रहना चाहिए और राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखना चाहिए। संजयगहलोत ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें प्रेरित करता है कि हम मजबूत, ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ बनें। भारत सदैव ऋणी रहेगासरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान इतना बड़ा है कि भारत का हर नागरिक आज भी उनका ऋणी है। उन्होंने भारत को केवल भौगोलिक रूप से नहींजोड़ा, बल्कि लोगों के दिलों को एक किया। संजय गहलोत ने कहा कि सरदार पटेल की देशभक्ति, साहस और सेवा की भावना हमेशा हमें प्रेरणा देतीरहेगी।
लोकसभा में वंदे मातरम 150 साल, पीएम मोदी और अखिलेश यादव के बीच चर्चा में देशभक्ति और राजनीतिक तीखी बहस

संसद के शीतकालीन सत्र में कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है। प्रधामनंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की शुरुआत की। पीएम नेकहा कि आज हम इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं, जब सदन में इसकी चर्चा हो रही है। लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होनेपर बहस के दौरान पीएम मोदी के बोलने के बाद लोकसभा में कांग्रेस नेता गौरव गोगोई बोले। इसके बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसदअखिलेश यादव ने वंदेमातरम् पर चर्चा का जवाब दिया। अखिलेश यादव ने वंदे मातरम ने देश को एक किया और आज़ादी की लड़ाई में जान डाली। सिर्फ पढ़ने के लिए नहींसत्ता पक्ष हर चीज पर कब्जा करना चाहता है। सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है। ये लोग हर बात का श्रेय लेने चाहते हैं, जोमहापुरुष इनके नहीं हैं, ये लोग उनपर भी कब्जा करने की कोशिश करते हैं। इनकी बातों से ऐसा लगता है कि वंदे मातरम् भी इन्हीं का बनवाया हुआगीत है। समाजवादी पार्टी के MP अखिलेश यादव ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं है, बल्कि इसका पालन करने के लिए है। जिन्होंनेकभी आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे वंदे मातरम का महत्व कैसे समझेंगे? वे ‘राष्ट्रवादी’ नहीं बल्कि राष्ट्रवादी लोग हैं। सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहताप्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर कहा कि “देश के महापुरुषों का सपना था स्वतंत्र भारत, देश की आज की पीढ़ीका सपना है समृद्ध भारत। आज़ाद भारत के सपने को सींचा था वंदे मातरम् की भावना ने, समृद्ध भारत के सपने को सीचेंगा वंदे मातरम् की भावना। हमेंआत्मनिर्भर भारत बनाना है, 2047 तक विकसित भारत बनाना है।लोकसभा में ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर बहस के दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि “वंदे मातरम ने देश को एक किया औरआज़ादी की लड़ाई में जान डाली…सत्ता पक्ष हमेशा सब कुछ अपना बनाना चाहता है।
इंडिया-जापान फोरम, जयशंकर ने साझा रणनीतिक और आर्थिक सहयोग पर बल दिया “बढ़ेगा हिंद-प्रशांत क्षेत्र का संतुलन”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रविवार को यहां आयोजित इंडिया-जापान फोरम के उद्घाटन सत्र में कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और जापानकी साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती दे रही है, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और संतुलन कायम करने के लिए भीनिर्णायक भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि यह समय दोनों देशों के लिए सामरिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकीय क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करनेका है, क्योंकि दुनिया एक नए शक्ति-संतुलन की ओर बढ़ रही है। जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, भारत-जापान सहयोग की प्रासंगिकतापहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों, खुले और मुक्त हिंद-प्रशांत तथा वैश्विक स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता रखते हैं।