भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए आनंद शुक्ला, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से प्रेरित होकर लिया बड़ा फैसला

लखनऊ: भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता आनंद शुक्ला उर्फ राजा भैया ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करली। वे अपने कई साथियों के साथ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और जॉइनिंग इंचार्ज नितिन शर्मा कीउपस्थिति में कांग्रेस में शामिल हुए। इस दौरान उनका स्वागत पूर्व जिला अध्यक्ष श्याम देव सिंह ने किया। कांग्रेस की विचारधारा से प्रेरित हुएआनंद शुक्ला ने कांग्रेस की नीतियों और समावेशी विचारधारा की प्रशंसा की। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में कांग्रेस केकार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का वादा किया। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों को मजबूत करने के लिए अपना योगदान देने की प्रतिबद्धताजताई। अन्य नेताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कीआनंद शुक्ला के साथ कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली। इनमें सूर्य प्रसाद दीक्षित, विनीत कुमार, ऋतु शर्मा, उमाकांत बाजपेई, अर्जुन शुक्ला, ज्योति दीक्षित और अजीत शुक्ला पिंटू जैसे नाम शामिल हैं। सभी ने कांग्रेस की विचारधारा और नेतृत्व में अपना विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस के संघर्षों से मिली प्रेरणाआनंद शुक्ला ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा जनहित के मुद्दों पर सड़क से लेकर संसद तक किए जा रहे संघर्षों नेउन्हें प्रेरित किया। उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों और नीतियों पर विश्वास जताते हुए पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करने का संकल्प लिया।
आदित्य ठाकरे का बयान: लोकतंत्र खतरे में, विपक्ष को मिलकर लड़ने की जरूरत

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बादअपनी दिल्ली यात्रा के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में अब लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी सेमुलाकात कर मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की। आदित्य ने कहा, “जो कुछ शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ हुआ है, वही भविष्य में नीतीश कुमार, आरजेडी और चंद्रबाबू नायडू के साथ भी हो सकता है।” चुनाव आयोग पर उठाए सवालआदित्य ठाकरे ने कहा कि अब देश में चुनाव निष्पक्ष नहीं रहे। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने दिल्ली और अन्यराज्यों की मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर की। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली चुनावों में जनता का मताधिकार छीना गया, और बीजेपी कोचुनाव आयोग का समर्थन मिला। आदित्य ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव आयोग के सहारे दिल्ली चुनावों में जीत हासिल की। देश के लोकतंत्र को खतरा”आदित्य ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र अब निष्पक्ष नहीं है। विपक्षी सांसदों को मिलकर इस स्थिति पर विचार करना चाहिए। उन्होंने केजरीवाल की 10 साल की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कहा कि जनता उनके काम को पहचानती है, लेकिन बीजेपी ने चुनाव आयोग के जरिए चुनावी प्रक्रिया कोप्रभावित किया। बीजेपी ने किया पलटवारआदित्य ठाकरे की दिल्ली यात्रा पर बीजेपी ने तंज कसा। महाराष्ट्र बीजेपी की नेता चित्रा वाघ ने ठाकरे की कांग्रेस और आप नेताओं से मुलाकात परकटाक्ष करते हुए कहा कि “जूनियर पप्पू” अब “सीनियर पप्पू” से मिलने दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे गुट बालासाहेब ठाकरेके हिंदुत्ववादी विचारों से भटक गया है और अब कांग्रेस के सामने झुक रहा है। इंडिया गठबंधन की एकजुटता पर जोरठाकरे ने इंडिया गठबंधन की एकता पर जोर दिया और कहा कि इसका नेतृत्व सामूहिक है। यह लड़ाई व्यक्तिगत लाभ या अहंकार की नहीं, बल्किदेश के भविष्य की है। आदित्य ने केजरीवाल की हार के बाद उनसे मुलाकात करने वाले पहले विपक्षी नेता होने पर संजय सिंह का आभार व्यक्तकिया। महाराष्ट्र की राजनीति में उबालआदित्य ठाकरे की दिल्ली यात्रा ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट से कई नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होरहे हैं। इस बीच, महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति और गरमा गई है, और बीजेपी ने ठाकरे गुट की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का भविष्य क्या होगा?