आम आदमी पार्टी ने मोदी पर हमला करते हुए किया बीजेपी को घेराव

आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट साझा किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि मोदी की “गारंटी” का वादा पूरी तरह से झूठा साबित हुआ है। पार्टी ने मोदी की ओर से महिलाओं को ₹2500 देने कीघोषणा को भी “जुमला” करार दिया। AAP ने कहा कि दिल्लीवासियों ने मोदी की गारंटी पर विश्वास किया था, लेकिन आखिरकार उन्हें धोखा ही मिला। इस पोस्ट में आम आदमी पार्टी नेमोदी से आग्रह किया कि यदि वह अपने वादों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। क्या था मोदी का वादा?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार चुनावी मंचों पर महिलाओं को ₹2500 देने की गारंटी दी थी। यह वादा देशभर में चर्चा का विषय बना था, लेकिनअब आम आदमी पार्टी ने इसे केवल एक चुनावी जुमला करार दिया। AAP ने मोदी पर किया तंजआम आदमी पार्टी ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि मोदी ने महिलाओं को ₹2500 देने का वादा तो किया था, लेकिन वह वादा पूरा नहीं हुआ।पार्टी का कहना है कि दिल्लीवालों ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया था, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है। AAP ने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ कर रही है और अपने चुनावी वादों को पूरा करने मेंनाकाम रही है। आखिर क्यों आम आदमी पार्टी ने किया यह हमला?AAP के इस हमले के पीछे सरकार के द्वारा किए गए चुनावी वादों को न निभाने का आरोप है। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार लगातार अपनेवादों से मुकर रही है और जनता के साथ धोखा कर रही है।AAP ने मोदी से सवाल किया है कि अगर वह अपनी गारंटी नहीं पूरी कर पा रहे हैं, तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।यह बयान आम आदमी पार्टी द्वारा मोदी सरकार पर दबाव बनाने और आगामी चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत करने की एक रणनीति भी मानी जारही है। आगे क्या होगा? अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया देती है और मोदी सरकार इस हमले का कैसे जवाब देती है।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, किसानों की स्थिति पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और महाराष्ट्र में किसानकी आत्महत्या के मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इस पोस्ट में महाराष्ट्र के एक किसान कैलाश अर्जुन नागरे की आत्महत्या का जिक्रकरते हुए बीजेपी सरकार पर उनकी और अन्य किसानों की समस्याओं के प्रति लापरवाही का आरोप लगाया है।कैलाश अर्जुन नागरे की आत्महत्या और सुसाइड नोटकाँग्रेस के अनुसार, महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में कैलाश अर्जुन नागरे नामक किसान ने पानी की समस्या से तंग आकर आत्महत्या कर ली। कैलाश नागरेको ‘युवा किसान पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया था, लेकिन फिर भी वह सरकार की नीतियों के कारण खेती के लिए आवश्यक पानी कीकिल्लत से जूझ रहे थे। उनके शव का पता उनके खेत पर चला, और उन्होंने अपने सुसाइड नोट में यह लिखा था कि जब तक पानी की समस्या हल नहीं हो जाती, तब तकउनका शव न हटाया जाए। यह घटना सरकार की अनदेखी और किसानों की हालत को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है। किसान आत्महत्या के बढ़ते मामलेकाँग्रेस ने इस पोस्ट में दावा किया कि महाराष्ट्र में हर दिन औसतन आठ किसान आत्महत्या करते हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार कीनीतियों ने किसानों की स्थिति और भी दयनीय बना दी है, और वे खेती में अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे हैं। मोदी सरकार की नीतियों पर सवालकाँग्रेस ने मोदी सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि किसानों को उनके फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा, जबकि खेती के सामान पर जीएसटी(GST) लागू कर दिया गया है। इसके अलावा, पार्टी ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी नहीं दी जारही, और सिंचाई के लिए आवश्यक बिजली और पानी की भी कमी है। इन सभी समस्याओं के कारण किसान कर्ज और गरीबी के दबाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। काँग्रेस ने कहा कि देश केअन्नदाताओं को नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पूरी तरह से तबाह करने पर तुली हुई है।