भारतीय कार्रवाई के बाद भी जश्न में डूबा पाकिस्तान, असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया

ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना के हाथों भारी नुकसान उठाने के बावजूद पाकिस्तान अपनी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल कीउपाधि देकर जश्न मना रहा है। इस फैसले को पाक सरकार द्वारा सेना का मनोबल बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद मिली पदोन्नतिप्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जनरल मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ। पाकिस्तान केइतिहास में वे अयूब खान के बाद दूसरे अधिकारी हैं जिन्हें यह सर्वोच्च सैन्य रैंक दी गई है। फील्ड मार्शल: एक मानद और प्रतिष्ठित पदपाकिस्तानी सेना में फील्ड मार्शल का पद एक पांच सितारा रैंक होता है जो थल सेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों से भी ऊपर माना जाता है।हालांकि यह एक मानद पद है, जिसका कार्यक्षेत्र या वेतन में कोई बदलाव नहीं होता। यह रैंक उन्हीं अफसरों को मिलती है जिन्होंने युद्ध में असाधारणनेतृत्व दिखाया हो। वायुसेना प्रमुख का कार्यकाल भी बढ़ाया गयापाक सरकार ने वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू का कार्यकाल भी बढ़ा दिया है। भारतीय हमलों में पाकिस्तान की वायुसेनाको भारी क्षति उठानी पड़ी थी, खासकर उन 11 एयरबेस पर जहां भारत ने सटीक हमले किए। इसके बावजूद सेवा विस्तार ने कई सवाल खड़े किए हैं। पूर्व ISI प्रमुख रह चुके हैं मुनीरजनरल मुनीर 2018 में ISI प्रमुख बने थे लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान से मतभेद के चलते 2019 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया।इमरान की पत्नी बुशरा बीबी पर कथित भ्रष्टाचार की जांच को लेकर दोनों के बीच तनातनी हुई थी। राजनीतिक संदेश या सेना का सम्मान?विश्लेषकों का मानना है कि यह पदोन्नति एक तरह से जनता का ध्यान वास्तविक हालातों से भटकाने की कोशिश है। पाकिस्तान सरकार अपनेहालिया सैन्य नुकसान को ‘विजय’ के रूप में दिखाकर सेना की छवि सुधारने की रणनीति पर काम कर रही है।
कांग्रेस का आरोप,सरकार पत्रकारों को निशाना बना रही है, आतंकियों को नहीं

कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई पत्रकारों को डराने की सोजिश है। पार्टी नेताजिग्नेश मेवानी ने कहा कि ‘गुजरात समाचार’ के सह-मालिक बाहुबली शाह को ईडी ने 16 मई को गिरफ्तार किया, जबकि असल सवाल यह है किसरकार अब तक पहलगाम आतंकी हमले के दोषियों को क्यों नहीं पकड़ पाई। पहलगाम हमले पर सरकार मौन क्यों?मेवानी ने कहा, “पूरा देश जानना चाहता है कि पहलगाम में हमला करने वाले आतंकवादी कहां गए? क्या वे पाकिस्तान लौट गए या भारत में ही छिपेहैं?” उन्होंने पूछा कि सरकार के पास इस सवाल का जवाब क्यों नहीं है और क्या यह उसकी प्राथमिकता नहीं है। पत्रकारों को चुप कराने की कोशिशकांग्रेस सेवा दल के प्रमुख लालजी देसाई ने कहा कि भाजपा सरकार जो पहले आतंकवादियों को पकड़ने की बात करती थी, अब वही पत्रकारों कोनिशाना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में 365 दिन धारा 144 लागू रहती है ताकि कोई जनआंदोलन न हो सके। पत्रकारों पर कार्रवाई, आतंकी आज़ाद क्यों?मेवानी ने सवाल उठाया कि क्या सरकार की प्राथमिकता आतंकियों को पकड़ना है या उन पत्रकारों पर कार्रवाई करना जो सत्ता से सवाल पूछते हैं।उन्होंने कहा कि शाह को निशाना बनाकर यह संदेश देने की कोशिश हो रही है कि अगर कोई सरकार से सवाल करेगा, तो उसे दबा दिया जाएगा। स्वास्थ्य आधार पर मिली जमानतईडी की छापेमारी के बाद शाह को अहमदाबाद की सत्र अदालत ने स्वास्थ्य कारणों से 15 दिन की अंतरिम जमानत दे दी थी। इसके बावजूद, कांग्रेसका कहना है कि यह कार्रवाई मीडिया को डराने के लिए की गई है।
