नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती पर मनाया गया पराक्रम दिवस, पीएम मोदी ने बच्चों से की विशेष बातचीत

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती के अवसर पर देश में पराक्रम दिवस मनाया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान सदन केसेंट्रल हॉल में नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। पीएम ने बच्चों से की बातचीतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर बच्चों से बातचीत की, जिसका एक वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। वीडियोमें प्रधानमंत्री बच्चों से उनकी दिनचर्या, नेताजी के जन्मस्थान और अन्य विषयों पर सवाल करते नजर आए। पीएम ने बच्चों से पूछा कि वे स्कूल के लिए कितने बजे घर से निकलते हैं। बच्चों ने बताया कि वे सुबह 7 बजे घर से निकलते हैं। इस पर प्रधानमंत्रीने मुस्कुराते हुए कहा कि आज आपको सुबह 6 बजे निकलना पड़ा होगा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वे खाने का डिब्बा साथ लाए हैं। छात्राओं नेबताया कि वे नाश्ता करके आई हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि आपने सोचा होगा कि प्रधानमंत्री उसमें से हिस्सा ले लेंगे। पीएम ने बच्चों से पूछे सवालप्रधानमंत्री ने बच्चों से पूछा कि आज का दिन किसके नाम समर्पित है। छात्राओं ने उत्तर दिया कि आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है। इसकेबाद प्रधानमंत्री ने नेताजी के जन्मस्थान के बारे में पूछा, जिस पर बच्चों ने सही उत्तर देते हुए कहा कि उनका जन्म ओडिशा के कटक में हुआ था। पीएममोदी ने बताया कि आज कटक में नेताजी की याद में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है। नेताजी का प्रेरणादायक नाराप्रधानमंत्री ने बच्चों से नेताजी का प्रसिद्ध नारा पूछा, जो उन्हें प्रेरित करता है। बच्चों ने तुरंत जवाब दिया, “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।”इसविशेष बातचीत के जरिए प्रधानमंत्री ने बच्चों को नेताजी के बलिदान और उनके प्रेरणादायक विचारों से अवगत कराया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 18वीं जयंती पर कांग्रेस ने किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को किया याद

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रमआयोजित किया गया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमनकिया। नेताजी के योगदान को याद कियाकार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय राय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा, “नेताजी ने देश की आजादीके लिए आईसीएस जैसी प्रतिष्ठित नौकरी छोड़ी और विदेशी संबंधों का उपयोग कर आजाद हिंद फौज (INA) का गठन किया। उनकी कुर्बानियां औरदेशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।” नेहरु और नेताजी के संबंधों पर चर्चाअजय राय ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नेहरू और नेताजी के रिश्तों पर सवाल उठाते हैं, जबकि उनके किसी भी नेता कास्वतंत्रता संग्राम में कोई योगदान नहीं है। उन्होंने कहा, “नेताजी ने ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ‘महात्मा’ कहकर संबोधित किया था। INA में एकब्रिगेड का नाम ‘नेहरू ब्रिगेड’ रखा गया, जो दोनों नेताओं के घनिष्ठ संबंधों को दर्शाता है।” नेहरु द्वारा नेताजी की प्रतिमा का हुआ था अनावरणअजय राय ने बताया कि देश की आजादी के बाद, प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संसद में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 59 फीट ऊंची प्रतिमास्थापित करवाई थी। इस प्रतिमा का अनावरण नेहरू ने खुद किया था, जो नेताजी के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलिकार्यक्रम में कांग्रेस सांसद उज्जवल रमण सिंह, पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह, मीडिया विभाग के वाइसचेयरमैन मनीष श्रीवास्तव, प्रदेश प्रवक्ता अंशू अवस्थी, बृजेन्द्र सिंह, और सचिन रावत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।बता दें कि इस अवसर पर सभी नेताओं ने नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया और देश की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करने काआह्वान किया।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने AAP पर बोला तीखा हमला, पवन खेड़ा ने ऑडियो जारी का शराब घोटाले का किया खुलासा

