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उत्तर प्रदेश बना देश के शीर्ष 5 निर्यात राज्यों में, नीति आयोग के ईपीआई 2024 में हासिल किया चौथा स्थान

उत्तर प्रदेश ने नीति आयोग के ‘निर्यात तैयारी सूचकांक (ईपीआई) 2024’ में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराते हुए देश के शीर्ष पांच बड़े राज्यों में जगह बना ली है। नीति आयोग की ओर से बुधवार को जारी इस व्यापक मूल्यांकन में उत्तर प्रदेश निर्यात तत्परता और प्रदर्शन के मामले में चौथे स्थान पर रहा है। यह रिपोर्ट देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात क्षमता को परखने के साथ-साथ उनके बीच ‘प्रतिस्पर्धी संघवाद’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम की ओर से नई दिल्ली में जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र 68.01 के स्कोर के साथ बड़े राज्यों की श्रेणी में पहले पायदान पर रहा है। महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर काबिज है। उत्तर प्रदेश ने चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि आंध्र प्रदेश इस सूची में पांचवें स्थान पर रहा। ईपीआई 2024 के इस संस्करण में वित्त वर्ष 2022 से वित्त वर्ष 2024 की अवधि के दौरान राज्यों के निर्यात प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी दी गई है। सूचकांक के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके प्रदर्शन के आधार पर ‘लीडर्स’, ‘चैलेंजर्स’ और ‘एस्पिरेंट्स’ जैसी श्रेणियों में बांटा गया है। वैश्विक व्यापार परिदृश्य के अनुरूप प्रासंगिक बना रहेछोटे राज्यों में उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन निर्यात की तैयारी केवल बड़े औद्योगिक राज्यों तक सीमित नहीं है। छोटे राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की श्रेणी में उत्तराखंड ने पहला स्थान प्राप्त किया है। इसके बाद जम्मू-कश्मीर दूसरे और नागालैंड तीसरे स्थान पर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह रैंकिंग पारंपरिक विनिर्माण केंद्रों से इतर अन्य क्षेत्रों में निर्यात की तैयारी की दिशा में हो रही निरंतर प्रगति को उजागर करती है। पिछले बार की तुलना में इस बार सूचकांक में पांच नए आयाम जोड़े गए हैं। नीति आयोग ने इस बार लॉजिस्टिक्स, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), मानव पूंजी, लागत और वित्त तक पहुंच पर अधिक ध्यान केंद्रित किया है ताकि यह बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य के अनुरूप प्रासंगिक बना रहे। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने में मददगार साबित होगारिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि यह सूचकांक केवल राज्यों की रैंकिंग करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह एक पॉलिसी गाइड के रूप में काम आएगा। इसके निष्कर्षों से राज्य अपनी कमियों की पहचान कर सकेंगे और बेहतर संस्थागत तंत्र विकसित कर सकेंगे। नीति आयोग के अनुसार, इन सुधारों से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा और वैश्विक व्यापार में एमएसएमई की भागीदारी बढ़ेगी। आने वाले समय में यह डेटा-संचालित दृष्टिकोण भारत के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने में मददगार साबित होगा।

दिल्ली में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर, कुल संख्या हुई 319; मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा तोहफा

