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ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर BJP का तंज, फडणवीस बोले—पुतिन-जेलेंस्की साथ आ गए हों जैसे

ठाकरे बंधु बीएमसी चुनाव के लिए साथ आए हैं। बुधवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शिवसेना यूबीटी और मनसे केगठबंधन का एलान किया। हालांकि सीएम फडणवीस के एक बयान से लग रहा है कि भाजपा ने ठाकरे बंधुओं के इस गठबंधन को कोई तवज्जो नहींदी है। सीएम फडणवीस ने कहा, ‘शिवसेना यूबीटी और मनसे के गठबंधन को ऐसे प्रचारित किया जा रहा है, जैसे रूस और यूक्रेन साथ आ गए हो औरजेलेंस्की और पुतिन बातचीत कर रहे हो।’ मुख्यमंत्री ने शिवसेना यूबीटी और मनसे पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दोनों पार्टियां अस्तित्व के संकट सेजूझ रही हैं, इन पार्टियों ने बार-बार अपनी भूमिकाएं बदलकर लोगों के बीच अविश्वास पैदा किया है, इन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति कर अपनावोटबैंक खो दिया है। इनके साथ आने से कौन सा फर्क पड़ने वाला है। अगर ये अपना अस्तित्व बचाने के लिए साथ आ रही हैं तो ये चुनाव नहीं जीतसकते। दोनों भाईयों की अब कोई विचारधारा नहीं बची है, ये सिर्फ अवसरवादिता की राजनीति कर रहे हैं।’ राज ठाकरे का समर्थन चाहतेमहाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने ठाकरे बंधुओं के गठबंधन पर कहा, ‘वे अपनी जमीन खो चुके हैं। उद्धव ठाकरे कीपार्टी निकाय चुनाव में 228 सीटों से आठ सीटों पर सिमट गई है। ऐसा ही मुंबई में होगा। यही वजह है कि वे साथ आ रहे हैं। हम उन्हें साथ आने केलिए शुभकामनाएं देते हैं। मुंबई के लोग विकास के लिए वोट करेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विकसित मुंबई का संकल्प लिया है मुंबई कोअंतरराष्ट्रीय शहर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। हमारा घोषणा पत्र हमें जीत दिलाएगा। दोनों भाई साथ आ रहे हैं, सिर्फ इसलिए उन्हें सहानुभूतिवोट नहीं मिलेंगे। उनके पास सभी सीटों पर उम्मीदवार भी नहीं है और न ही कार्यकर्ता हैं।’ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उद्धव और राजठाकरे के गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा, अगर इन लोगों के पास असल में इतनी ताकत है तो वे हालिया निकाय चुनाव में बुरी तरह से क्यों हारे? कांग्रेस न उद्धव ठाकरे के साथ है और न ही शरद पवार के साथ, इसलिए इन्हें किसी की जरूरत है, जैसे डूबते को तिनके का सहारा। इसी तरह से उद्धवठाकरे, राज ठाकरे का समर्थन चाहते हैं। मुझे नहीं लगता इससे बहुत फायदा होगा। पुतिन और जेलेंस्की साथ आ गएउद्धव और राज ठाकरे के गठबंधन पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने कहा, हालिया निकाय चुनाव में कांग्रेस, जो महाविकासअघाड़ी गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है, सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और गठबंधन की दोनों पार्टियों से ज्यादा सफल रहे। अगर दोनों भाईयों नेसाथ आने का फैसला किया है तो हम इससे खुश हैं। हम उन्हें बधाई देते हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी कभी भी मनसे के साथ नहीं जुड़ेगी। हम शिवसेनायूबीटी और एनसीपी एसपी के साथ खड़े रहेंगे। महाराष्ट्र के लिए मराठी लोग क्या फैसला करते हैं, ये उन पर है। ठाकरे बंधुओं ने बीएमसी चुनाव मेंगठबंधन का एलान कर दिया है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले की जानकारी दी। हालांकि भाजपा ने इसगठबंधन पर तंज कसा है। सीएम फडणवीस ने तो यहां तक कह दिया कि दोनों भाईयों के साथ आने को ऐसे प्रचारित कर रहे हैं, जैसे पुतिन औरजेलेंस्की साथ आ गए हैं।

