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सुप्रीम कोर्ट का फैसला:  दिल्ली सरकार को आयुष्मान भारत योजना लागू करने से रोका

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें दिल्ली सरकार को ‘पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चरमिशन’ (PM-ABHIM) को लागू करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ 5 जनवरी तक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने कानिर्देश दिया गया था। दिल्ली सरकार की दलीलदिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि उच्च न्यायालय दिल्ली सरकार को MoU परहस्ताक्षर करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी बताया कि अगर MoU साइन किया जाता है, तो केंद्र सरकार को पूंजीगत व्यय में60% योगदान देना होगा, जबकि दिल्ली सरकार 40% का वहन करेगी। लेकिन, केंद्र सरकार का चालू व्यय में कोई योगदान नहीं रहेगा। सिंघवी नेयह भी कहा कि दिल्ली सरकार की अपनी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से ज्यादा प्रभावी और व्यापक है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयानसुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आयुष्मान भारत योजना को देश का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया।उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने यह पुष्टि की है कि यह एक फर्जी योजना है। आयुष्मान भारत देश का सबसे बड़ा घोटाला है। जब केंद्रसरकार बदलेगी और इन घोटालों की जांच होगी, तब लोगों को पता चलेगा कि आयुष्मान भारत कितना बड़ा घोटाला था।” दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश और सुप्रीम कोर्ट की रोक24 दिसंबर 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि दिल्ली के निवासियों को आयुष्मान भारत योजना के लाभों से वंचित नहीं किया जानाचाहिए। इसलिए, दिल्ली सरकार को योजना को लागू करना जरूरी था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जिस परसुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। इस फैसले के बाद आयुष्मान भारत योजना का लागू होना फिलहाल टल गया है। आयुष्मान भारत योजना: एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलआयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य भारत के गरीब नागरिकों को हर साल 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा देना है। यह योजना 2017 मेंकेंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी और अब तक 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे लागू किया जा चुका है। इस योजना के तहत गरीब परिवारोंको स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाता है, जो उन्हें इलाज के लिए वित्तीय सहायता देता है।दिल्ली सरकार और केंद्र के बीच मतभेददिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच इस योजना को लागू करने को लेकर मतभेद रहे हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि उसकी अपनी स्वास्थ्ययोजनाएं जैसे ‘दिल्ली हेल्थ मॉडल’ और ‘मोहल्ला क्लीनिक’ आयुष्मान भारत योजना से कहीं अधिक प्रभावी और व्यापक हैं। दिल्ली सरकार का यहभी कहना है कि आयुष्मान भारत योजना केवल गरीबों के लिए है, जबकि उनकी योजनाओं का लाभ सभी नागरिकों को मिलता है। कानूनी प्रक्रिया का अगला कदमदिल्ली सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद, आयुष्मान भारत योजना को फिलहाल दिल्ली में लागू नहीं किया जाएगा। इसमामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी, और अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: NCP ने 30 उम्मीदवारों की सूची जारी की, सभी पार्टीयों में कड़ी टक्कर

