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इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें, 100 से ज्यादा बीमार, CM मोहन यादव का सख्त एक्शन, साजिश की आशंका

इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 लोगों की मौत और 100 से अधिक लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। कई अन्य लोग भी बीमार पड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया है। इस गंभीर घटना को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है, जबकि अपर आयुक्त और प्रभारी अधीक्षण यंत्री पर कड़ा एक्शन लिया है। इधर, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने घटना को लेकर साजिश की आशंका जताई है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को लेकर सोशल मीडिया X पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा कि आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव (नगरीय प्रशासन एवं विकास) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की। साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकताउन्होंने आगे लिखा कि इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए। इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए। पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि मामले की जांच अभी चल रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इतनी अधिक मौतों का वास्तविक कारण क्या था। उन्होंने यह भी कहा कि केवल गंदे पानी से इतनी मौतें होना संभव नहीं लगता और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना को लेकर आयुक्त से जवाब मांगाक्षेत्र के संजीवनी क्लीनिक के डॉक्टर जितेंद्र सिलावट ने बताया कि पानी में मौजूद कोई भी बैक्टीरिया आमतौर पर इतना खतरनाक नहीं होता कि उसकी वजह से सीधे मौत हो जाए। उन्होंने कहा कि उल्टी, दस्त और घबराहट के साथ अन्य कारणों से मृत्यु हो सकती है, लेकिन गंदगी में पनपने वाले बैक्टीरिया स्वयं मृत्यु का कारण नहीं बनते। घटना को लेकर विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है। प्रशासन और सरकार की ओर से गठित टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के पीछे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 मौतों और 100 से अधिक लोगों के बीमार होने के मामले में जांच जारी है। सीएम मोहन यादव ने घटना को लेकर आयुक्त से जवाब मांगा है और अपर आयुक्त तथा प्रभारी अधीक्षण यंत्री पर एक्शन लिया है। वहीं, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय और पार्षद ने साजिश की आशंका जताई है।

आतंकवाद पर भारत का साफ संदेश: आत्मरक्षा में क्या करना है, यह भारत तय करेगा बोले एस. जयशंकर

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा और कोई भी दूसरा देश ये तय नहीं कर सकता कि भारत अपने बचाव में क्या करेगा और क्या नहीं। आईआईटी मद्रास में आयोजित ‘शस्त्र 2026- आईआईटी मद्रास टेक्नो-एंटरटेनमेंट फेस्ट’ के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने ये बात कही। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा के लिए वो सबकुछ किया जाएगा, जो भी करने की जरूरत होगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. जयशंकर से भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, ‘आपके पड़ोसी बुरे भी हो सकते हैं। अगर हम पश्चिम की तरफ देखें तो पता चलता है कि दुर्भाग्य से हमारे साथ भी ऐसा है। अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद फैलाता है तो हमारे पास भी आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार मौजूद है और हम उसका इस्तेमाल भी करेंगे, लेकिन ये हम पर है कि हम इसका कैसे इस्तेमाल करते हैं। कोई हमें ये नहीं बता सकता कि क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अपनी सुरक्षा के लिए हम वो सबकुछ करेंगे, जो हमें करना चाहिए।’ पड़ोसी भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगेविदेश मंत्री ने कहा, ‘कई साल पहले हम जल बंटवारा समझौते पर सहमत हुए थे, लेकिन अगर आप दशकों तक आतंकवाद फैलाते हैं तो ये अच्छे पड़ोस वाली बात नहीं है और अगर आप अच्छे पड़ोसी नहीं है तो आप को इसके फायदे भी नहीं मिलेंगे। आप ये नहीं कह सकते कि कृपया हमारे साथ पानी साझा करें, लेकिन हम आतंकवाद जारी रखेंगे। ये नहीं हो सकता।’ भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, ‘जब हम अपने पड़ोसी देशों को देखते हैं, तो जो भी हमारे अच्छे पड़ोसी देश हैं, हम वहां निवेश करते हैं, उन देशों की मदद करते हैं। कोरोना के समय में भी हमारे पड़ोसियों को सबसे पहले वैक्सीन की मदद हमने ही की थी। श्रीलंका भी जब आर्थिक संकट से घिरा तो भारत ने ही उसकी मदद की और उसे चार अरब डॉलर की आर्थिक मदद दी। हमारे अधिकतर पड़ोसी देश ये मानते हैं कि भारत का विकास उनके लिए अच्छा है। अगर भारत विकास करेगा तो हमारे सभी पड़ोसी भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे। यही बात मैं बांग्लादेश के लिए कहना चाहता हूं।’

