पाकिस्तान ने की भारत पर हमला करने की कोशिश, भारतीय सेना ने मुँह तोड़ जवाब दिया

7 मई 2025 को भारत सरकार ने एक प्रेस कांफ्रेंस मे बताया की पकिस्तान की तरफ से हमला करने की कोशिश की गयी थी, लेकिन भारत ने बहुत सोच समझकर और शांति बनाये रखते हुए जवाब दिया। भारत ने कहा की हमने अपने जवाब मे पाकिस्तान की सेना के किसी भी ठिकाने पर हमला नही किया। लेकिन साथ मे यह भी साफ कर दिया कि अगर कोई भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करेंगा, तो उसे सख़्त से सख़्त जवाब जरूर दिया जाएगा । क्या हुआ था 7 और 8 मई की दरमियानी रात पकिस्तान ने भारत के कई इलाकों मे ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की कोशिश की,वो भारत के इन शहरों और ठिकानों को निशाना बना रहे थे ,अवंतीपुरा, श्री नगर, जम्मू,पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जल्लंदर, लुधियाना, आदमपुर,भटिंडा,चंडीगढ, नल,फलोदी,उतरलाई और भुज । लेकिन भारत की सुरक्षा प्रणाली जिसे counter UAS Grid और Air Defence System कहा जाता हैँ , ने इन हमलो को नाकाम करके पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया ।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा अलर्ट: 27 एयरपोर्ट्स बंद, सीमावर्ती इलाकों में स्कूलों की छुट्टी

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने मंगलवार रात 1:30 बजे पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर पूरी तरह से तबाहकर दिया। जब देश गहरी नींद में था, तब सेना ने इस सटीक और साहसी अभियान को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के बाद पूरे देश में सेना कीबहादुरी की प्रशंसा हो रही है। वहीं, सुरक्षा के लिहाज से भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। राजस्थान, गुजरात, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ केकुल 27 हवाईअड्डों को 9 मई तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इनमें से कई एयरपोर्ट सीमा के पास स्थित हैं या फिर वायुसेना के नियंत्रणमें आते हैं, जहां सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी जा सकती है। ये एयरपोर्ट 9 मई की रात 11:59 बजे (UTC) तक बंद रहेंगे, जो भारतीय समयानुसार10 मई की सुबह 5:29 बजे तक का समय है। दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया है कि उनके सभी रनवे और टर्मिनल सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं, लेकिन कुछ उड़ानों पर असर पड़ा है। यात्रियोंको अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहने और समय-समय पर अपडेट लेने की सलाह दी गई है। अब तक 500 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है, जिनमेंसबसे ज्यादा उड़ानें चंडीगढ़, श्रीनगर और अमृतसर से रद्द की गई हैं। प्रभावित उड़ानों में इंडिगो की 267, एयर इंडिया की 102 और एयर इंडियाएक्सप्रेस की 74 फ्लाइट्स शामिल हैं। सभी प्रमुख एयरलाइनों ने टिकट रद्द करने पर चार्ज माफ कर दिए हैं और टिकट बदलने का विकल्प भी दियाहै। इसके अतिरिक्त, भारत ने 30 अप्रैल से पाकिस्तानी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इससे पहले पाकिस्तान ने 24 अप्रैल कोभारतीय विमानों पर प्रतिबंध लगाया था। इन दोनों देशों के निर्णयों के चलते अब कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करनापड़ रहा है। सुरक्षा कारणों से सीमा से सटे क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज भी अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलोंमें 8 मई को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए हैं। वहीं, कश्मीर के बारामुला, कुपवाड़ा, गुरेज़, अवंतिपोरा और श्रीनगर एयरपोर्ट के आसपास केक्षेत्रों में भी स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर’ से दहला पाकिस्तान,भारतीय सेना की मिसाइल स्ट्राइक में तबाह हुए आतंकी ठिकाने