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP ( अजीत पंवार)ने अकेले लड़ने का फैसला किया है, जिसके बाद अब NCP ने अपनी 30 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। इन उम्मीदवारों को दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से चुनावी मैदान में उतारा गया है। प्रमुख उम्मीदवार और उनके निर्वाचन क्षेत्र– नई दिल्ली:विश्वनाथ अग्रवाल (अरविंद केजरीवाल के खिलाफ)– कालकाजी: जमील-चांदनी चौक: खालिद उर रहमान-बुराड़ी: रतन त्यागी– बादली: मुलायम सिंह-मंगोलपुरी (एससी): खेम चंद बसवाल– शालीमार बाग: मोहम्मद उस्मान– मटिया महल: मोहम्मद जावेद– बल्लीमारन : मोहम्मद हारून– मोती नगर: सदरे आलम– मादीपुर (एससी): हरीश कुमार-हरि नगर: शब्बीर खान– जनकपुरी:मोहम्मद नवीन– कासपुरी:हामिद– कस्तूरबा नगर:सुरेंद्र सिंह हुड्डा– मालवीय नगर: मोहम्मद समीर– छतरपुर:नरेंद्र तंवर– देवली (एससी):खेमचंद राजोरा– संगम विहार: क़मर अहमद– तुगलकाबाद: प्रेम खटाना– बदरपुर: इमरान सैफी– लक्ष्मी नगर: दनिश अली– कृष्णा नगर: राजेंद्र पाल– शाहदरा: राजेश लोहिया– *सीमा पुरी (एससी)* अभिषेक– रोहतास नगर: महक डोगरा– घोंडा: जगदीश भगत– गोकलपुर (एससी): जगदीश भगत– करावल नगर: संजय मिश्रा नई दिल्ली सीट पर मुकाबलानई दिल्ली विधानसभा सीट पर NCP ने विश्वनाथ अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। उनका सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुखऔर पूर्व मुख्यमंत्री **अरविंद केजरीवाल** से होगा। NCP की चुनावी रणनीतिNCP ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में 30 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया है और किसी भी पार्टी से गठबंधन न करने की नीतिअपनाई है। पार्टी का लक्ष्य दिल्ली की राजनीति में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करना है। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का परिप्रेक्ष्य2025 में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। AAP की रणनीतिआम आदमी पार्टी (AAP) तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। पार्टी ने अपने कार्यकाल में शिक्षा, स्वास्थ्य, और बुनियादी सुविधाओंमें सुधारों को लेकर अपनी उपलब्धियों को प्रचारित करना शुरू किया है। BJP का चुनावी दृष्टिकोणभारतीय जनता पार्टी (BJP) दिल्ली में अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने और सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। पार्टी राष्ट्रीय मुद्दों औरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के सहारे चुनावी मैदान में उतरी है। कांग्रेस का रुखकांग्रेस पार्टी भी दिल्ली विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र रूप से अपनी भूमिका निभा रही है और उसने अपने उम्मीदवारों की सूची भी जारी की है। पार्टीदिल्ली में सत्ता की पुनः प्राप्ति की उम्मीद कर रही है। चुनावी गठबंधन की स्थितिदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में, भाजपा को **लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)** का समर्थन प्राप्त है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। भाजपा का समर्थनभा.ज.पा को लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास)** का समर्थन प्राप्त है। इस पार्टी ने देवली विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार दीपक तंवर कोउतारा है।AAP और कांग्रेस का रुखआम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस दोनों ही स्वतंत्र रूप से सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय ले चुके हैं, जिससे गठबंधन की संभावनासमाप्त हो गई है।दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में हैं। अब यह देखना होगा कि NCP, AAP, BJP, और कांग्रेस में से कौन पार्टी दिल्ली के मतदाताओं का विश्वास जीतने में सफल होती है।

दिल्ली चुनाव: बीजेपी ने जारी किया संकल्प पत्र,  महिलाओं और गैस सिलेंडर को लेकर बड़े वादे

दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना संकल्प पत्र पेश किया है। इसमें घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी, त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडर और महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसी कई लोकलुभावन घोषणाएं शामिल हैं। घरेलू गैस सिलेंडर पर ₹500 सब्सिडीबीजेपी ने घरेलू गैस सिलेंडर पर ₹500 की सब्सिडी देने का वादा किया है। पार्टी का कहना है कि यह कदम महंगाई से जूझ रहे मध्यम वर्गीय परिवारोंको राहत देने के लिए उठाया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। त्योहारों पर मुफ्त गैस सिलेंडरसंकल्प पत्र में यह भी घोषणा की गई है कि होली और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों पर हर परिवार को एक-एक मुफ्त गैस सिलेंडर प्रदान कियाजाएगा। बीजेपी ने इसे “त्योहारों का तोहफा” बताया है, जिससे त्योहारों के दौरान लोगों के खर्चों में कमी आएगी। महिलाओं के लिए आर्थिक सहायताबीजेपी ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हर महीने ₹2500 की आर्थिक सहायता का वादा किया है। यह योजना खासकर गृहणियों औरआर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं के लिए है। पार्टी ने इसे महिलाओं की आत्मनिर्भरता और आर्थिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदमबताया है। *दिल्ली के विकास पर फोकस*संकल्प पत्र में दिल्ली के समग्र विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों को भी शामिल किया गया है। बेहतर स्कूल, उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं और सार्वजनिक परिवहन का विस्तार पार्टी के प्रमुख वादों में से हैं। विपक्ष ने किया हमलाबीजेपी के इस संकल्प पत्र को विपक्ष ने आड़े हाथों लिया है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इसे “खोखले वादों का पुलिंदा” करार देते हुए कहा किबीजेपी वादे तो करती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती। वहीं, कांग्रेस ने इसे जनता को भ्रमित करने वाला कदम बताया है। जनता की प्रतिक्रिया?संकल्प पत्र को लेकर जनता की प्रतिक्रिया मिली-जुली है। मध्यम वर्गीय परिवारों और महिलाओं ने इन वादों का स्वागत किया है, लेकिन कई लोगइसे चुनावी रणनीति मानते हैं। लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इतनी योजनाओं के लिए फंडिंग कहां से होगी। विश्लेषकों की राय?राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी ने इस बार उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है, जो सीधे आम आदमी से जुड़े हैं। गैस सिलेंडर पर सब्सिडीऔर महिलाओं को आर्थिक सहायता जैसे वादे बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण वोट बैंक को साधने की कोशिश माने जा रहे हैं। चुनावी असर?दिल्ली में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी के ये वादे मतदाताओं को कितना आकर्षितकर पाते हैं। हालांकि, पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती अपने वादों को अमल में लाने की होगी। बीजेपी का यह संकल्प पत्र महंगाई, महिलाओं के सशक्तिकरण और त्योहारों के खर्च जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। अब देखना यह है कि जनता इन वादोंपर कितना भरोसा करती है और चुनावी नतीजों में इसका क्या असर पड़ता है।

IIT ग्रेजुएट बाबा का महाकुंभ से गायब,  माता – पिता प्रयागराज पहुंचे, साधुओं ने बताया तनाव में था

