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पीएम मोदी ने बीकानेर से देश को समर्पित की 26,000 करोड़ की विकास परियोजनाएं

बीकानेर से राष्ट्र को मिली नई सौगातप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर में आयोजित एक कार्यक्रम में देशभर के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों मेंस्थित 103 पुनर्विकसित ‘अमृत भारत रेलवे स्टेशनों’ का वर्चुअल उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागतवाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। करणी माता के दर्शन के बाद पीएम ने किया संबोधनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वे करणी माता का आशीर्वाद लेकर आए हैं और उनकी कृपा से ‘विकसित भारत’ के संकल्प कोऔर मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं की शुरुआत हुई है, वे राजस्थान सहित पूरे देश को प्रगति के नए पथ पर लेजाएंगी। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के महायज्ञ में भारत अग्रसरप्रधानमंत्री ने कहा कि देश में सड़कों, हवाई अड्डों, रेलवे और स्टेशनों के आधुनिकीकरण का एक बड़ा अभियान चल रहा है। बीते 11 वर्षों मेंइंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में छह गुना ज्यादा निवेश किया गया है। उन्होंने कहा कि देशभर में 1300 से ज्यादा रेलवे स्टेशनों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहाहै, जिनमें से 100 से अधिक ‘अमृत भारत स्टेशन’ अब तैयार हो चुके हैं। भारत की प्रगति से दुनिया भी हैरानपीएम मोदी ने कहा कि भारत में हो रहे बड़े-बड़े निर्माण कार्य जैसे चिनाब ब्रिज, सेला टनल, बोगीबील ब्रिज, अटल सेतु और पम्बन ब्रिज, देश कीइंजीनियरिंग क्षमता का प्रमाण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें भारत की नई प्रगति को दर्शातीहैं। वंदे भारत ट्रेनों ने बदली देश की रफ्तारप्रधानमंत्री ने बताया कि वर्तमान में देश के लगभग 70 रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। साथ ही 34,000 किलोमीटर से अधिक नए ट्रैकबिछाए जा चुके हैं और सैकड़ों रोड ओवरब्रिज व अंडरब्रिज बनाए गए हैं। अमृत भारत स्टेशन स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं केसंयोजन का बेहतरीन उदाहरण हैं। राजस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेशपीएम मोदी ने कहा कि पिछले 11 सालों में राजस्थान में सड़क निर्माण पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, और इस साल राज्य मेंरेलवे विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जो 2014 से पहले की तुलना में 15 गुना अधिक है। नई ट्रेन, स्वास्थ्य, जल और ऊर्जा योजनाओं का लोकार्पणउन्होंने बीकानेर से मुंबई के लिए एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ राज्य में जल, बिजली और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परियोजनाओं कीशुरुआत की। पीएम ने कहा कि इन सभी योजनाओं का मकसद राजस्थान के गांवों और शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। महत्वपूर्ण रेलवे प्रोजेक्ट्स की रखी आधारशिलाप्रधानमंत्री ने चूरू-सादुलपुर (58 किमी) रेल लाइन की आधारशिला रखने के साथ-साथ सूरतगढ़-फलोदी, फुलेरा-डेगाना, उदयपुर-हिम्मतनगर, फलोदी-जैसलमेर और समदड़ी-बाड़मेर रेल मार्गों के विद्युतीकरण कार्यों का भी शुभारंभ किया। करनी माता मंदिर में की पूजा-अर्चनाइस अवसर पर पीएम मोदी ने बीकानेर के प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में दर्शन और पूजा की। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भीउपस्थित रहे।