एच-1बी वीजा धारकों की मुसीबत बढ़ी, अमेरिका ने सोशल मीडिया जांच के चलते साक्षात्कार रद्द किए

अमेरिकी वीजा प्रक्रिया में बदलाव हजारों भारतीय पेशेवरों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। दिसंबर की शुरुआत में अपने वर्क परमिट कानवीनीकरण कराने के लिए भारत लौटे तमाम एच-1बी वीजाधारक यहीं फंस गए हैं, क्योंकि अमेरिकी दूतावासों ने साक्षात्कार रद्द कर दिए हैं।वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, ये साक्षात्कार 15 से 26 दिसंबर के बीच निर्धारित थे लेकिन अमेरिकी विदेश विभाग की नई सोशल मीडिया जांच नीतिके चलते इन्हें अचानक रोक दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवेदकों की ऑनलाइनउपस्थिति और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। अमेरिका की इस नई नीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भीआवेदक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा न बने। भारत में अमेरिकी दूतावास ने 10 दिसंबर को कहा था कि अब एच-1बीधारकों और उनके आश्रितों (एच-4) के लिए भी यह जांच अनिवार्य होगी। एच-1बी वीजा का व्यापक रूप से अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों की ओरसे इस्तेमाल किया जाता है। भारतीय पेशेवर इस वीजा के प्राप्तकर्ताओं के सबसे बड़े समूहों में से एक हैं। अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकारभारत में अमेरिकी दूतावास ने H-1B और H-4 वीजा आवेदकों के लिए एक्स पर एक पोस्ट में वैश्विक अलर्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि15 दिसंबर से विदेश विभाग ने मानक वीजा स्क्रीनिंग के हिस्से के रूप में ऑनलाइन समीक्षा को व्यापक बना दिया है। यह उपाय इन वीजा के लिएआवेदन करने वाले सभी राष्ट्रीयताओं के आवेदकों पर विश्व स्तर पर लागू होता है। दूतावास के अनुसार, विस्तारित जांच प्रक्रिया का उद्देश्य एच-1बीकार्यक्रम के कथित दुरुपयोग को रोकना है। इसके साथ ही अमेरिकी कंपनियों को सर्वश्रेष्ठ अस्थायी विदेशी पेशेवरों की भर्ती करने की अनुमति देना भीहै। संसद के शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में लिखित जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया था कि अमेरिकी प्रशासन अब वीजासंबंधी हर फैसले को राष्ट्रीय सुरक्षा का निर्णय मानता है। उन्होंने वाशिंगटन के इस रुख को दोहराया कि अमेरिकी वीजा एक विशेषाधिकार है, अधिकार नहीं। सोशल मीडिया की समीक्षा करता रहाविस्तृत जांच प्रक्रिया के चलते भारत में 15 दिसंबर से पहले से निर्धारित हजारों एच-1बी साक्षात्कार अचानक कई महीनों के लिए स्थगित कर दिएगए हैं। जिन आवेदकों ने नवीनीकरण के लिए पहले ही भारत की यात्रा कर ली थी, वे वैध वीजा के बिना अमेरिका में अपनी नौकरी पर वापस लौटनेमें असमर्थ हो गए हैं। कुछ आवेदकों के साक्षात्कार जो दिसंबर के मध्य में निर्धारित थे, उन्हें मार्च या यहां तक कि मई के अंत तक के लिए पुनर्निर्धारितकिया गया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया की जांच कोई नई बात नहीं है। विदेश विभाग लंबे समय से छात्र और एक्सचेंजवीजा (महिला, पुरुष और महिला श्रेणी) के लिए सोशल मीडिया की समीक्षा करता रहा है।

856 किलोमीटर बिना बाड़ वाली सीमा पर BSF की सख्त निगरानी, 11 साल में 21,407 घुसपैठिये पकड़े

पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए बांग्लादेश के हिंसक प्रदर्शनों के बाद अब एक बार फिर वहां पर हिंसा हो रही है। इंकलाब मंच के नेता शरीफउस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों के मध्य, रिश्तों में तनाव और कड़वाहट है। बांग्लादेश में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि जिन लोगों ने हादीको गोली मारी है, वे भारत में जाकर छिप गए हैं। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र दास की ‘बर्बर हत्या’ कर दी। दोनों मुल्कों के बीच वीजा सेवाओंको निलंबित कर दिया गया है। भारत और बांग्लादेश के बीच अभी तक 856 किमी लंबा हिस्सा ऐसा है, जो खुला है। यानी वहां पर ‘बाड़’ नहीं लगीहै। गत 11 वर्ष में 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं। कई जगहों पर घरों एवं गलियों के बीच से ‘सीमा’ रेखा गुजरती है। 11 वर्षों के दौरान 21407 घुसपैठियों को पकड़ा गयाबता दें कि भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 4096.70 किलोमीटर है। इसमें से 3239.92 किलोमीटर, यानी 79.08 प्रतिशत क्षेत्र परबाड़ लगाई गई है। इस सीमा पर 856.778 किलोमीटर क्षेत्र, मतलब 20.92 प्रतिशत, ये ऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी है। भारत-बांग्लादेशसीमा पर 2014 से लेकर 2024 तक घुसपैठियों ने भारत में घुसने के लिए 7528 प्रयास किए हैं। इस वर्ष नवंबर तक ऐसे प्रयासों की संख्या 1104 रही है। 11 साल में घुसपैठ के कुल 8632 प्रयास किए गए। 2014 से लेकर 2024 तक बॉर्डर पार करने का प्रयास करने वाले 18851 घुसपैठियोंको गिरफ्तार किया गया है। इस वर्ष 2556 घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए। ऐसे में पिछले 11 वर्षों के दौरान 21407 घुसपैठियों को पकड़ा गया है। चौकसी करने में कितना पसीना बहाना पड़ता होगाबांग्लादेश से लगती भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है। सीमा सुरक्षा बल ‘बीएसएफ’ पूरी तरह चौकस एवं सतर्क है।भारत और बांग्लादेश सीमा का कुछ हिस्सा ऐसा है, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (आईबी) मकानों, गलियों, खेतों और तालाबों से गुजरती है। मकानएक है, मगर उसका कमरा भारत में है तो किचन बांग्लादेश में है। सोने का कमरा बांग्लादेश में तो पशुओं का बाड़ा हिन्दुस्तान में है। अब यहां परघुसपैठ की प्रबल संभावना बन गई है। बीएसएफ ने अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा के ऐसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। सीमा पर एक ही मकान और एक हीगली में भारत-बांग्लादेश, ये दोनों देश मौजूद हैं। दोनों देशों के बीच खींची गई अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (आईबी) घरों और गलियों में से होकर गुजरतीहै। किसी घर का एक कमरा भारत में है तो दूसरा कमरा बांग्लादेश की सीमा में स्थित है। घर का एक दरवाजा भारत में खुल रहा है तो दूसरा दरवाजाबांग्लादेश में खुलता है। आईबी पर एक जगह तो ऐसी है, जहां मात्र तीन फुट की गली के बीचोंबीच से आईबी रेखा गुजर रही है। ऐसे में जब कोईआदमी उस गली में चलता है तो उसका एक पांव भारत में टिकता है और दूसरा पांव बांग्लादेश में होता है। ऐसे में अंदाजा लगा सकते हैं किबीएसएफ को इतने सघन बॉर्डर पर चौकसी करने में कितना पसीना बहाना पड़ता होगा।

नियम तोड़े तो सीलिंग तय, दिल्ली सरकार ने प्रदूषण रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई

दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार की ओर से और सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम का पालन न करने वालीनिजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कार्यालय सील किए जाएंगे। सरकार ने तय किया है कि सुविधाएं जरूरी हैं, लेकिन नियममानना भी सबके लिए उतना ही अनिवार्य है। नियम तोड़ने वाले उद्योगों को अब राहत नहीं मिलेगी और गैर अनुपालन पर तुरंत सीलिंग होगी। सरकार नेहवा को साफ करने के लिए जो भी उपाय किए हैं, उसमें ढिलाई नहीं चाहती। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि नो पीयूसी, नो फ्यूलनियम सख्ती से लागू रहेगा। अभी तक 2 लाख से अधिक वाहनों की पीयूसी जांची है और सर्टिफिकेट जारी किए हैं। इनमें से करीब 10 हजार वाहनउत्सर्जन मानकों पर खरे नहीं उतरे। पीयूसी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी केंद्रों को आधुनिक मशीनों से अपग्रेड किया जा रहा है। जांचमें पारदर्शिता लाने के लिए थर्ड पार्टी सिस्टम लागू किया जा रहा है और परिवहन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। एएनपीआर कैमरों मेंतकनीकी खामियों की शिकायतों पर मंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग मामले को देख रहा है। कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग हो रहीप्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सोमवार से अभियान और तेज कर दिया गया है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी औद्योगिक इकाई वायुप्रदूषण नियमों का उल्लंघन करती पाई गई, उसे तुरंत सील किया जाएगा। 31 दिसंबर तक ओईसीएम सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं करने वालेउद्योगों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। एमसीडी और डीपीसीसी मिलकर अवैध और अनधिकृत औद्योगिक यूनिट्स की पहचान कर रहे हैं और ऐसी सभीइकाइयों को बंद किया जाएगा। मंत्री ने कहा, सड़कों पर धूल रोकने के लिए चौबीस घंटे सफाई और पानी का छिड़काव किया जा रहा है। लैंडफिलसाइट्स पर बायो माइनिंग हो रही है। हर दिन करीब 35 हजार मीट्रिक टन कचरे की वैज्ञानिक प्रोसेसिंग हो रही है। निजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गएमंत्री ने बताया कि सरकार शहर के जलाशयों को पुराने रूप में लाने के लिए काम कर रही। साल पहले कब्जा किए या उपेक्षित जलाशयों में से कम सेकम 50 फीसदी को उनके मूल स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य तय किया गया है। ये जलाशय धूल कम करने और शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने मेंअहम भूमिका निभाएंगे। दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सरकार की ओर से और सख्ती बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम कापालन न करने वाली निजी कंपनियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे कार्यालय सील किए जाएंगे।

किसान सम्मान दिवस: सीएम योगी ने किसानों की मेहनत को किया सलाम, ट्रैक्टर से जुड़े चेहरे की खुशी का जिक्र

सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसान सम्मान दिवस पर किसानों का उत्साह बढ़ाते हुए उनकी मेहनत को प्रणाम किया। सीएम ने किसान समृद्धि योजनाके तहत ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरे की चमक का जिक्र किया। बोले-कोई किसान अपनी मां तो कोई पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है।यही किसान की ताकत होती है, सर्दी, गर्मी की परवाह किए बिना जब वह पसीना बहाता है और सर्दी को अपनी अस्थियों में समाहित कर ऊर्जा काप्रवाह धरती मां के साथ करता है तो खेती अन्न उत्पादन के रूप में सोना उगलती है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने किसान सम्मान दिवस पर किसानों काउत्साह बढ़ाते हुए उनकी मेहनत को प्रणाम किया। सीएम ने किसान समृद्धि योजना के तहत ट्रैक्टर पाने वाले किसानों के चेहरे की चमक का जिक्रकिया। बोले-कोई किसान अपनी मां तो कोई पत्नी को ट्रैक्टर में बिठाकर ले जा रहा है। यही किसान की ताकत होती है, सर्दी, गर्मी की परवाह किएबिना जब वह पसीना बहाता है और सर्दी को अपनी अस्थियों में समाहित कर ऊर्जा का प्रवाह धरती मां के साथ करता है तो खेती अन्न उत्पादन के रूपमें सोना उगलती है। बाजार तक किसानों की सुविधाओं को बढ़ायासीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अपनी मेहनत से किसानों ने प्रगति की है। 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने देश की बागडोर संभाली, तब पहली बारकिसान भी सरकार के एजेंडे का हिस्सा बना। धरती हमारी मां और हम सभी इसके पुत्र हैं, इसलिए पुत्र का दायित्व है कि जब मां बीमार या संकट में होतो पुत्र उसे संकट से उबारने में योगदान देता है। पहली बार स्वायल हेल्थ कार्ड के माध्यम से पीएम मोदी ने 2014 में धरती मां की सेहत के बारे में हरकिसी को जागरूक किया। अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना से जोड़ा, फिर एक-एक करके प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना सेलेकर पीएम किसान सम्मान निधि, एमएसपी की गारंटी हो या बीज से लेकर बाजार तक किसानों की सुविधाओं को बढ़ाया गया। जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतंत्र का आधारसीएम योगी ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के मसीहा, पूर्व प्रधानमंत्री व यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह को ‘भारत रत्न’ देकरकिसानों का मान बढ़ाया। लघु व सीमांत किसानों के लिए कृषि ऋण मोचन कार्यक्रम लागू किया। पहले किसान शासन की किसी भी योजना का अंगनहीं था, लेकिन आज किसान को शासन की हर योजना का लाभ प्राप्त हो रहा है। आज बिचौलिया किसानों की फसल का दाम नहीं तय करता। यदिकिसान को बाजार में फसल का अच्छा दाम मिला तो ठीक वरना सरकार उसे खऱीदेगी। यूपी के अंदर धान, गेहूं, चना, सरसो, बाजरा, मक्का आदिफसलों का उत्पादन कई गुना बढ़ा है और लागत कम हुई है। यही किसानों की समृद्धि का आधार है। सीएम योगी ने चौधरी चरण सिंह के वक्तव्य काजिक्र किया। वे हमेशा देश, गांव व किसान के हित में काम करते थे। वे कहते थे कि जब तक किसान गरीब रहेगा, भारत अमीर नहीं हो सकता।ग्रामीण भारत ही असली भारत है। भारत की समृद्धि का मार्ग देश के खेत व खलिहान से होकर गुजरता है। जागरूक जनशक्ति ही सफल लोकतंत्र काआधार है।

चौधरी चरण सिंह की जयंती पर लोकदल का तंज, किसानों के नाम पर हो रही दिखावटी राजनीति “जानें क्या है पूरा मामला”

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर लोकदल नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर लोकदल नेतासुनील सिंह ने कहा कि चौधरी साहब किसान, गांव और खेत-खलिहान की आत्मा थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के हक और सम्मान के लिएसमर्पित किया। सुनील सिंह ने कहा कि आज चौधरी चरण सिंह की जयंती पर सरकार बड़े-बड़े कार्यक्रम कर रही है, लेकिन किसानों के नाम पर उनकीविरासत का राजनीतिक और निजी लाभ उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा, यदि सरकार वास्तव में चौधरी साहब की विचारधारा पर चलती, तो किसानआज खाद, गन्ना भुगतान और फसल के दाम के लिए परेशान न होता।” किसान सम्मान दिवस के सरकारी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील सिंह नेकहा, ‘किसान ऊर्जा प्रवाहित करता है, तो धरती सोना उगलती है’ जैसे काव्यात्मक कथन जमीनी सच्चाई नहीं बदलते। धरती तभी सोना उगलेगी, जबकिसान को फसल का पूरा दाम, समय पर भुगतान और सुरक्षा मिलेगी।” लोकदल ने सरकार के कार्यक्रमों को केवल नाम और फोटो सेशन तक सीमित बताते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह की जयंती केवल नाम की नहीं, बल्कि नीति की होनी चाहिए। सुनील सिंह ने कहाचुनिंदा किसानों को ट्रैक्टर की चाबी देना असली सम्मान नहीं, बल्कि दिखावटी राजनीति है।असली सवाल अभी भी जस का तस हैं:सभी फसलों पर कानूनी एमएसपी कब लागू होगा?गन्ना भुगतान समय पर क्यों नहीं हो रहा?खाद-बीज की कालाबाजारी रोकने के उपाय क्यों नहीं?आवारा पशुओं से फसल सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं? सुनील सिंह ने चेतावनी दी कि चौधरी चरण सिंह की असली श्रद्धांजलि तभी होगी जब किसान को उसकी मेहनत का पूरा मूल्य, सुरक्षा और सम्मानमिलेगा। उन्होंने कहा,जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक जयंती पर होने वाले आयोजन किसानों की नजर में खोखले ही रहेंगे। सरकार भाषण नहीं, बल्कि नीतिगत फैसलों सेकिसानों को जवाब दे.