भारतीय सेना का निर्णायक प्रहार6 और 7 मई की मध्यरात्रि, भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकीठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में नौ आतंकी अड्डों को निशाना बनाते हुए पूरी तरह से तबाह कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, इनहमलों में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के कुछ सदस्य भी मारे गए।पाकिस्तान में मचाई अफरातफरीहमलों के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सैन्य हलकों में खलबली मच गई। पाकिस्तान सरकार ने आधिकारिक तौर पर 26 लोगों की मौत और46 घायलों की पुष्टि की है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि हताहतों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। हमले के बाद सामने आईंतस्वीरों में भारी तबाही देखी जा सकती है। पाकिस्तानी झंडे में लिपटे आतंकियों के शवसोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में मारे गए आतंकियों के शव ताबूतों में रखे हुए हैं और उन्हें पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया है। ट्रैक्टर पर लेजाए जा रहे इन ताबूतों को देखकर लोगों ने सवाल उठाए कि क्या पाकिस्तान मारे गए आतंकियों को शहीद का दर्जा दे रहा है। पाकिस्तानी झंडे को लेकर नियम क्या कहते हैं?पाकिस्तान के ध्वज संहिता (Flag Code) के अनुसार, देश के शहीदों के शवों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा जाता है। हालांकि, नियम यह भीकहता है कि झंडे को शव के साथ कब्र में नहीं दफनाया जा सकता। शव को दफनाने से पहले झंडे को हटाया जाता है और बाद में उसे कब्र के ऊपररखा जाता है। पूर्व में भी ऐसे उदाहरण सामने आ चुके हैंयह पहला मौका नहीं है जब आतंकियों को झंडे में लपेटा गया हो। 2016 में एक मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले के बाद मारे गए कैडेट्स के शवोंको भी पाकिस्तानी झंडे में लपेट कर अंतिम विदाई दी गई थी। अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भी ऐसी ही तस्वीरें चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
ऑपरेशन सिंदूर’ पर सर्वदलीय बैठक, राजनाथ सिंह ने 100 आतंकियों के मारे जाने की दी जानकारी

भारतीय एयर स्ट्राइक में 100 आतंकवादी ढेररक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 8 मई 2025 को आयोजित सर्वदलीय बैठक में बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय वायुसेना द्वारा किए गएहमलों में कम से कम 100 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गईथी। भारतीय बलों ने पाकिस्तान स्थित 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक की। राजनीतिक एकता और समर्थनबैठक में सभी दलों ने सरकार और सशस्त्र बलों को समर्थन देने का भरोसा जताया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि संकट की इस घड़ीमें विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। सभी दलों ने दिखाई परिपक्वताकेंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि सभी दलों ने परिपक्वता का परिचय दिया और बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। उन्होंने यहभी कहा कि इस समय फर्जी खबरें फैलाने की कोशिशें हो रही हैं, ऐसे में नागरिकों को केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करना चाहिए। गोपनीय जानकारी साझा नहीं की गईराजनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अभी जारी है, इस कारण रणनीतिक या तकनीकी जानकारियां साझा नहीं की जा सकतीं। बैठक में सेना केअधिकारी मौजूद नहीं थे, ताकि गोपनीयता बनी रहे। ओवैसी और अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाAIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऑपरेशन की सराहना करते हुए मांग की कि जिन लोगों ने पुंछ में जान गंवाई है, उन्हें आतंकवाद पीड़ित घोषितकर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने TRF के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई और पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल करवाने का सुझावभी दिया। बीजेडी ने जताया समर्थनबीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ऑपरेशन सिंदूर में सशस्त्र बलों की भूमिका की सराहना करती है और आतंकवाद के खिलाफउनके सभी प्रयासों का समर्थन करती है।
भारत का सधा हुआ जवाब: ऑपरेशन सिंदूर में आतंक के खिलाफ निर्णायक वार, दो महिला अधिकारियों ने दी विस्तृत जानकारी