किरू हाइड्रो प्रोजेक्ट घोटाला, CBI ने पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक समेत छह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने जम्मू-कश्मीर के किरू हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट में सिविल कार्यों के लिए 2,200 करोड़ रुपये के ठेकेमें कथित भ्रष्टाचार के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक और पांच अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने तीनसाल की जांच के बाद विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की। स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती मलिकचार्जशीट दाखिल होने के बाद मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि उनकी तबीयत बहुत खराब है और वे फिलहाल किसी से बातकरने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वह 11 मई से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं और गंभीर संक्रमण के चलते उनकी किडनीडायलिसिस की जा रही है। CBI ने की थी छापेमारी, मलिक ने आरोपों से किया था इनकारCBI ने पिछले वर्ष फरवरी में मलिक के परिसरों सहित कई स्थानों पर छापेमारी की थी। यह मामला 2019 में किरू हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के ठेके कोएक निजी कंपनी को सौंपने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। CBI ने 2022 में एफआईआर दर्ज की थी। राज्यपाल कार्यकाल और रिश्वत की पेशकश का दावासत्यपाल मलिक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल 23 अगस्त 2018 से 30 अक्टूबर 2019 तक रहे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें एक फाइल को मंजूरीदेने के बदले 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। CBI पर मलिक का आरोपपूर्व राज्यपाल मलिक ने आरोप लगाया था कि जिन लोगों के खिलाफ उन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, उनकी जांच करने के बजाय CBI नेउनके घर पर छापेमारी की। उन्होंने कहा था, “CBI को मेरे घर से चार-पांच कुर्ता-पायजामा के अलावा कुछ नहीं मिलेगा। सरकारी एजेंसियों कादुरुपयोग कर मुझे डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मैं न झुकूंगा, न डरूंगा।”

वक्फ संशोधन कानून 2025,सुप्रीम कोर्ट ने बहस पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा

तीन दिन चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संशोधन कानून 2025 पर अंतरिम रोक की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर फैसला सुरक्षितरख लिया है। इस दौरान याचिकाकर्ताओं ने कानून को मुस्लिमों की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन और भेदभावपूर्ण बताया, वहीं केंद्र सरकार ने इसकाजोरदार बचाव किया। याचिकाकर्ताओं की आपत्तियांयाचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि पांच वर्ष के प्रैक्टिसिंग मुस्लिम की शर्त असंवैधानिक है।उन्होंने कहा कि शरिया कानून के साथ इस कानून की तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि शरिया को मानना बाध्यकारी नहीं है। इसके अलावा, अन्यधर्मों के कानूनों में ऐसी कोई शर्त नहीं है, जिससे यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लंघन करता है, जो धर्म के आधार पर भेदभाव सेरोकता है। केंद्र सरकार का पक्षसॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सरकार की ओर से दलील दी कि वक्फ का अधिकार सिर्फ मुसलमानों को है, इसलिए यह आवश्यक है कि वक्फकरने वाला व्यक्ति पांच साल से प्रैक्टिसिंग मुस्लिम हो। उन्होंने बताया कि 2013 के संशोधन में ‘मुसलमान’ शब्द हटाकर कोई भी व्यक्ति वक्फ करसकता है, लेकिन 2025 के संशोधन में इसे ठीक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रावधान शरिया सिद्धांतों के अनुरूप है, जहां मुस्लिम पर्सनल लॉ का लाभ लेने के लिए भी व्यक्ति को मुस्लिम होने का घोषणापत्रदेना होता है। इसके अलावा, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कोई हिन्दू किसी मस्जिद को दान देना चाहता है तो वह ट्रस्ट के माध्यम से अब भी ऐसा करसकता है। अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों में वक्फ पर रोककेंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिसूचित जनजातीय क्षेत्रों में वक्फ संपत्ति घोषित करने पर रोक जनजातीय समुदायों के हितों की रक्षा के लिएहै, ताकि उनकी पारंपरिक भूमि और अधिकारों पर कोई प्रभाव न पड़े। तमिलनाडु गांव विवाद पर कोर्ट का ध्यानएक याचिकाकर्ता ने तमिलनाडु में एक पूरे गांव को वक्फ संपत्ति घोषित करने पर आपत्ति जताई। याचिका में कहा गया कि पांच हजार साल पुरानेचोल वंशकालीन गांव को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया है, जो गलत है। कोर्ट ने इस बिंदु पर भी विचार का भरोसा दिलाया है।

