प्रधानमंत्री मोदी ने INSV कौंडिन्य की टीम को नए साल से पहले दी विशेष शुभकामनाएं, भारत की समुद्री विरासत को बनाया गौरव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल से पहले भारतीय नौसेना के ऐतिहासिक नौकायन पोत INSV कौंडिन्य की टीम का उत्साह बढ़ाया है। पीएम मोदी ने समुद्र में यात्रा कर रही टीम की एक तस्वीर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा करते हुए उनके जोश और समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री ने लिखा कि आईएनएसवी कौंडिन्य की टीम से यह तस्वीर पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही देश वर्ष 2026 में प्रवेश करने जा रहा है, समुद्र के बीच इस ऐतिहासिक अभियान पर निकली टीम को उनकी विशेष शुभकामनाएं हैं और आशा है कि आगे की यात्रा भी सफलता और आनंद से भरी होगी। आईएनएसवी कौंडिन्य को सोमवार को गुजरात के पोरबंदर से ओमान के लिए रवाना किया गया था। इस अवसर पर पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन मौजूद रहे। साथ ही भारत में ओमान के राजदूत ईसा सालेह अल शिबानी भी इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। मिशन को और अधिक प्रेरणादायक बना दियारक्षा मंत्रालय के अनुसार, आईएनएसवी कौंडिन्य भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं से प्रेरित एक अनोखा पोत है। यह पूरी तरह लकड़ी से बना है और इसे पारंपरिक स्टिच्ड-प्लैंक तकनीक से तैयार किया गया है। आधुनिक जहाजों के विपरीत, इसके लकड़ी के तख्तों को नारियल की रस्सियों से सिला गया है और प्राकृतिक रेज़िन से सील किया गया है। यह तकनीक कभी भारत के तटीय क्षेत्रों और हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रचलित थी। आईएनएसवी कौंडिन्य इतिहास, कारीगरी और आधुनिक नौसैनिक कौशल का दुर्लभ संगम है, जो भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। आईएनएसवी कौंडिन्य की यह यात्रा केवल एक नौसैनिक अभियान नहीं, बल्कि भारत और ओमान के बीच ऐतिहासिक समुद्री संबंधों की भी याद दिलाती है। पीएम मोदी की शुभकामनाओं ने इस मिशन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया है, जो नए साल में भारत की सांस्कृतिक और समुद्री पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करेगा।
बीजेपी दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष में जल्द हो सकता है बड़ा बदलाव, नए चेहरे की संभावना तेज!

भाजपा आलाकमान के पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद पर नितिन नबीन की नियुक्ति के बाद अब उन प्रदेशों के अध्यक्ष बनाने की शुरूआत होने वाली है, जहां संगठन के चुनाव नहीं हुए हैं। बताया जा रहा कि 15 जनवरी को खरमास समाप्त होने के बाद इस संबंध में दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की भी प्रक्रिया शुरू होगी। इस बार मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा मौका मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। पार्टी के अंदरूनी बातों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए यह संकेत मिल रहे हैं कि संगठन की कमान किसी नए और चौंकाने वाले चेहरे को सौंपी जा सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा अवसर देना होता तो कुछ प्रदेशों की तरह उनकी नियुक्ति पहले ही कर दी जाती, लेकिन दिल्ली में ऐसा न होना इस बात की ओर इशारा है कि केंद्रीय नेतृत्व संगठनात्मक बदलाव के मूड में है। सचदेवा को दूसरा कार्यकाल न देने के पीछे दिल्ली सरकार और दिल्ली के कुछ सांसदों से उनके संबंध अपेक्षित रूप से सहज न होना एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। लेकिन संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरा सामने आ सकतासंगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की कमी को लेकर भी शीर्ष नेतृत्व में असंतोष की चर्चा है। इसके अलावा हाल ही में एमसीडी के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव भी वीरेंद्र सचदेवा के खिलाफ जा रहे हैं। इन उपचुनावों में भाजपा को पहले की तुलना में कम सीटें मिलना पार्टी के भीतर नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है। एमसीडी में भाजपा पार्षदों के बीच जारी गुटबाजी को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व पर उंगलियां उठ रही