दिल्ली को बुधवार को 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सौगात मिली। इससे दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की संख्या बढ़कर 319 हो गई है। दिल्ली सरकार ने 1100 से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। अभी 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में संचालित थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नांगल राया में नए हेल्थ सेंटर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मकर संक्रांति के इस बड़े त्योहार पर दिल्ली में आज हमने जन को अगले 81 आरोग्य मंदिर समर्पित करने का काम चल रहा है। इससे पहले 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली में खोले जा चुके हैं। लगातार इन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य में हम दिल्ली को सुविधाजनक जगह दे रहे हैं।’ केंद्र सरकार के अस्पताल शामिलदिल्ली सरकार सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के विस्तार के साथ आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-वय वंदना योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू करने में जुटी है। 13 जनवरी 2026 तक दिल्ली में कुल 6,91,530 आयुष्मान हेल्थ कार्ड जारी हो गए। इसमें 265895 वय वंदना योजना कार्ड शामिल है। योजना का लाभ देने के लिए 189 अस्पतालों को पैनल में शामिल किया जा चुका है। इसमें 138 निजी अस्पताल, 41 दिल्ली सरकार के अस्पताल और दस केंद्र सरकार के अस्पताल शामिल है। पैनल में शामिल सभी अस्पताल मरीजों को कैशलेस उपचार मुहैया करा रहे हैं। स्टेट हेल्थ एजेंसी दिल्ली की देखरेख में आयुष्मान भारत योजना के तहत अबतक 36,31,07,621 के क्लेम सेटल हो चुका है। बच्चे की देखरेख सहित कई दूसरी सुविधाएं मिल रहीपचार के लिए आने वाले मरीजों को निशुल्क डॉक्टरों से परामर्श, दवाएं, डायग्नोस्टिक टेस्ट के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर की स्क्रीनिंग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त टीकाकरण, मां और बच्चे की देखरेख सहित कई दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। दिल्ली में आज से 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर की शुरुआत हो गई है। इससे पहले 238 आरोग्य मंदिर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में संचालित थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 319 हो गई है। रेखा गुप्ता ने दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के नांगल राया में आयोजित कार्यक्रम में नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया।

20–21 जनवरी को BJP के कार्यकारी अध्यक्ष बनेंगे नितिन नबीन, पार्टी कार्यालय में पूरी होगी औपचारिकता

बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने की औपचारिकता 20-21 जनवरी तक पूरी की जा सकती है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में यह प्रक्रिया पूरी होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह उनके अध्यक्ष बनने के प्रस्तावक हो सकते हैं। अध्यक्ष पद हेतु केवल नितिन नबीन ही नामांकन कर सकते हैं। इस अवसर पर पार्टी के सभी मुख्यमंत्री, प्रदेशों के अध्यक्ष और अन्य उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे। बुधवार को मकरसंक्रांति के दिन नितिन नबीन ने पार्टी की दिल्ली प्रदेश इकाई के पूर्वांचल मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को मकरसंक्रांति की शुभकामना देते हुए कहा कि उन सबको मिलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के हित के लिए कार्य करना है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है जिसे पूरा करने के लिए सबको एकजुट होकर कार्य करना है। बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहेदिल्ली भाजपा के पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संतोष ओझा ने अमर उजाला से कहा कि मकरसंक्रांति पूर्वांचल का बहुत लोकप्रिय त्योहार है। यह पूरे विश्व के कल्याण के लिए भगवान सूर्य से प्रार्थना के लिए मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। दिल्ली सरकार का भी इसमें सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के माध्यम से हर बस्ती में कल्याण कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। मकरसंक्रांति पर प्रदेश कार्यालय पर पूर्वांचली गीत – संगीत का कार्यक्रम किया गया जिसमें भारी संख्या में पूर्वांचली कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में लगाए गए हेल्थ कैंप पर लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच भी कराई।

हिंदुत्व हमारी आत्मा है, वोट के लिए प्रदर्शन नहीं किया, निकाय चुनाव से पहले देवेंद्र फडणवीस का बयान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निकाय चुनाव के मतदान से पहले कहा कि उनकी पार्टी ने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। फडणवीस ने हिंदुत्व को अपनी पार्टी की “आत्मा” बताते हुए कहा कि यह मराठी समाज में गहराई से जुड़ा हुआ है और उनकी पार्टी हर समुदाय की परंपराओं और विश्वासों का सम्मान करती है। फडणवीस ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा हिंदुत्व हमारी आत्मा है। हमने कभी वोट पाने के लिए हिंदुत्व का प्रदर्शन नहीं किया। हमने केवल हिंदुत्व की पूजा की। क्या मराठी व्यक्ति हिंदुत्व में विश्वास नहीं करता? हम हर जाति के हिंदुत्व का उनके अपने रीति-रिवाजों के अनुसार सम्मान और पूजा करते हैं। हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़तीउन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर इशारों में निशाना साधा। ओवैसी ने हाल ही में यह कहा था कि अगर उनकी गठबंधन सरकार बनी, तो हिजाब पहनने वाली महिला मेयर बन सकती हैं। फडणवीस ने इसे मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा जब कोई ‘मराठी मुसलमानों’ के साथ गठबंधन कर के हिजाब में मेयर बनाने का दावा करता है और मराठी लोगों की अस्मिता को भ्रमित करता है, तब हमें हिंदुत्व की वास्तविकता जनता के सामने रखनी पड़ती है। हिंदुत्व से दूरी बनानासीएम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर भी आरोप लगाया कि वे चुनावी फायदे के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने बलासाहेब ठाकरे के लंबे समय से चले आ रहे लाउडस्पीकर हटाने के सपने को कानून और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार पूरा किया। फडणवीस ने कहा केवल वोट के लिए हिंदुत्व से दूरी बनाना और किसी विशेष समुदाय को लुभाना सही नहीं है। जो लोग सत्ता में आने के बाद लाउडस्पीकर वापस लगाने का दावा कर रहे थे, अब घृणास्पद ढंग से व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए।