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव कीउपस्थिति में एक संवाददाता सम्मेलन में आम आदमी पार्टी (आप) पर गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने शराब घोटाले से जुड़े तथ्यों का खुलासा करते हुएआप को “एल्कोहल अफेक्टेड पार्टी” करार दिया। उन्होंने ऑडियो क्लिप जारी कर मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार का आरोपलगाया। खेड़ा ने ऑडियो देखा कर उठाए सवालपवन खेड़ा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नरेला के विधायक शरद चौहान के एक ऑडियो में यह खुलासा हुआ है कि आप की सरकार ने शराबकंपनियों से धन जुटाकर दिल्ली के साथ अन्य राज्यों के चुनावों में इस्तेमाल किया। ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा गया कि अब दिल्ली मेंपंजाब से पैसा आ रहा है। उन्होंने कहा कि “आम आदमी पार्टी के शराब मंत्री मनीष सिसोदिया ने, केजरीवाल की सलाह पर, शराब नीति का इस्तेमाल कर घोटाले को अंजामदिया।” खेड़ा ने कहा, “दिल्ली को शिक्षा सुधारने वाले मंत्री की जरूरत थी, लेकिन सिसोदिया ने शराब से पैसा कमाने और इसे चुनावों में इस्तेमालकरने का काम किया।” केजरीवाल की ईमानदारी सामने आईदिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ईमानदारी और पारदर्शिता के खोखले दावे किए, लेकिन सच्चाई अब जनता केसामने है। उन्होंने कहा, “आप की शीर्ष नेतृत्व ने शराब घोटाले को अंजाम देकर जनता के साथ विश्वासघात किया है। यह कांग्रेस की शिकायत का हीनतीजा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री जेल गए हैं।” देवेन्द्र यादव ने AAP पर बोला तीखा हमलादेवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में आप सरकार ने दिल्ली में शराब व्यापार को बढ़ावा दिया, जिससे बेरोजगारी और नशे कीसमस्या बढ़ी। उन्होंने कहा कि “केग ने 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की पुष्टि की है, जिससे दिल्ली के टैक्सपेयर्स का भारी नुकसान हुआ।” कांग्रेस ने केजरीवाल सरकार से पूछे 7 सवाल1. लाइसेंस में घोटाला क्यों हुआ?दिल्ली एक्साइज रूल 2010 की धारा 35 का उल्लंघन करते हुए एक ही कंपनी को होलसेल और रिटेल लाइसेंस दिए गए, जिससे कार्टेलाइजेशनको बढ़ावा मिला।2. शराब की कीमतें क्यों बढ़ाईं?ठेकेदारों को शराब की कीमत तय करने की छूट देकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को राजस्व का नुकसान पहुंचाया।3. शराब की गुणवत्ता पर समझौता क्यों?बीआईएस मानकों के विपरीत घटिया गुणवत्ता वाली शराब को लाइसेंस दिया गया।4. अवैध शराब पर कार्रवाई क्यों नहीं?65% छापे केवल देशी शराब पर हुए, जबकि अवैध विदेशी शराब की अनदेखी की गई।5. एंड-टू-एंड ट्रैकिंग सिस्टम लागू क्यों नहीं किया?2013 में कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई बारकोड प्रणाली को लागू करने में ढिलाई बरती गई।6. एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों को नजरअंदाज क्यों किया?लाइसेंस फीस के बजाय हर बोतल पर ड्यूटी लगाने की सिफारिशें अनदेखी कर दी गईं।7. रीटेंडर क्यों नहीं किया गया?समय से पहले छोड़े गए ठेकों का रीटेंडर न कर राज्य को राजस्व का नुकसान क्यों पहुंचाया गया? कांग्रेस ने क्या दावा किया?देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली की जनता आप सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है और अब कांग्रेस को पूर्ण बहुमत देकर सत्ता में लाने का मन बनाचुकी है। उन्होंने कहा कि “हम दिल्ली को केजरीवाल के भ्रष्टाचार से मुक्त कर एक नई शुरुआत देंगे।”
उत्तर प्रदेश में टोल प्लाजा घोटाला: 120 करोड़ रुपये की चोरी, इंजीनियर ने रची पूरी साजिश

उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजाओं पर एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें 120 करोड़ रुपये की चोरी की गई है। यह घोटाला उत्तर प्रदेशके मिर्जापुर जिले के अतरैला राजा टोल प्लाजा पर हुआ है। घोटाले का तरीकाइस घोटाले में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपना खुद का सॉफ्टवेयर बनाकर टोल प्लाजा पर लगाया था। यह सॉफ्टवेयर फर्जी रसीदें बनाता था औरवाहन मालिकों से दोगुना शुल्क वसूलता था। गिरफ्तारी और जांचउत्तर प्रदेश एसटीएफ ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी शामिल है। एसटीएफ की जांच में पता चलाहै कि यह घोटाला कई अन्य टोल प्लाजाओं पर भी हुआ है। सरकारी राजस्व पर आसारइस घोटाले से सरकारी राजस्व पर बड़ा असर पड़ा है। एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह घोटाला 120 करोड़ रुपये का है, जो सरकारीराजस्व का बड़ा हिस्सा है। आगे की कार्रवाईउत्तर प्रदेश एसटीएफ इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया है कि जल्द ही इस घोटाले से जुड़े अन्य टोलप्लाजाओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तेलंगाना में दिल दहलाने वाली घटना: पति ने पत्नी की हत्या कर प्रेशर कीकर में उबला शव, फिर झील में फेंक दिया

तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक पूर्व सैनिक ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसके शव कोटुकड़ों में काट दिया। इसके बाद उसने उन टुकड़ों को उबालकर झील में फेंक दिया। यह दिल दहला देने वाला अपराध पुलिस की गहन पूछताछ केबाद सामने आया। शिकायत से हुआ खुलासा18 जनवरी को गुरु मूर्ति नाम के व्यक्ति ने मीरपेट पुलिस थाने में अपनी पत्नी वेंकट माधवी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। 35 वर्षीयमाधवी की अचानक गुमशुदगी से पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गुरु मूर्ति के बयानों में विरोधाभास पाया गया। पुलिस कीसख्ती बढ़ने पर उसने इस भयावह घटना को कबूल कर लिया। हत्या को कैसे दिया अंजाम?गुरु मूर्ति ने स्वीकार किया कि उसने गुस्से में अपनी पत्नी की हत्या की। इसके बाद उसने शव को टुकड़ों में काटकर प्रेशर कुकर में उबाला। इसअमानवीय कृत्य के बाद उसने उबले हुए हिस्सों को जिल्लेलगुडा झील में फेंक दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।हत्या की वजह पर संदेह पुलिस के मुताबिक, गुरु मूर्ति और माधवी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, हत्या के पीछे का स्पष्ट कारण अब तक सामने नहींआया है। वारदात के समय उनके बच्चे घर पर नहीं थे, और यह हत्या अकेले गुरु मूर्ति ने की। क्या करता है गुरुमूर्ति?गुरु मूर्ति सेना में सेवा कर चुका था और वर्तमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर काम कर रहा था।13 साल पहले उसने वेंकट माधवी से शादी की थी। उनकी शादीशुदा जिंदगी में लंबे समय से तनाव बना हुआ था। पुलिस कार्रवाई और सबूतों की तलाशशुरुआत में खुद को निर्दोष साबित करने के लिए गुरु मूर्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस नेगहराई से जांच शुरू की। तलाशी के दौरान पुलिस को कई पुख्ता सबूत मिले, जो उसके अपराध की पुष्टि करते हैं। पुलिस ने झील से शव के टुकड़ों को खोजने के लिए विशेष अभियान चलाया और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाकर सबूत जुटाए। घटना पर समाज की प्रतिक्रियाइस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। लोग हैरान हैं कि एक पूर्व सैनिक, जिसने देश की सेवा की है, अपनी पत्नी के साथ इस हद तक क्रूरताकर सकता है। यह घटना घरेलू हिंसा और शादीशुदा जीवन में तनाव के गंभीर परिणामों को उजागर करती है। मामले की जांच जारीपुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उससे गहन पूछताछ जारी रखी है। झील से शव के सभी हिस्सों को बरामद करने की प्रक्रिया भी चल रही है।पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को सशक्त सबूतों के साथ अदालत में पेश करेंगे। वहीं रंगारेड्डी जिले की इस घटना ने मानवता को शर्मसार करदिया है। यह मामला रिश्तों में गुस्से और असहमति के खतरनाक परिणामों का उदाहरण है। ऐसे अपराधों को रोकने के लिए समाज को मानसिकस्वास्थ्य, पारिवारिक संवाद और जागरूकता पर ध्यान देने की जरूरत है। पुलिस की जांच से इस घटना के और पहलू सामने आने की संभावना है, लेकिन यह घटना हर किसी को रिश्तों में विश्वास और संयम बनाए रखने कासंदेश देती है।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128 वीं जयंती, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, तमाम दिग्गज भी रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती के अवसर पर संविधान सदन में उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर उनकेसाथ उनके कैबिनेट सहयोगी, राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थितथे। यह दिन पूरे देश में “पराक्रम दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है, जिसे केंद्र सरकार ने 2021 में नेताजी की जयंती के अवसर पर घोषित कियाथा। पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलिपीएम मोदी ने इस अवसर पर अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, “आज, पराक्रम दिवस पर, मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस कोश्रद्धांजलि देता हूं। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान अद्वितीय है। वे साहस और धैर्य के प्रतीक थे। उनकी दृष्टि हमें प्रेरित करती है क्योंकिहम उनके द्वारा देखे गए भारत के निर्माण की दिशा में काम करते हैं।” प्रधानमंत्री ने संविधान सदन में स्कूली छात्रों से भी बातचीत की। छात्रों ने नेताजी से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं को साझा किया, और पीएम ने उन्हेंनेताजी के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। पराक्रम दिवस का महत्वपराक्रम दिवस नेताजी की देशभक्ति, उनकी दृढ़ता और आज़ादी की लड़ाई में उनके अद्वितीय योगदान को स्मरण करने का दिन है। नेताजी ने “आजादहिंद फौज” की स्थापना कर भारत की स्वतंत्रता के लिए एक सशक्त सैन्य अभियान चलाया था। उन्होंने “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” जैसेप्रेरणादायक नारे से युवाओं में जोश भरा। संविधान सदन में कार्यक्रमइस मौके पर संविधान सदन में आयोजित कार्यक्रम में नेताजी के जीवन पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें उनके द्वारा उपयोगकिए गए व्यक्तिगत सामान, दस्तावेज, और आज़ाद हिंद फौज से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों को प्रदर्शित किया गया। खड़गे और ओम बिरला भी रहे मौजूदराज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस अवसर पर नेताजी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, “नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे महाननेता थे, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की सेवा में समर्पित कर दी। उनका साहस और नेतृत्व हमेशा प्रेरणा स्रोत रहेगा।” लोकसभा अध्यक्ष ओमबिरला ने नेताजी के विचारों को राष्ट्र के लिए मार्गदर्शक बताया। नेता जी का जीवन और स्वतंत्र संग्राम की भूमिकासुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओडिशा के कटक में हुआ था। बचपन से ही उनमें देशभक्ति की भावना प्रबल थी। उन्होंनेआईसीएस (भारतीय सिविल सेवा) की परीक्षा पास करने के बावजूद, ब्रिटिश शासन की नौकरी को अस्वीकार कर दिया और स्वतंत्रता आंदोलन मेंशामिल हो गए। नेताजी ने महात्मा गांधी और अन्य नेताओं के साथ मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी। हालांकि उनके विचार गांधीजी से अलग थे, लेकिन उनकीस्वतंत्रता के प्रति प्रतिबद्धता पर कभी सवाल नहीं उठाया जा सकता। नेताजी ने जापान और जर्मनी जैसे देशों का सहयोग लेकर “आजाद हिंद फौज” बनाई और अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का नेतृत्व किया। सरकार का प्रयास2021 में, नेताजी की जयंती को “पराक्रम दिवस” के रूप में घोषित करना केंद्र सरकार का नेताजी के योगदान को सम्मान देने का एक प्रयास था।सरकार ने उनके नाम पर कई योजनाओं और परियोजनाओं की घोषणा की है। नेताजी से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करने और उनकी विरासतको अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। युवाओं को प्रेरणानेताजी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी आत्मनिर्भरता, साहस, और अडिग विश्वास हमें यह सिखाते हैं कि विपरीत परिस्थितियों मेंभी कैसे देशहित को सर्वोपरि रखा जा सकता है।
महाराष्ट्र के जलगांव में हुए दर्दनाक रेल हादसा का पता चला कारण, अफवाह ने ली 13 लोगों की जान, जानिए पूरा मामला

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में 22 जनवरी की रात एक रेल हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए थे। यह घटना तब हुई जबट्रेन में आग लगने की अफवाह ने यात्रियों में दहशत फैला दी थी। घबराहट में लोग चलती ट्रेन से कूद गए और दूसरी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आगए थे। कैसे हुआ था हादसा?यह घटना भुसावल रेलवे स्टेशन के पास हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक चायवाले ने ट्रेन में आग लगने की झूठी अफवाह फैलाई थी और ट्रेनकी चेन खींचकर उसे रोक दिया था । इससे यात्री डर के मारे ट्रेन से उतरने लगे थे । कुछ लोगों ने घबराहट में ट्रैक पर कूदने का फैसला किया था ।तभी बंगलौर एक्सप्रेस तेज रफ्तार से आई और यह भयावह दुर्घटना हो गई थी। अब तक 13 लोगों की हुई मौतघटना के दौरान बंगलौर एक्सप्रेस ने 13 लोगों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी । इसके अलावा कई लोग घायल हो गए, जिनमें से कुछ की अभी भी हालत गंभीर बताई जा रही है। चश्मदीदों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहींमिला। सीएम ने भी जताया दुखमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायतादेने की घोषणा की। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि घायलों को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जाए और घटना की गहन जांच की जाए। जांच में पता चला भगदड़ का कारण?झूठी अफवाह फैलाने और ट्रेन की चेन खींचने वाले चायवाले को हिरासत में लिया गया है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों का कहना है कि उसकीलापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने चायवाले से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग हो रही है। रेलवे सुरक्षा पर सवालइस हादसे ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चायवाले द्वारा ट्रेन रोकने और अफवाह फैलाने जैसी घटनाएं रेलवे नियमों काउल्लंघन हैं। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं में संयम बनाए रखें और पैनिक न करें। पीड़ित परिवारों का दर्दहादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है। एक मृतक के परिवार ने कहा, “हमने अपने प्रियजन को खो दिया और यहसब सिर्फ एक झूठी अफवाह के कारण हुआ।” रेलवे और राज्य सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है, लेकिन यह दुख की भरपाई नहीं कर सकता। यत्रियों के लिए संदेशयह घटना इस बात की सीख देती है कि किसी भी आपात स्थिति में घबराहट और अफवाहों से बचना चाहिए। रेलवे ने यात्रियों से सतर्क और संयमितरहने की अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को टाला जा सके।
जम्मूकश्मीर के राजौरी में रहस्यमयी बीमारी का कहर, अब तक 17 लोगों की मौत, 3 नए मरीज मिले

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक रहस्यमयी बीमारी ने लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। जिले के बदहाल गांव में इसबीमारी का प्रकोप सात दिसंबर से जारी है, और अब तक इससे 17 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में ज्यादातर बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। मौतों का सिलसिला और गांव में मातमगांव के निवासी मुहम्मद असलम के घर पर मातम का माहौल है। उनके छह बच्चे, मामा और मामी इस बीमारी का शिकार हो गए। पूरे परिवार में गमऔर भय का माहौल है। गांव के अन्य परिवार भी डरे हुए हैं क्योंकि बीमारी के कारण और लक्षण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। स्थानीय लोगों नेबताया कि मौतों का सिलसिला अचानक शुरू हुआ, और कुछ ही दिनों में यह गंभीर रूप ले चुका है। बीमारी के लक्षण और असररिपोर्ट्स के अनुसार, बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, उल्टी और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। कुछ मरीजों में न्यूरोलॉजिकल लक्षण भीदेखे गए हैं, जैसे चक्कर आना और बेहोशी। डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पीड़ितों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ती है कि उन्हें बचानेका समय नहीं मिल पाता। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रियाघटनाओं की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को गांव में भेजा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने क्षेत्र में सर्वेक्षण औरजांच अभियान शुरू किया है। मेडिकल टीमों ने बीमारी की वजह जानने के लिए प्रभावित लोगों के रक्त के नमूने और अन्य परीक्षण लिए हैं। राजौरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने कहा, “हमने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह बीमारी संक्रमण है, खाद्यविषाक्तता है, या किसी अन्य कारण से फैल रही है।” प्रशासन ने प्रभावित गांव के आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने के आदेश दिए हैं। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं शुरूराजौरी जिले के अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीमें गठित की हैं जो हर मरीज की स्थिति पर नजररख रही हैं। मरीजों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। बीमारी के संभावित कारणविशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी के संभावित कारणों में दूषित पानी, भोजन या वायुजनित संक्रमण हो सकता है। बदहाल गांव में स्वच्छ पेयजल औरउचित स्वच्छता सुविधाओं की कमी के कारण ऐसी बीमारियां आसानी से फैल सकती हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हमारे गांव में स्वच्छता काअभाव है। नालियां जाम हैं और पीने का पानी भी साफ नहीं है। यह समस्या बहुत पुरानी है।” गांव के लोगों में डर और अफवाहेंगांव के लोग इस रहस्यमयी बीमारी को लेकर डरे हुए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह कोई विषाक्त संक्रमण है, जबकि अन्य इसे ईश्वरीय प्रकोपमान रहे हैं। अफवाहों के कारण लोगों में दहशत और बढ़ गई है। सरकार और NGOs का हस्तक्षेपजिला प्रशासन ने कहा है कि गांव में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। साथ ही, NGOs को भी शामिल करके स्वच्छता और स्वास्थ्यसेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है। राहत सामग्री और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है। संपूर्ण जांच की आवश्यकताइस रहस्यमयी बीमारी के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च-स्तरीय टीम गठित की गई है। टीम ने कहा है कि विस्तृत रिपोर्ट आनेमें कुछ समय लग सकताराजौरी जिले के बदहाल गांव में रहस्यमयी बीमारी ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। अब तक 17 मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्यविभाग को चुनौती दी है। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं की कमी को उजागर करती है। सभी कीउम्मीदें अब जांच रिपोर्ट और सही इलाज के इंतजार पर टिकी हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: पीएम मोदी ने “मेरा बूथ सबसे मजबूत” कार्यक्रम को किया संबोधित, बीजेपी कार्यकर्ताओं से कहा- हार के डर से आपदावाले घोषणाएं कर रहे हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के “मेरा बूथ सबसे मजबूत” कार्यक्रम में पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवादकिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीजेपी के कार्यकर्ताओं को नई दिशा और उनके कर्तव्यों की याद दिलाना था। पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं सेअपेक्षाएँ जताई, जिसमें स्थानीय प्रशासन की नाकामियों को उजागर करने के लिए वे सक्रिय रूप से कदम उठाएं। कार्यकर्ताओं से प्रशासन की लापरवाही को उजागर करने की अपीलप्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने-अपने बूथ क्षेत्रों में कूड़े के ढेर, टूटी नालियों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओंको उजागर करें। उन्होंने कहा कि इसके लिए कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन का इस्तेमाल करके तस्वीरें और वीडियो लेकर सोशल मीडिया पर साझाकरनी चाहिए। यह कदम प्रशासन पर दबाव डालने और सुधार की दिशा में कदम उठाने के लिए आवश्यक था। ईमानदारी से काम करने की सलाहप्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं को यह याद दिलाया कि वे भारतीय जनता पार्टी के प्रचारक ही नहीं, बल्कि समाज के जिम्मेदार नागरिक भी हैं। उन्होंनेउन्हें ईमानदारी से स्थानीय समस्याओं को उजागर करने की सलाह दी, ताकि आम जनता को यह समझ में आए कि उनकी समस्याओं को सरकारगंभीरता से ले रही है और उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। कार्यकर्ताओं की शक्ति और एकता पर बलपीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ स्तर पर एकजुट होकर काम करें और पार्टी की ताकत को पहचानें। उन्होंने इसे पार्टी की सफलता केलिए जरूरी बताया और कार्यकर्ताओं को हमेशा पार्टी के मिशन के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा दी। पार्टी के प्रति विश्वास और समर्थन बढ़ाने की दिशा में कदमप्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान बताया कि जब बीजेपी कार्यकर्ता स्थानीय समस्याओं को उजागर करेंगे, तो इसका सीधा असर पार्टी की छवि परपड़ेगा। यह कदम पार्टी के प्रति लोगों का विश्वास और समर्थन बढ़ाने में मदद करेगा। जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में कार्य करने की प्रेरणाप्रधानमंत्री मोदी ने कार्यकर्ताओं से यह भी अपील की कि वे हमेशा जनसमस्याओं के समाधान के लिए काम करें। बीजेपी, उन्होंने कहा, हमेशा जनहितके मुद्दों पर काम करने वाली पार्टी है और इसका उद्देश्य सिर्फ समस्याओं का समाधान करना है।बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की आवश्यकताकार्यक्रम के अंत में, पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “आपका बूथ सबसे मजबूत होगा, तभी पार्टी सबसे मजबूत होगी।” उनका यह संदेश कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिए था और यह सुनिश्चित करने के लिए था कि वे पार्टी के काम में सक्रिय रूप से शामिल हों। आगामी चुनावों के लिए रणनीतिक रूप से मजबूत पार्टीप्रधानमंत्री ने अंत में यह विश्वास व्यक्त किया कि यदि पार्टी के कार्यकर्ता अपनी मेहनत और निष्ठा से बूथ स्तर की संरचना को और मजबूत करेंगे, तोबीजेपी अगले चुनावों में एक शानदार जीत हासिल कर सकेगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: दिल्ली में मोदी की 3 ओर योगी की 14 जनसभाएं, कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी की भी ताबड़तोड़ रैलियों