विदेश मंत्री की अफगान समकक्ष से बातचीत, तुर्की और पाकिस्तान को लेकर भारत का सख्त संदेश, PoK पर दोहराई गई नीति

भारत के विदेश मंत्री ने हाल ही में अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवालके अनुसार, इस वार्ता में भारत की ओर से अफगानिस्तान द्वारा पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा किए जाने पर आभार जताया गया। भारत-अफगान रिश्तों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों को खारिज किया गयाविदेश मंत्री ने इस बातचीत में यह स्पष्ट किया कि भारत और अफगानिस्तान के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ झूठी औरगढ़ी गई खबरों के जरिए दोनों देशों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे भारत सिरे से नकारता है। पाकिस्तान को आतंकी ढांचे पर रोक लगाने की अपील करें: भारततुर्की को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि तुर्की, पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद कोसमर्थन बंद करने की अपील करेगा। साथ ही यह भी अपेक्षा जताई गई कि पाकिस्तान में दशकों से पनप रहे आतंकी ढांचे को खत्म करने के लिए तुर्कीप्रभावी कदम उठाए। Celebi मामले में स्थिति स्पष्टतुर्की से जुड़ी एविएशन कंपनी सेलेबी (Celebi) को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय पर तुर्की दूतावास से बातचीत हुई है, लेकिन यह निर्णयनागरिक उड्डयन सुरक्षा विभाग द्वारा लिया गया था। संसदीय प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के मुद्दे को उठाएगाप्रवक्ता ने जानकारी दी कि भारत का एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों की यात्रा करेगा, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत कीनीति को स्पष्ट रूप से रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य दुनिया को यह संदेश देना है कि वह आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई केलिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान को वैश्विक मंचों पर बेनकाब करना जरूरीप्रवक्ता ने दोहराया कि जो देश भारत के खिलाफ लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह बनाया जानाचाहिए। पाकिस्तान की गतिविधियों को दुनिया के सामने लाना जरूरी है ताकि उसे भारत में हुए आतंकी हमलों के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जा सके। भारत-पाक बातचीत केवल द्विपक्षीय होगीMEA प्रवक्ता ने जम्मू-कश्मीर पर भारत की नीति दोहराते हुए कहा कि भारत केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की वापसी पर बात करेगा।किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की कोई संभावना नहीं है। आतंकी सौंपे तो हो सकती है बातउन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान उन आतंकवादियों को सौंपता है जिनके नाम भारत पहले ही साझा कर चुका है, तो भारत संवाद के लिए तैयारहै। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि आतंकवाद और संवाद या व्यापार साथ नहीं चल सकते। सिंधु जल संधि पर कड़ा रुखप्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि (IWT) तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई नहीं करता। लॉबिंग फर्मों को लेकर विदेश मंत्रालय की सफाईलंबे समय से जारी है यह प्रक्रियाअमेरिका में लॉबिंग फर्मों की नियुक्ति को लेकर उठे सवालों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। 1950 के दशक से यहप्रक्रिया चल रही है और भारत सरकारों ने समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय संपर्क मजबूत करने के लिए इन फर्मों की सेवाएं ली हैं। पारदर्शिता और वैधता पर जोरप्रवक्ता ने बताया कि 2007 के भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के समय भी कई लॉबिंग फर्मों को नियुक्त किया गया था। जिनमें रोसेन एंड फ्रेड, शैलर बटलर एसोसिएट्स और बीजीआर गवर्नमेंट अफेयर्स एलएलसी जैसे नाम शामिल हैं। यह जानकारी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है औरअंतरराष्ट्रीय प्रथा के अनुरूप है।

