दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: सीएम आतिशी और संजय सिंह को नोटिस, संदीप दीक्षित पर लगाए थे आरोप

दिल्ली में विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज़ हो गया है। कांग्रेस नेता संदीपदीक्षित ने मुख्यमंत्री आतिशी और आप सांसद संजय सिंह के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने का ऐलान किया है। दीक्षित का कहना है किइन नेताओं ने उन पर भाजपा से धन लेने का झूठा आरोप लगाया है। आरोपों का संदर्भकुछ दिनों पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि भाजपा, कांग्रेस उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता दे रहीहै। उन्होंने संदीप दीक्षित का नाम लेकर कहा था कि वे भाजपा से पैसा ले रहे हैं। इन आरोपों को संदीप दीक्षित ने बेबुनियाद बताया है। उन्होंने यह भीकहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन के कारण वे तत्काल जवाब नहीं दे सके। मानहानि मुकदमे की घोषणासंदीप दीक्षित ने आरोपों को खारिज करते हुए आतिशी और संजय सिंह पर मानहानि का मुकदमा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वे इननेताओं से 10 करोड़ रुपये का हर्जाना मांगेंगे। दीक्षित ने यह भी ऐलान किया कि यदि यह रकम उन्हें मिलती है तो वे इसे यमुना नदी की सफाई औरदिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण के लिए दान कर देंगे। अरविंद केजरीवाल पर भी निशानासंदीप दीक्षित ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोलते हुए कहा कि केजरीवाल ने पहले शीला दीक्षित सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोपलगाए थे, लेकिन कभी पुख्ता सबूत नहीं पेश किए। उन्होंने केजरीवाल को “आदतन झूठा” बताते हुए कहा कि पिछले 13 वर्षों में उन्होंने जो भीआरोप लगाए, वे कभी साबित नहीं हुए। चुनावी राजनीति पर असरदिल्ली में चुनावी माहौल पहले से ही गर्म है, और संदीप दीक्षित का यह कदम इसे और अधिक प्रभावित कर सकता है। वे नई दिल्ली विधानसभा सीटसे अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इस मामले का आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की चुनावी रणनीतियों पर क्या असर होगा, यहआने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। दिल्ली चुनाव की समय-सीमादिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी 2025 को होगा, जबकि मतगणना 8 फरवरी को होगी। 70 सीटों वाली विधानसभा में सरकारबनाने के लिए 36 सीटों पर जीत आवश्यक है।वर्तमान में आम आदमी पार्टी सत्ता में है और तीसरी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा और कांग्रेस सत्ता में वापसी की कोशिशोंमें जुटी हैं। चुनावों के दौरान आरोप-प्रत्यारोप सामान्य हैं, लेकिन जब ये कानूनी मुकदमों का रूप ले लेते हैं, तो राजनीतिक माहौल पर गहरा प्रभाव डालते हैं।संदीप दीक्षित के मानहानि मुकदमे से दिल्ली की राजनीति में नई हलचल मची है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आम आदमी पार्टी इस मामले मेंक्या रुख अपनाती है और यह विवाद चुनावी समीकरणों को कैसे प्रभावित करता है।
भारत अंतरिक्ष में डॉकिंग करने वाला चौथा देश बना: इसरो का ऐतिहासिक मिशन

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत अब रूस, अमेरिका और चीन के बाद अंतरिक्ष में डॉकिंगतकनीक को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाला चौथा देश बन गया है। हाल ही में ISRO के स्पेसडेस्क मिशन के तहत दो स्पेसक्राफ्ट्स को अंतरिक्ष मेंजोड़ा गया, जो देश की तकनीकी क्षमता और वैज्ञानिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डॉकिंग क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?अंतरिक्ष में डॉकिंग का मतलब दो स्पेसक्राफ्ट्स को जोड़ने की प्रक्रिया है, जिससे वे एक इकाई के रूप में कार्य कर सकें। यह तकनीक बेहद सटीकताऔर उन्नत तकनीकी कौशल की मांग करती है। डॉकिंग का महत्व:1. वैज्ञानिक अभियानों के लिए सहायक: यह तकनीक संसाधनों के आदान-प्रदान, वैज्ञानिक उपकरणों के ट्रांसफर, और दीर्घकालिक अभियानों मेंसहायता करती है।2. स्पेस स्टेशन निर्माण: यह प्रक्रिया अंतरिक्ष स्टेशन निर्माण और गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए अत्यंत उपयोगी है।