आदित्य ठाकरे ने विपक्षी दलों को सलाह दी कि उन्हें अब यह तय करना होगा कि उनका अगला कदम क्या होगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फएक पार्टी की नहीं, बल्कि सभी विपक्षी दलों के अधिकार और लोकतंत्र बचाने की है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर आम आदमी पार्टी का विरोध, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने वक्फ संशोधन विधेयक में विपक्ष की आपत्तियों को अनदेखा करने के लिए भाजपा पर तीखा हमला किया है। पार्टीके वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट कोनजरअंदाज कर उसका मजाक उड़ाया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष की राय को दरकिनार कर लोकतंत्र का अपमान कर रही है। विपक्ष की आपत्तियों को किया नजरअंदाजसंजय सिंह ने कहा कि वक्फ बोर्ड पर बनी जेपीसी में विपक्ष के सदस्यों ने रिपोर्ट पर असहमति दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा, “जेपीसी का सदस्य होने केनाते हमने अपना विरोध दर्ज कराया, लेकिन उसे शामिल नहीं किया गया। लोकतंत्र में सभी पार्टियों को अपनी राय रखने का अधिकार है। भाजपा कोइससे सहमत या असहमत होने का हक है, लेकिन रिपोर्ट को कूड़ेदान में डालना गलत है। यह इतिहास में दर्ज किया जाएगा और हमें माफ नहीं कियाजाएगा।” धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जे का आरोपसंजय सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आज ये लोग वक्फ की संपत्तियों पर कब्जा कर रहे हैं। कल ये गुरुद्वारों, मंदिरों और चर्चों कीजमीनों पर कब्जा करेंगे। इसके बाद ये सारी संपत्तियां अपने पूंजीपति दोस्तों को सौंप देंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को जनता और विविधधार्मिक समुदायों के खिलाफ बताया। लोकतंत्र और विविधता पर हमलासंजय सिंह ने राज्यसभा में अपने बयान में कहा कि भारत विविधता में एकता का देश है, जहां हर धर्म के लोगों को अपनी धार्मिक मान्यताओं केअनुसार पूजा-अर्चना करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “यह शुरुआत है, जो आगे चलकर धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जे तक पहुंच सकती है।भाजपा की नीतियां लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं और इनसे देश की विविधता को नुकसान पहुंचेगा।” विपक्ष का विरोध जारी रहेगाआम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि भाजपा की वक्फ बोर्ड से जुड़ी नीतियों और संशोधन विधेयक के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा। पार्टी नेसरकार से आग्रह किया कि विपक्ष की आपत्तियों पर विचार कर लोकतंत्र के प्रति सम्मान दिखाए।
60 साल पुराने टैक्स कानून की जगह लेगा नया इनकम टैक्स बिल 2025, करदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया, जिसे 7 फरवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।यह बिल लगभग 60 साल पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा और टैक्स सिस्टम को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने काउद्देश्य रखता है। इसमें कई बड़े बदलाव किए गए हैं, जैसे ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ की अवधारणा को अपनाया गया है, जो हर साल 1 अप्रैल से 31 मार्च तक की अवधि होगी। यदि कोई नया व्यवसाय या पेशा शुरू किया जाता है, तो उसका टैक्स ईयर व्यवसाय शुरू होने की तारीख सेलेकर वित्तीय वर्ष के अंत तक चलेगा। इस नए विधेयक में पुराने 823 पन्नों की तुलना में सिर्फ 622 पन्नों में कानूनी भाषा को सरल और छोटा बनाया गया है। पुराने कानून के 298 सेक्शन्स को बढ़ाकर 536 कर दिया गया है, जबकि शेड्यूल्स की संख्या 14 से बढ़ाकर 16 कर दी गई है। क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल डिजिटलएसेट्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिससे इन्हें अनडिस्क्लोज्ड इनकम की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके साथ ही, टैक्सपेयर्स चार्टर भी जोड़ागया है, जो करदाताओं के अधिकारों की रक्षा करेगा और टैक्स प्रशासन को पारदर्शी बनाएगा। नए बिल में टैक्स स्लैब को भी संशोधित किया गया है। अब 12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 