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने बुधवार तड़के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृतकश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमला किया। इस कार्रवाई के दौरान केवल आतंकवादी अड्डों को निशाना बनाया गया, किसीसैन्य या नागरिक स्थल को क्षति नहीं पहुंचाई गई। भारत सरकार ने इसे आतंक के खिलाफ एक कड़ा कदम बताया है। नई दिल्ली में सरकार ने दी आधिकारिक जानकारीऑपरेशन सिंदूर की विस्तृत जानकारी देने के लिए भारत सरकार ने बुधवार सुबह नेशनल मीडिया सेंटर, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस वार्तामें विदेश सचिव विक्रम मिसरी, सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि किनआतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, वे किस संगठन से संबंधित थे और इनका भारत में हुई विभिन्न आतंकी घटनाओं से क्या संबंध था।महिला अधिकारियों की मौजूदगी का प्रतीकात्मक संदेशकर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देने के लिए चुनकर भारत ने पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेशदिया कि भारतीय महिलाएं आतंक के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम पंक्ति में हैं। यह चयन प्रतीक था उस शक्ति और एकता का, जो भारत की महिलाओंऔर समाज के हर वर्ग में है। यह जवाब पाकिस्तान के उस दुष्प्रचार के खिलाफ था जिसमें वह बार-बार ‘दो राष्ट्र सिद्धांत’ और धार्मिक विभाजन की बात करता रहा है। भारत ने यहसाबित कर दिया कि उसका सामाजिक ताना-बाना धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि एकता और समानता पर आधारित है। पहलगाम हमले के बाद पूरेदेश ने एकजुट होकर आतंक के खिलाफ स्वर उठाया, जिससे पाकिस्तान को करारा झटका लगा। महिलाओं पर आधारित संदेश: ऑपरेशन सिंदूर की गहराईभारत ने जिस हमले का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा, वह न केवल सैन्य कार्रवाई थी, बल्कि एक सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश भी। पहलगाम हमलेमें कई महिलाओं के सामने उनके पतियों की निर्मम हत्या की गई थी। ऐसे में यह ऑपरेशन उन महिलाओं के सम्मान और साहस का प्रतीक भी बना।दो महिला सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी ने भारत की इस भावना को और प्रबल कर दिया। कर्नल सोफिया कुरैशी: नेतृत्व की मिसालगुजरात के वडोदरा की रहने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी भारतीय सेना की सिग्नल कोर में कार्यरत हैं। वह 1999 में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत सेनामें शामिल हुई थीं। उनका परिवार सैन्य परंपरा से जुड़ा है—उनके दादा भी सेना में थे और उनके पति मेकेनाइज्ड इन्फैंट्री में कार्यरत हैं। सोफिया मार्च 2016 में ‘एक्सरसाइज फोर्स 18’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीथीं। यह अभ्यास पुणे में आयोजित हुआ था और इसमें अमेरिका, जापान, चीन, रूस और आसियान देशों समेत 18 देशों ने भाग लिया था। विंग कमांडर व्योमिका सिंह: उड़ानों की महारथीव्योमिका सिंह भारतीय वायुसेना की एक कुशल हेलिकॉप्टर पायलट हैं और उन्हें 2,500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है। उन्होंने उत्तर-पूर्व औरजम्मू-कश्मीर जैसे कठिन इलाकों में कई सफल मिशन पूरे किए हैं। 2020 में अरुणाचल प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा में उन्होंने कई लोगों कोसुरक्षित बाहर निकाला। 2021 में वह ‘ऑल वुमन माउंटेन एक्सपीडिशन’ का हिस्सा बनीं और 21,650 फीट ऊंची माउंट मणिरंग की चढ़ाई की। व्योमिका ने बचपन में हीतय कर लिया था कि उन्हें पायलट बनना है। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास कर वायुसेना में स्थान प्राप्त किया और अपना सपना पूरा किया।
भारत का सबसे बड़ा जवाब: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने तबाह, 100 से ज्यादा आतंकवादी ढेर

भारत ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकवादी हमले का सख्त जवाब देते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत एकबड़ा मिसाइल हमला किया है। यह भारतीय सेना की ओर से अब तक का सबसे बड़ा और सटीक सैन्य ऑपरेशन बताया जा रहा है। पाकिस्तानीमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर जैसे इलाकों में स्थित 21 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दियागया। कुछ समय बाद भारत सरकार ने भी इस हमले की आधिकारिक पुष्टि की। मुजफ्फराबाद, कोटली और बहावलपुर में बड़ी कार्रवाईभारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीतर गहराई तक जाकर आतंकी ठिकानों परसर्जिकल और मिसाइल हमले किए। विशेष रूप से बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के अड्डों पर भारी हमले किए गए। जानकारी के अनुसार, बहावलपुर में ही लगभग 100 आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है। वहीं अन्य ठिकानों पर भी बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। कुलसंख्या 100 से अधिक बताई जा रही है। रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक बयानभारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि, “भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकीठिकानों को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत की। यह ठिकाने भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की साजिश रचने के लिए इस्तेमालहो रहे थे।” बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि भारतीय सेना ने केवल आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया और पाकिस्तानी सेना के किसी भी आधार याप्रतिष्ठान को लक्ष्य नहीं बनाया गया। यह पूरी कार्रवाई बेहद सटीक, सीमित और उकसावे से बचने वाली रही।पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकवादी हमला हुआ था, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की हत्याकर दी गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली थी। हालांकि बाद में पाकिस्तानी सेना और खुफियाएजेंसी ISI के दबाव में इस दावे से मुकर गए। हमले के बाद भारत में व्यापक आक्रोश फैल गया था और सरकार ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे। भारत के कूटनीतिक कदमसैन्य कार्रवाई के साथ-साथ भारत ने कूटनीतिक स्तर पर भी कड़े कदम उठाए। भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने, पाकिस्तान को दिए गएसभी वीजा को रद्द करने और पाकिस्तान के उच्चायोग में स्टाफ की संख्या घटाने का निर्णय लिया। ये कदम इस ओर इशारा करते हैं कि भारत अबआतंकवाद को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ न सिर्फ सीमा पर, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दबाव बनाएगा। जम्मू-कश्मीर में आतंकी विरोधी अभियान तेजपहलगाम हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर तलाशी और कार्रवाई अभियान शुरू कर दिए हैं। राज्यसरकार ने एहतियातन 48 प्रमुख पर्यटन स्थलों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की ऐतिहासिक कार्यवाही पर पीएम मोदी का बयान, कैबिनेट बैठक में देश को दी गर्व की सौगात

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले का माकूल जवाब देते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थितआतंकी ठिकानों पर बीती रात एक बड़ा सैन्य अभियान चलाया, जिसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेकैबिनेट बैठक में अपना पहला बयान दिया और सेना के शौर्य की सराहना की। उन्होंने कहा, “सेना ने बेहतरीन कार्य किया है। यह पूरे देश के लिए गर्वका पल है।” सैन्य कार्रवाई का स्वरूप और परिणामसेना द्वारा की गई इस कार्रवाई में पाकिस्तान और PoK में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इसऑपरेशन में भारी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर कापूरा परिवार इस हमले में मारा गया है। उसके परिवार के कुल 14 सदस्य इस सैन्य कार्रवाई में मारे जाने की खबर है। यह भारतीय सुरक्षा बलों की एकबड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। प्रधानमंत्री ने क्या कहा?कैबिनेट की विशेष बैठक में पीएम मोदी ने कहा, “भारतीय सेना ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि भारत की संप्रभुता से खिलवाड़ करने वालों कोकरारा जवाब दिया जाएगा। तीनों सेनाओं ने जो साहस और सामरिक सूझबूझ दिखाई है, उस पर पूरे देश को गर्व है।” बैठक के दौरान पीएम मोदी केदाईं ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बाईं ओर गृह मंत्री अमित शाह उपस्थित थे। बैठक में जब प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की जानकारी दी, तो कैबिनेट के सभी सदस्यों ने मेज थपथपा कर सेना के इस पराक्रम कीसराहना की। बैठक का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रधानमंत्री गंभीर और गर्वित मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं। राष्ट्रपति को दी जाएगी जानकारीइस महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री मोदी आज शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे और उन्हें देश के मौजूदासुरक्षा हालात और सेना की कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे। राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियां देने की यह प्रक्रियाभारतीय लोकतंत्र की संवैधानिक परंपराओं का हिस्सा है। सर्वदलीय बैठक का ऐलानकैबिनेट की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गुरुवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंहकरेंगे और गृह मंत्री अमित शाह भी इसमें शामिल होंगे। इस बैठक का उद्देश्य विपक्षी दलों को ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी देना और