3. भविष्य के मिशन: चंद्रमा, मंगल, और अन्य ग्रहों के अन्वेषण के लिए डॉकिंग अनिवार्य है। स्पेसडेस्क मिशन की अनोखी सफलता 30 दिसंबर 2024 को ISRO ने अपने स्वदेशी स्पेसडेस्क मिशन के तहत दो उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) मेंसफलतापूर्वक स्थापित किया। कई दिनों के प्रयास के बाद, इन दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को डॉकिंग प्रक्रिया के जरिए जोड़ दिया गया। डॉकिंग प्रक्रिया कैसे पूरी की गई? इसरो ने इस मिशन के लिए पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया।. शुरुआत: दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को पहले एक सुरक्षित दूरी पर नियंत्रित किया गया।– सटीकता: सेंसर, सिग्नल और नियंत्रण तंत्र की मदद से उन्हें धीरे-धीरे करीब लाया गया।– स्वचालित प्रणाली: इसरो द्वारा विकसित ऑटोनॉमस डॉकिंग सिस्टम ने दोनों स्पेसक्राफ्ट्स को सुरक्षित और स्थिर रूप से जोड़ने में मदद की। इस प्रणाली की खासियत यह है कि इसमें न्यूनतम मानव हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है। भारत के लिए इस उपलब्धि का महत्व1. वैज्ञानिक क्षमता: भारत अब उन देशों की सूची में शामिल हो गया है जो अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में दक्ष हैं।2. दीर्घकालिक मिशन:* यह सफलता भविष्य के चंद्रमा और मंगल अभियानों के लिए आधार तैयार करती है।3. अंतरराष्ट्रीय सहयोग:* अब भारत वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकता है।4. आर्थिक लाभ:* इस तकनीक से भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में व्यावसायिक रूप से नई ऊंचाइयां मिलेंगी। भारत की अंतरिक्ष यात्रा का नया अध्याय इसरो की इस सफलता ने अंतरिक्ष विज्ञान में भारत की अग्रणी स्थिति को और मजबूत किया है। सीमित संसाधनों के बावजूद, इसरो ने चंद्रयान, मंगलयान और अब स्पेसडेस्क मिशन जैसे कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने इस सफलता पर इसरो वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे भारत के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का प्रतीक बताया। भविष्य की योजनाएं इसरो अब और उन्नत तकनीकों को अपनाने की योजना बना रहा है। इसके तहत:. मानव अंतरिक्ष मिशन– चंद्रमा और मंगल पर दीर्घकालिक अभियान– अन्य ग्रहों की खोज स्पेसडेस्क मिशन और अंतरिक्ष में डॉकिंग की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि भारत अब वैश्विक अंतरिक्ष कार्यक्रमों में एक अग्रणी शक्ति बनचुका है। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त राष्ट्र बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदमहै। ISRO ने इस सफलता के साथ देश की अंतरिक्ष यात्रा को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
हिंडनबर्ग के संस्थापक ने कंपनी बंद करने का किया ऐलान, X पर पोस्ट कर दी जानकारी, भारत में अदाणी के खिलाफ हिंडनबर्ग ने मचाई थी सनसनी

हिंडनबर्ग रिसर्च के संस्थापक नैट एंडरसन ने अपनी शॉर्ट-सेलिंग फर्म को बंद करने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह घोषणा फर्म की वेबसाइट पर एकभावुक पत्र के माध्यम से की। एंडरसन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी खतरे, स्वास्थ्य समस्या, या व्यक्तिगत परेशानी के कारण नहीं लिया गयाहै। उन्होंने कहा कि फर्म के संचालन की तीव्रता और लगातार उस पर केंद्रित ध्यान ने उन्हें अपने परिवार और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से दूरकर दिया। हिंडनबर्ग को अलविदा कहने की तैयारीएंडरसन ने लिखा कि वह अब हिंडनबर्ग रिसर्च को अपने जीवन का एक अध्याय मानते हैं, न कि अपनी पहचान का मुख्य हिस्सा। उन्होंने अपने परिवार, दोस्तों और टीम के साथ पिछले साल से यह साझा किया था कि कुछ प्रमुख प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के बाद फर्म को बंद करने की योजना बना रहे हैं। हिंडनबर्ग की प्रमुख उपलब्धियां और विवादहिंडनबर्ग रिसर्च, जिसकी स्थापना 2017 में हुई थी, ने कई बड़ी कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट प्रकाशित की। इनमें गौतम अडानी, जैकडोर्सी