किसानों का भविष्य संकट मेंकाँग्रेस ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के किसान, जो पिछले एक दशक से अन्याय झेल रहे हैं, नरेंद्र मोदी को कभी माफ नहीं करेंगे। पार्टी का मानना हैकि सरकार की वादाखिलाफी और किसानों के साथ हो रहे धोखाधड़ी के कारण किसानों की हालत और भी खराब हो गई है।
6 साल बाद पकड़ा गया दिल्ली हिंसा का आरोपी, एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में दिसंबर 2019 में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के आरोपी मोहम्मद हनीफ को पुलिस ने 6 साल बाद गिरफ्तारकर लिया है। पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, हनीफ को एक पिस्तौल और पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में वहशरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा के साथ सह-आरोपी था। भगोड़ा घोषित होने के बाद हुई गिरफ्तारीमोहम्मद हनीफ, शाहीन बाग का निवासी है और उसे अदालत में पेश नहीं होने के कारण भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। पुलिस उपायुक्त (विशेषप्रकोष्ठ) अमित कौशिक ने बताया कि हनीफ और उसके भाई हारुन ने दिसंबर 2019 में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में हुए दंगों में सक्रिय रूप से भागलिया था। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए थे, जिसमें दंगा, गैरकानूनी सभा और शस्त्र अधिनियमशामिल हैं। हनीफ को जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ था, जिसके कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। इसके बाद, 2022 मेंउसके खिलाफ एनडीपीएस (स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ) अधिनियम के तहत एक और मामला दर्ज किया गया था, लेकिन वह गिरफ्तारीसे बचने में सफल रहा था। गिरफ्तारी और शस्त्र अधिनियम के तहत नया मामलाअधिकारियों ने बताया कि 2023 में पुलिस को गाजीपुर-घड़ोली गांव रोड के पास हनीफ की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुलिस ने जाल बिछाकरउसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए हनीफ के पास से एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद उसे शस्त्र अधिनियम के तहतनए मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि हनीफ से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। कोर्ट में सुनवाई और आरोप तय होने की प्रक्रियाइससे पहले, दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने 7 मार्च को शरजील इमाम और आसिफ इकबाल तन्हा के खिलाफ आरोप तय करने का आदेशदिया था। अब, हनीफ पर भी आरोप तय किए जाएंगे और उसकी कोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला लगातार सुर्खियों में रहा है और पुलिस की जांचमें तेजी आ गई है। हनीफ पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले का रहने वाला है और उसने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले में आगेकी जांच जारी रहेगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ होली का जश्न, सीएम योगी ने गाय-बछड़ों को लगाया गुलाल