उन्हें विश्वास मेंलेना है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एकजुटता दिखाई जा सके। कूटनीतिक पहल भी तेजऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सक्रियता बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय ने कई मित्र देशों को इस सैन्य कार्रवाई के बारे में अवगतकराया है और बताया है कि यह कदम आत्मरक्षा और आतंकी गतिविधियों के खिलाफ था। भारत यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि वैश्विक समुदायइस कदम को आतंकवाद के विरुद्ध एक निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखे। राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाइस सैन्य कार्रवाई के बाद देशभर में सेना के प्रति सम्मान और गर्व की लहर है। सोशल मीडिया पर नागरिकों ने सेना और प्रधानमंत्री मोदी की रणनीतिकी सराहना की है। कई पूर्व सैन्य अधिकारियों और रक्षा विशेषज्ञों ने इस ऑपरेशन को “सटीक और साहसिक” बताया है।
सौरभ भारद्वाज का आरोप,दिल्ली सरकार व्यापारियों के खिलाफ रच रही है साजिश

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा ऐतिहासिक बाजारों को स्थानांतरित करने की योजना को लेकरभारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि दिल्ली सरकारव्यापारियों को दिल्ली से बाहर भेजने की सुनियोजित साजिश कर रही है। “मुख्यमंत्री को देना होगा बयान वापस”: सौरभ भारद्वाजभारद्वाज ने कहा कि 2 मई को प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में भाजपा समर्थित संस्था CAIT द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता नेकहा कि चांदनी चौक, सदर बाजार और दरियागंज जैसे बाजार अत्यधिक भीड़भाड़ वाले हो गए हैं, जिनमें अब सांस लेना भी मुश्किल है। उन्होंने कहाकि सरकार इन बाजारों को कहीं और स्थानांतरित करने की योजना पर काम कर रही है। इस बयान से दिल्ली के व्यापारियों में घबराहट फैल गई है।2022 से चल रही है साजिशAAP नेता ने दावा किया कि भाजपा द्वारा यह साजिश 2022 में ही शुरू हो गई थी, जब पार्टी नेता कुलजीत चहल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के साथ दिल्ली के व्यापारियों की बैठक कराई थी। इस बैठक में व्यापारियों को हरियाणा में कारोबार स्थानांतरित करने के लिए लुभावनेप्रस्ताव दिए गए थे। भारद्वाज ने कहा कि अब सोनीपत में ‘भागीरथ पैलेस’ और ‘चांदनी चौक’ नामक बाजारों का निर्माण इस योजना का हिस्सा है। “दिल्ली के व्यापारी नहीं जाएंगे बाहर”सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन बाजारों में पीढ़ियों से व्यापार कर रहे व्यापारी अपनी जड़ों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इसे दिल्ली कीसांस्कृतिक धरोहर बताया और कहा कि भाजपा सरकार व्यापारियों के साथ अन्याय कर रही है। “केजरीवाल सरकार ने शुरू किया था नवीनीकरण”भारद्वाज ने याद दिलाया कि 2022 में जब केजरीवाल सरकार सत्ता में थी, तब व्यापारियों की मांग पर चांदनी चौक बाजार का कायाकल्प किया गयाऔर अन्य बाजारों के लिए भी ₹100 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय AAP सरकार ने व्यापारियों को आश्वस्तकिया था कि बाजारों को दिल्ली से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। आम आदमी पार्टी का ऐलान: भाजपा के फैसले का करेंगे विरोधAAP नेता ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली के व्यापारियों के साथ खड़ी है और भाजपा की सरकार द्वारा बाजारों को दिल्ली से बाहर स्थानांतरित करनेके किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपना बयान तुरंत वापस लें और दिल्ली के व्यापारियों कीभावनाओं का सम्मान करें।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश, महाराष्ट्र निकाय चुनाव की अधिसूचना 4 हफ्तों में, पूरी प्रक्रिया 4 महीने में पूरी करें

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में लटकते स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर स्पष्ट आदेश जारी किया है। मंगलवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को चार सप्ताह के भीतर चुनाव की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया है। कोर्टने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अब और टाली नहीं जा सकती। ओबीसी आरक्षण विवाद यथास्थिति में रहेगासर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण से जुड़ी स्थिति वही रहेगी, जैसी 2022 की रिपोर्ट से पहले थी। यानीअब चुनाव ओबीसी आरक्षण के पुराने स्वरूप के अनुसार कराए जाएंगे, जब तक कोर्ट में लंबित याचिकाओं पर अंतिम निर्णय नहीं आ जाता। चार महीने में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देशपीठ ने निर्वाचन आयोग को चार महीनों के भीतर पूरे राज्य में निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने आयोग को जरूरतपड़ने पर अतिरिक्त समय मांगने की छूट भी दी है। अदालत ने कहा कि परिणाम उन याचिकाओं पर आने वाले फैसले पर निर्भर करेंगे, जो फिलहालन्यायालय में विचाराधीन हैं। क्या कहा कोर्ट ने?सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे सरकार चुनाव ही नहीं कराना चाहती। कोर्ट ने कहा कि ओबीसी आरक्षण केआधार पर अब चुनावों को और रोका नहीं जा सकता, और यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव नए या पुराने वार्ड विभाजन के अनुसार होंगे, इस पर विचारप्रक्रिया जारी रहेगी। चुनाव की ज़िम्मेदारी किसकी?राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग को चार हफ्तों में अधिसूचना जारी करनी होगी और संभावना जताई जारही है कि चुनावी प्रक्रिया सितंबर तक पूरी हो सकती है। कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से मुंबई समेत कई महानगरपालिकाओं में चुनाव नहींहुए हैं, और वहां प्रशासकों के माध्यम से संचालन हो रहा है। बीजेपी की चुनावी रणनीति शुरूराज्य में सत्ता पर काबिज बीजेपी ने पहले ही आगामी निकाय चुनावों को लेकर रणनीतिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने राज्य में मंडलों की संख्याचार गुना तक बढ़ा दी है ताकि कार्यकर्ता आम नागरिकों तक पहुंच सकें। प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुळे ने जिला मुख्यालयों में अतिरिक्तअधिकारियों की नियुक्ति की है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय कामों के लिए अनावश्यक भागदौड़ से बचाया जा सके। ये सभी निर्णय आगामी चुनावोंमें बीजेपी को लाभ पहुंचा सकते हैं।
खड़गे का सरकार पर हमला, कश्मीर दौरे की रद्दी का कारण आतंकी अलर्ट, केंद्र की नाकामी जिम्मेदार

रांची में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित कश्मीर दौराहाल ही में मिली खुफिया चेतावनी के कारण रद्द किया गया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार को आतंकी हमले की जानकारी पहले सेथी, तो पहलगाम में अतिरिक्त सुरक्षा क्यों नहीं लगाई गई? खुफिया नाकामी पर केंद्र से जवाबदेही की मांगखड़गे ने केंद्र सरकार पर खुफिया विफलता की जिम्मेदारी लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब सरकार खुद यह मान चुकी है कि खुफिया जानकारीके बावजूद हमला नहीं रोका जा सका, तो 26 लोगों की मौत के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया किपाकिस्तान के खिलाफ किसी भी ठोस कार्रवाई में कांग्रेस सरकार के साथ खड़ी रहेगी, क्योंकि देश पार्टी से ऊपर है। दलित और आदिवासी विरोधी नीतियों का आरोपकांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकारसार्वजनिक क्षेत्र को खत्म करने पर तुली है, जिससे इन वर्गों की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं कांग्रेस गरीब, आदिवासी और वंचित वर्गों केअधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। जातीय जनगणना की पुरजोर मांगखड़गे ने केंद्र सरकार से जातीय जनगणना जल्द कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है और सर्वदलीयबैठक बुलाने की मांग की गई है। उनका कहना था कि ओबीसी आरक्षण की सीमा 50% से आगे बढ़ाने की जरूरत है और कांग्रेस इस मांग को लेकरपहले से ही सक्रिय है। सरना धर्मकोड और एचईसी की स्थिति पर चिंताअपने भाषण में खड़गे ने सरना धर्मकोड को जनगणना में शामिल करने और एचईसी की बदहाल स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा किपब्लिक सेक्टर को बंद करने की नीति के कारण एचईसी जैसे संस्थान संकट में हैं और वर्षों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। संगठन को मजबूत करने का आह्वानखड़गे ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पार्टी संगठन को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन ही सत्ता में आने का आधार है और संविधान कीरक्षा के लिए एकजुट संघर्ष जरूरी है। संविधान बचाओ रैली में दिखी एकजुटताझारखंड की राजधानी रांची में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेशबघेल ने भी मोदी सरकार पर कांग्रेस नेताओं को झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि पहलगाम आतंकी हमले के 15 दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई।