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7 मई को देशभर के 244 जिलों में मॉक ड्रिल, बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पहलगाम हमले और पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 मई2025 को मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय गृह सचिव गोविंद मोहन की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में लियागया, जो करीब 54 वर्षों में पहली बार इस स्तर पर आयोजित हुई। 244 जिलों में ड्रिल, दिल्ली में विशेष तैयारीयह मॉक ड्रिल देश के 244 जिलों में आयोजित की जाएगी, जिनमें से 100 से अधिक जिलों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। दिल्ली मेंयह अभ्यास दिल्ली कैंट क्षेत्र में किया जाएगा। इन ड्रिल्स का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा ढांचे की तैयारियों की समीक्षा करना है। बैठक में प्रमुख विषयों पर चर्चाबैठक के दौरान नागरिक सुरक्षा इकाइयों की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया। साथ ही, आम लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों मेंप्रशिक्षित करने की रणनीतियों पर जोर दिया गया। नागरिकों को हवाई हमलों के सायरनों की पहचान, ब्लैकआउट स्थितियों से निपटना, औरप्राथमिक चिकित्सा जैसी मूलभूत जानकारियों से लैस करने पर चर्चा हुई। इसके अलावा, हर घर में टॉर्च, मोमबत्तियां और थोड़ी नकदी रखने कीसलाह दी गई। ड्रिल में होंगे कई अभ्यासड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरनों का संचालन, नागरिकों को सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी, बंकरों की सफाई, औरब्लैकआउट जैसी स्थितियों से निपटने के अभ्यास शामिल होंगे। इसके साथ ही, एयरफोर्स के साथ हॉटलाइन और रेडियो संचार प्रणाली का परीक्षण, नियंत्रण कक्षों की कार्यक्षमता का मूल्यांकन और निकासी योजनाओं का पूर्वाभ्यास भी किया जाएगा।पहलगाम हमले के बाद सरकार सतर्क22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें कई पर्यटक शामिल थे। इसके बाद सेप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सुरक्षा मामलों पर उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं और हमले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का संकल्प जता चुकेहैं।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिशमौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और नए खतरों को देखते हुए, यह मॉक ड्रिल देश की सुरक्षा तैयारियों को और अधिक पुख्ता करने की दिशा में एक बड़ाकदम है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देशित किया है कि वे नागरिकों को जागरूक करें और आवश्यक संसाधनों के साथ हर स्तर पर तैयार रहें।

मिलिंद देवड़ा का उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला: “आतंकी हमले के वक्त छुट्टी पर थे”

शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर उस समय सवाल खड़े किए जब देश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले मेंमारे गए निर्दोष लोगों के लिए शोक मना रहा था। देवड़ा ने ठाकरे पर आरोप लगाया कि वह ऐसे समय में अपने परिवार संग यूरोप की यात्रा पर थे। “गोलियां चल रही थीं, ठाकरे छुट्टी मना रहे थे”मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा कि जब देश पहलगाम हमले से स्तब्ध था, तब ठाकरे विदेश में छुट्टियांमना रहे थे। उन्होंने पोस्ट में कहा, “भूमिपुत्रों से लेकर पर्यटकों तक के लिए दुख के समय ठाकरे परिवार गायब रहा। महाराष्ट्र दिवस पर भी उनकी कोईप्रतिक्रिया सामने नहीं आई—न कोई बयान, न कोई संवेदना।” एकनाथ शिंदे की सक्रियता की सराहनादेवड़ा ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने संकट की इस घड़ी में जिम्मेदारी निभाई और पीड़ितों के परिजनों से मिलकरसहानुभूति जताई। देवड़ा के अनुसार, महाराष्ट्र को ऐसे नेताओं की ज़रूरत है जो ज़िम्मेदारी निभाएं, न कि संकट के समय विदेश में छुट्टियां लें। महाराष्ट्र दिवस पर अनुपस्थिति ने खड़े किए सवालमहाराष्ट्र दिवस के 65वें समारोह में ठाकरे की गैरमौजूदगी को लेकर भी आलोचना तेज हो गई है। भाजपा और महायुति गठबंधन के नेताओं ने इसेराज्य की सांस्कृतिक गरिमा के प्रति ठाकरे की प्रतिबद्धता पर प्रश्नचिह्न बताया है। मराठी अस्मिता की रक्षा में विफलता का आरोपभाजपा मुंबई अध्यक्ष और राज्य के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार ने ठाकरे पर हमला करते हुए कहा कि जो नेता बार-बार मराठी अस्मिता की बात करतेहैं, वे खुद ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर राज्य से गायब रहे। शिवसेना के ही नेता संजय निरुपम ने भी ठाकरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देशश्रद्धांजलि दे रहा था, तब उनका परिवार विदेश में छुट्टी मना रहा था।