यूपी में तबादलों का दौर जारी, 25 पीपीएस अधिकारियों के बदले गए कार्य क्षेत्र

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक सर्जरी करते हुए पुलिस उपाधीक्षक (PPS) स्तर के 25 अधिकारियों के तबादले किए हैं।यह फेरबदल गुरुवार को हुआ, जिसमें कई जिलों में अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। कुशीनगर, महोबा, औरेया, अमरोहा व भदोही में नई तैनातीडॉ. अजय कुमार सिंह को कुशीनगर का पुलिस उपाधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, अरुण कुमार सिंह चतुर्थ को महोबा, शैलेन्द्र सिंह को औरेया, शक्ति सिंह को अमरोहा और बलराम को भदोही में पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है। महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के साथ नई पोस्टिंगबागपत में तैनात रहे हरीश सिंह भदौरिया को मथुरा में डीएसपी (सुरक्षा) की जिम्मेदारी दी गई है। स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्ध नगर पुलिसकमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा स्नेहा तिवारी को चंदौली, तनु उपाध्याय को 37वीं वाहिनी पीएसीकानपुर और शिवाजी सिंह को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ में तैनात किया गया है। अन्य अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारीआलोक कुमार द्वितीय को बिजनौर, प्रवीण मलिक को शाहजहांपुर, रामसूरत सोनकर को यूपी पीसीएल लखनऊ, और प्रदीप सिंह चंदेल कोअम्बेडकरनगर का पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है। लखनऊ और अन्य क्षेत्रों में सतर्कता विभाग में नियुक्तिसुधीर कुमार तोमर, नीरज सिंह और भरत कुमार सोनकर को सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ में तैनात किया गया है। श्रेष्ठा को बागपत, सुशील कुमारयादव को लखनऊ कमिश्नरेट, अमित कुमार श्रीवास्तव को सहारनपुर, देवेंद्र कुमार प्रथम को 30वीं वाहिनी पीएसी गोंडा, भरत पासवान को श्रावस्तीऔर प्रिता को पीटीएस गोरखपुर में नई पोस्टिंग दी गई है। अन्य अहम तबादलेज्ञानेंद्र सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त और अंकित तिवारी को पीटीसी सीतापुर में पुलिस उपाधीक्षक नियुक्त कियागया है।

हाथरस भगदड़ मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट से तीन आरोपियों को सशर्त जमानत

हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में पिछले वर्ष 2 जुलाई 2024 को हुए भगदड़ कांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीनआरोपियों को सशर्त जमानत प्रदान की है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर समेत मेघ सिंह औरमुकेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। सत्संग के बाद मची थी अफरातफरी2 जुलाई 2024 को नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के बाद भारी भीड़ के चलते भगदड़ मच गई थी। इस दर्दनाक हादसे में 121 लोगोंकी जान चली गई थी, जबकि लगभग 250 लोग घायल हुए थे। मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था और गिरफ्तारी भी हुई थी। अनुमति से कई गुना अधिक भीड़प्रशासन से सत्संग के लिए 80 हजार लोगों के शामिल होने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन आयोजन में अनुमानित रूप से 2.5 से 3 लाख लोगपहुंच गए। प्रशासन द्वारा बिना समुचित जांच के अनुमति देने को लेकर भी सवाल उठे थे। सरकार ने गठित किया जांच आयोगघटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। इस आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस बृजेशकुमार श्रीवास्तव बनाए गए, जबकि रिटायर्ड आईएएस हेमंत राव और रिटायर्ड आईपीएस भावेश कुमार सिंह को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गयाथा।

अर्नब गोस्वामी और अमित मालवीय पर फेक न्यूज़ फैलाने का आरोप, बेंगलुरु में दर्ज हुई FIR