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान एक अनोखी घटना ने सभी का ध्यान खींचा। यहां एक साधु, जिन्हें “IIT वाले बाबा” के नाम से जाना जाताथा, अचानक गायब हो गए। उनका असली नाम रोहन वर्मा है, जो IIT बॉम्बे के प्रतिभाशाली छात्र रह चुके हैं। उनकी अद्वितीय कहानी और लापताहोने के पीछे की वजहें अब रहस्य बनी हुई हैं। माता-पिता की परेशानी और खोजरोहन वर्मा के गायब होने की खबर उनके माता-पिता को मिली, जो दिल्ली में रहते हैं। उन्होंने तुरंत प्रयागराज पहुंचकर अपने बेटे की तलाश शुरू की।रोहन के पिता ने बताया कि वह सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और कुछ समय तक एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम कर चुके हैं। माता-पिता इस समयगहरे सदमे और चिंता में हैं। कैसे बना ‘IIT वाला बाबा’?रोहन वर्मा हमेशा से एक मेधावी छात्र रहे हैं। IIT की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी की। लेकिन कुछ समय बादउन्होंने अचानक सब कुछ छोड़कर साधु जीवन अपना लिया।कई साधुओं का कहना है कि रोहन जीवन की भौतिकता से ऊब चुके थे और एक गहरी आध्यात्मिक खोज में निकल पड़े थे। उन्होंने साधु जीवन मेंअपनी जगह बनाई और महाकुंभ में वे “IIT वाले बाबा” के नाम से पहचाने जाने लगे। साधु समाज में लोकप्रियतामहाकुंभ के दौरान, रोहन वर्मा की विद्वता और उनके प्रवचन चर्चा का केंद्र बन गए। वे विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच संबंधों पर गहन विचार रखतेथे और साधु-संतों के बीच एक नई दृष्टि प्रस्तुत करते थे। उनकी बातें युवाओं और अन्य साधुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई थीं। लापता होने की घटनामहाकुंभ में साधु-संतों के बीच सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन एक सुबह खबर आई कि IIT वाले बाबा लापता हो गए हैं। उनके साथ रहनेवाले साधुओं ने बताया कि बाबा कुछ समय से तनाव में थे और उनका व्यवहार असामान्य था। उनके गायब होने के बाद से अलग-अलग कयासलगाए जा रहे हैं। कुछ का मानना है कि वे गहन साधना के लिए किसी अज्ञात स्थान पर चले गए हैं, जबकि कुछ इसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीसमस्या बता रहे हैं। माता-पिता की चिंता और भावनाएंरोहन के माता-पिता इस घटना से बेहद परेशान हैं। उनके पिता का कहना है, “हमने सोचा था कि वह जो भी कर रहा है, उसमें खुश है। लेकिन अबउसका इस तरह गायब हो जाना हमारी चिंता का कारण बन गया है। बस यही चाहते हैं कि वह सुरक्षित हो और जल्द से जल्द वापस आ जाए।” पुलिस की जांच जारीप्रयागराज पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। महाकुंभ के शिविरों और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। प्रशासन इस बात पर जोर देरहा है कि बाबा की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरती जाए। साधु समाज की प्रतिक्रियासाधु समाज ने बाबा के गायब होने पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ इसे उनकी आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा मानते हैं, जबकि अन्य इसे चिंताका विषय बता रहे हैं। एक साधु ने कहा, “वे शांत स्वभाव के थे, लेकिन लगता है कि उनके भीतर कुछ चल रहा था, जिसके बारे में उन्होंने किसी सेसाझा नहीं किया।” सवालों के घेरे में साधु जीवनयह घटना समाज के लिए कई सवाल खड़े करती है। जब एक युवा, जिसने IIT जैसी प्रतिष्ठित संस्था से शिक्षा पाई है, साधु जीवन अपनाने का निर्णयलेता है और फिर इस तरह गायब हो जाता है, तो यह साधु जीवन और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान खींचता है। आगे क्या?*IIT वाले बाबा के अचानक गायब होने से कई अटकलें लगाई जा रही हैं। क्या वे अपने पुराने जीवन में लौटने की कोशिश कर रहे हैं, या गहन साधनाके लिए किसी अन्य स्थान पर चले गए हैं? इस सवाल का उत्तर तभी मिलेगा जब बाबा स्वयं सामने आएंगे। फिलहाल, पुलिस, माता-पिता और साधु समाज उनकी तलाश में जुटे हुए हैं। सभी की उम्मीद है कि यह मामला जल्द ही सुलझेगा और बाबा सुरक्षितवापस लौटेंगे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025: NCP ने जारी की अपने 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, सूची में महाराष्ट्र के बड़े नातओं के नाम शामिल, जानिएचुनावी समीकरण