उन्होंने कहा कि यही साझा दृष्टिकोण दोनों देशों को रणनीतिक साझेदारी का स्वाभाविक सहयोगी बनाता है। इंडिया-जापान फोरम को विदेश मंत्रालयऔर आनंदा सेंटर ने संयुक्त रूप से आयोजित किया है, जिसका उद्देश्य उभरती चुनौतियों और अवसरों पर भारत और जापान के नीति-निर्माताओं, उद्योगजगत और थिंक टैंकों को संवाद का मंच प्रदान करना है। क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनीआधिकारिक बयान के अनुसार, यह मंच पारस्परिक विश्वास बढ़ाने, विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करने और भविष्य के लिए साझा एजेंडा तैयार करनेका काम करता है। जयशंकर ने कहा कि यह साझेदारी केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी आवश्यक है, क्योंकि दोनों देशनियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूती देने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यह संबंध और सशक्त होंगेतथा भारत-जापान सहयोग नए शिखर छुएगा। भारत-जापान संबंधों में हाल के वर्षों में लगातार गति आई है। बीते शुक्रवार को जापान में भारत कीराजदूत नगमा एम. मलिक ने जापान के पर्यावरण मंत्री इशीहारा हीरोताका से मुलाकात की थी और जलवायु तथा सतत विकास से जुड़े सहयोग परचर्चा की थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 नवंबर को जोहानिसबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइचीसे मुलाकात की थी, जिसमें नवाचार, रक्षा और प्रतिभा गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। बढ़ती गतिविधियों के बीच और बढ़ गईविदेश मंत्री जयशंकर ने 27 अक्तूबर को कुआलालंपुर में आसियान शिखर सम्मेलन के इतर अपने जापानी समकक्ष मोतेगी तोशिमित्सु से मुलाकातकी थी। दोनों नेताओं ने अगले दशक के संयुक्त विजन को लागू करने के लिए करीबी सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई थी। यह विजन दोनोंदेशों के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, आपूर्ति शृंखला, डिजिटल अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को नई दिशा देने वाला मानाजा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-जापान संबंधों को वर्ष 2000 में ‘ग्लोबल पार्टनरशिप’, 2006 में ‘स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप’ और 2014 में ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप’ का दर्जा मिला। इन संबंधों का सबसे मजबूत स्तंभ रक्षा और सुरक्षा सहयोग है, जिसकीमहत्ता हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों के बीच और बढ़ गई है।
डीके शिवकुमार ने नवजोत कौर सिद्धू को दी ‘मानसिक अस्पताल’ की सलाह, 500 करोड़ विवाद जारी

कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू पर पलटवार किया है। शिवकुमार ने ‘मुख्यमंत्री पद के लिए500 करोड़ रुपये’ वाली टिप्पणी को लेकर उन्हें ‘मानसिक अस्पताल’ में भर्ती होने की सलाह दी। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह की पत्नीने शनिवार को यह कहकर विवाद खड़ा किया कि जो कोई पांच सौ करोड़ का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है। उनके इस बयान पर भाजपाऔर आम आदमी पार्टी ने पलटवार किया। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष शिवकुमार ने उनके बयान के जवाब में कहा, उन्हें किसी अच्छे मानसिकअस्पताल में भर्ती करवा देना चाहिए। सिद्धू ने कहा कि उनके पति सक्रिय राजनीति में लौटेंगे, अगर कांग्रेस उन्हें 2027 के चुनावों से पहले पंजाब मेंपार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करती है। सीधे बयान को गलत तरीके से पेश कियाउन्होंने आगे कहा कि उनके पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन वह पंजाब को ‘स्वर्ण राज्य’ में बदल में सकते हैं। उन्होंने शनिवार कोकहा, हम हमेशा पंजाब और पंजाबियत की बात करते हैं.. .लेकिन हमारे पास पांच सौ करोड़ रुपये नहीं है, जिन्हें हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने केलिए दे सकें। यह बात उन्होंने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कही। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी ने उनसे पैसेकी मांग की, तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है, लेकिन जो पांच सौ करोड़ रुपये का सूटकेस देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है। उन्होंने बाद में कहा किउनके सीधे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। बीजेपी और आप ने कड़ी प्रतिक्रिया दीनवजोत कौर ने रविवार शाम एक्स पर एक पोस्ट में कहा, मैं हैरान हूं कि मेरे सीधे बयान को ऐसे तोड़-मरोड़ दिया गया। हमारी कांग्रेस पार्टी ने हमसेकभी कुछ नहीं मांगा। जब मुझसे पूछा गया कि नवजोत किसी अन्य पार्टी से सीएम का चेहरा बन सकते हैं, तो मैंने कहा कि हमारे पास मुख्यमंत्री पदके लिए पैसे देने के लिए कुछ नहीं है। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू के ‘500 करोड़ देकर मुख्यमंत्रीबनते हैं’ वाले बयान पर उन्हें मानसिक अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। नवजोत कौर ने कहा था कि जिनके पास 500 करोड़ रुपये देने के लिएहोते हैं वही मुख्यमंत्री बनते हैं, जिसके बाद बीजेपी और आप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश एसआईआर में कोई लापरवाही नहीं, फर्जी वोटरों के नाम हटवाएं और सही वोटरों को जोड़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एसआईआर में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताटोलियां बनाकर घर-घर जनसंपर्क करें। फर्जी वोटरों के नाम हटवाएं और सही वोटरों को जोड़ने का काम करें। योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद केसर्किट हाउस में सोमवार दोपहर एसआईआर को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंडल के जिला प्रभारियों और जिलाध्यक्षों ने विकास कीयोजनाओं और एसआईआर की प्रगति के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता के लिए एसआईआर गंभीर मुद्दा है। पार्टी केबीएलओ -1, बीएलओ -2 का सहयोग करें। बांग्लादेशी घुसपैठिये किसी कीमत पर वोटर नहीं बनने चाहिए। पार्टी के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारीलापरवाहीं न बरतें। मतदाता सूची 2003 के अनुसार मृत और फर्जी वोटरों के नाम कटवाएं। सही वोटरों को जोड़ने का काम समय परइसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों को कार्यकर्ताओं के साथ टोली बनाकर घर घर जनसंपर्क करना होगा। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकार कीयोजनाओं के बारे में जानकारी लें। विकास की योजनाएं कहां तक पहुंची है। अगले साल पंचायत चुनाव और उसके बाद विधानसभा चुनाव आएंगे।इस कारण पार्टी की तैयारी मजबूत रहनी चाहिए। नगर निगम ने मुख्यमंत्री को निर्माणाधीन वार मेमोरियल दिखाने के लिए पूरा इंतजाम किया था। रेडकारपेट बिछाए गए थे लेकिन किसी कारणों के वजह से मुख्यमंत्री वहां नहीं गए। रेड कारपेट और सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए। मुरादाबाद में योगीआदित्यनाथ ने जनप्रतिधियों और अफसरों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि एसआईआर में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।फर्जी वोटरों के नाम हटवाने और सही वोटरों को जोड़ने का काम समय पर करें।
अमेरिकी रक्षा विधेयक में भारत के साथ सहयोग और क्वाड साझेदारी पर जोर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने का लक्ष्य

अमेरिकी वार्षिक रक्षा नीति विधेयक में भारत के साथ सहयोग को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें क्वाड के जरिये सहयोग बढ़ाने की बातभी कही गई है, ताकि एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र बनाए रखा जा सके और चीन की चुनौती का सामना किया जा सके। सांसदों ने रविवारको 2026 के वित्तीय वर्ष के लिए ‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ विधेयक जारी किया। इसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा गठबंधनों औरसाझेदारियों के बारे में कांग्रेस की राय बताई गई है। इसमें कहा गया है कि रक्षा मंत्री को ऐसे प्रयास जारी रखने चाहिए जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र मेंअमेरिकी रक्षा गठबंधनों और साझेदारियों को मजबूत करें, ताकि चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में अमेरिका का ‘तुलनात्मक लाभ’ बढ़ाया जासके। समूह बनाया गयाइन प्रयासों में भारत के साथ क्वाड के जरिये अमेरिकी सहयोग का विस्तार शामिल है। इसमें द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग, सैन्य अभ्यासों मेंभागीदारी, रक्षा व्यापार का विस्तार और मानवीय सहायता तथा आपदा प्रतिक्रिया में सहयोग शामिल हैं, ताकि एक स्वतंत्र और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्रबनाए रखा जा सके। इसके अलावा, इसमें भारत के साथ समुद्री सुरक्षा पर अधिक सहयोग की संभावना पर जोर दिया गया है। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। चीन के आक्रामक व्यवहार का सामना करने के लिए 2017 में यह समूह बनाया गया था। रक्षा मंत्री को विदेश मंत्री के साथ मिलकर योजनारक्षा नीति विधेयक में यह भी कहा गया है कि रक्षा मंत्री को विदेश मंत्री के साथ तालमेल बनाकर एक योजना बनानी चाहिए और चलानी चाहिए, ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की रक्षा औद्योगिक क्षमताओं के बीच सहयोग मजबूत हो सके। यह पहल सभी देशों केरक्षा उद्योगों को मजबूत करेगी। इसमें उनकी क्षमता बढ़ाना, उत्पादन और कर्मचारियों को बढ़ाना, आपूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना, विभिन्न देशों कीप्रणालियों को एक-दूसरे के साथ काम करने योग्य बनाना और देशों के बीच तालमेल बढ़ाना शामिल है।अमेरिकी वार्षिक रक्षा नीति विधेयक में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने और क्वाड के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करने पर जोर दियागया है। विधेयक में कहा गया है कि रक्षा मंत्री को विदेश मंत्री के साथ मिलकर योजना बनानी चाहिए ताकि अमेरिका और उसके सहयोगी देशों केबीच रक्षा सहयोग और क्षमता बढ़े।
ममता बनर्जी ने संसद में भाजपा को कटघरे में खड़ा किया, वंदे मातरम बहस में नेताजी और टैगोर पर उठाए सवाल

संसद में वंदे मातरम को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भजपा को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया।कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सवाल किया कि अगर भजपा नेताजी सुभाष चंद्र बोस, रवींद्रनाथ टैगोर और राजा राम मोहन राय जैसे महानस्वतंत्रता सेनानियों और विचारकों की सराहना नहीं करती, तो आखिर करती किसकी है? ममता बनर्जी ने कहा मैंने सुना कि भाजपा के कुछ लोग कहरहे हैं कि वे नेताजी की सराहना नहीं करते। तो बताइए, आप नेताजी, टैगोर और राजाराम मोहन राय को सम्मान नहीं देते, फिर किसे देते हैं? पश्चिमबंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में हुए भगवद्गीता पाठ कार्यक्रम में न जाने के फैसले पर सफाई देते हुए कहा कि वह इसलिए नहीं गईंक्योंकि यह कार्यक्रम भाजपा से जुड़ा हुआ था। संतनन संस्कृति संसद की ओर से रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में लाखों लोग पहुंचे थे, जिसे2026 विधानसभा चुनाव से पहले हिंदू पहचान के बड़े प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। आतंकी घटनाओं और प्रदूषण पर सरकार चुपएयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए ममता बनर्जी ने कहा अगर कार्यक्रम निष्पक्ष होता, तो मैं जरूर जाती। मैं एक राजनीतिक दल से जुड़ी हूं औरएक विचारधारा का पालन करती हूं। मैं हर धर्म और हर समुदाय का सम्मान करती हूं। लेकिन जिस कार्यक्रम से भाजपा सीधे जुड़ी हो, उसमें मैं कैसे जासकती हूं? उन्होंने कहा मैं ऐसे आयोजनों में शामिल नहीं होती जहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान होता हो या महात्मा गांधी के सिद्धांतों कापालन न किया जाता हो। मेरे माता-पिता ने मुझे यह शिक्षा नहीं दी है। जो लोग बंगाल का अपमान करते हैं, बंगला-बिरोधी हैं, मैं उनके साथ नहीं हूं।