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी प्रचार रणनीति को तेज़ कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों के माध्यम से पार्टी मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी कितनी जनसभाएं करेंगे?दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री ने खुद कमान संभाली है। आम आदमी पार्टी का सामना करने के लिए पीएम मोदी 29 जनवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के यमुना खादर क्षेत्र में रैली करेंगे। उसके बाद 31 जनवरी को पश्चिमी दिल्ली के द्वारका में सेक्टर-14 के पास स्थित वेगास मॉल केनिकट। वहीं 2 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करेंगे। इन रैलियों के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को दिल्लीवासियों के बीच प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियांयोगी आदित्यनाथ 23 जनवरी से दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में कुल 14 रैलियां करेंगे। इन रैलियों में प्रमुख क्षेत्रों जैसे किराड़ी, बाहरी दिल्ली, केशवपुरम, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, शाहदरा, करोल बाग, नजफगढ़, महरौली, दक्षिण दिल्ली और मयूर विहार शामिल हैं। इन रैलियों में योगी आदित्यनाथविशेष रूप से पूर्वांचली मतदाताओं को आकर्षित करने का प्रयास करेंगे, जो दिल्ली में एक महत्वपूर्ण जनसंख्या बनाते हैं। अन्य प्रमुख नेताओं की रैलियांइसके अतिरिक्त, भाजपा के वरिष्ठ नेता जैसे गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, हरदीप पुरी और धर्मेंद्र प्रधान भी दिल्ली में रैलियों और रोड शो के माध्यम से प्रचार करेंगे। इन नेताओं की रैलियों का विवरण पार्टी द्वारा समय-समयपर साझा किया जाएगा। पूर्वांचली मतदाताओं पर विशेष ध्यानबीजेपी ने दिल्ली में लगभग 50% पूर्वांचली मतदाताओं को अपनी प्राथमिकता में रखा है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने भोजपुरीअभिनेता और सांसद मनोज तिवारी, रवि किशन, निरहुआ, स्मृति चौधरी और गिरिराज सिंह जैसे पूर्वांचली चेहरों को अपने प्रचार अभियान में शामिलकिया है। पार्टी विशेष रूप से बाइक रैलियों और छोटी बैठकों का आयोजन कर इन मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है। चुनाव प्रचार की रणनीतिभा.ज.पा. ने चुनाव प्रचार के लिए अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। गणतंत्र दिवस के बाद पार्टी रैलियों की संख्या बढ़ाएगी और अधिकनेताओं को प्रचार में शामिल करेगी, जिससे मतदाताओं तक अपनी पहुंच बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस का प्रचार अभियानकांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपनी पहली रैली 13 जनवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर क्षेत्र मेंआयोजित की थी। इसके बाद, वह 22 से 24 जनवरी तक दिल्ली में लगातार तीन रैलियां करेंगे। 22 जनवरी को सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र केइंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के पास शाम 5 बजे रैली करेंगे। साथ ही 23जनवरी को मुस्तफाबाद विधानसभा में साथ ही, 24 जनवरी को मादीपुर विधानसभाक्षेत्र में जनता को संबोधित करेंगे। इन रैलियों में राहुल गांधी कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे, और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी इन रैलियों में शामिल होंगे। वहींदिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने प्रचार अभियानों को तीव्र कर रहे हैं। भाजपा विशेष रूप से पूर्वांचलीमतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जबकि कांग्रेस अपने चुनाव प्रचार में राहुल गांधी के नेतृत्व को प्रमुखता दे रही है। यह देखना दिलचस्प होगाकि दोनों पार्टियों की रणनीतियां आगामी चुनाव परिणामों पर क्या असर डालती हैं।