4-8 लाख तक 5%, 8-12 लाख तक 10%, 12-16 लाख तक 15%, 16-20 लाख तक 20%, 20-24 लाख तक 25%, और 24 लाख से अधिक आय पर 30% टैक्सलगाया जाएगा। पहले नो-टैक्स सीमा 7 लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है, जिससे मध्यम वर्ग को बड़ी राहतमिलेगी। पुराने आयकर अधिनियम 1961 में कई समस्याएं थीं। यह कानून जटिल, कठिन और अनुपालन प्रक्रिया में बोझिल हो गया था। टैक्स विवादों कानिपटारा धीमा और पेचीदा था। इसके अलावा, यह डिजिटल अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं था। इसलिए, सरकार ने इस नएबिल को लाकर टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और समयानुकूल बनाने का प्रयास किया है। यह विधेयक मध्यम वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगा क्योंकि उनकी आय पर टैक्स का बोझ कम होगा। साथ ही, टैक्स फाइलिंग प्रक्रियाको सरल बनाया गया है और डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहन मिलेगा। नए समाधान तंत्र से टैक्स विवादों का निपटारा जल्दी हो सकेगा। डिजिटलभुगतान और व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रावधानों के साथ, यह बिल भारतीय अर्थव्यवस्था को आधुनिक और समावेशी बनाने में मदद करेगा।
पुणे में गिलियन-बैरे सिंड्रोम के मामलों में वृद्धि, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पुणे में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दुर्लभन्यूरोलॉजिकल बीमारी के पांच नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संदिग्ध और पुष्टि किए गए मामलों की संख्या 197 हो गई है। इनमें से 172 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। मरीजों की क्या है स्थिति?वर्तमान में 50 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जिनमें से 20 को वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता है। अब तक इस बीमारी से सात लोगों की मौत हो चुकीहै, जबकि 104 मरीज स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं। क्षेत्रवार के हिसाब से मामलेपुणे नगर निगम (PMC) क्षेत्र में 40 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि हाल ही में PMC में जोड़े गए गांवों में 92 मामले सामने आए हैं। पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्रमें 29 और पुणे ग्रामीण क्षेत्रों में 28 मामले दर्ज किए गए हैं। अन्य जिलों में कुल 8 मामले दर्ज हुए हैं। GBS क्या है?गिलियन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ ऑटोइम्यून न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें इम्यून सिस्टम शरीर की नसों पर हमला करता है। यह बीमारी मुख्य रूपसे पेरिफेरल नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। इसके कारण मरीज को कमजोरी, झनझनाहट और दर्द का अनुभव हो सकता है। गंभीर मामलों में यहसांस लेने में कठिनाई का कारण बनता है और मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की आवश्यकता हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारीस्वास्थ्य विशेषज्ञ स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और मरीजों को जरूरी चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। हालांकि, मौतों की संख्या में वृद्धि न होनेसे विभाग ने कुछ राहत की सांस ली है। GBS से प्रभावित मरीजों के इलाज में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष कदम उठा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती पहचान औरइलाज से गंभीरता को कम किया जा सकता है।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट से खुदरा महंगाई घटी, जनवरी में 4.31% पर पहुंची

नई दिल्ली: खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट के कारण खुदरा मुद्रास्फीति (CPI आधारित) जनवरी 2025 में धीमी होकर 4.31% पर आ गई।