लोकसभा में वंदे मातरम पर चल रही बहस के दौरान कांग्रेस उपनेता गौरव गोगोई ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा किकांग्रेस ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन पीएम मोदी हर चर्चा में नेहरू और कांग्रेस का नाम लेते रहतेहैं। गोगोई ने डेटा पढ़ते हुए कहा कि मोदी अपने भाषणों में नेहरू का नाम कई बार दोहराते हैं, चाहे 75वें संविधान दिवस की चर्चा हो या राष्ट्रपति केअभिभाषण नेहरू जी का नाम बार-बार लिया जाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की असली समस्याओं सुरक्षा, आतंकी घटनाओं औरप्रदूषण पर सरकार चुप है। नोंकझोंक देखने को मिलीसंसद की कार्यवाही के छठे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वंदे मातरम ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश को ऊर्जा और साहस दिया। उन्होंने इसेभारत की सांस्कृतिक विरासत की आधुनिक अभिव्यक्ति बताया। पीएम मोदी बोले वंदे मातरम सिर्फ राजनीतिक स्वतंत्रता का नारा नहीं था। यह हमारीसंस्कृति, हमारी मातृभूमि के प्रति भाव का आधुनिक स्वरूप है। पीएम ने 1905 में बंगाल विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजों की ‘डिवाइडएंड रूल’ नीति के सामने भी वंदे मातरम अडिग खड़ा रहा। ममता बनर्जी ने वंदे मातरम बहस में भाजपा पर सवाल उठाते हुए पूछा अगर पार्टी नेताजी, टैगोर और राजाराम मोहन राय की सराहना नहीं करती तो किसकी करती है? संसद में कांग्रेस और पीएम मोदी के बीच भी तीखी नोंकझोंक देखने कोमिली।
दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो के उड़ानों का कहर, 134 उड़ानें रद्द सुरक्षा नियमों के पालन में कमी

इंडिगो एयरलाइन की ओर से कुल 134 उड़ानों को रद्द किए जाने से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामनाकरना पड़ रहा है। रद्द की गई उड़ानों में 75 डिपार्चर (प्रस्थान) और 59 अराइवल (आगमन) शामिल हैं। इस अप्रत्याशित स्थिति को देखते हुए, दिल्लीहवाई अड्डे ने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। सोमवार को दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों पर इंडिगो की फ्लाइट्स के रद्द होने और उनमेंदेरी की खबरें लगातार आती रहीं। इस गंभीर स्थिति को भाँपते हुए, दिल्ली हवाई अड्डे ने सुबह 6:30 बजे यात्रियों के लिए एक विशेष एडवाइजरीजारी की। एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इंडिगो की उड़ानों में देरी हो सकती है। हवाई अड्डा प्रबंधन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वेहवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी एयरलाइन से अपनी फ्लाइट की नवीनतम स्थिति की जांच अवश्य कर लें, ताकि किसी भी प्रकार कीपरेशानी से बचा जा सके। एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाएनागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए इंडिगो एयरलाइन को एक शो-कॉज नोटिस जारी किया है। डीजीसीए ने एयरलाइन सेउसके ऑपरेशनल संकट के संबंध में जवाब मांगा है। इंडिगो ने डीजीसीए को जवाब देने के लिए और अधिक समय की मांग की है। डीजीसीए द्वाराजारी नोटिस में इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ व अकाउंटेबल मैनेजर पोर्चरास का उल्लेख किया गया है। नोटिस में कहा गया है किएयरलाइन के संचालन में बड़े पैमाने पर प्लानिंग और रिसोर्स मैनेजमेंट की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। डीजीसीए ने इस संकट का मुख्य कारणनए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों को लागू करने के लिए उचित व्यवस्था न करना बताया है। डीजीसीए ने यह भी पूछा है कि एयरलाइन केखिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। इंडिगो ने कुल 134 फ्लाइट्स कैंसिल कर दींइंडिगो के बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द होने के पीछे एफडीटीएल नियमों का लागू होना एक महत्वपूर्ण कारण बताया जा रहा है। नए नियमों के तहत, पायलटों और केबिन क्रू के काम के घंटों को सीमित किया गया है, जिसका उद्देश्य विमानन सुरक्षा को बढ़ाना है। हालांकि, इंडिगो एयरलाइन इननियमों के अनुपालन के लिए आवश्यक संख्या में पायलटों और क्रू सदस्यों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में विफल रही है, जिससे ऑपरेशनलचुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। इंडिगो में अभी भी संकट जारी है। सोमवार को जहां एक तरफ दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों के लिए एक एडवाइजरी जारी कीतो वहीं दूसरी तरफ इंडिगो ने कुल 134 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं।
