मुंबई हमलों के दोषी तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण तय, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने दी मंजूरी

2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिकाखारिज कर दी है, जिससे भारत को उसे लाने की प्रक्रिया तेज करने में मदद मिलेगी। कौन है राणा?तहव्वुर राणा पाकिस्तानी मूल का कनाडाई नागरिक है, जो फिलहाल लॉस एंजिल्स की जेल में कैद है। राणा पर 26/11 हमलों की साजिश रचनेवाले डेविड कोलमैन हेडली के साथ षड्यंत्र रचने और समर्थन प्रदान करने का आरोप है। हेडली ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए मुंबई के विभिन्न स्थानों कीरेकी की थी, जो इन हमलों में अहम भूमिका निभाते थे।कब हुआ था मुंबई हमला26 नवंबर 2008 को, 10 आतंकवादियों ने समुद्र के रास्ते मुंबई में प्रवेश किया और कई अहम स्थानों पर हमले किए। इनमें ताज होटल, ओबेरॉयट्राइडेंट, नरीमन हाउस, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, और कामा अस्पताल जैसे स्थल शामिल थे। इन हमलों में 175 लोग मारे गए, जिनमें 9 आतंकवादीभी थे। एकमात्र जीवित पकड़े गए आतंकी अजमल कसाब को 2012 में फांसी दी गई थी। राणा के कानूनी लड़ाईतहव्वुर राणा ने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए अमेरिकी अदालतों में कई अपीलें कीं। उसने ‘दोहरे खतरे के सिद्धांत’ का हवाला देते हुए यह तर्क दियाकि उसे अमेरिका में इसी अपराध से जुड़ी सुनवाई के लिए बरी किया जा चुका है। लेकिन अमेरिकी सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को समझाया कि भारतमें उस पर मुकदमा चलाने से इस सिद्धांत का उल्लंघन नहीं होगा। आखिरकार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा की याचिका खारिज कर दी, जिससे उसके भारत प्रत्यर्पण का मार्ग साफ हो गया। भारत के लिए क्या है महत्व?भारत कई वर्षों से राणा के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा था। उसके भारत लाए जाने के बाद जांच एजेंसियां हमले की साजिश और इसमें शामिल अन्यलोगों की भूमिका की गहराई से पड़ताल कर सकेंगी। आगे की कानूनी प्रक्रियाराणा को भारत लाने के लिए अब दोनों देशों के अधिकारी समन्वय करेंगे। प्रत्यर्पण के बाद, उस पर भारतीय अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा।यह मामला आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है और भविष्य में दोनों देशों के बीच सुरक्षा साझेदारीको और मजबूत करेगा। न्याय की ओर एक और कदमराणा का भारत प्रत्यर्पण न केवल 26/11 हमले के पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है, बल्कि यह वैश्विक स्तर परआतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का भी प्रतीक है। यह दर्शाता है कि आतंकवाद के दोषियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदायएकजुट है।
यूपी कांग्रेस मुख्यालय में कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर कांग्रेस ने अर्पित की श्रद्धांजलि

बिहार राज्य के दूसरे उपमुख्यमंत्री और दो बार मुख्यमंत्री रहे स्वतंत्रता सेनानी कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय परश्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष श्री दिनेश सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी की तस्वीर पर पुष्पअर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कर्पूरी ठाकुर का जीवन और संघर्षश्री दिनेश सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी के जीवन की प्रमुख घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म समस्तीपुर जिले केपितौंझिया गांव (अब कर्पूरी ग्राम) में हुआ था। कर्पूरी जी ने 1940 में पटना विश्वविद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा पास की। इसके बाद 1942 मेंभारतीय स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े और 26 महीने तक भागलपुर के कैंप जेल में बंद रहे। 1945 में रिहा होने के बाद उन्होंने 1948 में आचार्य नरेंद्रदेव और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में समाजवादी आंदोलन में भाग लिया और प्रादेशिक मंत्री बने। दलित वर्ग के लिए जीवन समर्पित कियाश्री सिंह ने कर्पूरी ठाकुर जी की कड़ी मेहनत और संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वे हमेशा दलित, शोषित और वंचित वर्ग के उत्थान के लिएकार्य करते रहे। उनके सरल स्वभाव, स्पष्ट विचार और दृढ़ इच्छाशक्ति ने लोगों को उनकी ओर आकर्षित किया। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहारमें हुए विकास को हमेशा याद किया जाएगा। कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलिइस अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता डॉ. सुधा मिश्रा, प्रो. आर.बी. बौद्ध, चेतराम भारती, हर्ष, तुषार, सुबोध सहाय, ओ.पी. शर्मा, देवेन्द्र सिंह चौहान सहित अन्य नेताओं ने भी कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कांग्रेस का आरोप: पीएम मोदी के कार्यकाल में रुपये की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट

रूपये पर राजनीतिक घमासान: कांग्रेस ने लगाया आरोप, सुर्पिया श्रीनेत बोली– डॉलर के सामने रूपये का शतक लगवाकर ही मनाएंगे पीएम कांग्रेस पार्टी ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी की सोशल मीडियाप्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इस पर तंज करते हुए कहा कि पीएम मोदी तब तक संतुष्ट नहीं होंगे, जब तक रुपये का शतक नहीं लगता। उन्होंने कहा किवर्तमान सरकार के शासन में रुपये का मूल्य 50% गिर चुका है और रिजर्व बैंक की लाख कोशिशों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा। रुपए की गिरावट पर कांग्रेस का हमलासुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “रुपया लगातार गिरता जा रहा है और इसे ढूंढने के लिए अब मैग्निफाइंग ग्लास की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी को यहसमझाना चाहिए कि रुपये का शतक नहीं, बल्कि रुपये को संभालना है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि रुपये का मूल्य 87 के आसपास जा सकता है, जोकि चिंता का विषय है। पिछले वर्षों में रुपये का अवमूल्यनसुप्रिया श्रीनेत ने पीएम मोदी की एक पुरानी टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि एक प्रमुख अर्थशास्त्री ने कहा था कि जैसे-जैसे रुपया गिरता है, वैसे-वैसे प्रधानमंत्री की प्रतिष्ठा भी गिरती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी मई 2014 में प्रधानमंत्री बने थे, तब डॉलर के मुकाबलेरुपये की कीमत 58 थी, जो अब बढ़कर 87 तक पहुंच गई है।रिजर्व बैंक पर भी जताया संदेहकांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि रुपये को बचाने के लिए रिजर्व बैंक ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। 2024 में विदेशी मुद्रा भंडार 704 अरब डॉलरथा, लेकिन इसके बाद 80 अरब डॉलर खर्च किए गए हैं। बावजूद इसके रुपये की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया है। कांग्रेस ने पीएम पर लगाए आरोपसुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी रुपये के मूल्य को गिराने में पूरी तरह से जुटे हुए हैं। उनका कहना था, “ऐसा लग रहा है जैसेप्रधानमंत्री रुपये की गिरावट को बढ़ावा दे रहे हैं और रुपये को 87 तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिएकि रुपये की स्थिरता के लिए कौन से कदम उठाए जा रहे हैं।” रुपये की स्थिरता की मांगकांग्रेस ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री को रुपये की गिरावट को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि देश की अर्थव्यवस्था और आमनागरिक की स्थिति पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।
आम आदमी पार्टी को आरएलपी का समर्थन, हनुमान बेनिवाल करेंगे चुनाव प्रचार, केजरीवाल ने भी जताया आभार

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद हनुमान बेनिवाल ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजकअरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। इस दौरान दिल्ली विधानसभा चुनाव और देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चर्चा हुई। हनुमान बेनिवाल ने”आप” को अपना समर्थन देने का एलान किया और दिल्ली चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार करने का भरोसा दिलाया। केजरीवाल ने भी जताया आभारअरविंद केजरीवाल ने हनुमान बेनिवाल के समर्थन को सराहते हुए कहा, “मैं बेनिवाल जी का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं। उन्होंने खुलकर ‘आप’ कोसमर्थन देने की बात कही है। आम आदमी पार्टी ईमानदारी और सच्चाई के साथ खड़ी है, और इसी वजह से हमें यह समर्थन मिला है।” केजरीवाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी बेनिवाल के समर्थन का जिक्र करते हुए इसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण करार दिया। बेनीवाल ने की जाट समाज से अपीलहनुमान बेनिवाल ने दिल्ली में जाट समाज से आम आदमी पार्टी को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने कहा, “भाजपा को सबक सिखाने के लिए‘आप’ को वोट देना जरूरी है। अरविंद केजरीवाल न केवल हमारी लड़ाई को आगे बढ़ा सकते हैं बल्कि दिल्ली में जाट आरक्षण की लड़ाई में भी हमारासाथ देंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने हमेशा जाट समाज को केवल वादों में उलझाकर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा साम-दाम-दंड-भेद काइस्तेमाल कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हनुमान बेनिवाल ने जाट समाज के आरक्षण की बात करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और अन्य 12 राज्यों में जहां-जहां आरक्षण की मांगअधूरी है, उसे पूरा करने के लिए आम आदमी पार्टी के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा, “इस बार उम्मीदवार की जाति को देखकर वोटदेने का समय नहीं है। यह लड़ाई बड़ी है, और इसे जीतने के लिए दिल्ली में ‘आप’ की सरकार बनना जरूरी है।” ED और CBI पर लगाए आरोपबेनिवाल ने केंद्र सरकार पर ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो भी नेता केंद्र सरकार के खिलाफ बोलताहै, उसे इन एजेंसियों के माध्यम से परेशान किया जाता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया और कहा कि इंडिया गठबंधन में उनकी पार्टी”आप” के साथ मजबूती से खड़ी है। दिल्ली चुनाव पर क्या बोले बेनीवालबेनिवाल ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि टैक्सी चालकों, रेलवेकर्मियों और छोटे व्यवसायियों से बातचीत में यह साफ हुआ कि जनता केजरीवाल के काम से खुश है और एक बार फिर उन्हें मौका देना चाहती है। जाट समाज के लिए लड़ाई का आहावानहनुमान बेनिवाल ने कहा कि जाट समाज को अब भाजपा की राजनीति से सावधान रहना होगा। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज केंद्र सरकारमें जाट समाज का कोई भी प्रतिनिधि नहीं है। जाट समाज को अपनी राजनीतिक ताकत का एहसास करना होगा और सही दिशा में कदम बढ़ाने होंगे।”
कर्पूरी ठाकुर की 101वीं जयंती पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के ओबीसी विभाग ने दी श्रद्धांजलि

बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) विभाग द्वारा आज जननायक भारत रत्न एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की 101वींजयंती धूमधाम से मनाई गई। यह आयोजन कांग्रेस मुख्यालय, सदाकत आश्रम, पटना में किया गया, जिसकी अध्यक्षता ओबीसी विभाग के उपाध्यक्षउदय शंकर पटेल ने की। कर्पूरी ठाकुर के कामों की चर्चाकार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “कर्पूरी ठाकुरगरीबों, पिछड़ों और वंचितों की आवाज थे। उनका जीवन संघर्ष और सादगी का आदर्श है। अगर हम उनके बताए मार्ग पर चलेंगे, तो न केवल कांग्रेसपार्टी मजबूत होगी बल्कि देश भी प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।” उन्होंने ठाकुर के सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर बल दिया और उनकेआदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। इस अवसर पर कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालोंमें ओबीसी विभाग के उपाध्यक्ष उदय शंकर पटेल, उदय चन्द्रवंशी, पप्पू कुमार यादव, अरफराज साहिल, वैभव कुमार गुप्ता, राजनन्दन कुमार, मंजीतआनन्द साहू, किशोर कुमार, अजय कुमार, मनीष सिंह, जितेन्द्र कुमार सिंह, शशि भूषण पटेल, राजेश कुमार, जितेन्द्र ठाकुर और रविन्द्र धारी बिन्दप्रमुख रूप से शामिल थे। कार्यक्रम की झलकियांइस कार्यक्रम में कर्पूरी ठाकुर के जीवन से प्रेरित भाषण दिए गए और उनके विचारों को कांग्रेस पार्टी की नीतियों में शामिल करने पर जोर दिया गया।वक्ताओं ने ठाकुर को एक दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अथक प्रयास किए। कर्पूरी ठाकुर का योगदानकर्पूरी ठाकुर बिहार के ऐसे नेता थे जिन्होंने सामाजिक न्याय के लिए अपने पूरे जीवन को समर्पित कर दिया। उनकी सादगी, ईमानदारी और जनता केप्रति प्रतिबद्धता आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके द्वारा किए गए शिक्षा सुधार, आरक्षण नीति, और गरीबों के कल्याण के लिएउठाए गए कदम इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हैं। आगे की योजनाएंकार्यक्रम के अंत में, ओबीसी विभाग के उपाध्यक्ष उदय शंकर पटेल ने कर्पूरी ठाकुर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंनेकहा, “यह हमारा कर्तव्य है कि उनके सपनों के भारत को साकार करने के लिए हम सभी मिलकर काम करें।”