श्रेयस अय्यर के लिए बड़ा मौका दूसरे वनडे में 3000 रन पूरे कर सकते हैं, पीछे छोड़ेंगे कोहली-धवन को

भारतीय वनडे टीम के उपकप्तान श्रेयस अय्यर न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर सकते हैं। अगर श्रेयस ऐसा करने में सफल रहे तो वह विराट कोहली और शिखर धवन को पीछे छोड़ देंगे। श्रेयस ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की थी और वडोदरा में खेले गए मैच में 47 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 49 रन बनाए थे। श्रेयस के वनडे में 68 पारियों में 47.83 के औसत से 2966 रन हैं जिसमें पांच शतक और 23 अर्धशतक शामिल हैं। श्रेयस अगर 34 रन और बना लेते हैं तो वह वनडे में सबसे तेजी से 3000 रन पूरे करने वाले भारतीय बन जाएंगे। फिलहाल ये रिकॉर्ड शिखर धवन के नाम है जिन्होंने 72 पारियों में वनडे में 3000 रन पूरे किए थे, जबकि कोहली ने 75 पारियों में ऐसा किया था। उन्होंने अपनी फिटनेस साबित कीअगर श्रेयस दूसरे वनडे मैच के दौरान वनडे में 3000 रन पूरे करने में सफल रहे तो वह ऐसा करने वाले दुनिया के चौथे सबसे तेज बल्लेबाज होंगे और इस मामले में विवियन रिचर्ड्स की बराबरी कर लेंगे। ओवरऑल ये रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के हाशिम अमला के नाम है जिन्होंने 57 वनडे पारियों में 3000 रन पूरे किए हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान श्रेयस ने तीसरे विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 77 रनों की साझेदारी की थी जिससे भारत 301 रन का पीछा करने में सफल रहा था। श्रेयस को पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चोट लगी थी जिस कारण वह मैदान से बाहर रहे थे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलकर मैदान पर वापसी की थी। श्रेयस ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ टीम की कमान संभाली और चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 53 गेंदों पर 82 रन बनाए। श्रेयस को इस दौरान बल्लेबाजी करते वक्त कोई दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने अपनी फिटनेस साबित की। इस मैच के बाद श्रेयस को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) से फिटनेस सर्टिफिकेट मिला और न्यूजीलैंड सीरीज में खेलने की मंजूरी मिल गई। भारत और न्यूजीलैंड के बीच अब बुधवार को दूसरा वनडे मैच खेला जाएगा जहां भारतीय टीम की नजरें सीरीज अपने नाम करने पर टिकी होंगी।