उत्तर प्रदेश में इस साल होली का जश्न अत्यंत शांतिपूर्ण तरीके से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया। प्रदेश भर में विभिन्न सांस्कृतिकअभिव्यक्तियों और सांप्रदायिक सद्भाव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। खास बात यह थी कि होली और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ी थी, जिसकेकारण प्रदेश सरकार ने जगह-जगह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा के कई उपाय किए गए थे, ताकि दोनोंधार्मिक अवसरों को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। होलिका दहन और होली के रंगों में रंगे इस दिन के दौरान, प्रदेश की ज्यादातर मस्जिदों में जुमे की नमाज का समय बढ़ा दिया गया था। इसकेबावजूद, दोनों आयोजनों को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न किया गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री कीनिगरानी भी सख्ती से की गई, ताकि कोई विवाद न पैदा हो। प्रमुख क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई, और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने चौकसी बनाए रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर स्थित गौशाला में गायों और बछड़ों को गुलाल लगाकर होली का जश्न मनाया। इस दौरान वहपारंपरिक पगड़ी और काला चश्मा पहने हुए थे और होली जुलूस में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भीड़ पर फूल और अबीर-गुलाल बरसाए, जिससे उत्सवका माहौल और भी खुशनुमा हो गया। बॉलीवुड अभिनेता और सांसद रवि किशन ने भी इस मौके पर पारंपरिक फगुआ गीत गाकर इस सांस्कृतिकउत्सव को और भी रंगीन बना दिया। लखनऊ में, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने होली के इस अवसर पर उत्सव में भाग लिया। ब्रजेश पाठक ऊंट पर सवार होकरहोली जुलूस में शामिल हुए और एक साथ लाखों लोगों के बीच होली का आनंद लिया। इसके अलावा, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा भी इस जश्न मेंशरीक हुए और लोगों के साथ होली की मस्ती में लहराए। शाहजहांपुर और मुजफ्फरनगर में भी धूमधाम से जश्नशाहजहांपुर में ‘बड़े लाट साहब’ का जुलूस कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ। हालांकि, इस दौरान कुछ बच्चों ने लाट साहब पर पत्थर फेंके, लेकिनपुलिस ने तुरंत उनकी पहचान कर उन्हें खदेड़ दिया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। वहीं, मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देवअग्रवाल होली के जश्न में नाचते हुए नजर आए, और यह दृश्य भी खासा आकर्षक रहा। इटावा में सपा का पारंपरिक होली उत्सव इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) के सैफई कार्यालय में एक भव्य होली समारोह का आयोजन किया गया, जो पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादवद्वारा शुरू की गई फूलों से भरे उत्सव की परंपरा को जारी रखता है। इस समारोह में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सपा नेता शामिल हुए। इसअवसर पर गुलाब और गेंदे की पंखुड़ियों से लोगों पर रंग बरसाए गए, जिससे उत्सव का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। मथुरा–वृंदावन में धार्मिक उत्सव का माहौलमथुरा और वृंदावन में भी होली का माहौल पूरी तरह धार्मिक और उत्साही था। भक्तों ने रंगों से होली खेलते हुए उत्सव मनाया और मंदिरों में खासदर्शन किए। फालैन गांव में संजू पंडा द्वारा अग्नि में चमत्कारी तरीके से चलने के बाद दिन की शुरुआत हुई। वहीं, बांके बिहारी मंदिर में हजारों भक्तउमड़े और अबीर-गुलाल के साथ होली खेली। यहां के भक्तों ने टेसू और केसर से भी रंग खेले, जो धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को दर्शाता है। बाराबंकी में अंतरधार्मिक एकता का प्रतीक जश्नबाराबंकी में देवा शरीफ की दरगाह पर हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग एक साथ होली मनाते नजर आए। दरगाह पर “या वारिस” के नारों से गूंजतेहुए एक जीवंत जश्न मनाया गया। इस मौके पर “जो रब है वही राम” का संदेश भी दिया गया, जो सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक था। अधिकारियों नेबताया कि किसी भी प्रकार के टकराव से बचने के लिए, शुक्रवार की नमाज अपराह्न दो बजे के बाद आयोजित की गई और कई मस्जिदों के समितियोंने मस्जिदों को रंगों से बचाने के लिए ढक दिया था। सुरक्षा और निगरानी के उपायसभी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने सक्रिय निगरानी बनाए रखी और किसी भी भड़काऊ पोस्ट या सामग्री पर तुरंत कार्रवाई की गई। सोशल मीडिया पर कड़ीनिगरानी रखी गई, ताकि किसी भी भड़काऊ संदेश को रोका जा सके। इस तरह से, उत्तर प्रदेश में होली का जश्न सुरक्षित और सुखद तरीके से संपन्नहुआ, जो प्रदेश की विविधता और सांप्रदायिक सद्भाव को दर्शाता है।