दिसंबर 2024 में यह दर 5.22% और जनवरी 2024 में 5.1% थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों में यहजानकारी दी गई। खाद्य मुद्रास्फीति में भी कमीजनवरी 2025 में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति 6.02% रही, जो दिसंबर में 8.39% और एक साल पहले इसी अवधि में 8.3% थी। भारतीय रिजर्वबैंक (RBI) को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि खुदरा मुद्रास्फीति 2% के मार्जिन के साथ 4% पर बनी रहे। औद्योगिक उत्पादन में गिरावटदिसंबर 2024 में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि धीमी होकर 3.2% रह गई। खनन और विनिर्माण क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन ने इस गिरावट मेंयोगदान दिया। इसी अवधि में खनन उत्पादन की वृद्धि दर 2.6% और विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 3% रही। हालांकि, बिजली उत्पादन में सुधार हुआऔर यह 6.2% पर पहुंच गया। सब्जियों की कीमतों में गिरावट बनी मुख्य कारणरिपोर्ट्स के मुताबिक, सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट ने मुद्रास्फीति में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सर्दियों की ताजा उपज औरबेहतर आपूर्ति से कीमतें नियंत्रित रहीं, जिससे आम परिवारों को राहत मिली है। RBI ने रेपो दर घटाईभारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में आयोजित मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो दर को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया। यह कदमआर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने और महंगाई को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया। अप्रैल-दिसंबर में औद्योगिक उत्पादन में मामूली वृद्धिचालू वित्त वर्ष की अप्रैल-दिसंबर अवधि में औद्योगिक उत्पादन में 4% की वृद्धि दर्ज की गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 6.2% थी।हालांकि, जनवरी में मुद्रास्फीति में आई गिरावट से बढ़ती लागत से जूझ रहे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सज्जन कुमार दोषी करार: सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को मिला न्याय, प्रधानमंत्री मोदी सरकार की SIT का नतीजा – वीरेंद्र सचदेवा

नई दिल्ली, 12 फरवरी: दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता सज्जनकुमार और अन्य को दोषी ठहराए जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश में सिख समुदाय औरन्यायप्रिय नागरिकों के लिए संतोष और खुशी का विषय है। SIT गठन का परिणामश्री सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) के प्रयासों का ही यह नतीजा है कि आज सज्जन कुमारजैसे दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला 1984 के सिख दंगों के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा मेंएक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस पर तीखा हमलाभाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि 1984 से 2014 तक कांग्रेस और गांधी परिवार ने सज्जन कुमार, जगदीश टाइटलर, औरधर्मदास शास्त्री जैसे नेताओं को राजनीतिक संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को सांसद, विधायक और यहां तक कि मंत्री बनाकरमहिमामंडित किया गया। आम आदमी पार्टी पर भी आरोपवीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी आरोप लगाया कि 2013 में दिल्ली की सत्ता में आने के बाद, AAP ने कांग्रेस नेता राहुल गांधीके दबाव में विशेष वकीलों की नियुक्ति को लंबे समय तक टाल दिया। पीड़ित परिवारों की प्रतिक्रियाश्री सचदेवा ने बताया कि सरस्वती विहार के जिन दो सिख परिवारों को आज न्याय मिला है, वे इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारीहैं। उन्होंने कहा कि यह न्याय पीड़ित सिख समुदाय के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है।
तेजस फाइटर जेट्स की डिलीवरी में देरी पर वायुसेना प्रमुख का गुस्सा, HAL से जवाब तलब

भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पर लड़ाकू विमान तेजस Mk-1A की डिलीवरी मेंदेरी को लेकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि HAL पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है। यह चिंता इसलिए गंभीर है क्योंकि डिलीवरी मेंऔर देरी से देश की हवाई युद्धक क्षमताओं पर असर पड़ सकता है। फरवरी 2021 में हुआ था समझौतावायुसेना ने फरवरी 2021 में HAL के साथ ₹48,000 करोड़ का सौदा किया था, जिसके तहत 83 LCA Mk-1A फाइटर जेट्स की डिलीवरी होनीथी। पहला विमान 31 मार्च 2024 तक देने की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन इसमें कई तकनीकी समस्याओं और GE एयरोस्पेस से F404 इंजन की आपूर्ति में देरी के चलते यह समयसीमा चूक गई। HAL ने किया आश्वासनHAL के चेयरमैन डॉ. डीके सुनील ने वायुसेना की चिंताओं को स्वीकारते हुए कहा कि देरी की वजह लापरवाही नहीं बल्कि तकनीकी समस्याएं