अरुणाचल प्रदेश में एनसीपी की ऐतिहासिक जीत, IMC, ZPM और GPM में शानदार प्रदर्शन

अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इटानगर महानगर पालिका (IMC) चुनाव मेंकुल 20 सीटों में एनसीपी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़कर 3 सीटों पर शानदार जीत हासिल की। साथ ही जिला परिषद (ZPM) में 4 जिलों की 11 सीटों पर पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि ग्राम पंचायत (GPM) में एनसीपी ने 396 सीटों पर जीत हासिल कर अपनी पकड़ मजबूत की। बनाए रखने के लिए प्रतिबद्धएनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजित पवार, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री प्रफुल पटेल और राष्ट्रीय महासचिव श्री अविनाश आदिक ने इसऐतिहासिक जीत पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “यह जीत जनता के समर्थन और हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम है। हम जनता कीसेवा में और भी मेहनत से जुटेंगे।” एनसीपी के अरुणाचल प्रदेश अध्यक्ष श्री टोको तातुंग ने कहा, “यह जीत हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है और हमइसे आगे भी जारी रखेंगे।” प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष श्री निक केमिन और प्रदेश महासचिव लिखा सोनी ने भी जनता के सहयोग और पार्टी कार्यकर्ताओंकी मेहनत को इस सफलता का मुख्य कारण बताया। एनसीपी की इस जीत को प्रदेश की राजनीति में एक मजबूत संदेश माना जा रहा है कि पार्टीजनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है और उनके विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

बांग्लादेश की हिंसा से असम हाई अलर्ट पर, हिमंत बिस्वा सरमा बोले हर गतिविधि पर कड़ी नजर

बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा अब एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। हालात कीगंभीरता को देखते हुए सीएम सरमा ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंसा और अशांति को देखते हुए असम को ‘हाईअलर्ट’ पर रखा गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि बांग्लादेश की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं परअत्याचार और भारत की सुरक्षा से जुड़े बयान चिंता बढ़ा रहे हैं। एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश मेंहालात ठीक नहीं हैं और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि बांग्लादेश में सत्ता से जुड़ेकुछ लोग पूर्वोत्तर भारत को अपने देश में शामिल करने जैसी बातें कर रहे हैं, जो बहुत गंभीर और चिंताजनक हैं। बांग्लादेश में मिलाने की बात कर रहेसीएम सरमा ने अनुसार अलग-अलग समय पर बांग्लादेश से लोग असम में आए हैं और इसलिए राज्य को और ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंनेजोर देकर कहा कि हमें बांग्लादेश में हो रहे हर घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखनी होगी। हालांकि इससे पहले पिछले हफ्ते भी मुख्यमंत्री सरमा ने कहा थाकि कुछ ‘बांग्लादेशी तत्व’ बार-बार पूर्वोत्तर भारत को बांग्लादेश में मिलाने की बात कर रहे हैं। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक बताया था।इतना ही नहीं सीएम सरमा ने यह भी कहा था कि भारत इस तरह की बातों पर चुप नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक बड़ा देश है, परमाणु शक्तिसंपन्न है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। ऐसे में बांग्लादेश इस तरह की सोच भी कैसे सकता है। इस बीच, असम के कछार जिले मेंभारत–बांग्लादेश सीमा के पास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम अवैध आवाजाही को रोकने और कानून-व्यवस्थाबनाए रखने के लिए उठाया गया है। मद्देनजर सरकार पूरी सतर्कता बरत रहीगौरतलब है कि बांग्लादेश एक बार फिर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसका बड़ा कारण हाल ही में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या बना।हादी की हत्या के बाद पूरे बांग्लादेश में हिंसा की आग में जल उठा, क्योंकि हादी सरकार विरोधी आंदोलनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिसके चलतेपिछले साल शेख हसीना सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी। बांग्लादेश में जारी हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के चलते असम को हाई अलर्ट पररखा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बांग्लादेश के हालात चिंताजनक हैं। वहां हिंदुओं पर अत्याचार और पूर्वोत्तर भारत को लेकरदिए जा रहे बयानों के मद्देनजर सरकार पूरी सतर्कता बरत रही है।

खराब फॉर्म पर बोले कप्तान सूर्या—‘ये बुरा दौर नहीं, मेरा लर्निंग फेज है’ “जानें क्या कुछ कहा”

भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर अपने खराब फॉर्म को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह बना अहमदाबाद स्थित एकयूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ उनकी बातचीत, जहां उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में अपने संघर्ष और मानसिकता पर बात की। सूर्यकुमार ने कहा किकिसी भी खिलाड़ी का करियर हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता और खराब समय को सीखने की प्रक्रिया के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने अपने भाषणमें कहा, ‘एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे समय का आनंद नहीं लेता। मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं, बल्कि यह सीखने की प्रक्रिया होतीहै। मेरे लिए यह वही लर्निंग फेज है, जिसमें उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।’ 35 वर्षीय सूर्यकुमार ने अपने बयान में आत्मविश्वास भी दिखाया, जिसनेसोशल मीडिया पर खासा ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल मेरे 14 जवान मेरे लिए कवर कर रहे हैं। वे जानते हैं कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्याहोगा। मुझे यकीन है आप लोग भी जानते हैं।’ इस बयान को कुछ लोगों ने जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास बताया, जबकि समर्थकों का मानना है कियह कप्तान का खुद पर भरोसा दर्शाता है। वापसी करना चाहतासूर्यकुमार ने अपनी मौजूदा स्थिति की तुलना छात्र जीवन से करते हुए कहा कि जैसे कम नंबर आने पर कोई पढ़ाई छोड़ नहीं देता, वैसे ही खिलाड़ी भीमेहनत करना नहीं छोड़ता।उन्होंने कहा, ‘अगर आपकी परीक्षा में कम नंबर आते हैं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर मेहनत करते हैं। मैं भी वही करने की कोशिशकर रहा हूं और बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं।’ साल 2025 सूर्यकुमार यादव के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद कठिन रहा।उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 का रहा। एशिया कप में उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रहा, जबकिदक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में चार पारियों में केवल 34 रन ही बना सके। इसके बावजूद भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीती। वापसी करने के लिए पूरी तरह सकारात्मकटी20 वर्ल्ड कप टीम की घोषणा से पहले सूर्यकुमार ने खुद माना था कि उनका खराब दौर कुछ ज्यादा लंबा खिंच गया है। फिर भी उन्हें टीम मेंबरकरार रखा गया, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल को बाहर कर दिया गया। चयनकर्ताओं का भरोसा उनके पिछले रिकॉर्ड और मैच जिताने की क्षमतापर है। टीम के अंदर से भी उन्हें समर्थन मिल रहा है। तिलक वर्मा का मानना है कि सूर्यकुमार सिर्फ एक अच्छी पारी दूर हैं। अब न्यूजीलैंड के खिलाफहोने वाली टी20 सीरीज में सूर्यकुमार के पास खुद को साबित करने का अगला बड़ा मौका होगा। सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद की यूनिवर्सिटी मेंखराब फॉर्म पर खुलकर बात करते हुए इसे अपने करियर का लर्निंग फेज बताया। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं औरवह मेहनत के दम पर वापसी करने के लिए पूरी तरह सकारात्मक हैं।