वरुण चक्रवर्ती का संघर्ष और वापसी: क्रिकेटर ने साझा किया अपने बुरे समय का अनुभव

भारत के स्टार क्रिकेटर वरुण चक्रवर्ती ने हाल ही में अपने करियर के एक कठिन दौर के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे एक समयउनका मनोबल गिर गया था और वे डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। चक्रवर्ती ने यह स्वीकार किया कि जब उन्हें 2021 के टी20 विश्व कप के लिएचुना गया था, तब वे खुद को पूरी तरह से साबित नहीं कर पाए थे, और यह उनका सबसे बुरा समय था। वरुण चक्रवर्ती के लिए वह समय बेहद कठिन था, जब उन्होंने महसूस किया कि वह विश्व कप के दौरान अपनी पूरी क्षमता से खेल नहीं पाए। यहघटना उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रही थी, और उनका आत्मविश्वास डगमगा गया था। उन्होंने कहा, “मुझे लगा था कि यह मेरी सबसेबड़ी मौका था, लेकिन जब मैंने प्रदर्शन नहीं किया, तो मुझे लगा कि मेरी क्रिकेट यात्रा खत्म हो सकती है।” इसके बाद, चक्रवर्ती को टीम में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्हें 3 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम में फिर से मौका नहीं मिला। इसमुश्किल समय के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “डेब्यू से कहीं ज्यादा मेरे लिए वापसी का रास्ता कठिन था। जब आप टीम में नहीं होते और सबकुछआपको पीछे की ओर खींचता है, तो उस स्थिति से बाहर निकलना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है।” हालांकि, वरुण चक्रवर्ती ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया और आखिरकार अपनी मेहनत से टीम में वापसीकी। यह उनके आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया, और उन्होंने साबित किया कि कभी हार नहीं माननी चाहिए। चक्रवर्ती का यह अनुभव उन सभी खिलाड़ियों और व्यक्तियों के लिए एक प्रेरणा है जो कठिन समय से गुजर रहे हैं। उनका संघर्ष यह दर्शाता है किअगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार और समर्पित रहें, तो अंततः आप अपनी राह पा सकते हैं, चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो। आज, वरुण चक्रवर्ती भारतीय क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा हैं, और उनकी वापसी एक संदेश है कि मानसिक दृढ़ता और संघर्ष से बड़ी कोई भी जीतनहीं होती।
122 करोड़ के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा, EOW ने वांटेड दंपति की संपत्तियों के खोले राज

मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 122 करोड़ रुपये के न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले को लेकर एक बड़ा खुलासा कियाहै। जांच के दौरान, EOW को पता चला कि इस मामले में वांटेड दंपति हिरेन भानु और उनकी पत्नी गौरी भानु ने 2019 और 2024 के बीच कईसंपत्तियां खरीदी हैं। अधिकारी का मानना है कि इस अवधि में बैंक से 122 करोड़ रुपये की चोरी हुई थी, और इन्हीं पैसों से दंपति ने संपत्तियां खरीदीं। EOW को संदेह है कि ये संपत्तियां अपराध की आय (प्रोसिड्स ऑफ क्राइम) हो सकती हैं, और इसी वजह से मामले की गहरी जांच की जा रही है।यह मामला मुंबई में काफी चर्चा में है, क्योंकि यह घोटाला न केवल बैंकिंग प्रणाली के साथ धोखाधड़ी को उजागर करता है, बल्कि इसमें आरोपीदंपति के भागने और अवैध संपत्तियां अर्जित करने के बाद की घटनाओं ने इस मामले को और भी जटिल बना दिया है। घोटाले की कहानी और फरार दंपति की भूमिकान्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ 122 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बैंक के内部 जांच में गड़बड़ियां सामने आईं। हिरेनभानु, जो कि इस बैंक के पूर्व अध्यक्ष थे, और उनकी पत्नी गौरी भानु, जो बैंक की कार्यवाहक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष थीं, इस घोटाले में मुख्यआरोपियों के रूप में सामने आए हैं। जांच में यह पाया गया कि बैंक से बड़ी रकम की अवैध निकासी की गई, जो कि बाद में विभिन्न संपत्तियों मेंनिवेश की गई। जांच के दौरान EOW को यह जानकारी मिली कि दंपति ने 2019 और 2024 के बीच मुंबई और उसके बाहरी इलाकों में कई संपत्तियां खरीदी थीं, और इसके कुछ समय बाद ही वे देश छोड़कर भाग गए। अब पुलिस का संदेह है कि इन संपत्तियों को अवैध रूप से प्राप्त पैसे से खरीदा गया है और येसंपत्तियां घोटाले की आय से जुड़ी हो सकती हैं। EOW की नई रणनीति और संपत्ति जब्तीअधिकारियों के मुताबिक, EOW इस समय दंपति द्वारा खरीदी गई संपत्तियों की जांच कर रही है और उनका उद्देश्य इन संपत्तियों को जब्त करना है।हालांकि, एक बड़ी समस्या यह है कि इस मामले में एमपीआईडी (मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन एंड प्रोटेक्शन एक्ट) अधिनियम लागू नहीं हो सकता है, जिससे पुलिस को संपत्ति जब्त करने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में, EOW ने बीएनएसएस (BNSSS) की नई धारा 107 का सहारा लेने पर विचारकिया है। इस धारा के तहत पुलिस को संपत्ति जब्त करने का अधिकार मिलता है, जो कि खासतौर पर ऐसे मामलों में प्रभावी हो सकता है जहांएमपीआईडी अधिनियम लागू नहीं किया जा सकता। EOW के अधिकारियों ने बताया कि वे यह जांच कर रहे हैं कि इन संपत्तियों को कैसे जब्त किया जा सकता है और क्या एमपीआईडी कोएफआईआर (पहली सूचना रिपोर्ट) में जोड़ा जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत अधिकारियों का उद्देश्य यह है कि इस घोटाले के आरोपियों को कड़ीसजा दिलाई जा सके और उनसे चुराई गई धनराशि की रिकवरी की जा सके। धोखाधड़ी और अपराध की आययह मामला सिर्फ बैंक के धोखाधड़ी से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसमें अपराध की आय और मनी लॉन्ड्रिंग का भी पहलू है। मुंबई पुलिस की EOW अबइस बात की जांच कर रही है कि इन संपत्तियों का वास्तविक सोर्स क्या है। क्या ये संपत्तियां बैंक से चुराए गए पैसे से खरीदी गई हैं? यह सवाल अबजांच का अहम हिस्सा बन चुका है। सूत्रों के मुताबिक, यह साफ हो चुका है कि 122 करोड़ रुपये के घोटाले के सामने आने के कुछ ही दिन पहले ही दंपति ने इन संपत्तियों को खरीदाथा। इस खुलासे के बाद EOW ने इस मामले को और गहरे ढंग से जांचने का फैसला किया है, ताकि यह साबित किया जा सके कि ये संपत्तियांधोखाधड़ी से अर्जित की गई थीं। अधिकारियों की जांच और आगे की प्रक्रियाEOW के अधिकारी फिलहाल इस बात पर विचार कर रहे हैं कि कैसे इन संपत्तियों को कानूनी रूप से जब्त किया जा सकता है। वे इस बात की भीजांच कर रहे हैं कि क्या बीएनएसएस की धारा 107 के तहत इस संपत्ति को कुर्क किया जा सकता है। बीएनएसएस की यह धारा विशेष परिस्थितियोंमें जब्ती के अधिकार प्रदान करती है, और अब EOW इस पर विचार कर रही है। हालांकि, अब तक दंपति की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले में और भी सुराग हासिलकरने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, बैंकिंग क्षेत्र के इस बड़े घोटाले के सामने आने के बाद, कई अन्य मामलों की भी जांच की जा सकती है, जिनमें दंपति की वित्तीय गतिविधियां और अवैध संपत्तियों की विस्तृत छानबीन की जाएगी।
संजय सिंह का बीजेपी पर हमला, Delimitation पर दक्षिणी राज्यों के पक्ष में खड़ा हुआ AAP

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने बीजेपी पर बड़ा हमला करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी Delimitation (सीमांकन) प्रक्रिया में दक्षिणी राज्यों के साथ खड़ी है। संजय सिंह ने साफ कहा कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और हर राज्यको समान रूप से प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। यह बयान उस समय आया है जब भारतीय राजनीति में आगामी चुनावों के मद्देनजर Delimitation प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भेदभाव का आरोपसंजय सिंह ने कहा कि बीजेपी अपने प्रभाव वाले राज्यों में सीटों को बढ़ाने का प्रयास कर रही है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता मजबूत बनी रहेऔर वह हमेशा के लिए प्रधानमंत्री बने रहें। AAP के नेता ने यह आरोप भी लगाया कि बीजेपी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल केवल अपने राजनीतिकफायदे के लिए कर रही है। उनका मानना है कि इस तरह की राजनीति से राज्यों के बीच असंतोष और भेदभाव बढ़ सकता है, जो राष्ट्रीय एकता केलिए खतरे का कारण बन सकता है। AAP का समर्थन दक्षिणी राज्यों के लिएसंजय सिंह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होने देगी, खासकर दक्षिणी राज्यों के साथ। उनका यह बयान उनचिंताओं का जवाब था जो विभिन्न दक्षिणी राज्यों में यह महसूस किया जा रहा है कि सीमांकन के बाद उनके प्रतिनिधित्व को नुकसान हो सकता है।AAP का यह रुख उन राज्यों के पक्ष में है जो महसूस करते हैं कि उनका राजनीतिक अधिकार कमजोर हो सकता है, यदि यह प्रक्रिया बीजेपी केप्रभाव में हो। संसदीय राजनीति पर असरसंजय सिंह का यह बयान भारतीय राजनीति में आगामी चुनावों और राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की अहमियत को उजागर करता है। चुनावों सेपहले ऐसी टिप्पणियां और आरोप राजनीति में गर्मी पैदा कर सकते हैं और चुनावी रणनीतियों पर प्रभाव डाल सकते हैं।
किसानों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता पर कांग्रेस का हमला, बीजेपी पर उठाए सवाल

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किसानों के मुद्दे को लेकर तीखा हमला कियाहै। कांग्रेस ने ट्विटर पर एक पोस्ट करते हुए यह आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में रोजाना 8 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। यह जानकारी खुद महाराष्ट्रसरकार के एक मंत्री ने विधानसभा में दी थी, जो अब एक गंभीर सवाल बनकर सामने आया है। किसान आत्महत्याओं का बढ़ता आंकड़ाकांग्रेस ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के चुनावों के दौरान यह वादा किया था कि 2022 तक किसानों कीआय दोगुनी कर दी जाएगी। लेकिन, कांग्रेस का कहना है कि आज स्थिति यह हो गई है कि “किसानों की आयु आधी हो गई है।” किसान आत्महत्याके बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है। मोदी सरकार पर गंभीर आरोपकांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में खेती के सामान पर GST (वस्तु एवं सेवा कर) लगा दिया गया है, जो पहले से हीकर्ज में डूबे किसानों के लिए और भी बड़ी समस्या बन गया है। इसके अलावा, कांग्रेस का कहना है कि किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल रहाऔर MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी भी नहीं दी जा रही है।कांग्रेस ने कहा कि किसान जब खेती के लिए कर्ज लेते हैं, तो उन्हें फसल की सही कीमत नहीं मिल पाती, जिसके कारण वे कर्ज चुकता नहीं करपाते। इस स्थिति में किसानों को आत्महत्या तक की नौबत आ जाती है। किसानों के लिए माफी नहीं, अरबपतियों के लिए कर्ज माफीकांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अरबपतियों का लाखों-करोड़ों रुपए का कर्ज माफ कर देते हैं, लेकिन किसानों के एक रुपयेका भी कर्ज माफ नहीं करते। यह बयान कांग्रेस के उस विचार को मजबूती देता है, जिसमें कहा गया है कि मोदी सरकार किसानों के प्रति अपनीजिम्मेदारी से भाग रही है और उनकी समस्याओं का हल निकालने की बजाय उन्हें और भी कठिनाइयों में डाल रही है। किसानों के आंदोलन पर मोदी सरकार की प्रतिक्रियाकांग्रेस ने आगे कहा कि जब किसान अपने हक के लिए आवाज उठाते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी उन्हें लाठियों से पिटवाते हैं, रास्तों में कीलें बिछवाते हैंऔर उनके ऊपर आंसू गैस के गोले फेंकवाते हैं। कांग्रेस का कहना है कि यह व्यवहार पूरी तरह से किसानों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता औरबेरुखी को दर्शाता है।कांग्रेस का आरोप – मोदी सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुले हैंकांग्रेस ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि मोदी सरकार किसानों को पूरी तरह से बर्बाद करने पर तुले हुए हैं। उनका यह बयान उन किसानों केदर्द और समस्याओं को उजागर करता है, जो लंबे समय से सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।कांग्रेस का यह हमला स्पष्ट रूप से मोदी सरकार के खिलाफ किसानों के मुद्दों को उठाने की ओर इशारा करता है। पार्टी ने कहा कि किसानों केअधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है और उन्हें उनकी मेहनत का सही हक नहीं मिल रहा। इसके साथ ही, कांग्रेस ने सरकार से अपील की है किवह किसानों की समस्याओं का समाधान निकाले और उनकी सुरक्षा और भलाई के लिए ठोस कदम उठाए
FIITJEE कोचिंग के खिलाफ दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, धोखाधड़ी का मामला दर्ज

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान FIITJEE के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यहकार्रवाई प्रीत विहार स्थित FIITJEE सेंटर से जुड़ी 190 शिकायतों के बाद की गई है। FIITJEE के इस सेंटर को जनवरी 2025 में अचानक बंदकर दिया गया था, जिसके बाद छात्रों और उनके अभिवावकों ने इसका विरोध किया था। अब, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अपनी कार्रवाई शुरू करदी है, और इसको लेकर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। 190 शिकायतों के बाद मामला दर्जFIITJEE के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), और 120B (आपराधिक साजिश) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक EOW को 190 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनकी संख्यापहले फरवरी में 35 थी। इन शिकायतों में छात्रों और अभिवावकों ने FIITJEE के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य आरोप लगाए हैं, जिससे यहमामला और भी गंभीर बन गया है। मामला कैसे EOW तक पहुंचा?जानकारी के अनुसार, शुरुआत में इन शिकायतों को पूर्वी दिल्ली पुलिस के पास दर्ज कराया गया था। लेकिन मामला गंभीर होने और बड़ी रकम केलेन-देन की बात सामने आने के बाद, मामले की जांच को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दिया गया। EOW की ओर से अब मामले कीगहनता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में FIITJEE के निदेशक समेत अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आ सकती है, और जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। देश के अन्य हिस्सों में भी मामलों की जांचFIITJEE के खिलाफ दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में भी धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। गाजियाबाद, नोएडा और भोपाल में भी संस्थान केखिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से एक बड़ा मामला फरवरी में सामने आया, जब ग्रेटर नोएडा पुलिस ने FIITJEE के संस्थापक दिनेशगोयल से जुड़े 12 बैंक खातों से 11.11 करोड़ रुपये जब्त किए थे। यह बड़ी राशि और संबंधित बैंक खातों की जांच को लेकर मामले की गंभीरता कोऔर बढ़ा दिया है। पुलिस ने इन खातों को सील कर दिया और अब मामले की जांच कर रही है कि यह रकम कहां से आई और इसके पीछे कीसाजिश क्या थी। FIITJEE की प्रतिक्रियाFIITJEE संस्थान ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि संस्थान के प्रबंधन को पुलिसकी जांच के दौरान अपनी सफाई देने का मौका मिलेगा। वहीं, छात्रों और उनके अभिवावकों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह मामला न सिर्फFIITJEE के प्रीत विहार सेंटर से संबंधित है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में संस्थान की छवि पर भी सवाल उठ रहे हैं। अगले कदम और जांच की दिशापुलिस ने मामले की जांच के लिए एक डीसीपी-स्तरीय अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप दी है। EOW की टीम अब यह पता करने में जुटी है किFIITJEE ने छात्रों से कथित तौर पर धोखाधड़ी कैसे की और उनकी फीस का किस तरह से दुरुपयोग किया गया। जल्द ही इस मामले में नईजानकारी सामने आ सकती है, और पुलिस मामले के आरोपी लोगों को गिरफ्तार करने के लिए कदम उठा सकती है।
ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत और अंकित चौधरी की प्रेम कहानी: लंदन में शुरू हुआ एक खास रिश्ता

कहा जाता है कि जीवन में कुछ रिश्ते ऊपर से तय होते हैं, और धरती पर उनका मिलन सिर्फ एक किस्मत का खेल होता है। कुछ ऐसी ही दिलचस्पप्रेम कहानी है भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की बहन साक्षी पंत और उनके पति अंकित चौधरी की। साक्षी और अंकित के बीच का प्यार करीब एकदशक पुराना है, और दोनों ने हाल ही में मसूरी में एक शानदार शादी समारोह में अपने परिवार, दोस्तों और क्रिकेट सितारों की मौजूदगी में जीवनभर केरिश्ते में बंधने का फैसला लिया। शादी की रस्में और सितारों की मौजूदगीसाक्षी पंत और अंकित चौधरी की शादी एक भव्य आयोजन था जिसमें ना सिर्फ परिवार बल्कि क्रिकेट जगत से भी कई सितारे शामिल हुए। इससमारोह की खास बात यह रही कि शादी में महेंद्र सिंह धोनी और साक्षी धोनी भी पहुंचे, जिन्होंने शादी में अपनी उपस्थिति से चार चांद लगाए। साक्षीऔर ऋषभ पंत ने शादी के हर फंक्शन में जमकर मस्ती की, और सबसे ज्यादा ध्यान खींचा अंकित चौधरी का जो अपनी पत्नी साक्षी के साथ धूममचाते नजर आए। शादी से पहले की मेहंदी और हल्दी की रस्में भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं और फैंस ने इन तस्वीरों को जमकर पसंदकिया। अंकित चौधरी कौन हैं?अंकित चौधरी एक लंदन में रहने वाले व्यवसायी हैं, और अपनी निजी जिंदगी को बहुत ज्यादा सार्वजनिक नहीं करना पसंद करते। वह साक्षी पंत केलॉन्ग-टाइम बॉयफ्रेंड रहे हैं, और दोनों ने इस रिश्ते को पिछले 9 सालों से संजोकर रखा है। अंकित का स्वभाव शांत और सरल है, जो उन्हें कई हाई-प्रोफाइल शादियों और ग्लैमरस इवेंट्स से अलग करता है। यही कारण है कि साक्षी और अंकित का रिश्ता सच्चा और गहरा है। अंकित और साक्षी की मुलाकात लंदन में हुई थी, जहां दोनों पढ़ाई कर रहे थे। पहले दोस्ती के रूप में शुरू हुआ उनका रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदलगया। समय के साथ, दोनों ने अपने परिवारों को एक-दूसरे से मिलवाया और इस रिश्ते को संजीदगी से लिया। अब, शादी के बंधन में बंधकर दोनोंएक-दूसरे के जीवनसाथी बन गए हैं। ऋषभ पंत की बहन की शादी का अहम मोड़ऋषभ पंत अपनी बहन साक्षी के इस खास मौके पर पूरी तरह से शामिल हुए और उनकी शादी को धूमधाम से सेलिब्रेट किया। उनकी बहन की शादीन सिर्फ परिवार के लिए एक यादगार दिन थी, बल्कि यह समारोह साक्षी और अंकित के प्यार को भी सेलिब्रेट करने का एक बेहतरीन तरीका बन गया।शादी के हर फंक्शन में दोनों ने खुशी और प्यार का इज़हार किया, जिससे यह शादी और भी खास बन गई। अंकित चौधरी और साक्षी पंत की प्रेम कहानी, एक दशक से अधिक समय से चली आ रही है, और उनका जीवनसाथी बनने का सफर किसी फिल्मीकहानी से कम नहीं है। दोनों ने समय के साथ अपने रिश्ते को समझा और अब एक साथ अपना जीवन बिताने का फैसला लिया है। साक्षी और अंकित का भविष्यअब साक्षी और अंकित अपनी शादीशुदा जिंदगी की नई शुरुआत कर चुके हैं। यह जोड़ी भविष्य में एक साथ कई खुशहाल लम्हे बिताने की उम्मीद कररही है। हालांकि दोनों अपने निजी जीवन को साधारण रखना पसंद करते हैं, लेकिन उनकी शादी और उनका प्यार अब एक प्रेरणा बन चुका है।