यूपी: लखनऊ में गैंगरेप के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गोली मारी, तमंचा और कारतूस भी बरामद

लखनऊ: यूपी के लखनऊ से एक बड़ी खबर है। यहां एक गैंगरेप के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गोली मार दी है। आरोपी के पास से तमंचा औरकारतूस भी बरामद किया गया है। इस दौरान आरोपी का साथी भी गिरफ्तार हो गया है। क्या है पूरा मामला?लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में दो दिन पहले मंदबुद्धि युवती से गैंगरेप का मामला सामने आया था। इसी मामले के मुख्य आरोपीका पुलिस के साथ एनकाउंटर हुआ है। मोहनलालगंज के पचौरी जंगल में मुख्य आरोपी और उसके साथी के छिपे होने की सूचना के बाद पुलिस नेघेराबंदी की है। मुख्य आरोपी और उसके साथी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग भी की। पुलिस टीम के द्वारा जबाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी संदीपयादव निवासी आजमगढ़ को पैर में गोली लगी है। मौके से भाग रहा साथी मायाराम रावत (निवासी सेमनापुर थाना गोसाईंगंज) भी गिरफ्तार हुआ है। आरोपी के पास से एक तमंचा 315 बोर और 2 खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस मामले के सामने आने के बाद डीसीपी निपुण अग्रवाल औरएडीसीपी अमित कुमावत मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, 15 मार्च को वादी द्वारा थाना गोसाईगंज में सूचना दी गई कि उसकी मंदबुद्धि पुत्री 14 मार्च को 12 बजेघर से सामान लेने के लिए पड़ोस की दुकान पर जा रही थी। रास्ते में संदीप यादव और अन्य ने उसे पकड़ लिया और सुनसान स्थान पर ले गए। यहांउसके साथ रेप किया गया। इस सूचना पर थाना गोसाईगंज में मामला पंजीकृत किया गया था। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थानामोहनलालगंज में 6 टीमों का गठन किया गया। पुलिस के मुताबिक, 16 मार्च को सूचना मिली कि अभियुक्त संदीप यादव और मायाराम कुबहरा जंगल की तरफ मोटरसाइकिल से जा रहे हैं। इससूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जब अभियुक्तों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पुलिस पर फायर कर दिया। इसके बाद पुलिस नेजबावी कार्रवाई की, जिसमें अभियुक्त संदीप यादव के पैर में गोली लगी।
वक्फ बिल के खिलाफ AIMPLB का धरना प्रदर्शन, कहा- ‘बिल को अभी वापस नहीं लिया तो…’

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने मंगलवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ जोरदार धरनाप्रदर्शन किया। AIMPLB ने इस विधेयक को तुरंत वापस लेने की मांग की है और कहा है कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया, तो संगठन पूरे देश मेंइसका विरोध और आंदोलन करेगा। केंद्र सरकार की ओर से इस विधेयक पर स्पष्ट संदेश दिया गया है कि यह देश संविधान और कानून के तहतचलेगा, और अगर वक्फ विधेयक संसद में पेश किया जाता है तो यह संविधान के अनुरूप होगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में AIMPLB के सदस्य, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और अन्य समाजिक संगठन शामिल हुए।AIMPLB के सदस्य वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ अपने विरोध की आवाज उठाने के लिए सड़क पर उतरे थे। इस विधेयक का उद्देश्य वक्फसंपत्तियों का प्रबंधन और उनके अधिकारों से संबंधित संशोधन करना है, लेकिन AIMPLB और अन्य संगठनों का कहना है कि यह विधेयक मुस्लिमसमुदाय के अधिकारों का उल्लंघन करता है और वक्फ संपत्तियों पर सरकार का अप्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित करता है। AIMPLB का विरोध और प्रदर्शनऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के उपाध्यक्ष उबैदुल्ला आज़मी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कहा, “हमारे सभी धार्मिकमामलों की हिफाजत की जिम्मेदारी भारत के संविधान ने हमें दी है। जैसे नमाज और रोज़ा हमारे लिए जरूरी है, वैसे ही वक्फ की हिफाजत भी हमारीधार्मिक जिम्मेदारी है। अगर इस विधेयक