की ब्लॉक इंक और कार्ल इकान की कंपनियों के खिलाफ रिपोर्ट शामिल हैं। इन रिपोर्टों ने संबंधित कंपनियों के शेयर मूल्यों में बड़े उतार-चढ़ावऔर व्यापक चर्चाओं को जन्म दिया। टीम की नई योजनाएंएंडरसन ने बताया कि उनकी टीम के कुछ सदस्य अपनी नई शोध फर्म शुरू करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने इन पहलों का समर्थन करते हुए कहाकि वे स्वयं इनसे जुड़े नहीं होंगे। उनका ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि टीम के सभी सदस्य अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें। ओपन-सोर्स मॉडल की पहलआने वाले छह महीनों में एंडरसन हिंडनबर्ग रिसर्च के मॉडल को ओपन-सोर्स करने पर काम करेंगे। वह सामग्री और वीडियो की एक श्रृंखला तैयारकरेंगे, ताकि लोग जान सकें कि फर्म ने अपने अनुसंधान और जांच कैसे की। अडानी समूह और हिंडनबर्ग रिपोर्ट:भारत में विवाद2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने गौतम अडानी और उनके समूह के खिलाफ एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जिसमें “शेयर बाजार में हेरफेर” और “लेखाअनियमितताओं” के गंभीर आरोप लगाए गए। अडानी समूह की भूमिका और प्रभावअडानी समूह, जो भारत के बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, और परिवहन क्षेत्रों में अग्रणी है, इस रिपोर्ट के कारण विवादों में घिर गया। रिपोर्ट के बाद समूह कीकंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों और बाजार में हलचल मच गई। रिपोर्ट के आरोपहिंडनबर्ग ने अडानी समूह पर शेल कंपनियों का उपयोग कर शेयर मूल्यों में हेरफेर करने और टैक्स हेवन के जरिए खातों में गड़बड़ी करने के आरोपलगाए। इसके साथ ही, समूह पर अत्यधिक कर्ज और अस्थिर वित्तीय स्थिति का भी दावा किया गया। राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय विवादइस रिपोर्ट ने भारत में राजनीतिक बहस को तेज कर दिया। विपक्षी दलों ने इसे “क्रोनी कैपिटलिज्म” का उदाहरण बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोपलगाए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय मीडिया और निवेशकों ने भी इस पर ध्यान दिया, जिससे भारत की वैश्विक छवि प्रभावित हुई। अडानी समूह की प्रतिक्रियाअडानी समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने एक विस्तृत जवाब जारी कर इसेभारत की विकास गाथा पर हमला करार दिया। हिंडनबर्ग रिसर्च का बंद होना वित्तीय जगत में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट्स ने कंपनियों, निवेशकों और वैश्विक बाजारों पर जोप्रभाव डाला, उसकी चर्चा और विश्लेषण लंबे समय तक जारी रहेगा।
सैफ अली खान पर चाकू से हमला: बांद्रा स्थित घर में घुसा अज्ञात हमलावर

गुरुवार तड़के लगभग 2:30 बजे, बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान के बांद्रा स्थित घर में एक अज्ञात व्यक्ति घुस आया। घटना के दौरान सैफ अपनेपरिवार के साथ घर पर मौजूद थे। हमलावर ने पहले घर की नौकरानी से बहस की, जिसके बाद सैफ ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की। इसी दौरानहमलावर ने चाकू से उन पर हमला कर दिया और फिर वहां से फरार हो गया। सैफ की चोटों की स्थितिसैफ अली खान को तुरंत इलाज के लिए मुंबई के लीलावती अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें छह जगह गंभीरचोटें आई हैं। दो घाव काफी गहरे हैं, जिनमें से एक रीढ़ की हड्डी के पास है, जो सबसे गंभीर है। उनकी गर्दन, छाती और बाईं कलाई पर भी चोटें पाईगई हैं। न्यूरोसर्जन और कॉस्मेटिक सर्जन की टीम उनकी सर्जरी कर रही है। पुलिस जांच और कार्रवाईमुंबई पुलिस ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। बांद्रा पुलिस स्टेशन में अज्ञात हमलावर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कीगई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके। घटना ने सेलिब्रिटी सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक कीओर इशारा किया है। सैफ की टीम का बयानसैफ अली खान की टीम ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस के अधीन है, और वे समय-समय परस्थिति से संबंधित जानकारी साझा करेंगे। सेलिब्रिटी सुरक्षा पर सवालइस