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने परिवहन, कृषि, ऊर्जा और शिक्षा में बड़े फैसले लिए किसानों और शहरी विकास को मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जनहित से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने जानकारी दी कि सरकार ने परिवहन, कृषि, ऊर्जा, शिक्षा और शहरी विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला-2026 एवं उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल विक्रय पर मोटरयान कर में 50 प्रतिशत छूट दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट ने मध्य प्रदेश स्पेस टेक नीति–2026 को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के तहत उपग्रह निर्माण, भू-स्थानिक विश्लेषण और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। आगामी पांच वर्षों में इस क्षेत्र में लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिससे करीब 8 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। आपूर्ति करने वाले बिडर को परियोजना आवंटित की जाएगीशैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, शिक्षक तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए 1 जुलाई 2023 अथवा उसके बाद की तिथि से 35 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर, चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान योजना प्रभावशील किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश की नई सोलर नीति को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत चार घंटे के लिए 300 मेगावाट, छह घंटे के लिए 300 मेगावाट तथा 24 घंटे के लिए 200 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार का उद्देश्य न्यूनतम टैरिफ पर उपभोक्ताओं को बिजली उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर टेंडर जारी किए जाएंगे, जिसमें न्यूनतम दर पर बिजली आपूर्ति करने वाले बिडर को परियोजना आवंटित की जाएगी। परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को लाभ होगाप्रदेश के समस्त नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के लिए “मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना पंचम चरण” को 3 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 एवं 2028-29) के लिए, 5 हजार करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजनान्तर्गत मास्टर प्लान की सड़कें जिले की प्रमुख एवं अन्य रोड तथा शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण तथा अनुषांगिक कार्य, सडक सुरक्षा एवं शहरी यातायात सुधार, शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति/सीवरेज / अन्य परियोजनाओं में गैप कवरेज से संबंधित कार्य, इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन ड्रेन तथा एसटीपी निर्माण संबंधी कार्य एवं राज्य शासन की प्राथमिकता के कार्य किये जा सकेंगे। योजना का क्रियान्वयन नगरीय निकायों द्वारा किया जायेगा। इस योजना के लागू होने से विभिन्न शहरों में आवश्यक अधोसंरचनाएँ उपलब्ध हो सकेंगीं। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से कई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना के लिए 396.21 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 11,040 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और 26 गांवों के 10 हजार परिवारों को लाभ मिलेगा। रायसेन जिले की सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना को 115.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है, जिससे 20 गांवों की 5700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। वहीं बरेली क्षेत्र के लिए 386.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 36 गांवों की 15 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इन तीनों परियोजनाओं से करीब 20 हजार किसानों को लाभ होगा।

अमित शाह: सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले मिट गए, लेकिन यह आज भी गर्व से खड़ा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति, लोगों की आस्था को खत्म करना आसान नहीं है। अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर के बीती सदियों में बार-बार तोड़े जाने और 16 बार पुनर्निर्माण का हवाला दिया। शाह ने कहा कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर पर हमले किए, वो मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी उसी जगह पर पूरे गर्व के साथ खड़ा है। लोगों को जागरूक किया जाएगाबीती 11 जनवरी को पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ किया था। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनी के हमले और मंदिर के पुनर्निर्माण के 1000 हजार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। महमूद गजनी ने साल 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था। केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे सालभर देश में मनाया जाएगा। इस दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा। मंदिर आज भी पूरे गर्व के साथ खड़ाशाह ने कहा, ‘एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया और इसे तोड़ा। उसके बाद अन्य हमलावरों जैसे अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने भी हमले किए, लेकिन हर हमले के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गांधीनगर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इस दौरान शाह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और इस पर बार-बार हमले का जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर को मिटाने वाले मिट गए, लेकिन मंदिर आज भी पूरे गर्व के साथ खड़ा है।

कांग्रेस ने शुरू किया ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, केंद्र सरकार पर योजना कमजोर करने का आरोप