को वापस नहीं लिया गया तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के नेतृत्व में देश के मुसलमान अपनीजान की कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। सरकार वक्फ की संपत्ति को नष्ट करने के बजाय उसे सुरक्षित रखे।” उबैदुल्ला आज़मी ने यह भी कहा कि वक्फ की जमीनों को सरकार के नियंत्रण में देने की बजाय, सरकार को इन संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने केलिए ठोस कदम उठाने चाहिए थे। “हमने हमेशा इस देश में अपनी कुर्बानी दी है, और अगर इस बिल को वापस नहीं लिया जाता, तो हम इसकाविरोध करने के लिए हर कीमत चुकाने के लिए तैयार हैं।” AIMPLB के इस प्रदर्शन में CPIML सांसद राजा राम सिंह ने भी अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा, “सरकार लोगों के अधिकारों को छीन रही है।उनकी भाषा, पहनावा और धार्मिक पहचान को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।” भारी पुलिस बल की तैनातीवक्फ विधेयक 2024 के विरोध में जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रदर्शन में भाग लेने के लिए AIMIM के सांसद असदुद्दीनओवैसी भी पहुंचे थे, जिन्होंने इस विधेयक को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया और इसे मुस्लिम समुदाय के धार्मिक अधिकारों के खिलाफबताया। ओवैसी ने कहा, “यह विधेयक हमारे धार्मिक मामलों में सरकार की दखलअंदाजी को बढ़ाता है और हमें इसे किसी भी सूरत में मंजूर नहीं होनेदेना चाहिए।”भाजपा का आरोपवक्फ संशोधन विधेयक 2024 के खिलाफ AIMPLB द्वारा प्रदर्शन किए जाने पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने तंज करते हुए कहा, “वक्फ तोसिर्फ एक बहाना है, इन लोगों का असली मकसद देश में दंगे भड़काना और आगजनी करना है। ये संगठन, जैसे AIMPLB और इसके समर्थककांग्रेस, TMC, समाजवादी पार्टी और AIMIM, वक्फ के नाम पर मुस्लिम समुदाय को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।” शहजाद पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि वक्फ संपत्तियों पर हड़पने की असीमित शक्ति क्यों होनी चाहिए, और क्यों सिर्फ मुस्लिम समुदाय कोही इस प्रकार के अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या संविधान ने जैन और ईसाई समुदाय को वक्फ जैसे अधिकार दिए हैं। भा.ज.पा. के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने AIMPLB पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ लोग भू-माफियाओं के इशारों पर नाच रहे हैं और विरोधके नाम पर अपनी दुकानों और भू-माफियाओं का समर्थन कर रहे हैं। उन्हें गरीबों और मुसलमानों के हित में सोचने की बजाय अपनी राजनीति करनीचाहिए।”सरकार का रुखवहीं, सरकार की ओर से इस विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, “यह देश संविधान और कानून के तहत चलता है।इस बिल में कुछ भी नया नहीं है।” भाजपा के सांसद जगदंबिका पाल ने इसे ‘राजनीतिक विरोध’ करार दिया और कहा, “विधेयक अभी तक पेश भीनहीं किया गया है, और AIMPLB इस पर विरोध कर रहा है। हम सिर्फ वक्फ संपत्तियों के विवादों का समाधान करने के लिए इस विधेयक को लारहे हैं।” जगदंबिका पाल ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए है, ताकि गरीबों को फायदा पहुंचाया जा सके। “अगरवक्फ संपत्ति को कोई बेचता है तो वह वक्फ के लोग ही होते हैं। इस विधेयक में कोई भी वक्फ संपत्ति छीनने का प्रावधान नहीं है,” उन्होंने कहा। राजनीतिक प्रतिक्रियाइस विरोध में कई अन्य राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। NCP (SP) की सांसद फौज़िया खान ने इस विधेयक को पूरी तरह सेअसंवैधानिक बताया और कहा, “यह बिल हमारे अधिकारों को छीनने के लिए लाया गया है। हम इसे किसी भी कीमत पर नहीं स्वीकार करेंगे। यहबिल हमारी इबादतगाहों पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, हम इसे होने नहीं देंगे।” BJD के मोजिबुल्लाह खान ने कहा, “हमारे नेता नवीन पटनायक ने हमें इस विधेयक का विरोध करने का निर्देश दिया है। हम सरकार से कहना चाहतेहैं कि वे हमारे धर्म में दखल न दें। यह हमारे शरीयत का मामला है, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी इस विधेयक का विरोध किया और कहा, “हमने इस पर मशविरा किया था, लेकिन सरकार ने हमारी बातों को पूरीतरह से नजरअंदाज किया। इस विधेयक को कानूनी रास्ते से भी चुनौती दी जानी चाहिए।” विपक्ष का विरोधकांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी इस विधेयक का विरोध किया है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा, “हम इस विधेयक का विरोध करते हैं।इसे संसद में पेश होने से पहले सही तरीके से विचार-विमर्श नहीं किया गया। यह विधेयक समाज में विद्वेष फैलाने का काम करेगा।” कांग्रेस नेताप्रमोद तिवारी ने भी कहा, “जब वक्फ पर JPC बनी थी, तब हमने स्थिति स्पष्ट की थी। हम संसद में भी इस पर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।” IUML सांसद E.T. मुहम्मद बशीर ने कहा, “हम इस विधेयक का विरोध करते हैं क्योंकि सरकार वक्फ संपत्तियों को लूटने की कोशिश कर रही है।यह बिल मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को कमजोर करने के लिए लाया गया है।” आगामी योजनाAIMPLB के सचिव यासिर अली उस्मानी ने कहा, “हमारे लिए यह सिर्फ वक्फ की संपत्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी धार्मिक पहचानऔर अधिकारों की रक्षा का सवाल है। हम इसे लेकर शांति से हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम डर गए हैं। अगर इस विधेयक को पासकिया गया, तो हम पूरे देश में विरोध करेंगे।” कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने भी इस विधेयक का विरोध करते हुए कहा, “हम इस बिल के खिलाफ संघर्ष करेंगे और जरूरत पड़ी तो खून की कुर्बानी भीदेंगे। यह विधेयक कानून की धज्जियां उड़ाने की कोशिश कर रहा है।” जगमोहन सिंह, सिख पर्सनल लॉ बोर्ड से सदस्य ने कहा, “हम आपके साथ हैं। यह सिर्फ मुसलमानों का मामला नहीं है, यह संविधान बचाने कासवाल है। हम मिलकर इस बिल का विरोध करेंगे।”
खत्म हुआ इंतजार! ‘War 2’ के मेकर्स ने रिलीज डेट का किया खुलासा, इस महीने थिएटर में मचने वाला है धमाका

बॉलीवुड के ग्रीक गॉड ऋतिक रोशन और टॉलीवुड के सुपरस्टार जूनियर एनटीआर की अपकमिंग फिल्म ‘War 2’ का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। इसफिल्म ने पहले ही दर्शकों के बीच काफी हलचल मचा दी है, और अब इस फिल्म को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। फिल्म के मेकर्स नेइसकी रिलीज डेट का खुलासा कर दिया है, जिससे फैंस की उम्मीदों को और भी पंख लग गए हैं।हालांकि, ‘War 2’ की शूटिंग को कुछ समय पहले रोक दिया गया था, क्योंकि ऋतिक रोशन चोटिल हो गए थे। इस दौरान फैंस चिंतित थे कि क्याफिल्म की शूटिंग पूरी हो पाएगी और रिलीज डेट में कोई बदलाव होगा? लेकिन अब फिल्म से जुड़ी तमाम अटकलों का अंत हो गया है। आखिरकार, फिल्म की रिलीज डेट तय हो चुकी है और यह एक धमाकेदार घोषणा है। कब रिलीज होगी ‘War 2’?‘War 2’ की रिलीज डेट को लेकर यश राज फिल्म्स ने हाल ही में एक ट्वीट किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यश राज फिल्म्स ने ट्वीटकिया, “कहना पड़ेगा… आपने #War2 की मार्केटिंग शुरू होने से पहले ही माहौल बना दिया है… 14 अगस्त 2025 को दुनिया भर के सिनेमाघरों मेंतहलका मचेगा…” इसका मतलब है कि फिल्म ‘War 2’ स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से एक दिन पहले, 14 अगस्त 2025 को रिलीज होगी।इस दिन भारतीय दर्शकों के लिए यह फिल्म एक बेहतरीन तोहफा साबित हो सकती है।बॉलीवुड और टॉलीवुड दोनों इंडस्ट्री के सुपरस्टार्स की इस फिल्म में भिड़त होने वाली है, जिसे लेकर फैंस में बहुत ज्यादा उत्साह है। इस फिल्म काबजट लगभग 200 करोड़ रुपये है, जो इसे एक बड़े पैमाने पर बन रही फिल्म बनाता है। फिल्म के मेकर्स इस समय प्रोजेक्ट पर पूरी तरह से ध्यान देरहे हैं और उनकी योजना इसे एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म के रूप में प्रस्तुत करने की है। क्या है फिल्म की खासियत?‘War 2’ का निर्देशन मशहूर फिल्मकार अयान मुखर्जी कर रहे हैं, जो पहले भी बॉलीवुड में अपनी फिल्म ‘Yeh Jawaani Hai Deewani’ और’Brahmastra’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। अयान मुखर्जी की निर्देशन शैली ने दर्शकों का दिल जीता है और यही वजह है कि’War 2′ के लिए लोगों में इतना इंतजार है। फिल्म की स्टार कास्ट भी काफी दमदार है। बॉलीवुड के ग्रीक गॉड ऋतिक रोशन और टॉलीवुड के पावरहाउस जूनियर एनटीआर दोनों इस फिल्म मेंमुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। दोनों के बीच की जबरदस्त टक्कर, एक्शन सीक्वेंस, और भावनात्मक उतार-चढ़ाव दर्शकों को सिनेमाघरों में खींचनेके लिए काफी होंगे। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि फिल्म में दोनों सितारे अपनी अद्भुत एक्टिंग और एक्शन से स्क्रीन पर आग लगा देंगे। ऋतिक रोशन के फैंस के लिए यह फिल्म एक बड़ी उम्मीद बनी हुई है, क्योंकि वह एक्शन और ड्रामा में अपने दमदार अभिनय के लिए मशहूर हैं। वहीं, जूनियर एनटीआर की अपनी अलग पहचान है और वह टॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं। उनके फैंस भी इस फिल्म के लिए काफी उत्साहितहैं। दोनों का साथ स्क्रीन पर देखना दर्शकों के लिए किसी सपने से कम नहीं होगा। क्या होगा फिल्म की कहानी में?हालांकि, ‘War 2’ की कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन फिल्म के पहले भाग ‘War’ ने दर्शकों को काफी रोमांचित कियाथा। पहले भाग में ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के बीच जबरदस्त एक्शन और सस्पेंस देखने को मिला था। इस बार फिल्म में एक नए हीरो के रूपमें जूनियर एनटीआर की एंट्री हो रही है, और दर्शक जानना चाहते हैं कि फिल्म में उनका किरदार क्या होगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म मेंकौन किसके खिलाफ खड़ा होता है और आखिरकार कौन विजेता बनता है।फिल्म की सफलता की संभावनाएं‘War 2’ को लेकर जो उत्साह बना हुआ है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि फिल्म के लिए बॉक्स ऑफिस पर भी धमाल मचने वालाहै। इस फिल्म का बजट और स्टार कास्ट उसे एक बड़ी हिट बनाने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा, फिल्म की रिलीज डेट 14 अगस्त 2025 को एकमहत्वपूर्ण अवसर पर पड़ रही है, जो स्वतंत्रता दिवस के आसपास है। इस दिन रिलीज होने वाली कोई भी फिल्म अक्सर बेहतर प्रदर्शन करती है, क्योंकि दर्शकों के पास छुट्टियां होती हैं और फिल्म देखने का अवसर मिलता है।यश राज फिल्म्स, जो पहले भी ‘War’ जैसी सुपरहिट फिल्म का निर्माण कर चुका है, को पूरी उम्मीद है कि ‘War 2’ भी दर्शकों के दिलों में खासजगह बनाएगी।
हिंदी का विरोध करते हैं और फिल्में डब करके मुनाफा कमाते हैं’, तमिल नेताओं पर भड़के पवन कल्याण

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने तमिलनाडु के नेताओं पर करारा हमला किया है। उन्होंने शुक्रवार को नेशनलएजुकेशन पॉलिसी (NEP) के विरोध और हिंदी थोपने के आरोप को लेकर तमिलनाडु के नेताओं की आलोचना की। पवन कल्याण इसे “पाखंड” बताते हुए सवाल किया कि वे हिंदी का विरोध क्यों करते हैं, जबकि हिंदी में फिल्में डब करके मुनाफा कमाते हैं? बता दें कि पवन कल्याण नेकाकीनाडा के पीथमपुरम में पार्टी के 12वें स्थापना दिवस को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। यह किस तरह का तर्क है?’पवन कल्याण ने कहा कि ये नेता हिंदी का विरोध करते हैं, लेकिन वित्तीय लाभ के लिए तमिल फिल्मों को हिंदी में डब करने की अनुमति देते हैं।उन्होंने कहा, “मुझे समझ में नहीं आता कि कुछ लोग संस्कृत की आलोचना क्यों करते हैं, तमिलनाडु के नेता हिंदी का विरोध क्यों करते हैं, जबकिवित्तीय लाभ के लिए अपनी फिल्मों को हिंदी में डब करने की अनुमति देते हैं? वे बॉलीवुड से पैसा चाहते हैं, लेकिन हिंदी को स्वीकार करने से इनकारकरते हैं, यह किस तरह का तर्क है?” स्टालिन पर साधा निशानाउपमुख्यमंत्री पवन कल्याण का यह बयान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के उस आरोप के बीच आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रसरकार NEP के त्रिभाषा फॉर्मूले के जरिए हिंदी थोपने की कोशिश कर रही है। भारत की भाषाई विविधता पर जोर देते हुए पवन कल्याण ने कहा, “भारत को तमिल समेत कई भाषाओं की जरूरत है, न कि सिर्फ दो भाषाओं की। हमें भाषाई विविधता को अपनाना चाहिए। न सिर्फ अपने देश कीअखंडता को बनाए रखने के लिए बल्कि अपने लोगों के बीच प्रेम और एकता को बढ़ावा देने के लिए भी।” स्टालिन ने NEP को लेकर क्या कहा?दरअसल, तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने NEP को भारत के विकास के बजाय हिंदी को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई “भगवा नीति” करार दियाथा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली को नष्ट करने की धमकी देती है। स्टालिन ने तिरुवल्लूर में कहा, “राष्ट्रीय शिक्षानीति शिक्षा नीति नहीं बल्कि भगवाकरण नीति है। यह नीति भारत के विकास के लिए नहीं बल्कि हिंदी के विकास के लिए बनाई गई थी। हम इसनीति का विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह तमिलनाडु की शिक्षा प्रणाली को पूरी तरह से नष्ट कर देगी।” स्टालिन ने केंद्र सरकार पर NEP को लागू करनेके लिए राज्य पर दबाव बनाने के लिए धनराशि रोकने का आरोप लगाया था।
‘महाकुंभ को मृत्युकुंभ कहने वाले होली पर उपद्रव रोकने में नाकाम रहे’, योगी ने ममता को दिया करारा जवाब

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके “मृत्यु कुंभ” वाले बयान पर जोरदारजवाब दिया। उन्होंने कहा कि “जो लोग होली के दौरान उपद्रव को नियंत्रित करने में असमर्थ रहे, उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहाथा।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथग्रहण समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, “उत्तरप्रदेश की जनसंख्या 25 करोड़ है और यहां होली शांतिपूर्वक संपन्न हुई। लेकिन पश्चिम बंगाल में होली के दौरान कई उपद्रव हुए। वहीं, जो लोगहोली के दौरान उपद्रव को नियंत्रित करने में असमर्थ रहे, उन्होंने महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहा था।”पश्चिम बंगाल से हर दिन 50 हजार से 1 लाख लोग आएयोगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “हमने इसे ‘मृत्यु’ नहीं, बल्कि ‘मृत्युंजय’ और ‘महाकुंभ’ कहा। इस महाकुंभ ने यह साबित कर दिया कि 45 दिनों तकचले इस आयोजन में हर दिन पश्चिम बंगाल से 50 हजार से एक लाख लोग हिस्सा लेने आए थे।” वहीं, ममता बनर्जी ने 18 फरवरी को महाकुंभ को लेकर विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने दावा किया था कि महाकुंभ में भगदड़ की घटनाओं केकारण यह “मृत्यु कुंभ” बन गया। इसके अलावा, ममता ने यह आरोप भी लगाया था कि अधिकारियों ने मृतकों के आंकड़े दबा दिए और सैकड़ों शवोंको छिपाया। मीडिया की भूमिका और सकारात्मक योगदानमुख्यमंत्री ने मीडिया के सकारात्मक योगदान की सराहना की और कहा कि “मीडिया को सही और सटीक जानकारी समाज तक पहुंचाने का कार्य करनाचाहिए।” उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि “आप जिस भी सहयोग की आवश्यकता महसूस करें, राज्य सरकार आपके साथ खड़ी रहेगी।” योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारिता के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “देश में कई स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने मीडिया के माध्यम से समाजको नई दिशा दी। महात्मा गांधी, लाला लाजपत राय और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे नेता अपनी लेखनी से समाज के लिए मार्गदर्शन बने।” सोशल मीडिया का दुरुपयोगमुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आजकल सोशल मीडिया का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और कुछलोग इसका दुरुपयोग कर नकारात्मकता फैला रहे हैं। ऐसे में मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है, क्योंकि इसे समाज में सकारात्मक बातें फैलानेका काम करना है।”