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में पार्टीके वरिष्ठ नेता अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और अन्य प्रमुख नेताओं के नाम शामिल हैं। इन प्रचारकों का उद्देश्य दिल्ली में पार्टी के उम्मीदवारों के लिएप्रचार करना और चुनावी माहौल को सक्रिय करना है। लिस्ट में किन-किन नेताओं के नाम शामिल1- अजीत पवार 2-ब्रिज मोहन 3- सुबोध मोहिते 4- पार्थ पवार 5- अविनाश आदिक 6- संजय प्रजापति 7- उमाशंकर यादव 8- धीरज शर्मा 9- चैतन्य सनी मानकर 10- दिव्यांशी आश्रा 11- फैज अहमद 12- एस.के जेठवा 13- चैतन्य सिंह 14- वीरेंद्र सिंह 15- तेज सिंह 16- दीपाली अरोड़ा17- इंद्रजीत सचदेवा 18- रौशनी रावत 19- प्रफुल पटेल 20- सुनील तटकरे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियाँदिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं, और विभिन्न राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। NCP ने पहले ही 11 उम्मीदवारों की सूचीजारी कर दी है, और स्टार प्रचारकों की सूची से यह स्पष्ट होता है कि पार्टी दिल्ली चुनाव में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयारहै। भाजपा के स्टार प्रचारकइससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी। इसमें प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह जैसे शीर्ष नेता और बॉलीवुड हस्तियाँ जैसे निरहुआ, हेमा मालिनी, रवि किशन, हंसराज हंस का नामशामिल है। ये स्टार प्रचारक भाजपा के चुनाव अभियान को और भी सक्रिय बनाएंगे। 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव का परिचयदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 5 फरवरी 2025 को होगा, और मतगणना 8 फरवरी 2025 को की जाएगी। दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटेंहैं, और बहुमत के लिए 36 सीटों की आवश्यकता होगी। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), और कांग्रेस ने अपनेउम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की हैं। 2020 दिल्ली विधानसभा चुनाव की समीक्षा2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्य रूप से तीन प्रमुख दलों के बीच मुकाबला था 1. आम आदमी पार्टी (AAP)AAP ने 70 में से 62 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, और पानी के क्षेत्र में सुधारों के आधार पर दिल्लीके मतदाताओं को आकर्षित किया। 2. भारतीय जनता पार्टी (BJP)मुख्य नेता: मनोज तिवारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाहपार्टी की स्थिति*: BJP को केवल 8 सीटें मिलीं। पार्टी ने केजरीवाल सरकार को भ्रष्टाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर घेरने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय मुद्दों पर पार्टी का प्रभाव सीमित था। 3. कांग्रेसकांग्रेस चुनाव में पूरी तरह से विफल रही और एक भी सीट नहीं जीत पाई। पार्टी के पास स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट दृष्टिकोण और चुनावी रणनीति कीकमी थी। 4. अन्य छोटे दलछोटे दलों का चुनाव में कोई खास प्रभाव नहीं था और उनका कोई विशेष स्थान नहीं बना।2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच था, जबकि कांग्रेस औरअन्य छोटे दल चुनावी प्रक्रिया में बहुत हद तक बाहर हो गए थे। AAP ने अपने कार्यों और स्थानीय विकास के मुद्दों के आधार पर दिल्ली केमतदाताओं को आकर्षित किया और निर्णायक विजय प्राप्त की। अब 2025 के चुनाव के लिए सभी प्रमुख पार्टियाँ तैयार हैं, और स्टार प्रचारकों कीभूमिका चुनाव परिणामों पर महत्वपूर्ण असर डालने वाली होगी।

सैफ अली खान पर हमले का संदिग्ध हिरासत में,  पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ, लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट है सैफ

16 जनवरी 2025 की रात बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर उनके बांद्रा स्थित समुद्र तटीय घर में एक घुसपैठिए ने चाकू से हमला किया। यहघटना तब हुई जब सैफ ने अपने घरेलू कर्मचारी और हमलावर के बीच हो रहे संघर्ष को देखा और बीच-बचाव करने पहुंचे। हमलावर ने सैफ पर छहबार चाकू से वार किया, जिनमें से एक चोट उनकी रीढ़ की हड्डी के बेहद करीब थी। इब्राहिम ने सैफ को अस्पताल पहुंचाया थाहमले के तुरंत बाद सैफ के बेटे इब्राहिम अली खान ने उन्हें लीलावती अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद उनकी हालत को स्थिर बताया है।विशेषज्ञों का कहना है कि सैफ अब खतरे से बाहर हैं और तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। जल्द ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लियामुंबई पुलिस ने इस मामले में तीन संदिग्धों को पकड़ा है और उनसे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि हमलावरसंभवतः घर के अंदर ही छिपा हुआ था। इससे यह संदेह गहरा हुआ है कि घुसपैठिए को घर के अंदर से किसी ने जानकारी दी होगी। करीना कपूर और परिवार सुरक्षितघटना के समय सैफ की पत्नी करीना कपूर और उनके बच्चे घर में मौजूद थे, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। इस घटना के बाद उनके घर और आसपाससुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बॉलीवुड में सुरक्षा पर छिड़ी बहसइस घटना ने फिल्म इंडस्ट्री और सैफ अली खान के प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया है। सुरक्षा उपायों के बावजूद इस तरह का हमला होना सुरक्षाव्यवस्था में बड़ी चूक को दर्शाता है। बॉलीवुड के कई सितारों ने सैफ के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए सेलिब्रिटी सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। पुलिस जांच और फॉरेंसिक सबूतघटना स्थल से बरामद चाकू और अन्य सबूतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या घरेलूकर्मचारियों में से किसी ने जानबूझकर या अनजाने में हमलावर की मदद की। बॉलीवुड से समर्थन और प्रशंसकों की प्रार्थनाबॉलीवुड के कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर सैफ और उनके परिवार के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। प्रशंसक भी उनके जल्द स्वस्थ होने कीप्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस ने क्या दिया आश्वासन ? मुंबई पुलिस ने घटना की गहन जांच का आश्वासन देते हुए कहा है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। यह घटना सेलिब्रिटी सुरक्षा को लेकर नईबहस को जन्म दे रही है और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग तेज हो रही है।