यूजर्स सरचार्ज पर मचा घमासान, दिल्ली महापौर ने वसूली की प्रक्रिया की स्थगित, हाउस टैक्स सेटलमेंट योजना का ऐलान

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की उपस्थिति में आज दिल्ली के महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने दिल्ली के विभिन्न नागरिक संगठनों सेआम आदमी पार्टी के शासन काल में प्रस्तुत एवं पारित दिल्ली नगर निगम के बजट 2025-26 में दिल्ली वालों पर कूड़ा निस्तारण को लेकर लागूकिए गए “यूजर्स सरचार्ज” पर चर्चा की। यूजर्स सरचार्ज पर विवादवीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने बिना चर्चा लगाए इस सरचार्ज को लागू किया, जो इसके विरोध की सबसे बड़ी वजह है। सचदेवा नेमहापौर से निवेदन किया कि यूजर्स सरचार्ज वसूली को आज से ही स्थगित करें और इस पर दिल्ली के नागरिक एवं व्यापारिक संगठनों से बात करकेनिर्णय हो। महापौर का फैसलामहापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने वीरेन्द्र सचदेवा के निवेदन पर यूजर्स सरचार्ज की वसूली फिलहाल स्थगित करने की घोषणा की। महापौर ने कहाकि आज की RWA की मीटिंग और प्रदेश अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा की सलाह पर इस वर्ष 2025-26 में अब कोई अतिरिक्त “यूजर्स चार्ज” नहींलिया जाएगा। सेटलमेंट योजना की घोषणामहापौर ने हाउस टैक्स ऐम्नेस्टिक स्कीम की भी घोषणा की, जिसमें सिर्फ पिछले 5 सालों के बिल जमा करने हैं और कोई ब्याज अथवा जुर्माना नहींदेना होगा। यह जमा कर करदाता को एनओसी मिलेगा। आगे की कार्रवाईमहापौर ने कहा कि आर.डब्लू.ए. ने आज जो सलाह सुझाव दिए हैं वह भी हमने नोट कर लिए हैं और हम शीघ्र नगर निगम में क्षेत्रीय स्तर पर बैठकेंबुलाएंगे। कल दिल्ली नगर निगम बैठक में इसके लिए एक प्राइवेट मेंबर प्रस्ताव लेकर आएंगे ताकि अब आगे से कोई चार्ज नहीं लगे।
अरविंद केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई को ‘ASAP’ नाम से किया री-लॉन्च, बोले – युवा राजनीति की बदलेगी परिभाषा

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने छात्र संगठन को एक नए नाम और दृष्टिकोण के साथ री-लॉन्च किया है। मंगलवार को दिल्ली स्थित कांस्टिट्यूशनक्लब में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (ASAP) का उद्घाटन किया। ASAP: वैकल्पिक राजनीति की नई राहकेजरीवाल ने कहा कि ASAP छात्र राजनीति में बदलाव लाने वाला एक मंच बनेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस पहल के ज़रिए देश केलिए सकारात्मक राजनीति का हिस्सा बनें। उनका कहना था कि अब समय आ गया है कि युवा केवल राजनीति को देखें नहीं, बल्कि उसमें भाग लेंऔर उसे नया रूप दें। मुख्यधारा की राजनीति को बताया समस्याओं की जड़केजरीवाल ने दावा किया कि भारत की मौजूदा समस्याओं की जड़ पिछले 75 वर्षों से चल रही मुख्यधारा की राजनीति (Mainstream Politics) है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राजनीति ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बर्बाद किया है। वैकल्पिक राजनीति का उदाहरण: AAP का मॉडलउन्होंने दिल्ली और पंजाब में AAP सरकार के कार्यों को वैकल्पिक राजनीति का उदाहरण बताया। केजरीवाल ने कहा कि AAP की राजनीति सरकारीस्कूलों