पूर्व पत्नी मत कहो…’ एआर रहमान की तबीयत बिगड़ने के बाद सायरा बानो का बयान, पति के लिए की दुआ

संगीतकार और सिंगर एआर रहमान के स्वास्थ्य को लेकर रविवार को एक चिंता वाली खबर आई, जिससे उनके फैंस में घबराहट फैल गई। एआररहमान को चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें डिहाइड्रेशन और गैस्ट्रिक समस्याओं के चलते अस्पताल में दाखिल किया गया, जहांकुछ टेस्ट किए जाने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। सिंगर फिलहाल ठीक हैं और परिवार ने इस संबंध में एक अपडेट जारी करते हुए बताया कि वह अबअपने घर लौट आए हैं और उनकी तबियत में सुधार हो रहा है। इस बीच, एआर रहमान की पत्नी सायरा बानो ने उनके स्वास्थ्य के बारे में अपनी प्रतिक्रिया दी। सायरा बानो की वकील, वंदना शाह के माध्यम से एकबयान जारी किया गया जिसमें कहा गया, “मैं एआर रहमान के जल्दी ठीक होने की दुआ करती हूं। मुझे जानकारी मिली कि उन्हें सीने में दर्द हुआ थाऔर उनकी एंजियोप्लास्टी की गई थी। शुक्र है कि अब वह ठीक हैं।” पूर्व पत्नी कहकर न बुलाएं– सायरा बानोएआर रहमान के स्वास्थ्य की जानकारी मिलने के बाद सायरा बानो ने उनके साथ अपने रिश्ते के बारे में भी एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा किउनका तलाक अभी आधिकारिक रूप से नहीं हुआ है। सायरा ने यह भी स्पष्ट किया कि वे दोनों अभी भी पति-पत्नी हैं। उन्होंने कहा, “हमाराआधिकारिक तौर पर तलाक नहीं हुआ है। हम अलग जरूर हुए हैं, लेकिन यह मेरी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण था। मैं नहीं चाहती थी कि मैं उन परकिसी प्रकार का दबाव डालूं। मैं सभी से निवेदन करती हूं कि कृपया मुझे उनकी ‘पूर्व पत्नी’ (एक्स वाइफ) न कहें।” नवंबर में किया था अलग होने का ऐलानगौरतलब है कि पिछले साल नवंबर में एआर रहमान और सायरा बानो ने अपने अलग होने की खबर साझा की थी, जिसे उनके फैंस के लिए एक बड़ाझटका माना गया था। दोनों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए अपने अलग होने की जानकारी दी थी, हालांकि, अब तक दोनों का आधिकारिक तौरपर तलाक नहीं हुआ है। शादी के करीब 29 साल बाद दोनों ने अपनी राहें अलग कर ली थीं। उनके तीन बच्चे, रहीमा, खदीजा, और अमीन हैं।
बिहार में बेरोजगारी की स्थिति आज इतनी गंभीर हो चुकी है कि लाखों युवा रोज़गार की तलाश में

राज्य से बाहर पलायन करने को मजबूर हैं। इसकी वजह से न केवल बिहार की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है, बल्कि राज्य के युवाओं का भविष्यभी अंधेरे में जा रहा है। बिहार की युवा शक्ति को पूरी दुनिया में अपनी पहचान बनाने का मौका मिलना चाहिए, लेकिन इसके लिए जरूरी है किरोजगार के पर्याप्त अवसर यहां उपलब्ध कराए जाएं। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी- जेडीयू सरकार की नाकामी के कारण बिहार बेरोजगारी और पलायन का गढ़ बन चुका है। सरकार ने इस गंभीर मुद्देपर कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे युवा वर्ग निराश और असहाय महसूस कर रहा है। पार्टी का यह अभियान इस असंतोष को आवाज देने केलिए शुरू किया गया है, ताकि बिहार के युवाओं के लिए रोजगार की नीति को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा सके। ‘पलायन रोको-नौकरी दो’ यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि बिहार में रोजगार सृजन के लिए ठोस नीतियां बनाई जाएं। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बिहार के युवा अपनी कड़ी मेहनत और शिक्षा के बल पर यहीं अपने लिए रोजगार प्राप्त कर सकें, न कि दूसरे राज्यों मेंपलायन करें। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि सरकार इस दिशा में कार्य नहीं करती, तो आगामी चुनावों में बिहार की जनता इसका जवाब देगी। बिहार कांग्रेसका यह अभियान इस बात का प्रतीक है कि जब तक राज्य के युवा वर्ग को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