देशभर में बीते कुछ दिनों से ‘मनरेगा’ योजना के नाम को लेकर खूब चर्चा चल रही है। इसका बड़ा कारण केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को हटाकर नई योजना विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना लाना है। इसके बाद से कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल सरकार के इस फैसले का जमकर विरोध कर रहे हैं। ऐसे में अब कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा कि सरकार ने इस योजना पर बुलडोजर चला दिया है, जबकि यह योजना देश के करोड़ों गरीब और ग्रामीण लोगों की रोजी-रोटी का सहारा है। इतना ही नहीं अब कांग्रेस ने देशभर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू करने का भी एलान किया है। देशभर में जन आंदोलन बनाया जाएगाबात अगर मनरेगा बचाओ संग्राम की करें तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि यह अभियान देश की करीब 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक पहुंचेगा और इसमें करोड़ों लोग जुड़ेंगे। उनका कहना है कि यह आंदोलन लोगों के काम के अधिकार, मजदूरी के अधिकार और जवाबदेही को वापस दिलाने के लिए है। बता दें कि इस पूरे अभियान की निगरानी के लिए कांग्रेस ने एक समन्वय समिति बनाई है। इसके संयोजक अजय माकन हैं, जबकि जयराम रमेश, संदीप दीक्षित और प्रियंक खरगे जैसे वरिष्ठ नेता इसके सदस्य हैं।कांग्रेस का ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चलेगा। पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई ग्रामीण गरीबों के हक और सम्मान के लिए है और इसे देशभर में जन आंदोलन बनाया जाएगा। मनरेगा की मूल भावना और उद्देश्य की रक्षा की जाएइस संग्राम को लेकर कांग्रेस ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़ें। इसके लिए पार्टी ने एक वेबसाइट भी शुरू की है, जहां लोग ऑनलाइन जुड़ सकते हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजी जाने वाली याचिका पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। कांग्रेस की याचिका में कहा गया है कि मनरेगा एक संवैधानिक अधिकार है और इसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी की प्रमुख मांगें है कि इस योजना में काम की गारंटी को पूरी तरह बहाल किया जाए, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रतिदिन तय की जाए, पंचायतों को ज्यादा अधिकार दिए जाएं और मनरेगा की मूल भावना और उद्देश्य की रक्षा की जाए। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस अभियान को लेकर विस्तृत निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मनरेगा मजदूरों को सोनिया गांधी का वीडियो संदेश दिखाया जाएगा। इसके अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से एक पत्र भी जल्द जारी किया जाएगा। इसे स्थानीय भाषाओं में छपवाकर ग्राम प्रधानों, मनरेगा मजदूरों, रोजगार सहायकों और पूर्व प्रधानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा ने राहुल, ममता और तेजस्वी पर हमला बोलते हुए वंशवादियों को सत्ता से हटाने की अपील की, कांग्रेस ने बोला तीखा हमला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को वंशवादी नेताओं को सत्ता से हटाने की अपील की और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला किया। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि ये नेता ‘अवैध घुसपैठियों’ का स्वागत करने की कोशिश कर रहे हैं और ‘विदेश से ज्ञान’ दे रहे हैं। राहुल गांधी, ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के इंस्टाग्राम पासवर्ड जानने की बात कहते हुए भाजपा ने तंज कसा। पार्टी ने जनता से अपील की कि वे ऐसे नेतृत्व आगे बढ़ाएं जो भारत की सीमाओं को सुरक्षित कर सके, न कि इसे बेच दे। वास्तविकता पर उनकी पकड़ जितनी कमजोरभाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, राहुल के ‘विदेश से ज्ञान’ यात्री जाल (टूरिस्ट ट्रैप) से लेकर ममता के ‘अवैध घुसपैठिया’ के स्वागत तक..यही विपक्ष की सुरक्षा (नीति) है, जिसमें देश की सीमाएं खुली छोड़ दी जाती हैं, जिसका कोई भी गलत फायदा उठा सकता है। भाजपा ने राजनेताओं के इंस्टाग्राम खातों के संपादित स्क्रीनशॉट भी पोस्ट किए और उनके प्रोफाइल बायो बदलकर उन पर तंज कसा। पार्टी ने कहा कि जब इंडिया ब्लॉक के नेता सोचते हैं कि राजनीतिक जुमले अभेद्य पासवर्ड बन सकते हैं, लेकिन वे वास्तविकता पर उनकी पकड़ जितनी कमजोर है, वे उतने ही कमजोर हैं। एसआईआर अभ्यास को लेकर चिंता जताईराहुल गांधी के खाते के स्क्रीनशॉट को संपादित करते हुए भाजपा ने बायो में बदलाव किया और उन्हें ‘पर्यटन का नेता’ (लीडर ऑफ पर्यटन) बताया। बायो में लिखा गया- जेन-जी कॉमेडी के मकसद से मुझे देखते हैं। स्क्रीनशॉट में ममता बनर्जी के बायो को भी बदला गया। इसमें बायो में भाजपा ने लिखा- ममता बनर्जी का आधिकारिक इंस्टाग्राम खाता, जिनके लिए अवैध अप्रवासी ही सब कुछ हैं’। वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव के स्क्रीनशॉट में संपादित बायो में लिखा था-‘जंगलराज के नेता, बिहार।’ पोस्ट में आगे लिखा गया, इन वंशवादी आपदाओं को बंद करने और वास्तविक नेतृत्व को अपनाने का समय आ गया है, जो सीमाओं को सुरक्षित करे, न कि उन्हें बेच दे। हमेशा भारत पहले। पश्चिम बंगाल में कथित ‘घुसपैठियों’ के मुद्दे पर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस एक-दूसरे पर ऐसे समय में हमले कर रहे हैं, जब राज्य विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एसआईआर अभ्यास को लेकर चिंता जताई है। आम नागरिकों के साथ हो रहे व्यवहार पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया काफी हद तक यांत्रिक हो गई है, जो तकनीकी आंकड़ों पर आधारित है और इसमें संवेदनशीलता, मानवीय स्पर्श और विवेक का अभाव है, जो लोकतंत्र में ऐसे बुनियादी अभ्यास के लिए जरूरी है।