सोनिया गांधी के पास कैसे पहुंचा मुख्य आरोपी? केरल CM ने अदूर प्रकाश पर उठाए सवाल

सबरीमाला सोना चोरी मामले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) संयोजक और कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दरअसल, एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सबरीमला चोरी मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और अदूर प्रकाश एक साथ नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री विजयन ने पूछा कि पोट्टी, सोनिया गांधी तक कैसे पहुंचा। उन्होंने इस ओर भी इशारा किया कि आरोपी के अदूर प्रकाश से करीबी संबंध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अदूर प्रकाश का नाम इस मामले में तब सामने आया, जब यह तस्वीर सार्वजनिक हुई। विजयन ने कहा कि पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने इस तस्वीर का जिक्र किया था, जिसमें सोनिया गांधी के साथ पथनमथिट्टा से जुड़े दो लोग और उस समय के सांसद अदूर प्रकाश मौजूद थे। सभी लोग एक साथ कैसे इकट्ठा हुएविजयन ने कहा कि सोनिया गांधी के पास खड़े लोगों में से एक पोट्टी था, जो अब इस मामले में मुख्य आरोपी बनकर सामने आया है। कहा गया था कि पोट्टी को वहां ‘लाया गया’ था। सवाल यह है कि उसे पहली बार कहां लाया गया। उस मौके पर पोट्टी अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ अन्य लोग भी थे, जिनमें एक कारोबारी शामिल था, जिसे जांच टीम ने सोना खरीदने वाला व्यक्ति बताया है। मुख्यमंत्री ने कई सवाल उठाते हुए कहा कि इतने कड़े सुरक्षा घेरे में रहने वाली सोनिया गांधी तक ये दोनों लोग एक साथ कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि अदूर प्रकाश यह कहते हैं कि उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं थी और वे केवल बुलावे पर वहां गए थे। प्रकाश ने मुख्यमंत्री कार्यालय पर आरोप लगाए थे। विजयन ने सवाल किया कि क्या अदूर प्रकाश ऐसे व्यक्ति हैं जो पोट्टी के बुलाने पर हर जगह पहुंच जाते हैं और आखिर ये सभी लोग एक साथ कैसे इकट्ठा हुए। जांच के असली मुद्दों से ध्यान भटकानायह घटनाक्रम उस दावे के बाद सामने आया, जिसमें कांग्रेस सांसद अदूर प्रकाश ने कहा था कि सबरीमला सोना चोरी मामले में विशेष जांच की ओर से उन्हें पूछताछ के लिए बुलाए जाने से जुड़ी खबरों के पीछे मुख्यमंत्री कार्यालय और विजयन के राजनीतिक सचिव पी. सासी का हाथ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आरोप बार-बार लगाए जाते हैं और इनका मकसद जांच के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है।