गोवा नाइट क्लब अग्निकांड पर AAP का हमला, अवैध संचालन पर सरकार को घेरा, CM प्रमोद सावंत के इस्तीफे की मांग तेज

गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में शनिवार देर रात भीषण आग लगने की वजह से कई लोगों की दुखद मौत होने और कइयों के गंभीर रूप सेघायल होने पर आम आदमी पार्टी ने गहरा दुख जताया है। “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, गोवा प्रभारी आतिशी और प्रदेश अध्यक्षअमित पालेकर समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। आम आदमी पार्टी ने प्रशासन की बिना अनुमतिके अवैध रूप से चल रहे इस नाइट क्लब में हुई दुखद घटना के लिए भाजपा की गोवा सरकार को जिम्मेदार बताया है और सीएम प्रमोद सावंत सेइसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा किगोवा के अरपोरा में हुई दुखद अग्निकांड से बहुत दुःखी हूं, जिसमें कई कीमती जानें चली गईं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना।घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर करे कि इस संकट की घड़ी में सभी प्रभावित लोगों को शक्ति और सांत्वना मिले। आदेश देना केवल खानापूर्तिवहीं, गोवा प्रभारी आतिशी ने एक्स पर कहा कि गोवा के अरपोरा स्थित एक नाइट क्लब में लगी आग की दुखद घटना के बारे में जानकर स्तब्ध औरदुखी हूं, जिसमें 23 लोगों की जान चली गई। इस दुखद घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना। गोवा सरकार कोइन खामियों की तुरंत जांच करनी चाहिए, जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उधर, “आप” गोवा के प्रदेश अध्यक्ष अमित पालेकर ने अस्पताल जाकर अग्निकांड में घायल हुए पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि बर्नयूनिट में पांच मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनमें से एक युवती की हालत नाजुक है जो 28 फीसद तक जल चुकी है। एक डॉक्टर भी इस हादसे केशिकार हुए हैं, उनकी हालत दूसरों से बेहतर है। इस हादसे में 25 लोगों की जान जा चुकी है। जिस तरीके से यह घटना हुई और मुख्यमंत्री ने खुदस्वीकार किया कि क्लब बिना अनुमति के अवैध रूप से चल रहा था, उससे यह सवाल उठता है कि क्या प्रशासन सो रहा था? अमित पालेकर ने कहाकि मैं पिछले एक साल से लगातार कह रहा हूं कि राज्य में हफ्ता वसूली और जबरन वसूली का खेल चल रहा है। कई क्लब बिना अनुमति के चल रहेहैं और इसके लिए अधिकारियों को हफ्ता दिया जाता है। मैंने खुले तौर पर नाम भी उजागर किए थे, लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहींहुई। उन्होंने इस घटना पर गोवा के मुख्यमंत्री के बयान को मगरमच्छ के आंसू बताते हुए कहा कि मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश देना केवल खानापूर्तिहै। यह मौतें रोकी जा सकती थीं। प्रशासन ने अब तक इन अवैध क्लबों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? क्यों उन्हें बिना सुरक्षा मानकों के चलनेदिया गया? मानसिकता पर सवाल खड़ा करताअमित पालेकर ने कहा कि डीजीपी ने रात को बयान दिया कि यह सिलेंडर ब्लास्ट था। लेकिन अस्पताल में भर्ती घायल डॉक्टर ने बताया कि वे खानाखा रहे थे तभी एक शो शुरू हुआ। शो के दौरान डांसर्स के पीछे फ्लेयर्स (आतिशबाजी) चलाए गए, जिससे छत ने आग पकड़ ली। छत सूखी घासकी बनी थी, जिसने 15 से 30 सेकंड में आग पकड़ ली और वह नीचे सोफों पर गिर गई। आग के डर से लोग बेसमेंट की तरफ भागे, जहां धुएं केकारण दम घुटने से उनकी मौत हो गई, न कि जलने से। यह दर्शाता है कि वहां कोई एग्जिट प्लान नहीं था और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। अमितपालेकर ने सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपये के मुआवजे को नाकाफी और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि इस सरकार की नजर में इंसान की जानकी कोई कीमत नहीं है। सरकार अपने एक-दो इवेंट कम कर दे या उनमें होने वाले खर्च और कमीशन को बचा ले, तो पीड़ितों को उचित मुआवजादिया जा सकता