जल्लीकट्टू में सुरक्षा पर सवाल: दो मौतें और दर्जनों घायल, पारंपरिक खेल पर बढ़ी बहस

तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में पोंगल त्योहार के अवसर पर आयोजित जल्लीकट्टू खेल के दौरान दो लोगों की जान चली गई। मरने वालों में एकनाबालिग भी शामिल था। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों दर्शक सांडों के हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे। मदुरै में 42 लोग घायलमदुरै जिले के पलामेडु में आयोजित जल्लीकट्टू में 42 लोग घायल हो गए, जिनमें 14 पशु प्रशिक्षक और 16 दर्शक शामिल हैं। इसके अलावा, अवनियापुरम में आयोजित जल्लीकट्टू में भी करीब 75 लोग घायल हुए, जिनमें सांडों के मालिक और प्रशिक्षक मुख्य रूप से प्रभावित हुए। *पारंपरिक खेल पर उठे सवाल*जल्लीकट्टू तमिलनाडु की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का एक अहम हिस्सा है। हर साल पोंगल के अवसर पर इस खेल का आयोजन कियाजाता है। हालांकि, इन हादसों ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों और पशु क्रूरता से जुड़े मुद्दों को सामने ला दिया है। सरकार का रुख और सुधार के प्रयासतमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंनेअधिकारियों को भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। भविष्य के लिए जरूरी कदमपशु अधिकार संगठनों और विशेषज्ञों ने भी जल्लीकट्टू के दौरान सुरक्षा और पशु कल्याण पर ध्यान देने की अपील की है। यह आवश्यक है कितमिलनाडु सरकार और संबंधित संगठन मिलकर इस पारंपरिक खेल को सुरक्षित और मानवीय तरीके से आयोजित करने के उपाय सुनिश्चित करें।

छत्तीसगढ़: कांकेर जिले में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान, 10-12 नक्सली ढेर, कई हथियार बरामद