ईवीएम पर जनता का भरोसा, कर्नाटक सर्वे ने कांग्रेस नेताओं के सवालों को किया खारिज

कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने 2024 के लोकसभा चुनाव पर सर्वे में ईवीएम पर जनता ने मजबूत भरोसा दिखाया है। राज्य सरकार की एजेंसी का सर्वे के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया, जिन्होंने चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। सर्वे का शीर्षक ‘नागरिकों के ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार पर किए गए अंतिम सर्वे का मूल्यांकन’ था। इसमें 83.61 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर भरोसा है। कुल मिलाकर 69.39 फीसदी प्रतिभागियों ने माना कि ईवीएम सही नतीजे देती है, जबकि 14.22 फीसदी ने इस बात से पूरी तरह सहमति जताई। यह सर्वे 5,100 प्रतिभागियों के बीच 102 विधानसभा क्षेत्रों में किया गया। इसमें बंगलूरू, बेलगावी, कलबुर्गी और मैसूर प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल किया गया। सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रहीआंकड़ों में सबसे अधिक भरोसा कलबुर्गी में देखा गया, जहां 83.24 फीसदी ने सहमति और 11.24 फीसदी ने पूरी सहमति जताई कि ईवीएम भरोसेमंद हैं। मैसूर में 70.67 फीसदी ने सहमति और 17.92 फीसदी ने पूर्ण सहमति जताई। बेलगावी में 63.90 फीसदी ने सहमति और 21.43 फीसदी ने पूरी सहमति जताई। बंगलूरू में पूर्ण सहमति सबसे कम 9.28 फीसदी रही। हालांकि 63.67 फीसदी ने सहमति जताई। बंगलूरू में तटस्थ मत सबसे अधिक 15.67 फीसदी रहे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर ईवीएम में हेराफेरी और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। इस सर्वे के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने एक्स पर लिखा, वर्षों से राहुल गांधी पूरे देश में यही कहानी सुनाते रहे हैं कि भारत का लोकतंत्र ‘खतरे’ में है, ईवीएम ‘अविश्वसनीय’ हैं और हमारे संस्थानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। लेकिन कर्नाटक ने बिल्कुल अलग कहानी बताई है। भाजपा ने कहा कि राज्यव्यापी सर्वे ने यह दिखाया कि लोग चुनाव, ईवीएम और भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, यह कांग्रेस के मुंह पर ‘एक तमाचा’ है। भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव मतपत्रों का उपयोग कर रही कर्नाटक सरकार की आलोचना की। पार्टी ने कहा, जनता का स्पष्ट भरोसा होने बावजूद सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक को पीछे ले जा रही है। स्थानीय चुनावों में के मतपत्रों की घोषणा कर रीह है, जो हेरफेर, देरी और दुरुपयोग के लिए जाना जाता है।

मुख्यमंत्री योगी ने बजट व्यय की समीक्षा, विभागों को समय पर खर्च के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय को लेकर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्ष द्वारा आवंटन, व्यय आदि की अद्धयावधिक प्रगति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का प्रस्तुतिकरण किया गया। देरी से समय से बजट व्यय नहीं हो पातामुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रमुख 20 विभागों के प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी प्रमुख विभाग के उच्च अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी विभाग समय से आवंटन बजट का इस्तेमाल करें ताकि परियोजनाएं और योजनाएं समय से पूरी हो सकें और प्रदेशवासी इन योजनाओं लाभ उठा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट को समय से खर्च करने के लिए अधिकारी निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करें। उन्होंने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वह इसमें तेजी लाएं। साथ ही बजट को समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय हो। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभाग के अधिकारी तुंरत निर्णय लें। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने में देरी से समय से बजट व्यय नहीं हो पाता है। ऐसे में निर्णय लेने में तेजी दिखाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी करेंमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है। इसमें तेजी लाने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपस में समन्वय बनाकर हर माह बैठक करें। उन्होंने ने वित्त विभाग को निर्देश दिये कि जिन विभागों के आवंटन बजट के कुछ अंश को अभी तक किंहीं कारणों से जारी नहीं किया गया है, उन विभागों को तत्काल बजट आवंटित करें। उन्होंने सभी प्रमुख 20 विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन विभागों को विभिन्न योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से बजट जारी किया जाता है। इसके लिए विभाग के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए पैरवी करें। इसके साथ ही केंद्र सरकार को पत्र लिखें और फोन से फालोअप करें। इसको लेकर मुख्य सचिव भी पहल करें। उन्होंने अपने कार्यालय को निर्देश दिये कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उनको चिह्नित करें और उनके विभाग के मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी करें।