बेंगलुरु पुलिस ने भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय और रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कीहै। यह एफआईआर इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) की लीगल सेल के प्रमुख श्रीकांत स्वरूप बीएन की शिकायत पर हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्जकी गई। दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 192 (दंगा भड़काने के इरादे से उकसाना) और 352 (जानबूझकर अपमान के जरिए शांति भंग करनेका प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। तुर्किये की इमारत को कांग्रेस कार्यालय बताकर फैलाई गई भ्रामक खबर: आरोपशिकायतकर्ता का आरोप है कि मालवीय और गोस्वामी ने मिलकर एक झूठा और आपराधिक प्रचार अभियान चलाया, जिसमें उन्होंने तुर्किये केइस्तांबुल कांग्रेस सेंटर को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का दफ्तर बताया। इस गलत जानकारी को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाकर कांग्रेसकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। जनता को भ्रमित करने और अस्थिरता फैलाने का प्रयासश्रीकांत स्वरूप ने कहा कि इस फेक न्यूज का उद्देश्य जनता को गुमराह करना, कांग्रेस जैसी प्रमुख राजनीतिक संस्था को बदनाम करना और देश मेंसार्वजनिक अशांति को बढ़ावा देना था। उनका दावा है कि यह कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतंत्र की अखंडता पर सीधा हमला है। अर्नब गोस्वामी ने माफी मांगी, कांग्रेस ने की सख्त प्रतिक्रियाशिकायत दर्ज होते ही अर्नब गोस्वामी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर विवाद से पीछा छुड़ाने की कोशिश की। यह पहली बार नहीं है जब वहकिसी विवाद में फंसने के बाद माफी मांग चुके हैं। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र करार देते हुए कहा कि यह केवल एकनैतिक गलती नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक योजना है। कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांगकांग्रेस ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों से अपील की है कि इस मामले को गंभीरतासे लिया जाए। पार्टी का कहना है कि दोनों आरोपियों ने अपने प्रभावशाली पदों का दुरुपयोग करते हुए राष्ट्रहित, सार्वजनिक सुरक्षा और सत्य केखिलाफ काम किया है।

नेशनल हेराल्ड मामला: ईडी का दावा , गांधी परिवार ने अपराध से कमाए 142 करोड़ रुपये

ईडी ने सोनिया और राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाएनेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बतायाकि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कथित तौर पर अवैध रूप से 142 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की और उस धन का उपयोग किया। ईडी काकहना है कि गांधी परिवार ने अपराध से प्राप्त रकम को अपने पास रखा और उसे वैध बनाने का प्रयास किया, जो मनी लॉन्ड्रिंग की परिभाषा में आताहै। यंग इंडिया के लाभकारी स्वामी गांधी परिवारईडी ने यह भी बताया कि यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का वास्तविक नियंत्रण और लाभकारी स्वामित्व सोनिया और राहुल गांधी के पास हीरहा। नवंबर 2023 में एजेंसी ने नेशनल हेराल्ड की लगभग 751.9 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त किया था, जिसे कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग केजरिये अर्जित किया गया बताया गया। नेशनल हेराल्ड की पृष्ठभूमिनेशनल हेराल्ड अखबार की शुरुआत 20 नवंबर 1937 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी। इसे एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड(AJL) के तहत चलाया गया, जिसमें अंग्रेज़ी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज जैसे समाचार पत्र प्रकाशित होते थे।हालांकि, AJL के मालिकाना हक पर नेहरू का कोई व्यक्तिगत नियंत्रण नहीं था, क्योंकि इसकी भागीदारी स्वतंत्रता सेनानियों के माध्यम से हुई थी, जो इसके शेयरधारक थे। AJL का आर्थिक संकट और प्रॉपर्टी बिजनेस में प्रवेश1990 के दशक में AJL को भारी घाटा होने लगा और वर्ष 2008 तक उस पर 90 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो गया। इसके बाद समाचार पत्रोंका प्रकाशन बंद कर दिया गया और AJL ने प्रॉपर्टी डेवलपमेंट की दिशा में कदम बढ़ाया। सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुई जांच2012 में भाजपा नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडिस, पत्रकार सुमनदुबे और सैम पित्रोदा के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज कराया। उनका आरोप था कि यंग इंडिया लिमिटेड (YIL) ने AJL की संपत्तियों परअनुचित तरीके से कब्जा कर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति हासिल की। 50 लाख में 90.25 करोड़ के कर्ज का अधिग्रहणस्वामी ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी ने AJL को जो 90.25 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था, YIL ने उस कर्ज की वसूली का अधिकार मात्र 50 लाखरुपये में हासिल कर लिया। उनका आरोप है कि यह राशि पार्टी के फंड से दी गई थी, जिससे यह कर्ज अवैध ठहरता है।

सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून को लेकर केंद्र का पक्ष,तुषार मेहता ने कहा –वक्फ इस्लामिक अवधारणा है, लेकिन अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं

21 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखा।सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ के सामने दलील दी कि वक्फइस्लाम की अवधारणा जरूर है, लेकिन इसे अनिवार्य धार्मिक प्रथा नहीं माना जा सकता। चैरिटी सभी धर्मों में, लेकिन अनिवार्य नहींतुषार मेहता ने कहा कि दान या चैरिटी का विचार हर धर्म में पाया जाता है—चाहे वह ईसाई धर्म हो, हिंदू धर्म या सिख धर्म। लेकिन सुप्रीम कोर्ट कीपूर्वव्याख्याओं के अनुसार, यह किसी भी धर्म के लिए बाध्यकारी नहीं है। इसी प्रकार, वक्फ भी इस्लाम का हिस्सा होते हुए भी अनिवार्य धार्मिक प्रथानहीं माना जा सकता। क्या वक्फ न करने वाला मुसलमान नहीं होता?एसजी मेहता ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी मुसलमान की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि वह वक्फ नहीं कर सकता, तो क्या उसे मुसलमान नहींमाना जाएगा? उन्होंने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट का यह मानक तय करने का तरीका है कि कोई परंपरा आवश्यक धार्मिक प्रथा है या नहीं। वक्फ कानून से जुड़े अधिकार मौलिक नहींकेंद्र सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि वक्फ से संबंधित अधिकार मौलिक अधिकार नहीं हैं। यह अधिकार कानून के तहत 1954 में मान्यताप्राप्त हुए थे और उससे पहले बंगाल एक्ट में भी वक्फ का प्रावधान था। तुषार मेहता ने कहा कि यदि कोई अधिकार केवल कानून द्वारा दिया गया है, तो राज्य उसे वापस लेने का भी अधिकार रखता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकीलों ने रखी थी दलीलेंइससे एक दिन पहले, 20 मई को याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव धवन ने दलील दीथी कि नया वक्फ कानून संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है, जो धर्म की स्वतंत्रता की गारंटी देते हैं।

ASAP छात्र संगठन का शुभारंभ: वैकल्पिक राजनीति को मिलेगा नया मंच

आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई ASAP (Aam Aadmi Party Student Action Platform) का भव्य शुभारंभ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिएकिया गया। इस मौके पर ASAP के नेताओं ने संगठन की सोच और आगामी योजनाओं को साझा किया। यश फोगट ने कहा कि ASAP एक वैकल्पिक राजनीति की बात करता है, जहां आम छात्रों को छात्र राजनीति में हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।संगठन का उद्देश्य ऐसी राजनीति को बढ़ावा देना है जिसमें बाहुबल की आवश्यकता न हो और छात्र अपनी समस्याओं को मजबूती से उठा सकें। दीपक बंसल ने बताया कि ASAP की शुरुआत इसलिए की गई क्योंकि आज के छात्र अलग-अलग संगठनों में बंट कर भटक रहे हैं। आने वाले समयमें ASAP दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) का चुनाव भी पूरी मजबूती से लड़ेगा। उन्होंने बताया कि DU के 52 कॉलेजों में ASAP कीइकाइयां बन चुकी हैं, जिनकी घोषणा जल्द की जाएगी। संगठन ने घोषणा की कि वह जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा ताकि अधिक से अधिक छात्र संगठन से जुड़ सकें। जहां चुनाव नहीं होते, वहांASAP सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के ज़रिए छात्रों को सक्रिय करेगा। ASAP की अगली योजना दिल्ली के सभी जिलों में कक्षा 12वीं के टॉपर्स को सम्मानित करने की है। इसके साथ ही जामिया मिलिया इस्लामिया मेंभी संगठन अपनी इकाई गठित करेगा। अंत में ASAP नेताओं ने देशभर के छात्र नेताओं से आह्वान किया कि वे इस नए मंच से जुड़ें और शिक्षा तथा राजनीति में सकारात्मक बदलाव लानेका कार्य करें।