हैं। कई वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि आपसी खींचतान को नियंत्रित नहीं किया जा रहा है और इसका सीधा असर एमसीडी की राजनीति और पार्टी की छवि पर पड़ रहा है। यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव को अब अपरिहार्य माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन की तरह ही दिल्ली में भी कोई अपेक्षाकृत नया या कम चर्चित, लेकिन संगठनात्मक रूप से मजबूत चेहरा सामने आ सकता है। एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रहीहालांकि संभावित नामों की सूची लंबी है। उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद योगेंद्र चांदोलिया, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के अलावा एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित करीब एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है। हालांकि संभावित नामों की सूची लंबी है। उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद योगेंद्र चांदोलिया, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज के अलावा एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल सहित करीब एक दर्जन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है।
बीजेपी अटल स्मृति सम्मेलन में गुटबाजी का खुलासा, महानगर अध्यक्ष और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट

भाजपा के अटल स्मृति सम्मेलन में 31 दिसंबर को क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के सामने संगठन की गुटबाजी सतह पर आ गई। हैबिटेट सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में महानगर अध्यक्ष व कुछ कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हो गई। उनके गनर ने रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ हाथापाई और मारपीट हो गई। आरोप उसे थप्पड़ जड़ने का भी लग रहा है। बाद में अन्य नेताओं के गनरों व नेताओं के बीच बचाव करने पर मामला शांत हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर धक्का-मुक्की और मारपीट करने का आरोप लगाया है। सिपाही ने मामले में एसएसपी को लिखित शिकायत दे दी है। घटनाक्रम के अनुसार मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य हैबिटेट सेंटर स्थित ऑडिटोरियम में जाने से पहले पांचवें माले पर थे, जब वे ऑडिटोरियम में जाने लगे तो अनुसूचित मोर्चा कार्यकर्ता राकेश सहाय और कुछ अन्य कार्यकर्ताओं ने उनके साथ फोटो खिंचवाने का प्रयास किया। तभी महानगर अध्यक्ष इंजीनियर राजीव शर्मा का धक्का लगने पर उनमें तड़का- भड़की हो गई। इसके बाद जब मंच पर कार्यक्रम चल रहा था, तब राकेश सहाय, पूर्व मंडल अध्यक्ष संजय शर्मा, गोरांग तिवारी आदि कार्यकर्ता मंच पर क्षेत्रीय अध्यक्ष का स्वागत करने के लिए जाने लगे, तभी उन्हें महानगर अध्यक्ष ने रुकने का इशारा किया। महानगर अध्यक्ष के गनर ने उन्हें मंच पर चढ़ने से रोक दिया। इस पर यहां भी धक्का-मुक्की के हालात बन गए, किसी तरह उस समय भी बात संभली, लेकिन गनरों को कार्यक्रम से बाहर करने की आवाज उठने लगी। इसी बात पर दोनों में जमकर बहस हो गईइसके बाद कार्यक्रम समाप्त होने पर सभी लोग नीचे आ गए। अब उन्हीं कार्यकर्ताओं ने फिर से क्षेत्रीय अध्यक्ष के गाड़ी में सवार होने से पहले फोटो खिंचवाने का प्रयास किया। आरोप है कि उस समय उनकी महानगर अध्यक्ष से धक्का-मुक्की हो गई और विवाद बढ़ गया। दोनों गुटों में गरमा-गरमी होने लगी। इसी बीच जब उनका सिपाही (गनर) अनूप कुमार बीच में आए तो उनसे भी धक्का-मुक्की हुई। आरोप है कि बात इतनी बढ़ गई कि राजीव शर्मा के क्षेत्रीय अध्यक्ष संग गाड़ी में सवार होने के बाद भीड़ में कुछ कार्यकर्ताओं ने गनर अनूप संग हाथापाई करते हुए थप्पड़ तक जड़ दिए गए। अन्य गनर व कुछ नेताओं ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। इस घटनाक्रम के बाद ज्यादातर नेता अपनी अपनी गाडिय़ों में सवार होकर चले गए। तभी वहां महानगर अध्यक्ष खेमे की महिला नेता व महानगर के एक मंडल की उपाध्यक्ष ने मारपीट करने वालों पर शराब पीकर आने का आरोप लगा दिया। कुछ कार्यकर्ताओं ने उसकी यह टिप्पणी सुन ली तो तीखा जवाब दे दिया। इसी बात पर दोनों में जमकर बहस हो गई। उसे भी कुछ लोगों ने शांत कराया। क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने विषय