को सुधारने, शिक्षा माफिया पर लगाम लगाने और 24 घंटे बिजली सुनिश्चित करने पर केंद्रित रही है। शिक्षा क्षेत्र में बदलाव बनाम शिक्षा माफियाकेजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा की दिल्ली सरकार के आने के बाद शिक्षा माफिया फिर से सक्रिय हो गया है। फीस न भर पाने पर छात्रों कोस्कूल से बाहर किया जा रहा है और निजी स्कूलों ने बाउंसर तक लगा दिए हैं। वहीं, AAP सरकार ने 10 साल तक फीस वृद्धि रोकी और शिक्षा कोहर वर्ग के लिए सुलभ बनाया। बिजली संकट और राजनीति का संबंधउन्होंने कहा कि AAP के शासनकाल में दिल्ली में 24 घंटे बिजली उपलब्ध थी, लेकिन वर्तमान में बार-बार पावर कट हो रहे हैं। उन्होंने इसे मुख्यधाराकी राजनीति का नतीजा बताया। युवाओं को भटकाने का आरोपकेजरीवाल ने कटाक्ष किया कि जब दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात कर रही है, तब भारत में युवाओं को धर्म के नाम पर भटकाया जा रहाहै। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता अपने बच्चों को विदेश में पढ़ा रहे हैं, जबकि आम लोगों के बच्चों को नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा है। भ्रष्टाचार बनाम पारदर्शिताउन्होंने केंद्र सरकार और विपक्षी पार्टियों पर बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।इसके उलट, AAP की सरकार को उन्होंने ईमानदारी और जनकल्याण के लिए समर्पित बताया।
वक्फ संशोधन अधिनियम, सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई,न्यायपालिका की भूमिका पर मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एकमहत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि संसद द्वारा पारित कानूनों को तब तक संवैधानिक माना जाता है जब तक उनमें कोई स्पष्ट और गंभीरसंवैधानिक त्रुटि न हो। केंद्र सरकार की दलील और वरिष्ठ वकीलों का विरोधसरकार ने अदालत से अनुरोध किया कि वक्फ अधिनियम की वैधता पर विचार करते समय सुनवाई को कुछ विशिष्ट बिंदुओं तक सीमित रखा जाए।हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने इसका विरोध किया। उनका तर्क था कि किसी महत्वपूर्ण कानून की समीक्षाको कुछ हिस्सों तक सीमित नहीं किया जा सकता। कानून के उद्देश्य पर सवालकपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि यह संशोधन वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करने के उद्देश्य से लाया गया है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संसदद्वारा पारित कानूनों में संवैधानिकता की संभावना होती है और न्यायपालिका को बिना ठोस आधार के हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। धार्मिक स्थलों और चढ़ावे पर चर्चाबातचीत के दौरान, मुख्य न्यायाधीश ने विभिन्न धार्मिक स्थलों में चढ़ावे की तुलना की। उन्होंने कहा कि सभी धार्मिक स्थलों में चढ़ावा आता है, लेकिन सिब्बल ने स्पष्ट किया कि मस्जिदों में चढ़ावे की परंपरा अलग होती है। पंजीकरण और एएसआई संरक्षित संपत्तियों पर बहसमुख्य न्यायाधीश ने पुराने कानूनों में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की अनिवार्यता के बारे में पूछा। सिब्बल ने बताया कि 1954 के बाद के संशोधनोंमें पंजीकरण अनिवार्य किया गया था। इसके अलावा, एएसआई संरक्षित संपत्तियों के बारे में चर्चा हुई कि क्या वे वक्फ मानी जाएंगी या नहीं। धार्मिक अधिकारों पर प्रभावअदालत ने यह भी विचार किया कि क्या यह कानून व्यक्ति के धार्मिक पालन के अधिकार को प्रभावित करता है। सिब्बल ने तर्क दिया कि यदि कोईसंपत्ति वक्फ से बाहर हो जाती है, तो वह धार्मिक स्थान नहीं मानी जाएगी, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन हो सकता है।
