"National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |     "National   Voice  -   खबर देश की, सवाल आपका"   -    *Breaking News*   |    

महाराष्ट्र में Guillain-Barre Syndrome का बढ़ता खतरा: मुंबई में पहली मौत, कुल मृतकों की संख्या 8

महाराष्ट्र में Guillain-Barre Syndrome (GBS) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को मुंबई में इस दुर्लभ बीमारी से पहली मौत दर्ज कीगई। 53 वर्षीय मरीज, जो बीएमसी के बीएन देसाई अस्पताल में वार्ड बॉय के रूप में कार्यरत थे, का नायर अस्पताल में इलाज चल रहा था। गंभीरस्थिति के कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुणे में GBS के मरीजों की संख्या 197 पहुंचीपुणे में इस बीमारी के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 197 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से 172 मरीजों को इलाज मुहैया कराया गया है। लगभग 104 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है, जबकि 50 मरीज ICU में और 20 वेंटिलेटरसपोर्ट पर हैं। Guillain-Barre Syndrome क्या है?GBS एक दुर्लभ तंत्रिका विकार है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम पेरीफेरल नर्व्स पर हमला करता है। इसके चलते मांसपेशियों में कमजोरी, हाथों-पैरों में संवेदना का नुकसान, और सांस लेने व निगलने में समस्या हो सकती है। सही समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति जानलेवा साबित होसकती है। इलाज और सावधानियांडॉक्टर्स के अनुसार, यह एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकता है। विशेषज्ञों नेलोगों से लक्षणों पर नजर रखने और तुरंत मेडिकल सहायता लेने की अपील की है। प्रशासन की कोशिशेंराज्य स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए निगरानी और इलाज के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुणे, मुंबई और अन्य प्रभावित इलाकों में संदिग्धमामलों की पहचान के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। GBS के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए समय पर जांच और उचित इलाज को प्राथमिकता दी जा रही है।

ईवीएम डेटा सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग से मांगी प्रक्रिया की जानकारी

देश की सर्वोच्च अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग से पूछा कि चुनाव समाप्तहोने के बाद ईवीएम के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (SOP) क्या है। एडीआर ने दाखिल की याचिकायह याचिका एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने दायर की है। याचिका में यह मांग की गई है कि ईवीएम की मेमोरी को समाप्त करने केलिए एक स्पष्ट नीति तैयार की जाए। साथ ही, इसमें ईवीएम में डेटा को सुरक्षित रखने और किसी भी छेड़छाड़ की आशंका को खत्म करने के निर्देशदिए जाने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशचीफ जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि ईवीएम से कोई भी डेटा न हटाया जाए और न ही मशीनमें दोबारा डेटा लोड किया जाए। अदालत ने यह भी पूछा कि चुनाव के बाद ईवीएम की मेमोरी और माइक्रोकंट्रोलर को नष्ट करने की प्रक्रिया क्या है। ईवीएम की जांच नीति की मांगएडीआर के साथ-साथ हरियाणा कांग्रेस नेता सर्व मित्तर और करण सिंह दलाल द्वारा दाखिल याचिकाओं में यह भी मांग की गई है कि जली हुई मेमोरीऔर माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए एक नीति बनाई जाए। याचिका में कहा गया है कि ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका और चुनावी नतीजों कीपारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए, इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने एआई एक्शन समिट में किया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक प्रभाव और सामूहिक प्रयासों का आह्वान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में आयोजित ‘एआई एक्शन समिट’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के व्यापक प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने कहाकि एआई के माध्यम से करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। एआई स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों को सुधारकरसमाज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। एआई के सरल और व्यावहारिक उपयोगप्रधानमंत्री ने एआई के सरल उपयोग का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपनी मेडिकल रिपोर्ट एआई प्लेटफॉर्म पर अपलोड करता है, तो यह रिपोर्ट को आसानी से समझने योग्य बना सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर एआई से बाएं हाथ से लिखने वाले व्यक्ति की छविबनाने को कहा जाए, तो संभव है कि वह दाहिने हाथ से लिखने वाले का चित्र तैयार कर दे। राजनीति और समाज पर एआई का प्रभावमोदी ने बताया कि एआई राजनीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समाज को तेजी से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रौद्योगिकी के प्रभाव कोसंतुलित करने के लिए वैश्विक स्तर पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। इसके साथ ही एआई को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए मानकोंऔर नियमों का निर्माण भी जरूरी है। नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वानप्रधानमंत्री ने कहा कि एआई का शासन केवल जोखिमों को नियंत्रित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह नवाचार को प्रोत्साहित करने और इसेवैश्विक भलाई के लिए उपयोग करने का एक जरिया भी होना चाहिए। उन्होंने नवाचार और शासन पर गहराई से चर्चा करने और पारदर्शिता को बढ़ावादेने की बात कही। प्रधानमंत्री ने एआई के बेहतर उपयोग और इसके वैश्विक प्रभाव को प्रबंधित करने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।