पहलगाम हमले के बाद भी पाकिस्तान का भ्रम अभियान जारी, आतंक पर कार्रवाई से पहले कोई बातचीत नहीं

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को ढाका में पाकिस्तानी संसद के स्पीकर अयाज सादिक से शिष्टाचार के तहत हाथ मिलाया था। इसे लेकर अब पाकिस्तान खुद अपनी पीठ थपथपाने में जुट गया है। ऑपरेशन सिंदूर से मिले जख्मों की हताशा पाकिस्तान के बयानों में साफ नजर आई। पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व ने एस जयशंकर और अयाज सादिक के बीच हाथ मिलाने को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने की भरपूर कोशिश की। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी संसद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया कि यह हाथ मिलाना तब हुआ जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कार्यक्रम के दौरान अयाज सादिक से संपर्क किया। पाकिस्तानी संसद की ओर से जारी बयान में फर्जी दावा करते हुए कहा गया, ‘पहलगाम हमले के बाद से पाकिस्तान ने बिना उकसावे के आक्रामकता और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए शांति वार्ता और संयुक्त जांच के प्रस्तावों सहित संवाद, संयम और सहयोगात्मक उपायों पर लगातार जोर दिया है।’ निशाना बनाकर किए गए हमलों के लिए जवाबदेही जरूरीहालांकि, पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की पोल पहले ही खुल चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद लगातार भड़काऊ बयानबाजी करने में पाकिस्तानी नेताओं ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। वहीं, फर्जी दावों की बाढ़ लाने में भी पाकिस्तानी नेताओं और सेना का कोई सानी नहीं था। 2025 की शुरुआत में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों में काफी तनाव आ गया था। इस हमले के बाद भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए सुनियोजित राजनयिक और रणनीतिक उपाय किए। इनमें 1960 के ऐतिहासिक समझौते सिंधु जल संधि में भागीदारी का निलंबन भी शामिल था। भारत ने सीमा पार आवागमन और अन्य द्विपक्षीय गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगा दिया। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई और नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के लिए जवाबदेही जरूरी है। पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का काम बतायापहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू चलाया। इसमें पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शिविरों पर सटीक हमले किए। पहलगाम हमले के बाद इस साल की शुरुआत में दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़ने के बाद से वरिष्ठ स्तर पर यह कुछ चुनिंदा मुलाकातों में से एक थी। पहलगाम हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे, जिसे भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क का काम बताया था।

डेढ़ लाख नौकरियां, गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट UP 2026 की 10 बड़ी सौगातें