अंबरनाथ नगर परिषद में सियासी संग्राम, उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा शिवसेना आमने-सामने

महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद की सामान्य सभा बैठक में सोमवार को उस समय हंगामा हो गया, जब परिषद के उपाध्यक्ष को लेकर चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जोरदार बहस और नारेबाजी देखने को मिली। दरअसल, अंबरनाथ नगर परिषद में लंबे समय से भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है। ऐसे में पिछले महीने हुए चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को नगर परिषद अध्यक्ष चुना गया था। लेकिन अब उपाध्यक्ष पद का चुनाव नया विवाद बन गया है। बता दें कि 60 सदस्यीय नगर परिषद में फिलहाल शिवसेना (शिंदे गुट) के 27 पार्षद, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के चार और दो निर्दलीय पार्षद हैं। शुरुआत में भाजपा ने कांग्रेस के 12 और एनसीपी के चार पार्षदों के समर्थन से ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी (एवीए)’ बनाई थी, जिससे उसके पास 32 का बहुमत हो गया था। एनसीपी के सदाशिव पाटील को उम्मीदवार बनायालेकिन बाद में कांग्रेस ने अपने 12 पार्षदों को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते निलंबित कर दिया, जिन्होंने भाजपा का साथ दिया था। इसके बाद एनसीपी के चारों पार्षदों ने भाजपा से समर्थन वापस ले लिया और शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए। इससे शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और उन्हें सदन में बहुमत मिल गया। बात अगर अब बैठक में हुए हंगामा की करें तो सोमवार की बैठक में भाजपा ने एवीए के सभी सदस्यों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटील के पक्ष में वोट देने का व्हिप जारी किया। लेकिन एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। इस फैसले का समर्थन स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किणीकर ने किया और कहा कि अब एवीए का कोई अस्तित्व नहीं है। वहीं, शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटील को उम्मीदवार बनाया। परिषद में सत्ता को लेकर तनाव बना हुआइतना ही नहीं जैसे ही चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी, सदन का माहौल बिगड़ गया। दोनों पक्षों के पार्षदों के बीच तीखी बहस, आरोप-प्रत्यारोप और गाली-गलौज शुरू हो गई। गुस्से में आए भाजपा पार्षदों को चप्पल लहराते और शिवसेना उम्मीदवार के खिलाफ नारे लगाते भी देखा गया। गौरतलब है कि उपाध्यक्ष चुनाव का आधिकारिक नतीजा मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित किया जाएगा। फिलहाल नगर परिषद में सत्ता को लेकर तनाव बना हुआ है।