रख दियाइस घटनाक्रम की खबर पर उसी समय सिविल लाइंस पुलिस वहां पहुंच गई थी। देर शाम गनर अनूप ने महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा संग एसएसपी से मुलाकात की। अनूप ने एसएसपी को पूरा विषय बताते हुए लिखित में शिकायत दी है। इसमें राकेश सहाय व उसके कुछ साथियों पर हाथापाई और धक्कामुक्की करने का आरोप लगया गया है। एसएसपी नीरज जादौन ने बताया कि महानगर अध्यक्ष ने घटना की जानकारी दी है। सिपाही ने भी लिखित में शिकायत दी है। इसकी जांच कराई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जो स्थिति पाई जाएगी, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। महानगर अध्यक्ष इंजी.राजीव शर्मा का कहना है कि राकेश सहाय ने कार्यक्रम में आगे-पीछे आने पर कई बाद धक्का मुक्की की। ये सब उन्होंने किस वजह से किया, ये तो नहीं कहा जा सकता। मगर जब गनर ने उन्हें रोका तो गनर के साथ भी उन्होंने साथियों संग हाथापाई कर दी। यह वरिष्ठ नेताओं व अतिथियों के सामने पार्टी की नीतियों के खिलाफ किया गया कृत्य है। कुछ नेताओं का इशारा होना संभव है। हमने क्षेत्रीय अध्यक्ष के सामने विषय रख दिया है। बाकी पार्टी परिवार का मामला है। इसलिए कोई शिकायत करने का मतलब नहीं है।
नए साल 2026 में दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का वादा, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दी शुभकामनाएं

नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा। उन्होंने कहा कि 2025 में सरकार ने तैयारियां कीं और कई अहम फैसले लिए, अब 2026 में पुरानी समस्याओं का समाधान जमीन पर उतारने का समय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 कई मायनों में चुनौतीपूर्ण रहा। इस दौरान सरकार को नई जिम्मेदारियां मिलीं और काम करने के कई अवसर भी आए। कुछ लोगों ने सरकार के काम को भटकाने की कोशिश की। इसके बावजूद सरकार ने वे फैसले लिए जिनका दिल्ली लंबे समय से इंतजार कर रही थी। एजुकेशन बिल लाए, आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अटल कैंटीन की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए भी अहम सुधार किए गए, ताकि व्यापारियों और उद्यमियों को राहत मिल सके। दिल्ली में एंड टू एंड कारपेटिंग सड़कों का काम शुरू हुआ। बेहतर सफाई के लिए नई मशीनें लाई गईं। खुले में अलाव जलाने पर रोक लगाई गई। उन्होंने कहा कि ये सभी कदम एक शुरुआत हैं और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगामुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को कई समस्याएं विरासत में मिली हैं, जिनका समाधान 2026 में प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 2026 में दिल्ली के कूड़े के पहाड़ खत्म होंगे। विजन 2047 के तहत सरकार हर उस समस्या का समाधान करेगी, जिसकी उम्मीद दिल्लीवासी करते हैं। उन्होंने सभी को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि 2026 दिल्ली के लिए नई उम्मीद, नई ऊर्जा और नई खुशियां लेकर आएगा। नए साल 2026 की शुरुआत पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि आने वाला साल दिल्ली के लिए बदलाव और समाधान का साल होगा।
नवनियुक्त ईरानी राजदूत फथअली भारत के साथ व्यापार, तकनीक और सुरक्षा सहयोग को मजबूती देंगे

ईरान ने भारत के साथ क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। भारत में ईरान के नवनियुक्त राजदूत मोहम्मद फथअली ने कहा कि दोनों देश स्वतंत्र नीतियों और राष्ट्रीय हितों का सम्मान करते हुए चरमपंथी हिंसा के खिलाफ अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।राजदूत फथअली ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्तों में आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटना प्रमुख सहयोग क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने भारत की उभरती तकनीकी क्षमता, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और सांस्कृतिक कूटनीति की भी सराहना की और कहा कि इन क्षेत्रों में साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं। संपर्क से व्यापारिक बाधाओं को दूर किया जा सकताईरानी राजदूत ने कहा कि चाबहार बंदरगाह परियोजना भारत-ईरान सहयोग का ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में संपर्क और व्यापार को बढ़ाने का अहम आधार है। यह परियोजना मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक भारत की पहुंच को मजबूत करती है और क्षेत्रीय स्थिरता में भी योगदान देती है। फथअली ने बताया कि ईरान लंबे समय से आतंकवाद का शिकार रहा है और इस लड़ाई में उसने अपने कई शीर्ष सैन्य कमांडर और जवान खोए हैं। उन्होंने मई में भारत की आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों और पश्चिम एशिया में ईरान के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि यह संघर्ष दोनों देशों की साझा चिंता है। ईरानी राजदूत ने कहा कि आतंकवाद विरोधी अभियानों में ईरान ने महत्वपूर्ण विशेषज्ञता विकसित की है, जिसे वह भारत जैसे मित्र देशों के साथ साझा करना चाहता है।डॉ. इराज इलाही के उत्तराधिकारी के रूप में पद संभालने वाले फथअली ने भरोसा दिलाया कि वह भारत के साथ राजनीतिक संवाद की निरंतरता, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग, नवीकरणीय ऊर्जा, उभरती तकनीकों और निजी क्षेत्र की भागीदारी को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टिकाऊ वित्तीय व्यवस्थाओं और दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच सीधे संपर्क से व्यापारिक बाधाओं को दूर किया जा सकता है।
बरेली के डेन कैफे में बर्थडे पार्टी के दौरान हंगामा, छह आरोपी हिरासत में “जानें क्या है पूरा मामला”

बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर के डेन कैफे में नर्सिंग की छात्रा के जन्मदिन की पार्टी के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट का मामला गरमाताजा रहा है। मामला हिंदू मुस्लिम आधार पर सोशल मीडिया पर बहस का मुद्दा बन गया है। प्रेमनगर थाना प्रभारी अपने फैसलों को लेकर सोशलमीडिया पर कटाक्ष का शिकार हो रहे हैं तो सीओ प्रथम की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना के मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर ने भगवागमछा गले में डालकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। उसने खुद को और अपने साथियों को निर्दोष बताया है। कहा है कि दूसरे समुदाय केलड़कों के साथ उस लड़की को देखकर उन लोगों ने विरोध किया था। मैंने कुछ गलत नहीं किया था। वे लोग केवल धार्मिक आधार पर उन लड़कोंकी हरकत का विरोध कर रहे थे। अब पुलिस उनके पीछे पड़ी है। उनके पिता को सुभाषनगर थाने में बैठा रखा है। आरोपी ने हाथ जोड़कर सीएम योगीसे उचित कार्रवाई करवाने की गुहार लगाई। जिले की सीमा से बाहर छोड़ा जा सकेबजरंग दल के सह विभाग संयोजक आर्यन चौधरी ने इस मामले में सीओ प्रथम को घेरने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा है कि सीओ प्रथम कीमानसिकता हमेशा से धर्म विरोधी रही है और इसीलिए उनके इलाके में धर्म परिवर्तन जैसी गतिविधियां चल रही हैं, जिनके प्रमाण वह उपलब्ध करासकते हैं। इधर, सुभाषनगर थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह का कहना है कि ऋषभ ठाकुर को जिला बदर करने का आदेश अगस्त में ही हो चुका है। वहपुलिस को आज तक नहीं मिल सका है ताकि उसे नोटिस तामील करके जिले की सीमा से बाहर छोड़ा जा सके। उस पर चोरी व जानलेवा हमले केमामले दर्ज हैं। इन मुकदमों से जुड़ी अखबार की खबरों की कटिंग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। छह आरोपियों को हिरासत में ले लियाराजेंद्रनगर स्थित डेन कैफे में शनिवार रात कुछ युवकों ने छात्रा की बर्थडे पार्टी में ग्राहकों व कर्मचारियों से मारपीट, गाली-गलौज की थी। कैफे मेंतोड़फोड़ भी की गई। मना करने पर जान से मारने की धमकी देकर हंगामा काटा गया। कैफे संचालक ने सुभाषनगर निवासी बजरंग दल कार्यकर्ताऋषभ ठाकुर व मिनी बाइपास रोड निवासी दीपक पाठक समेत 20-25 अन्य पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रेमनगर थाना पुलिस सीसी फुटेज व वीडियोसमेत अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी में जुट गई है। सीओ प्रथम आशुतोष शिवम ने बताया कि नामजद आरोपियों के अलावापुलिस की जांच में वीर सावरकर नगर निवासी प्रिंस सिंह, आकाश, आशीष उर्फ पारस जौहरी, गगन विहार कॉलोनी निवासी मृदुल उर्फ मनीष दुबे वबन्नूवाल नगर निवासी दीपक पुत्र कालीचरन का नाम प्रकाश में आया। एक नाबालिग आरोपी के भी शामिल होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी छहआरोपियों को हिरासत में ले लिया। सोमवार को पांच आरोपियों का चालान कर कोर्ट और नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
अमित शाह का बांग्लादेश बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर ममता सरकार पर तंज, 450 किमी खुला बॉर्डर, चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा

पश्चिम बंगाल के दौरे पर आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बांग्लादेश से लगते बॉर्डर पर फेंसिंग को लेकर ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार है, वह जमीन नहीं दे रही। इसके चलते सीमा पर ‘फेंसिंग’ लगाने का काम नहीं हो पा रहा है।बंगाल के लोग घुसपैठ को लेकर चिंतित हैं। भाजपा सरकार, इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। हम न केवल घुसपैठियों की पहचान करेंगे, बल्किउन्हें बाहर भी निकालेंगे। गृह मंत्री ने इसके लिए एक राष्ट्रीय ग्रिड का निर्माण करने की बात भी कही। अगले साल पश्चिम बंगाल के चुनावी दंगल में’फेंसिंग’ एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री संसद में कह चुके हैं कि 10 रिमाइंडर देने पर भी ममता सरकार, फेंसिंग लगाने केलिए जमीन नहीं दे रही। पश्चिम बंगाल से लगता 450 किमी बॉर्डर पूरी तरह से खुला पड़ा है। पिछले 11 वर्ष में बांग्लादेश से लगती सीमा के विभिन्नहिस्सों पर 21000 बांग्लादेशी घुसपैठिये गिरफ्तार किए गए हैं। कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखीमंगलवार को कोलकाता में एक प्रेसवार्ता के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, पश्चिम बंगाल से घुसपैठ खत्म करने के लिए मजबूत ‘ग्रिड’ बनेगा। यह ग्रिड ऐसा होगा कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। 2026 का विधानसभा चुनाव, राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। अमित शाह नेपश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दावा किया है कि साल 2026 में यहां पर भाजपा की सरकार बनेगी। टीएमसीसरकार के 15 साल के कार्यकाल में पश्चिम बंगाल ने घुसपैठ के कारण डर, भ्रष्टाचार, कुशासन और नागरिकों के बीच चिंता देखी है। ये ऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगीकेंद्रीय गृह मंत्री ने लोकसभा में ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल’ 2025 पर चर्चा के दौरान बताया था कि पश्चिम बंगाल से लगते बांग्लादेश बॉर्डर पर450 किलोमीटर के क्षेत्र में फेंसिंग नहीं हुई है। वजह, पश्चिम बंगाल सरकार, जमीन नहीं दे रही है। जब कभी फेंसिंग लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ती हैतो टीएमसी के कार्यकर्ता गुंडागर्दी और धार्मिक नारेबाजी करने लगते हैं। पश्चिम बंगाल में 2216 किलोमीटर लंबी सीमा, बांग्लादेश से सटी हुई है।इसमें से 1653 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर फेंसिंग लग चुकी है। लगभग 563 किलोमीटर लंबा बॉर्डर आज भी खुला है। इसमें से 112 किलोमीटरक्षेत्र में नदी, नाले व ऊँचाई वाली जगह हैं। यहां पर भी फेंसिंग का प्रयास किया गया है, लेकिन 450 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग होना बाकी है। शाहने लोकसभा में बताया था कि इसके लिए दस रिमाइंडर दिए गए हैं। इसके बाद भी पश्चिम बंगाल सरकार ने फेंसिंग के लिए जमीन नहीं दी। इस बाबतकेंद्रीय गृह सचिव और बंगाल के मुख्य सचिव के बीच आधा दर्जन से ज्यादा बार मीटिंग हुई हैं। कई जगह ऐसी हैं, जब वहां फेंसिंग होती है तोसत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता हुड़दंग मचाने लगते हैं। बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्य की सीमा लगतीहै। इसमें से पश्चिम बंगाल की सीमा सबसे लंबी है। भारत-बांग्लादेश के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 4096.70 किलोमीटर है। इसमें से3239.92 किलोमीटर, यानी 79.08 प्रतिशत क्षेत्र पर बाड़ लगाई गई है। इस सीमा पर 856.778 किलोमीटर क्षेत्र, मतलब 20.92 प्रतिशत, येऐसा इलाका है, जहां बाड़ नहीं लगी है।
देहरादून में नस्लीय हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, एंजेल चकमा की मौत पर न्यायिक कार्रवाई की मांग

देहरादून में त्रिपुरा के 24 साल एक छात्र एंजेल चकमा की मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक पीआईएलदायर की गई है, जिसमें पूर्वोत्तर राज्यों और दूसरे सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा को रोकने की मांग की गई है।इसके साथ ही याचिका में लगातार हो रही संवैधानिक नाकामी को दूर करने के लिए न्यायिक दखल की भी अपील की गई है। बता दें कि एंजेलचकमा की 27 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में नस्लीय हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई थी। याचिका के अनुसार, त्रिपुरा केउनाकोटी जिले के मछमारा निवासी 24 वर्षीय एंजेल चकमा 27 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई इलाके में हुए एक नस्लीय हमले में गंभीर रूप सेघायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वह एमबीए की पढ़ाई के लिए देहरादून आए थे और घटना के वक्त अपने छोटे भाई माइकलके साथ थे। दिशा-निर्देश बनाने की मांग की गईएंजेल चकमा के परिवार ने सभी आरोपियों के लिए फांसी या कम से कम आजीवन कारावास की मांग की है। परिवार का कहना है कि यह हमलाअचानक नहीं था, बल्कि नस्लीय नफरत से प्रेरित था। घटना के दौरान दोनों भाइयों पर हमला किया गया और एंजेल के गले और रीढ़ की हड्डी में गंभीरचोटें आईं। दिल्ली के वकील अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा दायर पीआईएल में केंद्र सरकार के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों कोपक्षकार बनाया गया है। याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के उल्लंघन का हवाला देते हुए नस्लीय हिंसा को रोकने के लिए स्पष्टदिशा-निर्देश बनाने की मांग की गई है। इसमें ‘रेशियल स्लर’ को अलग श्रेणी का घृणा अपराध मानने और उसके लिए सजा तय करने की भी अपीलकी गई है। दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पातीपीआईएल में केंद्र और राज्यों से नस्लीय अपराधों के लिए एक स्थायी नोडल एजेंसी या आयोग बनाने की मांग की गई है। साथ ही हर जिले औरमहानगर में विशेष पुलिस इकाई गठित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत दर्ज हो और कार्रवाई हो सके। याचिका मेंकहा गया है कि एंजेल चकमा की हत्या कोई अकेली घटना नहीं है। इसमें 2014 में नीदो तानियाम की मौत और महानगरों में पूर्वोत्तर के छात्रों वकामगारों पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया गया है। याचिका के मुताबिक, नस्लीय मंशा को जांच के शुरुआती चरण में दर्ज न करने से ऐसे अपराधसामान्य मामलों में बदल जाते हैं और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पाती।
ममता बनर्जी का आरोप एसआईआर से बंगाल में प्रताड़ना, भाजपा पर जमकर हमला

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया किपश्चिम बंगाल में ही एसआईआर प्रक्रिया के चलते करीब 60 लोगों की मौत हुई है। बुजुर्ग लोगों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जा रहा है।बांकुड़ा की जनसभा में ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव से पहले वे सोनार बांग्ला का वादा करते हैं, लेकिन दूसरे राज्योंमें बंगाली बोलने वाले लोगों को पीटा जाता है। बांकुड़ा की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा, एसआईआर एक बहुत बड़ा घोटाला है और एआई तकनीक का इस्तेमाल करके एसआईआर किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने दावा किया कि लोग, भाजपा को पश्चिम बंगाल की सत्ता में नहीं आने देंगे। टीएमसी प्रमुख ने धमकी देते हुए कहा, अगर मतदाता सूची से एक भी वैध मतदाता का नाम कटातो उनकी पार्टी टीएमसी दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस का घेराव करेगी। जनसभा में ममता बनर्जी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘भाजपा कहती है कि घुसपैठिए सिर्फ बंगाल से आते हैं। अगर ऐसा है तो क्या पहलगाम में हमला आपने कराया था? दिल्ली में जो घटना हुई, उसकेपीछे कौन था? भाजपा सिर्फ एसआईआर के नाम पर लोगों को परेशान कर रही है।’ कुछ लोगों को परेशानी होने लगतीममता बनर्जी का यह बयान ऐसे वक्त सामने आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बंगाल के दौरे पर हैं और अपने दौरे पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंसकी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह ने बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि ये सरकार घुसपैठ नहीं रोक सकती। उन्होंने दावा कियाकि बंगाल में भाजपा सरकार बनी तो परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार चुनावी फायदे के लिएबांग्लादेशी घुसपैठियों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश से गरीबी मिटा रही है और बंगाल में सभी योजनाएं खत्म होने के कगारपर पहुंच गई हैं। इससे पहले कोलकाता में ‘दुर्गा आंगन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘कई लोगों ने कहा है कि मैं तुष्टीकरण कर रही हूं, लेकिन मैं सेक्युलर हूं और सभी धर्मों में विश्वास करती हूं। मुझे बंगाल से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है। हम सभी जातियों, सभी धर्मों से प्यार करते हैं।यही हमारी विचारधारा है। हर व्यक्ति को अपना लोकतांत्रिक अधिकार है। धर्म व्यक्तिगत पसंद है लेकिन त्योहार सभी के लिए हैं।’ ममता बनर्जी नेकहा कि ‘मैं सभी धर्मों के कार्यक्रमों में जाती हूं, जब मैं गुरुद्वारे जाता हूं तो किसी को कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन अगर मैं ईद के कार्यक्रम में जातीहूं तो कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है।’
ट्रंप को मिलेगा इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, शांति श्रेणी में पहली बार विदेशी नागरिक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक सम्मान इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस्राइल के प्रधानमंत्रीबेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को फ्लोरिडा में राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये एलान किया। नेतन्याहू ने एलान करतेहुए कहा कि इस्राइली सरकार ने फैसला किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप को इस्राइल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। 80 साल में यह पुरस्कारकिसी भी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है और पहली बार है कि शांति श्रेणी में यह पुरस्कार दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसएलान पर खुशी जताई और कहा कि यह सम्मान उनके लिए अनापेक्षित था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने लोगोंको चौंकाने के लिए कई परंपराएं तोड़ी हैं, इसलिए हमने भी तय किया है कि हम भी एक परंपरा तोड़ेंगे और नई बनाएंगे। वो ये है कि इस्राइल सम्मान, जो 80 साल से किसी गैर इस्राइली नागरिक को नहीं दिया गया है, उससे राष्ट्रपति ट्रंप को सम्मानित किया जाएगा। भोजन के दौरान हमारे शिक्षा मंत्रीने इसका एलान किया था और यह पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप के इस्राइली और यहूदी लोगों की भलाई में दिए गए योगदान के लिए दिया जाएगा। समारोह में शामिल होने पर विचार करेंगेइस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आपने इस्राइली लोगों के लिए जो किया, हमारी आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में जो मदद की, उसके लिए हमलोग आपके शुक्रगुजार हैं।’ इस्राइल पुरस्कार, इस्राइल का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो पारंपरिक रूप से विज्ञान, कला और मानविकी जैसे क्षेत्रों मेंउत्कृष्ट काम करने के लिए इस्राइली नागरिकों को दिया जाता है। शांति श्रेणी में यह पुरस्कार पहले कभी नहीं दिया गया था। जुलाई 2025 में, इस्राइल ने पुरस्कार नियमों में संशोधन किया ताकि यह सम्मान किसी विदेशी नागरिक को भी दिया जा सके, जिससे ट्रंप के चयन का रास्ता साफ होगया। ट्रंप पुरस्कार लेने के लिए इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी संकेत दिया कि वह समारोह मेंशामिल होने पर विचार करेंगे। जहां उन्हें सम्मानित किया जाएगाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई के भांडुप में सड़क हादसे में हुई मौतों पर दुख जताया, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी। प्रधानमंत्रीमोदी ने X पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘मुंबई के भांडुप में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदनाएं। घायल जल्द से जल्द ठीक हों।’ इस्राइल सरकार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान सेसम्मानित करने का फैसला किया है। नेतन्याहू ने बताया कि इस्राइल के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ट्रंप इस्राइल का दौरा करेंगे, जहां उन्हें सम्मानितकिया जाएगा।