घटना ने बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। बांद्रा का इलाका, जहां सैफ का घर है, फिल्म जगत की कई प्रमुखहस्तियों का निवास स्थान है। इसके बावजूद एक अज्ञात व्यक्ति का घर में घुस जाना सुरक्षा में बड़ी कमी दर्शाता है। प्रशंसकों और इंडस्ट्री का रिएक्शनघटना की खबर सुनते ही सैफ अली खान के प्रशंसकों में चिंता की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं की जा रहीहैं। फिल्म इंडस्ट्री के उनके सहयोगियों ने भी उनके शीघ्र ठीक होने की कामना की है। सैफ अली खान पर हुआ यह हमला फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है औरउम्मीद है कि हमलावर को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। सैफ की सर्जरी और स्वास्थ्य से संबंधित अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
दिल्ली शराब घोटाला मामला: केजरीवाल पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग का केस, गृह मंत्रालय ने दी ED को मंजूरी

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों मेंमुकदमा चलाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को अनुमति दे दी है। यह निर्णय दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक पहलेलिया गया है, जिससे आम आदमी पार्टी (AAP) की चुनावी रणनीति प्रभावित हो सकती है। मामले का सारांश2021-22 में दिल्ली सरकार की आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि केजरीवाल औरसिसोदिया ने शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए नीति में बदलाव किए और इसके बदले में 100 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। इस राशि काएक हिस्सा गोवा विधानसभा चुनाव प्रचार में भी इस्तेमाल हुआ था। *प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाईप्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में चार्जशीट दायर की है, जिसमें केजरीवाल और सिसोदिया को मास्टरमाइंड के रूप में आरोपित किया गया है। ईडीका कहना है कि दोनों नेताओं ने शराब व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए आबकारी नीति में बदलाव किए और बदले में रिश्वत ली।*गृह मंत्रालय की मंजूरी* सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए प्राधिकृत निकाय से अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है।इस संदर्भ में गृह मंत्रालय ने प्रवर्तन निदेशालय को केजरीवाल और सिसोदिया पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। दिल्ली विधानसभा चुनाव पर प्रभावदिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी 2025 को होने हैं, और इस मामले के दौरान केजरीवाल और सिसोदिया पर मुकदमा चलाने की अनुमति मिलने सेआम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति पर असर पड़ सकता है। हालांकि, पार्टी ने कहा है कि अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं और यह आरोपराजनीतिक प्रेरणा से प्रेरित हो सकते हैं। शराब घोटाला: नीति में बदलाव और रिश्वतखोरीदिल्ली में 2021-22 के दौरान लागू की गई आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि इस नीति के जरिएशराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के लिए उसमें जानबूझकर बदलाव किए गए थे। दो मुख्य पहलू इस मामले में सामने आए हैं: 1. लाइसेंसिंग प्रणाली में बदलाव: आबकारी नीति में बदलाव के बाद शराब के वितरण और बिक्री की जिम्मेदारी व्यापारियों के पास आ गई, जिससेबिचौलियों की भूमिका बढ़ी और शराब की कीमतों में असमानताएं आईं। 2. रिश्वतखोरी का आरोप: आरोप है कि सरकार के नेताओं ने शराब कारोबारियों से रिश्वत ली, ताकि उन्हें लाइसेंस देने में मदद की जा सके और नियमोंमें बदलाव किए जा सकें। यह राशि कथित रूप से आम आदमी पार्टी (AAP) के चुनावी प्रचार में उपयोग की गई। मुख्य आरोपित व्यक्तिअरविंद केजरीवाल (मुख्यमंत्री, दिल्ली):केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने शराब नीति में बदलाव किए और शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाया।इसके बदले में रिश्वत लेने का आरोप है। मनीष सिसोदिया (पूर्व उपमुख्यमंत्री, दिल्ली):सिसोदिया को भी इस घोटाले का प्रमुख मास्टरमाइंड माना गया है। उन पर भी शराब नीति मेंअनियमितताएं करने और रिश्वत लेने के आरोप हैं। कौन थे गिरफ्तार?