चुनाव आयोग वोटर आईडी को आधार से लिंक करने पर विचार कर रहा है, अधिकारियों से 18 मार्च को होगी चर्चा

देश में जल्द ही वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। चुनाव आयोग इस पर चर्चा के लिए 18 मार्च को केंद्रीयगृह सचिव, विधायी विभाग के सचिव और UIDAI के CEO के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा। इस बैठक में वोटर आईडी को आधार से जोड़ने केलंबे समय से उठ रहे सवालों पर चर्चा की जाएगी, खासकर पश्चिम बंगाल में वोटर आईडी की डुप्लीकेट एंट्री को लेकर तृणमूल कांग्रेस द्वारा व्यक्त कीगई चिंताओं के बाद। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि अगले तीन महीनों में डुप्लीकेट वोटर एंट्री को हटाने की योजना बनाई जाएगी। आधार नंबर देना फिलहाल अनिवार्य नहीं हैचुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 के तहत, चुनाव अधिकारियों को मतदाताओं से आधार नंबर मांगने की अनुमति दी गई है, लेकिन यह एकस्वैच्छिक प्रक्रिया है। हालांकि, इसे गोपनीयता और कानूनी चिंताओं के कारण पूरी तरह से लागू नहीं किया जा सका है। चुनाव आयोग ने पहले हीअपने डेटाबेस में स्वेच्छा से बड़ी संख्या में आधार नंबर शामिल किए हैं, लेकिन इन दोनों प्रणालियों को पूरी तरह से एकीकृत करने में कठिनाइयां आईहैं।चुनाव आयोग का आधार सीडिंग के प्रति समर्थनचुनाव आयोग लंबे समय से आधार सीडिंग का समर्थन करता रहा है, और इसे मतदाता सूची में डुप्लीकेट प्रवEntries को रोकने का एक प्रभावीतरीका मानता है। 2017 में, आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, जिसमें आधार को वोटर आईडी से जोड़ने की प्रक्रिया को जारीरखने की मांग की गई थी। आयोग ने यह स्पष्ट किया था कि इससे साफ और सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।आधार सीडिंग, चुनाव आयोग के सुधार प्रस्तावों का हिस्साआधार सीडिंग चुनाव आयोग की व्यापक सुधार योजनाओं का एक केंद्रीय तत्व है, जिसमें एडवांस वोटिंग सिस्टम, घरेलू प्रवासियों के लिए रिमोटवोटिंग और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, इन पहलुओं को लागू करने के लिए आधार सीडिंग का पूर्ण कार्यान्वयनजरूरी है, जिसके बिना ये सुधार योजनाएं पूरी तरह से कार्यान्वित नहीं हो पाई हैं। राजनीतिक दलों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बावजूद, चुनाव आयोगइस दिशा में कदम बढ़ाने का इच्छुक है। 18 मार्च को होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना बाकी रहेगा।बिहार कांग्रेस द्वारा ‘पलायन रोको-नौकरी दो’ यात्रा की शुरुआतबिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और पलायन की समस्या का समाधान खोजने के लिए बिहार कांग्रेस ने आज ‘पलायन रोको-नौकरी दो’ यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा भितिहरवा गांधी आश्रम से शुरू होकर राज्य के विभिन्न जिलों से होते हुए पटना पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्यराज्य सरकार की बेरोजगारी और पलायन के मुद्दों पर सरकार को घेरना और बिहार के युवाओं के लिए ठोस रोजगार नीति की मांग करना है।
भा.ज.पा. के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ओ.पी. बब्बर का 90वां जन्मदिन मनाया, “ओ.पी.डी. ऑन व्हील” मेडिकल वैन का उद्घाटन

दिल्ली, 15 मार्च: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने दिल्ली के वरिष्ठ कार्यकर्ता और पूर्व विधायक ओ.पी. बब्बर का 90वां जन्मदिनमनाया और उनके परिवार द्वारा बनवाए गए “ओ.पी.डी. ऑन व्हील” मेडिकल वैन का उद्घाटन किया। यह मेडिकल वैन विशेष रूप से समाज सेवा मेंलगे सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की देखभाल करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जो बब्बर द्वारा दिए गए संस्कारों का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर आयोजित अभिनंदन समारोह में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा, दिल्ली भाजपाअध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, प्रवीन खंडेलवाल, बांसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, पंकज सिंह, रविंद्रइंद्राज सिंह, एन.