कोडिन सिरप पर योगी का दो-टूक जवाब, ‘यूपी में एक भी मौत नहीं’, सपा पर फिर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोडिन कफ सिरप मामले पर यूपी विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में कफ सिरप से एक भी मौत नहीं हुईहै। इस मामले में एनडीपीएस के अंतर्गत कार्रवाई होगी, उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले को कोर्ट में लड़ा और जीता है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माताप्रसाद पांडेय पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस उम्र में व्यक्ति सच बोलने का आदी होता है, लेकिन समाजवादी इस उम्र में भी उनसे झूठ बोलवा देतेहैं। समाजवादियों को ऐसा नहीं करना चाहिए और उन्हें भी सच बोलने का आदी होना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक स्पीकर के रूप में सदन को आगेबढ़ाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की कार्रवाई की जानकारी भी सदन में रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले में अब तक 79 अभियोगदर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 225 अभियुक्त नामज़द हैं। 78 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और 134 फर्मों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई है।उन्होंने कहा कि मामले की गहराई में जाएंगे तो बार-बार यही तथ्य सामने आता है कि कहीं न कहीं समाजवादी पार्टी से जुड़ा कोई नेता या व्यक्तिइसमें संलिप्त पाया जाता है। अवैध लेन-देन भी लोहिया वाहिनी के एक पदाधिकारी के खाते के माध्यम से हुआ है। एसटीएफ पूरे प्रकरण की जांचकर रही है। सैरसपाटे के लिए इंग्लैंड चले जाएंगेउन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मुकदमा चलाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने इस लड़ाई को पूरी मजबूती से लड़ाहै और इसमें सफलता भी प्राप्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। सीएम ने बुलडोजर एक्शन को लेकरसमाजवादी पार्टी पर तंज कसा। कहा कि चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन की पूरी तैयारी रहेगी, उस समय चिल्लाइएगा नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे हों या एडल्ट, बिना चिकित्सीय परामर्श के कोई भी इसका सेवन नहीं कर सकता। खांसी होने पर हर कोई कफ सिरप लेताहै, लेकिन चिकित्सीय परामर्श से। उस पर यह अंकित भी होता है, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोगों का पढ़ाई-लिखाई से कोई वास्ता है नहीं, इसलिए आप लोग ऐसी बाते करते हैं। सीएम योगी ने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में यूपी के सबसे बड़े होलसेलर को एसटीएफ ने पकड़ा था।2016 में समाजवादी पार्टी ने उसे लाइसेंस जारी किया था। सीएम ने कहा कि देश में दो नमूने हैं। एक दिल्ली व दूसरा लखनऊ में बैठता है। जब देशमें कोई चर्चा होती है तो वह देश छोड़कर भाग जाते हैं। यही आपके बबुआ के साथ भी हो रहा है। आप चिल्लाते रहेंगे और बबुआ सैरसपाटे के लिएइंग्लैंड चले जाएंगे। इसका दुरुपयोग किया गयामुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोडिन कफ सिरप (नकली दवा) के कारण मौत की कोई भी बात शासन के संज्ञान में नहीं आयी है। समय-समय परएफएसडीए विभाग लगातार छापेमारी व कार्रवाई करती है। कंपनियों में भी इस प्रकार की कार्रवाई होती है। यूपी में कोडिन कफ सिरप के केवलस्टाकिस्ट व होलसेलर हैं। इसका यहां प्रोडक्शन नहीं होता। इसका प्रोडक्शन मध्य प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों में होता है। मौत के जो प्रकरणआए हैं, वह भी अन्य राज्यों के हैं। ऐसे प्रकरण तमिलनाडु में बने सिरप के कारण आए हैं। यह पूरा प्रकरण इललीगल डायवर्जन का है। इसके माध्यमसे होलसेलर (सहारनपुर, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी) ने इसे उन देशों व राज्यों में पहुंचाया है, जहां मद्य निषेध है। वहां नशे के आदीलोगों को इसे लेने की आदत है। वहां इसका दुरुपयोग किया गया है।