पटना व्यवहार न्यायालय ने कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं को किया बाई इज्जत बरी, पार्टी ने कहा- सत्य और न्याय की जीत

पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी ने एक बड़ी राहत और विजय के रूप में चार वरिष्ठ नेताओं को पटना व्यवहार न्यायालय द्वारा बाई इज्जत बरीकिए जाने का स्वागत किया है। यह मामला वर्ष 2010-13 के दौरान बिहार प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ललन कुमार के कार्यकाल से जुड़ा है, जबराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) के प्रमुख द्वारा कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की गई थी।इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक पुतला दहन कार्यक्रम का आयोजन किया था। क्या था पूरा मामला?यह मामला उस समय का है जब कांग्रेस और आर.एस.एस. के बीच राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर था। आर.एस.एस. प्रमुख द्वारा सोनिया गांधी केखिलाफ की गई टिप्पणी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा कर दिया था। इसके जवाब में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक तरीके सेविरोध प्रकट करने के लिए पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया था। हालांकि, इस घटना के बाद चार कांग्रेस नेताओं—शशि रंजन (पटना महानगरकांग्रेस अध्यक्ष), शम्मी कपूर (पूर्व प्रदेश सचिव), राजेश कुमार (पूर्व युवा कांग्रेस लोकसभा अध्यक्ष), और दौलत इमाम (पूर्व लोकसभा युवा कांग्रेसउपाध्यक्ष)—के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। कानूनी प्रक्रिया और फैसलामामले की सुनवाई पटना व्यवहार न्यायालय में पिछले कई वर्षों से चल रही थी। कांग्रेस नेताओं पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, शांति भंगकरने, और गैर-कानूनी तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जैसे आरोप लगाए गए थे। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि इन नेताओं ने कानून और व्यवस्था का उल्लंघन किया है, लेकिन बचाव पक्ष ने यह साबित किया कि उनका प्रदर्शनलोकतांत्रिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध का हिस्सा था। इसके अलावा, अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश करने में असफल रहा। अदालत नेसभी पक्षों को सुनने के बाद चारों नेताओं को “बाई इज्जत बरी” कर दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियापटना महानगर कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजन ने अदालत के फैसले को सत्य और न्याय की जीत करार दिया। उन्होंने कहा, “यह फैसला यह साबित करताहै कि हमारा विरोध पूरी तरह से लोकतांत्रिक और वैध था। यह कांग्रेस की विचारधारा और सत्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” पार्टी के अन्य पदाधिकारी जैसे विकास वर्मा, नीरज कुमार, कमलेश पाण्डेय, निशांत करपटने, प्रकाश पुजारी, पवन केसरी, पप्पू कुमार, और शरीफअहमद रंगरेज ने भी खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और सत्य की विजय का परिणाम बताया। जश्न और भावी योजनाएंइस मौके पर पटना महानगर जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।बैठक के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आर.एस.एस. और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दायरकिया गया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दौलत इमाम ने कहा, “हमने यह संघर्ष केवल अपने लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और पार्टी के सिद्धांतों की रक्षा के लिएकिया है।” वहीं, शम्मी कपूर ने कहा कि यह मामला उन्हें और मजबूत बनाता है और वह आने वाले समय में जनता के मुद्दों के लिए और जोर-शोर से लड़ेंगे। स्थानीय और राजनीतिक महत्त्वपटना के राजनीतिक गलियारों में यह फैसला काफी चर्चा में है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह फैसला पार्टी के लिए एक नई ऊर्जा कासंचार करेगा और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कांग्रेस के लिए आर.एस.एस. और भाजपा की विचारधारा के खिलाफ अपनी स्थिति को और मजबूत करने काएक मौका है।
वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी बैठक में हंगामा, असदुद्दीन ओवैसी समेत 10 सांसद निलंबित, जानिए पूरा मामला

संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की शुक्रवार को वक्फ संशोधन बिल पर हुई बैठक में भारी हंगामा हुआ। बैठक के दौरान टीएमसी सांसद कल्याणबनर्जी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच तीखी बहस हुई, जिसके कारण समिति को मार्शल बुलाने की जरूरत पड़ी। हंगामे के चलते विपक्षके 10 सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया। कौन-कौन सांसद निलंबित हुए?निलंबित किए गए सांसदों में कल्याण बनर्जी (टीएमसी), असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM), नसीर हुसैन (कांग्रेस), ए राजा (DMK), मोहिबुल्लाह, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद अब्दुल्ला, नदीम-उल-हक, इमरान मसूद और अरविंद सावंत शामिल हैं। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के प्रस्ताव पर समितिने इन सांसदों को निलंबित करने का निर्णय लिया।विपक्ष ने क्या आरोप लगाए?बैठक में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा वक्फ संशोधन विधेयक को जल्द से जल्द पारित करवाने की कोशिश कर रही है, जो दिल्लीचुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि प्रस्तावित संशोधनों की विस्तृत समीक्षा के बिना बिल पर कोई निष्कर्ष नहींनिकाला जाना चाहिए। दो नेताओं के बीच हुई बहसबैठक के दौरान टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मामला मार्शल बुलाने तक पहुंचगया। इस दौरान कई विपक्षी सांसद बैठक छोड़कर बाहर चले गए। कल्याण बनर्जी ने बैठक को “तमाशा” करार दिया और मांग की कि अगले चरणकी बैठक 27 जनवरी के बजाय 30 या 31 जनवरी को आयोजित की जाए। मीरवाइज उमर फारूक को बुलाने पर विवादबैठक में कश्मीर के धार्मिक प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक को बुलाने का निर्णय लिया गया था। विपक्ष का कहना था कि जम्मू-कश्मीर के प्रतिनिधित्वको ठीक से शामिल नहीं किया गया और निर्वाचित प्रतिनिधियों की राय नहीं ली गई। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि मीरवाइजकी उपस्थिति में विपक्ष ने अनुचित व्यवहार किया। कल्याण बनर्जी ने लगाया आरोपटीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बैठक में भाजपा पर राजनीति से प्रेरित होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “हमने बार-बार बैठक की तारीख आगेबढ़ाने की मांग की, लेकिन हमारी बात अनसुनी कर दी गई। बैठक का एजेंडा अचानक बदल दिया गया, जिससे हमारी भूमिका सीमित कर दी गई।यह अघोषित आपातकाल जैसा है।”बीजेपी ने हंगामे के बाद दिया जवाबभाजपा सांसद और जेपीसी सदस्य अपराजिता सारंगी ने विपक्षी नेताओं पर जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल के खिलाफ असंसदीय भाषा काइस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार ने बैठक में 44 संशोधन पेश किए, जिन पर पहले भी विचार-विमर्श हो चुका है। अब समितिको चर्चा समाप्त कर रिपोर्ट तैयार करनी चाहिए। लेकिन विपक्ष ने केवल हंगामा किया।” बैठक 27 जनवरी तक स्थिगितजेपीसी अध्यक्ष ने हंगामे के बाद बैठक को 27 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। विपक्ष का कहना है कि बैठक को आगे बढ़ाने और हर पहलूपर चर्चा करने की जरूरत है। वहीं, भाजपा का कहना है कि समिति को अनिश्चित काल तक जारी नहीं रखा जा सकता।
दिल्ली विधानसभा चुनाव: असदुद्दीन ओवैसी का दावा: ‘मोदी और केजरीवाल एक ही सिक्के के दो पहलू, दोनों में कोई बड़ा अंतर नहीं’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने ओखला सीट से अपनी पार्टी के उम्मीदवार शिफा उर रहमानके समर्थन में चुनाव प्रचार किया। वहीं चुनाव प्रचार में हिस्सा लेते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमलाबोला। ओवैसी ने अरविंद केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि दोनों के बीच ज्यादा अंतर नहीं है। ओवैसी ने मोदी और केजरीवाल को बताया भाईअपने संबोधन में ओवैसी ने कहा, “मोदी और केजरीवाल एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। एक आरएसएस की शाखा से आया है और दूसरा उनकीसंस्थाओं से। इन दोनों में विचारधारा का कोई बड़ा अंतर नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने के बाद भाजपा की नीतियोंको ही आगे बढ़ाया है और दोनों की राजनीति में समानता है। AAP पर लगाए आरोपओवैसी ने दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने कई मौकों परअल्पसंख्यकों को हाशिये पर रखा और उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। ओवैसी ने कहा, “केजरीवाल ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी जैसे मुद्दों पर चुप्पी साधी, जबकि दिल्ली में लाखों लोग इससे प्रभावित हो सकते थे।” जनसभा में भड़के ओवैसीओवैसी ने अपने भाषण में शाहीन बाग आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिएथा, लेकिन केजरीवाल और उनकी पार्टी ने आंदोलन का समर्थन नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आप सरकार ने दिल्ली में कई ऐसेकदम उठाए, जो भाजपा की विचारधारा के अनुकूल थे। ओवैसी का पीएम मोदी पर तंजओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा, “मोदी सरकार ने अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हुए देश को सांप्रदायिक आधार परबांटने का काम किया है।” उन्होंने भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरनाक बताया। ओवैसी नेकहा कि भाजपा देश में धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही है और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकारों से वंचित कर रही है। ओवैसी ने की दिल्ली की जनता से अपीलअपने भाषण के दौरान ओवैसी ने दिल्ली की जनता से अपील की कि वे एक ऐसी सरकार का चुनाव करें, जो सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखे। उन्होंनेकहा, “दिल्ली को एक ऐसी सरकार चाहिए जो केवल एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए काम करे।” दिल्ली की हालत पर सवालओवैसी ने आम आदमी पार्टी की शिक्षा और स्वास्थ्य नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पेश किए गए मॉडल स्कूल औरमोहल्ला क्लीनिक केवल प्रचार का हिस्सा हैं और इनका जमीनी स्तर पर उतना असर नहीं है, जितना दावा किया जाता है। उन्होंने यह भी आरोपलगाया कि इन योजनाओं का लाभ समाज के सबसे गरीब तबके को नहीं मिल रहा है। बीजेपी और AAP में समानताओवैसी ने अपने भाषण में बार-बार इस बात को दोहराया कि भाजपा और आम आदमी पार्टी में कोई बड़ा अंतर नहीं है। उन्होंने कहा, “भाजपा औरआप दोनों अल्पसंख्यकों के मुद्दों को अनदेखा करती हैं। दोनों ने केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए काम किया है और जनता को गुमराह कियाहै।” ओवैसी की पार्टी की तैयारीAIMIM इस बार दिल्ली चुनाव में सीमित सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार रही है। ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को उठाने औरसमाज के हर वर्ग की आवाज बनने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ीरहेगी।
AAP विधायक के बेटे की बाइक जब्त, पुलिस ने लगाया 20 हजार का जुर्माना, पुलिस से बहस के बाद बाहर आया मामला

दिल्ली के ओखला इलाके में सुरक्षा गश्त के दौरान पुलिस ने बुलेट मोटरसाइकिल पर तेज आवाज निकालने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमालकर रहे दो युवकों को पकड़ा। इनमें से एक युवक ने खुद को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्ला खान का बेटा बताया। चेकिंग के दौरान पकड़े गए दोनों युवकगणतंत्र दिवस से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्त पर निकली पुलिस टीम ने देखा कि दो युवक मोटरसाइकिल पर गलत दिशा से आ रहे थे।वे तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग कर रहे थे और लापरवाही से बाइक चला रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पूछताछ की। पुलिस पर भी लगाए आरोपजब पुलिस ने युवकों से पहचान पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस मांगे, तो एक युवक ने खुद को आप विधायक अमानतुल्ला खान का बेटा बताया। उसनेपुलिस पर आरोप लगाते हुए दुर्व्यवहार किया और कहा कि वह इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह विधायक का बेटा है।दोनों युवकों ने पुलिस से की बहसयुवकों ने पुलिस को ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने से इनकार कर दिया और कहा कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। उनमें से एक युवक ने अमानतुल्ला खानको फोन किया और उनकी बात थाने के एसएचओ से कराई। इसके बाद युवक बिना अपना नाम-पता बताए मौके से चले गए। मोटर वाहन अधिनियम के तहत लगा जुर्मानादिल्ली पुलिस ने युवक पर मोटर वाहन अधिनियम की कई धाराओं के उल्लंघन का मामला दर्ज किया। मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने, खतरनाक ड्राइविंग, बिना लाइसेंस और बिना हेलमेट वाहन चलाने के लिए 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। बीजेपी ने साधा निशानाघटना के बाद, भाजपा नेता सतीश उपाध्याय ने आप पार्टी पर निशाना साधते हुए दिल्ली की कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंनेकहा, “आप पार्टी के नेता और उनके परिवार कानून का पालन नहीं करते। अमानतुल्ला खान के बेटे ने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया और यह दर्शाताहै कि पार्टी खुद कानून व्यवस्था को खराब करने में लिप्त है।”
भंडारा ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में विस्फोट: 5 की मौत, कई घायल

महाराष्ट्र के भंडारा जिले के जवाहरनगर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 को एक भीषण विस्फोट हुआ। इस हादसे में पांचकर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी और इलाके मेंदहशत फैल गई। घटना का विवीकरणयह हादसा फैक्ट्री के आरके ब्रांच सेक्शन में हुआ, जहां आरडीएक्स का निर्माण होता है। विस्फोट के कारण इमारत की छत गिर गई, जिससे 12 से15 लोग मलबे में दब गए। राहत और बचाव टीमों ने अब तक मलबे से दो गंभीर रूप से घायल लोगों को बाहर निकाला है। अधिकारी अनुमान लगारहे हैं कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन की प्रतिक्रियाघटना की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर संजय कोल्टे, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। कलेक्टर ने बताया किमलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। एसडीआरएफ और नागपुर नगर निगम की टीमें भी बचाव कार्य मेंजुटी हैं। घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने जताया दुखमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने जिला प्रशासनऔर रक्षा बलों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। मौके पर राहत कार्य जारीविस्फोट के बाद फैक्ट्री में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं। बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालनेके प्रयास कर रहे हैं। अब तक दो घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। विस्फोट के कारणफिलहाल विस्फोट के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबंधित विभागों और अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगोंको बाहर निकालने और घायलों को इलाज प्रदान करने की है। स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाधमाके की आवाज 4-5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। धुएं का गुबार दूर से ही दिखाई दे रहा था।स्थानीय निवासियों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया और बचाव कार्य में सहयोग किया फैक्ट्री का कामयह फैक्ट्री रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत है और यहां हथियारों और विस्फोटकों का निर्माण किया जाता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने के बावजूदऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती हैं। आगे की कार्रवाईघटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। विशेषज्ञों की टीम फैक्ट्री का निरीक्षण करेगी और सुरक्षा प्रक्रियाओं कीसमीक्षा करेगी। मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों के इलाज का भरोसा दिया गया है।