इस मामले में कई लोग गिरफ्तार किए गए: – *मनीष सिसोदिया:* 2023 में मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें न्यायिकहिरासत में भेजा गया। – *शराब कारोबारी और बिचौलिये:* कुछ शराब कारोबारी और बिचौलिये भी गिरफ्तार किए गए, जिन्होंने कथित रूप से रिश्वत दी थी और घोटाले मेंसंलिप्त थे। अब तक की स्थिति1. *चार्जशीट और गिरफ्तारियां:* प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चार्जशीट दायर की है और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। कई आरोपितों कोगिरफ्तार किया गया है, और मामले की जांच जारी है।2. *राजनीतिक असर:* इस मामले का राजनीतिक असर भी पड़ा है। आम आदमी पार्टी ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता काहिस्सा बताया है। पार्टी ने आरोपों को चुनावी हथकंडा बताया है।3. गृह मंत्रालय की मंजूरीसुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए गृह मंत्रालय से अनुमति ली गई है, और अब प्रवर्तन निदेशालयके पास केस को आगे बढ़ाने का अधिकार है।यह मामला अभी भी अदालत में है, और जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। दिल्ली विधानसभा चुनावों के नजदीक आने से इस मामले ने राजनीति मेंहलचल मचाई है। आगे की कार्रवाई अदालत और जांच के परिणामों पर निर्भर करेगी।
पुणे में आयोजित सेना दिवस परेड: महिला सशक्तिकरण और तकनीकी नवाचार का दिखा

“अद्वितीय संगम”इस वर्ष का ‘सेना दिवस’ परेड, जो परंपरागत रूप से दिल्ली में आयोजित होता था, पहली बार महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किया गया। भारतीय सेनाके पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के सम्मान में 15 जनवरी 1949 से मनाए जाने वाले इस दिन का आयोजन इस बारपुणे में भव्यता और ऐतिहासिकता के साथ हुआ। भारतीय सेना की आधुनिक सोच, तकनीकी उन्नति और लैंगिक समानता की दिशा में किए जा रहेप्रयासों का प्रदर्शन इस परेड का मुख्य आकर्षण रहा। रोबोटिक डॉग्स का प्रदर्शनतकनीकी नवाचार का परिचयपरेड में पहली बार *रोबोटिक डॉग्स* को शामिल किया गया, जो भारतीय सेना की तकनीकी प्रगति और स्वदेशी नवाचार का उदाहरण हैं। इनकाउपयोग विस्फोटकों की पहचान, सीमा पर निगरानी, खोज और बचाव अभियानों तथा दुर्गम इलाकों में सहायता के लिए किया जाता है। यह प्रदर्शनदर्शाता है कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैमहिला अग्निवीर सेना में लैंगिक समानता की पहलइस परेड में पहली बार *महिला अग्निवीरों* ने भाग लिया। ये महिलाएं अग्निपथ योजना के तहत सेना में शामिल हुई हैं। उनकी भागीदारी ने सेना मेंमहिलाओं के बढ़ते योगदान और लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। महिला अग्निवीरों का अनुशासन और साहस सेना मेंमहिलाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है। गर्ल्स एनसीसी टुकड़ीयुवाओं की शक्ति का प्रदर्शनपरेड में *गर्ल्स एनसीसी* टुकड़ी ने भी हिस्सा लिया और अपनी उत्कृष्ट मार्चिंग तथा अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन महिलासशक्तिकरण और युवाओं के बीच देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहन देने का प्रतीक रहा। आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शनपरेड में सेना के आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया। इसमें ड्रोन सिस्टम, आधुनिक रडार, स्मार्ट हथियार, औरइलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम शामिल थे। यह प्रदर्शन भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति का परिचायक था। नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी इस आयोजन में नेपाल आर्मी बैंड ने भी हिस्सा लिया, जिसने पारंपरिक और देशभक्ति से भरी धुनों की प्रस्तुति दी। यह भारत और नेपाल के सैन्य वसांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक है। सेना दिवस का महत्वसेना दिवस भारतीय सेना की वीरता, समर्पण और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है। यह दिन सेना और नागरिकों के बीच संबंध मजबूत करने केसाथ-साथ सेना की प्रगतिशील सोच और सामरिक शक्ति को भी दर्शाता है। 2025 का सेना दिवस परेड, पुणे में पहली बार आयोजित होने के कारण कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। *रोबोटिक डॉग्स*, महिला अग्निवीर, औरगर्ल्स एनसीसी की भागीदारी ने इसे विशेष बनाया। यह आयोजन भारतीय सेना की तकनीकी उन्नति, समावेशी दृष्टिकोण, और आधुनिक सोच काप्रतीक बनकर उभरा।