नागपुर में सड़क हादसा: कार समेत तीन लोग कुएं में समाए, सुरक्षा उपायों की पोल खुली

देशभर में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या ने सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों को परेशान कर रखा है। हादसों को कम करने के लिए केंद्रीयसड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा ‘सड़क सुरक्षा’ अभियान जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन दुर्घटनाओं में कमी अभी भी नहीं हो रही है। नागपुर में दर्दनाक हादसानागपुर के बुटीबोरी इलाके में 10 फरवरी की रात एक गंभीर हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। रात के अंधेरे में गाड़ी चलाना सीखते समय एकनवसिखिया चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे कार एक खुले कुएं में जा गिरी। सुरक्षा जाली की अनुपस्थिति के कारण यह हादसा औरभी घातक साबित हुआ। सुरक्षा जाली न होने से तीन लोगों की मौतघटना में तीनों व्यक्तियों की डूबने से मौत हो गई। हादसे की तस्वीरें घटना की गंभीरता को दर्शाती हैं। तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिएभेजा गया है। रात 11:30 बजे के आसपास हुआ हादसाप्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार रात तीन युवक कार में सवार होकर एमआईडीसी की ओर जा रहे थे। रात 11 से 11:30 बजे के बीच चालक नेनियंत्रण खो दिया और कार सीधे कुएं में गिर गई। कुएं में पानी भरा होने के कारण तीनों बाहर नहीं निकल सके। स्थानीय निवासियों ने बचाव कार्य में दी मददघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय नागरिकों की मदद से कार को कुएं से बाहर निकालागया। हालांकि, तब तक कार में फंसे तीनों व्यक्तियों की मौत हो चुकी थी। बिना सील किए कुएं बने मौत का कारणप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक गाड़ी चलाना सीख रहा था और नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह दुर्घटना हुई। इस घटना के बाद बुटीबोरीक्षेत्र में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने बिना सील किए कुओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सड़क सुरक्षा पर सवालयह हादसा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के लोकसभा क्षेत्र में हुआ है, जहां सड़क दुर्घटनाओं की संख्या काफी अधिक है। गडकरी ने खुद यह स्वीकारकिया है कि कई बार हादसों का कारण वाहन चालकों की लापरवाही होती है। इस घटना ने सड़क और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर फिर से चिंता बढ़ादी है।प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांगस्थानीय निवासियों ने प्रशासन से खुले कुओं को सील करने और सड़क सुरक्षा के मानकों को लागू करने की मांग की है। यह घटना सड़क औरसार्वजनिक सुरक्षा की गंभीरता को उजागर करती है।

विवादों में घिरे रणवीर इलाहाबादिया: ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ में विवादित टिप्पणी पर बवाल

यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ शो में दिए गए अपने विवादित बयान के कारण आलोचनाओं के घेरे में आ गएहैं। मुंबई पुलिस ने रणवीर और शो के होस्ट समय रैना से संपर्क कर मामले में सहयोग करने और जांच में अपना पक्ष रखने को कहा है। सोशल मीडियापर रणवीर की टिप्पणियों की जमकर निंदा हो रही है, जिससे उनके खिलाफ असम और अन्य राज्यों में FIR दर्ज हो चुकी है। शो में पूछे गए सवाल पर फूटा गुस्साशो के दौरान रणवीर ने एक कंटेस्टेंट से आपत्तिजनक सवाल पूछा, जिसमें उसने पेरेंट्स की निजी जिंदगी पर टिप्पणी की। इस सवाल के बाद शो मेंमौजूद ऑडियंस और अन्य जजों ने हंसना शुरू कर दिया, लेकिन सोशल मीडिया पर यह क्लिप वायरल होने के बाद दर्शकों का गुस्सा भड़क गया।लोग शो के बायकॉट की मांग कर रहे हैं। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का दखलराष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने रणवीर की इस टिप्पणी पर गंभीरता से संज्ञान लिया और यूट्यूब से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा, कई राज्यों में पुलिस शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। भोपाल में विरोध प्रदर्शनभोपाल में हिंदू संगठनों ने रणवीर और शो के खिलाफ प्रदर्शन किया। ‘संस्कृति बचाओ मंच’ ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी है कि वे भोपाल नआएं। संगठन ने इस टिप्पणी को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मुख्यमंत्री ने दी कार्रवाई की चेतावनीमहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर मर्यादाका उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। रणवीर ने मांगी माफीसोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव और विवादों के बाद रणवीर इलाहाबादिया ने माफी मांगी। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका कमेंटअनुचित और असंवेदनशील था। उन्होंने यह भी कहा कि वह इसे जस्टिफाई नहीं करेंगे और इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में बेहतर बनने कावादा किया। रणवीर ने मेकर्स से शो का आपत्तिजनक हिस्सा हटाने की भी अपील की है। रणवीर ने अपने माफीनामे में कहा, “मैंने एक बड़ी गलती की है। जो भी कहा, वह न तो फनी था और न ही उचित। मैं अपने फॉलोअर्स और ऑडियंसको निराश नहीं करना चाहता। भविष्य में अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लूंगा। उम्मीद है, आप मुझे माफ करेंगे।”

पंजाब बॉर्डर पर ड्रोन से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर काबू पाए सरकार: संदीप पाठक

राज्यसभा में उठाया मुद्दा, एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को एडवांस करने की मांगनई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा परबढ़ती ड्रोन गतिविधियों पर चिंता जताई है। उन्होंने सोमवार को राज्यसभा में इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की मांगकी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से लगने वाले 550 किलोमीटर लंबे बॉर्डर पर ड्रोन की घुसपैठ तेजी से बढ़ रही है, और पिछले वर्ष 300 से अधिकड्रोन भारतीय क्षेत्र में देखे गए। ड्रोन के जरिए बढ़ रही ड्रग्स और हथियारों की तस्करीसंदीप पाठक ने कहा कि ड्रोन का उपयोग न केवल ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के लिए किया जा रहा है, बल्कि आतंकवादी गतिविधियों में भीइसका इस्तेमाल संभव है। उन्होंने केंद्र सरकार से एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को और उन्नत करने और जीरो टॉलरेंस और जीरो घुसपैठ नीति अपनाने कीअपील की। उन्होंने बताया कि 2020 में जहां 50 ड्रोन देखे गए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 300 से 350 के बीच पहुंच गई। हालांकि, सुरक्षा बलों द्वाराबेअसर किए जाने वाले ड्रोन की संख्या बेहद कम है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ज्यादातर ड्रोन भारत में लैंड कर वापस लौट जाते हैं, जिससेसुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने की जरूरतसंदीप पाठक ने कहा कि पाकिस्तान, चीन और तुर्की से ड्रोन का आयात कर रहा है, जबकि भारत की एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी अभी उतनी एडवांस नहींहै। उन्होंने सुझाव दिया कि तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राज्य पुलिस को विशेष प्रशिक्षण देने की जरूरत है ताकि वेइन खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहें। सीमा पर बसे लोगों को भी हो रहा नुकसानउन्होंने यह भी बताया कि ड्रोन घुसपैठ के कारण सीमा से सटे गांवों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाने पड़ते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को काफीपरेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन जिलों में ड्रोन गतिविधियों में भारी वृद्धि की ओर भी ध्यान दिलाया। सरकार को एक्शन लेना होगाउन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ड्रोन घुसपैठ को रोकने के लिए तुरंत सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रोंमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल ड्रोन से होने वाले खतरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत केखिलाफ छेड़े गए प्रॉक्सी वॉर का हिस्सा है, जिसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए।

मध्य प्रदेश में अंगदान-देहदान करने वालों को मिलेगा राजकीय सम्मान: मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में अंगदान और देहदान करने वालों कोराजकीय सम्मान दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य लोगों को अंगदान और देहदान के प्रति जागरूक करना और इस नेक कार्य को प्रोत्साहित करनाहै। अंग प्रत्यारोपण के लिए संस्थान खोलने की योजनामुख्यमंत्री ने बताया कि अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रदेश में एक विशेष संस्थान खोला जाएगा। उन्होंने भोपाल एम्स की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेशमें पहली बार हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सीएम ने इस प्रक्रिया में शामिल डॉक्टरों के कार्य को बेहतरीन बताया। भोपाल एम्स के मरीज से मुलाकातसीएम मोहन यादव ने हार्ट ट्रांसप्लांट के मरीज दिनेश मालवीय से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दिनेश मालवीय इस सफलता से बेहद खुश हैं औरउनकी खुशी अंगदान की उपयोगिता को स्पष्ट रूप से दिखाती है। उन्होंने कहा, “अंगदान का महत्व तभी समझ में आता है जब यह किसी की जानबचाता है।” राजकीय सम्मान का महत्वराज्य सरकार के इस निर्णय के तहत, जो लोग अपने अंगों का दान करेंगे या देहदान करेंगे, उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सम्मानित किया जाएगा।यह पहल राज्य में अंगदान और देहदान को बढ़ावा देने के लिए एक प्रेरणा का काम करेगी। मुख्यमंत्री का संदेशसीएम ने कहा, “अंगदान और देहदान एक महान कार्य है। इससे न केवल किसी की जान बचाई जा सकती है, बल्कि यह समाज के प्रति हमारीजिम्मेदारी को भी दर्शाता है। सरकार इस नेक कार्य को और आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।” आगे की योजनाएंसरकार जल्द ही अंगदान और देहदान से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों को पूरे प्रदेश में शुरू करेगी और चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों को शामिल करनेकी दिशा में भी काम करेगी। यह फैसला प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और लोगों को मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने का एक बड़ाकदम माना जा रहा है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी, अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर में की पूजा

सोमवार को प्रयागराज में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संगम में पवित्र स्नान कर सनातन आस्था को नई ऊंचाई दी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री संगम पहुंचे, जहां उन्होंने संगम स्नान किया और धार्मिकपरंपराओं का पालन किया। राष्ट्रपति करीब आठ घंटे तक संगम नगरी में रहीं। संगम स्नान और अक्षयवट के दर्शनराष्ट्रपति ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान कर धार्मिक आस्था को मजबूत आधार दिया। इसके बाद उन्होंने अक्षयवट का दर्शन औरपूजन किया। सनातन संस्कृति में अक्षयवट को अमरता का प्रतीक माना गया है। राष्ट्रपति ने बड़े हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए और देशवासियों कीसुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। डिजिटल महाकुंभ का अवलोकनराष्ट्रपति ने महाकुंभ को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल का समर्थन किया। उन्होंनेडिजिटल महाकुंभ अनुभव केंद्र का दौरा किया, जहां श्रद्धालुओं को महाकुंभ मेले की विस्तृत जानकारी तकनीकी माध्यमों से उपलब्ध कराई जा रही है। सुरक्षा और ऐतिहासिक पृष्ठभूमिराष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद किया गया। यह यात्रा ऐतिहासिक है, क्योंकि इससे पहले भारत के प्रथमराष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुंभ में संगम स्नान किया था। श्रद्धालुओं का संगम में भारी उत्साह13 जनवरी से अब तक 43.57 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं। सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी परिवार के साथसंगम में डुबकी लगाई। प्रेरणादायक क्षणराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह दौरा न केवल प्रयागराज के लिए, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणादायक है। उनकी उपस्थिति ने महाकुंभ केधार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को नई ऊंचाई प्रदान की।

परीक्षा पे चर्चा 2025: छात्रों के साथ प्रधानमंत्री मोदी का संवाद, जानिए पीएम ने बच्चों को क्या टिप्स दी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 फरवरी 2025 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में परीक्षा पे चर्चा 2025 के आठवें संस्करण काआयोजन किया। कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट सुबह 11 बजे से शुरू हुआ। इस वर्ष का मुख्य उद्देश्य छात्रों के परीक्षा तनाव को कम करना औरजीवन व स्वास्थ्य से जुड़े अहम पहलुओं पर चर्चा करना था। स्वास्थ्य और आहार पर सुझावपीएम मोदी ने कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों को स्वास्थ्य और आहार पर टिप्स देकर की। उन्होंने मोटे अनाज (मिलेट्स) के महत्व को समझाया औरबताया कि भोजन को कम से कम 32 बार चबाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने सही समय पर भोजन करने और स्वस्थ आहार लेने की आदत को जरूरीबताया। परीक्षा तनाव को कम करने के उपायप्रधानमंत्री ने छात्रों से परीक्षा के दौरान तनाव को कम करने के तरीके साझा किए। उन्होंने कहा कि छोटे लक्ष्य बनाकर उन्हें पूरा करने से आत्मविश्वासबढ़ता है। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने और अपनी कमजोरियों पर काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने विचार साझाकरने से मन शांत रहता है नेतृत्व कौशल पर मार्गदर्शनबिहार के एक छात्र ने पीएम मोदी से नेतृत्व कौशल पर सवाल पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि एक प्रभावी नेता दूसरों को समझने, उनकी मदद करनेऔर सहयोग प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने टीमवर्क और धैर्य को नेतृत्व के लिए जरूरी गुण बताया। सामाजिक दबाव और करियर विकल्पकरियर पर माता-पिता के दबाव को लेकर एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि सामाजिक तुलना से बचना चाहिए। उन्होंने सचिन तेंदुलकरका उदाहरण देते हुए कहा कि माता-पिता को बच्चों की रुचि को समझते हुए उनका समर्थन करना चाहिए। लेखन और अभ्यास का महत्वपीएम मोदी ने छात्रों को लेखन की आदत डालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह न केवल कौशल को निखारता है, बल्कि विचारों को स्पष्ट रूप सेव्यक्त करने में भी मदद करता है। टेक्नोलॉजी के उपयोग पर सुझाव तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के बारे में पीएम मोदी ने कहा कि इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने छात्रों को समय बर्बाद करने वालीगतिविधियों से बचने और टेक्नोलॉजी को उत्पादक कार्यों में उपयोग करने की सलाह दी। डांस और रचनात्मकता को प्रोत्साहनडांसिंग से जुड़े एक सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि रचनात्मक गतिविधियों से तनाव कम होता है। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वेबच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें। जलवायु परिवर्तन पर चर्चापीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन पर एक छात्र के सवाल की सराहना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल का उल्लेख करते हुए प्रकृति के संरक्षणके महत्व पर जोर दिया। अभिभावकों और शिक्षकों के लिए सुझावपीएम मोदी ने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों की तुलना दूसरों से न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर बच्चे की अपनी विशेषता होती है, जिसे पहचानना और प्रोत्साहित करना आवश्यक है। छात्रों को दिया मोटिवेशन का गुरुमंत्रकार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के बाद खुद को पुरस्कृत करें। उन्होंनेछात्रों को आत्मनिरीक्षण और गलतियों से सीखने पर जोर दिया। परीक्षा पे चर्चा का उद्देश्यइस वर्ष के कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल छात्रों को परीक्षा संबंधी तनाव से निपटने में मदद करना था, बल्कि उन्हें जीवन और करियर के अन्य पहलुओंपर मार्गदर्शन देना भी था।

बजट सत्र का सातवां दिन: राज्यसभा में बोलीं सोनिया गांधी, जनगणना में देरी से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के लाभार्थियों पर संकट

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) से संबंधित मुद्दे उठाए। उन्होंने जनगणना मेंहो रही देरी को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए और एनएफएसए के तहत लाभार्थियों की संख्या को अद्यतन करने की मांग की। एनएफएसए का उद्देश्य और इसकी भूमिकासोनिया गांधी ने याद दिलाया कि सितंबर 2013 में यूपीए सरकार द्वारा लागू किया गया यह कानून हर नागरिक को खाद्यान्न और पोषण उपलब्धकराने के उद्देश्य से लाया गया था। उन्होंने कहा कि इस योजना ने देशभर में करोड़ों लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई, खासतौर पर कोविड महामारी के दौरान। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना भी इसी कानून परआधारित है। जनगणना के आंकड़ों पर आधारित है एनएफएसएसोनिया गांधी ने बताया कि एनएफएसए के तहत 75% ग्रामीण और 50% शहरी आबादी को सब्सिडी पर अनाज दिया जाता है। हालांकि, उन्होंनेइस बात पर चिंता जताई कि लाभार्थियों की संख्या अब भी 2011 की जनगणना पर आधारित है। 2011 के बाद से अब तक जनसंख्या में हुएबदलाव को ध्यान में नहीं रखा गया है। जनगणना में देरी पर सवालसोनिया गांधी ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब हर 10 साल पर होने वाली जनगणना में इतनी लंबी देरी हो रही है।उन्होंने कहा कि 2021 में जनगणना होनी थी, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद इसकी कोई निश्चित समयसीमा नहीं तय की गई है। उन्होंने सरकारसे इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की अपील की। फूड सिक्योरिटी को बताया मूलभूत अधिकारसोनिया गांधी ने जोर देकर कहा कि खाद्य सुरक्षा कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। उन्होंने सरकार से आग्रह कियाकि जनगणना शीघ्र कराई जाए ताकि एक भी पात्र व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित न रह सके।