कानपुर में पांच मंजिला इमारत में आग, एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में बीती रात दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक पांच मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में एक ही परिवार केपांच सदस्यों—मां, पिता और तीन बेटियों—की मौत हो गई। फायर ब्रिगेड की कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका है।मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है। जूता फैक्ट्री में लगी आग ने ली विकराल रूपघटना कानपुर के चमनगंज थाना क्षेत्र के गांधी नगर इलाके की है, जहां एक बहुमंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर जूते की फैक्ट्री थी और ऊपर कीमंजिलों पर लोग रहते थे। रात के समय अचानक हुए शॉर्ट सर्किट के कारण फैक्ट्री में आग लग गई, जो कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत में फैल गई। स्थानीय लोगों ने दी सूचना, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेडआग लगने के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की लगभग 12 गाड़ियाँ और पुलिसबल मौके पर पहुंचे। आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने में करीब 8 घंटे लग गए। तब तक इमारत में मौजूद पांच लोगों की जान जा चुकीथी। फैमिली के सभी सदस्य आग में झुलसे, कोई नहीं बच सकादमकल विभाग ने बताया कि मृतकों की पहचान दानिश, उनकी पत्नी नाजनीन और उनकी तीन बेटियों के रूप में हुई है। रात करीब 3 बजे सभी केजले हुए शव मलबे से बरामद किए गए। बताया गया कि इमारत के निचले हिस्से में दानिश का जूता कारखाना और गोदाम था, जबकि ऊपर उनकापरिवार रहता था। घटनास्थल पर पहुंची SDRF, जांच जारीआग इतनी तेज थी कि इमारत का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू अभियान में जुटी रही। फिलहाल पुलिसऔर फॉरेंसिक टीमें पूरे मामले की जांच कर रही हैं। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद का वीडियो आया सामने, दहशत में भागते दिखे पर्यटक

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें बैसरन घाटी से महिलाएं और बच्चे डर के मारेनीचे की ओर भागते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में कुछ बुजुर्ग भी घबराए हुए दिखाई देते हैं। यह दृश्य हमले के करीब एक घंटे बाद का बतायाजा रहा है, जब पर्यटक जान बचाकर घाटी से नीचे के रास्ते लौट रहे थे। सीसीटीवी में कैद हुआ आतंक के बाद का माहौलवीडियो उस मार्केट का है जो बैसरन घाटी के नीचे स्थित है। फुटेज में देखा जा सकता है कि महिलाएं और बच्चे बदहवासी की हालत में दौड़ रहे हैं।इस दौरान तेज रफ्तार में आती गाड़ियाँ भी नजर आती हैं, जिनमें घायलों को लाया जा रहा है। इस भगदड़ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता हैकि उस समय घाटी में कितनी भारी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। हमले में 26 पर्यटकों की मौत, पीएम ने की उच्चस्तरीय बैठक22 अप्रैल को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तीनों सेनाओं केप्रमुखों, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के साथ आपात बैठक की। इस बैठक में हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना कोसख्त कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी गई। सेना का जवाब, एलओसी पर तनावहमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर गोलीबारी शुरू कर दी है। बीते दस दिनों में पाकिस्तान ने कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है, जिसका भारतीय सेना ने सख्त जवाब दिया। कई इलाकों में पाकिस्तानी गोलीबारीभारतीय सेना के अनुसार, 3 से 4 मई की रात पाकिस्तानी चौकियों से कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, राजौरी, मेंढर, नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर क्षेत्रों मेंअकारण गोलीबारी की गई। भारतीय सेना ने इसका तुरंत और सटीक जवाब दिया। साइबर मोर्चे पर भी हमले, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्कसीमावर्ती गोलीबारी के साथ-साथ पाकिस्तान भारतीय सैन्य संस्थानों को साइबर हमलों का भी निशाना बना रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अब तकसेना से जुड़े शैक्षणिक, चिकित्सा और कल्याण संस्थानों की वेबसाइट्स पर साइबर अटैक कर चुका है। हालांकि, भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसियों नेसमय रहते इन प्रयासों को विफल कर दिया।

जाति जनगणना पर प्रस्ताव, सरकार से तुरंत कदम उठाने की मांग

कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में जाति जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। पार्टी ने मोदी सरकार से जाति जनगणना को तुरंतशुरू करने की अपील की। कांग्रेस का कहना है कि यह कदम सामाजिक न्याय के लिए जरूरी है और इससे समाज के विभिन्न वर्गों की स्थिति का सहीआकलन होगा। कांग्रेस ने तेलंगाना में की गई जाति जनगणना के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की मांग की। इसके साथ ही संविधान केअनुच्छेद 15 (5) का तात्कालिक क्रियान्वयन भी मांगा गया, जो ओबीसी, दलित, आदिवासियों को निजी संस्थानों में आरक्षण प्रदान करता है।कांग्रेस ने सरकार से जाति जनगणना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, बजट आवंटित करने और स्पष्ट समय सीमा तय करने की मांग की है। प्रमुख मांगे:-1.आरक्षण की 50% सीमा समाप्त हो जाए।2.अगले जनगणना में जातिगत आंकड़े शामिल हों।3.संविधान अनुच्छेद 15 (5) को तुरंत लागू किया जाए, निजी निरीक्षण संस्थानों में ओबीसी, एससी, एसटी को आरक्षण। यह सिर्फ एक जनगणना नहीं,एक नीतिगत क्रांति की शुरुआत है।कांग्रेस पूरी तरह से सहयोग को तैयार है।लक्ष्य- सामाजिक न्याय और समावेशन।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का कड़ा कदम, सिंधु जल संधि निलंबित, पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ीं

बगलिहार डैम से पाकिस्तान को पानी की आपूर्ति रोकी गईहाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़ा फैसला लेते हुए 65 वर्षों से प्रभावी सिंधु जल संधि कोअस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस निर्णय को भारत की ओर से एक कूटनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, चिनाबनदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले जल प्रवाह को रोक दिया गया है। अब किशनगंगा डैम पर भी विचारसूत्रों के अनुसार, जम्मू के रामबन में स्थित बगलिहार डैम और उत्तर कश्मीर के किशनगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के माध्यम से भारत अब पाकिस्तान कोजाने वाले पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने की योजना पर काम कर रहा है। इन बांधों से पानी छोड़े जाने के समय और मात्रा को बिना किसी पूर्वसूचना के घटाया या बढ़ाया जा सकता है। 1960 में हुआ था ऐतिहासिक समझौताभारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में सिंधु जल समझौता हुआ था। इस संधि के तहत सिंधु, झेलम और चिनाब नदियोंसहित उनकी सहायक नदियों के जल का बंटवारा सुनिश्चित किया गया था। बगलिहार और किशनगंगा दोनों ही बांध इस समझौते के तहत लंबे समयसे विवाद का विषय रहे हैं। पाकिस्तान की जल निर्भरता और कृषि संकटइस संधि के तहत पाकिस्तान को सिंधु प्रणाली की पश्चिमी नदियों पर नियंत्रण प्राप्त है। देश अपनी 93% सिंचाई और बिजली आवश्यकताओं केलिए इन नदियों के जल पर निर्भर है। पाकिस्तान की 80% कृषि भूमि इन्हीं जल स्रोतों पर आधारित है, जिससे यह संधि उसके लिए अत्यंत महत्वपूर्णबन जाती है। राजनीतिक प्रतिक्रिया और तनावसंधि के निलंबन पर पाकिस्तान की ओर से तीव्र प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने यहां तक कहा, “यातो सिंधु नदी में हमारा पानी बहेगा, या उनका खून।” भारत ने इस भड़काऊ बयान की कड़ी आलोचना की है। इस कदम को पाकिस्तान के कुछ नेताओंने युद्ध की धमकी के रूप में देखा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

सीआरपीएफ से बर्खास्त मुनीर अहमद का बयान,“मैंने विभाग को दी थी जानकारी, मेरे पास सबूत हैं”

पाकिस्तानी पत्नी से शादी का मामलाजम्मू के निवासी और सीआरपीएफ के पूर्व जवान मुनीर अहमद को हाल ही में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। अब उन्होंने इस मामले में अपना पक्षसामने रखा है। मुनीर का कहना है कि उन्होंने पाकिस्तानी नागरिक मीनल खान से विवाह किया था और इसकी जानकारी समय पर विभाग को दे दीथी। उन्होंने कहा कि सभी ज़रूरी दस्तावेज भी अधिकारियों को सौंपे गए थे। पत्नी के वीजा दस्तावेज भी दिखाएमुनीर के अनुसार, पहलगाम हमले के बाद जब उनकी पत्नी के लॉन्ग टर्म वीजा से जुड़ी पूछताछ हुई, तब भी उन्होंने सभी वैध कागजात प्रस्तुत किएथे। इसके बावजूद उन्हें बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया, जो उनके अनुसार अन्यायपूर्ण है। “विभाग को पहले ही कर दी थी सूचना”एएनआई से बातचीत में मुनीर ने कहा, “सीआरपीएफ ने जो कारण बताया, वह यह है कि मैंने अपनी पत्नी को भारत में रखा और इसकी सूचना विभागको नहीं दी। जबकि मैंने विभाग को समय पर जानकारी दी थी, दस्तावेज जमा किए थे और मेरे पास इसके प्रमाण भी हैं।” डीजी को भी लिखा था पत्रमुनीर ने बताया कि 26 मार्च को उन्हें सुंदरबनी मुख्यालय से अचानक 41वीं बटालियन में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया, जहां उन्होंने एक इंटरव्यू केदौरान पूरी स्थिति स्पष्ट की। साथ ही, उन्होंने डीजी को पत्र के ज़रिए पूरे मामले की जानकारी भी दी थी। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से लगाई न्याय की गुहारबर्खास्तगी की सूचना के बाद मुनीर अहमद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा, “मैं एकजवान हूं और हमेशा ईमानदारी से ड्यूटी की है। मैं बस इंसाफ चाहता हूं।”

दिल्ली में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना का पंजीकरण शुरू, भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दीमुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को बधाई

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को केंद्र सरकार की आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत मुफ्त इलाज कीसुविधा देने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकेमंत्रिमंडल को शुभकामनाएं दीं। हर विधानसभा में लगेंगे कैम्प, 70 मोबाइल वैन पहुंचेंगी बुजुर्गों के द्वारश्री सचदेवा ने जानकारी दी कि योजना के तहत दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में पंजीकरण किया जाएगा। इस काम को सुगम बनाने के लिए70 मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी, जो घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों का रजिस्ट्रेशन कर उन्हें योजना के तहत कार्ड वितरित करेंगी। भाजपा विधायक और कार्यकर्ता अभियान को जन-जन तक पहुंचाएंगेदिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि भाजपा के सभी 48 विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में कैम्प आयोजित करेंगे ताकि अधिक से अधिक बुजुर्ग इसयोजना से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन के स्तर पर बाकी 22 विधानसभाओं में भी शिविर लगाकर पंजीकरण सुनिश्चितकिया जाएगा। केंद्र की योजनाओं को अब दिल्ली में भी मिलेगा पूरा लाभश्री सचदेवा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित इस योजना से पूरे देश में बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है, और अब दिल्ली भी इस अभियान काहिस्सा बन गया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासनकाल में राजनीतिक कारणों से दिल्ली केनागरिकों को कई केंद्र योजनाओं से वंचित रखा गया। भाजपा सरकार कर रही है दिल्ली के बुजुर्गों की चिंतादिल्ली भाजपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी के हर बुजुर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दी जाए। आयुष्मान वय वंदनायोजना इसी संकल्प का हिस्सा है, जिससे बुजुर्गों को आर्थिक चिंता के बिना इलाज मिल सकेगा।

संजौली मस्जिद पर शिमला नगर निगम अदालत का बड़ा फैसला, पूरा निर्माण अवैध घोषित, ध्वस्तीकरण के आदेश

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र में स्थित मस्जिद को लेकर नगर निगम की अदालत ने बड़ा निर्णय सुनाया है। अदालत ने मस्जिदके पूरे ढांचे को अवैध करार देते हुए उसे पूरी तरह से गिराने के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले 5 अक्टूबर 2024 को मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलेंगिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन उस पर समय रहते अमल नहीं हो पाया। स्वामित्व और स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज नहीं हुए पेशनगर निगम आयुक्त भूपिंदर अत्री की अध्यक्षता वाली अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए पाया कि मस्जिद के निर्माण से संबंधित कोई वैधमानचित्र या नगर निगम की अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। वक्फ बोर्ड भी भूमि स्वामित्व को लेकर कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सका, जिससेअदालत ने पूरे निर्माण को अवैध ठहराया। अदालत का सख्त रुखशनिवार को हुई सुनवाई में अदालत ने मस्जिद की बची हुई दो मंजिलों को भी अवैध माना और उन्हें ढहाने का निर्देश दिया। वक्फ बोर्ड के वकील कीओर से यह तर्क दिया गया कि यह मस्जिद 1947 से पूर्व अस्तित्व में थी और वर्तमान निर्माण कार्य सिर्फ पुनर्निर्माण है। इस पर अदालत ने सवालकिया कि यदि यह पहले से मौजूद थी, तो नए निर्माण के लिए नगर निगम की स्वीकृति क्यों नहीं ली गई? समय-सीमा में नहीं हुआ कार्यान्वयनपिछले आदेश के तहत मस्जिद की ऊपरी मंजिलों को दो महीने के भीतर हटाया जाना था, लेकिन मस्जिद कमेटी समय पर यह कार्य नहीं कर पाई।इसके बाद दो बार और समय मांगा गया, परंतु अब तक एक मंजिल और स्तंभों का कार्य अधूरा है। पूर्व झड़प के बाद हुआ मामला उजागरयह विवाद उस समय चर्चा में आया जब 29 अगस्त 2024 को शिमला के मल्याणा क्षेत्र में दो समुदायों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें एक व्यक्तिघायल हुआ था। इसके बाद 1 सितंबर को संजौली मस्जिद के बाहर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और अवैध निर्माण का मुद्दा सामने आया। प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई11 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों ने मस्जिद के निर्माण का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़कर मस्जिद की ओर मार्चकिया, जिसके चलते पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी के बाद नगर निगमअदालत ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और अब अंतिम फैसला सुनाया गया है।

मंगलुरु में बजरंग दल नेता सुहास शेट्टी की हत्या, कर्फ्यू और पुलिस कार्रवाई

मंगलुरु: कर्नाटक के मंगलुरु में बजरंग दल के नेता सुहास शेट्टी की बुधवार रात करीब 8:30 बजे बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने पूरेशहर में तनाव का माहौल पैदा कर दिया, जिसके बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लागू कर दिया है। 2 मई से 6 मई तक कर्फ्यू के आदेश दिए गए हैं ताकिस्थिति पर काबू पाया जा सके। सुहास शेट्टी पर हमला और उसकी गंभीरतासुहास शेट्टी, जो पांच अन्य साथियों के साथ घूम रहे थे, पर हमलावरों ने धारदार हथियारों से हमला किया। हमलावरों ने 6 की संख्या में होते हुएतलवारों और चाकुओं से शेट्टी पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत AJ अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हेंमृत घोषित कर दिया गया। यह हमला 8:27 बजे हुआ और इसके बाद पूरे मंगलुरु में तनाव फैल गया। जांच और आरोपियों की गिरफ्तारीमंगलुरु पुलिस ने घटना के बाद से तेजी से कार्रवाई की और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी भी इन आरोपियों में शामिल है।पुलिस ने इस हत्याकांड की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दावा कियाहै कि जल्द ही हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा। इस मामले की जांच बाजपे पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। हिंदू कार्यकर्ताओं का गुस्सा और कर्फ्यू का आदेशसुहास शेट्टी की हत्या के बाद दक्षिण कन्नड़ जिले में भारी गुस्सा और तनाव का माहौल बन गया। हिंदू संगठनों ने इस घटना के विरोध में बंद काआह्वान किया, जिसके बाद कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं सामने आईं। कर्फ्यू के बावजूद, हम्पनकट्टा, सूरतकल, उल्लाल और पुत्तूर जैसे क्षेत्रों मेंविरोध प्रदर्शन जारी रहे। बसों पर पथराव की घटनाएं भी हुईं, जिससे परिवहन सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इसके साथ ही, पुलिस नेकई इलाकों में शराब की बिक्री पर भी रोक लगा दी है। कर्नाटक में राजनीतिक और सामाजिक तनावसुहास शेट्टी की हत्या कर्नाटक में पहले से ही मौजूद राजनीतिक और सामाजिक तनाव को और बढ़ा रही है। शेट्टी का नाम कई आपराधिक मामलों मेंजुड़ा रहा है और वह हिंदुत्व संगठनों, विशेष रूप से बजरंग दल के सक्रिय सदस्य थे। 2022 में फाजिल हत्याकांड के मुख्य आरोपियों में भी उनकानाम था। उनका शव मिलने के बाद से राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।