भारतीय नौसेना को मिले तीन युद्धपोत: पीएम मोदी ने किया कमीशनिंग का नेतृत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय नौसेना को तीन अत्याधुनिक युद्धपोत सौंपे, जो देश की समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। इनतीनों युद्धपोतों का निर्माण पूरी तरह से भारत में किया गया है, जो स्वदेशी रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर भारत की प्रगति का प्रतीक है। युद्धपोतों की प्रमुख विशेषताएं1. *आईएनएस मयूर: अत्याधुनिक डिस्ट्रॉयर*आईएनएस मयूर, एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, भारतीय नौसेना की “प्रोजेक्ट 15बी” योजना के तहत बनाया गया है।– *वजन और गति*: यह 7,400 टन वजनी जहाज 30 समुद्री मील की गति से चल सकता है।– *तकनीकी क्षमताएं*: जहाज में उन्नत रडार, मिसाइल और हथियार प्रणाली लगाई गई हैं।– *मल्टी-थ्रेट कार्यक्षमता*: इसे हवा, समुद्र और पानी के नीचे की लड़ाई के लिए डिज़ाइन किया गया है।यह स्वदेशी शिपयार्ड द्वारा निर्मित जहाज भारतीय रक्षा उद्योग की प्रगति का प्रमाण है।2. *आईएनएस विराट: स्टेल्थ फ्रिगेट*आईएनएस विराट को “प्रोजेक्ट 17ए” के तहत विकसित किया गया है।– *स्टेल्थ क्षमता*: यह दुश्मन के रडार से बचने में सक्षम है।– *मल्टी-रोल ऑपरेशन*: यह पनडुब्बी रोधी युद्ध और समुद्री गश्त के लिए आदर्श है।– *स्वदेशी योगदान*: इसमें इस्तेमाल होने वाले 75% उपकरण भारत में बनाए गए हैं।यह जहाज भारत की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।3. आईएनएस वज्र: अत्याधुनिक पनडुब्बीआईएनएस वज्र “प्रोजेक्ट 75” के तहत विकसित डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है।– *अदृश्य संचालन*: स्टेल्थ तकनीक इसे दुश्मनों की नज़र से बचाती है।– *आधुनिक हथियार प्रणाली*: इसमें टॉरपीडो, एंटी-शिप मिसाइल और माइन बिछाने की सुविधाएं हैं।– *गहन निगरानी क्षमता*: यह गहरे समुद्र में दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने में सक्षम है।यह पनडुब्बी भारतीय समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए अत्यधिक उपयोगी है। प्रधानमंत्री का संदेशइस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ये तीनों युद्धपोत भारत की तकनीकी क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की सफलता का प्रतीकहैं। ये आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले कदम हैं।” उन्होंने भारतीय नौसेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये युद्धपोत देश कीसमुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और सशक्त बनाएंगे। मेक इन इंडिया” की बड़ी उपलब्धिइन युद्धपोतों का निर्माण भारतीय शिपयार्ड जैसे मजगांव डॉक लिमिटेड (MDL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा कियागया है।– *स्वदेशी सामग्री का उपयोग*: 75% उपकरण भारत में निर्मित किए गए।– *रोजगार सृजन*: निर्माण प्रक्रिया ने 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान किया।– *तकनीकी विशेषज्ञता*: स्वदेशी निर्माण से भारत की समुद्री तकनीकी क्षमताएं मजबूत हुई हैं। वैश्विक परिप्रेक्ष्यतीनों युद्धपोतों की एक साथ कमीशनिंग ने भारत की समुद्री ताकत को विश्व स्तर पर प्रदर्शित किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत कीस्थिति हिंद महासागर क्षेत्र में और मजबूत होगी। तीन युद्धपोतों की कमीशनिंग भारतीय नौसेना के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई प्रदान करताहै, बल्कि वैश्विक समुद्री शक्ति के रूप में भारत की स्थिति को भी मजबूत करता है। यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने और स्वदेशीनवाचार को बढ़ावा देने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री ने किया एशिया के दूसरे सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर का उद्घाटन, मोदी बोले- भारत को समझने के लिए अध्यात्म ही रास्ता

15 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई के खारघर क्षेत्र में श्री श्री राधा मदनमोहनजी मंदिर का उद्घाटन किया। यह इस्कॉन द्वारानिर्मित एशिया का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है। *9 एकड़ में फैला भव्य मंदिर*मंदिर का निर्माण 9 एकड़ भूमि पर किया गया है, जिसमें 2.5 एकड़ में मुख्य मंदिर स्थित है। इसका निर्माण 12 वर्षों में 200 करोड़ रुपये की लागतसे पूरा हुआ। सफेद और भूरे संगमरमर से निर्मित इस मंदिर की वास्तुकला इसे अनोखा आकर्षण प्रदान करती है। मंदिर के मुख्य कक्ष में भगवान कृष्णकी 3डी पेंटिंग्स और दशावतार की कलाकृतियां प्रमुख हैं। साथ ही, परिसर में 5-6 एकड़ हरियाली मंदिर की सुंदरता को और बढ़ाती है। समारोह में अतिथियों की उपस्थितिइस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपासांसद हेमा मालिनी उपस्थित थे। श्रील प्रभुपाद स्वामी को श्रद्धांजलिप्रधानमंत्री ने इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद स्वामी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारत के वेदांत और गीता के संदेश को जनसामान्य तकपहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भक्ति और आध्यात्म को भारत की सांस्कृतिक पहचान का मूल बताते हुए कहा कि भारत को समझने के लिएयहां की आध्यात्मिक चेतना को आत्मसात करना होगा। सेवा भावना का संदेशअपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने सेवा को सच्चे सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताया। उन्होंने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करतेहुए कहा कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, शौचालय निर्माण और बेघरों को पक्का घर जैसी योजनाओं के माध्यम से हर भारतीय को लाभपहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। भक्ति वेदांत आयुर्वेदिक उपचार केंद्रमंदिर परिसर में भक्ति वेदांत आयुर्वेदिक उपचार केंद्र भी स्थापित किया गया है, जो लोगों के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को समर्पित होगा।प्रधानमंत्री ने इसे “भारत में हील” के संदेश का प्रतीक बताया। *विश्व स्तरीय आध्यात्मिक केंद्र* यह मंदिर भारतीय संस्कृति, भक्ति और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। 16 जनवरी से भक्तजन भगवान के दर्शन कर सकेंगे, जिससे यह मंदिरवैश्विक स्तर पर भारत की आध्यात्मिक पहचान को और मजबूती प्रदान करेगा।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: कालकाजी सीट पर बढ़ा विवाद, रमेश बिधूड़ी ने एक बार फिर दिया विवादित बयान, जानिए अब क्या बोल बिधूड़ी

रमेश बिधूड़ी का आतिशी पर विवादित बयानदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान कालकाजी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी की नेता और मुख्यमंत्री आतिशी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। बिधूड़ी ने कहा, “आतिशी दिल्ली की सड़कों पर हिरणी जैसी घूम रही हैं।” इस बयान के बाद चुनावी माहौल और गर्म हो गया है। पहले भी की थीं आपत्तिजनक टिप्पणियांयह पहली बार नहीं है जब रमेश बिधूड़ी ने आतिशी के खिलाफ विवादित बयान दिया है। 5 जनवरी को रोहिणी में एक रैली के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि आतिशी ने अपना उपनाम बदलकर ‘सिंह’ कर लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आतिशी ने कहा था कि भाजपा नेता उनके 80 वर्षीय पिता पर निजी हमले कर रहे हैं। इस मामले पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “भाजपा नेताओं ने सारी मर्यादाएं लांघ दी हैं। दिल्ली की जनता इसका जवाब देगी।” प्रियंका गांधी पर भी टिप्पणीबिधूड़ी ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर भी विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा, “हम कालकाजी की सड़कों को प्रियंका गांधी के गाल जैसी चिकनी बना देंगे। इस टिप्पणी को महिला विरोधी बताते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने तीखी आलोचना की। कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रियाकांग्रेस