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया, जिसमें 10 से 12 नक्सलियों के मारे जाने कीसूचना है। इस ऑपरेशन में लगभग 1500 जवानों ने भाग लिया, जिन्होंने कांकेर के जंगलों को घेरकर नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई की। ऑपरेशन की शुरुआत और रणनीतिकांकेर जिले के अतखडियापारा गांव के जंगलों में नक्सलियों की उपस्थिति के बाद सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान की योजना बनाई। इस अभियान मेंसीमा सुरक्षा बल (BSF), जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और विशेष कार्य बल (STF) के लगभग 1500 जवान शामिल हुए। जवानों ने जंगलों कोचारों ओर से घेरते हुए नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी। एनकाउंटर और नक्सलियों की हताहति48 घंटे तक चले इस अभियान के दौरान सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच कई मुठभेड़ें हुईं। इन मुठभेड़ों में 10 से 12 नक्सलियों के मारे जाने कीपुष्टि हुई, जिनमें कुछ उच्च पदस्थ कमांडर भी शामिल थे। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थलों से एके-47 राइफल, एसएलआर, इंसास राइफल, एलएमजीराइफल और .303 राइफल समेत अन्य हथियार बरामद किए। आईईडी ब्लास्ट और जवानों की घायल अवस्थाइस ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को नुकसान पहुँचाने के लिए आईईडी (Improvised Explosive Device)लगाए थे। कांकेरजिले के हेतरकासा गांव में सुरक्षाबलों ने एक आईईडी का पता लगाया, जिसे निष्क्रिय करते समय विस्फोट हो गया। इस विस्फोट में BSF के जवानबी. ईश्वर राव घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। नक्सलियों के मंसूबों पर फिरा पानीसुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मंसूबों को नाकाम करते हुए उनके द्वारा लगाए गए आठ आईईडी बमों को बरामद किया। ये बम टिफिन और कुकर के रूपमें छिपाए गए थे, जिन्हें सुरक्षाबलों पर हमला करने के उद्देश्य से लगाया गया था। सभी बमों को जवानों ने मौके पर ही नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ीघटना से बचाव हुआ। मुख्यमंत्री ने की सराहनामुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफल अभियान के लिए सुरक्षाबलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार (राज्य और केंद्र में भाजपासरकार) नक्सली खतरे को समाप्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कांकेर जिले में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए इस व्यापक अभियान ने नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इससे नक्सलियों कीगतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और क्षेत्र में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

तीसरे प्रक्षेपण स्थल का निर्माण

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में तीसरे लॉन्च पैड के निर्माण को मंजूरी दी है। यह नया लॉन्च पैड भारी उपग्रहों केप्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया जाएगा, और इसका निर्माण 3,985 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। महत्व यह तीसरा लॉन्च पैड भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे उपग्रहों के प्रक्षेपण की गति तेज़ होगी और अधिक अंतरिक्ष मिशनों कासंचालन संभव होगा। भविष्य के मिशनयह नया लॉन्च पैड भारत के मानव अंतरिक्ष मिशनों को भी समर्थन देगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को प्रोत्साहित करेगा। यह भारत के अंतरिक्षकार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। इन दोनों निर्णयों से सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा, और भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमताओं में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे देशके समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। ‎

केंद्रीय कैबिनेट ने आठवें वेतन आयोग के गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इसआयोग के माध्यम से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में सुधार किया जाएगा। आयोग के अध्यक्ष और सदस्य जल्द हीनियुक्त किए जाएंगे। इस आयोग से न्यूनतम वेतन में 186% तक वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों को वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरीमिलेगी। तीसरे प्रक्षेपण स्थल का निर्माण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में 3,985 करोड़ रुपये की लागत से तीसरे प्रक्षेपण स्थल की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजनाअगले चार वर्षों में पूरी होगी, और इससे भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता को मजबूत किया जाएगा। यह नया स्थल अगली पीढ़ी के रॉकेटों और भारीउपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए डिज़ाइन किया जाएगा। इन दोनों निर्णयों से केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा और भारत की अंतरिक्ष प्रक्षेपण क्षमता में भी विस्तार होगा, जिससे देश कीप्रौद्योगिकी और विकास को बढ़ावा मिलेगा। आठवें वेतन आयोग का गठनकेंद्रीय मंत्रिमंडल ने आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी है, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। यह आयोग केंद्रीय कर्मचारियों औरपेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन करेगा, जिससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा। आठवें वेतन आयोग की पृष्ठभूमि सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 को लागू हुआ था, और इसके बाद कर्मचारियों का वेतन और पेंशन दोगुना हो गया था। आठवां वेतन आयोगमहंगाई के दबाव को देखते हुए वेतन में अधिक वृद्धि करने की संभावना है। आवश्यकता और लाभ इस आयोग की सिफारिशों से न्यूनतम वेतन में 186% तक वृद्धि हो सकती है, जिससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों कोलाभ मिलेगा। यह सिफारिशें महंगाई और कर्मचारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की जाएंगी।