हैं, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है। उन्होंने वादा किया कि इंजन आपूर्ति स्थिर होने के बाद उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आएगी और जल्द ही विमानों कीडिलीवरी शुरू होगी। भविष्य की योजनाएंIAF ने 97 अतिरिक्त Mk-1A फाइटर जेट्स का ऑर्डर देने की योजना बनाई है, जिसका अनुमानित मूल्य ₹67,000 करोड़ है। इससे कुल विमानोंकी संख्या 180 हो जाएगी। इसके अलावा, ₹1.3 लाख करोड़ का एक अन्य सौदा भी किया जाना है, जिसके तहत 156 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर(LCHs) भारतीय वायुसेना और सेना के लिए बनाए जाएंगे। HAL ने अगले 3.5 वर्षों में पहले बैच के 83 Mk-1A विमानों की आपूर्ति पूरी करनेऔर 2031 तक 97 अतिरिक्त विमानों का ऑर्डर पूरा करने का वादा किया है। डिलीवरी में देरी का प्रभावतेजस Mk-1A फाइटर जेट्स की समय पर डिलीवरी न होने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमताओं पर असर पड़ सकता है। हालांकि, हाल ही मेंचार Mk-1A विमानों ने एक एयर शो में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर उम्मीदें बढ़ाई हैं। वायुसेना और HAL के बीच लगातार बैठकें हो रही हैंताकि डिलीवरी का काम जल्द पूरा किया जा सके।
CBI की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली परिवहन विभाग के 6 अधिकारी रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के छह अधिकारियों को भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। यहकार्रवाई सोमवार रात की गई। फिलहाल, अधिकारियों से पूछताछ जारी है। भाजपा की जीत के बाद पहली बड़ी कार्रवाईहाल ही में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है। सीबीआई को परिवहन विभाग में व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतेंमिली थीं। जांच में प्रथम दृष्टया भ्रष्टाचार के सबूत मिलने के बाद यह गिरफ्तारी हुई।दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर रिश्वतखोरी का मामलाजानकारी के अनुसार, ये गिरफ्तार अधिकारी दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग से जुड़े थे। इन पर दिल्ली और गुरुग्राम बॉर्डर इलाके में रिश्वत लेने काआरोप है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदमसीबीआई ने जांच के दौरान शिकायतों को गंभीरता से लिया और कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कदम दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग में व्याप्तभ्रष्टाचार के खिलाफ उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।
राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 85 वर्ष की आयु में निधन

राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास का 85 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने लखनऊ के PGI अस्पताल में सुबह करीब 8 बजेअंतिम सांस ली। 3 फरवरी को ब्रेन हेमरेज के बाद उन्हें न्यूरोलॉजी वार्ड के HDU में भर्ती कराया गया था। लंबी बीमारी के बाद हुआ निधनआचार्य सत्येंद्र दास के शिष्य प्रदीप दास ने बताया कि वे लंबे समय से मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से पीड़ित थे। उनका पार्थिव शरीरलखनऊ से अयोध्या ले जाया जा रहा है, जहां कल (13 फरवरी) सरयू नदी के तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 33 वर्षों तक राम मंदिर की सेवाआचार्य सत्येंद्र दास ने करीब 33 साल तक राम मंदिर की सेवा की। फरवरी 1992 में विवादित जमीन की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को सौंपे जाने केबाद महंत लालदास को हटाए जाने की चर्चा के बीच 1 मार्च 1992 को उनकी नियुक्ति हुई। इस फैसले में बीजेपी नेता विनय कटियार और विश्वहिंदू परिषद के अशोक सिंघल की सहमति थी। वेतन और शिक्षण कार्य1992 में राम मंदिर में नियुक्ति के समय आचार्य सत्येंद्र दास का वेतन 100 रुपए प्रति माह था। 2019 तक उनका वेतन 13,000 रुपए महीना होचुका था। 1975 में उन्होंने संस्कृत विद्यालय से आचार्य की डिग्री हासिल की और 1976 में अयोध्या के संस्कृत महाविद्यालय में व्याकरण विभाग मेंसहायक अध्यापक के रूप में कार्य किया। अयोध्या में शोक की लहरआचार्य सत्येंद्र दास के निधन से अयोध्या के मठ और मंदिरों में शोक का माहौल है। उन्होंने जीवनभर राम मंदिर और उसकी परंपराओं की सेवा मेंमहत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन को अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।