युवा सांसद राघव चड्डा को एशिया की प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॅान्फ्रेंस में मिला शामिल होने का न्यौता, कॉन्फ्रेंस में चड्डा भारत की ताकत और विजन को रखेंगें दुनिया के सामने

New Delhi: युवा सांसद राघव चड्ढा को एशिया की प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (ALC 2025) में शामिल होने का न्यौता मिला है. “पूर्वका दावोस” नाम से मशहूर यह कॉन्फ्रेंस साउथ कोरिया के सियोल में 21-22 मई, 2025 को आयोजित की जाएगी. इस कॉन्फ्रेंस में सांसद राघवचड्ढा को मुख्य वक्ता (Keynote Speaker) के तौर पर आमंत्रित किया गया है. जहां वे अपनी शानदार नीतिगत समझ, युवा जोश और गवर्नेंस मेंइनोवेशन के साथ-साथ भारत की ताकत और विजन को दुनिया के सामने रखेंगे. इस विश्व-प्रसिद्ध एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में दुनिया के तमाम बड़ेलीडर शिरकत करते हैं जो एशिया की सबसे बड़ी चुनौतियों और उनके समाधानों पर बात करते हैं.चोसुन मीडिया और सेंटर फॉर एशिया लीडरशिप के सहयोग से आयोजित एशिया का सबसे बड़े मंच प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राजनीति, बिजनेस, शिक्षा और समाज से जुड़े 320 से ज्यादा ग्लोबल लीडर्स और 2,500 से ज्यादा लोग एकत्र होंगे. इस कॉन्फ्रेंस की अहमयित का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता हैकि इससे पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिसजॉनसन और डेविड कैमरन, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स, और ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन जैसे लोग इस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करचुके हैं.वहीं इस बार सांसद राघव चड्डा ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, एशिया फाउंडेशन की प्रेसिडेंट लॉरेल ई. मिलर, ऑस्ट्रेलिया के पूर्वप्रधानमंत्री टोनी एबॉट, मिलकेन इंस्टीट्यूट की वाइस प्रेसिडेंट लॉरा लेसी, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, रैंड के इकनॉमिक स्ट्रैटेजी यूनिटके डायरेक्टर डैनियल एगेल, हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के फाउंडर डीन विलियम्स, और कनाडा इंटरनेशनल साइंटिफिक एक्सचेंज प्रोग्राम कीडायरेक्टर शॉना नोवाक जैसे बड़े नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे. कोरिया की 80 वीं सालगिरह और कोरियाई युद्ध की 75 वीं सालगिरह के मौके पर आयोजनखास बात यह है कि इस बार एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस (ALC 2025) का थीम सबजेक्ट “राष्ट्रों का उदय बड़ी तरक्की की राह रखा गया है जो दक्षिण कोरिया की आजादी की 80वीं सालगिरह और कोरियाई युद्ध की 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित की जा रही है. इस बार इस इवेंट में हेल्थ, क्लाइमेट और ज्योपॉलिटिक्ल कॉन्फ्लिक्ट जैसे मुद्दों पर बात होगी, ताकि इनसे निपटने के तरीके खोजे जा सकें.एशियनलीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में सांसद राघव चड्ढा इन प्रमुख विषयों पर अपने विचार विश्व पटल पर रखने जा रहे हैं। इसमें “न्यू पॉलिटिकल लीडरशिपएशिया में गवर्नेंस को बदलते युवा लीडर” विषय पर वह बताएंगे कि कैसे 33 साल की उम्र में राघव चड्ढा राज्यसभा के सबसे युवा सांसद बने. कम उम्रमें अपने राजनीतिक सफर, और सफलताओं के अलावा गवर्नेंस पॉलिसी में अपनी समझ को लेकर वह अपने विचार दुनिया के साथ साझा करेंगे. वहबताएंगे कि कैसे युवा देश की राजनीति का हिस्सा बन सकते हैं और गवर्नमेंट सिस्टम को कैसे आगे बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा सांसदराघव चड्ढा “हेल्थ, क्लाइमेट और कॉन्फ्लिक्ट के दौर में कैसे देशों को क्राइसिस से बचाया जाए विषय पर भी अपने विचार साझा करेंगे. जिसमें वहबताएंगे कि कैसे दिल्ली में ‘आप’ सरकार में रहते हुए मोहल्ला क्लीनिक जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए हेल्थ सर्विसेज को बेहतर किया जिसका कोविड-19 के दौरान बड़ा फायदा हुआ. साथ ही साफ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों ने दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य जोखिमों को कम कियाजिससे सभी के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा मजबूत हुई. मेरे लिए गर्व की बात-राघव चड्डाएशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में शामिल होने को लेकर सांसद राघव चड्ढा ने कहा, “ग्लोबल लीडर्स के बीच भारत और उसके युवाओं केप्रतिनिधि के तौर पर शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात है. एशिया आज बदलाव के मुहाने पर खड़ा है और इस ऐतिहासिक मंच से भारत की सोचऔर अनुभव साझा करना मेरे लिए एक सम्मान की बात है.उन्होंने आगे कहा, “ऋषि सुनक, माइक पोंपियो और लॉरा लेसी जैसे बड़े लीडर्स के साथमंच साझा करना मेरे लिए बड़े सम्मान और जिम्मेदारी की बात है. यह भारत की कहानी इनोवेशन, यंग लीडरशिप, डेमोक्रेसी और ग्लोबल कोऑपरेशनको एशिया के प्रतिष्ठित मंच पर दिखाने का शानदार मौका है. खास बात ये है कि सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में ग्लोबल इकनॉमिक फोरम(WEF) ने यंग ग्लोबल लीडर (YGL) चुना गया है। यह सम्मान विश्व के उन 40 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को दिया जाता है जो बेहतर भविष्य केनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. सांसद राघव चड्ढा अपनी पॉलिसी नॉलेज, यंग लीडरशिप और गवर्नेंस में इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं. दिल्लीसरकार में रहते हुए उन्होंने हेल्थ, पानी और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े रिफॉर्म्स भी किए हैं.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पत्रकारों को किया संबोधित, “ऑपरेशन सिंदूर पर पवन खेड़ा का तीखा वार विदेश नीति या मुखबिरी?”

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साथियों पिछले कई दिनों से आप देख रहे हैं किस तरह का विमर्श हो रहा है. युद्धजब होता है या कॉन्फ्लिक्ट जब होता है तो युद्ध सिर्फ सीमाओं पर नहीं लड़ा जाता. सेनाएं बहादुरी से सीमाओं पर अपना काम मुस्तैदी से कर रही होतीहैं. युद्ध में बहुत अहम भूमिका उन रणनीतिकारों की होती है जो राजधानी में बैठे होते हैं. वो मंत्री हो, वो अफसर हो, वो प्रधानमंत्री हो, वो विदेश मंत्रीहो, इन तमाम लोगों की एक भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है जो सेना के पराक्रम को या तो बूस्ट कर सकती है या सेना के पराक्रम को और नुकसानभी पहुंचा सकती है. उनके मनोबल को नुकसान पहुंचा सकती है जो हमने इस बार बहुत अफसोस के साथ कह रहे हैं कि होते हुए देखा.उन्होनें आगेआग्रह किया कि मैं सबसे पहले अपने साथियों से आग्रह करूंगा कि एक आपको वीडियो दिखाएं फिर प्रेस वार्ता को आगे बढ़ाएंगे. आगे उन्होनें कहाकि यह आपने देखा हमारे नेता राहुल जी ने इस पर कुछ सवाल भी पूछे हैं. यह बहुत महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है क्योंकि पिछले पूरे एक हफ्ते मेंअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अलग-अलग देशों में जमीन पर, हवा में, हवाई जहाज में एक बात दोहराते रहे कि उन्होंने युद्ध रुकवाने में मध्यस्थता की. उन्होंने एक बहुत खौफनाक बात भी बोली कि उन्होंने भारत को व्यापार रोकने की धमकी देकर युद्ध रुकवाया. सिंदूर का सौदा होता रहा प्रधानमंत्री चुपरहे विदेश मंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा. दोनों के मुंह से नहीं निकल रहा. अमेरिका और चीन किसी का नहीं खुलता मुंह- खेराहमें नहीं मालूम कि ऐसी कौन सी सीक्रेट्स हैं ऐसे कौन से रहस्य हैं मोदी जी के जयशंकर जी के या भाजपा के और नेताओं के अमेरिका के पास और मैंतो कहूंगा चीन के पास ना अमेरिका पर मुंह खुलता है और चीन पर जब मुंह खुलता है तो सीधा क्लीन चिट देने के लिए खुलता है और मुंह ही नहींखुलता है. कारण क्या है? आपके जो रहस्य उनके पास होंगे हमें कोई मतलब नहीं उससे लेकिन देश को नुकसान क्यों पहुंच रहा है? पहलगाम कान्याय क्यों नहीं मिल पाएगा इसलिए क्योंकि आप डरते हैं अमेरिका से आप डरते हैं चीन से आपका मुंह नहीं खुलता चीन के आगे. सबको मालूम है पूरेदेश को मालूम है पूरे विश्व को मालूम है चीन की भूमिका क्या रही इस युद्ध में और अमेरिका अपनी भूमिका खुद आगे बढ़-चढ़कर बता रहा है इस युद्धको रोकने में और जयशंकर जी का मुंह नहीं खुलता यह क्या हो रहा है? इसलिए यह सवाल पूछने बहुत बहुत आवश्यक हैं. यह महत्वपूर्ण है किडॉनल्ड ट्रंप क्या बोल रहे हैं लेकिन बात सिर्फ डॉनल्ड ट्रंप की नहीं है. बात यह है जो अभी आपने वीडियो में देखा कि कैसे जयशंकर जी खुद प्रेसएजेंसीज को सामने बैठाकर बता रहे हैं कि हमने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला करने से पहले पाकिस्तान को सूचित कर दिया था. अब येसूचित करने का क्या मतलब होता है? इतना भरोसा है आपको आतंकियों पर कि आप सूचित कर देंगे और वह वहीं रहेंगे या वह चुपचाप बैठेंगे. यहभरोसा है आपको उन आतंकियों पर रिश्ता क्या है आपका कैसे आप बोल रहे हैं उनको क्यों बताया आपने उनको और इसको आप क्या कूटनीतिकहेंगे? ये डिप्लोमेट रहे हुए हैं आज जो देश के विदेश मंत्री हैं यह एक राजदूत रहे हुए हैं.आईएफएस ऑफिसर रहे हुए हैं क्या इसको कूटनीति कहतेहैं? माफ कीजिएगा हमारी देहाती भाषा में इसको मुखबिरी कहते हैं इसको कूटनीति नहीं कहते हैं.मुखबरी को लेकर विदेश मंत्री पर साधा निशानायह मुखबिरी है यह अपराध है यह गद्दारी है और उसके बाद लीपापोती पूरी कि मैंने ऐसा नहीं अरे आपने तो खैर लीपापोती भी नहीं की. आपके विभागसे एक चिट्ठी आ गई कि ऐसा नहीं कहा आपके मुंह से यह शब्द एक-एक यहां मीडिया कर्मी बैठे हैं. देश के हर नागरिक ने विश्व के हर नागरिक ने देखाआपने क्या बोला कि हमने पाकिस्तान को बता दिया था कि हम सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला करने जा रहे हैं. अब बताइए यह मुखबिरी नहीं है तोक्या है? मुखबिरी का इतिहास लंबा है अभी उस पर भी आऊंगा मैं. आतंकी अजहर मसूद है जिसको पहले भी बचाया गया था कंधार में जब IC814 को हम छुड़वाने गए थे. मसूद को हम उनको सुपुर्द करके आए थे.यह जो बयान है विदेश मंत्री का बहुत संवेदनशील है. इस बयान के बाद पाकिस्तानने उन आतंकी ठिकाने का क्या किया होगा खाली किए होंगे नहीं किए होंगे ये तो अजहर मसूद जिंदा है उसी से मालूम पड़ जाता है और कितने आतंकीजिंदा बचकर भाग गए होंगे यह चिंता और यह सवाल हम सबके मन में हैं.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को हुआ प्रोस्टेट कैंसर, ट्रम्प समेत कमला हैरिस ने की शीघ्र स्वास्थ्य की कामना की

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन प्रोस्टेट कैंसर की समस्या से जूझ रहे हैं 82 वर्षीय बाइडन की सेहत को लेकर उनके कार्यालय से जारी बयान केमुताबिक डॉक्टरों ने कहा है कि बाइडन प्रोस्टेट कैंसर के ‘आक्रामक रूप’ से पीड़ित हैं. बीमारी उनकी हड्डियों तक फैल चुकी है. बाइडन ने पहले मूत्रसंबंधी शिकायत की, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच में उच्च श्रेणी के कैंसर की पुष्टि की. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की सेहत को लेकर जारी बयान में कहागया कि बाइडन की वर्तमान स्थिति हड्डी में मेटास्टेसिस का संकेत देती है. प्रोस्टेट नोड्यूल की खोज के बाद बाइडन के कई मेडिकल परीक्षण किएगए. परीक्षणों के दौरान ग्लीसन स्कोर 9 (ग्रेड ग्रुप 5) पाया गया. इससे बाइडन को उच्च श्रेणी का कैंसर होने की पुष्टि हुई. यह हड्डी में मेटास्टेसिस कासंकेत देता है उनका परिवार इलाज के तरीकों पर डॉक्टरों से परामर्श कर रहा है. ट्रम्प ने की स्वस्थ होने की कामनाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडन की सेहत से जुड़ी सूचना मिलने पर ट्रुथ सोशल पर लिखा, मेलानिया और मैं जो बाइडन की मेडिकल जांच केबारे में सुनकर दुखी हैं. हमारी संवेदनाएं जिल और पूरे परिवार के साथ हैं’ ट्रंप ने बाइडन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की. बाइडन के कार्यकाल मेंसहयोगी और उपराष्ट्रपति रहीं कमला हैरिस ने भी बाइडन के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए स्वस्थ होने की प्रार्थना की. बाइडन को प्रोस्टेट कैंसर कीबात सामने आने पर हैरिस और उनके पति डगलस एमहॉफ ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा. उन्होंने कहा, ‘डग और मैं राष्ट्रपति बाइडन के प्रोस्टेट कैंसर केबारे में जानकर दुखी हैं हम इस समय बाइडन और उनके पूरे परिवार के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. वे एक योद्धा हैं – और मुझे पता है कि वह इस चुनौतीका सामना उसी ताकत, दृढ़ता और आशावाद के साथ करेंगे. जिसने हमेशा उनके जीवन और नेतृत्व को परिभाषित किया है हम उनके पूर्ण और शीघ्रस्वस्थ होने की कामना करते हैं.पिछले सप्ता सेहत से जुडी जानकारीपिछले सप्ताह भी बाइडन की सेहत से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई थी. पेशाब में परेशानी बढ़ने के बाद प्रोस्टेट नोड्यूल की नए सिरे से जांच कीगई, जिसके आधार पर पता लगा कि उनकी बीमारी हड्डियों तक फैल गई है. बाइडन के कार्यालय से जारी बयान के मुताबिक भले ही यह बीमारीअधिक आक्रामक है लेकिन यह हार्मोन-संवेदनशील भी है. इसका प्रभावी प्रबंधन किया जा सकता है. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन केडॉक्टर केविन ओ’कॉनर पहले ही आगाह कर चुके हैं कि गिरने से उनकी रिकवरी मुश्किल हो सकती है. हालात अधिक बिगड़ने पर उन्हें व्हीलचेयर का इस्तेमाल करना पड़ सकता है जोखिम को कम करने के लिए, कर्मचारियों ने उनकी समस्याओं को कम करने के कई प्रयास किए. मसलन उनके पैदलचलने के रास्ते को छोटा किया गया। सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई. हवाई यात्रा के लिए एयरफोर्स वन विमान में छोटी सीढ़ियों का इस्तेमाल कियागया. खबरों के मुताबिक शारीरिक सेहत के कारण ही बाइडन ने बीते साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया था.
हैदराबाद में भीषण अग्निकांड, गुलजार हाउस में लगी आग से 17 की मौत

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। चारमीनार के पास स्थित ऐतिहासिक गुलजार हाउस क्षेत्र में रविवार सुबह एकइमारत में आग लगने से कम से कम 17 लोगों की जान चली गई। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलसगए हैं। शहर के इतिहास का सबसे बड़ा अग्निकांडयह हादसा हैदराबाद के अब तक के सबसे बड़े अग्निकांडों में गिना जा रहा है। दस से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिन्हें DRDO अस्पताल, उस्मानिया जनरल अस्पताल और एक निजी चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया है। ग्राउंड फ्लोर से फैली आगदमकल विभाग के अनुसार, आग सुबह 5:30 बजे इमारत के ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई, जहां एक मोती की दुकान स्थित थी। आग इतनी तेजी से फैलीकि ऊपरी मंजिलों तक धुआं भर गया, जिससे दम घुटने के कारण अधिकांश मौतें हुईं। उस समय इमारत के निवासी सो रहे थे, जिससे बचने का समयनहीं मिल सका। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से घोषणा की गई हैकि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारीकेंद्रीय मंत्री और तेलंगाना BJP प्रमुख जी. किशन रेड्डी ने बताया कि यह आग संभवतः शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिसदुकान में आग लगी, वह एक ही परिवार की थी, जिसका आवास दुकान के ऊपर था। उन्होंने नगर निकाय और प्रशासनिक तंत्र को सशक्त करने कीआवश्यकता पर बल दिया। दमकल विभाग ने 11 गाड़ियों से पाया काबूआग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग ने 11 फायर टेंडर और विशेष उपकरण मौके पर भेजे। इसमें ब्रोंटो स्काईलिफ्ट, बचाव टेंडर, जल टैंकर औरएक रोबोट भी शामिल था। मुगलपुरा, गौलीगुड़ा, सालारजंग म्यूजियम और अन्य स्टेशनों से ये संसाधन मंगवाए गए। राहत और बचाव कार्य अब भीजारी है। स्वास्थ्य विभाग ने बनाई विशेष मेडिकल टीमेंतेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनार सिम्हा के निर्देश पर उस्मानिया जनरल अस्पताल में विशेष चिकित्सा दल गठित किए गए हैं। इन टीमों मेंप्लास्टिक सर्जन, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और जनरल सर्जन शामिल हैं, जो 24 घंटे घायलों के इलाज के लिए उपलब्ध रहेंगे। स्वास्थ्य सचिव और वरिष्ठअधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
अमित शाह ने ‘तिरंगा यात्रा’ का नेतृत्व कर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को किया सलाम

रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में आयोजित ‘तिरंगा यात्रा’ में भाग लेकर उसका नेतृत्व किया। यह यात्रा भारतीय सशस्त्र बलोंके साहस और वीरता को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जो हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजितकी गई पहल का हिस्सा है। यह यात्रा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा 13 से 23 मई तक चलने वाली राष्ट्रव्यापी मुहिम का एक महत्वपूर्ण अंगहै। ऑपरेशन सिंदूर बना आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिज्ञा का प्रतीकअपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर अमित शाह ने लिखा, “देश के जांबाज सैनिकों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अपनी बहादुरी सेआतंकवाद के खात्मे का प्रतीक बना दिया है।” उन्होंने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में इस यात्रा के आयोजन को उन वीर जवानों को समर्पित बताया, जिन्होंने इस सैन्य कार्रवाई में अपनी भूमिका निभाई। यात्रा का उद्देश्य: जनता को जागरूक करना और सैनिकों का सम्मान‘तिरंगा यात्रा’ का प्रमुख उद्देश्य भारतीय सेना के पराक्रम और बलिदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना है। साथ ही, यह देशवासियों कोऑपरेशन सिंदूर की रणनीतिक और भावनात्मक महत्ता से अवगत कराने का भी माध्यम बनी। गुजरात दौरे में शिक्षा और सहकारिता पर भी रहा फोकसअमित शाह ने अहमदाबाद दौरे के दौरान मेहसाणा जिले के गोजरिया में केके पटेल और मधुबेन के पटेल नर्सिंग कॉलेज की नई बिल्डिंग का उद्घाटनकिया। इस मौके पर उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे विकास को देश के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। सहकारी आंदोलन पर अहम सम्मेलन को किया संबोधितइसके अलावा उन्होंने गुजरात राज्य सहकारी संघ द्वारा आयोजित सम्मेलन को भी संबोधित किया, जिसका विषय था—‘विकसित भारत के निर्माण मेंसहकारिता की भूमिका’। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सहकारी क्षेत्र में आई मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता अब सिर्फएक मॉडल नहीं बल्कि गरीबों, किसानों और वंचितों के लिए विकास का माध्यम बन चुकी है। ‘सहकारिता संकल्प’ पुस्तक का विमोचन और योजनाओं का उल्लेखशाह ने इस दौरान ‘सहकारिता संकल्प’ नामक पुस्तक के विमोचन की घोषणा भी की, जो सहकारिता के विभिन्न आयामों—महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण सुरक्षा, डिजिटलीकरण और आत्मनिर्भरता—पर केंद्रित है। उन्होंने त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना, पैक्स (प्राथमिक कृषि साखसमितियों) को सशक्त बनाने और डेयरी सहकारी समितियों के पुनर्गठन जैसी पहलों को सहकारिता के पुनरुत्थान की दिशा में अहम कदम बताया।