डी.एम.सी. उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ भाजपा नेता, जैसे डॉ. हर्षवर्धन, राम भज, पी.के. चांदला, हरशरण सिंह बल्ली, श्याम लाल गर्ग, नंदकिशोर गर्ग, धर्मदेवसोलंकी, वेदव्यास महाजन, सुरेन्द्रपाल रातावाल, चांदराम, मूलचंद चावला और राजेश गहलोत, जिन्होंने अलग-अलग समय में दिल्ली भाजपा संगठनऔर विधानसभा में ओ.पी. बब्बर के साथ कार्य किया, इस अवसर पर उपस्थित थे। जगत प्रकाश नड्डा ने अपने संबोधन में कहा, “ओ.पी. बब्बर ने सदैव निस्वार्थ राजनीति की और भाजपा कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार की प्रेरणा दी।उनके 90वें जन्मदिन के अवसर पर, उनके परिवार द्वारा सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए जो मेडिकल वैन समर्पित की गई है, वह उनकेद्वारा दिए गए संस्कारों का परिणाम है।” दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इस अवसर पर कहा, “ओ.पी. बब्बर ने दिल्ली में विभिन्न संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन करते हुए भाजपासंगठन के विस्तार के लिए तन, मन और धन से कार्य किया। उनका योगदान आज भी हमारे लिए प्रेरणास्त्रोत है।” यह समारोह ओ.पी. बब्बर के योगदान और उनके द्वारा प्रेरित कार्यों को सम्मानित करने का एक अहम अवसर था, जो भाजपा के संगठनात्मक विस्तारमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
आमिर खान ने 60वां जन्मदिन मनाया, गौरी से मिलवाकर किया मीडिया को चौंका

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्टनिस्ट आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 60वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इस खास मौके से पहले उन्होंने मीडिया केसाथ अपना प्री-बर्थडे सेलिब्रेट किया और सभी को एक बड़ा सरप्राइज दिया। आमिर ने इस दौरान अपनी नई लेडी लव गौरी से मीडिया को मिलवाया, जो उनके जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी हैं। इस खुलासे के बाद आमिर ने कहा कि उनके परिवार को भी गौरी काफी पसंद हैं, और हाल ही में उन्होंनेगौरी को शाहरुख खान और सलमान खान से भी इंट्रोड्यूस कराया है। गौरी का आमिर के परिवार में स्वागतआमिर खान के परिवार में गौरी का स्वागत काफी धूमधाम से हुआ है। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, गौरी ने कहा कि आमिर के परिवार ने उन्हेंदिल खोलकर स्वीकार किया है। वह सभी लोगों के स्नेह से बेहद खुश हैं और उनका मानना है कि हर किसी ने उन्हें अपनी जिंदगी में खुले दिल सेअपनाया है। आमिर खान ने अपने जन्मदिन पर यह भी खुलासा किया कि वह गौरी को पिछले 25 साल से जानते हैं, और हाल ही में दोनों फिर सेमिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, आमिर और गौरी पिछले डेढ़ साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। आमिर की मीडिया से अपीलअपने प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन के दौरान, आमिर खान ने मीडिया से एक खास अपील की। उन्होंने कहा कि वह पैपराजी से यह गुजारिश करना चाहते हैं किवे गौरी की प्राइवेसी का सम्मान करें और उनकी तस्वीरें क्लिक न करें। आमिर ने बताया कि गौरी अभी बॉलीवुड की हलचल से पूरी तरह से वाकिफनहीं हैं और वह आमिर के सुपरस्टारडम से बेपरवाह हैं। हालांकि, आमिर ने यह भी कहा कि गौरी ने अब तक उनकी बहुत कम फिल्में देखी हैं, जिनमें”लगान” और “दंगल” शामिल हैं। शादी को लेकर आमिर खान का बयानआमिर खान ने इस मौके पर अपनी शादी के बारे में भी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा, “पता नहीं 60 साल की उम्र में मुझे शादी शोभा देती है या नहीं।” यह बयान आमिर के निजी जीवन को लेकर मीडिया में चल रही चर्चाओं के बीच आया। आमिर और गौरी की जोड़ी को लेकर चर्चाएं अब भी जारी हैं, और फैंस को उम्मीद है कि यह जोड़ी बॉलीवुड में नई शुरुआत कर सकती है।