उत्तर प्रदेश के लिए वर्ष 2026 नई उम्मीदों और शानदार बदलावों का साल साबित होगा। युवाओं को डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों से लेकर गंगा एक्सप्रेसवे, जेवर एयरपोर्ट, पांचवां भूमि पूजन समारोह, वैश्विक निवेश, स्वास्थ्य और सुरक्षा क्षेत्र में प्रदेश को 10 बड़ी सौगातें मिलेंगी। ये न सिर्फ प्रदेश के आर्थिक विकास को रफ्तार देंगी, बल्कि आम लोगों का जीवन भी सुविधाजनक बनाएंगी। वर्ष 2026 में पुलिस विभाग 30 हजार आरक्षी, 5000 सब इंस्पेक्टरों की भर्ती करेगा। इसके अलावा 15 हजार विभिन्न पदों पर भर्ती होगी। शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक से लेकर प्रधानाचार्य तक के 50 हजार पदों पर भर्तियां होंगी। राजस्व विभाग में 20 हजार पदों पर भर्ती होगी। वहीं, कारागार, आवास विकास, बाल विकास पुष्टाहार, स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों में 30 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी। 36230 करोड़ रुपये खर्च हुएदिल्ली से सटे जेवर में जल्द ही देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने की उम्मीद है। ये एयरपोर्ट 3300 एकड़ जमीन पर 7000 करोड़ रुपये की लागत से बना है। ये एक रनवे के साथ शुरू होगा। भविष्य में इसमें पांच रनवे होंगे। यह एयरपोर्ट सालाना एक करोड़ यात्रियों की क्षमता का होगा, जबकि हर दिन औसतन 150 उड़ानें संचालित होंगी। इस साल राज्य की सबसे लंबी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास की रफ्तार भी बढ़ाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे करीब 594 किमी लंबा है, जो मेरठ को प्रयागराज से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के 12 जिलों और 518 गांवों से गुजरेगा। इसके निर्माण में 36230 करोड़ रुपये खर्च हुए। कई नवाचारों को जोड़ा जाएगावर्ष 2026 की शुरुआत में ही सरकार पांचवीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी) की तैयारी में हैं। इसके जरिये 5 लाख करोड़ से ज्यादा की निवेश परियोजनाएं जमीन पर उतारी जाएंगी। सरकार ने दोनों कार्यकाल में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिये 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतारकर 60 लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरी व रोजगार प्रदान किया है। योगी सरकार साल 2026 में एक और वैश्विक निवेशक सम्मेलन कराने पर विचार कर रही है। साल 2023 में 35 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों को देखते हुए 2026 में यह आयोजन अधिक भव्य हो सकता है। इसके लिए औद्योगिक विकास विभाग और इन्वेस्ट यूपी ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को रफ्तार देने के लिए ऑनलाइन सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम का अगला संस्करण निवेश मित्र 3.0 वर्ष 2026 में सबके सामने होगा। इसमें कई नवाचारों को जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक निवेशक हितैषी हो सके।

शेख हसीना का संदेश: “आइए, देश को अंधकार से बचाने के लिए एकजुट हों नए साल पर देशवासियों से अपील

बांग्लादेश में आम चुनावों से पहले बने अस्थिरता के माहौल से उपजी हिंसा फिलहाल थमती नजर आ रही है। इस बीच बांग्लादेश अवामी लीग की अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नए साल पर एक संदेश जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पार्टी की ओर से साझा किए गए नव वर्ष संदेश में लोगों से ‘देश को अंधकार के इस सफर से बचाने’ के लिए एकजुट होने का आह्वान किया और 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं। बांग्लादेश अवामी लीग के आधिकारिक एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में शेख हसीना ने कहा, ‘मेरे प्यारे बांग्लादेश को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। यह नव वर्ष बांग्लादेश के सभी लोगों के लिए असीम सद्भाव, खुशी और समृद्धि लेकर आए।” उन्होंने कहा, ‘यह अतीत के दुखों और कष्टों को मिटा दे। गलतियों और कमियों को सुधारे और सभी के लिए एक यादगार वर्ष बन जाए।’ देश को अंधकार की ओर धकेल दियाशेख हसीना ने कहा, ‘यह मेरा सबसे बड़ा सपना और जीवन भर का संघर्ष रहा है कि यह देश वास्तव में अपने सभी लोगों का हो- चाहे उनका धर्म, रंग, वर्ग, पेशा या जातीय पहचान कुछ भी हो।’ अपने संदेश में अवामी लीग की अध्यक्ष ने देश के खिलाफ साजिशों का जिक्र करते हुए कहा, ‘देश को नष्ट करने की साजिश रचने वाले षड्यंत्रकारियों के नकाब और घिनौने चेहरे आपके सामने उजागर हो चुके हैं।” उन्होंने अज्ञात ताकतों पर बांग्लादेश को संकट में धकेलने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘आपने देखा है कि कैसे अवैध तरीके से हड़पने वालों ने, आपको बंधक बनाकर, असीमित भ्रष्टाचार, झूठ और व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के नशे के जरिये से देश को अंधकार की ओर धकेल दिया है।’ आज सवालों के घेरे मेंशेख हसीना ने लोगों से एकता की अपील करते हुए कहा, ‘हमें देश को अंधकार के इस सफर से बचाने के लिए एकजुट होना होगा।’ उन्होंने लोगों से साल की शुरुआत में सामूहिक प्रतिबद्धता निभाने का आग्रह किया और कहा, ‘आइए, नए साल का स्वागत करते हुए हम राष्ट्र की रक्षा करने की उस प्रतिबद्धता को निभाने का संकल्प लें।’ बांग्लादेश के इतिहास और पहचान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘देश की विशिष्ट पहचान और मुक्ति के लिए उसका ऐतिहासिक संघर्ष- वह बांग्लादेश जिसके लिए मेरी सरकार ने विश्व में इसे गरिमापूर्ण स्थान दिलाने के दृढ़ संकल्प के साथ अथक प्रयास किया- आज सवालों के घेरे में है।’