ने इस बयान को भाजपा की महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच का प्रतीक बताया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिधूड़ी का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया। प्रियंका गांधी ने कहा, “ऐसी भाषा भाजपा की महिलाओं के प्रति असंवेदनशील मानसिकता को उजागर करती है।” बिधूड़ी ने मांगी माफी थीविवाद बढ़ने पर रमेश बिधूड़ी ने सोशल मीडिया पर खेद व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मेरे बयान का मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। फिर भी यदि किसी की भावनाएं आहत हुई हों तो मैं माफी मांगता हूं। 2025 का चुनावी समीकरण: क्या बदलेगा समीकरण मतदान की तिथिदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान *5 फरवरी 2025* को होगा। नतीजे मतदान के कुछ दिनों बाद घोषित किए जाएंगे। 2020 का विधानसभा चुनाव2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। AAP ने 70 में से **62 सीटें** जीतीं, जबकि भाजपा को **8 सीटें** मिलीं। कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। 2020 का सीट बंटवारा– *आम आदमी पार्टी (AAP):* 62 सीटें-भारतीय जनता पार्टी (BJP): 8 सीटें– *कांग्रेस (INC):** 0 सीटें वोट प्रतिशत (2020)-AAP: 53.57%*BJP:* 38.51%Congress: 4.27% AAP ने अपना वर्चस्व बनाए रखा, जबकि भाजपा ने वोट प्रतिशत में सुधार किया था। कांग्रेस के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक रहा। 2025 की चुनौतियां2025 में आम आदमी पार्टी को अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है, जबकि भाजपा और कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रयासरत हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या AAP अपना 2020 का प्रदर्शन दोहरा पाएगी, या भाजपा और कांग्रेस समीकरण बदलने में सफल होंगी। इसका जवाब 5 फरवरी 2025 के मतदान और उसके नतीजों में मिलेगा।
कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन

15 जनवरी 2025 को कांग्रेस पार्टी ने अपने नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन किया। दिल्ली के 9ए, कोटला रोड पर स्थित इस आधुनिक भवनका नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सम्मान में रखा गया है। सोनिया गांधी ने उद्घाटन किया, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंकागांधी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। 24 अकबर रोड को कहा अलविदाइससे पहले कांग्रेस का मुख्यालय 24, अकबर रोड पर था, जिसे पार्टी ने 46 सालों तक इस्तेमाल किया। हालांकि, पार्टी ने संकेत दिया है कि कुछगतिविधियों के लिए पुराने कार्यालय का उपयोग जारी रह सकता है। 252 करोड़ की लागत से तैयार भवन‘इंदिरा भवन’ का निर्माण सोनिया गांधी के नेतृत्व में शुरू हुआ और इसे लगभग 252 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया। यह भवन सभीआधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और कांग्रेस के संगठनात्मक व रणनीतिक कामकाज को बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं के विचारराहुल गांधी ने इसे पार्टी के लिए ‘गौरव का प्रतीक’ बताया। उन्होंने कहा, “यह इमारत केवल ईंटों और गारे का ढांचा नहीं है, बल्कि करोड़ोंकार्यकर्ताओं की मेहनत, त्याग और सपनों का प्रतीक है।” कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्पण और बलिदान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह इमारत कांग्रेस केमूल्यों और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कांग्रेस की नई शुरुआत‘इंदिरा भवन’ के साथ कांग्रेस ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने की प्रतिबद्धता जताई है। यहभवन न केवल पार्टी के प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाएगा, बल्कि कार्यकर्ताओं को प्रेरित भी करेगा। नए मुख्यालय के उद्घाटन को पार्टी ने एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा है। इसका उद्देश्य कांग्रेस के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए आधुनिकभारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाना है।