है। यह सरकार सीधे तौर पर इन मौतों के लिए जिम्मेदार है और सरकार के हाथ खून से सने हैं। भाजपा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत केपास अधिकांश विभाग हैं, लेकिन उनका प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं है। पर्यटकों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारसदमे में हैं और कह रहे हैं कि वे अब कभी गोवा नहीं आएंगे। उन्हें समय पर एंबुलेंस तक नहीं मिली। यह दिखाता है कि प्रशासन पूरी तरह से चरमरागया है और सब कुछ भगवान भरोसे चल रहा है। अमित पालेकर ने मांग की कि इस प्रशासनिक विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री कोतत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, स्थानीय पंचायत, सरपंच, सचिव और पुलिस अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए, जिनकी नाकके नीचे यह अवैध कारोबार चल रहा था। उन्होंने कहा कि यह महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक त्रासदी है जिसने कई परिवारों के कमाने वाले सदस्योंको छीन लिया है। अमित पालेकर ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी और हमारे कार्यकारी अध्यक्ष वाल्मीकि नायक दर्जनों प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन मुद्दोंको उठाते रहे हैं, लेकिन सरकार ने आंखें मूंद रखी हैं। अगर डीजीपी बिना जांच के सिलेंडर ब्लास्ट का बयान देते हैं, तो यह उनकी मानसिकता परसवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में परिचालन संकट, पायलटों ने लगाया आरोप “प्रबंधन की वजह से एयरलाइन संकट में”

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों बड़े परिचालन संकट से जूझ रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर इंडिगो पायलटों का एक कथितओपन लेटर आया है, जिसमें सीईओ पीटर एल्बर्स समेत कई शीर्ष अधिकारियों पर एयरलाइन को डूबने की कगार पर पहुंचाने का आरोप लगाया गयाहै। यह पत्र किसी अनाम कर्मचारी द्वारा लिखा दावा किया गया है, जो खुद को वर्षों से इंडिगो की अंदरूनी स्थिति का गवाह बताता है। पत्र में कहागया है कि इंडिगो एक दिन में नहीं गिरी, यह गिरावट कई वर्षों से बन रही थी। कथित खुले पत्र की शुरुआत 2006 में इंडिगो की स्थापना के जिक्र सेहोती है। लेखक का दावा है कि वर्षों के साथ कंपनी की शुरुआती ग्रोथ लालच में और गौरव अहंकार में बदल गई। पत्र के अनुसार, एयरलाइन कीबदहाली की जड़ वहीं से शुरू हुई, जब प्रबंधन ने अनुभव और योग्यता की अनदेखी करते हुए ऐसे लोगों को बड़े पद सौंप दिए, जिनके पास नविशेषज्ञता थी और न ही संचालन की समझ। एयरलाइन पिछले एक सप्ताह से परिचालन संकट झेल रहीपत्र में आगे कहा गया है कि पायलटों और कर्मचारियों की थकान, सुरक्षा और ड्यूटी नियमों को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया। थकान औरओवरवर्किंग पर आपत्ति जताने वाले कई पायलटों को दफ्तर में बुलाकर डांटा, डराया और अपमानित किया गया। हालात यह तक पहुंच गए कि बिनाकिसी अतिरिक्त वेतन के नाइट ड्यूटी, शिफ्ट और काम का बोझ कई गुना बढ़ा दिया गया। कथित कर्मचारी के अनुसार, स्टाफ से अपमानजनक भाषामें कहा गया आप नौकरी पाकर खुश रहिए… भिखारी चुन नहीं सकते। पत्र में आरोप है कि समय के साथ एयरलाइन में एक ऐसा टॉक्सिक वर्ककल्चरविकसित हुआ जिसमें टैलेंट से ज्यादा टाइटल और पदों की चमक को महत्व दिया जाने लगा। कथित ओपन लेटर में इंडिगो के प्रबंधन स्तर पर आठशीर्ष अधिकारियों को मौजूदा संकट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। सूची में सबसे ऊपर CEO पीटर एल्बर्स का नाम है, जिन पर आरोप लगायागया है कि संकट के दौरान वे अपने मूल देश नीदरलैंड में छुट्टी पर थे। पत्र में जिन अन्य अधिकारियों को संकट का कारण बताया गया है, उनमें जेसनहर्टर, अदिति कुमारी, तपस डे, राहुल पाटिल, इसिडोर पोरक्वेरास (COO), असीम मित्रा (SVP फ्लाइट ऑपरेशंस) और अक्षय मोहन शामिल हैं।पत्र का दावा है कि इन अधिकारियों के निर्णय, आंतरिक अव्यवस्था और कथित बदइंतजामी ने मिलकर स्थिति को उस स्तर पर पहुंचाया, जहांएयरलाइन पिछले एक सप्ताह से परिचालन संकट झेल रही है।