AAP ने यमुना किनारे किया हवन, बीजेपी सरकार के कथित पापों की माफी की अपील!

जहां एक तरफ दुनिया भर में चर्चा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की जगह ले लेगा, वहीं महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर एक अलग और सकारात्मक नजरिया पेश किया है। अपने कर्मचारियों को भेजे नए साल के संदेश में उन्होंने कहा कि एआई उद्योगों को बर्बाद करने वाला खतरा नहीं, बल्कि काम की रफ्तार बढ़ाने वाला एक एक्सिलरेटर है। उनका मानना है कि तकनीक जब हुनरमंद हाथों के साथ मिलती है, तो वह उन हाथों की वैल्यू को कई गुना बढ़ा देती है। तालमेल बिठाकर काम कर सकतेजहां एक तरफ दुनिया भर में चर्चा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानों की जगह ले लेगा, वहीं महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने इस पर एक अलग और सकारात्मक नजरिया पेश किया है। अपने कर्मचारियों को भेजे नए साल के संदेश में उन्होंने कहा कि एआई उद्योगों को बर्बाद करने वाला खतरा नहीं, बल्कि काम की रफ्तार बढ़ाने वाला एक एक्सिलरेटर है। उनका मानना है कि तकनीक जब हुनरमंद हाथों के साथ मिलती है, तो वह उन हाथों की वैल्यू को कई गुना बढ़ा देती है। आनंद महिंद्रा ने एक बहुत ही दिलचस्प बात कही कि एआई की मदद से अब ब्लू कॉलर (फैक्ट्री या मशीनों पर काम करने वाले) श्रमिक गोल्ड कॉलर पेशेवर बन जाएंगे। उन्होंने विस्तार से बताया कि जब एक तकनीशियन या कारीगर एआई और डिजिटल टूल्स का उपयोग करना सीख जाएगा, तो उसका काम पहले से कहीं ज्यादा कीमती, सम्मानजनक और अधिक कमाई वाला हो जाएगा। भविष्य में उन लोगों की कद्र और बढ़ेगी जो न केवल मशीनों को समझते हैं, बल्कि एआई के साथ तालमेल बिठाकर काम कर सकते हैं। विकास के नए रास्ते बनाएंगेस्किल डेवलपमेंट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए महिंद्रा ने तेलंगाना की यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के बोर्ड चेयरमैन की जिम्मेदारी संभालने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान युवाओं को भविष्य की हाई-टेक दुनिया के लिए तैयार करेगा। इसके साथ ही महिंद्रा ट्रैक्टर्स और टेक महिंद्रा की एकेडमियां भी युवाओं को एआई और आधुनिक तकनीकों में माहिर बनाने के मिशन पर काम कर रही हैं। साल 2025 की उपलब्धियों पर बात करते हुए आनंद महिंद्रा ने बताया कि अब महिंद्रा को सिर्फ एक मजबूत और भरोसेमंद घरेलू ब्रांड ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक और फ्यूचर रेडी ब्रांड के रूप में देखा जा रहा है। एसयूवी (SUV), खेती के उपकरण और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स (EV) के क्षेत्र में मिली सफलता ने साबित किया है कि कंपनी भविष्य की तकनीक में महारत हासिल कर रही है। उन्होंने अंत में कर्मचारियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि दुनिया भले ही अनिश्चित हो, लेकिन हम मिलकर विकास के नए रास्ते बनाएंगे।

नए साल 2026 की शुरुआत: उत्तर भारत में भीषण ठंड और घने कोहरे ने रोका सफर, 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित!

नए साल के आगाज के साथ राष्ट्रीय राजधानी समेत समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठिठुरन रही। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। सड़क, रेल एवं हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से जिंदगी ठहर गई है। दिल्ली और श्रीनगर में 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है। अभी राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही। उत्तर भारत में चार से पांच दिन घना कोहरा बना रह सकता है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में बारिश के भी आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, यूपी, ओडिशा व मेघालय के कुछ हिस्सों में मंगलवार की रात से बुधवार सुबह तक घना कोहरा छाया रहा। ज्यादातर जगहों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम रह गई। प. बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, बिहार, मध्य प्रदेश और असम के अलग-अलग इलाकों में भी घना कोहरा छाया रहा। तीखी सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। आईएमडी के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि जब तापमान कम होता है, हवाएं हल्की होती हैं और नमी का स्तर अधिक होता है, तब कोहरा बनता है और दिन में अधिक देर तक रहता है। चूंकि, कोहरा सूरज की रोशनी को रोकता है, इसलिए दिन में ज्यादा ठंड महसूस होती है। दिल्ली-एनसीआर में दिनभर धूप नहीं खिलने से दृश्यता गिर गई। इसका सर्वाधिक असर ट्रेनों व उड़ानों पर पड़ा। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता के कारण कम से कम 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। भारी गिरावट के कारण शीत दिवस की चेतावनी दीमैदानी राज्यों में शीतलहर से तापमान में गिरावट आई है। पंजाब में अमृतसर में सबसे कम 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। हरियाणा में रोहतक सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और राजस्थान के करौली में सबसे कम 4.6 डिग्री तापमान दज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान व यूपी समेत मैदानी राज्यों में एक जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी यूपी और हिमाचल प्रदेश में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है, जबकि बिहार में गंभीर शीत दिवस की स्थिति की चेतावनी दी गई है। कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा हिमपात हुआ है। इनमें बांदीपोरा का गुरेज, बारामूला का गुलमर्ग और कुपवारा का मच्छिल शामिल हैं। मौसम विभाग ने एक और दो जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में गरज के साथ भारी बारिश, वज्रपात और बर्फबारी की संभावना जताई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ जमने से सड़कें बंद होने और सामान्य आवाजाही प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। हिमाचल, उत्तराखंड में तीन जनवरी तक बारिश व बर्फबारी के आसार हैं। यूपी के 14 जिलों में बृहस्पतिवार को बारिश होने की संभावना है। 35 जिलों में दिन के तापमान में भारी गिरावट के कारण शीत दिवस की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में बारिश के आसार बने हुएदिल्ली में बुधवार छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) व अधिकतम 14.2 डिग्री रहा जो कि सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। अधिकतम तापमान 2020 के बाद से सबसे कम दैनिक तापमान है। इससे पूर्व 31 दिसंबर, 2019 को अधिकतम तापमान 9.4 डिग्री रहा था। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री व न्यूनतम 7.4 डिग्री, नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।नए साल 2026 की शुरुआत उत्तर भारत में भीषण ठंड और घने कोहरे से हुई। बुधवार को 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित रहीं, पहाड़ों पर बर्फबारी हुई और दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार बने हुए हैं।